6. नगर, व्यापारी और शिल्पीजन ([Towns, Traders and Craftspersons])
इस पेज पर आपको 6. नगर, व्यापारी और शिल्पीजन ([Towns, Traders and Craftspersons]) के सभी महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ), परीक्षा उपयोगी नोट्स और ऑनलाइन क्विज़ मिलेंगे। अपने ज्ञान का परीक्षण करने और बोर्ड/प्रतियोगी परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए मॉक टेस्ट में अवश्य भाग लें।
👉 अध्याय का सारांश (Summary)
प्रिय अभ्यर्थियों, मध्यकालीन भारत के आर्थिक और नगरीय इतिहास को दर्शाने वाले इस अत्यंत व्यावहारिक अध्याय 'नगर, व्यापारी और शिल्पीजन' में आपका हार्दिक स्वागत है। NEP 2020 के अंतर्गत व्यापारिक मार्गों (Trade Routes), नगरों के प्रकार और हस्तशिल्प (Handicrafts) के विकास का ऐतिहासिक महत्व समझना शिक्षा का एक महत्वपूर्ण पहलू है। SSC (CGL, CHSL), Railway (NTPC), CTET, State PCS और UPSC परीक्षाओं में चोलों की राजधानी तंजावुर, 'मंदिर नगरों' (Temple Towns) के विकास, व्यापारिक संघटन (Guilds), और विशेषकर हंपी (Hampi), सूरत (Surat) तथा मसूलीपट्टनम (Masulipatnam) के पतन के कारणों पर 2-3 वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Objective Questions) हमेशा पूछे जाते हैं।
मध्यकाल में नगरों को उनकी विशेषताओं के आधार पर कई प्रकारों में बाँटा जा सकता था: प्रशासनिक केंद्र, मंदिर नगर, और वाणिज्यिक या व्यापारिक नगर। कई नगर एक साथ कई कार्य करते थे। उदाहरण के लिए, चोलों की राजधानी 'तंजावुर' (Thanjavur) एक प्रशासनिक केंद्र भी था और एक मंदिर नगर भी। राजराज चोल द्वारा बनवाया गया 'राजराजेश्वर मंदिर' तंजावुर की शान था। मंदिरों के शासकों, पुजारियों, शिल्पियों और व्यापारियों के आस-पास बसने से 'मंदिर नगरों' (Temple Towns) का विकास हुआ। भीलस्वामिन (विदिशा), सोमनाथ (गुजरात), मदुरै (तमिलनाडु) और तिरुपति (आंध्र प्रदेश) इसके प्रमुख उदाहरण हैं। अजमेर (राजस्थान) 12वीं सदी में चौहानों की राजधानी था और बाद में मुग़लों का सूबा बना; यह सूफी संत ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती के कारण एक प्रसिद्ध तीर्थस्थल बन गया।
गाँवों और छोटे नगरों में मंडपिका (मंडी) और हाट (बाजार) होते थे जहाँ लोग अपनी उपज बेचते थे। भारत में कई प्रकार के व्यापारी थे। चूंकि उन्हें जंगलों और खतरनाक रास्तों से गुजरना पड़ता था, इसलिए वे 'संघ' (Guilds - गिल्ड) बनाकर यात्रा करते थे। दक्षिण भारत में 8वीं सदी के सबसे प्रसिद्ध व्यापारिक संघ 'मणिग्रामम' (Manigramam) और 'नानादेसी' (Nanadesi) थे, जो दक्षिण-पूर्व एशिया और चीन के साथ व्यापार करते थे। बंजारे, चेट्टियार, और मारवाड़ी ओसवाल भी प्रमुख व्यापारिक समुदाय थे। भारतीय सूती वस्त्र और मसाले (काली मिर्च, दालचीनी, जायफल) यूरोप में बहुत लोकप्रिय हो गए, जिसने यूरोपीय व्यापारियों को भारत की ओर आकर्षित किया। शिल्प के क्षेत्र में बीदर (Bidar) के शिल्पकार तांबे और चांदी की जड़ाई के काम के लिए इतने प्रसिद्ध थे कि इस शिल्प का नाम ही 'बिदरी' (Bidri) पड़ गया। 'सालियर' और 'कैक्कोलार' जैसे बुनकर समुदाय बहुत अमीर हो गए थे और मंदिरों को भारी दान देते थे।
इस अध्याय में तीन विशिष्ट नगरों का गहरा विश्लेषण किया गया है: 1. 'हंपी' (Hampi): यह कृष्णा-तुंगभद्रा बेसिन में स्थित विजयनगर साम्राज्य (1336 में स्थापित) की राजधानी था। हंपी की वास्तुकला बहुत विशिष्ट थी। यहाँ की इमारतों में ईंटों को जोड़ने के लिए गारे या सीमेंट का इस्तेमाल नहीं हुआ था, बल्कि उन्हें 'फंसाकर' (Interlocking) बनाया गया था। इसके बाजारों में मूरों (मुस्लिम व्यापारियों), चेट्टियों और पुर्तगालियों का जमावड़ा रहता था। 1565 में तालीकोटा के युद्ध (राक्षसी-तंगड़ी) में दक्कन के सुल्तानों द्वारा विजयनगर की हार के बाद हंपी का पतन हो गया।
2. 'सूरत' (Surat): यह गुजरात में ताप्ती नदी के किनारे मुग़ल काल का एक महत्वपूर्ण बंदरगाह था। इसे 'मक्का का प्रस्थान द्वार' (Gateway to Mecca) कहा जाता था क्योंकि कई हज यात्री यहीं से जहाज पर चढ़ते थे। सूरत एक 'सार्वदेशिक' (Cosmopolitan) नगर था। सूरत में बनी सूती साड़ियों पर सोने की जरी (Zari) का काम बहुत प्रसिद्ध था। सूरत की 'हुंडियों' (Hundis) को मिस्र के काहिरा, इराक के बसरा और बेल्जियम के एंटवर्प के बाजारों में भी भुनाया जा सकता था। 3. 'मसूलीपट्टनम' (Masulipatnam): इसे मछलीपट्टनम भी कहते हैं, जो कृष्णा नदी के डेल्टा पर स्थित है। यह डच और अंग्रेजों दोनों के लिए बहुत महत्वपूर्ण था क्योंकि यहाँ के 'कलमकारी' (Kalamkari) कपड़ों की भारी मांग थी। गोलकुंडा के कुतुब शाही सुल्तानों ने मसालों और कपड़ों पर शाही एकाधिकार (Royal Monopoly) लागू किया ताकि ईस्ट इंडिया कंपनी पूरा व्यापार न हथिया ले। 1686-87 में औरंगजेब द्वारा गोलकुंडा पर कब्ज़ा करने के बाद यूरोपीय कंपनियों ने नए केंद्र (बॉम्बे, कलकत्ता, मद्रास) खोज लिए और सूरत तथा मसूलीपट्टनम का पतन हो गया। NCERT बेस पर तैयार यह अध्ययन सामग्री आपको मध्यकालीन व्यापार को समझने में मदद करेगी। 3-Level ऑनलाइन क्विज़ के माध्यम से अपनी तैयारी परखें।
अध्याय के सभी प्रश्न (Revision Notes)
*नोट: यह सेक्शन रिवीजन के लिए है। अपना ज्ञान परखने के लिए ऊपर दिए गए क्विज़ में भाग लें।
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चोल राजाओं की राजधानी कौन सा नगर था?
A) मदुरै | B) कांचीपुरम | C) तंजावुर | D) हम्पी -
तंजावुर में राजराजेश्वर मंदिर का निर्माण किस राजा ने करवाया था?
A) राजेंद्र चोल | B) राजराज चोल | C) विजयालय | D) परांतक -
राजराजेश्वर मंदिर के वास्तुकार का नाम क्या था जो मंदिर की दीवार पर उत्कीर्ण है?
A) कुंजरमल्लन राजराज पेरुंथच्चन | B) विश्वकर्मा | C) उस्ताद अहमद लाहौरी | D) मानसिंह -
कांसा किस धातु का मिश्रधातु है?
A) तांबा और लोहा | B) तांबा और रांगा | C) लोहा और रांगा | D) तांबा और जस्ता -
अजमेर के सूफी संत ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती किस सदी में वहां बस गए थे?
A) 10वीं सदी | B) 11वीं सदी | C) 12वीं सदी | D) 13वीं सदी -
मध्यकालीन भारत में छोटे नगरों के बाजारों को क्या कहा जाता था जहां दुकानें और सड़कें होती थीं?
A) मंडपिका | B) हट्टा | C) नगरम | D) उर -
8वीं शताब्दी के दक्षिण भारत के व्यापारिक संघों में सबसे प्रसिद्ध कौन से थे?
A) बंजारा और चेट्टियार | B) मणिग्रामम और नानादेसी | C) मारवाड़ी और ओसवाल | D) खत्री और बोहरा -
बिदर के शिल्पकार किस धातु की जड़ाई के काम के लिए प्रसिद्ध थे?
A) सोने और हीरे की | B) तांबे और चांदी की | C) लोहे और पीतल की | D) कांस्य और लोहे की -
हम्पी नगर किस महान साम्राज्य की राजधानी थी?
A) बहमनी साम्राज्य | B) चोल साम्राज्य | C) विजयनगर साम्राज्य | D) राष्ट्रकूट साम्राज्य -
विजयनगर साम्राज्य की स्थापना किस वर्ष हुई थी?
A) 1236 में | B) 1336 में | C) 1436 में | D) 1565 में -
महानवमी का पर्व किस नगर में बहुत धूमधाम से मनाया जाता था?
A) सूरत | B) मसूलीपट्टनम | C) हम्पी | D) तंजावुर -
सूरत नगर किस नदी के तट पर स्थित है?
A) नर्मदा | B) ताप्ती | C) गोदावरी | D) कृष्णा -
किस नगर को मक्का का प्रस्थान द्वार कहा जाता था?
A) बंबई | B) कलकत्ता | C) सूरत | D) मसूलीपट्टनम -
सूरत के वस्त्र अपने किस विशेष काम के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध थे?
A) सूती रंगाई के लिए | B) सुनहरे गोटा किनारी या ज़री के लिए | C) रेशम बुनाई के लिए | D) ऊनी कपड़ों के लिए -
मसूलीपट्टनम नगर किस नदी के डेल्टा पर स्थित है?
A) कावेरी | B) गोदावरी | C) कृष्णा | D) महानदी -
गोलकुंडा के किन शासकों ने मसूलीपट्टनम में व्यापार पर एकाधिकार लागू किया?
A) कुतुबशाही शासकों ने | B) आदिलशाही शासकों ने | C) निज़ामशाही शासकों ने | D) मुगलों ने -
18वीं सदी में यूरोपीय कंपनियों द्वारा बसाए गए नए नगरों में भारतीय व्यापारियों और कारीगरों को कहां रखा जाता था?
A) व्हाइट टाउन्स में | B) ब्लैक टाउन्स में | C) किले के अंदर | D) समुद्र के किनारे -
वास्को डी गामा भारत के कालीकट बंदरगाह पर किस वर्ष पहुंचा था?
A) 1492 में | B) 1498 में | C) 1502 में | D) 1510 में -
चोल काल में कांस्य मूर्तियां बनाने के लिए किस तकनीक का उपयोग होता था?
A) पत्थर तराशने की तकनीक | B) लुप्त मोम तकनीक | C) धातु पीटने की तकनीक | D) लकड़ी नक्काशी तकनीक -
सालियार और कैक्कोलार समुदाय मुख्य रूप से किस पेशे से जुड़े थे?
A) व्यापार | B) बुनकर | C) खेती | D) धातु कर्म -
मंदिर नगर के विकास और नगरीकरण का सबसे मुख्य कारण क्या था?
A) विदेशी हमलावरों का डर | B) शासकों द्वारा मंदिरों को भूमि और धन दान देना तथा तीर्थयात्रियों और पुजारियों का वहां बसना | C) केवल समुद्र के पास होना | D) वहां बहुत सारे कारखाने होना -
मध्यकाल में 'मंडपिका' शब्द का प्रयोग किसके लिए किया जाता था जो बाद में मंडी कहलाने लगी?
A) जहां केवल सेना रहती थी | B) जहां लोग अपनी उपज बेचने लाते थे | C) जहां राजा न्याय करता था | D) जहां विदेशी यात्री ठहरते थे -
मारवाड़ी ओसवाल और चेट्टियार समुदायों की भारतीय व्यापार में क्या भूमिका थी?
A) वे केवल खेती करते थे | B) वे देश के प्रमुख व्यापारिक समूह बन गए थे | C) वे सेनापति थे | D) वे केवल धार्मिक अनुष्ठान करते थे -
विश्वकर्मा समुदाय में मुख्य रूप से कौन लोग शामिल थे जो मंदिर निर्माण के लिए आवश्यक थे?
A) केवल ब्राह्मण पुजारी | B) सुनार कसेरे लोहार राजमिस्त्री और बढ़ई | C) बुनकर और रंगरेज़ | D) केवल सैनिक -
हम्पी की वास्तुकला की एक विशेष और अनूठी बात क्या थी?
A) इमारतें केवल लकड़ी की बनी थीं | B) इमारतों के निर्माण में गारे और चूने का प्रयोग नहीं होता था बल्कि पत्थर फंसाकर बनाए जाते थे | C) इमारतें जमीन के नीचे बनी थीं | D) इमारतों में शीशे का प्रयोग होता था -
विजयनगर साम्राज्य का पतन 1565 में कैसे हुआ?
A) भूकंप के कारण | B) दक्कनी सुल्तानों (गोलकुंडा बीजापुर अहमदनगर बरार और बीदर) के हाथों हारने के बाद | C) पुर्तगालियों के आक्रमण से | D) मुगलों के आक्रमण से -
सूरत के व्यापारी 'हुंडी' का प्रयोग करते थे हुंडी का क्या अर्थ है?
A) एक प्रकार का सिक्का | B) एक ऐसा दस्तावेज जिसमें व्यक्ति द्वारा जमा की गई रकम दर्ज रहती थी और जिसे दूर देशों में भुनाया जा सकता था | C) एक व्यापारिक जहाज | D) सूरत में उत्पादित कपड़ा -
17वीं शताब्दी के अंत में सूरत के पतन का एक प्रमुख कारण क्या था?
A) अत्यधिक बारिश | B) मुगल साम्राज्य का पतन मराठों का हमला और पुर्तगालियों द्वारा समुद्री रास्तों पर नियंत्रण | C) सूरत के लोगों का शहर छोड़ देना | D) अंग्रेजों द्वारा सूरत जला देना -
मसूलीपट्टनम पर नियंत्रण पाने के लिए किन दो विदेशी कंपनियों के बीच भारी होड़ मची थी?
A) पुर्तगाली और स्पेनिश | B) डच और इंग्लिश ईस्ट इंडिया कंपनी | C) फ्रांसीसी और अरब | D) रूसी और चीनी -
मसूलीपट्टनम में स्थित प्रसिद्ध किले का निर्माण किसने करवाया था?
A) कुतुबशाही शासकों ने | B) डचों ने | C) अंग्रेजों ने | D) पुर्तगालियों ने -
यूरोपीय कंपनियों के आने से 18वीं सदी में भारतीय बुनकरों पर क्या सबसे बड़ा नकारात्मक प्रभाव पड़ा?
A) बुनकरों की स्वतंत्रता छिन गई और उन्हें यूरोपीय एजेंटों के डिजाइन का ही कपड़ा बुनना पड़ता था | B) बुनकर बहुत अमीर हो गए | C) बुनकरों ने कपड़े बुनना छोड़ दिया | D) बुनकरों ने अपनी खुद की कंपनी बना ली -
18वीं सदी में नए शहरों में स्थापित 'व्हाइट टाउन्स' में कौन निवास करते थे?
A) भारतीय शिल्पकार | B) यूरोपीय व्यापारी और शासक | C) स्थानीय राजा | D) भारतीय बुनकर -
कांसे की घंटियों में विशेष ध्वनि उत्पन्न करने के लिए तांबे के साथ मिलाए जाने वाले रांगे का अनुपात कैसा होता है?
A) रांगे का अनुपात बहुत कम होता है | B) घंटे जैसी ध्वनि उत्पन्न करने वाले कांसे में रांगे का अनुपात अधिक होता है | C) रांगा बिल्कुल नहीं मिलाया जाता | D) रांगे और तांबे का अनुपात बराबर होता है -
अजमेर नगर किन दो धर्मों के शांतिपूर्ण सह अस्तित्व और धार्मिक समन्वय का एक उत्कृष्ट उदाहरण है?
A) ईसाई और हिंदू धर्म | B) हिंदू और इस्लाम धर्म | C) बौद्ध और जैन धर्म | D) सिख और इस्लाम धर्म -
वास्को डी गामा ने भारत तक पहुंचने के लिए कौन सा नया समुद्री रास्ता खोजा था?
A) लाल सागर को पार करके | B) अफ्रीका का चक्कर लगाकर केप ऑफ गुड होप के रास्ते | C) प्रशांत महासागर को पार करके | D) भूूमध्य सागर के रास्ते -
सूरत से जारी की गई हुंडियों को किन विदेशी बाजारों में मान्यता प्राप्त थी?
A) केवल लंदन और पेरिस में | B) मिस्र में काहिरा इराक में बसरा और बेल्जियम में एंटवर्प में | C) केवल चीन और जापान में | D) अमेरिका और ब्राजील में -
काबुल शहर 16वीं सदी में व्यापारिक दृष्टि से क्यों महत्वपूर्ण हो गया था?
A) वहां सोने की खदानें थीं | B) वह रेशम मार्ग से जुड़ गया था और घोड़ों का भारी व्यापार वहीं से होता था | C) वह बंदरगाह शहर था | D) वहां बहुत अधिक सूती कपड़ा बनता था -
कुतुबशाही शासकों ने मसूलीपट्टनम में व्यापार पर एकाधिकार क्यों लगाया?
A) व्यापार को रोकने के लिए | B) ताकि व्यापार पूरी तरह से विदेशी ईस्ट इंडिया कंपनियों के हाथों में न चला जाए | C) किसानों की भलाई के लिए | D) अपने सैनिकों को वेतन देने के लिए -
18वीं शताब्दी में किन नए शहरों का बड़े वाणिज्यिक केंद्रों के रूप में उदय हुआ?
A) हम्पी और तंजावुर | B) बंबई कलकत्ता और मद्रास | C) सूरत और मसूलीपट्टनम | D) अजमेर और काबुल -
गोलकुंडा के व्यापारियों में सबसे प्रमुख समूह कौन सा था जिन्होंने यूरोपीय कंपनियों का कड़ा मुकाबला किया?
A) मारवाड़ी ओसवाल | B) तेलुगु कोमटी चेट्टियार | C) मुस्लिम बोहरा | D) गुजराती बनिए -
3 कथनों पर विचार करें: 1. तंजावुर चोल साम्राज्य की राजधानी थी। 2. यह कावेरी नदी के तट पर स्थित था। 3. यहाँ राजराजेश्वर मंदिर स्थित है। इनमें से कौन से कथन सही हैं?
A) केवल 1 और 2 | B) केवल 2 और 3 | C) केवल 1 और 3 | D) 1, 2 और 3 तीनों -
लुप्त मोम तकनीक के चरणों को सही क्रम में व्यवस्थित करें: (1) मोम की मूर्ति बनाना (2) मिट्टी का लेप लगाकर सुखाना (3) गर्म करके मोम निकालना (4) खाली सांचे में पिघली धातु भरना
A) 1, 3, 2, 4 | B) 1, 2, 3, 4 | C) 2, 1, 3, 4 | D) 4, 3, 2, 1 -
मंदिर नगरों के नगरीकरण की प्रक्रिया किस प्रकार शुरू हुई?
A) राजाओं ने आदेश देकर लोगों को बसाया | B) मंदिरों के कर्ताधर्ता मंदिर के धन को व्यापार में लगाते थे जिससे तीर्थयात्रियों और पुजारियों की जरूरतें पूरी करने के लिए बड़ी संख्या में व्यापारी और शिल्पी वहां बसने लगे | C) विदेशी व्यापारियों ने मंदिर नगर बसाए | D) किसानों ने खेती छोड़कर वहां बसना शुरू कर दिया -
8वीं सदी के मणिग्रामम और नानादेसी व्यापार संघों का ऐतिहासिक और आर्थिक महत्व क्या था?
A) वे केवल गांवों में व्यापार करते थे | B) ये दक्षिण भारत के विशाल व्यापारिक संघ थे जो प्रायद्वीप के भीतर और दक्षिण पूर्व एशिया तथा चीन के साथ बड़े पैमाने पर व्यापार करते थे | C) वे केवल धार्मिक ग्रंथ लिखते थे | D) वे केवल राजा की सेना में शामिल होते थे -
हम्पी के बाज़ारों के संदर्भ में 'मूर' शब्द का उल्लेख मिलता है ये मूर कौन थे?
A) यूरोपीय व्यापारी | B) मुस्लिम सौदागरों के लिए सामूहिक रूप से प्रयुक्त नाम | C) विजयनगर के सेनापति | D) मंदिर के पुजारी -
देवदासियों का हम्पी के विरूपाक्ष मंदिर में क्या प्रमुख कार्य था?
A) वे व्यापार करती थीं | B) वे मंदिर के देवी देवताओं राजा और प्रजा के सामने मूर्तियों वाले कई खंभों के विशाल कक्षों में नृत्य करती थीं | C) वे केवल खाना बनाती थीं | D) वे मंदिर की रक्षा करती थीं -
सूरत को 'पश्चिम का प्रवेश द्वार' क्यों कहा जाता था?
A) क्योंकि वह भारत के पश्चिमी तट का सबसे छोटा बंदरगाह था | B) क्योंकि यह पश्चिम एशिया के साथ व्यापार करने के लिए मुख्य द्वार था और मक्का जाने वाले तीर्थयात्री यहीं से जहाज पकड़ते थे | C) क्योंकि वहां पश्चिमी देशों के लोग शासन करते थे | D) क्योंकि वहां सूरज सबसे पहले छिपता था -
सूरत के व्यापारिक महत्व और उसके पतन के बारे में कौन सा कथन सही है?
A) वहां 17वीं सदी में यूरोपीय कारखाने थे लेकिन मुगल पतन और मराठा आक्रमणों से उसका महत्व घट गया | B) सूरत का महत्व कभी कम नहीं हुआ | C) सूरत में केवल सूती कपड़े का व्यापार होता था | D) सूरत अंग्रेजों की पहली राजधानी था -
मसूलीपट्टनम 17वीं शताब्दी में व्यापारिक रूप से इतना महत्वपूर्ण क्यों हो गया था?
A) क्योंकि वह सबसे बड़ा शहर था | B) क्योंकि वह आंध्र तट का सबसे महत्वपूर्ण बंदरगाह था और डच तथा इंग्लिश कंपनियों ने इस पर नियंत्रण का प्रयास किया था | C) क्योंकि वहां सोने की खदानें थीं | D) क्योंकि वहां मुगल राजधानी थी -
18वीं शताब्दी में मसूलीपट्टनम के तेजी से पतन का क्या मुख्य कारण था?
A) बाढ़ आ जाना | B) मुगल सम्राट औरंगजेब द्वारा गोलकुंडा को जीतने के बाद यूरोपीय कंपनियों ने व्यापार के लिए नए विकल्प जैसे बंबई मद्रास और कलकत्ता खोज लिए | C) वहां के व्यापारियों ने व्यापार बंद कर दिया | D) विदेशी हमले -
कथन: यूरोपीय कंपनियों ने भारत के व्यापार पर नियंत्रण के लिए अपनी नौसैनिक शक्ति का प्रयोग किया। कारण: भारतीय व्यापारी उनके जहाजों का मुकाबला नहीं कर सके और उन्हें यूरोपीय कंपनियों के एजेंट के रूप में काम करने पर मजबूर होना पड़ा।
A) कथन सही है कारण गलत है | B) कथन गलत है कारण सही है | C) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या है | D) कथन और कारण दोनों सही हैं लेकिन व्याख्या सही नहीं है -
18वीं सदी में बुनकरों की 'पेशगी' प्रणाली का भारतीय हस्तशिल्प पर क्या प्रभाव पड़ा?
A) बुनकर स्वतंत्र हो गए | B) बुनकरों को यूरोपीय एजेंटों से पहले ही पैसे मिल जाते थे जिससे वे अपनी मर्जी का कपड़ा नहीं बुन सकते थे बल्कि उन्हें कंपनी के लिए ही कपड़ा बनाना पड़ता था | C) बुनकरों की आमदनी दोगुनी हो गई | D) बुनकरों ने काम करना छोड़ दिया -
कथन: काबुल अपने पहाड़ी और विषम भूदृश्य के बावजूद एक समृद्ध वाणिज्यिक केंद्र बन गया। कारण: काबुल में रेशम और घोड़ों का भारी व्यापार होता था और मीर कासिम के अनुसार यहाँ 30000 रुपये के घोड़ों का सालाना व्यापार होता था।
A) कथन सही है कारण गलत है | B) कथन गलत है कारण सही है | C) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या है | D) कथन और कारण दोनों गलत हैं -
बंजारे और अन्य व्यापारी काफिलों में यात्रा क्यों करते थे?
A) उन्हें अकेले यात्रा करने से डर लगता था | B) जंगलों और अनजान रास्तों पर सुरक्षा के लिए और अपने व्यापारिक हितों की रक्षा के लिए वे समूह बनाकर चलते थे | C) राजा का ऐसा आदेश था | D) उनके पास बैल गाड़ियां नहीं थीं -
पांचाल या विश्वकर्मा समुदाय के बिना मंदिर निर्माण और नगरीकरण संभव क्यों नहीं था?
A) क्योंकि वे राजा के रिश्तेदार थे | B) क्योंकि इनमें सुनार कसेरे लोहार राजमिस्त्री और बढ़ई शामिल थे जो मंदिरों के साथ साथ महलों और तालाबों के निर्माण के लिए आवश्यक थे | C) क्योंकि वे बहुत सारा दान देते थे | D) क्योंकि वे पूजा पाठ करते थे -
राजराजेश्वर मंदिर के शिखर पर 90 टन का भारी पत्थर कैसे चढ़ाया गया था?
A) क्रेन की मदद से | B) शिखर तक पहुंचने के लिए मिट्टी का 4 किलोमीटर लंबा ढलान वाला रास्ता बनाया गया और पत्थर को रोलर्स पर रखकर खींचा गया | C) हाथियों द्वारा उठाया गया | D) विदेशी इंजीनियरों ने इसे बनाया था -
मुगलों द्वारा गोलकुंडा को अपने साम्राज्य में मिलाने का मसूलीपट्टनम पर क्या गहरा प्रभाव पड़ा?
A) मसूलीपट्टनम भारत का सबसे बड़ा शहर बन गया | B) मसूलीपट्टनम से यूरोपीय कंपनियों का व्यापार और महत्व दोनों कम हो गए क्योंकि कंपनियों की नीतियां बदल गई थीं | C) वहां सूती कपड़े का व्यापार बढ़ गया | D) मुगलों ने शहर को नष्ट कर दिया -
ब्लैक टाउन्स और व्हाइट टाउन्स की अवधारणा किस बात की पहचान है?
A) भारतीयों की वास्तुकला की | B) 18वीं सदी में यूरोपीय कंपनियों द्वारा मद्रास और कलकत्ता में स्थापित नस्लीय भेदभाव की | C) दिन और रात में काम करने वाले मजदूरों की | D) काले और सफेद पत्थरों से बनी इमारतों की -
हम्पी में आयोजित महानवमी पर्व का राजनीतिक और सांस्कृतिक महत्व क्या था?
A) यह केवल एक फसल उत्सव था | B) इस दिन राजा अपने सामंतों से भेंट स्वीकार करते थे और नृत्य कुश्ती तथा हाथियों के मुकाबले आयोजित किए जाते थे जो राजा की शक्ति का प्रतीक थे | C) इस दिन राजा कर माफ कर देते थे | D) इस दिन विदेशियों को भारत से निकाला जाता था -
कथन: मध्यकालीन भारत में कई नगर जो पहले महत्वपूर्ण थे बाद में नष्ट हो गए। निष्कर्ष: व्यापारिक मार्गों के बदलने नए बंदरगाहों के विकास और राजनीतिक सत्ता के पतन जैसे विजयनगर का पतन के कारण नगरों का विकास और पतन होता रहा।
A) कथन सही है निष्कर्ष गलत है | B) कथन गलत है निष्कर्ष सही है | C) कथन और निष्कर्ष दोनों सही हैं और यह ऐतिहासिक परिवर्तन को दर्शाता है | D) कथन और निष्कर्ष का कोई संबंध नहीं है
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