2. एक दल के प्रभुत्व का दौर (Era of One-Party Dominance)
इस पेज पर आपको 2. एक दल के प्रभुत्व का दौर (Era of One-Party Dominance) के सभी महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ), परीक्षा उपयोगी नोट्स और ऑनलाइन क्विज़ मिलेंगे। अपने ज्ञान का परीक्षण करने और बोर्ड/प्रतियोगी परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए मॉक टेस्ट में अवश्य भाग लें।
👉 अध्याय का सारांश (Summary)
प्रिय विद्यार्थियों, इस अध्याय में हम स्वतंत्र भारत के शुरुआती वर्षों में लोकतांत्रिक राजनीति के स्वरूप का अध्ययन करेंगे। भारत के लिए लोकतंत्र का रास्ता चुनना एक साहसी निर्णय था, क्योंकि उस समय दुनिया के कई देशों में लोकतंत्र नहीं था। भारत ने 'सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार' को अपनाया, जो उस समय एक बड़ी चुनौती थी। चुनाव आयोग का गठन जनवरी 1950 में हुआ और सुकुमार सेन पहले मुख्य चुनाव आयुक्त बने। पहला आम चुनाव 1951-52 में संपन्न हुआ, जिसे दुनिया का सबसे बड़ा जुआ कहा गया क्योंकि भारत में साक्षरता कम थी और गरीबी अधिक थी। चुनाव परिणाम ने सभी अनुमानों को गलत सिद्ध करते हुए कांग्रेस पार्टी को भारी बहुमत दिलाया।
पहले तीन आम चुनावों (1952, 1957, 1962) में कांग्रेस पार्टी का अभूतपूर्व प्रभुत्व रहा। इसे राजनीति विज्ञान में 'कांग्रेस प्रणाली' या 'एक दल के प्रभुत्व का दौर' कहा जाता है। कांग्रेस की सफलता के कई कारण थे: इसे स्वतंत्रता संग्राम की विरासत प्राप्त थी, देश के हर कोने में इसका नेटवर्क था और इसमें समाज के हर वर्ग के लोग शामिल थे। यह एक सामाजिक और विचारधारात्मक गठबंधन थी, जहाँ अतिवादी से लेकर वामपंथी तक सभी विचारधाराओं के लोग एक साथ थे। कांग्रेस ने अपने भीतर अलग-अलग विचारों को समाहित कर लिया था, जिससे विपक्षी दलों के लिए जगह कम हो जाती थी।
हालाँकि, भारत में विपक्षी दल भी मौजूद थे, लेकिन उनका जनाधार कांग्रेस के मुकाबले बहुत सीमित था। इनमें सोशलिस्ट पार्टी, भारतीय जनसंघ (आज की भाजपा का पूर्वज), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और स्वतंत्र पार्टी जैसे दल शामिल थे। ये दल अक्सर कांग्रेस को नीतियां बदलने के लिए मजबूर करते थे। भारतीय राजनीति में विपक्ष की भूमिका महत्वपूर्ण रही, भले ही वे सत्ता में नहीं आ पाए।
लोकतंत्र की स्थापना और चुनाव प्रणाली की सफलता ने भारत को दुनिया के अन्य नव-स्वतंत्र देशों से अलग बना दिया। जहाँ कई देशों में लोकतंत्र खतरे में पड़ गया या तानाशाही आई, वहीं भारत ने चुनाव प्रक्रिया को अपनी लोकतांत्रिक पहचान का हिस्सा बना लिया। यह अध्याय हमें यह समझने में मदद करता है कि कैसे एक पार्टी के दबदबे के बावजूद भारत में लोकतांत्रिक जड़ें मज़बूत हुई थीं। यह 'एकदलीय प्रभुत्व' वास्तविक अर्थों में लोकतांत्रिक था, क्योंकि कांग्रेस ने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों के माध्यम से अपनी शक्ति बनाए रखी थी।
विशेषता: यह एक 3-Level आधारित यूनीक क्विज़ है। अगले स्तर को अनलॉक करने के लिए छात्रों को वर्तमान स्तर में कम से कम 70% अंक स्कोर करने होंगे, जो आपकी बोर्ड परीक्षा की तैयारी को 100% मजबूत बनाता है।
अध्याय के सभी प्रश्न (Revision Notes)
*नोट: यह सेक्शन रिवीजन के लिए है। अपना ज्ञान परखने के लिए ऊपर दिए गए क्विज़ में भाग लें।
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भारत का पहला मुख्य चुनाव आयुक्त किसे बनाया गया था?
A) टी एन शेषन | B) सुकुमार सेन | C) सुनील अरोड़ा | D) एम एस गिल -
भारतीय चुनाव आयोग का गठन किस वर्ष हुआ था?
A) उन्नीस सौ अड़तालीस | B) उन्नीस सौ उनचास | C) उन्नीस सौ पचास | D) उन्नीस सौ इक्यावन -
स्वतंत्र भारत का पहला आम चुनाव किस वर्ष संपन्न हुआ था?
A) उन्नीस सौ पचास | B) उन्नीस सौ इक्यावन | C) उन्नीस सौ बावन | D) उन्नीस सौ तिरपन -
भारत के शुरुआती आम चुनावों में किस पार्टी का प्रभुत्व था?
A) भारतीय जनसंघ | B) भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी | C) कांग्रेस पार्टी | D) सोशलिस्ट पार्टी -
कांग्रेस पार्टी की स्थापना किस वर्ष हुई थी?
A) अठारह सौ पच्चासी | B) अठारह सौ नब्बे | C) उन्नीस सौ पांच | D) उन्नीस सौ पंद्रह -
भारतीय जनसंघ के संस्थापक कौन थे?
A) अटल बिहारी वाजपेयी | B) श्यामा प्रसाद मुखर्जी | C) दीनदयाल उपाध्याय | D) लालकृष्ण आडवाणी -
स्वतंत्र पार्टी के संस्थापक कौन थे?
A) सी राजगोपालाचारी | B) जयप्रकाश नारायण | C) राममनोहर लोहिया | D) जे बी कृपलानी -
सोशलिस्ट पार्टी का उदय कांग्रेस के भीतर किस दल से हुआ था?
A) कांग्रेस समाजवादी दल | B) स्वतंत्र दल | C) जनसंघ | D) स्वतंत्र पार्टी -
भारत में पहली बार गैर-कांग्रेसी सरकार किस राज्य में बनी थी?
A) बिहार | B) केरल | C) तमिलनाडु | D) पश्चिम बंगाल -
केरल में पहली गैर-कांग्रेसी सरकार का नेतृत्व किसने किया था?
A) ई एम एस नंबूदरीपाद | B) के कामराज | C) अटल बिहारी वाजपेयी | D) जयप्रकाश नारायण -
1962 तक भारत में कुल कितने आम चुनाव हो चुके थे?
A) एक | B) दो | C) तीन | D) चार -
कांग्रेस को किसने एक गठबंधन के रूप में वर्णित किया था?
A) जवाहरलाल नेहरू | B) राजेंद्र प्रसाद | C) रजनी कोठारी | D) सुकुमार सेन -
भारतीय राजनीति में कांग्रेस का प्रभुत्व कितने दशकों तक रहा?
A) एक दशक | B) दो दशक | C) तीन दशक | D) चार दशक -
कौन सा दल साम्यवादी विचारधारा पर आधारित था?
A) भारतीय जनसंघ | B) स्वतंत्र पार्टी | C) भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी | D) सोशलिस्ट पार्टी -
भारत में सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार का अर्थ क्या है?
A) केवल पुरुषों को वोट का अधिकार | B) केवल शिक्षितों को वोट का अधिकार | C) सभी नागरिकों को वोट का अधिकार | D) केवल अमीरों को वोट का अधिकार -
पहले आम चुनाव के समय भारत की साक्षरता दर कितनी थी?
A) पंद्रह प्रतिशत | B) सत्रह प्रतिशत | C) बाईस प्रतिशत | D) तीस प्रतिशत -
कांग्रेस पार्टी की सफलता का सबसे बड़ा कारण क्या माना जाता है?
A) स्वतंत्रता संग्राम की विरासत | B) अमीर दल होना | C) विदेशी समर्थन | D) सैन्य शक्ति -
कांग्रेस पार्टी के भीतर विभिन्न विचारों को समाहित करने की क्षमता को क्या कहा जाता है?
A) विभाजन | B) गठबंधन | C) समावेशी चरित्र | D) तानाशाही -
भारतीय जनसंघ ने किस पर जोर दिया था?
A) पाश्चात्य संस्कृति | B) एक देश एक संस्कृति और एक राष्ट्र | C) साम्यवाद | D) समाजवाद -
स्वतंत्र पार्टी किस विचारधारा के खिलाफ थी?
A) पूंजीवाद | B) राजकीय हस्तक्षेप और लाइसेंस राज | C) लोकतंत्र | D) धर्मनिरपेक्षता -
1957 में केरल में किसकी सरकार बनी थी?
A) कांग्रेस | B) कम्युनिस्ट | C) जनसंघ | D) स्वतंत्र पार्टी -
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी किस वर्ष विभाजित हुई थी?
A) उन्नीस सौ बावन | B) उन्नीस सौ साठ | C) उन्नीस सौ चौंसठ | D) उन्नीस सौ सत्तर -
सोशलिस्ट पार्टी का मुख्य लक्ष्य क्या था?
A) पूंजीवाद का समर्थन | B) लोकतांत्रिक समाजवाद | C) धार्मिक राज्य | D) तानाशाही -
भारत के पहले आम चुनाव में दूसरे स्थान पर कौन सी पार्टी रही थी?
A) भारतीय जनसंघ | B) भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी | C) सोशलिस्ट पार्टी | D) स्वतंत्र पार्टी -
कांग्रेस प्रणाली का अर्थ क्या है?
A) कांग्रेस की तानाशाही | B) एक पार्टी का प्रभुत्व और उसके भीतर विपक्ष का समावेश | C) कांग्रेस का पतन | D) विपक्ष का शासन -
भारतीय जनसंघ की स्थापना कब हुई थी?
A) उन्नीस सौ पंद्रह | B) उन्नीस सौ बावन | C) उन्नीस सौ इक्यावन | D) उन्नीस सौ साठ -
किस दल ने निजी क्षेत्र की खुली छूट की वकालत की थी?
A) भारतीय जनसंघ | B) भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी | C) स्वतंत्र पार्टी | D) सोशलिस्ट पार्टी -
लोकतंत्र की चुनौती के रूप में साक्षरता की कमी को क्यों देखा गया था?
A) चुनाव बहुत कठिन थे | B) मतदाताओं को जागरूक करने और मतपत्र का उपयोग सिखाने में कठिनाई थी | C) लोग वोट नहीं देना चाहते थे | D) पार्टियां बहुत अधिक थीं -
कांग्रेस पार्टी का वैचारिक गठबंधन क्यों था?
A) क्योंकि उसे कोई पसंद नहीं करता था | B) क्योंकि वह विभिन्न विचारधाराओं और समूहों का मेल थी | C) क्योंकि वह बहुत अमीर थी | D) क्योंकि वह केवल हिंदुओं के लिए थी -
पहले चुनाव में कुल कितनी सीटों पर चुनाव हुआ था?
A) चार सौ आठ | B) चार सौ नब्बे | C) चार सौ नवासी | D) पांच सौ -
लोकतंत्र स्थापित करने के भारत के फैसले को वैश्विक स्तर पर एक साहसी प्रयोग क्यों माना गया?
A) क्योंकि भारत में तानाशाही थी | B) क्योंकि दुनिया के अधिकांश देशों में लोकतंत्र विफल हो रहा था और साक्षरता दर बहुत कम थी | C) क्योंकि भारत बहुत गरीब था | D) क्योंकि भारत के पास पैसा नहीं था -
कांग्रेस पार्टी का 'गठबंधन स्वरूप' विपक्षी दलों के लिए एक बड़ी चुनौती क्यों था?
A) कांग्रेस को हर कोई पसंद करता था | B) कांग्रेस में सभी विचारधाराओं के लोग थे जिससे विपक्ष को अलग से जगह नहीं मिलती थी | C) कांग्रेस ने विपक्ष को जेल में डाल दिया | D) कांग्रेस के पास सेना थी -
भारतीय राजनीति में विपक्ष की भूमिका का असली महत्व सत्ता में होने के बजाय क्या था?
A) विपक्ष केवल लड़ता था | B) सत्तारूढ़ पार्टी की नीतियों की आलोचना कर उन्हें जनहित के लिए जवाबदेह बनाना | C) विपक्ष केवल शोर मचाता था | D) विपक्ष सरकार के साथ मिलकर शासन करता था -
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के विभाजन का मुख्य वैचारिक कारण क्या था?
A) नेता का चयन | B) सोवियत संघ और चीन के बीच मतभेद के बाद कम्युनिस्टों के बीच वैचारिक और रणनीतिक मतभेद | C) पैसों का बंटवारा | D) चुनाव में हार -
कांग्रेस के भीतर 'विपक्ष' की भूमिका को किस प्रकार देखा जा सकता है?
A) कांग्रेस के अंदर कोई विपक्ष नहीं था | B) कांग्रेस के अंदर मौजूद विभिन्न गुटों के बीच वैचारिक संघर्ष | C) विपक्ष कांग्रेस का हिस्सा था | D) कांग्रेस ने विपक्ष को खरीद लिया था -
स्वतंत्र पार्टी की आर्थिक नीतियों का तत्कालीन कांग्रेस सरकार पर क्या प्रभाव पड़ा?
A) सरकार डर गई | B) सरकार को अपनी लाइसेंस राज और समाजवादी नीतियों की आलोचना का सामना करना पड़ा | C) सरकार ने इस्तीफा दे दिया | D) सरकार ने स्वतंत्र पार्टी को बंद कर दिया -
चुनाव आयोग की निष्पक्षता का सबसे बड़ा परीक्षण क्या था?
A) चुनाव बहुत जल्दी हुए | B) साक्षरता दर कम होने के बावजूद करोड़ों मतदाताओं के लिए निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करना | C) चुनाव में कोई विवाद नहीं हुआ | D) पार्टियों ने खुद चुनाव कराया -
कांग्रेस के प्रभुत्व को 'लोकतांत्रिक प्रभुत्व' क्यों कहा जाता है?
A) क्योंकि उसने सबको मार दिया था | B) क्योंकि उसकी जीत निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनावों के माध्यम से होती थी | C) क्योंकि वह इकलौती पार्टी थी | D) क्योंकि राजा ने उसे चुना था -
1952 के चुनावों ने भारत में किस बड़े मिथक को तोड़ दिया?
A) लोकतंत्र केवल पश्चिमी देशों में सफल है | B) लोकतंत्र गरीब देशों में सफल है | C) चुनाव कराना नामुमकिन है | D) साक्षर लोग वोट नहीं देते -
कांग्रेस पार्टी की सामाजिक विविधता को किस रूप में देखा जा सकता है?
A) वह केवल अमीरों की पार्टी थी | B) उसमें किसान औद्योगिक मजदूर दलित और उच्च जातियों के लोग समान रूप से प्रतिनिधित्व पाते थे | C) वह केवल दलितों की पार्टी थी | D) वह केवल महिलाओं की पार्टी थी -
भारतीय जनसंघ के 'एक देश एक संस्कृति' के नारे का मुख्य राजनीतिक उद्देश्य क्या था?
A) धार्मिक विविधता को खत्म करना | B) सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के आधार पर राष्ट्र निर्माण की अपनी विशिष्ट पहचान बनाना | C) विदेशी संस्कृति को अपनाना | D) भाषा को नष्ट करना -
सोशलिस्ट पार्टी का कांग्रेस के साथ संबंध कैसा था?
A) वे हमेशा मित्र थे | B) वे कांग्रेस का हिस्सा थे लेकिन बाद में अलग होकर एक विपक्षी विकल्प बने | C) वे कांग्रेस के दास थे | D) वे चुनाव नहीं लड़ते थे -
कांग्रेस के प्रभुत्व के दौर में लोकतंत्र की जड़ें कैसे मजबूत हुईं?
A) विपक्ष को कुचलकर | B) विपक्ष के साथ सम्मानजनक संवाद और संवैधानिक प्रक्रियाओं के पालन से | C) अमीर लोगों के शासन से | D) चुनावों के अभाव से -
चुनाव परिणाम में विपक्ष की कमजोर स्थिति का क्या नकारात्मक प्रभाव पड़ा?
A) विपक्ष ने युद्ध शुरू कर दिया | B) सरकार पर लगाम लगाने के लिए एक सशक्त विपक्षी विकल्प का अभाव रहा | C) विपक्ष बहुत अमीर हो गया | D) लोकतंत्र का अंत हो गया -
प्रथम आम चुनावों के दौरान किस अनूठी प्रक्रिया का उपयोग किया गया था?
A) कंप्यूटर का | B) मतपेटी और चुनाव चिह्न का | C) इंटरनेट का | D) खुले मतदान का -
कांग्रेस प्रणाली का सबसे बड़ा लाभ राष्ट्र निर्माण के संदर्भ में क्या था?
A) देश में तानाशाही आ गई | B) समाज के सभी वर्गों को राजनीतिक मुख्यधारा से जोड़ना | C) केवल अमीरों का भला हुआ | D) चुनाव बंद हो गए -
विपक्षी दलों की संख्या अधिक होने के बावजूद उनकी प्रभावशीलता क्यों कम थी?
A) वे चुनाव नहीं लड़ते थे | B) उनका जनाधार बहुत सीमित था और वे कांग्रेस के वोट बैंक को तोड़ने में विफल रहे | C) उनके पास पैसे नहीं थे | D) वे जनता से नहीं मिलते थे -
लोकतंत्र के प्रति भारतीयों के विश्वास का सबसे बड़ा प्रमाण क्या था?
A) भारी मतदान और चुनाव में जनता की भागीदारी | B) लोगों ने वोट देना बंद कर दिया | C) लोग चुनाव से डरते थे | D) सरकार ने चुनाव बंद कर दिए -
भारतीय राजनीति में कम्युनिस्ट पार्टी का महत्व क्या था?
A) वे केवल क्रांति चाहते थे | B) वे मजदूरों और किसानों के मुद्दों को राजनीतिक एजेंडे में सबसे ऊपर लाने वाले प्रमुख दल थे | C) वे केवल सरकार चलाते थे | D) उनका कोई महत्व नहीं था -
कांग्रेस का समावेशी स्वभाव भारतीय समाज के लिए वरदान क्यों साबित हुआ?
A) इससे सब लोग अमीर बन गए | B) इसने देश को विभिन्न सामाजिक और क्षेत्रीय संघर्षों में बटने से बचाया और एकता बनाए रखी | C) इससे केवल व्यापार बढ़ा | D) इससे सेना मजबूत हुई
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