11. आकाशीय परिघटनाएँ और काल-निर्धारण ([Celestial Phenomena and Time Measurement])
इस पेज पर आपको 11. आकाशीय परिघटनाएँ और काल-निर्धारण ([Celestial Phenomena and Time Measurement]) के सभी महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ), परीक्षा उपयोगी नोट्स और ऑनलाइन क्विज़ मिलेंगे। अपने ज्ञान का परीक्षण करने और बोर्ड/प्रतियोगी परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए मॉक टेस्ट में अवश्य भाग लें।
👉 अध्याय का सारांश (Summary)
प्रिय अभ्यर्थियों, इस अध्याय में हम ब्रह्मांड के रहस्यों को उजागर करने वाले टॉपिक 'आकाशीय परिघटनाएँ और काल-निर्धारण' पर चर्चा करेंगे। NEP 2020 छात्रों और अभ्यर्थियों में खगोल विज्ञान (Astronomy) और प्राचीन काल-मापन की विधियों के प्रति वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने पर जोर देती है। Railway, SSC और CET परीक्षाओं में तारामंडल (Constellations), ग्रहों की गति और समय निर्धारण पर आधारित MCQ अक्सर देखने को मिलते हैं।
जब हम रात के अंधेरे आकाश को देखते हैं, तो असंख्य तारे दिखाई देते हैं। तारे वास्तव में सूर्य के समान ही गर्म गैसों के विशाल गोले हैं, लेकिन वे हमसे बहुत दूर होने के कारण छोटे दिखाई देते हैं। प्राचीन काल से ही मानव ने दिशा और समय ज्ञात करने के लिए तारों के समूहों (तारामंडलों) जैसे सप्तर्षि (Ursa Major) और ओरियन (Orion) का उपयोग किया है। ध्रुव तारा (Pole Star) हमेशा उत्तर दिशा को इंगित करता है, जो नाविकों के लिए एक प्राकृतिक कंपास की तरह कार्य करता था।
इस अध्याय में हम सूर्य की आभासी गति, विषुव (Equinoxes) और अयनांत (Solstices) के आधार पर वर्ष और ऋतुओं के निर्धारण को गहराई से समझेंगे। NCERT बेस पर आधारित यह सामग्री आपको प्रकाश वर्ष (Light Year) की अवधारणा स्पष्ट करेगी, जो दूरी मापने की इकाई है, न कि समय की। यह ऑनलाइन क्विज़ आपके अंतरिक्ष संबंधी ज्ञान को बहुत मजबूत करेगा।
अध्याय के सभी प्रश्न (Revision Notes)
*नोट: यह सेक्शन रिवीजन के लिए है। अपना ज्ञान परखने के लिए ऊपर दिए गए क्विज़ में भाग लें।
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चंद्रमा पृथ्वी की एक परिक्रमा लगभग कितने दिनों में पूरी करता है?
A) 15 दिन | B) 27.3 दिन | C) 30 दिन | D) 365 दिन -
पृथ्वी अपने अक्ष पर एक घूर्णन कितने समय में पूरा करती है?
A) 12 घंटे | B) 24 घंटे | C) 30 दिन | D) 365 दिन -
पृथ्वी का अक्ष इसकी कक्षा के तल से कितने डिग्री के कोण पर झुका हुआ है?
A) 0 डिग्री | B) 23.5 डिग्री | C) 90 डिग्री | D) 45 डिग्री -
पृथ्वी के अक्षीय झुकाव के कारण क्या होता है?
A) केवल दिन-रात | B) ऋतु परिवर्तन | C) चंद्रमा की कलाएँ | D) ज्वार-भाटा -
जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीधी रेखा में होते हैं, तो कौन-सी खगोलीय घटना होती है?
A) भूकंप | B) ग्रहण | C) चक्रवात | D) तड़ितझंझा -
सूर्य ग्रहण हमेशा किस दिन होता है?
A) पूर्णिमा | B) अमावस्या | C) मकर संक्रांति | D) प्रतिपदा -
चंद्र ग्रहण हमेशा किस दिन घटित होता है?
A) अमावस्या | B) पूर्णिमा | C) शुक्ल पक्ष | D) बसंत पंचमी -
चंद्रमा पृथ्वी की तुलना में प्रतिदिन लगभग कितने मिनट देरी से उदित होता है?
A) 10 मिनट | B) 50 मिनट | C) 30 मिनट | D) 60 मिनट -
सूर्य का उत्तर दिशा की ओर खिसकना (स्थानांतरण) क्या कहलाता है?
A) दक्षिणायन | B) उत्तरायण | C) विषुव | D) अयन -
मकर संक्रांति का पर्व मुख्य रूप से किसके उत्सव के रूप में मनाया जाता है?
A) चंद्रमा का उदय | B) सूर्य का उत्तरायण में प्रवेश | C) भारी वर्षा | D) शीत ऋतु का अंत -
प्राचीन काल में समय मापन के लिए धूप का उपयोग करने वाले यंत्र को क्या कहते थे?
A) घड़ी | B) धूपघड़ी (Sun dial) | C) रेतघड़ी | D) जलघड़ी -
चंद्रमा पृथ्वी के चारों ओर किस दिशा में परिक्रमा करता है?
A) पूर्व से पश्चिम | B) पश्चिम से पूर्व | C) उत्तर से दक्षिण | D) दक्षिण से उत्तर -
चंद्रमा की कक्षा पृथ्वी की कक्षा के तल से कितने डिग्री झुकी हुई है?
A) 23.5 डिग्री | B) लगभग 5 डिग्री | C) 0 डिग्री | D) 90 डिग्री -
पूर्णिमा से अमावस्या तक चंद्रमा का प्रदीप्त भाग घटने की अवधि क्या कहलाती है?
A) शुक्ल पक्ष | B) कृष्ण पक्ष | C) उत्तरायण | D) दक्षिणायन -
अमावस्या से पूर्णिमा तक चंद्रमा का प्रदीप्त भाग बढ़ने की अवधि क्या कहलाती है?
A) कृष्ण पक्ष | B) शुक्ल पक्ष | C) विषुव | D) अयनांत -
समुद्र में जल-स्तर का नियमित रूप से उठना और गिरना क्या कहलाता है?
A) लहरें | B) ज्वार-भाटा | C) चक्रवात | D) सुनामी -
चंद्रमा का अपना प्रकाश नहीं होता, फिर भी वह रात में क्यों चमकता है?
A) वह बिजली से चमकता है | B) वह सूर्य के प्रकाश को परावर्तित करता है | C) वह एक तारा है | D) वह गर्म गैसों का गोला है -
चंद्रमा की प्रदीप्त (चमकदार) आकृति का प्रतिदिन बदलना क्या कहलाता है?
A) चंद्रमा का घूमना | B) चंद्रमा की कलाएँ | C) चंद्रमा का ग्रहण | D) चंद्रमा का उदय -
उस रात को क्या कहते हैं जब चंद्रमा का पूर्ण गोलाकार भाग दिखाई देता है?
A) अमावस्या | B) पूर्णिमा | C) एकादशी | D) चतुर्थी -
जिस रात चंद्रमा बिल्कुल दिखाई नहीं देता, उसे क्या कहा जाता है?
A) पूर्णिमा | B) अमावस्या | C) शुक्ल पक्ष | D) ग्रहण -
सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए और सही कूट का चयन कीजिए:
सूची-I (खगोलीय अवस्था) — सूची-II (परिणाम)
(a) पृथ्वी का घूर्णन — (1) ऋतु परिवर्तन
(b) पृथ्वी का परिक्रमण व झुकाव — (2) दिन और रात
(c) चंद्रमा का परिक्रमण — (3) चंद्रमा की कलाएँ
A) a-2, b-1, c-3 | B) a-1, b-2, c-3 | C) a-3, b-2, c-1 | D) a-2, b-3, c-1 -
सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए और सही कूट का चयन कीजिए:
सूची-I (ग्रहण की स्थिति) — सूची-II (सही क्रम)
(a) सूर्य ग्रहण — (1) सूर्य - चंद्रमा - पृथ्वी
(b) चंद्र ग्रहण — (2) सूर्य - पृथ्वी - चंद्रमा
A) a-1, b-2 | B) a-2, b-1 | C) दोनों एक ही हैं | D) उपरोक्त में से कोई नहीं -
कथन (A): हमें चंद्रमा का हमेशा एक ही भाग दिखाई देता है।
कारण (R): चंद्रमा द्वारा अपने अक्ष पर एक घूर्णन और पृथ्वी के चारों ओर एक परिक्रमा पूरी करने का समय लगभग समान है।
A) A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है | B) A और R दोनों सही हैं परन्तु R, A की सही व्याख्या नहीं है | C) A सही है, R गलत है | D) A गलत है, R सही है -
कथन (A): हर अमावस्या को सूर्य ग्रहण नहीं होता है।
कारण (R): चंद्रमा की कक्षा पृथ्वी की कक्षा के तल से लगभग 5 डिग्री झुकी हुई है, जिससे वे हमेशा एक सीध में नहीं आते।
A) A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है | B) A और R दोनों सही हैं परन्तु R, A की सही व्याख्या नहीं है | C) A सही है, R गलत है | D) A गलत है, R सही है -
कथन (A): उत्तरी गोलार्ध में 21 जून को सबसे लंबा दिन होता है।
कारण (R): इस दिन सूर्य का उत्तरायण समाप्त होता है और सूर्य कर्क रेखा पर सीधा चमकता है।
A) A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है | B) A और R दोनों सही हैं परन्तु R, A की सही व्याख्या नहीं है | C) A सही है, R गलत है | D) A गलत है, R सही है -
कथन (A): चंद्रमा दिन के समय भी आकाश में दिखाई दे सकता है।
कारण (R): चंद्रमा सूर्य के प्रकाश को परावर्तित करता है और जब यह क्षितिज के ऊपर होता है तो कभी-कभी दिन में भी दृष्टिगोचर होता है।
A) A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है | B) A और R दोनों सही हैं परन्तु R, A की सही व्याख्या नहीं है | C) A सही है, R गलत है | D) A गलत है, R सही है -
चंद्रमा की सतह पर अंधेरे भाग का कारण क्या है?
A) वहाँ मिट्टी काली है | B) वहाँ सूर्य का प्रकाश नहीं पहुँच पा रहा है | C) वहाँ बहुत अधिक वर्षा होती है | D) वहाँ कोई वायुमंडल नहीं है -
ग्रहण के दौरान छाया का सबसे गहरा काला मध्य भाग क्या कहलाता है?
A) उपछाया (Penumbra) | B) प्रच्छाया (Umbra) | C) वलय | D) कोरोना -
सूर्य ग्रहण के समय चंद्रमा की छाया कहाँ पड़ती है?
A) सूर्य पर | B) पृथ्वी के कुछ हिस्सों पर | C) मंगल ग्रह पर | D) अंतरिक्ष में कहीं नहीं -
चंद्रमा का उदय प्रतिदिन पिछले दिन की तुलना में लगभग 50 मिनट देरी से क्यों होता है?
A) चंद्रमा थक जाता है | B) पृथ्वी के चारों ओर चंद्रमा की अपनी कक्षा में गति के कारण | C) सूर्य की गति के कारण | D) हवा के दबाव के कारण -
भारतीय पंचांग में 'तिथि' का निर्धारण मुख्य रूप से किसके द्वारा किया जाता है?
A) केवल तारों से | B) सूर्य और चंद्रमा के बीच कोणीय अंतर (कलाओं) के आधार पर | C) केवल बादलों से | D) तापमान से -
यदि पृथ्वी का अक्ष झुका हुआ न होता, तो क्या होता?
A) दिन-रात नहीं होते | B) पूरे वर्ष सभी स्थानों पर एक ही जैसी ऋतु रहती | C) पृथ्वी रुक जाती | D) चंद्रमा गायब हो जाता् -
मकर संक्रांति के समय सूर्योदय की स्थिति क्षितिज पर किस ओर स्थानांतरित होती दिखाई देती है?
A) दक्षिण की ओर | B) उत्तर की ओर | C) पश्चिम की ओर | D) स्थिर रहती है -
सूर्य की स्थिति का एक वर्ष तक प्रेक्षण करने पर प्राप्त होने वाला 'आठ' (8) के आकार का वक्र क्या कहलाता है?
A) एनालेम्मा (Analemma) | B) दीर्घवृत्त | C) परवलय | D) कक्षा -
ज्वार-भाटा का स्तर निकट रूप से किससे संबद्ध होता है?
A) केवल हवा से | B) चंद्रमा की स्थिति और उसकी कलाओं से | C) मछलियों की गति से | D) भूकंप से -
चंद्रमा पर रहने वाले किसी व्यक्ति के लिए 'पृथ्वी-उदय' (Earth-rise) कैसा दिखेगा?
A) पृथ्वी कभी उदित नहीं होगी | B) पृथ्वी चंद्रमा के आकाश में एक ही स्थान पर स्थिर दिखेगी (कलाएँ बदलते हुए) | C) पृथ्वी सूर्य की तरह पूर्व से पश्चिम जाएगी | D) पृथ्वी केवल रात में दिखेगी -
पूर्ण सूर्य ग्रहण के समय सूर्य का कौन-सा बाहरी भाग दिखाई देता है?
A) नाभिक | B) किरीट (कोरोना) | C) धब्बे | D) कोई भाग नहीं -
प्राचीन भारतीय ऋषियों ने नक्षत्रों और चंद्रमा की स्थिति का उपयोग किसलिए किया था?
A) केवल मनोरंजन | B) समय मापन और कृषि कार्यों के नियोजन हेतु | C) चित्रकला के लिए | D) युद्ध के लिए -
धूपघड़ी की छाया की लंबाई और दिशा किस पर निर्भर करती है?
A) बादलों पर | B) आकाश में सूर्य की स्थिति पर | C) घड़ी के रंग पर | D) मिट्टी की नमी पर -
चंद्रमा की कक्षा का झुकाव ग्रहणों की आवृत्ति को कैसे प्रभावित करता है?
A) यह ग्रहणों को हर महीने होने से रोकता है | B) यह ग्रहणों को बढ़ा देता है | C) इसका कोई प्रभाव नहीं है | D) यह चंद्रमा को बड़ा दिखाता है -
कथन (A): चंद्रमा की कलाओं का चक्र लगभग 29.5 दिनों का होता है।
निष्कर्ष (I): यह चंद्रमा की पृथ्वी के चारों ओर की वास्तविक परिक्रमा अवधि (27.3 दिन) से कुछ अधिक है।
निष्कर्ष (II): इस अंतर का कारण चंद्रमा की परिक्रमा के दौरान पृथ्वी का भी सूर्य के चारों ओर आगे बढ़ जाना है।
A) केवल निष्कर्ष I सही है | B) केवल निष्कर्ष II सही है | C) दोनों निष्कर्ष सही हैं | D) दोनों निष्कर्ष गलत हैं -
कथन (A): चंद्र ग्रहण के समय चंद्रमा पूरी तरह काला होने के बजाय कभी-कभी गहरा लाल दिखाई देता है।
निष्कर्ष (I): पृथ्वी का वायुमंडल सूर्य के कुछ प्रकाश को चंद्रमा की ओर मोड़ (अपवर्तित) देता है।
निष्कर्ष (II): चंद्रमा का अपना लाल प्रकाश उत्सर्जित होता है।
A) केवल निष्कर्ष I सही है | B) केवल निष्कर्ष II सही है | C) दोनों निष्कर्ष सही हैं | D) दोनों निष्कर्ष गलत हैं -
कथन (A): पृथ्वी के दक्षिणी गोलार्ध में ऋतुएँ उत्तरी गोलार्ध के विपरीत होती हैं।
निष्कर्ष (I): जब उत्तरी गोलार्ध सूर्य की ओर झुका होता है, तो वहाँ ग्रीष्म ऋतु होती है।
निष्कर्ष (II): उसी समय दक्षिणी गोलार्ध सूर्य से दूर झुका होता है, जिससे वहाँ शीत ऋतु होती है।
A) केवल निष्कर्ष I सही है | B) केवल निष्कर्ष II सही है | C) दोनों निष्कर्ष सही हैं | D) दोनों निष्कर्ष गलत हैं -
चंद्रमा की कलाओं के सही अनुक्रम पर विचार कीजिए (अमावस्या से शुरू करते हुए):
1. बाल चंद्र (Crescent)
2. प्रथम चतुर्थांश (आधी आकृति)
3. कुबड़ा चंद्रमा (Gibbous)
4. पूर्णिमा
A) 1 -> 2 -> 3 -> 4 | B) 4 -> 3 -> 2 -> 1 | C) 2 -> 1 -> 3 -> 4 | D) 1 -> 3 -> 2 -> 4 -
खगोलीय पिंडों की गति और काल-निर्धारण के बारे में कौन-से कथन सही हैं?
1. पृथ्वी का घूर्णन 'दिन' की इकाई निर्धारित करता है।
2. चंद्रमा की कलाओं का चक्र 'माह' की अवधारणा देता है।
3. पृथ्वी का सूर्य के चारों ओर परिक्रमण 'वर्ष' की अवधि तय करता है।
A) 1 और 2 | B) 2 और 3 | C) 1 और 3 | D) 1, 2 और 3 -
उत्तरायण और दक्षिणायन की वैज्ञानिक व्याख्या के संदर्भ में विचार करें:
1. यह पृथ्वी के अक्षीय झुकाव और सूर्य के चारों ओर परिक्रमा का परिणाम है।
2. उत्तरायण के दौरान सूर्योदय की स्थिति उत्तर की ओर खिसकती है।
3. दक्षिणायन के दौरान दिन की लंबाई धीरे-धीरे कम होती जाती है (उत्तरी गोलार्ध में)।
A) 1 और 2 | B) 2 और 3 | C) 1, 2 और 3 | D) केवल 1 -
ग्रहण के प्रकारों के बारे में कौन-सा मिलान सही है?
1. पूर्ण सूर्य ग्रहण -> चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह ढँक लेता है।
2. आंशिक सूर्य ग्रहण -> सूर्य का केवल कुछ भाग ढँका होता है।
3. वलयाकार सूर्य ग्रहण -> सूर्य के चारों ओर प्रकाश का एक छल्ला दिखाई देता है।
A) 1 और 2 | B) 2 और 3 | C) 1, 2 और 3 | D) केवल 1 -
ज्वार-भाटा और चंद्रमा के संबंध के बारे में क्या सत्य है?
1. पूर्णिमा और अमावस्या को ज्वार की ऊँचाई सबसे अधिक होती है।
2. चंद्रमा का गुरुत्वाकर्षण खिंचाव समुद्र के जल को अपनी ओर खींचता है।
3. ज्वार और भाटा के बीच लगभग 6 घंटे का अंतराल होता है।
A) 1 और 2 | B) 2 और 3 | C) 1, 2 और 3 | D) केवल 3 -
यदि पृथ्वी की घूर्णन गति दोगुनी हो जाए, तो एक 'दिन' की अवधि पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
A) दिन 48 घंटे का हो जाएगा | B) दिन 12 घंटे का हो जाएगा | C) कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा | D) दिन समाप्त हो जाएगा -
चंद्रमा के 'दूरस्थ भाग' (Far side) को हम पृथ्वी से कभी क्यों नहीं देख पाते?
A) वह हमेशा अंधेरे में रहता है | B) चंद्रमा का घूर्णन और परिक्रमण काल एक समान (Synchronous) है | C) वह भाग पृथ्वी की ओर है ही नहीं | D) चंद्रमा घूमता नहीं है -
सूर्य ग्रहण के दौरान 'वलयाकार' आकृति कब बनती है?
A) जब चंद्रमा पृथ्वी से अपनी अधिकतम दूरी पर होता है और सूर्य के मध्य भाग को ढँकता है | B) जब सूर्य बड़ा हो जाता है | C) जब पृथ्वी तेज घूमती है | D) जब बादल आ जाते हैं -
विषुव (Equinox) की स्थिति में क्या होता है?
1. सूर्य भूमध्य रेखा पर सीधा चमकता है।
2. पूरे विश्व में दिन और रात बराबर होते हैं।
3. यह वर्ष में दो बार (21 मार्च और 23 सितंबर) होता है।
A) 1 और 2 | B) 2 और 3 | C) 1, 2 और 3 | D) केवल 3 -
प्राचीन काल में 'तिथि' के घटने-बढ़ने का क्या वैज्ञानिक आधार था?
A) चंद्रमा की गति का असमान होना | B) पृथ्वी का आकार बदलना | C) सूर्य का गायब होना | D) हवा की गति -
अध्याय के अनुसार, काल-निर्धारण के लिए आकाश का अवलोकन क्यों आवश्यक था?
A) केवल भविष्य बताने के लिए | B) कृषि, पर्वों और दैनिक कार्यों के सही नियोजन के लिए | C) सितारों को गिनने के लिए | D) साइकिल चलाने के लिए -
यदि आप चाँद पर खड़े हैं, तो आपको आकाश का रंग कैसा दिखाई देगा?
A) नीला | B) सफेद | C) काला (वायुमंडल के अभाव के कारण) | D) लाल -
ग्रीष्म अयनांत (Summer Solstice) और शीत अयनांत (Winter Solstice) के बीच मुख्य अंतर क्या है?
A) तापमान का | B) सूर्य की उत्तरतम और दक्षिणतम स्थितियों का | C) हवा का | D) बारिश का -
चंद्रमा की कलाओं का 'शुक्ल पक्ष' किस घटना के बाद शुरू होता है?
A) पूर्णिमा के बाद | B) अमावस्या के बाद | C) ग्रहण के बाद | D) विषुव के बाद -
सौर समय और घड़ी के समय (Standard time) में अंतर का मुख्य कारण क्या है?
1. पृथ्वी की कक्षा का दीर्घवृत्ताकार होना।
2. पृथ्वी के अक्ष का झुकाव।
3. वायुमंडल का घनत्व।
A) 1 और 2 | B) 2 और 3 | C) केवल 1 | D) 1, 2 और 3 -
अध्याय के अंत में 'एक सोपान ऊपर' खंड के अनुसार, ज्वार-भाटा प्रतिदिन 50 मिनट की देरी से क्यों आता है?
A) चंद्रमा के उदय में होने वाली 50 मिनट की देरी के कारण | B) समुद्र के पानी के भारी होने के कारण | C) सूर्य की दूरी के कारण | D) मछलियों के कारण -
खोजें और चर्चा करें खंड के अनुसार, वर्ष भर सूर्योदय की स्थिति का रेखाचित्र बनाना हमें क्या समझने में मदद करता है?
A) पेंटिंग करना | B) सूर्य की आभासी वार्षिक गति और ऋतुओं का चक्र | C) बादलों का प्रकार | D) मिट्टी की उर्वरता
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