2. नये राजा और उनके राज्य ([New Kings and Kingdoms])
इस पेज पर आपको 2. नये राजा और उनके राज्य ([New Kings and Kingdoms]) के सभी महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ), परीक्षा उपयोगी नोट्स और ऑनलाइन क्विज़ मिलेंगे। अपने ज्ञान का परीक्षण करने और बोर्ड/प्रतियोगी परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए मॉक टेस्ट में अवश्य भाग लें।
👉 अध्याय का सारांश (Summary)
प्रिय अभ्यर्थियों, 7वीं से 12वीं शताब्दी के बीच उभरे महान राजवंशों की कहानी बताने वाले इस अत्यंत महत्वपूर्ण अध्याय 'नये राजा और उनके राज्य' में आपका हार्दिक स्वागत है। NEP 2020 के तहत क्षेत्रीय राजवंशों के उदय, प्रशासन के विकेंद्रीकरण और चोल साम्राज्य के स्थानीय स्वशासन (Local Self-Government) को समझना अत्यंत आवश्यक है। SSC (CGL, CHSL), Railway (NTPC), CTET, State PCS और UPSC परीक्षाओं में राष्ट्रकूटों (Rashtrakutas), 'त्रिपक्षीय संघर्ष' (Tripartite Struggle), चोलों के मंदिर निर्माण और उर/नाडू (Ur/Nadu) प्रशासन पर सीधे कांसेप्चुअल MCQ पूछे जाते हैं।
7वीं सदी आते-आते उपमहाद्वीप के विभिन्न भागों में बड़े भूस्वामी और योद्धा सरदार अस्तित्व में आ गए थे, जिन्हें राजा 'सामंत' (Samanta) कहते थे। जब सामंत अधिक शक्तिशाली हो जाते थे, तो वे खुद को 'महा-सामंत' या 'महा-मंडलेश्वर' घोषित कर देते थे और अपने राजा से स्वतंत्र हो जाते थे। इसका सबसे बड़ा उदाहरण दक्कन के 'राष्ट्रकूट' (Rashtrakutas) हैं। वे कर्नाटक के चालुक्यों के अधीन थे, लेकिन 8वीं सदी के मध्य में राष्ट्रकूट प्रमुख 'दंतिदुर्ग' (Dantidurga) ने चालुक्य स्वामी को उखाड़ फेंका और 'हिरण्यगर्भ' (सोने का गर्भ) नामक अनुष्ठान किया, जिससे वह क्षत्रिय न होते हुए भी क्षत्रिय बन गया। राजस्थान और गुजरात में 'गुर्जर-प्रतिहार' (Gurjara-Pratiharas) और बंगाल में 'पाल' (Palas) राजवंश का उदय हुआ। इन तीनों (गुर्जर-प्रतिहार, राष्ट्रकूट और पाल) के बीच गंगा घाटी के उपजाऊ शहर 'कन्नौज' (Kannauj) पर नियंत्रण के लिए सदियों तक लड़ाई चली, जिसे इतिहासकार 'त्रिपक्षीय संघर्ष' कहते हैं।
राजस्व के लिए राजा किसानों, पशुपालकों और कारीगरों से कर (Taxes) वसूलते थे। चोल शिलालेखों में करों के 400 से अधिक शब्द मिलते हैं, जिनमें 'वेट्टी' (Vetti - नकद के बजाय जबरन श्रम) और 'कदमई' (Kadamai - भू-राजस्व) सबसे आम थे। इन संसाधनों का उपयोग मंदिरों के निर्माण और युद्धों में किया जाता था। राजा अपनी प्रशंसा में 'प्रशस्तियां' (Prashastis) लिखवाते थे और ब्राह्मणों को 'भूमि दान' (Land grants) देते थे, जिनका रिकॉर्ड 'ताम्रपत्रों' (Copper plates) पर रखा जाता था। 12वीं सदी में कल्हण ने 'राजतरंगिणी' लिखी, जो कश्मीर के राजाओं का आलोचनात्मक इतिहास है (यह प्रशस्तियों से अलग है)। अफ़ग़ानिस्तान के 'महमूद ग़ज़नवी' ने 997 से 1030 ई. तक भारत पर कई बार हमले किए (सोमनाथ मंदिर को लूटा) और अपने दरबारी विद्वान 'अल-बिरूनी' (Al-Biruni) से 'किताब-उल-हिंद' (अरबी भाषा में) लिखवाई।
दक्षिण भारत में 'चोल' (Cholas) साम्राज्य सबसे शक्तिशाली था। चोल वंश की स्थापना उरैयूर के 'विजयालय' (Vijayalaya) ने की, जिसने तंजावुर शहर और निशुम्भसूदिनी देवी का मंदिर बनवाया। चोलों के सबसे प्रतापी राजा 'राजराज प्रथम' (Rajaraja I) और उनके पुत्र 'राजेंद्र प्रथम' (Rajendra I - जिसने गंगा घाटी, श्रीलंका और दक्षिण-पूर्व एशिया पर हमला किया) थे। चोलों के भव्य मंदिर (तंजावुर और गंगाईकोंडचोलपुरम) वास्तुकला के चमत्कार हैं। चोल काल 'कांस्य प्रतिमाओं' (Bronze images) के लिए विश्व प्रसिद्ध है। चोल साम्राज्य का प्रशासन बहुत व्यवस्थित था। किसानों की बस्तियों को 'उर' (Ur) कहा जाता था, और गाँवों के समूह को 'नाडू' (Nadu) कहा जाता था। धनी किसानों (वेल्लाल जाति) को राजाओं ने 'मुवेंदवेलन' जैसी उपाधियां दीं। ब्राह्मणों को दी गई कर-मुक्त भूमि को 'ब्रह्मदेय' (Brahmadeya) कहा जाता था। तमिलनाडु के 'उत्तरमेरुर' (Uttaramerur) शिलालेख से हमें चोलों की 'ग्राम सभाओं' (Committees) की चुनाव प्रणाली की विस्तृत जानकारी मिलती है। NCERT बेस पर तैयार यह विस्तृत सामग्री आपको मध्यकालीन राज्यों को गहराई से समझने में मदद करेगी। 3-Level ऑनलाइन क्विज़ के माध्यम से अपनी तैयारी का सघन परीक्षण करें।
अध्याय के सभी प्रश्न (Revision Notes)
*नोट: यह सेक्शन रिवीजन के लिए है। अपना ज्ञान परखने के लिए ऊपर दिए गए क्विज़ में भाग लें।
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सातवीं सदी आते-आते उपमहाद्वीप में बड़े भूस्वामियों और योद्धा सरदारों को राजा लोग किस नाम से मान्यता देते थे?
A) व्यापारी | B) सामंत | C) पुजारी | D) किसान -
दक्कन के राष्ट्रकूट शासक शुरुआत में किनके अधीन थे?
A) कर्नाटक के चालुक्यों के | B) बंगाल के पालों के | C) तमिलनाडु के चोलों के | D) कन्नौज के प्रतिहारों के -
किस राष्ट्रकूट प्रधान ने अपने चालुक्य स्वामी की अधीनता से इंकार कर दिया और 'हिरण्यगर्भ' अनुष्ठान किया?
A) गोविंद तृतीय | B) कृष्ण प्रथम | C) दंतिदुर्ग | D) अमोघवर्ष -
प्राचीन काल में 'हिरण्यगर्भ' अनुष्ठान का शाब्दिक अर्थ क्या होता था?
A) सोने का गर्भ | B) चांदी का मुकुट | C) लोहे का अस्त्र | D) तांबे का बर्तन -
गुर्ज्जर-प्रतिहार वंश के संस्थापक हरिश्चंद्र मूल रूप से क्या थे जिन्होंने अपना परंपरागत पेशा छोड़कर शस्त्र अपना लिया था?
A) व्यापारी | B) क्षत्रिय | C) ब्राह्मण | D) शूद्र -
कदंब मयूरशर्मन ने अपना परंपरागत पेशा छोड़कर शस्त्र अपना लिया, उन्होंने कहाँ अपना राज्य स्थापित किया?
A) गुजरात | B) कर्नाटक | C) राजस्थान | D) बंगाल -
राजाओं द्वारा बड़े सामंतों को शक्ति और संपदा हासिल करने पर कौन-सी उपाधि दी जाती थी?
A) महामंडलेश्वर | B) ग्राम प्रधान | C) सेनापति | D) मुवेंदवेलन -
चोल वंश के अभिलेखों में सबसे अधिक उल्लेखित कर 'वेट्टि' किस रूप में लिया जाता था?
A) नकद पैसे के रूप में | B) सोने के सिक्कों के रूप में | C) जबरन श्रम के रूप में | D) अनाज के रूप में -
चोल काल में 'कदमाई' शब्द का प्रयोग किसके लिए होता था?
A) सेना के लिए | B) भू-राजस्व या लगान के लिए | C) सिंचाई के लिए | D) मंदिर के प्रसाद के लिए -
प्रशस्तियों में मुख्य रूप से किसकी प्रशंसा की जाती थी?
A) किसानों की | B) राजाओं और शूरवीरों की | C) व्यापारियों की | D) शिल्पकारों की -
बारहवीं सदी में रचित प्रसिद्ध संस्कृत काव्य 'राजतरंगिणी' में मुख्य रूप से कहाँ के राजाओं का इतिहास दर्ज है?
A) बंगाल | B) गुजरात | C) कश्मीर | D) केरल -
प्रसिद्ध त्रिपक्षीय संघर्ष किन तीन राजवंशों के बीच हुआ था?
A) गुर्ज्जर-प्रतिहार, राष्ट्रकूट और पाल | B) चोल, चेर और पांड्य | C) चालुक्य, पल्लव और राष्ट्रकूट | D) मौर्य, गुप्त और कुषाण -
त्रिपक्षीय संघर्ष किस प्रसिद्ध और समृद्ध नगर पर नियंत्रण के लिए हुआ था?
A) दिल्ली | B) कन्नौज | C) मदुरै | D) उज्जैन -
अफ़ग़ानिस्तान के गजनी के सुल्तान महमूद ने भारत पर कुल कितनी बार आक्रमण किया?
A) ग्यारह बार | B) पंद्रह बार | C) सत्रह बार | D) बीस बार -
सुल्तान महमूद गजनी का सबसे प्रसिद्ध निशाना कौन-सा मंदिर था?
A) तंजावुर का मंदिर | B) गुजरात का सोमनाथ मंदिर | C) मदुरै का मीनाक्षी मंदिर | D) पुरी का जगन्नाथ मंदिर -
सुल्तान महमूद ने भारत का लेखा-जोखा लिखने का काम किस विद्वान को सौंपा था?
A) अल-इदरीसी | B) इब्न बतूता | C) अल-बेरूनी | D) अमीर खुसरो -
चोल वंश का उदय किस परिवार से हुआ था जो कावेरी डेल्टा में सत्तासीन था?
A) पल्लव | B) मुत्तरइयार | C) राष्ट्रकूट | D) चालुक्य -
उरैयूर के चोल वंशीय विजयालय ने मुत्तरइयारों को हराकर किस नगर की स्थापना की?
A) तंजावुर | B) कांचीपुरम | C) मदुरै | D) हम्पी -
चोल वंश का सबसे शक्तिशाली शासक किसे माना जाता है?
A) विजयालय | B) राजराज प्रथम | C) कुलुतुंग | D) आदित्य -
चोल काल में किसानों की बस्तियों को क्या कहा जाता था?
A) नाडू | B) उर | C) नगरम | D) ग्रामम -
अल-बेरूनी द्वारा रचित प्रसिद्ध अरबी पुस्तक का नाम क्या है जिसे इतिहासकारों के लिए एक महत्वपूर्ण स्रोत माना जाता है?
A) किताब अल-हिंद | B) रहला | C) बाबरनामा | D) आईन-ए-अकबरी -
विजयालय ने तंजावुर नगर जीतने के बाद वहां किस देवी का मंदिर बनवाया था?
A) दुर्गा देवी | B) निशुंभसूदिनी देवी | C) काली देवी | D) सरस्वती देवी -
तंजावुर और गंगाईकोंडचोलपुरम के भव्य मंदिर किन चोल शासकों द्वारा बनवाए गए थे?
A) राजराज और राजेंद्र | B) विजयालय और आदित्य | C) परांतक और उत्तम | D) राजेंद्र द्वितीय और वीरराजेंद्र -
चोल कांस्य प्रतिमाएं विश्वभर में प्रसिद्ध हैं, ये प्रतिमाएं मुख्य रूप से किसकी होती थीं?
A) केवल राजाओं की | B) देवी देवताओं और कभी कभी भक्तों की | C) विदेशी व्यापारियों की | D) जानवरों की -
चोल काल में गांवों के समूह को क्या कहा जाता था?
A) उर | B) नाडू | C) सभा | D) समिति -
चोल साम्राज्य में 'नाडू' और ग्राम पंचायत मुख्य रूप से क्या काम करते थे?
A) केवल मंदिर निर्माण | B) न्याय करना और कर वसूलना | C) केवल सेना का नेतृत्व | D) व्यापारिक नीतियां बनाना -
चोल काल में धनी भूस्वामियों को दी जाने वाली 'मुवेंदवेलन' उपाधि का क्या अर्थ था?
A) तीन राजाओं को अपनी सेवाएं प्रदान करने वाला किसान | B) सेना का सबसे बड़ा सेनापति | C) मंदिर का मुख्य पुजारी | D) व्यापारियों का मुखिया -
चोल काल में ब्राह्मणों को उपहार में दी जाने वाली कर मुक्त भूमि को क्या कहा जाता था?
A) वेलनवागई | B) ब्रह्मदेय | C) शालाभोग | D) देवदान -
किसी विद्यालय के रखरखाव के लिए दी जाने वाली भूमि को चोल अभिलेखों में क्या कहा गया है?
A) पल्लिच्चंदम | B) देवदान | C) शालाभोग | D) ब्रह्मदेय -
जैन संस्थानों को दान में दी गई भूमि को चोल काल में क्या कहा जाता था?
A) पल्लिच्चंदम | B) शालाभोग | C) देवदान | D) मुवेंदवेलन -
चोल काल में व्यापारियों के संघ को क्या कहा जाता था जो अक्सर शहरों में प्रशासनिक कार्य भी करते थे?
A) नाडू | B) उर | C) नगरम | D) ग्राम सभा -
'वेल्लानवगई' किस प्रकार की भूमि को कहा जाता था?
A) गैर ब्राह्मण किसान स्वामी की भूमि | B) ब्राह्मणों को दी गई भूमि | C) मंदिरों को दी गई भूमि | D) स्कूलों को दी गई भूमि -
प्रसिद्ध उत्तरमेरूर अभिलेख किस वर्तमान राज्य से प्राप्त हुआ है जिसमें ब्राह्मण सभा के संगठन का विस्तृत वर्णन है?
A) केरल | B) कर्नाटक | C) आंध्र प्रदेश | D) तमिलनाडु -
चाहमान वंश का सबसे प्रसिद्ध शासक कौन था जिसने एक ग्यारह सौ इक्यानवे में मुहम्मद गोरी को हराया था?
A) पृथ्वीराज प्रथम | B) विग्रहराज | C) पृथ्वीराज तृतीय | D) अर्णोराज -
नागभट्ट की एक प्रशस्ति संस्कृत में लिखी गई है जो किस राज्य से प्राप्त हुई है?
A) मध्य प्रदेश के ग्वालियर से | B) गुजरात के सोमनाथ से | C) उत्तर प्रदेश के कन्नौज से | D) राजस्थान के अजमेर से -
बारहवीं सदी के एक तमिल ग्रंथ 'पेरियापुराणम' में मुख्य रूप से किनका वर्णन किया गया है?
A) बड़े राजाओं और सामंतों का | B) साधारण किसानों और मजदूरों का | C) केवल ब्राह्मणों का | D) विदेशी व्यापारियों का -
चीन के तांग राजवंश की नौकरशाही की क्या विशेष खूबी थी जो उस समय के अन्य साम्राज्यों से अलग थी?
A) अधिकारी केवल राजघराने से चुने जाते थे | B) अधिकारियों का चयन प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से होता था | C) पद वंशानुगत होते थे | D) सेनापति ही अधिकारी बनते थे -
राजेंद्र प्रथम ने किस कारण से अपनी नई राजधानी गंगाईकोंडचोलपुरम बसाई थी?
A) दक्षिण भारत विजय के बाद | B) गंगा घाटी के सफल सैन्य अभियान के बाद | C) श्रीलंका जीतने के बाद | D) व्यापारिक केंद्र बनाने के लिए -
चोल काल में 'देवदान' या 'तिरुनमट्टुक्कनी' भूमि किसे दी जाती थी?
A) सेनापतियों को | B) मंदिरों को उपहार में दी गई भूमि | C) ब्राह्मणों को | D) जैन संस्थानों को -
चोल साम्राज्य में कृषि के विकास में किस नदी की शाखाओं का सबसे प्रमुख योगदान रहा?
A) कृष्णा नदी | B) गोदावरी नदी | C) कावेरी नदी | D) तुंगभद्रा नदी -
चोल काल में सिंचाई के लिए कृत्रिम रूप से कौन सी व्यवस्थाएं बड़े पैमाने पर की गईं?
A) केवल बारिश पर निर्भरता | B) कुएं खोदना और बारिश का पानी इकट्ठा करने के लिए विशाल सरोवर बनाना | C) पाइपलाइन बिछाना | D) नदियों का मार्ग बदलना -
चोल साम्राज्य में प्रशासन के संदर्भ में सही क्रम क्या है?
A) उर फिर नाडू फिर साम्राज्य | B) नाडू फिर उर फिर साम्राज्य | C) साम्राज्य फिर उर फिर नाडू | D) नगरम फिर नाडू फिर उर -
सामंतों का मुख्य कर्तव्य राजा के प्रति क्या होता था?
A) केवल कर वसूलना | B) राजा के दरबार में हाजिरी लगाना उपहार लाना और सैन्य सहायता प्रदान करना | C) केवल मंदिर बनवाना | D) विदेशी राजदूतों का स्वागत करना -
दक्षिण भारत के किन शासकों ने चीन के साथ व्यापारिक संबंध स्थापित करने के लिए अपने दूत भेजे थे?
A) पल्लव शासकों ने | B) चोल शासकों ने | C) राष्ट्रकूटों ने | D) चालुक्यों ने -
प्रतिहार राजा नागभट्ट की प्रशस्ति में किन क्षेत्रों के राजाओं को उनके सामने नतमस्तक बताया गया है?
A) आंध्र सेंधव विदर्भ और कलिंग | B) केवल राजस्थान और गुजरात | C) केवल बंगाल और असम | D) उपरोक्त में से कोई नहीं -
चोल कांस्य प्रतिमाएं बनाने की तकनीक के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं। यह प्रतिमाएं किस तकनीक से बनाई जाती थीं?
A) लुप्त मोम तकनीक | B) लोहे को पिघलाकर | C) पत्थर को तराशकर | D) लकड़ी पर नक्काशी करके -
चोल काल की भूमि अनुदान प्रथा के कारण किस वर्ग का सबसे अधिक उदय और विस्तार हुआ?
A) शूद्रों का | B) कावेरी घाटी और दक्षिण भारत में बड़ी संख्या में ब्राह्मण बस्तियों का | C) केवल व्यापारियों का | D) विदेशी शासकों का -
कथन: चोल राजाओं ने कई धनी भूस्वामियों को महत्वपूर्ण राजकीय पद और उपाधियां दीं।
निष्कर्ष: इसका उद्देश्य उन्हें सम्मान देना और राज्य के प्रशासन में उनकी वफादारी सुनिश्चित करना था।
A) कथन सही है लेकिन निष्कर्ष गलत है | B) कथन और निष्कर्ष दोनों गलत हैं | C) कथन और निष्कर्ष दोनों सही हैं | D) निष्कर्ष का कथन से कोई संबंध नहीं है -
कथन: हिरण्यगर्भ अनुष्ठान ब्राह्मणों की सहायता से संपन्न किया जाता था।
कारण: ऐसा माना जाता था कि जन्म से क्षत्रिय न होते हुए भी इस अनुष्ठान के बाद व्यक्ति क्षत्रिय के रूप में पुनर्जन्म प्राप्त कर लेता है।
A) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या है | B) कथन और कारण दोनों सही हैं लेकिन कारण कथन की सही व्याख्या नहीं है | C) कथन सही है लेकिन कारण गलत है | D) कथन गलत है लेकिन कारण सही है -
कथन: चोल साम्राज्य में कावेरी नदी के मुहाने पर तटबंध बनाए गए थे।
कारण: ताकि बाढ़ के पानी को खेतों में जाने से रोका जा सके और नहरों के माध्यम से सिंचाई की जा सके।
A) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या है | B) कथन और कारण दोनों सही हैं लेकिन कारण कथन की सही व्याख्या नहीं है | C) कथन सही है लेकिन कारण गलत है | D) कथन गलत है लेकिन कारण सही है -
राजतरंगिणी की रचना करने वाले कल्हण की वह कौन सी विशेषता थी जो उसे अन्य प्रशस्ति लेखकों से अलग बनाती है?
A) उसने केवल राजा की प्रशंसा की | B) उसने दस्तावेजों और शिलालेखों का उपयोग करते हुए शासकों की नीतियों की आलोचनात्मक दृष्टि से भी चर्चा की | C) उसने कोई लिखित स्रोत इस्तेमाल नहीं किया | D) उसने केवल कविताएं लिखीं -
त्रिपक्षीय संघर्ष का मुख्य ऐतिहासिक और आर्थिक कारण क्या था?
A) दक्षिण भारत के बंदरगाहों पर नियंत्रण करना | B) कन्नौज पर नियंत्रण करके गंगा घाटी के समृद्ध संसाधनों पर अधिकार करना | C) पहाड़ी क्षेत्रों के खनिजों पर कब्जा करना | D) विदेशी व्यापार पर एकाधिकार प्राप्त करना -
सुल्तान महमूद गजनी के भारत पर निरंतर आक्रमणों का मुख्य उद्देश्य क्या था?
A) भारत पर शासन करना | B) धन लूटना और मध्य एशिया में एक बड़े और शानदार साम्राज्य का निर्माण करना | C) व्यापारिक संबंध स्थापित करना | D) भारत में नए शहर बसाना -
चाहमानों का नियंत्रण किन दो प्रमुख शहरों और उनके आसपास के क्षेत्रों पर था?
A) दिल्ली और अजमेर | B) आगरा और मथुरा | C) लाहौर और मुल्तान | D) उज्जैन और ग्वालियर -
चाहमानों ने अपने साम्राज्य का विस्तार किन दिशाओं में करना चाहा जहाँ उन्हें चालुक्यों और गहड़वालों से भारी टक्कर लेनी पड़ी?
A) उत्तर और दक्षिण | B) पश्चिम और पूर्व | C) केवल उत्तर | D) केवल दक्षिण -
चोल काल की ब्राह्मण सभाओं का कामकाज मुख्य रूप से कैसे संचालित होता था?
A) राजा के सीधे आदेश से | B) विभिन्न समितियों के माध्यम से जो अलग अलग कार्य देखती थीं | C) सेनापति के नियंत्रण में | D) केवल एक मुखिया द्वारा -
चोल समितियों के सदस्यों का चुनाव कैसे किया जाता था?
A) राजा द्वारा मनोनीत करके | B) ताड़ के पत्तों पर नाम लिखकर मिट्टी के बर्तन में डालकर पर्ची निकालकर | C) लड़ाई लड़कर | D) वंशानुगत आधार पर -
उत्तरमेरूर अभिलेख के अनुसार सभा का सदस्य बनने के लिए निम्नलिखित में से कौन सी शर्त अनिवार्य थी?
A) उनका राजघराने से होना अनिवार्य है | B) उनका व्यापारी होना आवश्यक है | C) उन्हें वेदों का ज्ञान होना चाहिए और स्वयं का घर होना चाहिए | D) उनकी आयु बीस वर्ष होनी चाहिए -
चोल मंदिरों के संबंध में ऐतिहासिक दृष्टि से कौन सा कथन पूरी तरह सत्य है?
A) चोल मंदिर केवल पूजा के स्थान थे | B) चोल मंदिर अपने आसपास विकसित होने वाली बस्तियों के केंद्र बन गए और वे आर्थिक सामाजिक जीवन के केंद्र भी थे | C) चोल मंदिरों में केवल राजा जा सकते थे | D) चोल मंदिरों के पास कोई भूमि नहीं होती थी -
मुहम्मद गोरी और पृथ्वीराज चौहान के बीच हुए तराइन के ऐतिहासिक युद्धों का क्या परिणाम रहा?
A) दोनों युद्ध पृथ्वीराज ने जीते | B) दोनों युद्ध गोरी ने जीते | C) एक ग्यारह सौ इक्यानवे में पृथ्वीराज ने गोरी को हराया लेकिन अगले ही वर्ष गोरी से हार गया | D) युद्ध बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गए
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