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3. ग्रामीण क्षेत्र पर शासन चलाना ([Ruling the Countryside])

इस पेज पर आपको 3. ग्रामीण क्षेत्र पर शासन चलाना ([Ruling the Countryside]) के सभी महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ), परीक्षा उपयोगी नोट्स और ऑनलाइन क्विज़ मिलेंगे। अपने ज्ञान का परीक्षण करने और बोर्ड/प्रतियोगी परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए मॉक टेस्ट में अवश्य भाग लें।

स्थायी बंदोबस्त, रैयतवाड़ी, महालवाड़ी व्यवस्था और नील विद्रोह पर आधारित NCERT इतिहास MCQ। UPSC और SSC के लिए आधुनिक अर्थव्यवस्था।

👉 अध्याय का सारांश (Summary)

प्रिय अभ्यर्थियों, भारतीय कृषि अर्थव्यवस्था पर ब्रिटिश नीतियों के विनाशकारी प्रभावों को उजागर करने वाले इस अध्याय 'ग्रामीण क्षेत्र पर शासन चलाना' में आपका हार्दिक स्वागत है। NEP 2020 के अंतर्गत भू-राजस्व प्रणालियों (Land Revenue Systems), कृषि के व्यवसायीकरण और किसान विद्रोहों का विश्लेषणात्मक अध्ययन करना शिक्षा का एक अनिवार्य अंग है। SSC (CGL, CHSL), Railway (NTPC), CTET, State PCS और UPSC परीक्षाओं में 'स्थायी बंदोबस्त' (Permanent Settlement), 'महालवाड़ी' (Mahalwari), 'रैयतवाड़ी' (Ryotwari) व्यवस्था, और 'नील विद्रोह' (Blue Rebellion) पर 2-3 वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Objective Questions) नियमित रूप से पूछे जाते हैं। 12 अगस्त 1765 को मुग़ल सम्राट ने ईस्ट इंडिया कंपनी को बंगाल का 'दीवान' नियुक्त किया। दीवान के रूप में, कंपनी अपने नियंत्रण वाले क्षेत्र की मुख्य वित्तीय प्रशासक बन गई। कंपनी को अब एक ऐसा रास्ता खोजना था जिससे वह अपने बढ़ते खर्चों को पूरा करने के लिए भारी राजस्व (Revenue) हासिल कर सके, लेकिन वह खुद को एक व्यापारी ही मानती थी। कृषि संकट को दूर करने और राजस्व आय को स्थिर करने के लिए, 1793 में लॉर्ड कॉर्नवालिस (Lord Cornwallis) ने 'स्थायी बंदोबस्त' (Permanent Settlement) लागू किया। इसके तहत राजाओं और ताल्लुकदारों को 'ज़मींदार' मान लिया गया। उन्हें किसानों से लगान वसूलने और कंपनी को एक 'तय राशि' (Permanent amount) चुकाने का काम सौंपा गया। कंपनी का मानना था कि इससे ज़मींदार कृषि में निवेश करेंगे। लेकिन लगान इतना अधिक था कि कई ज़मींदारियां नीलाम हो गईं और किसानों के लिए यह व्यवस्था अत्यंत दमनकारी साबित हुई। 19वीं सदी की शुरुआत में कंपनी के अधिकारियों ने महसूस किया कि राजस्व व्यवस्था में बदलाव आवश्यक है। बंगाल प्रेसीडेंसी के उत्तर-पश्चिमी प्रांतों (वर्तमान उत्तर प्रदेश के हिस्से) में 'होल्ट मैकेंजी' (Holt Mackenzie) ने 1822 में 'महालवाड़ी व्यवस्था' (Mahalwari System) लागू की। इसमें गाँव (महाल) को राजस्व की इकाई माना गया और गाँव के मुखिया को राजस्व इकट्ठा करने का जिम्मा सौंपा गया; यह राजस्व स्थायी नहीं था, इसे समय-समय पर संशोधित किया जाना था। दक्षिण भारत में 'थॉमस मुनरो' (Thomas Munro) ने एक नई व्यवस्था विकसित की जिसे 'रैयतवाड़ी व्यवस्था' (Ryotwari/Munro System) कहा गया। चूँकि दक्षिण में कोई पारंपरिक ज़मींदार नहीं थे, इसलिए सीधा किसानों ('रैयतों' - Ryots) के साथ बंदोबस्त किया गया। अधिकारियों को पिता की तरह रैयतों की रक्षा करनी थी, लेकिन अधिक राजस्व की चाह में किसानों की हालत बदतर हो गई। अंग्रेजों ने भारत के गाँवों का उपयोग केवल राजस्व के लिए ही नहीं, बल्कि 'यूरोप की जरूरतों के हिसाब से फसलें' उगाने के लिए भी किया। उन्होंने किसानों को अफीम और 'नील' (Indigo) उगाने के लिए मजबूर किया। यूरोप में कपड़ों की रंगाई के लिए भारतीय नील की भारी मांग थी। 18वीं सदी के अंत तक बंगाल में नील की खेती तेजी से फैली। कंपनी के अधिकारियों ने नील उत्पादन में भारी निवेश किया। नील की खेती के दो मुख्य तरीके थे: 'निज' (Nij - जहाँ बागान मालिक अपनी जमीन पर खेती करवाता था) और 'रैयती' (Ryoti - जहाँ रैयतों को अनुबंध या 'सट्टा' पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया जाता था)। किसानों को बहुत कम कीमत मिलती थी और कर्ज का चक्र कभी खत्म नहीं होता था। नील की खेती मिट्टी की उर्वरता भी नष्ट कर देती थी। मार्च 1859 में बंगाल के हजारों रैयतों ने नील उगाने से इंकार कर दिया, जिसे 'नील विद्रोह' (Blue Rebellion) कहा जाता है। उन्होंने लगान चुकाने से मना कर दिया और तलवारें, भाले लेकर नील के कारखानों पर हमला कर दिया। औरतों ने भी बर्तनों के साथ लड़ाई लड़ी। इस विद्रोह में स्थानीय ज़मींदारों और पढ़े-लिखे लोगों (जैसे दीनबंधु मित्र जिन्होंने 'नील दर्पण' लिखा) ने किसानों का साथ दिया। सरकार को एक 'नील आयोग' (Indigo Commission) बनाना पड़ा, जिसने बागान मालिकों को दोषी पाया। इसके बाद बंगाल में नील का उत्पादन ढह गया और बागान मालिक बिहार (चंपारण) चले गए (जहाँ 1917 में महात्मा गांधी ने चंपारण सत्याग्रह किया)। NCERT बेस पर तैयार यह विस्तृत सामग्री आपको ब्रिटिश भू-राजस्व व्यवस्था को गहराई से समझने में मदद करेगी। इस 3-Level ऑनलाइन क्विज़ के माध्यम से अपनी तैयारी का परीक्षण करें।

महत्वपूर्ण प्रश्न (Important Questions)

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विद्यार्थी पंजीकरण

क्विज़ के महत्वपूर्ण निर्देश:

  • सारे concept clear करने के बाद ही टेस्ट दें।
  • इस ऑनलाइन टेस्ट में सभी प्रश्न बहुविकल्पीय (MCQ) हैं।
  • प्रत्येक प्रश्न को ध्यानपूर्वक पढ़ें और सही विकल्प का चयन करें।
  • क्विज़ लिंक दोस्तों तक शेयर करें।
  • विशेष नियम: यह क्विज़ 3 स्तरों में है। अगला स्तर (Level) खोलने के लिए आपको वर्तमान स्तर में कम से कम 70% अंक लाने होंगे।
  • पूरा चैप्टर अच्छी तरह से याद करने के बाद ही क्विज में भाग ले
  • अपनी डिटेल सही भरें, क्विज़ सब्मिट करने के बाद feedback जरूर दे। अच्छे फीडबैक साइट के होम पेज पर प्रकाशित होंगे
  • सवालो को आराम से हल करें, जल्दीबाजी नहीं करें
  • टेस्ट सबमिट करने के बाद आपका स्कोर आपके शिक्षक के डैशबोर्ड पर प्रदर्शित होगा।
  • प्रतियोगी परीक्षाओं और बोर्ड परीक्षा की बेहतरीन तैयारी के लिए आप इस टेस्ट का बार-बार अभ्यास कर सकते हैं।
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अध्याय के सभी प्रश्न (Revision Notes)

*नोट: यह सेक्शन रिवीजन के लिए है। अपना ज्ञान परखने के लिए ऊपर दिए गए क्विज़ में भाग लें।

  1. 12 अगस्त 1765 को मुग़ल बादशाह ने ईस्ट इंडिया कंपनी को कहाँ की दीवानी सौंपी थी?
    A) मद्रास  |  B) बम्बई  |  C) बंगाल  |  D) अवध
  2. दीवान बनने के बाद ईस्ट इंडिया कंपनी का मुख्य आर्थिक उद्देश्य क्या हो गया था?
    A) किसानों की भलाई करना  |  B) केवल व्यापार करना  |  C) बढ़ते खर्चों को पूरा करने के लिए ज़्यादा से ज़्यादा राजस्व जुटाना  |  D) ज़मीन को मुफ़्त में बाँटना
  3. 1770 में बंगाल में पड़े भयानक अकाल में लगभग कितने लोगों की मौत हुई थी?
    A) एक लाख  |  B) दस लाख  |  C) पचास लाख  |  D) एक करोड़
  4. 'स्थायी बंदोबस्त' (Permanent Settlement) किस वर्ष लागू किया गया था?
    A) 1765 में  |  B) 1770 में  |  C) 1793 में  |  D) 1822 में
  5. स्थायी बंदोबस्त लागू करते समय भारत का गवर्नर-जनरल कौन था?
    A) वारेन हेस्टिंग्स  |  B) चार्ल्स कॉर्नवालिस  |  C) लॉर्ड डलहौज़ी  |  D) थॉमस मुनरो
  6. स्थायी बंदोबस्त के तहत राजाओं और ताल्लुकदारों को किस रूप में मान्यता दी गई थी?
    A) सैनिक  |  B) न्यायाधीश  |  C) ज़मींदार  |  D) गवर्नर
  7. उत्तर-पश्चिमी प्रांतों के लिए 'महालवारी व्यवस्था' (Mahalwari System) किसने तैयार की थी?
    A) थॉमस मुनरो  |  B) अलेक्जेंडर रीड  |  C) चार्ल्स कॉर्नवालिस  |  D) हॉल्ट मैकेंज़ी
  8. महालवारी व्यवस्था में 'महाल' (Mahal) शब्द का क्या अर्थ था?
    A) एक महल या किला  |  B) एक गाँव या गाँवों का समूह  |  C) एक सैनिक छावनी  |  D) एक व्यापारिक जहाज़
  9. दक्षिण भारत में राजस्व वसूली के लिए कौन सी नई व्यवस्था अपनाई गई थी?
    A) स्थायी बंदोबस्त  |  B) महालवारी व्यवस्था  |  C) रैयतवारी व्यवस्था  |  D) इज़ारेदारी व्यवस्था
  10. यूरोप में कपड़ा उत्पादक नील के विकल्प के रूप में किस पौधे का इस्तेमाल करते थे?
    A) कपास  |  B) वोड  |  C) चाय  |  D) जूट
  11. वोड (Woad) का पौधा मुख्य रूप से किस जलवायु क्षेत्र में उगता है?
    A) उष्णकटिबंधीय (Tropical)  |  B) शीतोष्ण (Temperate)  |  C) मरुस्थलीय  |  D) टुंड्रा
  12. नील (Indigo) के पौधे के लिए मुख्य रूप से कौन सी जलवायु उपयुक्त होती है?
    A) उष्णकटिबंधीय  |  B) शीतोष्ण  |  C) ध्रुवीय  |  D) पर्वतीय
  13. नील की खेती के दो मुख्य तरीके कौन से थे?
    A) निज और रैयती  |  B) स्थायी और महालवारी  |  C) वोड और नील  |  D) खरीफ और रबी
  14. 'निज' (Nij) खेती व्यवस्था में क्या होता था?
    A) किसान अपनी ज़मीन पर खेती करते थे  |  B) बागान मालिक अपनी ज़मीन पर मज़दूरों से नील उगाते थे  |  C) केवल सरकार खेती करती थी  |  D) खेती पूरी तरह बंद कर दी गई थी
  15. 'रैयती' (Ryoti) व्यवस्था के तहत बागान मालिक किसानों से क्या करवाते थे?
    A) उन्हें ज़मीन मुफ़्त देते थे  |  B) उन्हें सेना में शामिल करते थे  |  C) एक अनुबंध या 'सट्टा' पर हस्ताक्षर करवाते थे  |  D) उन्हें यूरोप भेजते थे
  16. बंगाल में 'नील विद्रोह' (Blue Rebellion) किस वर्ष शुरू हुआ था?
    A) 1793  |  B) 1857  |  C) 1859  |  D) 1917
  17. नील बागान मालिकों के एजेंटों या कर्मचारियों को क्या कहा जाता था?
    A) दीवान  |  B) सूबेदार  |  C) गुमाश्ता  |  D) काज़ी
  18. नील उत्पादकों के अत्याचारों के खिलाफ 1917 में महात्मा गांधी ने कौन सा आंदोलन शुरू किया?
    A) दांडी मार्च  |  B) असहयोग आंदोलन  |  C) भारत छोड़ो आंदोलन  |  D) चंपारण सत्याग्रह
  19. ईस्ट इंडिया कंपनी ने 18वीं सदी के अंत में किन दो मुख्य फ़सलों की खेती पर सबसे अधिक ज़ोर दिया था?
    A) गेहूँ और चावल  |  B) अफ़ीम और नील  |  C) कपास और जूट  |  D) चाय और कॉफी
  20. रैयतवारी व्यवस्था को दक्षिण भारत में मुख्य रूप से किसने विकसित और लागू किया?
    A) हॉल्ट मैकेंज़ी  |  B) चार्ल्स कॉर्नवालिस  |  C) थॉमस मुनरो और अलेक्जेंडर रीड  |  D) रॉबर्ट क्लाइव
  21. सही मिलान करें: 1. रैयत 2. महाल 3. निज 4. रैयती (A) ग्राम-समूह (B) किसान (C) रैयतों की ज़मीन पर खेती (D) बागान मालिकों की अपनी ज़मीन पर खेती
    A) 1-B, 2-A, 3-D, 4-C  |  B) 1-A, 2-B, 3-C, 4-D  |  C) 1-B, 2-C, 3-A, 4-D  |  D) 1-C, 2-B, 3-A, 4-D
  22. कथन (A): 1770 में बंगाल में पड़े भयानक अकाल में लगभग एक करोड़ लोगों की मौत हो गई। कारण (R): ईस्ट इंडिया कंपनी ने कृषि सुधार के लिए भारी निवेश किया था, जिससे फसलें नष्ट हो गईं।
    A) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है  |  B) (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है  |  C) (A) सही है लेकिन (R) गलत है  |  D) (A) गलत है लेकिन (R) सही है
  23. कथन (A): यूरोपीय बाज़ारों में भारतीय नील की बहुत भारी माँग थी। कारण (R): भारतीय नील से कपड़ों की रंगाई करने पर बहुत चमकदार और गहरा नीला रंग मिलता था।
    A) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है  |  B) (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है  |  C) (A) सही है लेकिन (R) गलत है  |  D) (A) गलत है लेकिन (R) सही है
  24. कथन (A): दक्षिण भारत में राजस्व वसूली के लिए 'रैयतवारी' व्यवस्था अपनाई गई। कारण (R): थॉमस मुनरो का मानना था कि दक्षिण भारत में उत्तर भारत की तरह बड़े और पारंपरिक ज़मींदार नहीं थे।
    A) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है  |  B) (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है  |  C) (A) सही है लेकिन (R) गलत है  |  D) (A) गलत है लेकिन (R) सही है
  25. स्थायी बंदोबस्त में ज़मींदारों से जो राजस्व तय किया गया था, उसकी मुख्य विशेषता क्या थी?
    A) वह हर साल बढ़ता था  |  B) वह भविष्य में कभी भी बढ़ाया नहीं जा सकता था (स्थायी था)  |  C) वह फसल की उपज पर निर्भर करता था  |  D) वह केवल नकद में ही लिया जाता था
  26. महालवारी व्यवस्था में राजस्व इकट्ठा करने और कंपनी को अदा करने का जिम्मा ज़मींदार की बजाय किसे सौंपा गया?
    A) गाँव के मुखिया को  |  B) पुलिस अधिकारी को  |  C) मजिस्ट्रेट को  |  D) यूरोपीय व्यापारियों को
  27. अठारहवीं सदी के आखिर में ब्रिटेन में नील की माँग तेज़ी से क्यों बढ़ने लगी?
    A) क्योंकि चाय का उत्पादन कम हो गया था  |  B) औद्योगीकरण और सूती कपड़े के उत्पादन में भारी वृद्धि के कारण  |  C) क्योंकि ब्रिटेन में वोड का पौधा विलुप्त हो गया था  |  D) क्योंकि भारत ने नील का निर्यात मुफ़्त कर दिया था
  28. यूरोप के वोड (Woad) उत्पादकों ने अपनी सरकारों पर क्या दबाव डाला था?
    A) भारतीय नील के आयात पर पाबंदी लगाने का  |  B) भारत से अधिक नील मँगाने का  |  C) कपास की खेती बंद करने का  |  D) सूती कपड़े का उत्पादन बंद करने का
  29. नील की 'निज' खेती व्यवस्था में बागान मालिकों को सबसे बड़ी समस्या क्या आ रही थी?
    A) नील के बीज उपलब्ध नहीं थे  |  B) नील की खेती के लिए बड़े और उपजाऊ भूखंडों का आसानी से न मिलना  |  C) सरकार ने निज खेती पर रोक लगा दी थी  |  D) भारत की जलवायु नील के लिए अनुकूल नहीं थी
  30. एक बीघा ज़मीन पर नील की 'निज' खेती के लिए आमतौर पर कितने हलों (Plows) की आवश्यकता होती थी?
    A) एक हल  |  B) दो हल  |  C) पाँच हल  |  D) दस हल
  31. रैयती व्यवस्था में बागान मालिकों द्वारा किसानों को दिए जाने वाले कर्ज़ की शर्त क्या होती थी?
    A) उन्हें अपनी 100 प्रतिशत ज़मीन पर नील उगाना होगा  |  B) उन्हें कम से कम 25 प्रतिशत ज़मीन पर नील उगाना होगा  |  C) उन्हें केवल धान की खेती करनी होगी  |  D) कोई शर्त नहीं होती थी
  32. नील विद्रोह (1859) के दौरान किसानों ने सबसे पहले क्या घोषणा की थी?
    A) वे कंपनी की सेना में शामिल होंगे  |  B) वे इंग्लैंड जाकर महारानी से शिकायत करेंगे  |  C) वे न तो नील की खेती करेंगे और न ही बागान मालिकों को लगान चुकाएंगे  |  D) वे अपनी ज़मीनें बेच देंगे
  33. नील विद्रोह के दौरान बंगाल के पढ़े-लिखे वर्गों (Intellectuals) ने क्या भूमिका निभाई?
    A) उन्होंने बागान मालिकों का समर्थन किया  |  B) वे नील की खेती करने लगे  |  C) उन्होंने नील उत्पादकों के अत्याचारों पर लेख और रिपोर्ट लिखकर किसानों का समर्थन किया  |  D) उन्होंने विद्रोह को कुचलने में सरकार की मदद की
  34. नील विद्रोह के बाद ब्रिटिश सरकार द्वारा बनाए गए 'नील आयोग' (Indigo Commission) ने किसे दोषी ठहराया?
    A) किसानों को  |  B) बागान मालिकों को  |  C) ज़मींदारों को  |  D) ईस्ट इंडिया कंपनी के निदेशकों को
  35. बंगाल में नील उत्पादन धराशायी होने के बाद यूरोपीय बागान मालिकों ने अपना ध्यान किस राज्य पर केंद्रित किया?
    A) पंजाब  |  B) मद्रास  |  C) बिहार  |  D) गुजरात
  36. स्थायी बंदोबस्त लागू होने के बाद शुरुआती वर्षों में ज़मींदार अपना लगान क्यों नहीं चुका पा रहे थे?
    A) क्योंकि किसान बहुत गरीब थे  |  B) क्योंकि तय की गई राजस्व की माँग बहुत ऊँची थी  |  C) क्योंकि ज़मींदार खुद विद्रोही हो गए थे  |  D) क्योंकि उस समय कोई कर नहीं लगता था
  37. हॉल्ट मैकेंज़ी के अनुसार उत्तर भारतीय समाज में 'गाँव' (Village) का क्या महत्व था?
    A) यह केवल कर वसूलने का केंद्र था  |  B) यह एक महत्वपूर्ण सामाजिक संस्था थी जिसे बचाए रखना ज़रूरी था  |  C) इसे पूरी तरह से ख़त्म कर देना चाहिए  |  D) इसका कोई महत्व नहीं था
  38. मुनरो व्यवस्था (रैयतवारी) लागू करने वाले ब्रिटिश अधिकारियों का क्या मानना था?
    A) उन्हें केवल व्यापार करना चाहिए  |  B) उन्हें पारंपरिक ज़मींदारों की तरह कठोर होना चाहिए  |  C) उन्हें एक पैतृक अभिभावक (Paternal figure) की तरह किसानों की रक्षा करनी चाहिए  |  D) किसानों को उनकी ज़मीन से बेदखल कर देना चाहिए
  39. 1859 के नील विद्रोह के बाद ब्रिटिश मजिस्ट्रेट एश्ले ईडन (Ashley Eden) ने क्या नोटिस जारी किया था?
    A) कि किसानों को दोगुनी नील उगानी होगी  |  B) कि रैयतों को नील के अनुबंध (Satta) मानने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा  |  C) कि सभी किसानों को गिरफ़्तार किया जाएगा  |  D) कि नील की खेती पूरी तरह प्रतिबंधित है
  40. नील आयोग ने अपनी अंतिम रिपोर्ट में किसानों को क्या सलाह दी?
    A) कि वे तुरंत नील की खेती बंद कर दें  |  B) कि वे मौजूदा अनुबंध पूरे करें लेकिन भविष्य में नील उगाने से इनकार कर सकते हैं  |  C) कि वे सरकार के खिलाफ सशस्त्र विद्रोह करें  |  D) कि वे अपनी ज़मीनें बागान मालिकों को सौंप दें
  41. स्थायी बंदोबस्त के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. राजाओं और ताल्लुकदारों को ज़मींदारों के रूप में मान्यता दी गई। 2. राज्य की ओर से राजस्व की माँग स्थायी रूप से तय कर दी गई थी। 3. इसका मुख्य उद्देश्य ज़मींदारों को कृषि में निवेश के लिए प्रोत्साहित करना था। इनमें से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
    A) केवल 1  |  B) 1 और 2  |  C) केवल 3  |  D) 1, 2 और 3
  42. महालवारी व्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. इसे थॉमस मुनरो ने मुख्य रूप से दक्षिण भारत में लागू किया था। 2. इसमें राजस्व निर्धारण गाँव या 'महाल' के आधार पर किया गया। 3. इसमें तय राजस्व स्थायी नहीं था, बल्कि समय-समय पर उसे संशोधित किया जाना था। इनमें से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
    A) केवल 1  |  B) 2 और 3  |  C) 1 और 3  |  D) 1, 2 और 3
  43. नील की खेती और विद्रोह के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. नील विद्रोह 1859 में मुख्य रूप से बंगाल में शुरू हुआ था। 2. नील आयोग ने अपनी रिपोर्ट में किसानों को भविष्य में भी नील उगाने के लिए बाध्य किया। 3. चंपारण सत्याग्रह 1917 में नील बागान मालिकों के अत्याचारों के खिलाफ हुआ था। इनमें से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
    A) केवल 1  |  B) 1 और 2  |  C) 1 और 3  |  D) 1, 2 और 3
  44. कथन: नील के पौधे की जड़ें बहुत गहरी होती थीं और वह ज़मीन की सारी ताकत खींच लेता था। निष्कर्ष I: नील की कटाई के बाद उस ज़मीन पर धान (चावल) की खेती आसानी से नहीं की जा सकती थी। निष्कर्ष II: नील की खेती से ज़मीन की उपजाऊ क्षमता दोगुनी हो जाती थी, जिससे वह अन्य फ़सलों के लिए बेहतर हो जाती थी।
    A) केवल निष्कर्ष I सही है  |  B) केवल निष्कर्ष II सही है  |  C) निष्कर्ष I और II दोनों सही हैं  |  D) न तो I और न ही II सही है
  45. कथन: 18वीं सदी के अंत में ब्रिटेन में औद्योगीकरण तेज़ी से फैला और सूती कपड़े के उत्पादन में भारी वृद्धि हुई। निष्कर्ष I: सूती कपड़े को रंगने के लिए नील की माँग अप्रत्याशित रूप से बढ़ गई। निष्कर्ष II: औद्योगीकरण के कारण ब्रिटेन ने भारत से कृषि उत्पादों का आयात पूरी तरह बंद कर दिया।
    A) केवल निष्कर्ष I सही है  |  B) केवल निष्कर्ष II सही है  |  C) निष्कर्ष I और II दोनों सही हैं  |  D) न तो I और न ही II सही है
  46. कथन: नील आयोग (Indigo Commission) ने अपनी रिपोर्ट में नील बागान मालिकों को दोषी ठहराया। निष्कर्ष I: आयोग ने स्पष्ट किया कि नील की खेती रैयतों (किसानों) के लिए मुनाफ़े का सौदा नहीं है। निष्कर्ष II: आयोग ने ब्रिटिश सरकार को आदेश दिया कि वह सभी यूरोपीय बागान मालिकों को भारत से निष्कासित कर दे।
    A) केवल निष्कर्ष I सही है  |  B) केवल निष्कर्ष II सही है  |  C) निष्कर्ष I और II दोनों सही हैं  |  D) न तो I और न ही II सही है
  47. भारत में घटित निम्नलिखित ऐतिहासिक घटनाओं को सही कालानुक्रमिक क्रम (Chronological Order) में व्यवस्थित करें: 1. कंपनी को बंगाल की दीवानी प्राप्त होना 2. स्थायी बंदोबस्त (Permanent Settlement) लागू होना 3. बंगाल में नील विद्रोह (Blue Rebellion) 4. महात्मा गांधी का चंपारण सत्याग्रह
    A) 1, 2, 3, 4  |  B) 2, 1, 4, 3  |  C) 1, 3, 2, 4  |  D) 4, 3, 2, 1
  48. औपनिवेशिक काल में लागू की गई राजस्व व्यवस्थाओं का सही कालानुक्रम (लागू होने के समय के आधार पर) पहचानें: 1. बंगाल में स्थायी बंदोबस्त 2. उत्तर-पश्चिमी प्रांतों में महालवारी व्यवस्था का खाका तैयार होना 3. दक्षिण भारत में रैयतवारी (मुनरो) व्यवस्था का व्यापक प्रयोग
    A) 1, 2, 3  |  B) 2, 1, 3  |  C) 3, 2, 1  |  D) 1, 3, 2
  49. नील की 'निज' (Nij) खेती व्यवस्था में श्रम (Labour) की भारी समस्या क्यों उत्पन्न होती थी?
    A) क्योंकि मज़दूर नील की खेती करना ही नहीं चाहते थे।  |  B) जिस समय नील की खेती के लिए मज़दूरों की ज़रूरत होती थी, उसी समय किसान अपनी धान (चावल) की खेती में भी व्यस्त रहते थे।  |  C) सरकार ने मज़दूरों को नील बागानों में काम करने से रोक दिया था।  |  D) बागान मालिक मज़दूरों को वेतन नहीं देते थे।
  50. 19वीं सदी के अंत में किस नई वैज्ञानिक खोज के कारण नील के अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार और उत्पादन पर बहुत बुरा असर पड़ा?
    A) रासायनिक उर्वरकों का आविष्कार  |  B) कृत्रिम रंगों (Synthetic Dyes) का आविष्कार  |  C) सूती कपड़े की जगह नायलॉन का उपयोग  |  D) मशीनी हलों का आविष्कार
  51. नील की 'रैयती' व्यवस्था में किसानों के लिए 'कर्ज़ का चक्र' (Debt Cycle) कभी खत्म क्यों नहीं होता था?
    A) किसान सारा पैसा शराब में उड़ा देते थे।  |  B) बागान मालिक नील की कीमत इतनी कम देते थे कि किसान कभी अपना कर्ज़ नहीं चुका पाते थे।  |  C) किसान कर्ज़ का पैसा ज़मीन खरीदने में लगा देते थे।  |  D) उपरोक्त में से कोई नहीं।
  52. नील विद्रोह (1859) के दौरान ग्रामीण महिलाओं ने विद्रोह में किस प्रकार अपनी भागीदारी दर्ज की?
    A) उन्होंने घरों में छुपकर जान बचाई।  |  B) वे बर्तनों, झाड़ू और बेलन के साथ बागान मालिकों के एजेंटों (गुमाश्तों) पर हमला करने लगीं।  |  C) उन्होंने कंपनी की सेना में भर्ती होकर लड़ाई लड़ी।  |  D) उन्होंने ब्रिटिश महारानी को पत्र लिखे।
  53. स्थायी बंदोबस्त (Permanent Settlement) के अंतर्गत यदि कोई ज़मींदार तय किया गया लगान कंपनी को नहीं चुका पाता था, तो उसका क्या परिणाम होता था?
    A) उसे माफ़ कर दिया जाता था।  |  B) उसकी ज़मींदारी छीनकर नीलाम कर दी जाती थी।  |  C) उसे इंग्लैंड भेज दिया जाता था।  |  D) उसे दोगुनी ज़मीन दी जाती थी।
  54. दीवानी अधिकार मिलने के बाद शुरुआती वर्षों में बंगाल की अर्थव्यवस्था गहरे संकट में क्यों फँस गई थी?
    A) बाढ़ और भूकंप के कारण  |  B) कारीगरों और किसानों पर बहुत भारी कर लगाए गए, जिससे वे परेशान होकर गाँव छोड़कर भागने लगे।  |  C) मुग़ल सेना के लगातार हमलों के कारण  |  D) यूरोपीय बाज़ारों में मंदी के कारण
  55. 1770 के भयंकर अकाल के बावजूद, कंपनी के अफ़सरों ने कृषि में सुधार के लिए तुरंत कदम क्यों नहीं उठाए?
    A) वे केवल व्यापारिक मुनाफ़े और अधिक से अधिक राजस्व इकट्ठा करने पर केंद्रित थे।  |  B) अकाल से केवल अमीर लोग मरे थे।  |  C) उनके पास कोई पैसा नहीं बचा था।  |  D) भारत की मिट्टी कृषि योग्य नहीं रही थी।
  56. नील बागान मालिकों द्वारा किसानों को खेती के लिए दिए जाने वाले 'अग्रिम कर्ज़' (Cash advances) को स्थानीय भाषा में क्या कहा जाता था?
    A) लगान  |  B) ददन (Dadan)  |  C) जागीर  |  D) नज़राना
  57. स्थायी बंदोबस्त के विफल होने का एक मुख्य कारण यह भी था कि ज़मींदार कृषि सुधार में निवेश नहीं कर रहे थे। ऐसा क्यों था?
    A) क्योंकि उन्हें खेती का ज्ञान नहीं था।  |  B) क्योंकि तय राजस्व इतना अधिक था कि उसे चुकाने में ही ज़मींदारों की पूरी कमाई निकल जाती थी।  |  C) क्योंकि किसानों ने विद्रोह कर दिया था।  |  D) क्योंकि सरकार ने निवेश पर रोक लगा दी थी।
  58. चंपारण आंदोलन (1917) से पहले, महात्मा गांधी ने किस स्थान से लौटकर भारत में अपना संघर्ष शुरू किया था?
    A) इंग्लैंड  |  B) दक्षिण अफ्रीका  |  C) अमेरिका  |  D) फ्रांस
  59. ईस्ट इंडिया कंपनी को जब दीवानी का अधिकार मिला, तब वह भारत में मुख्य रूप से किस चीज़ का आयात करती थी जिससे वह भारतीय सामान खरीदती थी?
    A) हथियार  |  B) सोना और चाँदी (बुलियन)  |  C) मशीनें  |  D) सूती कपड़ा
  60. मुनरो व्यवस्था (रैयतवारी) की सबसे बड़ी कमी क्या साबित हुई जिसके कारण किसानों ने गाँवों को छोड़ना शुरू कर दिया?
    A) ज़मीन की उपजाऊ क्षमता ख़त्म हो गई।  |  B) राजस्व अधिकारियों ने किसानों से जो लगान तय किया था, वह अवास्तविक रूप से बहुत अधिक था।  |  C) ज़मींदारों ने किसानों पर हमले शुरू कर दिए।  |  D) किसानों को केवल अफ़ीम उगाने के लिए मजबूर किया गया।
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