6. जब जनता बगावत करती है (1857 और उसके बाद) ([When People Rebel: 1857 and After])
इस पेज पर आपको 6. जब जनता बगावत करती है (1857 और उसके बाद) ([When People Rebel: 1857 and After]) के सभी महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ), परीक्षा उपयोगी नोट्स और ऑनलाइन क्विज़ मिलेंगे। अपने ज्ञान का परीक्षण करने और बोर्ड/प्रतियोगी परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए मॉक टेस्ट में अवश्य भाग लें।
👉 अध्याय का सारांश (Summary)
प्रिय अभ्यर्थियों, भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की नींव रखने वाली पहली सबसे बड़ी घटना '1857 की क्रांति' को समर्पित इस अध्याय 'जब जनता बगावत करती है' में आपका हार्दिक स्वागत है। NEP 2020 के अंतर्गत राष्ट्रीय जन-आंदोलनों के कारण, उनके स्वरूप और परिणामों का विश्लेषणात्मक अध्ययन करना शिक्षा का एक प्रमुख लक्ष्य है। SSC (CGL, CHSL), Railway (NTPC), CTET, State PCS और UPSC परीक्षाओं में 1857 के विद्रोह के तात्कालिक कारणों (Greased Cartridges), प्रमुख नेताओं (रानी लक्ष्मीबाई, नाना साहेब, तात्या टोपे, कुंवर सिंह), और 1858 के 'भारत सरकार अधिनियम' (Government of India Act 1858) पर 2-3 वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Objective Questions) हमेशा परीक्षा का हिस्सा बनते हैं।
1857 तक ब्रिटिश नीतियों ने नवाबों, राजाओं, ज़मींदारों, किसानों और सिपाहियों—सभी के जीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया था। राजाओं की सत्ता छिन रही थी; डलहौजी की 'विलय नीति' के तहत झाँसी (रानी लक्ष्मीबाई) और सतारा जैसे राज्य हड़प लिए गए। 1856 में 'कुशासन' (Misgovernment) का आरोप लगाकर अवध (Awadh) को छीन लिया गया, जिससे वहां की जनता और सिपाही अत्यधिक क्रोधित थे। कंपनी ने मुग़ल सम्राट (बहादुर शाह ज़फर) के अपमान के लिए सिक्कों से उनका नाम हटा दिया और घोषणा की कि उनके उत्तराधिकारियों को लाल किला छोड़ना पड़ेगा। दूसरी ओर, ग्रामीण क्षेत्रों में भारी करों (High taxes) और कठोर राजस्व वसूली के कारण किसान और ज़मींदार परेशान थे। सिपाही (Sepoys) अपने वेतन, भत्तों और सेवा शर्तों से नाखुश थे। 1856 के एक नए कानून ने आदेश दिया कि जरूरत पड़ने पर सिपाहियों को समुद्र पार जाना होगा (उस समय समुद्र पार करना धर्म के खिलाफ माना जाता था)। इसके अलावा, सती प्रथा पर रोक (1829), विधवा विवाह की अनुमति, और ईसाई मिशनरियों को बढ़ावा देने जैसे सामाजिक सुधारों ने भारतीयों में यह डर पैदा कर दिया कि अंग्रेज उनका धर्म नष्ट करना चाहते हैं।
विद्रोह का तात्कालिक कारण नई 'एनफील्ड राइफल' (Enfield Rifles) के कारतूस थे, जिन पर गाय और सूअर की चर्बी (Greased cartridges) का लेप लगा होने का संदेह था। इससे हिंदू और मुस्लिम दोनों सिपाहियों की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। 29 मार्च 1857 को बैरकपुर में युवा सिपाही 'मंगल पांडे' (Mangal Pandey) ने विद्रोह किया और उन्हें फांसी दे दी गई। 9 मई को मेरठ में कारतूसों को छूने से इंकार करने पर 85 सिपाहियों को जेल में डाल दिया गया। अगले दिन, 10 मई 1857 को मेरठ के सिपाहियों ने खुला विद्रोह कर दिया। वे दिल्ली पहुँचे और बूढ़े मुग़ल सम्राट 'बहादुर शाह ज़फर' (Bahadur Shah Zafar) को भारत का सम्राट और विद्रोह का नेता घोषित कर दिया। इसके बाद विद्रोह कानपुर, लखनऊ, बरेली और झाँसी में आग की तरह फैल गया। कानपुर में पेशवा बाजीराव द्वितीय के दत्तक पुत्र 'नाना साहेब' (तात्या टोपे के साथ), लखनऊ में 'बेगम हज़रत महल', झाँसी में 'रानी लक्ष्मीबाई', और बिहार में ज़मींदार 'कुंवर सिंह' ने विद्रोहियों का नेतृत्व किया। फैजाबाद के मौलवी अहमदुल्लाह शाह और दिल्ली के बख्त खान भी प्रमुख नेता थे।
अंग्रेजों ने विद्रोह को कुचलने के लिए इंग्लैंड से अतिरिक्त सेना मंगवाई और नए कानून पारित किए। सितंबर 1857 में दिल्ली को वापस जीत लिया गया। बहादुर शाह ज़फर को रंगून (म्यांमार) निर्वासित कर दिया गया जहाँ 1862 में उनकी मृत्यु हो गई। रानी लक्ष्मीबाई (1858 में) और तात्या टोपे (1859 में) लड़ते हुए शहीद हो गए। विद्रोह के बाद, अंग्रेजों ने भारत पर शासन करने के तरीके में बड़े बदलाव किए। 1858 में ब्रिटिश संसद ने एक नया अधिनियम पारित किया, जिससे ईस्ट इंडिया कंपनी के सभी अधिकार 'ब्रिटिश क्राउन' (British Crown) को सौंप दिए गए। गवर्नर-जनरल को 'वायसराय' (Viceroy) का पदनाम दिया गया। राजाओं को उनकी संपत्ति का अधिकार दिया गया और 'दत्तक पुत्र' को उत्तराधिकारी मानने की अनुमति दी गई। सेना में भारतीय सिपाहियों का अनुपात कम कर दिया गया और यूरोपीय सैनिकों की संख्या बढ़ा दी गई। मुसलमानों की संपत्ति जब्त की गई क्योंकि अंग्रेजों ने उन्हें विद्रोह का मुख्य कारण माना। अंग्रेजों ने भारत के धर्म और रीति-रिवाजों का सम्मान करने का भी निर्णय लिया। NCERT बेस पर तैयार यह विस्तृत अध्ययन सामग्री आपको 1857 की क्रांति को गहराई से समझने में मदद करेगी। 3-Level ऑनलाइन क्विज़ के माध्यम से अपनी तैयारी का सघन परीक्षण करें।
अध्याय के सभी प्रश्न (Revision Notes)
*नोट: यह सेक्शन रिवीजन के लिए है। अपना ज्ञान परखने के लिए ऊपर दिए गए क्विज़ में भाग लें।
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सत्रहवीं सदी की शुरुआत से ही डच और ब्रिटिश व्यापारिक जहाज भारत के किस प्रमुख बंदरगाह का इस्तेमाल करते थे?
A) मद्रास | B) कलकत्ता | C) सूरत | D) विशाखापट्टनम -
यूरोपीय व्यापारियों ने सबसे पहले भारत का बारीक सूती कपड़ा मौजूदा ईराक के मोसूल शहर में देखा था, इसलिए वे ऐसे कपड़े को क्या कहने लगे?
A) कैलिको | B) मस्लिन (मलमल) | C) बंडाना | D) शिंट्ज़ -
मसालों की तलाश में पुर्तगाली भारत में सबसे पहले कहाँ आए थे?
A) गोवा | B) कालीकट | C) सूरत | D) मद्रास -
अंग्रेज़ी का 'शिंट्ज़' (Chintz) शब्द हिंदी के किस शब्द से निकला है?
A) चादर | B) छींट | C) चुनरी | D) चमकीला -
इंग्लैंड में 1720 में छापेदार सूती कपड़े 'छींट' के इस्तेमाल पर पाबंदी लगाने वाले कानून को क्या कहा जाता था?
A) चार्टर एक्ट | B) ईस्ट इंडिया एक्ट | C) कैलिको अधिनियम | D) टेक्सटाइल एक्ट -
'स्पिनिंग जैनी' (Spinning Jenny) मशीन का आविष्कार 1764 में किसने किया था?
A) रिचर्ड आर्कराइट | B) जॉन के | C) जेम्स वाट | D) माइकल फैराडे -
1786 में वाष्प इंजन (Steam Engine) का आविष्कार किसने किया जिसने सूती कपड़े की बुनाई को क्रांतिकारी रूप से बदल दिया?
A) चार्ल्स वेल्ड | B) जॉन के | C) रिचर्ड आर्कराइट | D) थॉमस मुनरो -
बंगाल के प्रमुख बुनकर समुदाय को किस नाम से जाना जाता था?
A) जुलाहा | B) साले | C) देवांग | D) तांती -
सूती धागे को रंगने वाले कारीगरों को क्या कहा जाता था?
A) चिप्पीगर | B) रँगरेज़ | C) मोमिन | D) अगरिया -
फारसी भाषा में 'औरांग' शब्द का क्या अर्थ होता है?
A) बाजार | B) गोदाम या वर्कशॉप | C) सड़क | D) बंदरगाह -
भारत में पहली सूती कपड़ा मिल (Cotton Mill) 1854 में कहाँ स्थापित हुई थी?
A) अहमदाबाद | B) कानपुर | C) मद्रास | D) बम्बई -
राष्ट्रीय आंदोलन के दौरान महात्मा गांधी के आह्वान पर कौन सा कपड़ा राष्ट्रवाद का प्रतीक बन गया?
A) मलमल | B) खादी | C) कैलिको | D) रेशम -
अहमदाबाद में पहला सूती कपड़ा कारखाना किस वर्ष खुला था?
A) 1854 में | B) 1861 में | C) 1880 में | D) 1904 में -
टीपू सुल्तान की मशहूर तलवार किस खास तरह के स्टील से बनी थी?
A) स्टेनलेस स्टील | B) गैल्वेनाइज्ड स्टील | C) वुट्ज़ स्टील | D) माइल्ड स्टील -
टीपू सुल्तान की तलवार की मूठ पर क्या लिखा हुआ था?
A) राजवंश का इतिहास | B) कुरान की आयतें | C) बनाने वाले का नाम | D) विदेशी भाषा का संदेश -
भट्ठियों में लोहे को दहकाने के लिए हवा फेंकने वाले यंत्र को क्या कहा जाता था?
A) चरखा | B) तकली | C) धौंकनी | D) करघा -
मध्य भारत का कौन सा समुदाय लोहा बनाने (लौह प्रगलन) में माहिर था?
A) संथाल | B) तांती | C) अगरिया | D) जुलाहा -
जमशेदजी टाटा ने भारत में 'टाटा आयरन एण्ड स्टील कम्पनी' (TISCO) की स्थापना किस नदी के तट पर की थी?
A) गंगा | B) नर्मदा | C) सुबर्णरेखा | D) गोदावरी -
टिस्को (TISCO) में स्टील का उत्पादन किस वर्ष शुरू हुआ था?
A) 1854 | B) 1904 | C) 1912 | D) 1947 -
प्रथम विश्व युद्ध किस वर्ष शुरू हुआ जिसने भारतीय इस्पात उद्योग को भारी बढ़ावा दिया?
A) 1857 | B) 1912 | C) 1914 | D) 1939 -
सही मिलान करें:
1. तांती
2. जुलाहे/मोमिन
3. साले/कैकोल्लार
(A) उत्तर भारत
(B) दक्षिण भारत
(C) बंगाल
A) 1-C, 2-A, 3-B | B) 1-A, 2-B, 3-C | C) 1-B, 2-C, 3-A | D) 1-C, 2-B, 3-A -
सही मिलान करें:
1. जॉन के
2. रिचर्ड आर्कराइट
3. माइकल फैराडे
(A) वुट्ज़ स्टील का वैज्ञानिक अध्ययन
(B) स्पिनिंग जैनी का आविष्कार
(C) वाष्प इंजन का आविष्कार
A) 1-B, 2-A, 3-C | B) 1-C, 2-B, 3-A | C) 1-B, 2-C, 3-A | D) 1-A, 2-C, 3-B -
कथन (A): 18वीं सदी की शुरुआत में इंग्लैंड के ऊन व रेशम निर्माता भारतीय कपड़ों के आयात का कड़ा विरोध करने लगे थे।
कारण (R): भारतीय कपड़ों के रंग बेहद खराब होते थे और वे महंगे बिकते थे।
A) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है | B) (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है | C) (A) सही है लेकिन (R) गलत है | D) (A) गलत है लेकिन (R) सही है -
कथन (A): 19वीं सदी के अंत तक भारत में लोहे के प्रगलन का स्थानीय हुनर लगभग खत्म होने लगा था।
कारण (R): औपनिवेशिक सरकार के नए वन कानूनों ने आरक्षित वनों में लोगों के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी थी, जिससे लकड़ी और लौह अयस्क मिलना मुश्किल हो गया था।
A) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है | B) (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है | C) (A) सही है लेकिन (R) गलत है | D) (A) गलत है लेकिन (R) सही है -
कथन (A): प्रथम विश्व युद्ध के दौरान भारत में सूती कपड़े और टिस्को (TISCO) के इस्पात उत्पादन में भारी वृद्धि हुई।
कारण (R): युद्ध के कारण ब्रिटेन से आने वाले आयात में गिरावट आई और सैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए भारतीय कारखानों की माँग बढ़ गई।
A) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है | B) (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है | C) (A) सही है लेकिन (R) गलत है | D) (A) गलत है लेकिन (R) सही है -
गले या सिर पर पहनने वाले चटक रंग के छापेदार गुलूबन्द के लिए 'बंडाना' शब्द का इस्तेमाल होता था। यह शैली मुख्य रूप से कहाँ प्रचलित थी?
A) बंगाल और उड़ीसा | B) राजस्थान और गुजरात | C) मद्रास और केरल | D) पंजाब और कश्मीर -
'जामदानी' बुनाई के दो सबसे महत्वपूर्ण केंद्र कौन से थे?
A) सूरत और अहमदाबाद | B) कलकत्ता और मद्रास | C) ढाका (बंगाल) और लखनऊ (संयुक्त प्रांत) | D) पटना और बुरहानपुर -
यूरोपीय व्यापारी थोक में सूती कपड़े का जो ऑर्डर देते थे, उसे 'पीस गुड्स' कहते थे। इसका मानक आकार आमतौर पर क्या होता था?
A) 10 गज लंबा और 2 गज चौड़ा | B) 20 गज लंबा और 1 गज चौड़ा | C) 5 गज लंबा और 5 गज चौड़ा | D) 50 गज लंबा और 1 गज चौड़ा -
छपाईदार कपड़ा बनाने के लिए बुनकरों को ठप्पे से छपाई करने वाले किन माहिर कारीगरों की आवश्यकता होती थी?
A) अगरिया | B) तांती | C) चिप्पीगर | D) रँगरेज़ -
ईस्ट इंडिया कंपनी को बंगाल की राजनीतिक सत्ता मिलने (दीवानी प्राप्त होने) के बाद व्यापार में क्या बड़ा बदलाव आया?
A) कंपनी ने भारत से व्यापार पूरी तरह बंद कर दिया | B) कंपनी को भारतीय कपड़े खरीदने के लिए ब्रिटेन से चाँदी मँगाने की ज़रूरत नहीं रही, वह भारत के राजस्व से ही खरीद करने लगी | C) कंपनी ने बुनकरों को दोगुना पैसा देना शुरू किया | D) कंपनी ने सारा सूती कपड़ा अमेरिका भेजना शुरू किया -
1830 के दशक तक भारतीय बाजार ब्रिटेन के बने सूती कपड़े से पट गए। इससे भारत की किन महिलाओं पर सबसे बुरा असर पड़ा?
A) जो खेतों में मजदूरी करती थीं | B) जो घर पर सूत कातकर (Spinning) अपनी आजीविका चला रही थीं | C) जो रेशम के कीड़े पालती थीं | D) जो महलों में काम करती थीं -
ब्रिटेन की मिलों में बना कपड़ा भारत आने के बावजूद, भारत में हथकरघों की बुनाई पूरी तरह खत्म क्यों नहीं हुई?
A) क्योंकि अंग्रेज भारत में मशीनें नहीं लगने देते थे | B) क्योंकि जटिल किनारियों वाली साड़ी या परंपरागत बुनाई वाले कपड़े मशीनों पर नहीं बन सकते थे | C) क्योंकि हथकरघे का कपड़ा बहुत सस्ता था | D) क्योंकि भारतीयों ने विदेशी कपड़ा पहनना मना कर दिया था -
उन्नीसवीं सदी में भारत से कच्चे कपास (Raw Cotton) के निर्यात के लिए कौन सा बंदरगाह सबसे महत्वपूर्ण बन गया था?
A) कलकत्ता | B) मद्रास | C) बम्बई | D) सूरत -
वुट्ज़ (Wootz) स्टील की तलवारों में लहरदार बनावट किस कारण से पैदा होती थी?
A) उसमें मिलाए गए सोने के कारण | B) लोहे में गड़े कार्बन के बेहद सूक्ष्म कणों से | C) उसे समुद्र के पानी में ठंडा करने से | D) उसे खास हथौड़े से पीटने के कारण -
लोहा प्रगलन (Iron Smelting) की प्रक्रिया में भट्ठियों में लोहे को मिट्टी की छोटी हांडियों में किसके साथ मिलाकर रखा जाता था?
A) चूना पत्थर | B) काठकोयला | C) बालू | D) नमक -
1904 में जमशेदजी टाटा के बेटे दोराबजी टाटा और अमेरिकी भूवैज्ञानिक चार्ल्स वेल्ड छत्तीसगढ़ में किस चीज की तलाश में घूम रहे थे?
A) सोने की खदानें | B) कोयले के भंडार | C) उम्दा लौह अयस्क भंडार | D) कपास के खेत -
छत्तीसगढ़ में चार्ल्स वेल्ड और दोराबजी टाटा ने दुनिया के सबसे बेहतरीन लौह अयस्क भंडारों में से एक को खोजा। उस पहाड़ी का क्या नाम था?
A) अरावली पहाड़ियाँ | B) रझारा पहाड़ियाँ | C) नीलगिरी पहाड़ियाँ | D) विंध्य पहाड़ियाँ -
औपनिवेशिक सरकार ने जंगलों में जब लौह प्रगालकों को कुछ क्षेत्रों में आवाजाही की अनुमति दी, तब भी उनका व्यापार क्यों नहीं पनप सका?
A) क्योंकि उनके पास कोई औज़ार नहीं थे | B) क्योंकि प्रगालकों को अपनी प्रत्येक भट्ठी के लिए वन विभाग को बहुत भारी कर चुकाने पड़ते थे | C) क्योंकि लोहे की कोई माँग नहीं थी | D) क्योंकि वे लोग शहर चले गए थे -
1919 तक ब्रिटिश सरकार अपने सैन्य और रेलवे संबंधी कार्यों के लिए टिस्को (TISCO) में बनने वाले इस्पात का कितना प्रतिशत हिस्सा खरीद लेती थी?
A) 20 प्रतिशत | B) 50 प्रतिशत | C) 75 प्रतिशत | D) 90 प्रतिशत -
ब्रिटिश सरकार ने औपनिवेशिक काल के शुरुआती दशकों में भारतीय उद्योगों को 'संरक्षण' (Protection) क्यों नहीं दिया?
A) क्योंकि भारत में कोई उद्योग नहीं था | B) क्योंकि सरकार विदेशी आयात (ब्रिटिश माल) पर सीमा शुल्क नहीं लगाना चाहती थी ताकि ब्रिटेन का व्यापार बढ़ता रहे | C) क्योंकि भारतीय उद्योगपतियों ने मना कर दिया था | D) क्योंकि भारत विश्व व्यापार संगठन का सदस्य था -
भारतीय कपड़ा और विश्व व्यापार के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
1. 1750 के आस-पास भारत पूरी दुनिया में कपड़ा उत्पादन में औरों से कोसों आगे था।
2. यूरोपीय व्यापारियों ने 'कैलिको' शब्द मसूलीपट्टनम के कपड़े के लिए इस्तेमाल किया।
3. 'बंडाना' शब्द हिंदी के 'बाँधना' शब्द से निकला है जो चटक रंग के छापेदार गुलूबन्द के लिए उपयोग होता था।
इनमें से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
A) केवल 1 | B) 1 और 3 | C) 2 और 3 | D) 1, 2 और 3 -
भारत में सूती कपड़ा मिलों के विकास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
1. भारत की पहली सूती कपड़ा मिल 1854 में बम्बई में स्थापित हुई जो एक कताई मिल थी।
2. 1900 तक बम्बई में 84 कपड़ा मिलें चालू हो चुकी थीं, जिनमें से ज़्यादातर पारसी और गुजराती व्यवसायियों ने खोली थीं।
3. अहमदाबाद में पहला सूती वस्त्र कारखाना 1861 में खुला।
इनमें से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
A) केवल 1 | B) 1 और 2 | C) 2 और 3 | D) 1, 2 और 3 -
भारतीय लौह एवं इस्पात उद्योग के पतन के मुख्य कारणों के संदर्भ में विचार करें:
1. औपनिवेशिक वन कानूनों के कारण आरक्षित वनों में लकड़ी और कच्चे माल के लिए प्रवेश पर रोक।
2. वन विभाग द्वारा प्रत्येक प्रगलन भट्ठी पर भारी कर (Tax) लगाना।
3. 19वीं सदी के अंत तक ब्रिटेन से सस्ते लोहे और इस्पात का भारी आयात।
इनमें से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
A) केवल 1 | B) 1 और 3 | C) 2 और 3 | D) 1, 2 और 3 -
कथन: 1914 में प्रथम विश्व युद्ध शुरू हुआ और ब्रिटेन में बनने वाले इस्पात को यूरोप में युद्ध संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए झोंक दिया गया।
निष्कर्ष I: इस वजह से भारत आने वाले ब्रिटिश स्टील के आयात में भारी गिरावट दर्ज की गई।
निष्कर्ष II: भारतीय रेलवे अपनी पटरियों की भारी माँग को पूरा करने के लिए टिस्को (TISCO) पर आश्रित हो गया।
A) केवल निष्कर्ष I सही है | B) केवल निष्कर्ष II सही है | C) निष्कर्ष I और II दोनों सही हैं | D) न तो I और न ही II सही है -
कथन: 18वीं सदी के अंत में इंग्लिश ईस्ट इंडिया कंपनी को बंगाल की राजनीतिक सत्ता (दीवानी) प्राप्त हो गई।
निष्कर्ष I: इस घटना के बाद कंपनी ने भारत से सूती कपड़ा खरीदने के लिए ब्रिटेन से चाँदी मंगाना बंद कर दिया, क्योंकि वह भारत के राजस्व से ही खरीद करने लगी।
निष्कर्ष II: इस घटना के कारण भारतीय बुनकरों ने ब्रिटेन को कपड़ा बेचना पूरी तरह बंद कर दिया और केवल फ्रांस से व्यापार किया।
A) केवल निष्कर्ष I सही है | B) केवल निष्कर्ष II सही है | C) निष्कर्ष I और II दोनों सही हैं | D) न तो I और न ही II सही है -
कथन: औपनिवेशिक भारतीय सरकार ने स्थानीय उद्योगों को विदेशी प्रतिस्पर्धा से बचाने के लिए आयात पर कोई सीमा शुल्क लगाकर सुरक्षा नहीं दी।
निष्कर्ष I: इसके परिणामस्वरूप प्रारंभिक दशकों में भारतीय कपड़ा कारखानों को ब्रिटेन से आए सस्ते कपड़ों से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ा।
निष्कर्ष II: इसके परिणामस्वरूप भारतीय उद्योग विश्व व्यापार में ब्रिटेन से आगे निकल गए।
A) केवल निष्कर्ष I सही है | B) केवल निष्कर्ष II सही है | C) निष्कर्ष I और II दोनों सही हैं | D) न तो I और न ही II सही है -
निम्नलिखित ऐतिहासिक घटनाओं को सही कालानुक्रमिक क्रम (Chronological Order) में व्यवस्थित करें:
1. भारत में पहली सूती कपड़ा मिल (बम्बई) की स्थापना।
2. जॉन के द्वारा स्पिनिंग जैनी (Spinning Jenny) का आविष्कार।
3. इंग्लैंड में कैलिको अधिनियम का पारित होना।
4. टिस्को (TISCO) में स्टील का उत्पादन शुरू होना।
A) 2, 3, 1, 4 | B) 3, 2, 1, 4 | C) 1, 3, 2, 4 | D) 3, 1, 2, 4 -
भारत में सूती कपड़ा कारखानों की स्थापना को सही कालानुक्रमिक क्रम में सजाएँ:
1. कानपुर (संयुक्त प्रांत) में पहली कपड़ा मिल खुलना
2. अहमदाबाद में पहली कपड़ा मिल खुलना
3. बम्बई में पहली कपड़ा मिल (कताई मिल) की स्थापना
A) 1, 2, 3 | B) 3, 2, 1 | C) 2, 1, 3 | D) 3, 1, 2 -
18वीं सदी के अंत में बुनाई के केंद्रों के भौगोलिक वितरण के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन गलत है?
A) पूर्वी बंगाल का ढाका मलमल और जामदानी के लिए दूर-दूर तक प्रसिद्ध था। | B) पश्चिमी तट पर बुनाई के मुख्य केंद्र गुजरात में स्थित थे। | C) दक्षिण भारत में मद्रास से उत्तरी आंध्र प्रदेश तक कोरोमंडल तट पर बुनाई केंद्र फैले हुए थे। | D) पंजाब पूरे भारत में रेशम बुनाई का सबसे बड़ा और एकमात्र केंद्र था। -
टीपू सुल्तान की तलवार में इस्तेमाल होने वाला 'वुट्ज़' (Wootz) स्टील किन भाषाओं के 'उक्कू', 'हुक्कू' और 'उरुक्कू' (अर्थात स्टील) शब्दों का बिगड़ा हुआ अंग्रेजी रूप है?
A) हिंदी, उर्दू, फारसी | B) कन्नड, तेलगु, तमिल, मलयालम | C) मराठी, गुजराती, कोंकणी | D) बंगाली, उड़िया, असमिया -
19वीं सदी के आखिर में जापान के औद्योगीकरण और भारत के औद्योगीकरण के बीच सबसे बुनियादी अंतर क्या था?
A) जापान में सूती कपड़े नहीं बनते थे, जबकि भारत में केवल सूती कपड़े बनते थे। | B) जापान की सरकार (मेजी राजवंश) ने देशी उद्योगों को खुलकर बढ़ावा दिया और तकनीकी मदद की, जबकि भारत में औपनिवेशिक सरकार ने ब्रिटिश वस्तुओं का बाजार बढ़ाने के लिए देशी उद्योगों की कोई सहायता नहीं की। | C) भारत में विदेशी विशेषज्ञों को बुलाया गया था, जापान में नहीं। | D) दोनों में कोई अंतर नहीं था। -
अगरिया समुदाय (लौह प्रगालक) को 19वीं सदी के आखिर में मध्य भारत में अपना काम बंद करके गाँव क्यों छोड़ना पड़ा था?
A) क्योंकि उन्हें सोने की खदानें मिल गई थीं। | B) क्योंकि बार-बार पड़े अकाल की वजह से सूखे इलाके तबाह हो गए थे और उनकी रोजी-रोटी छिन गई थी। | C) क्योंकि सरकार ने उन्हें इंग्लैंड भेज दिया था। | D) क्योंकि उन्होंने कपड़े बुनने का काम शुरू कर दिया था। -
1823 में 12,000 बुनकरों ने कंपनी सरकार को पत्र लिखकर ('हम भूखों मर जाएँगे') मुख्य रूप से किस बात की शिकायत की थी?
A) कि सूत बहुत महंगा हो गया है। | B) कि कंपनी के 'औरांग' (गोदाम) खत्म कर दिए गए हैं और कपड़े बुनने के लिए कंपनी से मिलने वाली 'पेशगी' बंद हो गई है, जिससे आजीविका छिन गई है। | C) कि उन्हें जबरदस्ती सेना में भर्ती किया जा रहा है। | D) कि सरकार उनसे दोगुना लगान वसूल रही है। -
1828 में 'समाचार दर्पण' अखबार में एक विधवा कताई कामगार ने अपनी भयानक गरीबी और बर्बादी का सबसे बड़ा कारण क्या बताया था?
A) बाढ़ और भूकंप | B) बाहर से आयातित 'बिलाती' (विलायती) सूत का आना, जिससे देसी सूत खरीदने वाले बुनकर उनके पास आना बंद हो गए थे। | C) गांव के जमींदार का अत्याचार | D) चरखे का टूट जाना -
19वीं सदी के उत्तरार्ध में भारत में 'रेलवे के विस्तार' का ब्रिटेन के इस्पात उत्पादकों पर क्या आर्थिक प्रभाव पड़ा?
A) उनका व्यापार पूरी तरह चौपट हो गया। | B) ब्रिटेन में बनी रेल की पटरियों की भारत में भारी माँग पैदा हुई, जिससे ब्रिटिश इस्पात उद्योग को भारी लाभ हुआ। | C) उन्हें अपने कारखाने बंद करने पड़े। | D) उन्हें भारत से कच्चा लोहा मँगाना पड़ा। -
जापान में 1868 में सत्ता सँभालने वाले किस राजवंश का यह मानना था कि पश्चिमी प्रभुत्व का सामना करने के लिए जापान का औद्योगीकरण अनिवार्य है?
A) मिंग राजवंश | B) मेजी राजवंश | C) चिंग राजवंश | D) टोकूगावा शोगुनेट -
चार्ल्स वेल्ड और दोराबजी टाटा ने भिलाई स्टील संयंत्र को लौह अयस्क की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जंगल में किस स्थानीय समुदाय से मदद ली थी?
A) संथाल | B) अगरिया | C) गोंड | D) भील -
यूरोप के व्यापारी भारतीय सूती कपड़ों को 'पीस गुड्स' (Piece Goods) कहते थे। यह नामकरण किस आधार पर किया गया था?
A) रंगों के आधार पर | B) कपड़े की मोटाई के आधार पर | C) क्योंकि ये आम तौर पर 20 गज लंबे और 1 गज चौड़े थान के मानक आकार में बेचे जाते थे। | D) क्योंकि ये टुकड़ों में फाड़कर बेचे जाते थे। -
कुछ क्षेत्रों में जब वन विभाग ने लौह प्रगालकों को जंगलों में आवाजाही की अनुमति दे भी दी, तब भी उनका स्थानीय प्रगलन उद्योग क्यों नहीं बच सका?
A) क्योंकि कोयले की गुणवत्ता खराब हो गई थी। | B) क्योंकि उन्हें अपनी प्रत्येक भट्ठी के लिए वन विभाग को बहुत भारी कर (Tax) चुकाना पड़ता था, जिससे उनकी आय लगभग समाप्त हो जाती थी। | C) क्योंकि भारतीय लोहे का उपयोग प्रतिबंधित कर दिया गया था। | D) क्योंकि वे लोग शहर जाकर खेती करने लगे थे। -
18वीं सदी में ब्रिटेन के किस तकनीकी आविष्कार ने पारंपरिक तकलियों की उत्पादकता बढ़ा दी और भारतीय बुनाई कला को गहरी चोट पहुंचाई?
A) कम्प्यूटर | B) रिचर्ड आर्कराइट का वाष्प इंजन और जॉन के की स्पिनिंग जैनी | C) टेलीग्राफ | D) बिजली का बल्ब
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