5. जनजातियाँ खानाबदोश और एक जगह बसे समुदाय ([Tribes, Nomads and Settled Communities])
इस पेज पर आपको 5. जनजातियाँ खानाबदोश और एक जगह बसे समुदाय ([Tribes, Nomads and Settled Communities]) के सभी महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ), परीक्षा उपयोगी नोट्स और ऑनलाइन क्विज़ मिलेंगे। अपने ज्ञान का परीक्षण करने और बोर्ड/प्रतियोगी परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए मॉक टेस्ट में अवश्य भाग लें।
👉 अध्याय का सारांश (Summary)
प्रिय अभ्यर्थियों, मध्यकालीन भारत के सामाजिक और सांस्कृतिक परिदृश्य को दर्शाने वाले इस अनूठे अध्याय 'जनजातियाँ, खानाबदोश और एक जगह बसे समुदाय' में आपका हार्दिक स्वागत है। NEP 2020 के अंतर्गत मुख्यधारा के इतिहास (ब्राह्मणवादी नियमों पर आधारित समाज) के साथ-साथ उन जनजातीय और खानाबदोश समुदायों के इतिहास को समझना भी आवश्यक है, जिन्होंने भारतीय समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। SSC (CGL, CHSL), Railway (NTPC), CTET, State PCS और UPSC परीक्षाओं में 'बंजारों' (Banjaras) की भूमिका, 'गोंड' (Gonds) और 'अहोम' (Ahoms) राज्य के प्रशासन, और मध्यकालीन समाज में जातियों के विकास पर 2-3 वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Objective Questions) नियमित रूप से पूछे जाते हैं।
बड़े शहरों और साम्राज्यों से दूर, भारतीय उपमहाद्वीप में एक बहुत बड़ा समाज ऐसा भी था जो ब्राह्मणों द्वारा सुझाए गए सामाजिक नियमों (वर्ण व्यवस्था) और कर्मकांडों को नहीं मानता था। इन समाजों को 'जनजातियाँ' (Tribes) कहा जाता था। ये लोग संयुक्त रूप से भूमि और चरागाहों पर नियंत्रण रखते थे। जनजातीय लोग भारत के लगभग हर क्षेत्र में पाए जाते थे। पंजाब में 'खोखर' और 'गक्खर', मुल्तान और सिंध में 'लंगाह' और 'अरघुन', उत्तर-पश्चिम में 'बलोच', पश्चिमी हिमालय में 'गड्डी' (Gaddis - गड़रिए), और उत्तर-पूर्व में 'नागा' तथा 'अहोम' प्रमुख जनजातियाँ थीं। वर्तमान बिहार और झारखंड में 'चेर' सरदारों का उदय हुआ (जिन्हें मुग़ल सेनापति मान सिंह ने हराया था)। मध्य भारत में मुंडा और संताल प्रमुख थे। जनजातीय लोग अपना लिखित इतिहास नहीं रखते थे, वे समृद्ध 'मौखिक परंपराओं' (Oral traditions) का पालन करते थे, जिसके आधार पर ही आज इतिहासकार उनका इतिहास लिखते हैं।
'खानाबदोश' (Nomads) वे लोग हैं जो एक स्थान से दूसरे स्थान पर घूमते रहते हैं। इनमें चरवाहे भी शामिल थे जो अपने जानवरों के साथ चरागाहों की तलाश में घूमते थे। खानाबदोश व्यापारियों में 'बंजारे' (Banjaras) सबसे महत्वपूर्ण थे। उनका कारवां 'टांडा' (Tanda) कहलाता था। अलाउद्दीन खिलजी ने बाजारों तक अनाज पहुँचाने के लिए बंजारों का ही उपयोग किया था। सम्राट जहाँगीर ने लिखा है कि बंजारे मुग़ल सेना के लिए बैलगाड़ियों पर अनाज ढोते थे। पीटर मुंडी (एक अंग्रेज व्यापारी) ने भी बंजारों का वर्णन किया है। जैसे-जैसे समाज की जरूरतें बढ़ीं, वर्णों के भीतर नई जातियां (Jatis) उभरने लगीं। ब्राह्मणों ने कई जनजातियों को जातियों का दर्जा दे दिया। सुनार, लोहार, बढ़ई और राजमिस्त्री को भी अलग जातियों के रूप में मान्यता मिल गई। 11वीं और 12वीं सदी तक चंदेल, चालुक्य जैसे कई राजपूत 'राजपूत गोत्रों' के रूप में उभरे, जिनमें से कुछ पहले जनजातियों से थे।
इस अध्याय में दो प्रमुख जनजातीय राज्यों का विस्तृत अध्ययन किया गया है: 1. 'गोंड' (Gonds): ये गोंडवाना (विशाल वन क्षेत्र) में रहते थे और 'स्थानांतरण कृषि' (Shifting Cultivation) करते थे। इनका सबसे बड़ा राज्य 'गढ़ कटंगा' (Garha Katanga) था, जिसकी जानकारी अकबर नामा में मिलती है। गढ़ कटंगा ने जंगली हाथियों का निर्यात करके बहुत धन कमाया। इनका प्रशासन केंद्रीकृत हो रहा था; राज्य 'गढ़ों' में बंटा था, हर गढ़ 'चौरासी' (84 गाँवों का समूह) में, और चौरासी 'बरहोत' (12-12 गाँवों का समूह) में बंटा था। रानी दुर्गावती ने मुग़लों (आसफ खान) के खिलाफ बहादुरी से लड़ाई लड़ी।
2. 'अहोम' (Ahoms): अहोम लोग म्यांमार (बर्मा) से आकर 13वीं सदी में ब्रह्मपुत्र घाटी में बस गए। उन्होंने 'भुइयां' (Bhuiyans - भूस्वामियों) की पुरानी राजनीतिक व्यवस्था को समाप्त कर नया राज्य बनाया। 16वीं सदी में उन्होंने चुटियों और कोच-हाजो के राज्यों को मिला लिया। अहोम राज्य 'बेगार' (Forced labour) पर निर्भर था। राज्य के लिए काम करने के लिए मजबूर लोगों को 'पाइक' (Paiks) कहा जाता था। प्रत्येक गाँव को पाइक भेजने पड़ते थे। अहोम समाज 'खेल' (Khel - कुलों) में बंटा हुआ था। उनका राजा शिव सिंह के समय हिंदू धर्म प्रमुख बन गया। अहोम लोग अपने इतिहास को 'बुरंजी' (Buranjis) नामक ऐतिहासिक ग्रंथों में लिखते थे। NCERT बेस पर तैयार यह विस्तृत सामग्री आपको मध्यकालीन जनजातीय समाज को गहराई से समझने में मदद करेगी। 3-Level ऑनलाइन क्विज़ के माध्यम से अपनी तैयारी का परीक्षण करें।
अध्याय के सभी प्रश्न (Revision Notes)
*नोट: यह सेक्शन रिवीजन के लिए है। अपना ज्ञान परखने के लिए ऊपर दिए गए क्विज़ में भाग लें।
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मध्यकाल में जनजातीय समाज के लोग मुख्य रूप से किन नियमों को नहीं मानते थे?
A) अपने कबीले के मुखिया के नियमों को | B) ब्राह्मणों द्वारा बनाए गए जटिल कर्मकांडों और जाति नियमों को | C) व्यापार के नियमों को | D) प्रकृति के नियमों को -
घुमंतू व्यापारियों और खानाबदोशों में सबसे महत्वपूर्ण समूह कौन सा था?
A) गोंड | B) बंजारा | C) अहोम | D) भील -
बंजारा लोगों के कारवां (समूह) को क्या कहा जाता था?
A) टांडा | B) चरागाह | C) कुनबा | D) विहार -
पंजाब में 13वीं और 14वीं सदी के दौरान कौन सी जनजाति बहुत प्रभावशाली थी?
A) खोखर और गक्खर | B) लंगाह और अरघून | C) कोली और बेराद | D) चेर और मुंडा -
मुल्तान और सिंध में मुग़लों से पहले किन जनजातियों का प्रभुत्व था?
A) लंगाह और अरघून | B) गोंड और भील | C) खोखर और गक्खर | D) अहोम और नागा -
पश्चिमी हिमालय के क्षेत्रों में कौन सी गड़रिया जनजाति निवास करती थी?
A) गड्डी | B) बलोच | C) कोली | D) नागा -
वर्तमान बिहार और झारखंड के इलाकों में 12वीं सदी तक किन सरदारों का उदय हो चुका था?
A) गोंड सरदारों का | B) चेर सरदारों का | C) अहोम सरदारों का | D) भील सरदारों का -
1591 में किस मुग़ल सेनापति ने चेर लोगों पर हमला करके उन्हें परास्त किया था?
A) बैरम ख़ान | B) राजा टोडरमल | C) राजा मानसिंह | D) आसफ़ ख़ान -
महाराष्ट्र और कर्नाटक की पहाड़ियों में मुख्य रूप से कौन सी जनजातियाँ रहती थीं?
A) गोंड और बंजारा | B) कोली और बेराद | C) चेर और संथाल | D) गक्खर और बलोच -
विशाल गोंडवाना क्षेत्र में रहने वाले 'गोंड' लोग किस प्रकार की खेती करते थे?
A) केवल सीढ़ीदार खेती | B) स्थानांतरीय कृषि (झूम खेती) | C) नहरों द्वारा सिंचित खेती | D) बागवानी -
गोंड राज्य गढ़ा कटंगा के प्रशासन में 84 गाँवों के समूह को क्या कहा जाता था?
A) बरहोत | B) सूबा | C) चौरासी | D) परगना -
गोंड प्रशासनिक व्यवस्था में 'चौरासी' को आगे किस इकाई में बांटा गया था?
A) टांडा में | B) मुक़द्दम में | C) बरहोत में (12 गाँवों का समूह) | D) इक्ता में -
अहोम लोग 13वीं सदी में वर्तमान म्यांमार से आकर किस नदी घाटी में बस गए थे?
A) गंगा घाटी | B) ब्रह्मपुत्र घाटी | C) सिंधु घाटी | D) नर्मदा घाटी -
अहोम राज्य में जिन लोगों से ज़बरन काम (बेगार) लिया जाता था, उन्हें क्या कहा जाता था?
A) पाइक | B) खेल | C) टांडा | D) दास -
अहोम समाज कितने कुलों (समूहों) में बंटा हुआ था?
A) बरहोत | B) खेल | C) टांडा | D) जत्था -
अहोम समाज द्वारा लिखी गई ऐतिहासिक कृतियों (किताबों) को क्या कहा जाता था?
A) तवारीख | B) बुरंजी | C) प्रशस्ति | D) चरित्र -
रानी दुर्गावती कहाँ की प्रसिद्ध शासिका थीं?
A) मेवाड़ | B) गढ़ा कटंगा (गोंड राज्य) | C) असम (अहोम राज्य) | D) दिल्ली -
1565 में आसफ़ ख़ान के नेतृत्व में मुग़ल सेनाओं ने किस राज्य पर हमला किया था?
A) मारवाड़ | B) अहोम राज्य | C) गढ़ा कटंगा (गोंड राज्य) | D) मालवा -
मुग़ल सम्राट अलाउद्दीन खिलजी नगर के बाज़ारों तक अनाज ढोने के लिए किनका उपयोग करता था?
A) किसानों का | B) विदेशी व्यापारियों का | C) बंजारों का | D) गुलामों का -
शिव सिंह के शासनकाल (1714 से 1744) में अहोम राज्य का प्रधान धर्म कौन सा बन गया था?
A) बौद्ध धर्म | B) हिंदू धर्म | C) इस्लाम धर्म | D) जैन धर्म -
बंजारा लोगों का मुग़ल सेना के लिए क्या ऐतिहासिक महत्व था?
A) वे मुग़लों के मुख्य सेनापति थे | B) वे सैन्य अभियानों के दौरान 100000 बैलों पर अनाज लादकर मुग़ल सेना के लिए रसद ढोते थे | C) वे मुग़लों के लिए हथियार बनाते थे | D) वे केवल घोड़े पालते थे -
गोंड राज्य गढ़ा कटंगा के बारे में विस्तृत जानकारी का प्रमुख ऐतिहासिक स्रोत कौन सा ग्रंथ है?
A) राजतरंगिणी | B) अकबरनामा | C) बुरंजी | D) बाबरनामा -
अकबरनामा के अनुसार गढ़ा कटंगा के गोंड राज्य में लगभग कितने गाँव थे?
A) 10000 | B) 50000 | C) 70000 | D) 100000 -
गोंड समाज में ब्राह्मणों का प्रभाव कैसे बढ़ा?
A) उन्होंने गोंडों को युद्ध में हराया | B) गोंड राजाओं ने ब्राह्मणों को भारी मात्रा में भूमि अनुदान दिया जिससे वे अधिक प्रभावशाली हो गए | C) ब्राह्मणों ने व्यापार पर कब्ज़ा कर लिया | D) मुग़लों ने ब्राह्मणों को शासन सौंप दिया -
गढ़ा कटंगा राज्य की अपार समृद्धि और धन का मुख्य कारण क्या था?
A) सोने की खदानें | B) हाथियों को पकड़कर और दूसरे राज्यों में उनका निर्यात करके कमाया गया धन | C) समुद्री व्यापार | D) कपास की खेती -
रानी दुर्गावती ने मुग़लों से हारने की स्थिति में क्या निर्णय लिया?
A) उन्होंने मुग़लों की अधीनता स्वीकार कर ली | B) उन्होंने राज्य छोड़कर भागने का फैसला किया | C) उन्होंने समर्पण करने के बजाय लड़ते हुए मृत्यु को गले लगाना बेहतर समझा | D) उन्होंने मुग़लों को भारी धन देकर संधि कर ली -
गढ़ा कटंगा के गोंड राजा अमन दास ने 'संग्राम शाह' की उपाधि क्यों धारण की थी?
A) मुग़लों को डराने के लिए | B) स्वयं को राजपूतों के रूप में मान्यता प्राप्त करने और अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करने के लिए | C) नया धर्म शुरू करने के लिए | D) विदेशी राजाओं की नकल करने के लिए -
अहोम राज्य ने 16वीं सदी में किन पड़ोसी राज्यों को हराकर अपने साम्राज्य में मिला लिया था?
A) चुटियों (1523) और कोच-हाजो (1581) को | B) गोंड और भील राज्यों को | C) बंगाल और उड़ीसा को | D) चेर और मुंडा राज्यों को -
अहोम लोगों ने युद्ध तकनीक में क्या बड़ी प्रगति की थी?
A) उन्होंने नौसेना का निर्माण किया | B) उन्होंने 1530 के दशक में ही आग्नेयास्त्रों (बारूद) और बाद में उच्च कोटि की तोपों का निर्माण शुरू कर दिया था | C) उन्होंने हाथियों का उपयोग बंद कर दिया | D) उन्होंने घुड़सवारी सेना समाप्त कर दी -
अहोम राज्य की 'पाइक व्यवस्था' का प्रशासन पर क्या प्रभाव पड़ा?
A) प्रशासन कमज़ोर हो गया | B) प्रत्येक गाँव को अपनी बारी आने पर राज्य के लिए निश्चित संख्या में मज़दूर (पाइक) भेजने पड़ते थे, जिससे राज्य के पास विशाल श्रम शक्ति आ गई | C) व्यापार पूरी तरह से ठप हो गया | D) किसानों ने विद्रोह कर दिया -
अहोम राज्य में 'जनगणना' (Census) का क्या रणनीतिक उपयोग किया जाता था?
A) केवल कर वसूलने के लिए | B) जनगणना के आधार पर सघन आबादी वाले इलाकों से कम आबादी वाले इलाकों में लोगों को स्थानांतरित किया जाता था | C) केवल सेना में भर्ती के लिए | D) धार्मिक कार्यों के लिए -
अहोम समाज में 'खेल' (कुल) की क्या भूमिका थी?
A) वे केवल खेलकूद का आयोजन करते थे | B) एक खेल के नियंत्रण में कई गाँव होते थे और किसानों को अपनी ज़मीन पर अधिकार इसी खेल के माध्यम से मिलता था | C) वे केवल कर वसूलते थे | D) वे विदेशी व्यापारी थे -
अहोम लोगों की धार्मिक मान्यताओं में समय के साथ क्या परिवर्तन आया?
A) उन्होंने सभी धर्मों का त्याग कर दिया | B) शुरुआत में वे अपने जनजातीय देवताओं की पूजा करते थे, लेकिन 17वीं सदी के पूर्वार्ध में हिंदू धर्म और ब्राह्मणों का प्रभाव बहुत बढ़ गया | C) वे पूरी तरह से बौद्ध बन गए | D) उन्होंने इस्लाम स्वीकार कर लिया -
बलोच जनजाति की क्या विशेषता थी जो उन्हें मुग़लों से बचाती थी?
A) वे बहुत बड़े नगरों में रहते थे | B) वे उत्तर-पश्चिम के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में रहते थे और कई छोटे-छोटे कुलों में बंटे हुए थे | C) उनके पास विशाल तोपखाना था | D) वे मुग़लों के मित्र थे -
गक्खर प्रमुख कमाल खान गक्खर को किस मुग़ल सम्राट ने मनसबदार बनाया था?
A) बाबर | B) हुमायूँ | C) अकबर | D) औरंगज़ेब -
मुग़लों ने गोंड राज्य (गढ़ा कटंगा) को हराने के बाद क्या लूटा था?
A) केवल कृषि भूमि | B) बेशकीमती सिक्के और बड़ी संख्या में हाथी | C) सोने की खदानें | D) विशाल पुस्तकालय -
मध्यकाल में खानाबदोश चरवाहे अपना जीवन कैसे चलाते थे?
A) केवल खेती करके | B) दूध, घी और ऊन जैसे पशु उत्पादों का किसानों के अनाज और कपड़ों के साथ विनिमय (बदला-बदली) करके | C) केवल शहरों में काम करके | D) लूटपाट करके -
17वीं सदी में बंजारों के जीवन का विस्तृत वर्णन करने वाला अंग्रेज़ व्यापारी कौन था?
A) पीटर मुंडी | B) थॉमस रो | C) हॉकिन्स | D) वास्को डी गामा -
जाति व्यवस्था के अंदर 'नई जातियों' (उपजातियों) का उदय कैसे हुआ?
A) राजा के आदेश से | B) समाज के विकास के साथ सुनार, लोहार, बढ़ई जैसे शिल्पकारों और विभिन्न जनजातियों को ब्राह्मणों द्वारा जातियों के रूप में मान्यता दे दी गई | C) विदेशी प्रभाव से | D) लोगों ने स्वयं नई जातियाँ बना लीं -
अहोम राजाओं ने अपनी पारंपरिक जनजातीय मान्यताओं और हिंदू धर्म के बीच कैसा संतुलन बनाया?
A) उन्होंने पुरानी मान्यताएं पूरी तरह छोड़ दीं | B) हिंदू धर्म अपनाने के बाद भी अहोम राजाओं ने अपनी पारंपरिक मान्यताओं को पूरी तरह नहीं छोड़ा और उनका भी पालन करते रहे | C) उन्होंने हिंदू धर्म को प्रतिबंधित कर दिया | D) उन्होंने सभी धर्मों को मिला दिया -
कथन: जनजातीय लोगों का इतिहास लिखना इतिहासकारों के लिए एक बड़ी चुनौती है।
कारण: जनजातीय लोग लिखित दस्तावेज़ नहीं रखते थे, वे अपनी समृद्ध परंपराओं और रीति-रिवाज़ों को मौखिक रूप से पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ाते थे।
A) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या है | B) कथन और कारण दोनों सही हैं लेकिन कारण कथन की सही व्याख्या नहीं है | C) कथन सही है लेकिन कारण गलत है | D) कथन गलत है लेकिन कारण सही है -
गोंड और अहोम राज्यों के विकास में एक बड़ी असमानता क्या थी?
A) गोंड राज्य का पतन नहीं हुआ जबकि अहोम राज्य नष्ट हो गया | B) गोंड राज्य विशाल क्षेत्र में फैले थे और उनकी प्रशासन व्यवस्था केंद्रीकृत हो गई थी, जबकि अहोम लोगों ने ब्रह्मपुत्र घाटी में एक नया राज्य बनाया और वे युद्ध तकनीक में अधिक उन्नत थे | C) दोनों राज्यों में कोई अंतर नहीं था | D) अहोम राज्य में मुग़लों ने कभी हमला नहीं किया -
कथन: वर्ण आधारित समाज और जनजातीय लोग एक-दूसरे पर निर्भर थे।
निष्कर्ष: समय के साथ इस आपसी मेलजोल और निर्भरता ने दोनों समाजों में भारी बदलाव लाए और कई जनजातियाँ जाति व्यवस्था में शामिल हो गईं।
A) कथन सही है लेकिन निष्कर्ष गलत है | B) कथन और निष्कर्ष दोनों गलत हैं | C) कथन और निष्कर्ष दोनों सही हैं | D) निष्कर्ष का कथन से कोई संबंध नहीं है -
गोंड समाज का मूल बराबरी वाला स्वरूप केंद्रीकृत राज्यों के उदय के बाद कैसे बदल गया?
A) वे सभी क्षत्रिय बन गए | B) उनका बराबरी वाला समाज धीरे-धीरे असमान सामाजिक वर्गों (जैसे ब्राह्मण और शासक वर्ग) में बंट गया | C) उन्होंने शहरों में बसना शुरू कर दिया | D) वे सभी व्यापारी बन गए -
अहोम राज्य में कला और साहित्य को किस प्रकार संरक्षण मिला?
A) कलाकारों को राज्य से निकाल दिया गया | B) कवियों और विद्वानों को भूमि अनुदान दिया जाता था और संस्कृत की महत्वपूर्ण कृतियों का स्थानीय भाषा में अनुवाद किया गया | C) केवल मुग़ल कला को बढ़ावा दिया गया | D) साहित्य पर प्रतिबंध लगा दिया गया -
मुग़लों ने चेर सरदारों और अहोमों के साथ कैसा व्यवहार किया?
A) दोनों को पूरी तरह नष्ट कर दिया | B) अकबर के समय मानसिंह ने चेरों को हराया लेकिन वे पूरी तरह अधीन नहीं हुए, और औरंगज़ेब के समय 1662 में मुग़लों ने अहोमों को हराया लेकिन उनका प्रत्यक्ष नियंत्रण लंबे समय तक नहीं रहा | C) मुग़लों ने दोनों से संधियाँ कर लीं | D) मुग़लों ने कभी उन पर हमला नहीं किया -
11वीं और 12वीं सदी में जनजातीय मुखियाओं का 'राजपूतों' के रूप में उदय अन्य जनजातियों के लिए एक आदर्श क्यों बन गया?
A) क्योंकि राजपूत बहुत अमीर थे | B) क्योंकि उन्होंने अपनी पुरानी जनजातीय पहचान को छोड़कर सत्ता हासिल की, जिससे अन्य जनजातियों ने भी ब्राह्मणों के समर्थन से शासक वर्ग में शामिल होने का प्रयास किया | C) क्योंकि मुग़लों ने ऐसा आदेश दिया था | D) क्योंकि वे सबसे अच्छे किसान थे -
स्थानांतरीय कृषि (झूम खेती) करने वाले जनजातीय लोगों की जीवन शैली केंद्रीकृत राज्यों (जैसे गोंड राज्य) के उदय से कैसे प्रभावित हुई?
A) उन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा | B) राज्य द्वारा कर लगाने और प्रशासन के मजबूत होने से उनकी स्वतंत्रता कम हुई और उन्हें स्थायी कृषि या मज़दूरी की ओर मुड़ना पड़ा | C) उन्हें मुफ़्त ज़मीनें दी गईं | D) उन्होंने राज्य पर कब्ज़ा कर लिया -
गोंड रानी दुर्गावती के संघर्ष को भारतीय इतिहास में इतना सम्मान क्यों दिया जाता है?
A) क्योंकि उन्होंने बहुत सारे किले बनवाए | B) क्योंकि एक महिला शासिका होकर उन्होंने मुग़ल साम्राज्य की विशाल और शक्तिशाली सेना (आसफ़ ख़ान के नेतृत्व में) का डटकर सामना किया और आत्मसमर्पण करने के बजाय वीरगति चुनी | C) क्योंकि उन्होंने मुग़लों को हरा दिया था | D) क्योंकि उन्होंने एक नया धर्म चलाया -
अहोम राज्य की 'पाइक व्यवस्था' ने राज्य के बुनियादी ढाँचे (Infrastructure) को कैसे मजबूत किया?
A) सैनिकों को वेतन देकर | B) युद्ध के समय पाइक सेना में काम करते थे और शांति के समय उनसे बाँध निर्माण, सिंचाई व्यवस्था और अन्य सार्वजनिक कार्यों में बेगार ली जाती थी | C) विदेशी मज़दूरों को बुलाकर | D) किसानों को कर मुक्त करके -
मध्यकाल में घुमंतू पशुपालकों और एक जगह बसे हुए किसानों के बीच आर्थिक संबंध कैसे होते थे?
A) वे एक-दूसरे के दुश्मन थे | B) यह एक सहजीवी संबंध था; पशुपालक अपनी भेड़ों और बकरियों के बदले किसानों से अनाज, कपड़े और बर्तन प्राप्त करते थे, जिससे दोनों की ज़रूरतें पूरी होती थीं | C) वे आपस में कभी व्यापार नहीं करते थे | D) किसान पशुपालकों को कर देते थे -
कथन: कई जनजातियों ने जाति व्यवस्था को तो अपना लिया लेकिन वे निचली जातियों में शामिल कर ली गईं।
निष्कर्ष: इसके विपरीत, पंजाब, सिंध और उत्तर-पश्चिमी सीमांत की कई जनजातियों ने बहुत पहले ही इस्लाम अपना लिया था और उन्होंने हिंदू जाति व्यवस्था को नकार दिया।
A) कथन सही है लेकिन निष्कर्ष गलत है | B) कथन और निष्कर्ष दोनों गलत हैं | C) कथन और निष्कर्ष दोनों ऐतिहासिक रूप से सही हैं | D) निष्कर्ष का कथन से कोई संबंध नहीं है -
बंजारों के टांडा का नियंत्रण अक्सर किसके हाथ में होता था और वे व्यापार कैसे करते थे?
A) मुग़ल सेनापतियों के हाथ में | B) उनका अपना मुखिया होता था और वे थोक व्यापारियों से सस्ता अनाज खरीदकर उन जगहों पर ले जाते थे जहाँ वह महंगा बिकता था | C) वे केवल समुद्र के रास्ते व्यापार करते थे | D) वे बिना पैसे के व्यापार करते थे -
अहोम राज्य के पतन का एक प्रमुख कारण क्या माना जाता है?
A) अत्यधिक गरीबी | B) 17वीं सदी के अंत तक पाइक व्यवस्था का कमज़ोर होना और मुग़लों (मीर जुम्ला) के लगातार आक्रमणों से राज्य के संसाधनों का ख़त्म होना | C) राजा का विदेशी हो जाना | D) व्यापार बंद हो जाना -
गोंड राजाओं ने अपने राज्यों को गढ़ों, चौरासी और बरहोतों में क्यों बांटा था?
A) केवल कर इकट्ठा करने के लिए | B) एक विशाल जनजातीय आबादी को व्यवस्थित और केंद्रीकृत प्रशासनिक नियंत्रण में रखने के लिए, ताकि राज्य की शक्ति बनी रहे | C) मुग़लों की नकल करने के लिए | D) ब्राह्मणों को खुश करने के लिए -
मध्यकाल में जनजातीय समाज के भीतर असमानताएँ पैदा होने का सबसे मूल कारण क्या था?
A) विदेशी व्यापार | B) ब्राह्मणों द्वारा भूमि अनुदान प्राप्त करना और कबीले के मुखियाओं का शासक बन जाना, जिससे बाकी लोग साधारण किसान या मज़दूर बन गए | C) मुग़ल आक्रमण | D) धार्मिक परिवर्तन -
बुरंजी नामक ऐतिहासिक कृतियों का अहोम समाज में क्या सांस्कृतिक महत्व था?
A) वे केवल धार्मिक पुस्तकें थीं | B) वे अहोम लोगों के इतिहास, प्रशासन और उनकी विजयों का लिखित दस्तावेज़ थीं, जो उनकी सांस्कृतिक पहचान को सहेज कर रखती थीं | C) वे केवल कविताएं थीं | D) उनका कोई महत्व नहीं था -
कमाल खान गक्खर को अकबर द्वारा मनसबदार बनाए जाने की घटना क्या दर्शाती है?
A) कि मुग़लों के पास सैनिक नहीं थे | B) कि मुग़ल सम्राट प्रभावशाली जनजातीय मुखियाओं को अपने प्रशासन में शामिल करके उन क्षेत्रों पर अप्रत्यक्ष नियंत्रण और शांति स्थापित करना चाहते थे | C) कि गक्खर लोग मुग़लों से अधिक शक्तिशाली थे | D) कि मुग़ल डर गए थे -
मुग़ल सेनाओं द्वारा 1565 में गढ़ा कटंगा पर आक्रमण का मुख्य आर्थिक उद्देश्य क्या था?
A) केवल साम्राज्य विस्तार | B) गढ़ा कटंगा की समृद्धि, विशेषकर उनके हाथियों और अपार धन-संपत्ति पर कब्ज़ा करना, जो मुग़ल सेना के लिए बहुत कीमती थे | C) रानी दुर्गावती को बंदी बनाना | D) किसानों को भगाना -
अहोम राजाओं ने हिंदू धर्म अपनाने के बावजूद कौन सी एक प्रथा जारी रखी?
A) मुस्लिम त्योहार मनाना | B) अपने पारंपरिक जनजातीय देवी-देवताओं की पूजा करना और अपनी सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखना | C) केवल संस्कृत बोलना | D) राजगद्दी छोड़ देना
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