9. अठारहवीं शताब्दी में नए राजनीतिक गठन ([Eighteenth-Century Political Formations])
इस पेज पर आपको 9. अठारहवीं शताब्दी में नए राजनीतिक गठन ([Eighteenth-Century Political Formations]) के सभी महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ), परीक्षा उपयोगी नोट्स और ऑनलाइन क्विज़ मिलेंगे। अपने ज्ञान का परीक्षण करने और बोर्ड/प्रतियोगी परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए मॉक टेस्ट में अवश्य भाग लें।
👉 अध्याय का सारांश (Summary)
प्रिय अभ्यर्थियों, मुग़ल साम्राज्य के पतन और आधुनिक भारत की नींव रखने वाले क्षेत्रीय राज्यों के उदय को दर्शाने वाले इस अत्यंत महत्वपूर्ण अध्याय 'अठारहवीं शताब्दी में नए राजनीतिक गठन' में आपका हार्दिक स्वागत है। NEP 2020 के अंतर्गत सत्ता के विकेंद्रीकरण, मुग़लों के पतन के कारणों, और नए क्षेत्रीय शक्तियों के कूटनीतिक तथा सैन्य उभार का ऐतिहासिक विश्लेषण करना एक प्रमुख उद्देश्य है। SSC (CGL, CHSL), Railway (NTPC), CTET, State PCS और UPSC परीक्षाओं में अवध, बंगाल और हैदराबाद के संस्थापकों, मराठों (शिवाजी और पेशवाओं) की कर प्रणाली (चौथ और सरदेशमुखी), और सिखों के 'मिसल' (Misls) पर 2-3 वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Objective Questions) हमेशा पूछे जाते हैं।
18वीं शताब्दी के पूर्वार्ध (First half) में भारतीय उपमहाद्वीप का राजनीतिक परिदृश्य तेजी से बदल रहा था। 1707 में औरंगजेब की मृत्यु के बाद मुग़ल साम्राज्य का पतन शुरू हो गया। इसके कई कारण थे: औरंगजेब ने दक्कन (दक्षिण) में एक लंबा युद्ध लड़कर साम्राज्य के सैन्य और वित्तीय संसाधनों को समाप्त कर दिया था; शक्तिशाली 'मनसबदारों' (सूबेदारों) पर नियंत्रण रखना कमजोर उत्तराधिकारियों के लिए मुश्किल हो गया; और उत्तर भारत में किसानों तथा ज़मींदारों के विद्रोहों ने साम्राज्य को आर्थिक रूप से तोड़ दिया। इसी बीच 1739 में ईरान के शासक 'नादिर शाह' (Nadir Shah) ने दिल्ली पर हमला किया और भारी धन-दौलत (तख्त-ए-ताऊस और कोहिनूर हीरा) लूट ली। इसके बाद अफगान शासक 'अहमद शाह अब्दाली' ने उत्तरी भारत पर कई बार आक्रमण किए।
मुग़ल साम्राज्य के पतन के बाद जो नए राज्य उभरे, उन्हें इतिहासकार तीन समूहों में बाँटते हैं: 1. वे राज्य जो मुग़ल साम्राज्य के पुराने प्रांत थे (अवध, बंगाल और हैदराबाद)। 2. वे राज्य जिन्होंने मुग़लों के तहत वतन जागीर के रूप में काफी स्वतंत्रता का आनंद लिया था (कई राजपूत राज्य)। 3. वे राज्य जिन्होंने मुग़लों से कड़े सशस्त्र संघर्ष के बाद अपनी स्वतंत्रता छीन ली थी (मराठा, सिख और जाट)।
पुराने मुग़ल प्रांतों से उभरे तीनों प्रमुख राज्यों के संस्थापक मुग़ल दरबार के ऊंचे मनसबदार थे। 'हैदराबाद' (Hyderabad) राज्य की स्थापना 'निज़ाम-उल-मुल्क आसफ़ जाह' (Nizam-ul-Mulk Asaf Jah) ने 1724 में की। उसने मुग़लों की ओर से स्वतंत्रतापूर्वक शासन किया और हिंदू मनसबदारों को भी नियुक्त किया। 'अवध' (Awadh) की स्थापना 1722 में 'बुरहान-उल-मुल्क सआदत खान' (Sa'adat Khan) ने की। उसने 'इज़ारेदारी' (Ijaradari - राजस्व खेती / Revenue farming) प्रणाली को बढ़ावा दिया, जहाँ राजस्व एकत्र करने का अधिकार सबसे ऊँची बोली लगाने वाले को दिया जाता था। 'बंगाल' (Bengal) में 'मुर्शिद कुली खान' (Murshid Quli Khan) ने राज्य की स्थापना की। उसने जागीरदारों को उड़ीसा स्थानांतरित कर दिया और मुग़ल प्रभाव को कम किया। इन तीनों राज्यों में एक समानता थी—वे मुग़ल जागीरदारी व्यवस्था को संदेह की दृष्टि से देखते थे और उन्होंने राजस्व वसूली के लिए नए तरीकों (इजारेदारी) का इस्तेमाल किया। सवाई राजा जयसिंह जैसे राजपूत शासकों ने जयपुर को अपनी नई राजधानी बनाया और कई खगोलीय वेधशालाएं (जंतर-मंतर) बनवाईं।
संघर्ष से उभरे राज्यों में 'सिख' (Sikhs) और 'मराठे' (Marathas) सबसे शक्तिशाली थे। 1699 में गुरु गोबिंद सिंह द्वारा 'खालसा' (Khalsa) की स्थापना के बाद, सिख एक राजनीतिक और सैन्य शक्ति बन गए। 18वीं सदी में सिखों ने खुद को कई 'जत्थों' और बाद में 'मिसलों' (Misls) में संगठित किया। इनकी संयुक्त सेना को 'दल खालसा' (Dal Khalsa) कहा जाता था, जो दीवाली और बैसाखी पर अमृतसर में 'गुरमत्ता' (गुरु के प्रस्ताव) पारित करने के लिए मिलते थे। महाराजा रणजीत सिंह ने 1799 में लाहौर को राजधानी बनाकर उन्हें एकजुट किया। 'मराठा' (Maratha) राज्य शिवाजी (Shivaji - 1627-1680) द्वारा शक्तिशाली योद्धा परिवारों (देशमुखों) के समर्थन से स्थापित किया गया। शिवाजी की मृत्यु के बाद, मराठा सत्ता चितपावन ब्राह्मणों के हाथों में आ गई, जिन्होंने 'पेशवा' (Peshwa - प्रधानमंत्री) के रूप में कार्य किया। पूना (पुणे) मराठा राज्य की राजधानी बन गया। पेशवाओं के तहत मराठों ने मुग़ल साम्राज्य को भारी नुकसान पहुँचाया। उन्होंने पूरे प्रायद्वीप में मुग़लों से कर वसूलने के अधिकार प्राप्त किए, जिन्हें 'चौथ' (Chauth - उपज का 25%) और 'सरदेशमुखी' (Sardeshmukhi - उपज का 9-10%) कहा जाता था। चूड़ामन के नेतृत्व में 'जाटों' (Jats) ने भी दिल्ली के आसपास अपनी शक्ति बढ़ाई और भरतपुर में एक मजबूत राज्य बनाया। NCERT बेस पर तैयार यह विस्तृत सामग्री आपको आधुनिक भारत की पृष्ठभूमि समझने में मदद करेगी। इस 3-Level ऑनलाइन क्विज़ के माध्यम से अपनी तैयारी का परीक्षण करें।
अध्याय के सभी प्रश्न (Revision Notes)
*नोट: यह सेक्शन रिवीजन के लिए है। अपना ज्ञान परखने के लिए ऊपर दिए गए क्विज़ में भाग लें।
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1707 में किस मुग़ल सम्राट की मृत्यु के बाद मुग़ल साम्राज्य का पतन शुरू हो गया?
A) अकबर | B) जहाँगीर | C) शाहजहाँ | D) औरंगज़ेब -
1739 में किस ईरानी शासक ने दिल्ली पर आक्रमण करके भारी धन-दौलत लूटी?
A) अहमद शाह अब्दाली | B) नादिरशाह | C) चंगेज़ ख़ान | D) तैमूर -
अहमद शाह अब्दाली ने 1748 से 1761 के बीच उत्तर भारत पर कितनी बार आक्रमण किया?
A) 2 बार | B) 3 बार | C) 5 बार | D) 7 बार -
हैदराबाद राज्य का संस्थापक कौन था?
A) मुर्शिद कुली खां | B) बुरहान-उल-मुल्क सआदत खां | C) निज़ाम-उल-मुल्क आसफ़ जाह | D) सफदरजंग -
अवध राज्य का संस्थापक किसे माना जाता है?
A) निज़ाम-उल-मुल्क आसफ़ जाह | B) बुरहान-उल-मुल्क सआदत खां | C) मुर्शिद कुली खां | D) अलीवर्दी खां -
बंगाल राज्य का संस्थापक कौन था?
A) सिराजुद्दौला | B) मुर्शिद कुली खां | C) मीर जाफर | D) सुजाउद्दौला -
मुग़ल प्रशासन में 'सूबेदार' का मुख्य कार्य क्या था?
A) केवल कर वसूलना | B) प्रांत का राजनीतिक और सैन्य प्रशासन संभालना | C) केवल धार्मिक कार्य | D) विदेशी व्यापार करना -
जयपुर नगर की स्थापना किस राजपूत शासक ने की थी?
A) राणा प्रताप | B) राणा सांगा | C) सवाई जयसिंह | D) अजीत सिंह -
1699 में 'खालसा पंथ' की स्थापना किसने की थी?
A) गुरु नानक ने | B) गुरु अर्जुन देव ने | C) गुरु तेग बहादुर ने | D) गुरु गोबिंद सिंह ने -
मराठा साम्राज्य का संस्थापक कौन था?
A) बालाजी बाजीराव | B) शिवाजी | C) शाहू | D) बाजीराव प्रथम -
मराठों द्वारा वसूला जाने वाला 'चौथ' कर उपज का कितना प्रतिशत होता था?
A) 10 प्रतिशत | B) 15 प्रतिशत | C) 25 प्रतिशत | D) 50 प्रतिशत -
'सरदेशमुखी' कर दक्कन के मुख्य राजस्व संग्रहकर्ता को कितना प्रतिशत दिया जाता था?
A) 5 से 10 प्रतिशत | B) 25 प्रतिशत | C) 50 प्रतिशत | D) 75 प्रतिशत -
18वीं शताब्दी में सिखों के छोटे-छोटे सैन्य समूहों को क्या कहा जाता था?
A) खालसा | B) दल | C) मिस्ल | D) जत्था -
1761 में पानीपत का तीसरा युद्ध किनके बीच हुआ था?
A) मुग़लों और अंग्रेज़ों | B) मराठों और अहमद शाह अब्दाली | C) सिखों और मुग़लों | D) मराठों और मुग़लों -
किस जाट नेता के नेतृत्व में जाटों ने दिल्ली के पश्चिम में अपना नियंत्रण स्थापित किया?
A) सूरजमल | B) चूड़ामन | C) बदन सिंह | D) गोकुला -
भरतपुर का शक्तिशाली जाट राज्य किसके नेतृत्व में उभरा?
A) सूरजमल | B) चूड़ामन | C) मानसिंह | D) जयसिंह -
अवध के नवाब ने राजस्व वसूलने का अधिकार किन लोगों को दे दिया था?
A) किसानों को | B) इज़ारेदारों को | C) सैनिकों को | D) व्यापारियों को -
बंगाल में किस बैंकर घराने की शक्ति 18वीं सदी में बहुत बढ़ गई थी?
A) जगत सेठ | B) अमीचंद | C) चेत सिंह | D) भामाशाह -
मराठा साम्राज्य में 'पेशवा' किसे कहा जाता था?
A) सेनापति को | B) मुख्य मंत्री को | C) खजांची को | D) न्यायाधीश को -
महाराजा रणजीत सिंह ने 1799 में किस शहर को अपनी राजधानी बनाया?
A) अमृतसर | B) लाहौर | C) पटियाला | D) चंडीगढ़ -
मुग़ल साम्राज्य के पतन का एक प्रमुख आर्थिक और सैन्य कारण क्या था?
A) विदेशी व्यापार का बंद होना | B) औरंगज़ेब द्वारा दक्कन में लंबे युद्ध लड़ना जिससे मुग़ल साम्राज्य के धन और सैन्य संसाधन समाप्त हो गए | C) मंगोलों का लगातार आक्रमण | D) किसानों का अमीर हो जाना -
अवध, बंगाल और हैदराबाद राज्यों की एक समान विशेषता क्या थी?
A) तीनों दक्षिण भारत में थे | B) तीनों राज्यों की स्थापना मुग़ल दरबार के अत्यंत शक्तिशाली सूबेदारों ने की थी | C) तीनों ने मुग़लों से युद्ध करके राज्य छीना था | D) तीनों की भाषा एक ही थी -
18वीं सदी में क्षेत्रीय राज्यों द्वारा अपनाई गई 'इज़ारेदारी' व्यवस्था क्या थी?
A) सैनिकों की भर्ती की व्यवस्था | B) राजस्व वसूलने के लिए ठेकेदारों को अधिकार देने की व्यवस्था | C) विदेशी व्यापार का तरीका | D) कृषि करने की एक नई तकनीक -
मुग़ल दरबार मुख्य रूप से किन दो शक्तिशाली गुटों में बंटा हुआ था?
A) हिंदू और मुस्लिम | B) ईरानी और तूरानी | C) राजपूत और मराठा | D) सिख और जाट -
सवाई जयसिंह ने किन 5 स्थानों पर जंतर-मंतर (वेधशाला) का निर्माण करवाया?
A) दिल्ली, जयपुर, उज्जैन, मथुरा और वाराणसी | B) आगरा, जयपुर, पटना, लाहौर और दिल्ली | C) मथुरा, उज्जैन, कोलकाता, मद्रास और बंबई | D) जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, उदयपुर और अजमेर -
सिखों के 'दल खालसा' की महत्वपूर्ण बैठकें बैसाखी और दीवाली पर कहां आयोजित होती थीं?
A) लाहौर में | B) अमृतसर में | C) पटना में | D) नांदेड़ में -
गुरु गोबिंद सिंह के विचारों ने सिखों को किस बात के लिए दृढ़ता से प्रेरित किया?
A) किसानी छोड़ने के लिए | B) उनके विश्वास 'राज करेगा खालसा' के लिए, कि उनके भाग्य में शासन करना लिखा है | C) व्यापार करने के लिए | D) मुग़लों की अधीनता स्वीकार करने के लिए -
शिवाजी ने मुग़लों के विशाल किलाबंद इलाकों के खिलाफ कैसी सफल युद्ध नीति अपनाई?
A) खुले मैदान में आमने-सामने का युद्ध | B) छापामार या गुरिल्ला युद्ध नीति और उनके रसद मार्गों पर हमला | C) नौसैनिक युद्ध | D) केवल शांति संधियां -
पेशवाओं के नेतृत्व में मराठा सैन्य सफलता का मुख्य कारण क्या था?
A) उनके पास बहुत सारे हाथी थे | B) वे मुग़लों के किलाबंद इलाकों से बचकर उनके रसद मार्गों पर हमला करते थे | C) उनके पास विदेशी हथियार थे | D) मुग़लों ने उनसे युद्ध नहीं किया -
18वीं सदी में स्थानीय साहूकारों और महाजनों का क्षेत्रीय राज्यों पर क्या प्रभाव पड़ा?
A) वे राज्य से बाहर चले गए | B) वे राज्यों को ऋण देते थे और राजस्व वसूली के ठेके लेते थे, जिससे उनकी राजनीतिक शक्ति बढ़ गई | C) वे केवल धार्मिक कार्यों में लगे रहे | D) उन्होंने किसानों की कर्जमाफी कर दी -
नादिरशाह के 1739 के आक्रमण के समय दिल्ली की स्थिति कैसी हो गई थी?
A) दिल्ली बहुत समृद्ध हो गई | B) पूरी तरह से लूटमार और विनाश का शिकार हो गई, और शहर वीरान हो गया | C) दिल्ली की आबादी दोगुनी हो गई | D) मुग़लों ने आसानी से उसे हरा दिया -
हैदराबाद के निज़ाम-उल-मुल्क ने दक्कन में अपनी शक्ति बढ़ाने के लिए क्या विशेष कदम उठाया?
A) उसने अंग्रेजों से मदद मांगी | B) उसने कुशल सैनिकों और प्रशासकों को उत्तर भारत से बुलाया और उन्हें मनसब तथा जागीरें प्रदान कीं | C) उसने मुग़ल सम्राट को मार डाला | D) उसने कृषि बंद करवा दी -
मुर्शिद कुली खां ने बंगाल में मुग़ल प्रभाव को कम करने के लिए क्या किया?
A) मुग़ल जागीरदारों को ओडिशा स्थानांतरित कर दिया और बंगाल के राजस्व का कड़ाई से पुनर्निर्धारण किया | B) मुग़ल सम्राट से युद्ध किया | C) बंगाल की राजधानी दिल्ली ले गया | D) मुग़ल सिक्के बंद कर दिए -
सिखों द्वारा स्थापित 'राखी' व्यवस्था क्या थी?
A) किसानों से उनकी उपज का 20 प्रतिशत कर लेकर उन्हें संरक्षण और सुरक्षा प्रदान करना | B) व्यापारियों से लिया जाने वाला मार्ग कर | C) मंदिरों में दिया जाने वाला दान | D) मुग़लों को दिया जाने वाला कर -
1761 में पानीपत के तीसरे युद्ध में मराठों की हार का एक मुख्य राजनीतिक कारण क्या था?
A) उनके पास हथियार नहीं थे | B) अन्य राजपूत, सिख और उत्तर भारतीय शासकों ने मराठों की विस्तारवादी नीतियों के कारण उनका साथ नहीं दिया | C) मराठे युद्ध के मैदान से भाग गए | D) अंग्रेजों ने अब्दाली की मदद की -
भरतपुर के जाट किले (दीग) के निर्माण में वास्तुकला की किस शैली का प्रयोग हुआ है?
A) केवल यूरोपीय शैली | B) अंबर और आगरा की मुग़ल तथा राजपूत शैलियों का समन्वय | C) केवल दक्षिण भारतीय शैली | D) पूरी तरह से ईरानी शैली -
मुग़ल सम्राटों की शक्ति कमजोर होने के दौरान नादिरशाह के बाद किस अफगान शासक ने लगातार 5 हमले किए?
A) शेरशाह सूरी | B) अहमद शाह अब्दाली | C) महमूद गज़नवी | D) मुहम्मद गोरी -
बाजीराव प्रथम (पेशवा बाजीराव) को भारतीय इतिहास में मुख्य रूप से किस लिए जाना जाता है?
A) केवल धार्मिक कार्यों के लिए | B) मराठा साम्राज्य के तेज विस्तार और मुग़ल इलाकों पर लगातार सैन्य अभियानों के लिए | C) शांति संधियों के लिए | D) नौसेना निर्माण के लिए -
अंबर (आमेर) के शासक सवाई जयसिंह को मुग़लों ने कहां की महत्वपूर्ण सूबेदारी दी थी?
A) बंगाल और ओडिशा | B) मालवा और आगरा | C) पंजाब और कश्मीर | D) दक्कन और कर्नाटक -
जाटों के राजनीतिक उत्कर्ष में सूरजमल का क्या ऐतिहासिक योगदान था?
A) उन्होंने केवल खेती की | B) उन्होंने भरतपुर को एक अत्यंत मजबूत और समृद्ध राज्य बनाया जिसने नादिरशाह के हमले के समय कई लोगों को शरण दी | C) उन्होंने मुग़लों की अधीनता स्वीकार कर ली | D) उन्होंने व्यापार बंद कर दिया -
3 कथनों पर विचार करें: 1. अवध, बंगाल और हैदराबाद मुग़ल सूबेदारों द्वारा स्थापित किए गए थे। 2. इन शासकों ने मुग़ल जागीरदारी व्यवस्था पर गहरा संदेह किया। 3. इन्होंने राजस्व वसूली के लिए इज़ारेदारों (ठेकेदारों) पर भरोसा किया। इनमें से कौन से कथन सही हैं?
A) केवल 1 और 2 | B) केवल 2 और 3 | C) केवल 1 और 3 | D) 1, 2 और 3 तीनों सही हैं -
कथन: 18वीं शताब्दी में क्षेत्रीय राज्यों और साहूकारों के बीच घनिष्ठ संबंध बन गए। कारण: राज्य राजस्व वसूली का ठेका साहूकारों को देते थे और साहूकार राज्य को एक निश्चित राशि की गारंटी देते थे।
A) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या है | B) कथन और कारण दोनों सही हैं लेकिन व्याख्या सही नहीं है | C) कथन सही है लेकिन कारण गलत है | D) कथन गलत है लेकिन कारण सही है -
मराठों की कर प्रणाली (चौथ और सरदेशमुखी) का उनके साम्राज्य विस्तार पर क्या नकारात्मक प्रभाव पड़ा?
A) उन्हें बहुत नुकसान हुआ | B) इससे उन्हें धन तो मिला, लेकिन अन्य क्षेत्रीय शासक उनके खिलाफ हो गए, जिससे पानीपत के तीसरे युद्ध में उन्हें अकेले लड़ना पड़ा | C) मराठे बहुत गरीब हो गए | D) उनके सैनिक विद्रोह कर बैठे -
मुग़ल साम्राज्य के विखंडन के राजनीतिक परिणाम क्या हुए?
A) पूरे देश में एक नया विदेशी साम्राज्य बन गया | B) कई स्वतंत्र और अर्ध-स्वतंत्र क्षेत्रीय राज्यों का उदय हुआ जिन्होंने मुग़लों की जगह अपनी अलग प्रशासनिक व्यवस्थाएं बनाईं | C) भारत छोटे-छोटे गांवों में बंट गया | D) राजाओं ने शासन करना छोड़ दिया -
सिखों की 'राखी' व्यवस्था और मराठों के 'चौथ' कर में मुख्य वैचारिक समानता क्या थी?
A) दोनों केवल मुग़लों से लिए जाते थे | B) दोनों ही कर सुरक्षा और संरक्षण प्रदान करने के बदले स्थानीय लोगों और किसानों से लिए जाते थे | C) दोनों धार्मिक कर थे | D) दोनों कर माफ कर दिए गए थे -
हैदराबाद के निज़ाम-उल-मुल्क को मराठों और तेलुगु सेनानायकों से लगातार संघर्ष क्यों करना पड़ा?
A) क्योंकि वह व्यापार बंद करना चाहता था | B) क्योंकि वह दक्कन में अपना एकाधिकार चाहता था और मराठे भी दक्कन पर अपने नियंत्रण का विस्तार कर रहे थे | C) क्योंकि वह मुग़लों का दुश्मन था | D) क्योंकि वह हिंदू धर्म का विरोधी था -
मुग़ल सम्राटों की कमजोरी का सबसे बड़ा फायदा किन लोगों ने उठाया?
A) आम किसानों ने | B) दरबारी गुटों (ईरानी और तूरानी) और प्रांतीय सूबेदारों ने जिन्होंने खुद को स्वतंत्र घोषित कर लिया | C) यूरोपीय कंपनियों ने | D) विदेशी यात्रियों ने -
18वीं सदी के नए राज्यों (अवध और बंगाल) ने मुग़ल 'जागीरदारी' व्यवस्था को क्यों हटाना चाहा?
A) क्योंकि वह बहुत पुरानी हो गई थी | B) क्योंकि जागीरदार भ्रष्ट हो गए थे और नए शासकों को उनकी वफादारी पर गहरा संदेह था | C) क्योंकि उनके पास जमीन नहीं थी | D) क्योंकि मुग़लों ने ऐसा करने को कहा था -
बंगाल में मुर्शिद कुली खां की राजस्व नीति का वहां के जमींदारों पर क्या असर पड़ा?
A) जमींदार बहुत अमीर हो गए | B) राजस्व बहुत सख्ती से नकद में वसूला जाता था, जिससे कई जमींदारों को साहूकारों से कर्ज लेना पड़ा या अपनी जमीनें बेचनी पड़ीं | C) जमींदारों को कर मुक्त कर दिया गया | D) जमींदारों ने सेना बना ली -
1739 में नादिरशाह के हमले का भारत के आर्थिक और राजनीतिक परिदृश्य पर क्या दूरगामी प्रभाव पड़ा?
A) भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत हो गई | B) मुग़ल खजाना पूरी तरह खाली हो गया और साम्राज्य की कमजोरी पूरी दुनिया के सामने आ गई, जिससे विदेशी ताकतों का मनोबल बढ़ा | C) मुग़ल और शक्तिशाली हो गए | D) मराठों ने दिल्ली पर स्थायी कब्जा कर लिया -
कथन: कई राजपूत शासकों ने 18वीं सदी में अपने राज्यों का भारी विस्तार किया। निष्कर्ष: उन्होंने मुग़ल दरबार में अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके गुजरात और मालवा जैसे समृद्ध प्रांतों की सूबेदारी हासिल करके ऐसा किया।
A) कथन सही है लेकिन निष्कर्ष गलत है | B) कथन गलत है निष्कर्ष सही है | C) कथन और निष्कर्ष दोनों सही हैं और यह उनकी राजनीतिक चतुराई दर्शाता है | D) कथन और निष्कर्ष का कोई संबंध नहीं है -
सवाई जयसिंह द्वारा 5 विभिन्न स्थानों पर वेधशालाएं (जंतर-मंतर) बनवाने का ऐतिहासिक महत्व क्या है?
A) वे केवल मनोरंजन के लिए थीं | B) यह 18वीं सदी के भारत में खगोल विज्ञान, समय की सटीक गणना और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने का एक अनूठा प्रयास था | C) वे किलेबंदी का हिस्सा थीं | D) वे धार्मिक पूजा स्थल थे -
खालसा पंथ की स्थापना का सिख इतिहास में क्या सबसे बड़ा राजनीतिक परिणाम हुआ?
A) सिखों ने हथियार डाल दिए | B) इसने सिखों को एक शांतिपूर्ण धार्मिक समूह से एक अत्यंत शक्तिशाली सैन्य और राजनीतिक ताकत में बदल दिया | C) सिख भारत छोड़कर चले गए | D) सिख मुग़लों के गुलाम बन गए -
गुरु गोबिंद सिंह की मृत्यु के बाद सिखों के संघर्ष का नेतृत्व किसने किया जिसने मुग़लों के खिलाफ व्यापक विद्रोह किया?
A) महाराजा रणजीत सिंह ने | B) बंदा बहादुर ने | C) कपूर सिंह ने | D) जस्सा सिंह ने -
महाराजा रणजीत सिंह की 1799 की सबसे बड़ी राजनीतिक उपलब्धि क्या मानी जाती है?
A) मुग़लों को हराना | B) विभिन्न बंटी हुई सिख मिस्लों को एकजुट करके लाहौर को राजधानी बनाते हुए एक शक्तिशाली राज्य की स्थापना करना | C) अंग्रेजों से युद्ध करना | D) नया धर्म शुरू करना -
शिवाजी द्वारा स्थापित मराठा प्रशासन में 'अष्टप्रधान' की क्या भूमिका थी?
A) वे 8 किलों के रक्षक थे | B) वे 8 मंत्रियों की एक उच्च स्तरीय परिषद थी जो सैन्य और नागरिक प्रशासन में शिवाजी की सहायता करती थी | C) वे केवल राजस्व वसूलते थे | D) वे विदेशी दूत थे -
पेशवाओं के अधीन मराठा राज्य का राजनीतिक स्वरूप कैसा हो गया था?
A) लोकतांत्रिक हो गया था | B) शिवाजी के उत्तराधिकारी नाममात्र के रह गए और वास्तविक सत्ता पेशवाओं के हाथ में आ गई, जिन्होंने पुणे को अपनी राजधानी बनाया | C) मराठों ने राज्य करना छोड़ दिया | D) पेशवा मुग़लों के अधीन हो गए -
मुग़ल साम्राज्य के पतन में 'कृषि संकट' की क्या प्रत्यक्ष भूमिका थी?
A) कृषि उत्पादन बहुत अधिक हो गया था | B) जागीरदारों द्वारा अत्यधिक कर वसूलने के कारण किसानों ने खेती छोड़ दी और विद्रोह कर दिए, जिससे राज्य का राजस्व गिर गया | C) किसानों ने व्यापार शुरू कर दिया | D) विदेशी अनाज आने लगा था -
जाट शासक सूरजमल के काल में भरतपुर राज्य की समृद्धि का मुख्य कारण क्या था?
A) केवल विदेशी मदद | B) सफल कृषि नीति, व्यापारिक मार्गों पर नियंत्रण और एक अत्यंत मजबूत सैन्य संगठन | C) मुग़लों का खजाना लूटना | D) समुद्री व्यापार -
18वीं सदी के अंत तक भारत में मुग़लों और मराठों के अलावा किस नई राजनीतिक शक्ति का उदय तेजी से हो रहा था?
A) पुर्तगाली साम्राज्य | B) ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी | C) चीनी साम्राज्य | D) रूसी साम्राज्य
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