7. ईश्वर से अनुराग ([Devotional Paths to the Divine])
इस पेज पर आपको 7. ईश्वर से अनुराग ([Devotional Paths to the Divine]) के सभी महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ), परीक्षा उपयोगी नोट्स और ऑनलाइन क्विज़ मिलेंगे। अपने ज्ञान का परीक्षण करने और बोर्ड/प्रतियोगी परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए मॉक टेस्ट में अवश्य भाग लें।
👉 अध्याय का सारांश (Summary)
प्रिय अभ्यर्थियों, मध्यकालीन भारत के धार्मिक, दार्शनिक और सांस्कृतिक पुनर्जागरण को दर्शाने वाले इस अत्यंत महत्वपूर्ण अध्याय 'ईश्वर से अनुराग' (Devotional Paths to the Divine) में आपका स्वागत है। NEP 2020 के अंतर्गत भारतीय ज्ञान परंपरा (Indian Knowledge Systems), दार्शनिक विचारों, और धर्मों के बीच सहिष्णुता के विकास का ऐतिहासिक विश्लेषण करना एक प्रमुख उद्देश्य है। SSC (CGL, CHSL), Railway (NTPC), CTET, State PCS और UPSC परीक्षाओं में नयनारों (Nayanars) और अलवारों (Alvars), शंकराचार्य के 'अद्वैतवाद', रामानुज के 'विशिष्टाद्वैत', महाराष्ट्र के संतों, सूफी संतों (Sufis), और कबीर व गुरु नानक के उपदेशों पर निश्चित रूप से 2-3 वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Objective Questions) पूछे जाते हैं।
प्रारंभिक मध्यकाल में यह विचार व्यापक रूप से फैला हुआ था कि सभी जीव अच्छे और बुरे कर्मों के अनगिनत चक्रों से गुजरते हैं, और जन्म के आधार पर सामाजिक विशेषाधिकार (Social Privileges) मिलते हैं। कई लोग इन विचारों से असहमत थे और बुद्ध तथा जैनियों के उपदेशों की ओर मुड़े। इसी समय, सर्वोच्च ईश्वर (Supreme God) का विचार उभरा कि अगर ईश्वर की 'भक्ति' से पूजा की जाए, तो वह जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति दिला सकता है। दक्षिण भारत (7वीं से 9वीं सदी) में नए धार्मिक आंदोलनों का उदय हुआ जिनका नेतृत्व 'नयनारों' (Nayanars - शिव भक्त, संख्या में 63) और 'अलवारों' (Alvars - विष्णु भक्त, संख्या में 12) ने किया। वे सभी जातियों (अछूत मानी जाने वाली जातियों जैसे पुलैया और पनार) से आते थे। उन्होंने संगम साहित्य की भाषा को भक्ति से जोड़ा। नयनारों के गीत 'तेवरम' (Tevaram) और 'तिरुवाचकम' में, तथा अलवारों के गीत 'दिव्य प्रबंधम' (Divya Prabandham) में संकलित हैं।
दार्शनिक चिंतन के क्षेत्र में दो महान विभूतियों का उदय हुआ। 8वीं सदी में केरल में जन्मे 'शंकर' (Shankara) ने 'अद्वैतवाद' (Advaita - Non-dualism) का सिद्धांत दिया। उनका मानना था कि जीवात्मा और परमात्मा (जो परम सत्य है) दोनों एक ही हैं। उन्होंने सिखाया कि यह संसार 'माया' (Illusion) है, और मोक्ष पाने के लिए ब्रह्म के सही स्वरूप को समझना आवश्यक है। 11वीं सदी में तमिलनाडु में 'रामानुज' (Ramanuja) हुए। वे अलवार संतों से बहुत प्रभावित थे। उन्होंने 'विशिष्टाद्वैत' (Vishishtadvaita) का सिद्धांत दिया, जिसके अनुसार आत्मा परमात्मा से जुड़ने के बाद भी अपनी अलग सत्ता बनाए रखती है। इसके अलावा, कर्नाटक में 'बसवन्ना' (Basavanna) और उनके साथियों (अल्लामा प्रभु और अक्कमहादेवी) ने 12वीं सदी में 'वीरशैव आंदोलन' (Virashaiva Movement) शुरू किया, जिसने सभी इंसानों की समानता की वकालत की और मूर्ति पूजा तथा ब्राह्मणवादी जाति व्यवस्था का कड़ा विरोध किया। महाराष्ट्र (13वीं से 17वीं सदी) में ज्ञानेश्वर, नामदेव, एकनाथ और तुकाराम जैसे संतों ने क्षेत्रीय भाषा (मराठी) में विट्ठल (विष्णु का रूप) की भक्ति पर जोर दिया।
इस्लाम में भी 'सूफी' (Sufis) संतों का उदय हुआ जो मुस्लिम रहस्यवादी थे। उन्होंने धर्म के बाहरी आडंबरों को अस्वीकार कर दिया और ईश्वर (अल्लाह) के प्रति प्रेम और भक्ति पर जोर दिया। अल-गज़ाली और रूमी मध्य एशिया के महान सूफी थे। सूफियों ने अपने विचार व्यक्त करने के लिए कविताएं रचीं और संगीत ('समा') का उपयोग किया। सूफी गुरुओं (पीर) के 'सिलसिले' (Silsilas) बन गए, जिनमें भारत का 'चिश्ती सिलसिला' (Chishti Silsila) सबसे प्रभावशाली था (ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती, कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी, निज़ामुद्दीन औलिया)।
15वीं और 16वीं सदी में उत्तर भारत में भक्ति का नया रूप उभरा। 'कबीर' (Kabir - 15वीं-16वीं सदी) एक जुलाहे (Weaver) परिवार में पले-बढ़े। उन्होंने हिंदू और इस्लाम दोनों धर्मों के बाहरी आडंबरों का कड़ा मजाक उड़ाया। उनके उपदेश 'साखियों' (Sakhis) और 'पदों' में मिलते हैं। उनका मानना था कि ईश्वर निराकार (Formless) है और उसे केवल भक्ति से पाया जा सकता है। 'गुरु नानक' (Guru Nanak - 1469-1539) ने भी निराकार ईश्वर की पूजा पर जोर दिया। उन्होंने समानता का संदेश दिया और 'लंगर' (साझा रसोई) तथा 'धर्मसाल' (गुरुद्वारा) की स्थापना की। उनके अनुयायियों का कोई भी धर्म या जाति हो सकती थी। उनके विचारों ने बाद में 'सिख धर्म' का रूप लिया जिसे गुरु गोबिंद सिंह ने 'खालसा' (Khalsa) के रूप में सैन्य स्वरूप दिया। NCERT बेस पर तैयार यह विस्तृत सामग्री आपको मध्यकालीन धर्म और संस्कृति को समझने में मदद करेगी। 3-Level ऑनलाइन क्विज़ से अपनी तैयारी परखें।
अध्याय के सभी प्रश्न (Revision Notes)
*नोट: यह सेक्शन रिवीजन के लिए है। अपना ज्ञान परखने के लिए ऊपर दिए गए क्विज़ में भाग लें।
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वीरशैव आंदोलन मध्यकाल में किस राज्य में प्रारंभ हुआ था?
A) तमिलनाडु | B) केरल | C) कर्नाटक | D) महाराष्ट्र -
वीरशैव आंदोलन के प्रमुख प्रणेता कौन थे?
A) ज्ञानेश्वर और नामदेव | B) बसवन्ना अल्लमा प्रभु और अक्कमहादेवी | C) रामानुज और शंकर | D) कबीर और रैदास -
महाराष्ट्र के पंढरपुर में किस देवता की पूजा मुख्य रूप से की जाती है?
A) शिव | B) विट्ठल | C) ब्रह्मा | D) इंद्र -
विट्ठल देवता को किस प्रमुख हिंदू देवता का रूप माना जाता है?
A) शिव | B) विष्णु | C) ब्रह्मा | D) सूर्य -
सूफी संत कौन थे?
A) हिंदू दार्शनिक | B) बौद्ध भिक्षु | C) मुस्लिम रहस्यवादी | D) जैन मुनि -
सूफी संतों के निवास स्थान या आश्रम को क्या कहा जाता था?
A) मंदिर | B) मस्जिद | C) खानकाह | D) गिरजाघर -
ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती की प्रसिद्ध दरगाह कहां स्थित है?
A) दिल्ली | B) अजमेर | C) गुलबर्गा | D) लाहौर -
कबीर का पालन पोषण किस समुदाय के परिवार में हुआ था?
A) जुलाहा | B) बढ़ई | C) लोहार | D) कुम्हार -
कबीर के उपदेशों और भजनों का विशाल संग्रह किस ग्रंथ में मिलता है?
A) ज्ञानेश्वरी | B) बीजक | C) तेवरम | D) दिव्य प्रबंधम -
बाबा गुरु नानक का जन्म तलवंडी में हुआ था जो वर्तमान में किस देश में है?
A) भारत | B) पाकिस्तान | C) अफगानिस्तान | D) नेपाल -
बाबा गुरु नानक ने उपासना और धार्मिक कार्यों के लिए जो जगह बनाई उसे क्या कहा गया?
A) खानकाह | B) धर्मसाल | C) मठ | D) मंदिर -
सिखों के पवित्र ग्रंथ गुरु ग्रंथ साहिब का संकलन मुख्य रूप से किसने किया था?
A) गुरु नानक ने | B) गुरु अंगद ने | C) गुरु अर्जन देव ने | D) गुरु गोबिंद सिंह ने -
दक्षिण भारत में शिव के भक्त संतों को क्या कहा जाता था?
A) अलवार | B) नयनार | C) सूफी | D) नाथपंथी -
दक्षिण भारत में विष्णु के भक्त संतों को किस नाम से जाना जाता था?
A) नयनार | B) अलवार | C) सिद्ध | D) वीरशैव -
इतिहास के अनुसार नयनार संतों की कुल संख्या कितनी मानी जाती है?
A) बारह | B) बत्तीस | C) तिरेसठ | D) अठहत्तर -
अलवार संतों की कुल संख्या कितनी थी?
A) बारह | B) तिरेसठ | C) अड़तालीस | D) सौ -
प्रसिद्ध ग्रंथ तेवरम और तिरवाचकम किन संतों के गीतों का संकलन है?
A) अलवार संतों के | B) नयनार संतों के | C) महाराष्ट्र के संतों के | D) सूफी संतों के -
अलवार संतों के गीतों का प्रसिद्ध संकलन किस नाम से जाना जाता है?
A) दिव्य प्रबंधम | B) गुरु ग्रंथ साहिब | C) बीजक | D) ज्ञानेश्वरी -
आठवीं शताब्दी में केरल में जन्मे प्रसिद्ध दार्शनिक शंकर किस मत के समर्थक थे?
A) विशिष्टाद्वैत | B) अद्वैतवाद | C) द्वैतवाद | D) शून्यवाद -
ग्यारहवीं शताब्दी में तमिलनाडु में जन्मे रामानुज ने किस दार्शनिक सिद्धांत का प्रतिपादन किया?
A) अद्वैतवाद | B) विशिष्टाद्वैत | C) शैववाद | D) सूफीवाद -
नयनार और अलवार संतों ने किस धार्मिक कुप्रथा का सबसे अधिक विरोध किया?
A) मूर्ति पूजा का | B) बौद्ध और जैन धर्म के कर्मकांडों और जाति प्रथा का | C) मंदिर निर्माण का | D) विदेशी व्यापार का -
शंकर के अद्वैतवाद सिद्धांत का मूल अर्थ क्या है?
A) ईश्वर और आत्मा दो अलग अलग चीजें हैं | B) जीवात्मा और परमात्मा दोनों एक ही हैं और यह संसार एक माया है | C) केवल संसार ही सत्य है | D) ईश्वर अनेक हैं -
रामानुज के विशिष्टाद्वैत सिद्धांत के अनुसार मोक्ष प्राप्त करने का सबसे अच्छा मार्ग क्या है?
A) कठोर तपस्या करना | B) विष्णु के प्रति अनन्य भक्ति भाव रखना क्योंकि आत्मा ईश्वर से जुड़ने के बाद भी अपनी अलग सत्ता बनाए रखती है | C) ज्ञान प्राप्त करना | D) संसार का त्याग करना -
वीरशैव आंदोलन के अनुयायियों ने किस बात का कड़ा विरोध किया?
A) ईश्वर की भक्ति का | B) ब्राह्मणवादी विचारधारा जाति व्यवस्था और नारी के प्रति भेदभाव का | C) कन्नड़ भाषा का | D) मंदिरों के विनाश का -
महाराष्ट्र के संतों ने किस प्रकार की भक्ति का उपदेश दिया?
A) संसार को त्याग कर संन्यासी बनने का | B) कर्मकांडों का विरोध करते हुए परिवार के साथ रहकर सादा जीवन बिताने और दूसरों के दुख दूर करने का | C) केवल मंदिरों में पूजा करने का | D) तीर्थयात्राएं करने का -
नरसी मेहता का प्रसिद्ध भजन वैष्णव जन तो तेने कहिए जे पीर पराई जाणे रे किस राज्य से संबंधित है?
A) महाराष्ट्र | B) राजस्थान | C) गुजरात | D) मध्य प्रदेश -
नाथपंथियों सिद्धों और योगियों ने मोक्ष के लिए कौन सा मार्ग सुझाया?
A) तीर्थयात्रा करना | B) संसार का त्याग करके योगासन प्राणायाम और चिंतन मनन द्वारा शरीर और मन को कठोर प्रशिक्षण देना | C) बहुत सारा धन दान करना | D) विभिन्न देवी देवताओं की पूजा करना -
इस्लाम धर्म और सूफी संतों की विचारधारा में क्या मुख्य अंतर था?
A) सूफी संत इस्लाम को नहीं मानते थे | B) इस्लाम ने सख्त कानून बनाए जबकि सूफियों ने बाहरी आडंबरों को अस्वीकार कर ईश्वर के साथ प्रेम और करुणा पर जोर दिया | C) सूफी संत केवल अरबी बोलते थे | D) दोनों में कोई अंतर नहीं था -
सूफी संतों द्वारा स्थापित सिलसिला का क्या अर्थ होता है?
A) एक प्रकार का भोजन | B) सूफी गुरुओं की एक आध्यात्मिक वंशावली या परंपरा जिसमें प्रत्येक की अपनी अलग शिक्षण विधि होती थी | C) एक प्रकार का वाद्य यंत्र | D) एक विदेशी भाषा -
कश्मीर में पंद्रहवीं और सोलहवीं सदी में ऋषि पंथ की स्थापना किसने की थी?
A) शेख नूरुद्दीन वली ने | B) ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती ने | C) निजामुद्दीन औलिया ने | D) बाबा फरीद ने -
तुलसीदास ने अपनी प्रसिद्ध रचना रामचरितमानस किस भाषा में लिखी है?
A) संस्कृत | B) अवधी | C) ब्रजभाषा | D) भोजपुरी -
सूरदास किनके अनन्य भक्त थे और उनकी रचनाएं किसमें संकलित हैं?
A) राम के भक्त | B) कृष्ण के भक्त सूरसागर सूरसारावली और साहित्य लहरी में | C) शिव के भक्त | D) विष्णु के भक्त -
असम में भक्ति आंदोलन को लोकप्रिय बनाने वाले शंकरदेव ने किस पर जोर दिया?
A) राम की भक्ति पर | B) विष्णु की भक्ति पर और उन्होंने नामघर स्थापित करने की पद्धति चलाई | C) शिव की भक्ति पर | D) निराकार ईश्वर की भक्ति पर -
मीराबाई का विवाह किस राजघराने में हुआ था और वे किनकी भक्त थीं?
A) मारवाड़ राजघराने में और शिव की भक्त थीं | B) मेवाड़ के राजघराने में और कृष्ण की अनन्य भक्त थीं | C) आमेर राजघराने में और राम की भक्त थीं | D) बीकानेर राजघराने में और ब्रह्मा की भक्त थीं -
मीराबाई ने किस अछूत माने जाने वाले संत को अपना गुरु बनाया था?
A) कबीर | B) रैदास | C) दादू दयाल | D) तुकाराम -
कबीर के उपदेशों का मुख्य आधार क्या था?
A) हिंदू धर्म की श्रेष्ठता साबित करना | B) प्रमुख धार्मिक परंपराओं की पूर्ण अस्वीकृति बाहरी आडंबरों का मजाक और निराकार परमेश्वर में विश्वास | C) इस्लाम का प्रचार करना | D) मंदिरों का निर्माण करना -
बाबा गुरु नानक ने अपने अनुयायियों के लिए लंगर की व्यवस्था क्यों शुरू की?
A) ताकि लोग मुफ्त भोजन कर सकें | B) ताकि बिना किसी जाति भेद के सभी लोग एक साथ बैठकर भोजन कर सकें और समानता का भाव आए | C) ताकि राजा खुश हो सकें | D) ताकि वे धन कमा सकें -
सिख धर्म में खालसा पंथ की स्थापना किसने की थी?
A) गुरु नानक ने | B) गुरु गोबिंद सिंह ने | C) गुरु अंगद ने | D) गुरु तेग बहादुर ने -
बाबा गुरु नानक के उपदेशों का सार किन तीन शब्दों में निहित है?
A) सत्य अहिंसा और अस्तेय | B) नाम दान और इस्नान | C) ज्ञान भक्ति और वैराग्य | D) यज्ञ दान और तप -
गुरु अर्जन देव को किस मुगल सम्राट ने मृत्युदंड का आदेश दिया था?
A) अकबर | B) जहांगीर | C) शाहजहां | D) औरंगजेब -
कथन: चोल और पांड्य राजाओं ने नयनार और अलवार संतों से जुड़े मंदिरों का विशाल निर्माण करवाया। निष्कर्ष: इससे भक्ति परंपरा और मंदिर पूजा के बीच गहरे संबंध स्थापित हुए और संतों के जीवन चरित्र लिखे जाने लगे।
A) कथन सही है लेकिन निष्कर्ष गलत है | B) कथन गलत है निष्कर्ष सही है | C) कथन और निष्कर्ष दोनों सही हैं और यह ऐतिहासिक प्रभाव को दर्शाता है | D) कथन और निष्कर्ष दोनों गलत हैं -
कथन: शंकर और रामानुज के दर्शन में एक बुनियादी सैद्धांतिक अंतर है। कारण: शंकर अद्वैतवाद के समर्थक थे जो आत्मा और परमात्मा को एक मानता है जबकि रामानुज विशिष्टाद्वैत के समर्थक थे जिसके अनुसार आत्मा परमात्मा से जुड़ने के बाद भी अपनी अलग सत्ता बनाए रखती है।
A) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या है | B) कथन और कारण दोनों सही हैं लेकिन कारण कथन की सही व्याख्या नहीं है | C) कथन सही है लेकिन कारण गलत है | D) कथन गलत है लेकिन कारण सही है -
नाथपंथियों सिद्धों और योगियों की विचारधारा का समाज पर क्या दूरगामी प्रभाव पड़ा?
A) उनके विचार केवल राजाओं तक सीमित रहे | B) उन्होंने रूढ़िवादी धर्म की आलोचना की जो नीची जातियों में बहुत लोकप्रिय हुई और इसी ने उत्तर भारत में भक्ति आंदोलन के लिए जमीन तैयार की | C) उन्होंने समाज को हिंसक बना दिया | D) उन्होंने सभी धर्मों को नष्ट कर दिया -
इस्लामी विद्वानों उलेमाओं और सूफी संतों के बीच मुख्य सैद्धांतिक मतभेद क्या था?
A) उलेमाओं ने प्रेमपूर्ण ईश्वर की कल्पना की जबकि सूफियों ने कठोर कानून बनाए | B) उलेमाओं ने कर्मकांडों और शरीयत पर जोर दिया जबकि सूफियों ने बाहरी आडंबरों को ठुकरा कर ईश्वर के प्रति प्रेम और व्यक्तिगत समर्पण पर जोर दिया | C) दोनों के बीच कोई मतभेद नहीं था | D) सूफी लोग नमाज नहीं पढ़ते थे -
सूफी खानकाहों की ऐतिहासिक और सामाजिक भूमिका के बारे में कौन सा कथन सबसे सटीक है?
A) यहां केवल मुसलमान ही जा सकते थे | B) यहां शासकों से लेकर आम लोग हिंदू और मुस्लिम सभी आते थे जहां वे आध्यात्मिक विषयों पर चर्चा करते थे और अक्सर संत के चमत्कारों में विश्वास करते थे | C) यहां हथियार बनाए जाते थे | D) यहां केवल व्यापार होता था -
कथन: महाराष्ट्र के भक्ति संतों ने सन्यास के विचार को पूरी तरह ठुकरा दिया। निष्कर्ष: उन्होंने यह शिक्षा दी कि असली भक्ति दूसरों के दुखों को बांटने और परिवार के साथ रहकर आजीविका कमाने में है न कि जंगल में जाकर तपस्या करने में।
A) कथन सही है लेकिन निष्कर्ष गलत है | B) कथन और निष्कर्ष दोनों गलत हैं | C) कथन और निष्कर्ष दोनों सही हैं | D) निष्कर्ष का कथन से कोई संबंध नहीं है -
कबीर के विचारों और उपदेशों को समझने के लिए इतिहासकार मुख्य रूप से किन स्रोतों का उपयोग करते हैं?
A) कबीर की लिखी हुई एक व्यक्तिगत डायरी | B) सिखों के गुरु ग्रंथ साहिब राजस्थान के दादू दयाल के पंचवाणी और बीजक में संरक्षित उनके भजनों और साखियों का | C) विदेशी यात्रियों के यात्रा वृत्तांतों का | D) मुगल दरबार के शाही दस्तावेजों का -
सिख आंदोलन के राजनीतिकरण का मुख्य कारण क्या माना जाता है?
A) सिखों का व्यापार बंद हो जाना | B) सत्रहवीं शताब्दी में सिख समुदाय का एक राजनीतिक सत्ता के रूप में उभरना और मुगल सम्राटों विशेषकर जहांगीर और औरंगजेब के साथ उनका कड़ा संघर्ष होना | C) सिखों का अफगानिस्तान पर हमला करना | D) अंग्रेजों का भारत में आना -
गुरु नानक के उपदेश नाम जपना कीरत करना और वंड छकना का समाज के लिए क्या गहरा अर्थ है?
A) केवल मंदिर जाना और दान देना | B) ईश्वर की उपासना करना ईमानदारी से काम करके आजीविका कमाना और अपनी कमाई को दूसरों के साथ बांटकर खाना | C) जंगल में जाकर तपस्या करना | D) हथियार उठाकर युद्ध करना -
भक्ति और सूफी आंदोलनों में एक बहुत बड़ी ऐतिहासिक समानता क्या देखी जाती है?
A) दोनों आंदोलनों ने कठोर कर्मकांडों ऊंच नीच के भेदभाव और बाहरी आडंबरों का विरोध किया और ईश्वर के प्रति सीधे और सरल प्रेम का संदेश दिया | B) दोनों ने नई मस्जिदों और मंदिरों का विशाल निर्माण करवाया | C) दोनों ने राजाओं को सत्ता से हटा दिया | D) दोनों ने केवल संस्कृत और अरबी भाषा का प्रयोग किया -
संत चरित नामक ऐतिहासिक दस्तावेजों का भक्ति आंदोलन के अध्ययन में क्या महत्व है?
A) इनका कोई ऐतिहासिक मूल्य नहीं है | B) ये संतों की जीवनियां हैं जो उस समय के सामाजिक और धार्मिक विश्वासों को समझने के लिए महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्रोत मानी जाती हैं | C) ये केवल व्यापारिक रिकॉर्ड हैं | D) ये राजाओं की युद्ध नीतियां हैं -
कबीर और तुलसीदास के भक्ति मार्ग में सबसे बड़ा वैचारिक अंतर क्या था?
A) तुलसीदास ने इस्लाम को अपनाया जबकि कबीर हिंदू रहे | B) तुलसीदास ने पारंपरिक मान्यताओं को स्वीकार करते हुए अवधी भाषा में राम की भक्ति की जबकि कबीर ने सभी रूढ़िवादी परंपराओं का कड़ा विरोध किया और निराकार ईश्वर की बात की | C) दोनों के विचार बिल्कुल समान थे | D) कबीर ने संस्कृत में रचनाएं लिखीं -
मीराबाई के जीवन और उनके कार्यों ने तत्कालीन समाज को किस प्रकार चुनौती दी?
A) उन्होंने युद्ध में हिस्सा लिया | B) उन्होंने राजमहल के सुखों को त्याग दिया एक अछूत संत रैदास को अपना गुरु बनाया और ऊंची जातियों के बनाए गए नियमों को खुली चुनौती दी | C) उन्होंने एक नया शहर बसाया | D) उन्होंने केवल महिलाओं के लिए स्कूल खोले -
सिख धर्म में गुरु अर्जन देव द्वारा किए गए गुरु ग्रंथ साहिब के संकलन की सबसे बड़ी ऐतिहासिक विशेषता क्या है?
A) इसमें केवल गुरु नानक की वाणियां हैं | B) इसमें गुरु नानक के साथ साथ कबीर रैदास और बाबा फरीद जैसे अन्य संतों की वाणियां भी शामिल हैं जो इसकी व्यापकता और समन्वयवादी प्रकृति को दर्शाता है | C) यह अरबी भाषा में लिखा गया है | D) इसे मुगलों के आदेश पर संकलित किया गया था -
दक्षिण भारत के नयनार और अलवार संतों की सामाजिक पृष्ठभूमि के बारे में कौन सा तथ्य सबसे अधिक प्रासंगिक है?
A) वे सभी केवल ब्राह्मण जाति के थे | B) वे समाज के सभी वर्गों से आते थे जिनमें पुलेया और पनार जैसी अस्पृश्य मानी जाने वाली जातियां भी शामिल थीं | C) वे सभी विदेशी थे | D) वे केवल राजघराने के सदस्य थे -
वीरशैव आंदोलन के वचन साहित्य की लोकप्रियता का मुख्य कारण क्या था?
A) वह संस्कृत में लिखा गया था | B) वह कन्नड़ भाषा में बहुत ही सरल और सीधे शब्दों में लिखा गया था जो आम लोगों की समझ में आसानी से आ जाता था | C) उसे केवल राजा पढ़ सकते थे | D) उसमें केवल व्यापार के नियम थे -
मध्यकालीन भारत में इस्लाम और हिंदू धर्म के बीच हुए वैचारिक आदान प्रदान का सबसे अच्छा उदाहरण क्या है?
A) सूफी और भक्ति संतों के उपदेशों में पाई जाने वाली समानताएं और उनका एक दूसरे के विचारों से प्रभावित होना | B) दोनों धर्मों के बीच लगातार युद्ध होना | C) व्यापारिक प्रतिबंध लगाना | D) अलग अलग शहरों में बसना -
सूफी संतों द्वारा अपनाए गए जिक्र और समा का क्या तात्पर्य है?
A) युद्ध के तरीके | B) जिक्र का अर्थ ईश्वर के नाम का जाप करना और समा का अर्थ ईश्वर प्रेम में गाना है जो आध्यात्मिक अभ्यास के हिस्से थे | C) खेती करने की तकनीक | D) मस्जिद निर्माण की वास्तुकला -
असम में शंकरदेव द्वारा स्थापित एकशरण धर्म का मूल संदेश क्या था?
A) कई देवताओं की पूजा करना | B) केवल एक ईश्वर के प्रति पूर्ण समर्पण और शरण में जाना | C) केवल मंदिरों का निर्माण करना | D) सन्यासी बन जाना -
बाबा गुरु नानक द्वारा स्थापित धर्मसाल का वर्तमान स्वरूप क्या है?
A) मदरसा | B) गुरुद्वारा | C) अस्पताल | D) अनाथालय
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