3. नियोजित विकास की राजनीति (Politics of Planned Development)
इस पेज पर आपको 3. नियोजित विकास की राजनीति (Politics of Planned Development) के सभी महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ), परीक्षा उपयोगी नोट्स और ऑनलाइन क्विज़ मिलेंगे। अपने ज्ञान का परीक्षण करने और बोर्ड/प्रतियोगी परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए मॉक टेस्ट में अवश्य भाग लें।
👉 अध्याय का सारांश (Summary)
प्रिय विद्यार्थियों, स्वतंत्रता प्राप्ति के समय भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि देश को गरीबी के जाल से कैसे निकाला जाए। भारतीय नेताओं ने महसूस किया कि विकास के लिए केवल निजी क्षेत्र पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है, बल्कि सरकार को एक सक्रिय भूमिका निभानी होगी। इसी सोच के साथ 'नियोजित विकास' का मार्ग अपनाया गया। 1944 में उद्योगपतियों के एक समूह ने 'बॉम्बे प्लान' तैयार किया, जिसमें प्रस्ताव था कि सरकार औद्योगिक और अन्य निवेशों में बड़ी भूमिका निभाए। 'विकास' को लेकर उस समय दो प्रमुख विचारधाराएं थीं: एक 'वामपंथी', जो गरीबों और पिछड़ों के पक्ष में राज्य के हस्तक्षेप का समर्थन करती थी, और दूसरी 'दक्षिणपंथी', जो निजी निवेश और मुक्त व्यापार पर बल देती थी। भारत ने इन दोनों के बीच 'मिश्रित अर्थव्यवस्था' का मॉडल चुना।
नियोजन के लिए 1950 में 'योजना आयोग' की स्थापना की गई, जिसके अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते थे। इसका उद्देश्य पंचवर्षीय योजनाओं के माध्यम से संसाधनों का आवंटन और विकास का लक्ष्य तय करना था। पहली पंचवर्षीय योजना (1951-56) कृषि पर केंद्रित थी, जबकि दूसरी पंचवर्षीय योजना (1956-61) भारी उद्योगों के विकास पर आधारित थी। पी. सी. महालनोबिस को दूसरी योजना का प्रमुख रणनीतिकार माना जाता है। इस दौरान सरकार ने बड़े बांधों, सार्वजनिक उद्योगों (जैसे भिलाई, दुर्गापुर, राउरकेला इस्पात संयंत्र) और परमाणु ऊर्जा में भारी निवेश किया।
विकास की इस प्रक्रिया में विवाद भी हुए। कृषि बनाम उद्योग का विवाद सबसे प्रमुख था, जहाँ कुछ लोगों का मानना था कि कृषि की अनदेखी करके भारी उद्योगों पर ध्यान देना गलत है। जे. सी. कुमारप्पा जैसे गांधीवादी विचारकों ने वैकल्पिक कृषि-आधारित विकास मॉडल का सुझाव दिया। वहीं चौधरी चरण सिंह ने भी कृषि और किसानों की उपेक्षा पर सरकार की आलोचना की। इसके अलावा सार्वजनिक क्षेत्र बनाम निजी क्षेत्र का विवाद भी चलता रहा।
अध्याय के अंतिम भाग में 'हरित क्रांति' और श्वेत क्रांति की भूमिका महत्वपूर्ण है। 1960 के दशक के मध्य में जब भारत गंभीर खाद्य संकट से जूझ रहा था, तब उच्च उपज देने वाली किस्मों (बीजों) और आधुनिक तकनीक के माध्यम से 'हरित क्रांति' की गई, जिसने भारत को खाद्यान्न में आत्मनिर्भर बनाया। वर्गीज कुरियन के नेतृत्व में गुजरात में 'ऑपरेशन फ्लड' (श्वेत क्रांति) ने दूध उत्पादन को सहकारिता के माध्यम से बढ़ावा दिया। समय के साथ योजना आयोग की प्रासंगिकता को लेकर सवाल उठे और 2015 में इसे समाप्त कर 'नीति आयोग' की स्थापना की गई। यह अध्याय हमें सिखाता है कि विकास की राजनीति केवल आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि समाज के सभी वर्गों के हितों में संतुलन बनाने की कला है।
विशेषता: यह एक 3-Level आधारित यूनीक क्विज़ है। अगले स्तर को अनलॉक करने के लिए छात्रों को वर्तमान स्तर में कम से कम 70% अंक स्कोर करने होंगे, जो आपकी बोर्ड परीक्षा की तैयारी को 100% मजबूत बनाता है।
अध्याय के सभी प्रश्न (Revision Notes)
*नोट: यह सेक्शन रिवीजन के लिए है। अपना ज्ञान परखने के लिए ऊपर दिए गए क्विज़ में भाग लें।
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योजना आयोग की स्थापना किस वर्ष हुई थी?
A) उन्नीस सौ अड़तालीस | B) उन्नीस सौ पचास | C) उन्नीस सौ इक्यावन | D) उन्नीस सौ तिरपन -
बॉम्बे प्लान किस वर्ष प्रस्तुत किया गया था?
A) उन्नीस सौ चालीस | B) उन्नीस सौ बयालीस | C) उन्नीस सौ चौवालीस | D) उन्नीस सौ अड़तालीस -
पहली पंचवर्षीय योजना का मुख्य केंद्र क्या था?
A) भारी उद्योग | B) कृषि | C) शिक्षा | D) सैन्य विकास -
द्वितीय पंचवर्षीय योजना के मुख्य रणनीतिकार कौन थे?
A) जवाहरलाल नेहरू | B) पी सी महालनोबिस | C) चौधरी चरण सिंह | D) वर्गीज कुरियन -
हरित क्रांति का जनक भारत में किसे माना जाता है?
A) वर्गीज कुरियन | B) एम एस स्वामीनाथन | C) जे सी कुमारप्पा | D) सी सुब्रह्मण्यम -
ऑपरेशन फ्लड का संबंध किससे है?
A) बाढ़ नियंत्रण | B) दूध उत्पादन | C) अनाज उत्पादन | D) नदी जोड़ो परियोजना -
नीति आयोग का गठन किस वर्ष किया गया था?
A) दो हजार दस | B) दो हजार बारह | C) दो हजार पंद्रह | D) दो हजार सत्रह -
मिश्रित अर्थव्यवस्था के मॉडल में किन दो क्षेत्रों को साथ लाया गया था?
A) सार्वजनिक और निजी | B) कृषि और उद्योग | C) शहर और गांव | D) विदेशी और घरेलू -
योजना आयोग के अध्यक्ष कौन होते थे?
A) राष्ट्रपति | B) प्रधानमंत्री | C) वित्त मंत्री | D) उपराष्ट्रपति -
किस पंचवर्षीय योजना में भारी उद्योगों पर जोर दिया गया था?
A) पहली | B) दूसरी | C) तीसरी | D) चौथी -
वर्गीज कुरियन को किस क्रांति का जनक कहा जाता है?
A) हरित क्रांति | B) पीली क्रांति | C) श्वेत क्रांति | D) नीली क्रांति -
जे सी कुमारप्पा किस विचारधारा के समर्थक थे?
A) मार्क्सवादी | B) गांधीवादी | C) पूंजीवादी | D) समाजवादी -
चौधरी चरण सिंह किस क्षेत्र के विकास के कट्टर समर्थक थे?
A) उद्योग | B) कृषि | C) बैंकिंग | D) परिवहन -
भारत में श्वेत क्रांति का आधार कौन सा राज्य बना था?
A) पंजाब | B) हरियाणा | C) गुजरात | D) महाराष्ट्र -
योजना आयोग को समाप्त कर किस संस्था का गठन किया गया?
A) विकास आयोग | B) नीति आयोग | C) वित्त आयोग | D) चुनाव आयोग -
विकास की 'वामपंथी' विचारधारा किस पर बल देती है?
A) मुक्त व्यापार | B) गरीबों और पिछड़ों के पक्ष में राज्य का हस्तक्षेप | C) निजी लाभ | D) कर कटौती -
विकास की 'दक्षिणपंथी' विचारधारा का मुख्य समर्थन क्या है?
A) राज्य का नियंत्रण | B) निजी निवेश और मुक्त व्यापार | C) सामूहिकता | D) समान वितरण -
बॉम्बे प्लान में मुख्य प्रस्ताव क्या था?
A) कृषि का निजीकरण | B) सरकार औद्योगिक निवेश में बड़ी भूमिका निभाए | C) कर को पूरी तरह खत्म करना | D) विदेशी निवेश को मना करना -
भिलाई, दुर्गापुर और राउरकेला इस्पात संयंत्रों की स्थापना किस काल में हुई?
A) प्रथम पंचवर्षीय योजना | B) द्वितीय पंचवर्षीय योजना | C) तृतीय पंचवर्षीय योजना | D) योजना अवकाश -
हरित क्रांति के दौरान किस फसल पर सर्वाधिक जोर दिया गया था?
A) चावल | B) गेहूं | C) बाजरा | D) मक्का -
सहकारिता का सबसे सफल मॉडल भारत में किस नाम से प्रसिद्ध हुआ?
A) अमूल | B) टाटा | C) बिड़ला | D) रिलायंस -
योजना आयोग किस तरह की संस्था थी?
A) संवैधानिक | B) कानूनी | C) परामर्शदात्री और गैर संवैधानिक | D) अदालती -
विकास की राजनीति में 'कृषि बनाम उद्योग' विवाद का मुख्य कारण क्या था?
A) संसाधनों के आवंटन में प्राथमिकता का प्रश्न | B) कृषि का महत्व नहीं था | C) उद्योगों की कमी थी | D) दोनों क्षेत्र एक ही थे -
हरित क्रांति के आलोचकों का मुख्य तर्क क्या था?
A) यह बहुत महंगी है | B) इससे केवल अमीर किसानों को लाभ हुआ और क्षेत्रीय असमानताएं बढ़ीं | C) फसलें बहुत खराब थीं | D) पानी नहीं मिला -
नीति आयोग का पदेन अध्यक्ष कौन होता है?
A) वित्त मंत्री | B) प्रधानमंत्री | C) राष्ट्रपति | D) मुख्य चुनाव आयुक्त -
पहली पंचवर्षीय योजना में किस पर सबसे अधिक ध्यान दिया गया था?
A) भारी उद्योग | B) कृषि और सिंचाई | C) रक्षा | D) सूचना तकनीक -
सहकारिता के माध्यम से दूध उत्पादन बढ़ाने का उद्देश्य क्या था?
A) दूध का निर्यात करना | B) गरीब किसानों को रोजगार और आय देना | C) केवल अमीरों को दूध देना | D) डेरियों को बेचना -
किस राज्य में हरित क्रांति का सबसे पहले और सफल प्रयोग हुआ था?
A) पंजाब और हरियाणा | B) ओडिशा और असम | C) केरल और गोवा | D) जम्मू और कश्मीर -
विकास के मामले में भारत ने किस देश के आर्थिक मॉडल को प्रेरणा के रूप में देखा था?
A) यूएसए | B) सोवियत संघ | C) यूके | D) जापान -
विकास की प्रक्रिया में सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योगों की स्थापना का मुख्य लक्ष्य क्या था?
A) मुनाफा कमाना | B) अर्थव्यवस्था की आधारभूत संरचना को मजबूत करना | C) निजी कंपनियों को बेचना | D) केवल रोजगार देना -
भारत द्वारा 'मिश्रित अर्थव्यवस्था' को अपनाने का सबसे बड़ा रणनीतिक उद्देश्य क्या था?
A) तानाशाही लाना | B) निजी क्षेत्र की कुशलता और सार्वजनिक क्षेत्र के सामाजिक दायित्वों के बीच संतुलन बनाना | C) पूंजीवाद को पूरी तरह अपनाना | D) समाजवाद का विरोध करना -
द्वितीय पंचवर्षीय योजना में 'भारी उद्योगों' पर अत्यधिक जोर देने के पीछे क्या तर्क था?
A) लोग कारें चाहते थे | B) देश की अर्थव्यवस्था को आत्म-निर्भर बनाने के लिए उद्योगों का ढांचा तैयार करना | C) कृषि को बर्बाद करना | D) विदेशी सामान खरीदना -
हरित क्रांति ने भारतीय किसानों के लिए 'बदलाव का एक नया युग' कैसे शुरू किया?
A) खेती का मशीनीकरण और उन्नत बीजों के प्रयोग से भारत खाद्यान्न में आत्मनिर्भर बना | B) खेती पूरी तरह समाप्त हो गई | C) किसान शहर चले गए | D) सब किसान अमीर हो गए -
विकास की राजनीति में गांधीवादी दृष्टिकोण (जे सी कुमारप्पा) आधुनिक औद्योगिक मॉडल से कैसे भिन्न था?
A) वे उद्योगों के पक्ष में थे | B) वे कम लागत वाले स्थानीय संसाधनों और ग्राम-आधारित स्व-निर्भरता पर जोर देते थे | C) वे बड़े बांध चाहते थे | D) वे विदेशों से मशीनें चाहते थे -
नीति आयोग के गठन से नियोजन के स्वरूप में क्या मौलिक परिवर्तन आया?
A) नियोजन खत्म हो गया | B) नीति आयोग राज्यों की भागीदारी को बढ़ाता है और 'बॉटम-अप' मॉडल पर जोर देता है | C) केंद्र बहुत शक्तिशाली हो गया | D) राज्यों की शक्ति कम हो गई -
हरित क्रांति का एक सबसे गंभीर दीर्घकालिक पर्यावरणीय प्रभाव क्या पड़ा?
A) हवा साफ हो गई | B) रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अंधाधुंध उपयोग से मिट्टी की उर्वरता कम होना और भूजल स्तर गिरना | C) पेड़ बढ़ गए | D) नदियां साफ हो गईं -
भारत में लोकतंत्रीय शासन के भीतर नियोजन को अपनाना किन अन्य देशों के लिए प्रेरणा बना?
A) अमरीका के लिए | B) कई विकासशील और उपनिवेश मुक्त देशों के लिए जिन्होंने विकास की लोकतांत्रिक राह चुनी थी | C) चीन के लिए | D) रूस के लिए -
सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योगों के घाटे का राजनीतिक रूप से क्या अर्थ निकाला गया?
A) इनका बंद होना जरूरी है | B) सार्वजनिक उद्योगों में कुप्रबंधन और नौकरशाही के कारण राज्य के संसाधनों की बर्बादी | C) ये बहुत सफल थे | D) इनमें बहुत धन था -
चौधरी चरण सिंह द्वारा कृषि पर जोर देने का भारतीय राजनीतिक पटल पर क्या असर पड़ा?
A) वे चुनाव हार गए | B) किसानों का एक मजबूत राजनीतिक वर्ग उभरकर सामने आया जिसने कृषि आधारित नीतियों की मांग की | C) खेती बंद हो गई | D) उद्योग खत्म हो गए -
श्वेत क्रांति ने भारत के ग्रामीण समाज की संरचना में क्या बड़ा सामाजिक बदलाव लाया?
A) गाँव अमीर हो गए | B) दूध उत्पादन में सहकारिता के माध्यम से महिलाओं और लघु किसानों की आय के साधन बढ़े | C) लोग शहर चले गए | D) कोई बदलाव नहीं हुआ -
पंचवर्षीय योजनाओं का लक्ष्य केवल सकल घरेलू उत्पाद बढ़ाना ही क्यों नहीं था?
A) क्योंकि साक्षरता जरूरी थी | B) क्योंकि विकास का उद्देश्य सामाजिक न्याय, समानता और सभी वर्गों का समावेशी विकास था | C) क्योंकि पैसा नहीं था | D) क्योंकि विकास करना मना था -
विकास की राजनीति में क्षेत्रीय असमानता का मुद्दा क्यों उभरा?
A) सभी राज्यों को समान विकास मिला | B) केंद्र सरकार की नीतियों का लाभ कुछ विकसित राज्यों को अधिक और पिछड़े राज्यों को कम मिला | C) राज्यों में लड़ाई हुई | D) भाषाओं का झगड़ा था -
आर्थिक नियोजन में संसाधनों के आवंटन के लिए 'योजना आयोग' को क्यों चुना गया?
A) क्योंकि यह केवल गरीबों के लिए था | B) क्योंकि यह सरकार की प्राथमिकता के आधार पर विकास की दीर्घकालिक दृष्टि प्रदान कर सकता था | C) यह एक व्यापारिक कंपनी थी | D) यह सेना का हिस्सा थी -
भारत में परमाणु ऊर्जा विकास का प्रारंभिक दौर किस प्रधानमंत्री की दृष्टि का परिणाम था?
A) लाल बहादुर शास्त्री | B) जवाहरलाल नेहरू | C) इंदिरा गांधी | D) मोरारजी देसाई -
नियोजन के भारतीय मॉडल में 'लोकतांत्रिक' तत्व का क्या अर्थ है?
A) चुनावों का न होना | B) विकास की योजनाएं संसद और जनता के प्रति जवाबदेह रहकर बनाई जाती हैं | C) तानाशाही शासन | D) विदेशी हस्तक्षेप -
हरित क्रांति के दौरान 'उन्नत बीजों' के उपयोग ने भारत की किस निर्भरता को समाप्त किया?
A) पड़ोसी देशों पर | B) खाद्यान्न के आयात पर (विदेशी निर्भरता) | C) नहरों पर | D) बिजली पर -
योजना आयोग के कामकाज में राज्यों की क्या भूमिका होती थी?
A) राज्यों की कोई भूमिका नहीं थी | B) योजनाओं के क्रियान्वयन में राज्यों को केंद्र के साथ समन्वय करना पड़ता था | C) राज्य खुद योजना बनाते थे | D) राज्य योजनाएं रद्द करते थे -
भारत में सहकारी डेयरी मॉडल के सफल होने के पीछे सबसे बड़ा मानवीय कारक क्या था?
A) विदेशियों की मदद | B) वर्गीज कुरियन जैसे दूरदर्शी नेतृत्व और किसानों में आपसी विश्वास | C) पैसे की अधिकता | D) सरकारी दबाव -
विकास की राजनीति में निजी क्षेत्र को क्या स्थान दिया गया था?
A) इसे पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया | B) इसे सरकारी दिशा-निर्देशों के अधीन रहकर विकास में योगदान देने का अधिकार था | C) इसे पूरी छूट दी गई | D) इसे सेना में लिया गया -
नियोजित विकास का मॉडल अंततः भारत की किस प्रमुख समस्या का समाधान करने में सफल रहा?
A) बेरोजगारी पूरी खत्म हो गई | B) खाद्यान्न के क्षेत्र में आत्म-निर्भरता और औद्योगिक आधार का निर्माण | C) सब अमीर बन गए | D) गरीबी मिट गई
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