1. राष्ट्र निर्माण की चुनौतियाँ (Challenges of Nation Building)
इस पेज पर आपको 1. राष्ट्र निर्माण की चुनौतियाँ (Challenges of Nation Building) के सभी महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ), परीक्षा उपयोगी नोट्स और ऑनलाइन क्विज़ मिलेंगे। अपने ज्ञान का परीक्षण करने और बोर्ड/प्रतियोगी परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए मॉक टेस्ट में अवश्य भाग लें।
👉 अध्याय का सारांश (Summary)
प्रिय विद्यार्थियों, 15 अगस्त 1947 को भारत ने स्वतंत्रता प्राप्त की, लेकिन यह आजादी भारी कष्ट और विभाजन की त्रासदी के साथ आई। भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने आधी रात के समय 'भाग्यवधू से चिर-प्रतीक्षित भेंट' (ट्रिस्ट विद डेस्टिनी) नामक प्रसिद्ध भाषण में देश के भविष्य का मार्ग प्रशस्त किया। स्वतंत्रता के समय भारत के समक्ष राष्ट्र निर्माण की तीन मुख्य चुनौतियाँ थीं। पहली चुनौती थी राष्ट्र को एकता के सूत्र में बांधना, क्योंकि भारत आकार और विविधता में बहुत विशाल था। दूसरी चुनौती थी लोकतंत्र को स्थापित करना, जिसके लिए संविधान का निर्माण हुआ और चुनाव प्रणाली विकसित की गई। तीसरी और सबसे महत्वपूर्ण चुनौती थी समूचे समाज का विकास करना, जिसमें गरीबी और असमानता को दूर करना प्राथमिकता थी।
विभाजन की प्रक्रिया अत्यंत दर्दनाक थी। मुस्लिम लीग द्वारा प्रतिपादित 'द्वि-राष्ट्र सिद्धांत' के आधार पर देश को हिंदू और मुस्लिम दो अलग राष्ट्रों में विभाजित किया गया। इसका परिणाम सांप्रदायिक दंगों, विस्थापन और करोड़ों लोगों के घर से बेघर होने के रूप में सामने आया। विभाजन केवल भौगोलिक रेखाओं का नहीं था, बल्कि यह दिलों और समुदायों का भी विभाजन था। आज़ादी के बाद अगली बड़ी चुनौती 'रियासतों का एकीकरण' था। ब्रिटिश भारत में लगभग 565 देशी रियासतें थीं। सरदार वल्लभभाई पटेल ने अपनी अद्भुत कूटनीति और दृढ़ता से अधिकांश रियासतों को भारतीय संघ में शामिल करने में सफलता प्राप्त की। जूनागढ़, हैदराबाद और जम्मू-कश्मीर को शामिल करने की प्रक्रिया अत्यंत जटिल और चुनौतीपूर्ण रही।
आंतरिक सीमाओं का पुनर्गठन भी एक गंभीर मुद्दा था। स्वतंत्रता के समय राज्यों का गठन भाषाई आधार पर करने की भारी मांग उठने लगी। 1952 में पोट्टी श्रीरामुलु के आमरण अनशन और मृत्यु के बाद आंध्र प्रदेश के गठन ने भाषाई राज्यों की मांग को और हवा दी। अंततः 1953 में 'राज्य पुनर्गठन आयोग' का गठन किया गया और 1956 में राज्य पुनर्गठन अधिनियम पारित हुआ, जिसके आधार पर भाषा के आधार पर राज्यों का पुनर्गठन किया गया।
यह अध्याय हमें सिखाता है कि भारत का राष्ट्र निर्माण कोई सरल प्रक्रिया नहीं थी, बल्कि यह विभिन्न समुदायों, संस्कृतियों और राजनीतिक आकांक्षाओं के बीच संतुलन बनाने की एक सतत यात्रा है। लोकतंत्र और विविधता का सम्मान ही आधुनिक भारत की आधारशिला है।
विशेषता: यह एक 3-Level आधारित यूनीक क्विज़ है। अगले स्तर को अनलॉक करने के लिए छात्रों को वर्तमान स्तर में कम से कम 70% अंक स्कोर करने होंगे, जो आपकी बोर्ड परीक्षा की तैयारी को 100% मजबूत बनाता है।
अध्याय के सभी प्रश्न (Revision Notes)
*नोट: यह सेक्शन रिवीजन के लिए है। अपना ज्ञान परखने के लिए ऊपर दिए गए क्विज़ में भाग लें।
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भारत को स्वतंत्रता किस तिथि को प्राप्त हुई थी?
A) पंद्रह अगस्त उन्नीस सौ छियालीस | B) पंद्रह अगस्त उन्नीस सौ सैंतालीस | C) छब्बीस जनवरी उन्नीस सौ पचास | D) दो अक्टूबर उन्नीस सौ अड़तालीस -
भाग्यवधू से चिर-प्रतीक्षित भेंट नामक प्रसिद्ध भाषण किसने दिया था?
A) महात्मा गांधी | B) जवाहरलाल नेहरू | C) सरदार पटेल | D) डॉक्टर अंबेडकर -
भारत विभाजन के लिए कौन सा सिद्धांत मुख्य रूप से जिम्मेदार था?
A) धर्मनिरपेक्षता का सिद्धांत | B) द्वि-राष्ट्र सिद्धांत | C) साम्यवाद का सिद्धांत | D) लोकतंत्र का सिद्धांत -
स्वतंत्रता प्राप्ति के समय भारत में लगभग कितनी देशी रियासतें थीं?
A) तीन सौ पैंसठ | B) चार सौ साठ | C) पाँच सौ पैंसठ | D) छह सौ पंद्रह -
लौह पुरुष के नाम से किसे जाना जाता है?
A) जवाहरलाल नेहरू | B) सरदार वल्लभभाई पटेल | C) महात्मा गांधी | D) सुभाष चंद्र बोस -
राज्य पुनर्गठन आयोग का गठन किस वर्ष किया गया था?
A) उन्नीस सौ पचास | B) उन्नीस सौ बावन | C) उन्नीस सौ तिरपन | D) उन्नीस सौ छप्पन -
भाषाई आधार पर गठित होने वाला पहला राज्य कौन सा था?
A) केरल | B) आंध्र प्रदेश | C) तमिलनाडु | D) पंजाब -
हैदराबाद का शासक क्या कहलाता था?
A) नवाब | B) सुल्तान | C) निजाम | D) राजा -
विभाजन के समय कौन से दो प्रांतों का बंटवारा सांप्रदायिक आधार पर हुआ था?
A) पंजाब और बंगाल | B) बिहार और उड़ीसा | C) गुजरात और राजस्थान | D) केरल और तमिलनाडु -
स्वतंत्रता के समय भारत के समक्ष सबसे प्रमुख चुनौती क्या थी?
A) विदेशी आक्रमण | B) राष्ट्र को एकता के सूत्र में बांधना | C) राजधानी बदलना | D) कर बढ़ाना -
जम्मू-कश्मीर का भारत में विलय किस दस्तावेज के माध्यम से हुआ?
A) संधि पत्र | B) विलय पत्र | C) अधिकार पत्र | D) समझौता पत्र -
भारतीय संविधान कब लागू हुआ था?
A) पंद्रह अगस्त उन्नीस सौ सैंतालीस | B) छब्बीस जनवरी उन्नीस सौ पचास | C) दो अक्टूबर उन्नीस सौ पचास | D) छब्बीस जनवरी उन्नीस सौ सैंतालीस -
पोट्टी श्रीरामुलु किस राज्य के गठन की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे थे?
A) तमिलनाडु | B) आंध्र प्रदेश | C) कर्नाटक | D) ओडिशा -
मुस्लिम लीग की स्थापना किस वर्ष हुई थी?
A) उन्नीस सौ छह | B) उन्नीस सौ सात | C) उन्नीस सौ नौ | D) उन्नीस सौ चौदह -
भारत का पहला गृह मंत्री कौन था?
A) जवाहरलाल नेहरू | B) सरदार वल्लभभाई पटेल | C) डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद | D) मौलाना आज़ाद -
द्वि-राष्ट्र सिद्धांत का प्रतिपादन किस राजनीतिक दल ने किया था?
A) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस | B) मुस्लिम लीग | C) हिंदू महासभा | D) भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी -
जूनागढ़ रियासत के भारत में विलय के लिए क्या तरीका अपनाया गया था?
A) सैनिक कार्रवाई | B) जनमत संग्रह | C) संधि | D) समझौता -
हैदराबाद के निज़ाम के विरुद्ध चलाए गए सैन्य अभियान का क्या नाम था?
A) ऑपरेशन विजय | B) ऑपरेशन पोलो | C) ऑपरेशन ब्लू स्टार | D) ऑपरेशन शक्ति -
राज्य पुनर्गठन अधिनियम किस वर्ष पारित किया गया था?
A) उन्नीस सौ बावन | B) उन्नीस सौ तिरपन | C) उन्नीस सौ छप्पन | D) उन्नीस सौ साठ -
सीमांत गांधी के नाम से कौन प्रसिद्ध थे?
A) मोहम्मद अली जिन्ना | B) खान अब्दुल गफ्फार खान | C) मौलाना आज़ाद | D) जवाहरलाल नेहरू -
विभाजन के दौरान हुए सांप्रदायिक दंगों में किस शहर को सबसे अधिक प्रभावित माना जाता है?
A) दिल्ली | B) कोलकाता | C) लाहौर | D) बंबई -
स्वतंत्र भारत में देसी रियासतों के एकीकरण में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका किसने निभाई थी?
A) जवाहरलाल नेहरू और बीपी मेनन | B) सरदार पटेल और बीपी मेनन | C) डॉक्टर अंबेडकर और गांधीजी | D) माउंटबेटन और नेहरू -
भाषाई आधार पर राज्यों के पुनर्गठन का विरोध करने वाली मुख्य आशंका क्या थी?
A) देश की आर्थिक स्थिति | B) देश के विखंडन और अलगाववाद का खतरा | C) विदेशी आक्रमण का डर | D) संस्कृति का नाश -
विभाजन के समय भारत की कुल जनसंख्या में अल्पसंख्यकों की स्थिति क्या थी?
A) बहुत अधिक | B) अपेक्षाकृत काफी बड़ी संख्या | C) नगण्य | D) केवल शहरों में केंद्रित -
स्वतंत्रता के बाद भारत ने किस प्रकार की शासन प्रणाली को अपनाया?
A) लोकतंत्रात्मक | B) राजतन्त्रात्मक | C) तानाशाही | D) सैन्य शासन -
राज्यों के पुनर्गठन का मुख्य आधार क्या था?
A) धर्म | B) भाषा | C) आर्थिक स्थिति | D) क्षेत्रफल -
किस रियासत ने सबसे पहले स्वतंत्र रहने की घोषणा की थी?
A) हैदराबाद | B) त्रावणकोर | C) जूनागढ़ | D) भोपाल -
अखिल भारतीय कांग्रेस ने भाषाई आधार पर राज्यों के पुनर्गठन को कब सैद्धांतिक रूप से स्वीकार किया था?
A) उन्नीस सौ बीस के नागपुर अधिवेशन में | B) उन्नीस सौ तीस के लाहौर अधिवेशन में | C) उन्नीस सौ पैंतालीस में | D) उन्नीस सौ सैंतालीस में -
भारतीय संविधान की कौन सी विशेषता देश की एकता को बनाए रखने में सहायक रही?
A) एकात्मक शासन | B) संघीय ढांचा और धर्मनिरपेक्षता | C) सैन्य शक्ति | D) कर प्रणाली -
आज़ादी के समय भारत के सामने कौन सी समस्याएँ प्रमुख थीं?
A) नगरीकरण | B) विभाजन पुनर्वास और रियासतों का विलय | C) औद्योगीकरण | D) विदेशी निवेश -
द्वि-राष्ट्र सिद्धांत का विभाजन के समय कांग्रेस द्वारा कड़ा विरोध क्यों किया गया था?
A) कांग्रेस धर्म के आधार पर विभाजन के विरुद्ध थी और भारत को एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र बनाना चाहती थी | B) कांग्रेस को मुस्लिम लीग पसंद नहीं थी | C) कांग्रेस को केवल हिंदू वोट चाहिए थे | D) कांग्रेस पाकिस्तान से डरी हुई थी -
सरदार पटेल को भारतीय रियासतों के विलय के लिए अत्यंत कूटनीतिक और दृढ़ क्यों होना पड़ा?
A) क्योंकि वे सेना को नहीं बुलाना चाहते थे | B) क्योंकि भारत के मध्य में स्थित रियासतें देश की संप्रभुता के लिए खतरा बन सकती थीं और वे रक्तहीन विलय चाहते थे | C) क्योंकि रियासतें बहुत गरीब थीं | D) क्योंकि राजाओं के पास विदेशी समर्थन था -
भाषाई राज्यों की मांग को स्वीकार करना भारतीय लोकतंत्र की किस बड़ी सफलता को दर्शाता है?
A) भाषा की श्रेष्ठता को | B) लोकतंत्र की लचीलापन और विविधता को स्वीकार करने की क्षमता को | C) अंग्रेजों के दबाव को | D) आर्थिक प्रगति को -
विभाजन की प्रक्रिया इतनी हिंसक क्यों हो गई थी?
A) सरकार के पास हथियार नहीं थे | B) दोनों समुदायों के बीच दशकों से पनपी अविश्वास की भावना और राजनीतिक स्वार्थों के कारण हुई अनियंत्रित सांप्रदायिक हिंसा | C) पुलिस ने साथ नहीं दिया | D) सीमाएं स्पष्ट नहीं थीं -
जूनागढ़ के विलय में जनमत संग्रह कराने का क्या महत्व था?
A) यह कानून को धोखा था | B) यह जनता की इच्छा का सम्मान करने और लोकतांत्रिक तरीके से विलय करने की प्रक्रिया थी | C) यह सेना का काम था | D) इसका कोई महत्व नहीं था -
भारत में स्वतंत्रता के बाद राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में धर्मनिरपेक्षता को क्यों आधार बनाया गया?
A) क्योंकि सभी को धर्म पसंद नहीं था | B) क्योंकि भारत जैसे बहुधार्मिक और विविधतापूर्ण समाज में एकता बनाए रखने के लिए धर्मनिरपेक्षता ही एकमात्र विकल्प था | C) क्योंकि यह विदेशी आदेश था | D) क्योंकि सभी धर्म एक जैसे थे -
राज्य पुनर्गठन आयोग ने अपनी रिपोर्ट में क्या मुख्य सुझाव दिया था?
A) राज्यों को खत्म करना | B) राज्यों की सीमाओं का पुनर्निर्धारण भाषाई और सांस्कृतिक आधार पर होना चाहिए | C) केवल हिंदी भाषा का प्रचार | D) केंद्र सरकार की शक्ति घटाना -
कश्मीर का भारत में विलय केवल कानूनी नहीं बल्कि एक बड़ी भू-राजनीतिक चुनौती क्यों थी?
A) क्योंकि कश्मीर बहुत छोटा था | B) क्योंकि कश्मीर की भौगोलिक स्थिति और पाकिस्तान के साथ सीमा के कारण यह सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील था | C) क्योंकि वहां की भाषा अलग थी | D) क्योंकि वहां कर बहुत कम था -
स्वतंत्रता के समय भारत के आर्थिक विकास की क्या सबसे बड़ी विडंबना थी?
A) संसाधन बहुत अधिक थे | B) संसाधन तो थे लेकिन शासन के पास उन्हें नियोजित करने के लिए कोई ढांचा या अनुभव नहीं था | C) संसाधन बिल्कुल नहीं थे | D) सभी लोग व्यापारी थे -
भारत विभाजन के बाद भारत के सामने शरणार्थियों के पुनर्वास की समस्या को कैसे हल किया गया?
A) शरणार्थियों को वापस भेजकर | B) सरकारी सहायता, राहत शिविरों और नई बस्तियों के निर्माण के माध्यम से | C) केवल निजी दान से | D) समस्या को अनदेखा करके -
लोकतंत्र की स्थापना को राष्ट्र निर्माण की चुनौती क्यों माना गया?
A) क्योंकि लोकतंत्र बहुत महंगा है | B) क्योंकि भारतीय समाज में साक्षरता कम थी और लोकतंत्र का सफल संचालन एक साहसी प्रयोग था | C) क्योंकि जनता लोकतंत्र नहीं चाहती थी | D) क्योंकि नेता तानाशाही चाहते थे -
हैदराबाद के निज़ाम ने भारत में विलय का विरोध क्यों किया था?
A) क्योंकि वह भारत से नफरत करता था | B) क्योंकि वह अपनी संप्रभुता बनाए रखना चाहता था और अपने राज्य को पाकिस्तान के साथ जोड़ना चाहता था | C) क्योंकि वह बहुत गरीब था | D) क्योंकि उसकी सेना बहुत छोटी थी -
भाषाई राज्यों के गठन के बाद भारत की एकता पर क्या प्रभाव पड़ा?
A) भारत टूट गया | B) इसने अलगाववाद को कम किया और लोगों को अपनी संस्कृति के साथ भारतीय पहचान के लिए गर्व महसूस कराया | C) भारत की भाषाएं खत्म हो गईं | D) राज्यों में युद्ध छिड़ गया -
स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भारत के समक्ष सबसे पहली और अनिवार्य चुनौती क्या थी?
A) विदेशी नीति का निर्धारण | B) देश को एक करना और विभाजन के दंगों को शांत करना | C) परमाणु बम बनाना | D) नया संविधान लिखना -
सरदार पटेल को भारत का बिस्मार्क क्यों कहा जाता है?
A) क्योंकि वे जर्मनी से थे | B) क्योंकि उन्होंने छोटी-छोटी रियासतों को मिलाकर एक अखंड भारत के निर्माण का कठिन कार्य किया | C) क्योंकि वे बहुत शक्तिशाली थे | D) क्योंकि वे बहुत लंबे थे -
भारत का संविधान बनाने की प्रक्रिया में किन मूल्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई थी?
A) केवल धन कमाने को | B) स्वतंत्रता, समानता, न्याय और बंधुत्व | C) केवल सेना को | D) केवल व्यापारियों को -
विभाजन के दौरान हुए दंगों ने भारत की राजनीति पर क्या दीर्घकालिक प्रभाव डाला?
A) सांप्रदायिक राजनीति का आधार मजबूत हुआ | B) इससे भारत ने धर्मनिरपेक्षता को अपनाया | C) राजनीति खत्म हो गई | D) चुनाव बंद हो गए -
स्वतंत्रता के बाद भारत की विदेश नीति का क्या मुख्य आधार था?
A) हथियार खरीदना | B) गुटनिरपेक्षता और शांतिपूर्ण सहअस्तित्व | C) युद्ध की तैयारी | D) विदेशी हस्तक्षेप -
विभाजन ने भारत के प्रशासनिक ढांचे को कैसे प्रभावित किया?
A) प्रशासन और अधिक कुशल हो गया | B) पुलिस, सेना और प्रशासनिक सेवाओं का भी बंटवारा करना पड़ा जिससे प्रशासन पूरी तरह से अव्यवस्थित हो गया | C) प्रशासन समाप्त हो गया | D) सभी अधिकारी भाग गए -
भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौती लोकतंत्र के साथ-साथ क्या सुनिश्चित करना था?
A) सबको अमीर बनाना | B) सामाजिक न्याय और आर्थिक समानता | C) सबको सेना में भर्ती करना | D) नहरें बनाना
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