4. आदिवासी, दीकु और एक स्वर्ण युग की कल्पना ([Tribals, Dikus and the Vision of a Golden Age])
इस पेज पर आपको 4. आदिवासी, दीकु और एक स्वर्ण युग की कल्पना ([Tribals, Dikus and the Vision of a Golden Age]) के सभी महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ), परीक्षा उपयोगी नोट्स और ऑनलाइन क्विज़ मिलेंगे। अपने ज्ञान का परीक्षण करने और बोर्ड/प्रतियोगी परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए मॉक टेस्ट में अवश्य भाग लें।
👉 अध्याय का सारांश (Summary)
प्रिय अभ्यर्थियों, भारत के मूल निवासियों (आदिवासियों) के जीवन और ब्रिटिश औपनिवेशिक नीतियों के खिलाफ उनके संघर्ष को दर्शाने वाले इस अध्याय 'आदिवासी, दीकु और एक स्वर्ण युग की कल्पना' में आपका हार्दिक स्वागत है। NEP 2020 के अंतर्गत मुख्यधारा के इतिहास के साथ-साथ जनजातीय इतिहास (Tribal History) और उनके पर्यावरण संरक्षण के तरीकों को समझना अत्यंत महत्वपूर्ण है। SSC (CGL, CHSL), Railway (NTPC), CTET, State PCS और UPSC परीक्षाओं में आदिवासी जीवन शैली, 'दीकु' (Dikus) का अर्थ, वन कानूनों (Forest Laws) का प्रभाव, और 'बिरसा मुंडा' (Birsa Munda) के विद्रोह पर निश्चित रूप से 2-3 वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Objective Questions) पूछे जाते हैं।
19वीं सदी तक देश के विभिन्न भागों में आदिवासी तरह-तरह की गतिविधियों में शामिल थे। कुछ समुदाय 'झूम खेती' (Jhum / Shifting Cultivation) करते थे, जो मुख्य रूप से पूर्वोत्तर और मध्य भारत के पहाड़ी व जंगली इलाकों में प्रचलित थी। इसमें जंगलों के छोटे भूखंडों को जलाकर राख में बीज बोए जाते थे और फसल काटने के बाद उस जमीन को परती छोड़ दिया जाता था। कई समुदाय 'शिकारी और संग्राहक' (Hunters and Gatherers) थे, जैसे उड़ीसा के 'खोंड' (Khonds) जो साल और महुआ के बीजों से तेल निकालते थे। कुछ समुदाय 'पशुपालक' (Herders) थे जो मौसम के अनुसार अपने रेवड़ के साथ घूमते थे (जैसे पंजाब के गूजर, आंध्र प्रदेश के लबाडिया, कुल्लू के गद्दी, और कश्मीर के बकरवाल)। वहीं कुछ समुदाय (जैसे छोटानागपुर के 'मुंडा', संताल और उरांव) एक जगह 'स्थायी खेती' (Settled Cultivation) करने लगे थे। वे भूमि को पूरे 'कुल' (Clan) की संपत्ति मानते थे।
अंग्रेजों के आने से आदिवासियों का जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। ब्रिटिश अधिकारियों ने आदिवासी 'मुखियाओं' (Tribal Chiefs) की शक्ति छीन ली और उन्हें अंग्रेजों के प्रतिनिधि के रूप में काम करने पर मजबूर किया। अंग्रेजों ने 'झूम काश्तकारों' को एक जगह बसाकर स्थायी खेती करने के लिए मजबूर करने की कोशिश की, ताकि उन्हें नियमित राजस्व मिल सके, लेकिन यह नीति काफी हद तक विफल रही। आदिवासियों के जीवन पर सबसे बड़ा प्रभाव 'वन कानूनों' (Forest Laws) का पड़ा। अंग्रेजों ने सभी जंगलों को राज्य की संपत्ति घोषित कर दिया। जिन जंगलों में इमारती लकड़ी (Timber) मिलती थी, उन्हें 'आरक्षित वन' (Reserved Forests) घोषित कर दिया गया। इन वनों में आदिवासियों को घूमने, झूम खेती करने या फल इकट्ठा करने की अनुमति नहीं थी। इससे कई आदिवासियों को घर छोड़ना पड़ा, जिससे अंग्रेजों के लिए भी लकड़ी काटने वाले मजदूरों की कमी हो गई। बाद में उन्हें इस शर्त पर जंगल में छोटे टुकड़े दिए गए कि वे वन विभाग के लिए मुफ्त मजदूरी करेंगे।
आदिवासियों के लिए व्यापारी और महाजन 'दीकु' (Dikus - बाहरी लोग) थे। व्यापारी आदिवासियों से वन उत्पाद सस्ते में खरीदते थे और उन्हें भारी कर्ज देते थे, जिससे आदिवासी कर्ज के जाल में फंस जाते थे। 18वीं और 19वीं सदी में आदिवासियों ने इन दीकुओं और ब्रिटिश नीतियों के खिलाफ कई विद्रोह किए (जैसे 1831-32 में कोल विद्रोह, 1855 में संताल विद्रोह, 1910 में बस्तर का विद्रोह)।
इनमें सबसे प्रसिद्ध 'बिरसा मुंडा' (Birsa Munda) का आंदोलन था। बिरसा का जन्म छोटानागपुर के मुंडा परिवार में हुआ था। उसने अपने लोगों से शराब छोड़ने, गाँव साफ रखने और जादू-टोने पर विश्वास न करने का आग्रह किया। उसने मुंडाओं को अपने गौरवशाली अतीत ('स्वर्ण युग' - Golden Age) की याद दिलाई जब वे स्वतंत्र थे। अंग्रेजों, ज़मींदारों और मिशनरियों को यह 'दीकु' मानते थे जो उनकी जीवन शैली को नष्ट कर रहे थे। 1895 में बिरसा को गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन 1897 में छूटने के बाद उसने 'बिरसा राज' की स्थापना के लिए आंदोलन तेज कर दिया। सफेद झंडा बिरसा राज का प्रतीक था। 1900 में हैजे से बिरसा की मृत्यु हो गई और आंदोलन ठंडा पड़ गया, लेकिन इसने यह साबित कर दिया कि आदिवासी भी अन्याय के खिलाफ लड़ सकते हैं और इसने सरकार को ऐसे कानून बनाने के लिए मजबूर किया जिससे दीकु उनकी जमीन आसानी से न छीन सकें (जैसे छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम 1908)। NCERT बेस पर तैयार यह विस्तृत सामग्री आपको आदिवासी इतिहास को गहराई से समझने में मदद करेगी। 3-Level ऑनलाइन क्विज़ के माध्यम से अपनी तैयारी परखें।
अध्याय के सभी प्रश्न (Revision Notes)
*नोट: यह सेक्शन रिवीजन के लिए है। अपना ज्ञान परखने के लिए ऊपर दिए गए क्विज़ में भाग लें।
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1895 में बिरसा मुंडा को किस क्षेत्र के जंगलों और गाँवों में घूमते देखा गया था?
A) बस्तर | B) छोटानागपुर | C) असम | D) कुल्लू -
आदिवासी लोग 'दीकु' (Diku) शब्द का प्रयोग किसके लिए करते थे?
A) कबीले के मुखिया के लिए | B) वन देवताओं के लिए | C) बाहरी लोगों (महाजनों, व्यापारियों और अंग्रेज़ों) के लिए | D) शिकारियों के लिए -
बिरसा मुंडा का जन्म किस जनजातीय समूह में हुआ था?
A) संथाल | B) गोंड | C) मुंडा | D) भील -
'झूम खेती' (Jhum Cultivation) का दूसरा नाम क्या है?
A) स्थायी खेती | B) घुमंतू खेती | C) बागानी खेती | D) व्यावसायिक खेती -
झूम काश्तकार घास-फूस जलाकर जो राख ज़मीन पर छिड़कते थे, उसमें क्या होता था जिससे मिट्टी उपजाऊ हो जाती थी?
A) कैल्शियम | B) पोटाश | C) नाइट्रोजन | D) आयरन -
उड़ीसा के जंगलों में रहने वाला 'खोंड' समुदाय मुख्य रूप से क्या करता था?
A) केवल पशुपालन | B) शिकार और वन उत्पादों का संग्रह | C) चाय बागानों में मज़दूरी | D) कोयला खदानों में काम -
खोंड समुदाय के लोग कपड़े व चमड़े की रँगाई के लिए किन फूलों का इस्तेमाल करते थे?
A) गुलाब और गेंदा | B) कमल और चमेली | C) कुसुम और पलाश | D) सूरजमुखी -
मध्य भारत का कौन सा आदिवासी समुदाय दूसरों के लिए मज़दूरी करने को अपना अपमान मानता था और खुद को 'जंगल की संतान' समझता था?
A) बैगा | B) संथाल | C) उराँव | D) वन गुज्जर -
कश्मीर में बकरियाँ पालने वाले आदिवासी समुदाय को क्या कहा जाता था?
A) गद्दी | B) लबाड़िया | C) बकरवाल | D) भोटिया -
ब्रिटिश अफ़सरों को शिकारी-संग्राहक या घुमंतू काश्तकारों के मुक़ाबले कौन से आदिवासी ज़्यादा 'सभ्य' दिखाई देते थे?
A) गोंड और संथाल (स्थायी रूप से बसे हुए) | B) बैगा | C) खोंड | D) अपाटनिस -
अंग्रेज़ों ने रेलवे स्लीपर्स (Railway Sleepers) बनाने के लिए किस चीज़ की माँग की थी?
A) लोहे की | B) लकड़ी की | C) कोयले की | D) पत्थर की -
असम में 'सोंग्रम संगमा' द्वारा वन कानूनों के खिलाफ विद्रोह किस वर्ष किया गया था?
A) 1855 में | B) 1895 में | C) 1906 में | D) 1930 में -
हज़ारीबाग के संथाल मुख्य रूप से क्या पालते थे?
A) भेड़ | B) रेशम के कीड़े | C) मधुमक्खी | D) मछली -
रेशम के कृमिकोषों (Cocoons) को कहाँ भेजकर पाँच गुना कीमत पर बेचा जाता था?
A) दिल्ली या आगरा | B) बर्दवान या गया | C) सूरत या कलकत्ता | D) मद्रास या बम्बई -
1920 के दशक में झरिया और रानीगंज की कोयला खदानें कहाँ स्थित थीं जहाँ आदिवासी काम करते थे?
A) मध्य प्रदेश | B) असम | C) बिहार (वर्तमान झारखंड) | D) उड़ीसा -
कोल आदिवासियों ने किस वर्ष अंग्रेज़ों के खिलाफ बगावत की थी?
A) 1831-32 | B) 1855 | C) 1910 | D) 1940 -
महाराष्ट्र में 'वर्ली विद्रोह' (Warli Rebellion) किस वर्ष हुआ था?
A) 1855 में | B) 1895 में | C) 1910 में | D) 1940 में -
बिरसा मुंडा ने किस झंडे को 'बिरसा राज' के प्रतीक के रूप में इस्तेमाल किया?
A) लाल झंडा | B) सफ़ेद झंडा | C) हरा झंडा | D) काला झंडा -
सन् 1900 में बिरसा मुंडा की मृत्यु किस बीमारी से हुई थी?
A) मलेरिया | B) टीबी | C) हैजा | D) चेचक -
मध्य प्रदेश में घुमंतू खेती के लिए किस स्थानीय शब्द का इस्तेमाल किया जाता था?
A) बेवड़ | B) झूम | C) पोडू | D) महाल -
सही मिलान करें:
1. वन गुज्जर
2. लबाड़िया
3. गद्दी
4. बकरवाल
(A) कुल्लू
(B) कश्मीर
(C) पंजाब के पहाड़
(D) आंध्र प्रदेश
A) 1-C, 2-D, 3-A, 4-B | B) 1-A, 2-B, 3-C, 4-D | C) 1-C, 2-A, 3-B, 4-D | D) 1-D, 2-C, 3-B, 4-A -
कथन (A): अंग्रेज़ों ने झूम काश्तकारों को स्थायी रूप से एक जगह बसाने की कोशिश की।
कारण (R): स्थायी रूप से रहने वाले किसानों को नियंत्रित करना आसान था और अंग्रेज़ों को आमदनी का एक नियमित स्रोत चाहिए था।
A) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है | B) (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है | C) (A) सही है लेकिन (R) गलत है | D) (A) गलत है लेकिन (R) सही है -
कथन (A): बहुत सारे आदिवासी समुदाय बाज़ार और व्यापारियों को अपना सबसे बड़ा दुश्मन मानने लगे थे।
कारण (R): व्यापारी आदिवासियों से भारी कीमत पर चीजें बेचते थे और महाजन उन्हें बहुत ऊँचे ब्याज पर कर्ज़ देते थे, जिससे वे गरीबी में फँस जाते थे।
A) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है | B) (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है | C) (A) सही है लेकिन (R) गलत है | D) (A) गलत है लेकिन (R) सही है -
कथन (A): पूर्वोत्तर राज्यों के झूम काश्तकारों को हलों की मदद से स्थायी खेती करने में भारी नुकसान हुआ।
कारण (R): उन इलाकों में पानी कम था और मिट्टी सूखी थी, जहाँ हलों से खेती करना आसान नहीं था।
A) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है | B) (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है | C) (A) सही है लेकिन (R) गलत है | D) (A) गलत है लेकिन (R) सही है -
ब्रिटिश शासन के दौरान आदिवासी मुखियाओं की स्थिति में क्या मुख्य बदलाव आया?
A) उन्हें सेना का कमांडर बना दिया गया | B) उन्हें उनकी ज़मीन का मालिकाना हक़ तो मिला, लेकिन उनकी शासकीय शक्तियाँ छिन गईं और उन्हें ब्रिटिश नियम मानने पड़े | C) उन्हें पूरी तरह आज़ाद कर दिया गया | D) उन्हें इंग्लैंड भेज दिया गया -
वन विभाग ने आरक्षित वनों के भीतर 'वन गाँव' (Forest Villages) क्यों बसाए थे?
A) आदिवासियों को स्कूल भेजने के लिए | B) वन विभाग के लिए सस्ते मज़दूरों (पेड़ काटने और लकड़ी ढोने के लिए) की आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु | C) केवल जंगलों को बचाने के लिए | D) व्यापार को बढ़ाने के लिए -
झूम खेती में 'परती' (Fallow) शब्द का क्या अर्थ है?
A) जंगल को जलाना | B) कुछ समय के लिए बिना खेती छोड़ दी जाने वाली ज़मीन ताकि उसकी मिट्टी दोबारा उपजाऊ हो जाए | C) बीज बोने की विधि | D) फ़सल काटने का औज़ार -
ब्रिटिश मानव विज्ञानी वेरियर ऐल्विन ने 1930 और 1940 के दशकों में मुख्य रूप से किन समुदायों के बीच समय बिताया था?
A) संथाल और मुंडा | B) बैगा और खोंड | C) भील और गोंड | D) वन गुज्जर और लबाड़िया -
अठारहवीं सदी में भारतीय रेशम उत्पादकों (जैसे संथालों) को बिचौलियों के माध्यम से व्यापार करने का क्या परिणाम मिला?
A) आदिवासियों को बहुत अधिक लाभ हुआ | B) बिचौलियों को जमकर मुनाफ़ा हुआ, जबकि रेशम उत्पादकों को बहुत मामूली फ़ायदा मिलता था | C) व्यापार पूरी तरह बंद हो गया | D) आदिवासी खुद निर्यातक बन गए -
उन्नीसवीं सदी के अंत में काम की तलाश में घर से दूर जाने वाले आदिवासियों को ठेकेदार मुख्य रूप से कहाँ काम करने ले जाते थे?
A) केवल सूती मिलों में | B) असम के चाय बागानों और झारखण्ड की कोयला खादानों में | C) केवल बंदरगाहों पर | D) मुग़ल सेना में -
मुंडा जनजाति की भू-व्यवस्था की सबसे बड़ी विशेषता क्या थी?
A) ज़मीन केवल मुखिया की होती थी | B) ज़मीन पर किसी का अधिकार नहीं था | C) ज़मीन पूरे क़बीले (कुल) की संपत्ति होती थी और सभी का बराबर हक़ होता था | D) ज़मीन केवल महिलाओं की होती थी -
बिरसा मुंडा पर बचपन में किन लोगों के विचारों का सबसे गहरा प्रभाव पड़ा था?
A) केवल ब्रिटिश अधिकारियों का | B) ईसाई मिशनरियों और वैष्णव धर्म प्रचारकों का | C) केवल मुग़ल शासकों का | D) व्यापारियों का -
बिरसा मुंडा का आंदोलन मुख्य रूप से किस उद्देश्य से प्रेरित था?
A) केवल करों को कम करवाना | B) आदिवासी समाज को सुधारना और दीकुओं व यूरोपीय सत्ता को तबाह करके 'मुंडा राज' स्थापित करना | C) केवल अंग्रेज़ी शिक्षा प्राप्त करना | D) शहरों में बसना -
बिरसा ने अपने अनुयायियों से किस 'स्वर्ण युग' (सतयुग) को पुनर्जीवित करने का आह्वान किया?
A) जब मुंडा लोग कारखानों में काम करते थे | B) जब मुंडा लोग दीकुओं के उत्पीड़न से आज़ाद थे, ईमानदारी से जीते थे और कुदरती झरनों को नियंत्रित करते थे | C) जब वे अंग्रेज़ों के अधीन शांति से रहते थे | D) जब वे केवल व्यापार करते थे -
अंग्रेज़ों ने 1895 में बिरसा मुंडा को गिरफ़्तार क्यों किया था?
A) चोरी के आरोप में | B) कर न चुकाने के कारण | C) दंगे-फ़साद के आरोप में क्योंकि अंग्रेज़ उनके राजनीतिक उद्देश्यों से परेशान थे | D) शराब पीने के कारण -
1920 के दशक में कोयला खदानों में काम करना कितना खतरनाक था?
A) बिल्कुल सुरक्षित था | B) अँधेरी और दमघोंटू खदानों में हर साल लगभग 2,000 मज़दूर मारे जाते थे | C) केवल थकान होती थी | D) वहाँ कोई आदिवासी काम नहीं करता था -
बिरसा मुंडा ने 'रावण' शब्द का प्रयोग किसके लिए किया था?
A) केवल स्थानीय ज़मींदारों के लिए | B) दीकुओं और यूरोपीयों (अंग्रेज़ों) के लिए | C) ईसाई मिशनरियों के लिए | D) अपने विरोधियों के लिए -
आरक्षित वन (Reserved Forests) क्या थे?
A) जहाँ आदिवासी स्वतंत्रता से रह सकते थे | B) ये ऐसे जंगल थे जहाँ अंग्रेज़ों की ज़रूरतों के लिए इमारती लकड़ी पैदा होती थी और यहाँ लोगों के घूमने या शिकार पर पाबंदी थी | C) जहाँ केवल बाघ रहते थे | D) जो ज़मीन खेती के लिए बाँटी गई थी -
चैत, बैसाख, जेठ, आषाढ़ आदि महीनों के अनुसार काम का सख्त बँटवारा (जैसे शिकार का वक्त, बुआई का वक्त) किस समाज की विशेषता थी?
A) स्थायी किसानों की | B) ब्रिटिश अधिकारियों की | C) घुमंतू आदिवासियों और शिकारियों (जैसे बैगा) की | D) व्यापारियों की -
बिरसा आंदोलन के शांत होने के बाद, इसका एक सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक परिणाम क्या निकला?
A) आदिवासियों को हमेशा के लिए जंगलों से निकाल दिया गया | B) इसने औपनिवेशिक सरकार को ऐसे कानून लागू करने के लिए मजबूर किया जिससे दीकु लोग आदिवासियों की ज़मीन आसानी से न छीन सकें | C) बिरसा को भारत का गवर्नर बना दिया गया | D) सारे आदिवासी ईसाई बन गए -
कथन: अंग्रेज़ों ने सारे जंगलों पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया और उन्हें राज्य की संपत्ति घोषित कर दिया।
निष्कर्ष I: इस घोषणा के बाद आरक्षित वनों में आदिवासियों को झूम खेती और शिकार करने की पूरी स्वतंत्रता मिल गई।
निष्कर्ष II: इसके परिणामस्वरूप बहुत से आदिवासियों को काम और रोज़गार की तलाश में मजबूरन अपने घर छोड़ने पड़े।
A) केवल निष्कर्ष I सही है | B) केवल निष्कर्ष II सही है | C) निष्कर्ष I और II दोनों सही हैं | D) न तो I और न ही II सही है -
कथन: अठारहवीं सदी में भारतीय रेशम की यूरोपीय बाज़ारों में भारी माँग थी।
निष्कर्ष I: इस माँग के कारण रेशम उत्पादन करने वाले संथाल आदिवासियों को सबसे अधिक मुनाफ़ा हुआ और वे अमीर हो गए।
निष्कर्ष II: बिचौलियों (Middlemen) ने इस माँग का लाभ उठाया और उत्पादकों को बहुत कम कीमत देकर खुद भारी मुनाफ़ा कमाया।
A) केवल निष्कर्ष I सही है | B) केवल निष्कर्ष II सही है | C) निष्कर्ष I और II दोनों सही हैं | D) न तो I और न ही II सही है -
कथन: बिरसा मुंडा ने अपने अनुयायियों को 'स्वर्ण युग' वापस लाने का आह्वान किया।
निष्कर्ष I: बिरसा के अनुसार इस स्वर्ण युग में मुंडा समाज शराब, डायन-प्रथा और गंदगी से मुक्त होगा।
निष्कर्ष II: यह आंदोलन मिशनरियों, महाजनों और अंग्रेज़ों को बाहर निकालकर मुंडा राज स्थापित करना चाहता था।
A) केवल निष्कर्ष I सही है | B) केवल निष्कर्ष II सही है | C) निष्कर्ष I और II दोनों सही हैं | D) न तो I और न ही II सही है -
झूम खेती (Shifting Cultivation) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
1. इसमें ज़मीन तक धूप लाने के लिए पेड़ों के ऊपरी हिस्से काट दिए जाते हैं।
2. किसान खेतों की बहुत गहरी जुताई करते हैं और फिर बीज रोपते हैं।
3. फ़सल काटने के बाद उस ज़मीन को कुछ वर्षों के लिए 'परती' छोड़ दिया जाता है।
इनमें से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
A) केवल 1 | B) 1 और 3 | C) 2 और 3 | D) 1, 2 और 3 -
औपनिवेशिक वन कानूनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
1. अंग्रेज़ों ने जंगलों को राज्य की संपत्ति घोषित कर दिया।
2. 'वन गाँवों' (Forest Villages) की स्थापना इसलिए की गई ताकि वन विभाग को सस्ते मज़दूर मिल सकें।
3. आदिवासियों ने इन वन कानूनों का खुशी-खुशी स्वागत किया और कभी कोई विद्रोह नहीं किया।
इनमें से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
A) केवल 1 | B) 1 और 2 | C) केवल 3 | D) 1, 2 और 3 -
बिरसा मुंडा के जीवन और आंदोलन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
1. उन्होंने मिशनरियों और हिंदू ज़मींदारों का लगातार विरोध किया।
2. उन्होंने जनेऊ धारण किया और शुद्धता व दया पर जोर दिया।
3. उनके आंदोलन का प्रतीक 'लाल झंडा' था।
इनमें से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
A) केवल 1 | B) 2 और 3 | C) 1 और 2 | D) 1, 2 और 3 -
निम्नलिखित आदिवासी विद्रोहों को उनके घटित होने के सही कालानुक्रमिक क्रम (Chronological Order) में व्यवस्थित करें:
1. संथाल विद्रोह
2. कोल विद्रोह
3. महाराष्ट्र का वर्ली विद्रोह
4. मध्य भारत का बस्तर विद्रोह
A) 2, 1, 4, 3 | B) 1, 2, 3, 4 | C) 2, 1, 3, 4 | D) 1, 4, 2, 3 -
औपनिवेशिक शासन के दौरान आदिवासी जीवन में आए बदलावों का सही कालानुक्रम (प्रवृत्ति के आधार पर) पहचानें:
1. व्यापारियों द्वारा वन उपज के लिए भारी कर्ज़ देना।
2. जंगलों को आरक्षित वन घोषित कर आदिवासियों की बेदखली।
3. आदिवासियों का चाय बागानों और खदानों में काम की तलाश में जाना।
A) 1, 2, 3 | B) 2, 1, 3 | C) 3, 2, 1 | D) 1, 3, 2 -
ब्रिटिश सरकार द्वारा पूर्वोत्तर में झूम काश्तकारों को परंपरागत खेती की आंशिक छूट क्यों देनी पड़ी?
A) क्योंकि अंग्रेज़ों को उन पर दया आ गई थी। | B) व्यापक विरोध के कारण अंग्रेज़ों को आखिरकार उनकी बात माननी पड़ी। | C) क्योंकि वे सबसे अच्छा कर (Tax) देते थे। | D) क्योंकि वहाँ बहुत अधिक उपजाऊ ज़मीन थी। -
वेरियर ऐल्विन द्वारा एकत्रित बैगा गीतों (जैसे "अंग्रेज़ों के इस देस में जीना कितना है मुश्किल") में आदिवासियों का मुख्य दर्द क्या था?
A) उन्हें शहर जाने की अनुमति नहीं थी। | B) हर चीज़ (गाय, भैंस, बैल) को विभिन्न कर (पशु कर, वन कर, लगान) चुकाने के लिए बेचना पड़ रहा था, जिससे वे भूखे मर रहे थे। | C) उन्हें अंग्रेज़ी नहीं पढ़ाई जा रही थी। | D) उन्हें सेना में भर्ती किया जा रहा था। -
अठारहवीं और उन्नीसवीं सदी में, जब वन उत्पाद कम पड़ जाते थे, तो बैगा समुदाय की स्थिति अन्य आदिवासियों से कैसे भिन्न होती थी?
A) वे खेती करने लगते थे। | B) वे दूसरों के लिए मज़दूरी करने से कतराते थे क्योंकि वे खुद को जंगल की संतान मानते थे। | C) वे तुरंत महाजनों के पास जाते थे। | D) वे शहरों में जाकर व्यापार करने लगते थे। -
चाय बागानों और कोयला खदानों में काम करने वाले आदिवासियों के लिए ठेकेदारों (Contractors) की व्यवस्था सबसे अधिक शोषणकारी क्यों थी?
A) ठेकेदार उन्हें केवल विदेशी खाना देते थे। | B) ठेकेदार बहुत कम वेतन देते थे और उन्हें वापस घर (गाँव) भी लौटने नहीं देते थे। | C) ठेकेदार उन्हें मुफ़्त में काम करवाते थे और कोई पैसा नहीं देते थे। | D) ठेकेदार उन्हें अंग्रेज़ी बोलने पर मजबूर करते थे। -
बिरसा मुंडा के अनुयायियों ने विद्रोह के दौरान किन मुख्य प्रतीकों और ठिकानों को अपना निशाना बनाया?
A) केवल स्कूलों और अस्पतालों को | B) दीकु और यूरोपीय सत्ता के प्रतीकों जैसे- थाने, चर्च और महाजनों व ज़मींदारों की संपत्तियों को | C) केवल अन्य आदिवासियों के घरों को | D) ब्रिटिश कारखानों को -
बिरसा मुंडा ने आदिवासी समाज में किस 'खराब आदत' को छोड़ने का सबसे अधिक ज़ोर दिया जो उनके पतन का कारण बन रही थी?
A) शिकार करना | B) शराब पीना, जादू-टोना और डायन-प्रथा में विश्वास करना | C) खेती करना | D) अंग्रेज़ों से बात करना -
ब्रिटिश शासन से पहले, कई आदिवासी मुखियाओं (Tribal Chiefs) के पास जो 'स्थानीय नियम खुद बनाने' की शक्ति थी, उसका मुख्य आधार क्या था?
A) ब्रिटिश महारानी का आदेश | B) जमीन और वन प्रबंधन पर उनका परंपरागत नियंत्रण और पुलिस व्यवस्था | C) उनके पास मौजूद आधुनिक हथियार | D) पड़ोसी राजाओं का समर्थन -
स्थायी बंदोबस्त (Land Settlements) लागू करते समय अंग्रेज़ों ने जनजातीय क्षेत्रों में क्या नई व्यवस्था बनाई जिससे समाज में असमानता बढ़ी?
A) सभी को समान ज़मीन दी। | B) ज़मीन को मापकर कुल के कुछ लोगों को भूस्वामी (Landlords) और दूसरों को उनका पट्टेदार (Tenants) घोषित कर दिया। | C) सारी ज़मीन राजाओं को दे दी। | D) ज़मीन को पूरी तरह से वन बना दिया। -
पापुआ न्यू गिनी के जनजातीय गीत (अन्यत्र बॉक्स) में आदिवासी 'नक़दी' (Cash) को 'बेकार का कूड़ा-करकट' क्यों कह रहे हैं?
A) क्योंकि वे कागज़ के नोट नहीं पहचानते। | B) क्योंकि जब उन्हें खरीदने के लिए कुछ ज़रूरी सामान ही नहीं मिलता, तो नक़दी फ़सलें उगाने और पैसा कमाने का कोई अर्थ नहीं है। | C) क्योंकि वे केवल सोना चाहते थे। | D) क्योंकि नक़दी से बीमारियाँ फैलती हैं। -
बिरसा आंदोलन की ऐतिहासिक सफलता को किस बात से सबसे अधिक आंका जा सकता है?
A) इसने अंग्रेज़ों को भारत से हमेशा के लिए निकाल दिया। | B) इसने साबित किया कि आदिवासी अन्याय का विरोध करने में सक्षम हैं और सरकार को उनके भूमि अधिकारों की रक्षा के लिए कानून बनाने पड़े। | C) इसने सभी आदिवासियों को ईसाई बना दिया। | D) इसने मुंडाओं को भारत का शासक बना दिया। -
वेरियर ऐल्विन के अनुसार, बैगा समाज में महिलाओं का मुख्य कार्य क्या होता था?
A) बड़े पेड़ों को काटना और शिकार करना | B) केवल जड़ें, कंद, सागो, इमली, कुकुरमुत्ता और महुआ के बीज इकट्ठा करना | C) हलों से खेती करना | D) व्यापार करना -
जब अंग्रेज़ों ने आदिवासियों को जंगलों से बेदखल कर दिया, तो वन विभाग के सामने सबसे बड़ी 'प्रशासनिक' समस्या क्या उत्पन्न हो गई थी?
A) जंगलों में आग लग गई थी। | B) रेलवे स्लीपर्स के लिए पेड़ काटने और लकड़ी ढोने के लिए सस्ते मज़दूरों का इंतज़ाम करना मुश्किल हो गया था। | C) वन्य जीवों की संख्या बढ़ गई थी। | D) ब्रिटिश अफ़सरों को शिकार करने में डर लगने लगा था।
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