8. महिलाएँ, जाति एवं सुधार ([Women, Caste and Reform])
इस पेज पर आपको 8. महिलाएँ, जाति एवं सुधार ([Women, Caste and Reform]) के सभी महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ), परीक्षा उपयोगी नोट्स और ऑनलाइन क्विज़ मिलेंगे। अपने ज्ञान का परीक्षण करने और बोर्ड/प्रतियोगी परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए मॉक टेस्ट में अवश्य भाग लें।
👉 अध्याय का सारांश (Summary)
प्रिय अभ्यर्थियों, 19वीं और 20वीं सदी के भारतीय समाज में महिलाओं की स्थिति सुधारने और जातिगत भेदभाव को मिटाने के शानदार संघर्ष को दर्शाने वाले इस अध्याय 'महिलाएँ, जाति एवं सुधार' में आपका स्वागत है। NEP 2020 के अंतर्गत सामाजिक न्याय (Social Justice), समानता और महान समाज सुधारकों (Social Reformers) के योगदान का आलोचनात्मक अध्ययन करना शिक्षा का एक प्रमुख लक्ष्य है। SSC (CGL, CHSL), Railway (NTPC), CTET, State PCS और UPSC परीक्षाओं में सती प्रथा का अंत (Abolition of Sati), ब्रह्म समाज (Brahmo Samaj), आर्य समाज (Arya Samaj), ज्योतिराव फुले के 'सत्यशोधक समाज', और ई.वी. रामास्वामी नायकर (Periyar) के आंदोलनों पर 2-3 वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Objective Questions) हमेशा परीक्षा का हिस्सा बनते हैं।
200 साल पहले महिलाओं की स्थिति बहुत दयनीय थी। बाल विवाह (Child marriage), बहुविवाह (Polygamy) आम थे, और शिक्षा का अधिकार नहीं था। सबसे भयानक प्रथा 'सती' (Sati) थी, जिसमें विधवाओं को अपने पति की चिता पर जिंदा जला दिया जाता था। 'राजा राममोहन राय' (Raja Rammohun Roy) पहले सुधारक थे जिन्होंने महिलाओं की स्थिति सुधारने का बीड़ा उठाया। उन्होंने कलकत्ता में 'ब्रह्म समाज' (Brahmo Samaj) की स्थापना की। उन्होंने प्राचीन हिंदू ग्रंथों का हवाला देकर साबित किया कि सती प्रथा का शास्त्रों में कोई उल्लेख नहीं है। उनके प्रयासों से 1829 में लॉर्ड विलियम बेंटिक ने 'सती प्रथा' पर प्रतिबंध लगा दिया। इसके बाद, 'ईश्वरचंद्र विद्यासागर' (Ishwarchandra Vidyasagar) ने विधवाओं के पुनर्विवाह के लिए संघर्ष किया, जिसके परिणामस्वरूप 1856 में 'विधवा पुनर्विवाह अधिनियम' (Widow Remarriage Act) पारित हुआ। मद्रास प्रेसीडेंसी में 'वीरेशलिंगम पंतुलु' (Veeresalingam Pantulu) और उत्तर भारत में 'स्वामी दयानंद सरस्वती' (जिन्होंने 1875 में 'आर्य समाज' की स्थापना की) ने भी विधवा विवाह का समर्थन किया। लड़कियों के लिए स्कूल खोले गए (जैसे ज्योतिराव फुले द्वारा पुणे में और बेगम रुकैया सखावत हुसैन द्वारा पटना/कलकत्ता में)। 1929 में 'शारदा अधिनियम' (Child Marriage Restraint Act) पारित कर बाल विवाह पर रोक लगाई गई।
जाति व्यवस्था (Caste System) समाज की दूसरी सबसे बड़ी बुराई थी। निचली जातियों (जिन्हें अछूत माना जाता था) को मंदिरों में प्रवेश, कुओं से पानी लेने और पढ़ने की अनुमति नहीं थी। सुधारकों ने इसका भी कड़ा विरोध किया। 'परमहंस मंडली' (बंबई, 1840) ने जाति उन्मूलन के लिए काम किया। मध्य भारत में घासीदास ने 'सतनामी आंदोलन' शुरू किया जो चमड़े का काम करने वालों की स्थिति सुधारने के लिए था। पूर्वी बंगाल में हरिदास ठाकुर के 'मतुआ पंथ' ने चंडालों के लिए काम किया।
जातिगत समानता के सबसे बड़े पैरोकार 'ज्योतिराव फुले' (Jyotirao Phule) थे। उनका जन्म एक 'माली' (Mali) परिवार में हुआ था। उन्होंने ब्राह्मणों के उस दावे को खारिज कर दिया कि वे आर्य होने के कारण श्रेष्ठ हैं। फुले ने कहा कि उच्च जातियां बाहरी (आक्रमणकारी) हैं और असली मालिक नीची जातियां हैं। 1873 में उन्होंने 'गुलामगिरी' (Gulamgiri) नामक प्रसिद्ध पुस्तक लिखी और इसे अमेरिकी गृहयुद्ध में दासों को मुक्त कराने वालों को समर्पित किया। उन्होंने 'सत्यशोधक समाज' (Satyashodhak Samaj) की स्थापना की। 20वीं सदी में दलित आंदोलन का नेतृत्व 'डॉ. बी.आर. अंबेडकर' (Dr. B.R. Ambedkar) ने किया (जो महार जाति से थे)। उन्होंने 1927 में सवर्णों के पीने के पानी के स्रोतों और 'मंदिर प्रवेश' (Temple Entry Movement) के लिए महान आंदोलन शुरू किए। दक्षिण भारत में 'ई.वी. रामास्वामी नायकर' (E.V. Ramasamy Naicker), जिन्हें 'पेरियार' कहा जाता है, ने 'आत्मसम्मान आंदोलन' (Self-Respect Movement) शुरू किया। उन्होंने ब्राह्मणों के वर्चस्व और मनुस्मृति जैसे ग्रंथों की कड़ी आलोचना की, जिन्हें वे जाति व्यवस्था का कारण मानते थे। इन सभी आंदोलनों ने भारतीय समाज को आधुनिक, समतावादी और लोकतांत्रिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। NCERT बेस पर तैयार यह विस्तृत सामग्री आपको सामाजिक इतिहास को गहराई से समझने में मदद करेगी। 3-Level ऑनलाइन क्विज़ के माध्यम से अपनी तैयारी का परीक्षण करें।
अध्याय के सभी प्रश्न (Revision Notes)
*नोट: यह सेक्शन रिवीजन के लिए है। अपना ज्ञान परखने के लिए ऊपर दिए गए क्विज़ में भाग लें।
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राजा राममोहन रॉय ने कलकत्ता में किस प्रसिद्ध संगठन की स्थापना की थी?
A) आर्य समाज | B) ब्रह्मो समाज | C) प्रार्थना समाज | D) वेद समाज -
अंग्रेज़ सरकार द्वारा सती प्रथा पर पाबंदी किस वर्ष लगाई गई थी?
A) 1819 में | B) 1829 में | C) 1856 में | D) 1929 में -
ईश्वरचंद्र विद्यासागर के प्रयासों से किस विषय पर ब्रिटिश सरकार ने कानून पारित किया?
A) बाल विवाह रोकने के लिए | B) सती प्रथा रोकने के लिए | C) विधवा विवाह के पक्ष में | D) जाति प्रथा खत्म करने के लिए -
विधवा विवाह के पक्ष में कानून किस वर्ष पारित किया गया था?
A) 1829 में | B) 1856 में | C) 1875 में | D) 1929 में -
उत्तर भारत में आर्य समाज की स्थापना किसने की थी?
A) स्वामी विवेकानंद | B) राजा राममोहन रॉय | C) ईश्वरचंद्र विद्यासागर | D) स्वामी दयानंद सरस्वती -
आर्य समाज की स्थापना किस वर्ष हुई थी?
A) 1830 में | B) 1856 में | C) 1875 में | D) 1893 में -
मद्रास प्रेसीडेंसी के तेलुगू भाषी इलाकों में विधवा विवाह के समर्थन में किसने संगठन बनाया था?
A) पेरियार | B) वीरेशलिंगम पंतुलु | C) श्री नारायण गुरु | D) ज्योतिराव फुले -
'स्त्रीपुरुषतुलना' (Stri Purush Tulana) नामक प्रसिद्ध पुस्तक किसने लिखी थी?
A) पंडिता रमाबाई | B) ताराबाई शिंदे | C) बेगम रुकैया सखावत हुसैन | D) राशसुंदरी देबी -
ससुराल वालों के अत्याचार झेल रही महिलाओं को पनाह देने के लिए पूना में एक 'विधवागृह' की स्थापना किसने की थी?
A) पंडिता रमाबाई | B) ताराबाई शिंदे | C) एनी बेसेंट | D) सरोजिनी नायडू -
कलकत्ता और पटना में मुसलिम लड़कियों के लिए स्कूल किसने खोले थे?
A) मुमताज अली | B) बेगम रुकैया सखावत हुसैन | C) भोपाल की बेगमों ने | D) फ़ातिमा शेख -
बाल विवाह निषेध अधिनियम किस वर्ष पारित किया गया था?
A) 1829 में | B) 1856 में | C) 1875 में | D) 1929 में -
1929 के कानून के अनुसार लड़के और लड़की की शादी की न्यूनतम उम्र क्रमशः क्या तय की गई थी?
A) लड़के 21 और लड़की 18 | B) लड़के 18 और लड़की 16 | C) लड़के 20 और लड़की 18 | D) लड़के 16 और लड़की 14 -
'गुलामगीरी' (Gulamgiri) नामक प्रसिद्ध पुस्तक के लेखक कौन हैं?
A) बी.आर. अम्बेडकर | B) पेरियार | C) ज्योतिराव फुले | D) घासीदास -
जातीय समानता के समर्थन में मुहिम चलाने के लिए 'सत्यशोधक समाज' की स्थापना किसने की थी?
A) घासीदास | B) हरिदास ठाकुर | C) श्री नारायण गुरु | D) ज्योतिराव फुले -
मध्य भारत में चमड़े का काम करने वालों को संगठित कर 'सतनामी आंदोलन' की शुरुआत किसने की थी?
A) ज्योतिराव फुले | B) घासीदास | C) बी.आर. अम्बेडकर | D) हरिदास ठाकुर -
केरल में "मानवता की एक जाति, एक धर्म, एक ईश्वर" का नारा किसने दिया था?
A) श्री नारायण गुरु | B) पेरियार | C) ज्योतिराव फुले | D) घासीदास -
सन् 1927 में 'मंदिर प्रवेश आंदोलन' किसने शुरू किया था?
A) ज्योतिराव फुले | B) महात्मा गांधी | C) बी.आर. अम्बेडकर | D) पेरियार -
'स्वाभिमान आंदोलन' (Self Respect Movement) की शुरुआत किसने की थी?
A) बी.आर. अम्बेडकर | B) ई.वी. रामास्वामी नायकर (पेरियार) | C) श्री नारायण गुरु | D) स्वामी विवेकानंद -
अलीगढ़ में मोहम्मदन एंग्लो-ओरिएंटल कॉलेज (1875) किसने खोला था?
A) मुमताज अली | B) सैय्यद अहमद खाँ | C) अब्दुल कलाम आज़ाद | D) मोहम्मद अली जिन्ना -
सिखों का सुधारवादी संगठन 'सिंह सभा' सबसे पहले 1873 में कहाँ स्थापित किया गया था?
A) लाहौर | B) दिल्ली | C) अमृतसर | D) चंडीगढ़ -
सही मिलान करें:
1. राममोहन रॉय
2. दयानंद सरस्वती
3. वीरेशलिंगम पंतुलु
(A) आर्य समाज
(B) ब्रह्मो समाज
(C) मद्रास में विधवा विवाह
A) 1-C, 2-A, 3-B | B) 1-B, 2-A, 3-C | C) 1-A, 2-B, 3-C | D) 1-B, 2-C, 3-A -
सही मिलान करें:
1. ज्योतिराव फुले
2. पंडिता रमाबाई
3. पेरियार
(A) स्वाभिमान आंदोलन
(B) सत्यशोधक समाज
(C) पूना में विधवागृह
A) 1-A, 2-B, 3-C | B) 1-C, 2-B, 3-A | C) 1-B, 2-C, 3-A | D) 1-B, 2-A, 3-C -
कथन (A): राजा राममोहन रॉय ने सती प्रथा के खिलाफ मुहिम छेड़ी।
कारण (R): उनका मानना था कि प्राचीन ग्रंथों में विधवाओं को जलाने की अनुमति कहीं नहीं दी गई है।
A) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या है | B) कथन और कारण दोनों सही हैं लेकिन कारण कथन की सही व्याख्या नहीं है | C) कथन सही है लेकिन कारण गलत है | D) कथन गलत है लेकिन कारण सही है -
कथन (A): उन्नीसवीं सदी के मध्य में बहुत सारे लोग लड़कियों को स्कूल भेजने से डरते थे।
कारण (R): लोगों को लगता था कि स्कूल वाले लड़कियों को घर से निकाल ले जाएँगे और उन्हें घरेलू कामकाज नहीं करने देंगे।
A) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या है | B) कथन और कारण दोनों सही हैं लेकिन कारण कथन की सही व्याख्या नहीं है | C) कथन सही है लेकिन कारण गलत है | D) कथन गलत है लेकिन कारण सही है -
कथन (A): ज्योतिराव फुले ने उच्च जाति नेताओं के उपनिवेशवाद-विरोधी राष्ट्रवाद का समर्थन किया।
कारण (R): फुले का मानना था कि उच्च जाति के नेता सभी के फायदे के लिए एकजुटता की बात कर रहे हैं और वे छुआछूत मिटा देंगे।
A) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या है | B) कथन और कारण दोनों सही हैं लेकिन कारण कथन की सही व्याख्या नहीं है | C) कथन सही है लेकिन कारण गलत है | D) कथन और कारण दोनों गलत हैं -
उन्नीसवीं शताब्दी में स्थापित 'हिंदू महिला विद्यालय' जैसे शुरुआती संस्थानों की सबसे बड़ी विशेषता क्या थी?
A) वहाँ केवल घरेलू कामकाज सिखाया जाता था | B) वहाँ लड़कियों को वही शिक्षा दी जाती थी जो उस समय लड़कों को दी जा रही थी | C) वहाँ केवल धार्मिक ग्रंथ पढ़ाए जाते थे | D) वहाँ शिक्षा पूरी तरह से मुफ़्त थी -
राशसुंदरी देबी ने पढ़ना-लिखना किस प्रकार सीखा था?
A) हिंदू महिला विद्यालय में जाकर | B) रात में दीये की टिमटिमाती लौ में चोरी-छिपे | C) विदेश जाकर | D) मिशनरी स्कूलों में -
मुमताज अली जैसे सुधारकों ने महिलाओं की शिक्षा का अधिकार माँगने के लिए मुख्य रूप से किसका सहारा लिया?
A) पश्चिमी पुस्तकों का | B) कुरान शरीफ की आयतों का | C) ब्रिटिश सरकार के कानूनों का | D) हिंदू धर्मग्रंथों का -
जाति उन्मूलन के लिए 1840 में 'परमहंस मंडली' का गठन कहाँ किया गया था?
A) मद्रास | B) कलकत्ता | C) बम्बई | D) लाहौर -
पूर्वी बंगाल में हरिदास ठाकुर के 'मतुआ पंथ' ने मुख्य रूप से किन काश्तकारों के बीच काम किया?
A) महार | B) चांडाल | C) मदिगा | D) दुबला -
ज्योतिराव फुले ने अपनी पुस्तक 'गुलामगीरी' (1873) किसे समर्पित की थी?
A) भारत के दलितों को | B) ब्रिटिश सरकार को | C) उन अमरीकियों को जिन्होंने गुलामों को मुक्ति दिलाने के लिए संघर्ष किया था | D) अपनी पत्नी सावित्रीबाई फुले को -
बी.आर. अम्बेडकर ने 1927 से 1935 के बीच मंदिरों में प्रवेश के लिए कुल कितने आंदोलन चलाए?
A) एक | B) दो | C) तीन | D) पाँच -
ई.वी. रामास्वामी नायकर (पेरियार) ने कांग्रेस पार्टी क्यों छोड़ दी थी?
A) क्योंकि उन्हें कोई पद नहीं मिला था | B) क्योंकि पार्टी की एक दावत में जातियों के हिसाब से अलग-अलग बैठने का इंतजाम किया गया था | C) क्योंकि वे चुनाव हार गए थे | D) क्योंकि महात्मा गांधी ने उन्हें निकाल दिया था -
पेरियार किन प्राचीन ग्रंथों के कट्टर आलोचक थे?
A) केवल वेदों के | B) उपनिषदों के | C) मनु संहिता, भगवदगीता और रामायण के | D) बौद्ध ग्रंथों के -
प्रार्थना समाज की स्थापना 1867 में कहाँ हुई थी जिसने जातीय बंधनों को खत्म करने का प्रयास किया?
A) कलकत्ता | B) बम्बई | C) मद्रास | D) दिल्ली -
मद्रास में 1864 में स्थापित 'वेद समाज' किस संगठन से प्रेरित था?
A) सत्यशोधक समाज | B) आर्य समाज | C) ब्रह्मो समाज | D) रामकृष्ण मिशन -
रामकृष्ण मिशन की स्थापना का मुख्य लक्ष्य किस पर जोर देना था?
A) केवल धार्मिक अनुष्ठान | B) समाज सेवा और निस्वार्थ श्रम के जरिए मुक्ति | C) राजनीतिक आज़ादी | D) केवल पश्चिमी शिक्षा -
किसने देशवासियों को 'रसोईघर के धर्म' की संकीर्ण चारदीवारी से बाहर निकलने और राष्ट्र सेवा में एकजुट होने का आह्वान किया था?
A) ईश्वरचंद्र विद्यासागर | B) स्वामी विवेकानंद | C) दयानंद सरस्वती | D) बी.आर. अम्बेडकर -
पहले विश्व युद्ध के दौरान सेना के लिए जूतों की जबरदस्त माँग पैदा होने पर किस समुदाय को काफी आर्थिक लाभ हुआ?
A) महार समुदाय | B) मदिगा समुदाय | C) चांडाल समुदाय | D) सतनामी समुदाय -
रूढ़िवादी हिंदू समाज ने सुधार आंदोलनों का विरोध करने के लिए बंगाल में किस संगठन की स्थापना की थी?
A) सनातन धर्म सभा | B) भारत धर्म महामंडल | C) ब्राह्मण सभा | D) प्रार्थना सभा -
कथन: उन्नीसवीं सदी की शुरुआत में किताबें, अखबार, पत्रिकाएँ और पर्चे छपने लगे जो पुराने साधनों के मुकाबले सस्ते थे।
निष्कर्ष I: इससे आम लोग भी उन्हें पढ़ सकते थे और अपने विचार व्यक्त कर सकते थे।
निष्कर्ष II: इससे सामाजिक, राजनैतिक और धार्मिक मुद्दों पर चर्चाएँ आम जनता तक पहुँचने लगीं और सुधार आंदोलनों को बल मिला।
A) केवल निष्कर्ष एक सही है | B) केवल निष्कर्ष दो सही है | C) निष्कर्ष एक और दो दोनों सही हैं | D) न तो निष्कर्ष एक और न ही दो सही है -
कथन: ज्योतिराव फुले का तर्क था कि आर्य विदेशी थे जिन्होंने यहाँ के मूल निवासियों को हराकर उन्हें गुलाम बना लिया था।
निष्कर्ष I: फुले के अनुसार उच्च जातियों का इस धरती और सत्ता पर कोई अधिकार नहीं है, यह धरती कथित निम्न जाति के लोगों की है।
निष्कर्ष II: फुले ने ब्राह्मणों के श्रेष्ठता के दावे को सही ठहराया और उनका समर्थन किया।
A) केवल निष्कर्ष एक सही है | B) केवल निष्कर्ष दो सही है | C) निष्कर्ष एक और दो दोनों सही हैं | D) न तो निष्कर्ष एक और न ही दो सही है -
कथन: पेरियार का मानना था कि सभी धार्मिक नेता और मुखिया सामाजिक विभाजनों और असमानता को ईश्वरप्रदत्त मानते हैं।
निष्कर्ष I: पेरियार के अनुसार सामाजिक समानता के लिए अछूतों को सभी धर्मों से खुद मुक्ति पानी होगी।
निष्कर्ष II: पेरियार ने सुझाव दिया कि अछूतों को केवल हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम अपना लेना चाहिए।
A) केवल निष्कर्ष एक सही है | B) केवल निष्कर्ष दो सही है | C) निष्कर्ष एक और दो दोनों सही हैं | D) न तो निष्कर्ष एक और न ही दो सही है -
राजा राममोहन रॉय के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
1. उन्होंने कलकत्ता में ब्रह्मो सभा की स्थापना की।
2. वे संस्कृत, फारसी तथा अन्य भारतीय एवं यूरोपीय भाषाओं के ज्ञाता थे।
3. उन्होंने सती प्रथा का समर्थन किया था और इसे शास्त्रों के अनुकूल बताया था।
इनमें से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
A) केवल एक | B) एक और दो | C) दो और तीन | D) एक, दो और तीन -
ज्योतिराव फुले के विचारों और कार्यों के बारे में विचार करें:
1. उनके द्वारा स्थापित सत्यशोधक समाज ने जातीय समानता के समर्थन में मुहिम चलाई।
2. फुले ने सुझाव दिया कि शूद्रों और अतिशूद्रों को जातीय भेदभाव खत्म करने के लिए संगठित होना चाहिए।
3. उन्होंने महिलाओं की शिक्षा का घोर विरोध किया था।
इनमें से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
A) केवल एक | B) एक और दो | C) दो और तीन | D) एक, दो और तीन -
अलीगढ़ आंदोलन के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
1. इसकी शुरुआत सैय्यद अहमद खाँ ने 1875 में की थी।
2. यहाँ मुसलमानों को पश्चिमी विज्ञान के साथ-साथ आधुनिक शिक्षा दी जाती थी।
3. इस आंदोलन का शैक्षणिक सुधारों के क्षेत्र में गहरा प्रभाव रहा।
इनमें से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
A) केवल एक | B) एक और दो | C) दो और तीन | D) एक, दो और तीन -
निम्नलिखित सामाजिक सुधार संबंधी घटनाओं को उनके सही कालानुक्रमिक क्रम (Chronological Order) में व्यवस्थित करें:
1. सती प्रथा पर पाबंदी
2. बाल विवाह निषेध अधिनियम
3. विधवा विवाह के पक्ष में कानून
4. ज्योतिराव फुले द्वारा 'गुलामगीरी' का प्रकाशन
A) एक, तीन, चार, दो | B) एक, दो, तीन, चार | C) तीन, एक, चार, दो | D) चार, तीन, एक, दो -
निम्नलिखित संगठनों की स्थापना को सही कालानुक्रमिक क्रम में सजाएँ:
1. ब्रह्मो समाज
2. परमहंस मंडली
3. वेद समाज
4. आर्य समाज
A) एक, तीन, दो, चार | B) एक, दो, तीन, चार | C) दो, एक, चार, तीन | D) चार, तीन, दो, एक -
1820 के दशक में 'यंग बंगाल मूवमेंट' (Young Bengal Movement) की शुरुआत किसने की थी जिसमें विद्यार्थियों ने परंपराओं पर उँगली उठाई और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की माँग की?
A) राजा राममोहन रॉय | B) हेनरी लुई विवियन डेरोजियो | C) ईश्वरचंद्र विद्यासागर | D) स्वामी विवेकानंद -
1893 में शिकागो में आयोजित 'विश्व धर्म संसद' में किसने भारत और वेदांत दर्शन का प्रतिनिधित्व कर विश्वव्यापी स्तर पर आध्यात्मिक गौरव को पुनर्स्थापित किया?
A) दयानंद सरस्वती | B) स्वामी विवेकानंद | C) रामकृष्ण परमहंस | D) सैय्यद अहमद खाँ -
"धरती से 'जनता की, जनता के द्वारा, जनता के लिए सरकार' का नाश न हो" यह प्रसिद्ध कथन अमरीका में दास प्रथा के खिलाफ संघर्ष के संदर्भ में किसने कहा था?
A) जॉर्ज वाशिंगटन | B) अब्राहम लिंकन | C) मार्टिन लूथर किंग | D) थॉमस जेफरसन -
बी.आर. अम्बेडकर के पिता किस संस्थान में कार्य करते थे, जहाँ अम्बेडकर ने बचपन से ही जातीय भेदभाव को बहुत नज़दीक से देखा था?
A) एक सरकारी अस्पताल में | B) एक सैनिक स्कूल में | C) एक ब्रिटिश कार्यालय में | D) एक न्यायालय में -
उन्नीसवीं सदी के अंत में हिंदू राष्ट्रवादियों को महिलाओं की शिक्षा और उनके पश्चिमी तौर-तरीके अपनाने से मुख्य रूप से क्या डर लगने लगा था?
A) कि वे नौकरियां छीन लेंगी | B) कि इससे हिंदू संस्कृति भ्रष्ट होगी और पारिवारिक संस्कार नष्ट हो जाएँगे | C) कि वे राजनीति में आ जाएँगी | D) कि वे देश छोड़कर चली जाएँगी -
समाज सुधारकों ने सती प्रथा या विधवा विवाह जैसी हानिकारक प्रथाओं को चुनौती देने के लिए मुख्य रूप से कौन सी रणनीति अपनाई?
A) वे सीधे ब्रिटिश सरकार से सेना की माँग करते थे | B) वे प्राचीन धार्मिक ग्रंथों से ऐसे श्लोक ढूँढ़ते थे जो उनकी सोच का समर्थन करते हों | C) वे हिंसक प्रदर्शन करते थे | D) वे नया धर्म बना लेते थे -
उन्नीसवीं सदी में जब गरीब और 'निचली' जातियों के लोग रोजगार की तलाश में पलायन कर रहे थे, तो 'जॉन एलेन' नामक कुली जहाज उन्हें मुख्य रूप से कहाँ ले जाता था?
A) इंग्लैंड | B) मॉरिशस | C) अमेरिका | D) जापान -
रूढ़िवादी हिंदू समाज ने सुधार आंदोलनों के खिलाफ प्रतिक्रिया देते हुए उत्तर भारत में मुख्य रूप से किन संगठनों की स्थापना की थी?
A) ब्रह्मो समाज और आर्य समाज | B) सनातन धर्म सभा और भारत धर्म महामंडल | C) प्रार्थना समाज और वेद समाज | D) सत्यशोधक समाज और मतुआ पंथ -
अमृतसर और लाहौर में स्थापित 'सिंह सभा' आंदोलन का मुख्य उद्देश्य क्या था?
A) केवल अंग्रेजों का विरोध करना | B) सिख धर्म को अंधविश्वासों और जातीय भेदभाव से मुक्त कराना और आधुनिक शिक्षा देना | C) अलग सिख राज्य की माँग करना | D) केवल खेती को बढ़ावा देना -
राममोहन रॉय ने अपने विचारों का प्रसार करने के लिए जो पर्चे लिखे, उनमें 'सती विरोधी' संवाद में उन्होंने महिलाओं को लेकर क्या तर्क दिया था?
A) कि वे कुदरती तौर पर कम समझदार होती हैं | B) कि अगर औरतों को पढ़ने का मौका ही नहीं दोगे तो उन्हें कमतर कैसे कह सकते हो | C) कि औरतों को केवल घर का काम करना चाहिए | D) कि औरतें पुरुषों से श्रेष्ठ होती हैं -
ईश्वरचंद्र विद्यासागर का विरोध करने वाले रूढ़िवादियों ने उनके खिलाफ क्या कदम उठाया था?
A) उन्हें देश से निकाल दिया | B) उनका बहिष्कार कर दिया | C) उन्हें जेल में डाल दिया | D) उन पर जुर्माना लगाया -
ताराबाई शिंदे ने अपनी पुस्तक 'स्त्रीपुरुषतुलना' में मुख्य रूप से किस बात की कड़ी आलोचना की थी?
A) अंग्रेजी शिक्षा की | B) पुरुषों और महिलाओं के बीच मौजूद सामाजिक फर्कों और विधवाओं के प्रति अमानवीय व्यवहार की | C) जाति प्रथा की | D) ब्रिटिश सरकार के करों की
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