6. हमारी अपराधिक न्याय प्रणाली (Our Criminal Justice System)
इस पेज पर आपको 6. हमारी अपराधिक न्याय प्रणाली (Our Criminal Justice System) के सभी महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ), परीक्षा उपयोगी नोट्स और ऑनलाइन क्विज़ मिलेंगे। अपने ज्ञान का परीक्षण करने और बोर्ड/प्रतियोगी परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए मॉक टेस्ट में अवश्य भाग लें।
👉 अध्याय का सारांश (Summary)
प्रिय अभ्यर्थियों, जब भी कोई अपराध होता है, तो सबसे पहले हम पुलिस को बुलाते हैं। लेकिन क्या पुलिस ही यह तय करती है कि कौन अपराधी है? इसका जवाब है, नहीं। 'हमारी अपराधिक न्याय प्रणाली' (Our Criminal Justice System) अध्याय हमें यह समझाता है कि अपराध होने से लेकर अदालत के फैसले तक की पूरी प्रक्रिया कैसे काम करती है। Police (SI/Constable), SSC और State PCS परीक्षाओं में FIR, मौलिक अधिकारों और निष्पक्ष सुनवाई (Fair Trial) से जुड़े प्रश्न अक्सर इसी NCERT बेस से पूछे जाते हैं।
दैनिक जीवन में किसी भी अपराध की सूचना मिलने पर पुलिस सबसे पहले 'प्रथम सूचना रिपोर्ट' (First Information Report - FIR) दर्ज करती है। FIR दर्ज होने के बाद पुलिस अपराध की जांच (Investigation) शुरू करती है, गवाहों के बयान लेती है और सबूत इकट्ठा करती है। यदि पुलिस को लगता है कि सबूतों के आधार पर कोई व्यक्ति दोषी है, तो वह अदालत में 'आरोप पत्र' (Charge Sheet) दाखिल करती है। यह बात हमेशा याद रखें कि किसी व्यक्ति को दोषी ठहराने का काम पुलिस का नहीं, बल्कि न्यायाधीश (Judge) का है।
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए संविधान के अनुच्छेद 22 (Article 22) और आपराधिक कानून (Criminal Law) के तहत दिए गए अधिकार बहुत महत्वपूर्ण हैं। गिरफ्तार किए गए व्यक्ति को यह जानने का अधिकार है कि उसे क्यों गिरफ्तार किया जा रहा है। उसे 24 घंटे के भीतर मजिस्ट्रेट (Magistrate) के सामने पेश करना अनिवार्य है। पुलिस हिरासत (Police Custody) में दिए गए इकबालिया बयान को अदालत में सबूत के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। सर्वोच्च न्यायालय ने गिरफ्तारी और हिरासत के लिए कुछ विशेष नियम बनाए हैं, जिन्हें 'डी.के. बसु दिशा-निर्देश' (D.K. Basu Guidelines) कहा जाता है। इस न्याय प्रणाली में 4 मुख्य लोग होते हैं: पुलिस, सरकारी वकील (Public Prosecutor), बचाव पक्ष का वकील (Defence Lawyer) और न्यायाधीश। इन सभी की भूमिकाओं को स्पष्ट रूप से समझना आपके लिए बहुत जरूरी है, क्योंकि यहाँ से सीधे MCQ बनते हैं।
विशेषता: यह एक 3-Level आधारित यूनीक क्विज़ है। अगले स्तर (Level 2 और 3) को अनलॉक करने के लिए अभ्यर्थियों को वर्तमान स्तर में कम से कम 70% अंक स्कोर करने होंगे, जो आपकी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी को 100% मजबूत बनाता है。
अध्याय के सभी प्रश्न (Revision Notes)
*नोट: यह सेक्शन रिवीजन के लिए है। अपना ज्ञान परखने के लिए ऊपर दिए गए क्विज़ में भाग लें।
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जब हम किसी को अपराध करते हुए देखते हैं, तो सबसे पहले किसे सूचित करते हैं?
A) न्यायाधीश को | B) पुलिस को | C) वकील को | D) मुख्यमंत्री को -
किसी अपराध की जाँच (Investigation) करने का मुख्य काम किसका होता है?
A) पुलिस का | B) न्यायाधीश का | C) आम जनता का | D) सरकारी वकील का -
अदालत में यह तय करने का अधिकार किसके पास है कि आरोपी व्यक्ति दोषी है या निर्दोष?
A) पुलिस के पास | B) न्यायाधीश के पास | C) शिकायतकर्ता के पास | D) मंत्री के पास -
संविधान के किस अनुच्छेद के तहत गिरफ्तार व्यक्ति को कुछ मौलिक अधिकार दिए गए हैं?
A) अनुच्छेद पंद्रह | B) अनुच्छेद इक्कीस | C) अनुच्छेद बाईस | D) अनुच्छेद चौंतीस -
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए व्यक्ति को कितने समय के भीतर मजिस्ट्रेट के सामने पेश करना अनिवार्य है?
A) बारह घंटे के भीतर | B) चौबीस घंटे के भीतर | C) अड़तालीस घंटे के भीतर | D) बहत्तर घंटे के भीतर -
क्या पुलिस हिरासत में दिए गए इकबालिया बयान को आरोपी के खिलाफ अदालत में पक्का सबूत माना जा सकता है?
A) हाँ | B) नहीं | C) केवल कुछ मामलों में | D) पता नहीं -
पंद्रह साल से कम उम्र के बच्चे और महिलाओं को पूछताछ के लिए कहाँ नहीं बुलाया जा सकता?
A) अदालत में | B) पुलिस थाने में | C) घर पर | D) सार्वजनिक स्थान पर -
गिरफ्तारी और पूछताछ के बारे में पुलिस के लिए सर्वोच्च न्यायालय द्वारा तय किए गए नियमों को क्या कहा जाता है?
A) संविधान के नियम | B) डी.के. बसु दिशा-निर्देश | C) पुलिस अधिनियम | D) आपराधिक कानून -
संज्ञेय अपराध की सूचना मिलने पर पुलिस सबसे पहले क्या दर्ज करती है?
A) अंतिम रिपोर्ट | B) प्रथम सूचना रिपोर्ट | C) आरोप पत्र | D) जमानत याचिका -
शिकायतकर्ता को अपनी प्रथम सूचना रिपोर्ट की एक कॉपी (नकल) पुलिस से किस प्रकार पाने का अधिकार है?
A) पैसे देकर | B) मुफ्त में | C) अदालत के आदेश से | D) वकील के माध्यम से -
अदालत में सरकार (राज्य) का पक्ष कौन रखता है?
A) बचाव पक्ष का वकील | B) न्यायाधीश | C) सरकारी वकील | D) पुलिस इंस्पेक्टर -
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अदालत का संचालन पूरी तरह निष्पक्ष रूप से कौन करता है?
A) पुलिस | B) न्यायाधीश | C) सरकारी वकील | D) गवाह -
संविधान के किस अनुच्छेद के अनुसार, गरीब नागरिक को राज्य की ओर से वकील उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है?
A) अनुच्छेद उन्तालीस ए | B) अनुच्छेद बाईस | C) अनुच्छेद चौदह | D) अनुच्छेद इक्कीस -
पुलिस की जाँच पूरी होने के बाद, वह अदालत में क्या पेश करती है?
A) गिरफ्तारी वारंट | B) आरोप पत्र | C) सजा का आदेश | D) जमानत का आदेश -
बचाव पक्ष के वकील को अदालत में किसका पक्ष रखने का अधिकार होता है?
A) सरकार का | B) पुलिस का | C) आरोपी का | D) न्यायाधीश का -
किसी भी अपराध को मूल रूप से किसका उल्लंघन माना जाता है?
A) केवल पीड़ित का | B) पूरे समाज का | C) केवल परिवार का | D) केवल पुलिस का -
निष्पक्ष सुनवाई के लिए मुकदमा हमेशा कहाँ चलाया जाना चाहिए?
A) बंद कमरे में | B) पुलिस थाने में | C) खुली अदालत में | D) जेल में -
अदालत में गवाहों से सवाल-जवाब (जिरह) करने का अधिकार किसे होता है?
A) केवल पुलिस को | B) केवल न्यायाधीश को | C) विपक्षी वकील को | D) दर्शकों को -
यदि अदालत में पेश किए गए सबूतों के आधार पर आरोपी निर्दोष साबित होता है, तो न्यायाधीश क्या करता है?
A) उसे जेल भेजता है | B) जुर्माना लगाता है | C) उसे बरी कर देता है | D) मुकदमा टाल देता है -
पुलिस को किसी भी मामले की जाँच किस प्रकार करनी चाहिए?
A) मनमाने ढंग से | B) कानून के अनुसार और मानवाधिकारों का सम्मान करते हुए | C) केवल ताकत के बल पर | D) बिना कोई सबूत जुटाए -
सही मिलान करें:
1. पुलिस
2. सरकारी वकील
3. न्यायाधीश
4. बचाव पक्ष का वकील
(क) राज्य की ओर से मुकदमा लड़ना
(ख) अदालत में गवाहों की जाँच करना और सजा सुनाना
(ग) आरोपी को निर्दोष साबित करने का प्रयास करना
(घ) अपराध की शिकायत पर जाँच करना और सबूत जुटाना
A) एक-घ, दो-क, तीन-ख, चार-ग | B) एक-क, दो-ख, तीन-ग, चार-घ | C) एक-ख, दो-ग, तीन-घ, चार-क | D) एक-घ, दो-ग, तीन-ख, चार-क -
सही मिलान करें:
1. अनुच्छेद बाईस
2. प्रथम सूचना रिपोर्ट
3. आरोप पत्र
(क) पुलिस द्वारा जाँच के बाद अदालत में जमा किया जाने वाला दस्तावेज़
(ख) पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई अपराध की पहली जानकारी
(ग) गिरफ्तार व्यक्ति के मौलिक अधिकार
A) एक-ग, दो-ख, तीन-क | B) एक-क, दो-ख, तीन-ग | C) एक-ख, दो-ग, तीन-क | D) एक-ग, दो-क, तीन-ख -
कथन (A): पुलिस का काम यह तय करना नहीं है कि कोई व्यक्ति दोषी है या नहीं।
कारण (R): किसी भी आरोपी को दोषी या निर्दोष ठहराने का अधिकार केवल अदालत (न्यायाधीश) के पास होता है।
A) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या है | B) कथन और कारण दोनों सही हैं लेकिन कारण कथन की सही व्याख्या नहीं है | C) कथन सही है लेकिन कारण गलत है | D) कथन गलत है लेकिन कारण सही है -
कथन (A): पुलिस को जाँच के दौरान किसी को भी पीटने या यातना देने का अधिकार है।
कारण (R): पुलिस को समाज की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने की कानूनी छूट मिली हुई है।
A) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या है | B) कथन और कारण दोनों सही हैं लेकिन कारण कथन की सही व्याख्या नहीं है | C) कथन सही है लेकिन कारण गलत है | D) कथन और कारण दोनों गलत हैं -
कथन (A): शांति के मामले में अदालत ने उसे अपनी ओर से एक वकील मुफ्त में दिया।
कारण (R): संविधान के अनुच्छेद उन्तालीस ए के तहत राज्य का यह कर्तव्य है कि वह गरीबी के कारण किसी भी नागरिक को न्याय से वंचित न होने दे।
A) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या है | B) कथन और कारण दोनों सही हैं लेकिन कारण कथन की सही व्याख्या नहीं है | C) कथन सही है लेकिन कारण गलत है | D) कथन गलत है लेकिन कारण सही है -
डी.के. बसु दिशा-निर्देशों के अनुसार, गिरफ्तारी करने वाले पुलिस अधिकारी की वर्दी पर स्पष्ट रूप से क्या होना चाहिए?
A) बंदूक का निशान | B) उसकी पहचान और नाम की पट्टी | C) थाने का पूरा पता | D) अदालत की मोहर -
पुलिस जब किसी व्यक्ति को गिरफ्तार करती है, तो उस समय एक कागज़ तैयार किया जाता है जिसमें गिरफ्तारी का समय और तारीख लिखी होती है। इसे क्या कहते हैं?
A) जमानत पर्ची | B) गिरफ्तारी का मेमो | C) सजा का पत्र | D) आरोप पत्र -
संज्ञेय अपराध (जैसे चोरी या हत्या) की स्थिति में पुलिस को सबसे पहले कौन सा कदम उठाना चाहिए?
A) आरोपी को सजा देना | B) प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करना | C) अदालत में फैसला सुनाना | D) शिकायत को नजरअंदाज करना -
प्रथम सूचना रिपोर्ट में सामान्यतः कौन सी महत्वपूर्ण जानकारी दर्ज की जाती है?
A) शिकायतकर्ता के परिवार का इतिहास | B) वारदात की तारीख, समय, स्थान और घटना का विवरण | C) पुलिस अधिकारी की पदोन्नति का विवरण | D) न्यायाधीश का नाम -
सरकारी वकील की भूमिका आपराधिक न्याय प्रक्रिया में कब शुरू होती है?
A) जब अपराध हो रहा होता है | B) पुलिस द्वारा जाँच पूरी करने और अदालत में आरोप पत्र दायर करने के बाद | C) जब पुलिस गवाहों से पूछताछ कर रही होती है | D) जब आरोपी को पुलिस स्टेशन लाया जाता है -
न्यायाधीश किसी भी मुकदमे में अंतिम फैसला किस आधार पर लेते हैं?
A) अपनी व्यक्तिगत पसंद के आधार पर | B) केवल अदालत में पेश किए गए सबूतों और कानून के आधार पर | C) पुलिस के कहने पर | D) जनता की माँग पर -
चोरी के मामले में शांति का बचाव करने वाली अधिवक्ता कमला रॉय का मुख्य काम अदालत में क्या था?
A) शांति को सजा दिलवाना | B) अभियोजन पक्ष के गवाहों से जिरह करना और शांति को निर्दोष साबित करना | C) न्यायाधीश की कुर्सी पर बैठना | D) पुलिस की मदद करना -
'निष्पक्ष सुनवाई' (Fair Trial) के लिए यह क्यों ज़रूरी है कि आरोपी को आरोप पत्र की एक प्रति दी जाए?
A) ताकि वह इसे याद कर सके | B) ताकि वह जान सके कि उस पर क्या आरोप हैं और वह अपने बचाव की तैयारी कर सके | C) ताकि वह इसे नष्ट कर सके | D) ताकि वह इसे अखबार में छाप सके -
शांति के मामले में सरकारी वकील श्रीमती रॉय अदालत में किसका प्रतिनिधित्व कर रही थीं?
A) शांति का | B) श्रीमती शिंदे का | C) राज्य का | D) पुलिस का -
यदि सब-इंस्पेक्टर राव ने शांति को गिरफ्तार करते समय उसके अपराध के बारे में नहीं बताया होता, तो यह किस अधिकार का सीधा उल्लंघन होता?
A) समानता के अधिकार का | B) संविधान के अनुच्छेद बाईस का | C) संपत्ति के अधिकार का | D) धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार का -
पुलिस द्वारा किसी गवाह को अपना बयान बदलने के लिए डराना-धमकाना किस प्रकार का कृत्य माना जाता है?
A) पुलिस का अधिकार | B) कानून का गंभीर उल्लंघन और निष्पक्ष जाँच के खिलाफ | C) अदालत का आदेश | D) समाज सेवा -
आपराधिक न्याय प्रणाली में क्या केवल पुलिस और न्यायाधीश ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं?
A) हाँ, केवल यही दोनों | B) नहीं, सरकारी वकील और बचाव पक्ष का वकील भी समान रूप से महत्वपूर्ण हैं | C) नहीं, केवल जनता महत्वपूर्ण है | D) केवल गवाह महत्वपूर्ण हैं -
सरकारी वकील को अदालत में अपना कर्तव्य किस तरह निभाना चाहिए?
A) केवल पुलिस का पक्ष लेकर | B) पूरी तरह निष्पक्ष होकर और सारे ठोस सबूत अदालत के सामने रखकर | C) आरोपी को बचाने का प्रयास करके | D) अदालत को भ्रमित करके -
जब कोई मुकदमा 'खुली अदालत' में चलता है, तो इसका क्या फायदा होता है?
A) इससे पुलिस को काम नहीं करना पड़ता | B) सुनवाई पारदर्शी होती है और जनता या आरोपी के रिश्तेदार प्रक्रिया को देख सकते हैं | C) इससे सजा जल्दी मिलती है | D) न्यायाधीश को आराम मिलता है -
किसी भी आरोपी के लिए 'वकील करने का अधिकार' क्यों महत्वपूर्ण है?
A) ताकि अदालत सुंदर दिखे | B) ताकि कानूनी दाँव-पेंचों के बीच उसे अपना पक्ष मजबूती से रखने और न्याय पाने का मौका मिले | C) ताकि पुलिस उसे तुरंत छोड़ दे | D) ताकि उसे जेल में सुविधा मिले -
कथन: संविधान के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति को निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार है।
निष्कर्ष I: अमीर और गरीब दोनों को अदालत में समान रूप से अपना बचाव करने का अवसर मिलना चाहिए।
निष्कर्ष II: पुलिस को भी बिना अदालत की सुनवाई के अपराध की सजा देने का अधिकार होना चाहिए।
A) केवल निष्कर्ष एक सही है | B) केवल निष्कर्ष दो सही है | C) निष्कर्ष एक और दो दोनों सही हैं | D) न तो एक और न ही दो सही है -
कथन: पुलिस हिरासत में दिए गए इकबालिया बयान को सबूत के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
निष्कर्ष I: पुलिस दबाव या मारपीट करके भी बयान दर्ज करवा सकती है, इसलिए अदालत इसे ठोस सबूत नहीं मानती।
निष्कर्ष II: पुलिस के पास अपराध की जाँच करने का कोई अधिकार नहीं होता है।
A) केवल निष्कर्ष एक सही है | B) केवल निष्कर्ष दो सही है | C) निष्कर्ष एक और दो दोनों सही हैं | D) न तो एक और न ही दो सही है -
कथन: किसी भी अपराध को समाज के प्रति अपराध माना जाता है।
निष्कर्ष I: इसका मतलब है कि अपराध केवल पीड़ित को ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की शांति को नुकसान पहुँचाता है।
निष्कर्ष II: अदालत में मुकदमा पीड़ित व्यक्ति और आरोपी के बीच नहीं, बल्कि राज्य और आरोपी के बीच चलता है।
A) केवल निष्कर्ष एक सही है | B) केवल निष्कर्ष दो सही है | C) निष्कर्ष एक और दो दोनों सही हैं | D) न तो एक और न ही दो सही है -
डी.के. बसु दिशा-निर्देशों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
1. गिरफ्तार व्यक्ति को अपने किसी रिश्तेदार या दोस्त को सूचना देने का अधिकार है।
2. गिरफ्तारी के अड़तालीस घंटे बाद मजिस्ट्रेट के सामने पेश करना होता है।
3. गिरफ्तार करने वाले पुलिसकर्मी की स्पष्ट पहचान और नाम की पट्टी होनी चाहिए।
इनमें से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
A) केवल एक | B) एक और दो | C) एक और तीन | D) एक, दो और तीन -
निष्पक्ष सुनवाई (Fair Trial) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
1. निष्पक्ष सुनवाई हमेशा बंद कमरे में और गुप्त रूप से होनी चाहिए।
2. आरोपी के वकील को अभियोजन पक्ष के गवाहों से जिरह करने का अवसर मिलना चाहिए।
3. न्यायाधीश को केवल उन सबूतों के आधार पर फैसला सुनाना चाहिए जो अदालत में पेश किए गए हैं।
इनमें से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
A) केवल एक | B) एक और दो | C) दो और तीन | D) एक, दो और तीन -
प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
1. पुलिस को केवल असंज्ञेय अपराधों में एफ.आई.आर. दर्ज करने का अधिकार है।
2. इसमें वारदात की तारीख, समय, स्थान और घटना का विवरण होता है।
3. शिकायतकर्ता को इसकी एक प्रति मुफ्त पाने का कानूनी अधिकार है।
इनमें से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
A) केवल एक | B) एक और दो | C) दो और तीन | D) एक, दो और तीन -
आपराधिक न्याय प्रक्रिया के सामान्य चरणों को उनके सही कालानुक्रमिक क्रम में व्यवस्थित करें:
1. पुलिस द्वारा अदालत में आरोप पत्र दायर करना
2. अदालत में गवाहों की गवाही और जिरह
3. पुलिस द्वारा एफ.आई.आर. दर्ज करना
4. न्यायाधीश द्वारा फैसला सुनाना
A) तीन, एक, दो, चार | B) एक, तीन, दो, चार | C) तीन, दो, एक, चार | D) दो, तीन, एक, चार -
शांति के मामले में घटित घटनाओं को सही क्रम में सजाएँ:
1. सब-इंस्पेक्टर राव द्वारा शांति को गिरफ्तार करना
2. श्रीमती शिंदे का सोने का हार चोरी होना
3. अदालत द्वारा शांति को निर्दोष मानकर बरी करना
4. शांति के भाई सुशील को पुलिस द्वारा पीटना और हिरासत में रखना
A) दो, एक, चार, तीन | B) दो, चार, एक, तीन | C) एक, दो, तीन, चार | D) चार, दो, एक, तीन -
अनुच्छेद बाईस और आपराधिक कानून के तहत गिरफ्तार व्यक्ति को निम्नलिखित में से कौन सा अधिकार प्राप्त नहीं है?
A) गिरफ्तारी के समय कारण जानने का अधिकार | B) गिरफ्तारी के दौरान दुर्व्यवहार से बचने का अधिकार | C) गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस को रिश्वत देने का अधिकार | D) चौबीस घंटे के भीतर मजिस्ट्रेट के सामने पेश होने का अधिकार -
यदि पुलिस को पूरा यकीन हो कि शांति ने ही चोरी की है, तब भी पुलिस उसे सीधे जेल की सजा क्यों नहीं सुना सकती?
A) क्योंकि शांति एक महिला है | B) क्योंकि 'कानून का शासन' यह कहता है कि हर व्यक्ति को निष्पक्ष सुनवाई के बाद अदालत द्वारा ही दोषी ठहराया जा सकता है | C) क्योंकि पुलिस के पास समय नहीं था | D) क्योंकि श्रीमती शिंदे ने मना कर दिया था -
जब कोई गवाह अदालत में बयान देता है, तो बचाव पक्ष का वकील उससे क्रॉस-एग्जामिनेशन (जिरह) क्यों करता है?
A) उसे डराने के लिए | B) उसके बयान की सच्चाई और विश्वसनीयता परखने तथा कहानी की कमियों को उजागर करने के लिए | C) वकील की फीस बढ़ाने के लिए | D) समय बर्बाद करने के लिए -
सरकारी वकील की भूमिका पुलिस जाँच के दौरान शून्य क्यों होती है?
A) क्योंकि वह पुलिस से डरता है | B) क्योंकि उसका मुख्य काम जाँच पूरी होने और अदालत में आरोप पत्र दायर होने के बाद राज्य का पक्ष रखना होता है | C) क्योंकि उसे कानून नहीं पता होता | D) क्योंकि अदालत उसे रोकती है -
शांति के मुकदमे में अदालत ने 'निर्दोष होने के अनुमान' (Presumption of Innocence) के सिद्धांत का पालन कैसे किया?
A) न्यायाधीश ने शुरू से ही मान लिया कि शांति चोर है | B) न्यायाधीश ने शांति को तब तक निर्दोष माना जब तक कि सरकारी वकील ठोस सबूतों से उसका अपराध साबित नहीं कर सका | C) न्यायाधीश ने बिना सुनवाई के उसे छोड़ दिया | D) न्यायाधीश ने पुलिस की बात तुरंत मान ली -
किसी मामले में 'निष्पक्ष सुनवाई' सुनिश्चित करने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी किसकी होती है?
A) शिकायतकर्ता की | B) पुलिस की | C) न्यायाधीश की | D) दर्शकों की -
यदि अदालत में सुनवाई बंद कमरे में होती जहाँ शांति का भाई और अन्य लोग मौजूद नहीं होते, तो क्या इसे 'निष्पक्ष सुनवाई' माना जाता?
A) हाँ, क्योंकि न्यायाधीश मौजूद था | B) नहीं, क्योंकि खुली अदालत और पारदर्शिता निष्पक्ष सुनवाई का एक आवश्यक अंग है | C) हाँ, क्योंकि पुलिस वहाँ थी | D) कोई फर्क नहीं पड़ता -
सब-इंस्पेक्टर राव ने सुशील को दो दिन तक थाने में बंद रखा और पीटा। यह कृत्य सीधे तौर पर किन दिशा-निर्देशों का उल्लंघन था?
A) नागरिक कानून का | B) डी.के. बसु दिशा-निर्देशों और मौलिक अधिकारों का | C) चुनाव आयोग के नियमों का | D) सड़क यातायात नियमों का -
आपराधिक न्याय प्रणाली में 'राज्य' (State) की ओर से मुकदमा लड़ने का क्या वैचारिक आधार है?
A) ताकि पीड़ित को वकील का खर्च न देना पड़े | B) यह माना जाता है कि अपराध पूरे समाज (राज्य) के खिलाफ किया गया है, इसलिए राज्य ही समाज की ओर से आरोपी पर मुकदमा चलाता है | C) ताकि सरकार को जुर्माना मिल सके | D) ताकि न्यायाधीश को मदद मिल सके -
शांति के मामले में अगर अधिवक्ता कमला रॉय ने अभियोजन पक्ष के गवाहों (जैसे श्रीमती शिंदे) से जिरह नहीं की होती, तो क्या होता?
A) शांति तुरंत बरी हो जाती | B) न्यायालय को मामले की पूरी सच्चाई और गवाहों के बयानों का विरोधाभास पता नहीं चलता | C) न्यायाधीश खुद जिरह करते | D) मुकदमा रद्द हो जाता -
पुलिस द्वारा जुटाए गए सबूत और अदालत में पेश किए गए सबूतों में क्या मूलभूत अंतर होता है?
A) पुलिस के सबूत हमेशा झूठे होते हैं | B) पुलिस सबूत जुटाकर आरोप पत्र बनाती है, जबकि अदालत उन सबूतों की कानूनी वैधता और गवाहों की जिरह के आधार पर उनकी सच्चाई तय करती है | C) दोनों बिल्कुल एक ही होते हैं | D) अदालत सबूतों को नहीं देखती -
अगर किसी व्यक्ति को उसकी गरीबी के कारण वकील नहीं मिलता और उसे सजा हो जाती है, तो यह संविधान के किस मूल सिद्धांत का सबसे बड़ा हनन होगा?
A) समानता का अधिकार | B) कानून के समक्ष समानता और अनुच्छेद उन्तालीस ए के तहत न्याय तक पहुँच का अधिकार | C) धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार | D) संपत्ति का अधिकार
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