9. वैश्वीकरण (Globalisation)
इस पेज पर आपको 9. वैश्वीकरण (Globalisation) के सभी महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ), परीक्षा उपयोगी नोट्स और ऑनलाइन क्विज़ मिलेंगे। अपने ज्ञान का परीक्षण करने और बोर्ड/प्रतियोगी परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए मॉक टेस्ट में अवश्य भाग लें।
👉 अध्याय का सारांश (Summary)
प्रिय विद्यार्थियों, इस अध्याय में हम समकालीन विश्व राजनीति के सबसे महत्वपूर्ण और बहुआयामी विषय 'वैश्वीकरण' का गहराई से अध्ययन करेंगे। वैश्वीकरण का सीधा अर्थ है—विचारों, पूंजी, वस्तुओं और लोगों का विश्व के एक हिस्से से दूसरे हिस्से में निर्बाध रूप से प्रवाह होना। यह केवल एक आर्थिक परिघटना नहीं है, बल्कि इसके राजनीतिक और सांस्कृतिक आयाम भी हैं। वैश्वीकरण के अस्तित्व में आने का सबसे मुख्य कारण प्रौद्योगिकी में हुई अभूतपूर्व प्रगति है। टेलीग्राफ, माइक्रोचिप और इंटरनेट के आविष्कार ने विश्व के विभिन्न भागों को एक-दूसरे से जोड़ दिया है, जिससे दुनिया एक वैश्विक ग्राम में तब्दील हो गई है।
वैश्वीकरण के राजनीतिक प्रभाव मिश्रित रहे हैं। एक ओर आलोचकों का मानना है कि इससे राज्य की क्षमता में कमी आई है और 'कल्याणकारी राज्य' की जगह 'न्यूनतम हस्तक्षेपकारी राज्य' ने ले ली है, जिसका मुख्य काम केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना रह गया है। दूसरी ओर, कुछ विद्वानों का तर्क है कि आधुनिक तकनीक के कारण राज्य अब अपने नागरिकों के बारे में अधिक जानकारी जुटा सकते हैं, जिससे राज्य पहले से अधिक मजबूत हुए हैं।
आर्थिक वैश्वीकरण में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व व्यापार संगठन जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की भूमिका अहम रही है। इसके कारण दुनिया भर में व्यापार और विदेशी निवेश में भारी वृद्धि हुई है। हालांकि, इसके परिणाम असमान रहे हैं। विकसित देशों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों को इसका सबसे अधिक लाभ मिला है, जबकि विकासशील देशों के गरीब किसानों और छोटे उद्योगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। वामपंथी विचारकों का मानना है कि आर्थिक वैश्वीकरण वास्तव में नव-उपनिवेशवाद का ही एक रूप है जो गरीब देशों को और गरीब बना रहा है।
सांस्कृतिक स्तर पर वैश्वीकरण ने दुनिया को गहराई से प्रभावित किया है। इसका एक नकारात्मक प्रभाव 'सांस्कृतिक समरूपीकरण' है, जहां पश्चिमी संस्कृति पूरी दुनिया पर हावी हो रही है, जिसे मैकडोनाल्डीकरण भी कहा जाता है। ब्लू जींस और फास्ट फूड इसके उदाहरण हैं। हालांकि, इसके विपरीत 'सांस्कृतिक वैभिन्नीकरण' भी हो रहा है, जहां संस्कृतियां एक-दूसरे से मिलकर नया रूप ले रही हैं और अपनी अनूठी पहचान को अधिक मजबूती से उभार रही हैं।
भारत के संदर्भ में वैश्वीकरण का इतिहास उपनिवेशवाद से जुड़ा है, जब भारत कच्चे माल का निर्यातक और तैयार माल का आयातक था। आजादी के बाद भारत ने संरक्षणवाद की नीति अपनाई, लेकिन 1991 के गंभीर वित्तीय संकट के बाद भारत ने नई आर्थिक नीति को अपना लिया। आज पूरी दुनिया में वैश्वीकरण का कड़ा विरोध भी हो रहा है। इसके लिए 'वर्ल्ड सोशल फोरम' जैसे वैश्विक मंच बनाए गए हैं, जहां मानवाधिकार कार्यकर्ता, पर्यावरणविद और मजदूर नेता नव-उदारवादी वैश्वीकरण का विरोध करते हैं। यह अध्याय हमें बताता है कि वैश्वीकरण एक अपरिहार्य वास्तविकता है, लेकिन इसके लाभों का समान वितरण सुनिश्चित करना आज भी विश्व के सामने सबसे बड़ी चुनौती है।
विशेषता: यह एक 3-Level आधारित यूनीक क्विज़ है। अगले स्तर को अनलॉक करने के लिए छात्रों को वर्तमान स्तर में कम से कम 70% अंक स्कोर करने होंगे, जो आपकी बोर्ड परीक्षा की तैयारी को 100% मजबूत बनाता है।
अध्याय के सभी प्रश्न (Revision Notes)
*नोट: यह सेक्शन रिवीजन के लिए है। अपना ज्ञान परखने के लिए ऊपर दिए गए क्विज़ में भाग लें।
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विश्व व्यापार संगठन किस क्षेत्र के नियम तय करता है?
A) अंतरराष्ट्रीय खेल | B) अंतरराष्ट्रीय व्यापार | C) अंतरराष्ट्रीय संस्कृति | D) अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य -
नीली जींस का पूरी दुनिया में लोकप्रिय होना वैश्वीकरण के किस प्रभाव का उदाहरण है?
A) राजनीतिक प्रभाव | B) आर्थिक प्रभाव | C) सांस्कृतिक प्रभाव | D) भौगोलिक प्रभाव -
राज्य के न्यूनतम हस्तक्षेपकारी बनने का क्या अर्थ है?
A) राज्य का पूरी तरह समाप्त होना | B) राज्य का केवल कानून व्यवस्था और सुरक्षा तक सीमित हो जाना | C) राज्य का व्यापार करना | D) राज्य का कल्याणकारी होना -
वैश्वीकरण के कारण कौन सा राज्य कमजोर हो रहा है?
A) कल्याणकारी राज्य | B) तानाशाही राज्य | C) पूंजीवादी राज्य | D) विदेशी राज्य -
वर्ल्ड सोशल फोरम की पहली बैठक 2001 में कहाँ हुई थी?
A) न्यूयॉर्क | B) पोर्टो अलेग्रे | C) पेरिस | D) नई दिल्ली -
संरक्षणवाद की नीति का क्या अर्थ होता है?
A) विदेशी व्यापार को पूरी छूट देना | B) घरेलू उद्योगों को विदेशी प्रतिस्पर्धा से बचाना | C) प्राकृतिक संसाधनों को बेचना | D) विदेशी लोगों को देश में बसाना -
वैश्वीकरण का दक्षिणपंथी विरोध मुख्य रूप से किस आधार पर किया जाता है?
A) आर्थिक लाभ | B) सांस्कृतिक पतन | C) रोजगार वृद्धि | D) तकनीक का विकास -
वैश्वीकरण का वामपंथी विरोध किस आधार पर किया जाता है?
A) सांस्कृतिक विकास | B) धार्मिक स्वतंत्रता | C) आर्थिक असमानता और पूंजीवाद | D) तकनीकी पिछड़ेपन -
जब एक देश की पूंजी दूसरे देश में निवेश की जाती है तो उसे क्या कहते हैं?
A) पूंजी का प्रवाह | B) श्रम का प्रवाह | C) विचारों का प्रवाह | D) वस्तुओं का प्रवाह -
वैश्वीकरण मुख्य रूप से किस प्रकार की परिघटना है?
A) केवल राजनीतिक | B) केवल आर्थिक | C) बहुआयामी | D) केवल सांस्कृतिक -
वैश्वीकरण का सबसे महत्वपूर्ण कारण किसे माना जाता है?
A) प्रौद्योगिकी | B) जलवायु परिवर्तन | C) जनसंख्या वृद्धि | D) प्राकृतिक आपदाएं -
वैश्वीकरण के कारण विश्व के विभिन्न देशों के बीच क्या बढ़ा है?
A) दूरियां | B) पारस्परिक जुड़ाव | C) युद्ध | D) अलगाव -
भारत में नई आर्थिक नीति किस वर्ष लागू की गई थी?
A) उन्नीस सौ नब्बे | B) उन्नीस सौ इक्यानवे | C) उन्नीस सौ पचानवे | D) दो हजार एक -
वर्ल्ड सोशल फोरम का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A) नव उदारवादी वैश्वीकरण का विरोध | B) वैश्वीकरण का समर्थन | C) परमाणु हथियारों का निर्माण | D) आतंकवाद का समर्थन -
वैश्वीकरण में इनमें से किस चीज का प्रवाह नहीं होता है?
A) पूंजी | B) विचार | C) भूकंप | D) वस्तुएं -
मैकडोनाल्डीकरण का संबंध वैश्वीकरण के किस आयाम से है?
A) राजनीतिक विस्तार | B) सांस्कृतिक समरूपीकरण | C) आर्थिक विकास | D) पर्यावरण संरक्षण -
वैश्वीकरण में विचारों के प्रवाह का सबसे अच्छा उदाहरण क्या है?
A) विदेशी मुद्रा का आना | B) इंटरनेट और सोशल मीडिया का विश्वव्यापी प्रसार | C) कारखानों का निर्माण | D) मजदूरों का पलायन -
विदेशी प्रत्यक्ष निवेश के बढ़ने से विकासशील देशों में क्या प्रभाव पड़ा है?
A) किसानों की आय बढ़ी है | B) बहुराष्ट्रीय कंपनियों का प्रभुत्व बढ़ा है | C) गरीबी पूरी तरह समाप्त हो गई है | D) घरेलू उद्योग मजबूत हुए हैं -
सांस्कृतिक वैभिन्नीकरण का क्या अर्थ है?
A) एक संस्कृति का नष्ट होना | B) सभी संस्कृतियों का एक जैसा हो जाना | C) संस्कृतियों का एक दूसरे से मिलकर नया और अनूठा रूप लेना | D) संस्कृतियों का आपस में लड़ना -
भारत में 1991 के आर्थिक सुधारों को अपनाने का सबसे तात्कालिक कारण क्या था?
A) विदेशी निवेश की इच्छा | B) विदेशी मुद्रा भंडार का लगभग समाप्त हो जाना | C) कृषि का पतन | D) जनता का दबाव -
वैश्वीकरण के आलोचकों के अनुसार सामाजिक सुरक्षा कवच हटने का क्या परिणाम होता है?
A) गरीब और कमजोर वर्ग पूरी तरह बर्बाद हो जाते हैं | B) सबको रोजगार मिल जाता है | C) स्वास्थ्य सेवाएं मुफ्त हो जाती हैं | D) शिक्षा का स्तर सुधरता है -
कौन सी तकनीक वैश्वीकरण की रीढ़ मानी जाती है?
A) भाप का इंजन | B) माइक्रोचिप और टेलीकम्युनिकेशन | C) छपाई की मशीन | D) सौर ऊर्जा -
वैश्वीकरण के आर्थिक आयाम में सबसे अधिक लाभ किसे मिला है?
A) विकासशील देशों के किसानों को | B) विकसित देशों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों को | C) मजदूर संघों को | D) छात्रों को -
वैश्वीकरण ने राज्य की क्षमता पर क्या प्रभाव डाला है?
A) राज्य के कल्याणकारी कार्यों में कमी आई है | B) राज्य पहले से अधिक समाजवादी हो गया है | C) राज्य ने व्यापार करना शुरू कर दिया है | D) राज्य पूरी तरह समाप्त हो गया है -
विश्व व्यापी पारस्परिक जुड़ाव का क्या अर्थ है?
A) विश्व का एक सरकार के अधीन होना | B) विश्व के एक हिस्से में घटने वाली घटना का प्रभाव दूसरे हिस्से पर पड़ना | C) सभी देशों की भाषा एक होना | D) सभी देशों की मुद्रा एक होना -
वैश्वीकरण के खिलाफ भारत में वामपंथी राजनीतिक दल मुख्य रूप से किसका विरोध करते हैं?
A) सांस्कृतिक पहनावे का | B) विदेशी निवेश और निजीकरण का | C) परमाणु हथियारों का | D) चुनाव प्रणाली का -
बौद्धिक संपदा अधिकारों को लेकर विकसित और विकासशील देशों के बीच विवाद किस संगठन में होता है?
A) संयुक्त राष्ट्र संघ | B) विश्व बैंक | C) विश्व व्यापार संगठन | D) विश्व स्वास्थ्य संगठन -
वैश्वीकरण के कारण दुनिया की संस्कृतियों के बीच क्या हो रहा है?
A) वे पूरी तरह खत्म हो रही हैं | B) वे एक दूसरे को गहराई से प्रभावित कर रही हैं | C) वे एक दूसरे से अलग हो रही हैं | D) कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा है -
1990 के दशक से पहले भारत की आर्थिक नीति की सबसे बड़ी विशेषता क्या थी?
A) पूर्ण उदारीकरण | B) आयात प्रतिस्थापन और कड़ा सरकारी नियंत्रण | C) विदेशी कंपनियों को खुली छूट | D) निर्यात पर जोर -
वर्ल्ड सोशल फोरम का नारा एक और दुनिया संभव है किस ओर इशारा करता है?
A) पूंजीवादी वैश्वीकरण ही एकमात्र विकल्प नहीं है | B) हमें दूसरे ग्रह पर जाना चाहिए | C) वैश्वीकरण को पूरी तरह रोक देना चाहिए | D) हमें युद्ध करना चाहिए -
वैश्वीकरण को वामपंथी विचारकों द्वारा नव उपनिवेशवाद क्यों कहा जाता है?
A) क्योंकि इसमें सेना का उपयोग होता है | B) क्योंकि यह विकसित देशों को बिना सैन्य बल के गरीब देशों की अर्थव्यवस्था पर नियंत्रण देता है | C) क्योंकि यह बहुत पुरानी प्रणाली है | D) क्योंकि यह राजाओं का शासन है -
राज्य क्षमता में कमी आने के बावजूद कई विद्वान राज्य को वैश्वीकरण में मजबूत क्यों मानते हैं?
A) राज्य के पास बहुत पैसा आ गया है | B) अत्याधुनिक तकनीक से राज्य नागरिकों के बारे में अधिक डेटा जुटाकर उन पर बेहतर नियंत्रण रख सकता है | C) राज्य के पास बड़ी सेना हो गई है | D) राज्य ने व्यापार करना बंद कर दिया है -
सांस्कृतिक समरूपीकरण विश्व के लिए एक खतरा क्यों माना जाता है?
A) क्योंकि यह बहुत महंगा है | B) क्योंकि यह दुनिया की समृद्ध और विविधतापूर्ण स्थानीय संस्कृतियों को नष्ट कर एक पश्चिमी उपभोक्तावादी संस्कृति थोपता है | C) क्योंकि इससे बीमारियां फैलती हैं | D) क्योंकि यह तकनीक को रोकता है -
वैश्वीकरण की प्रक्रिया में श्रम का प्रवाह पूंजी के प्रवाह की तुलना में बहुत धीमा क्यों है?
A) मजदूर यात्रा नहीं करना चाहते | B) विकसित देशों द्वारा अपने नागरिकों के रोजगार बचाने के लिए बनाई गई कठोर वीज़ा नीतियों के कारण | C) यातायात के साधन महंगे हैं | D) मजदूरों को भाषा नहीं आती -
1991 की नई आर्थिक नीति ने भारत की विदेश नीति को कैसे प्रभावित किया?
A) भारत ने गुटनिरपेक्षता पूरी तरह छोड़ दी | B) भारत ने वैचारिक गुटनिरपेक्षता के साथ साथ आर्थिक कूटनीति और विदेशी निवेश को अपनी विदेश नीति का मुख्य आधार बना लिया | C) भारत ने सभी देशों से युद्ध की घोषणा की | D) भारत ने संयुक्त राष्ट्र छोड़ दिया -
वामपंथियों द्वारा वैश्वीकरण का विरोध करने का सबसे ठोस तर्क क्या है?
A) यह संस्कृति को नष्ट करता है | B) यह पूंजीपतियों को और अमीर बनाता है तथा राज्य को गरीबों के कल्याणकारी कार्यों से पीछे हटने पर मजबूर करता है | C) यह धर्म को नष्ट करता है | D) यह सेना को कमजोर करता है -
दक्षिणपंथी विचारधारा वाले लोग वैश्वीकरण का विरोध मुख्य रूप से क्यों करते हैं?
A) यह गरीबों का शोषण करता है | B) उन्हें डर है कि इससे राष्ट्र की संप्रभुता और प्राचीन सांस्कृतिक मूल्य नष्ट हो जाएंगे | C) यह विदेशी व्यापार को रोकता है | D) यह बहुत महंगा है -
वैश्वीकरण ने महिलाओं के जीवन पर क्या विरोधाभासी प्रभाव डाला है?
A) उन्हें वोट देने का अधिकार मिला | B) एक तरफ उन्हें अंतरराष्ट्रीय रोजगार मिला तो दूसरी ओर बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने सस्ते श्रम के रूप में उनका शोषण किया | C) उन्हें शिक्षा से वंचित कर दिया गया | D) उनका जीवन बहुत आसान हो गया -
खादी के कुर्ते के साथ नीली जींस पहनना वैश्वीकरण की किस सांस्कृतिक प्रक्रिया का सटीक उदाहरण है?
A) सांस्कृतिक पतन | B) सांस्कृतिक वैभिन्नीकरण जहां दो संस्कृतियां मिलकर एक नया विकल्प देती हैं | C) सांस्कृतिक समरूपीकरण | D) विदेशी संस्कृति का पूर्ण प्रभुत्व -
वैश्वीकरण के कारण विकासशील देशों के छोटे किसानों पर क्या संकट आ गया है?
A) किसानों के पास बीज नहीं बचे | B) अंतरराष्ट्रीय बाजार में विकसित देशों के भारी सब्सिडी वाले सस्ते कृषि उत्पादों से वे प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाते | C) किसानों ने खेती करना भूल गए | D) जमीन बंजर हो गई -
भारत में वैश्वीकरण के बाद सेवा क्षेत्र का तेजी से विकास क्यों हुआ जबकि विनिर्माण क्षेत्र पीछे रह गया?
A) भारत में कारखाने नहीं बन सकते | B) सस्ते और अंग्रेजी बोलने वाले कुशल युवाओं की प्रचुरता के कारण बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने भारत को आउटसोर्सिंग का केंद्र बना लिया | C) भारत में कच्चा माल नहीं था | D) सरकार ने विनिर्माण पर रोक लगा दी -
वैश्वीकरण में राज्य की प्रकृति न्यूनतम हस्तक्षेपकारी होने का आम गरीब जनता पर क्या प्रभाव पड़ता है?
A) उन्हें बहुत लाभ होता है | B) स्वास्थ्य शिक्षा और आवास जैसी बुनियादी सुविधाओं को बाजार के भरोसे छोड़ दिया जाता है जो गरीबों की पहुंच से बाहर हो जाती हैं | C) उन्हें मुफ्त शिक्षा मिलती है | D) उनका रोजगार छिन जाता है -
बहुराष्ट्रीय कंपनियों के आने से स्थानीय संस्कृतियों पर क्या मनोवैज्ञानिक प्रभाव पड़ता है?
A) लोग अपनी संस्कृति पर गर्व करते हैं | B) लोग अपनी पारंपरिक जीवनशैली को पिछड़ा हुआ मानने लगते हैं और पश्चिमी उपभोक्तावाद को विकास का एकमात्र पैमाना समझने लगते हैं | C) संस्कृति और मजबूत होती है | D) कोई प्रभाव नहीं पड़ता -
विश्व व्यापार संगठन के नियमों को अक्सर भेदभावपूर्ण क्यों कहा जाता है?
A) वे अंग्रेजी में लिखे गए हैं | B) वे विकासशील देशों पर बाजार खोलने का दबाव बनाते हैं लेकिन विकसित देशों को अपने कृषि क्षेत्र में भारी सब्सिडी देने की छूट देते हैं | C) वे बहुत महंगे हैं | D) वे केवल एक देश पर लागू होते हैं -
वैश्वीकरण की प्रक्रिया उलटी भी पड़ सकती है इसका ऐतिहासिक प्रमाण क्या है?
A) कोई प्रमाण नहीं है | B) प्रथम विश्व युद्ध से पहले विश्व व्यापार बहुत अधिक था लेकिन युद्ध और आर्थिक मंदी के कारण देशों ने वापस संरक्षणवाद अपना लिया था | C) यह हमेशा एक दिशा में चलता है | D) यह केवल भविष्य में हो सकता है -
वैश्वीकरण ने पर्यावरण को किस प्रकार सबसे अधिक नुकसान पहुंचाया है?
A) नदियां साफ हो गई हैं | B) बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा गरीब देशों के प्राकृतिक संसाधनों का अंधाधुंध दोहन और कमजोर पर्यावरण कानूनों का फायदा उठाना | C) लोग ज्यादा पेड़ लगाते हैं | D) जानवरों की संख्या बढ़ गई है -
यदि वैश्वीकरण को रोका नहीं जा सकता तो विकासशील देशों के सामने सबसे अच्छा और यथार्थवादी विकल्प क्या है?
A) विश्व व्यापार संगठन को छोड़ देना | B) वैश्विक नियमों को अपने पक्ष में करने के लिए अन्य विकासशील देशों के साथ मिलकर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मोलभाव करना | C) विदेशी सामानों को जला देना | D) पूरी तरह से संरक्षणवाद अपना लेना -
वैश्वीकरण के दौर में नागरिक समाज की भूमिका विश्व स्तर पर क्यों बढ़ गई है?
A) क्योंकि उनके पास बहुत पैसा है | B) राज्य के कमजोर होने पर मानवाधिकार और पर्यावरण की रक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय गैर सरकारी संगठनों का एक मजबूत नेटवर्क तैयार हुआ है | C) क्योंकि वे चुनाव लड़ते हैं | D) क्योंकि वे सेना का हिस्सा हैं -
वैश्वीकरण ने राष्ट्रवाद की पारंपरिक अवधारणा को कैसे चुनौती दी है?
A) सभी देश एक हो गए हैं | B) राष्ट्रीय सीमाओं के धुंधले होने और वैश्विक नागरिकता की भावना के कारण राष्ट्र राज्य के प्रति पूर्ण निष्ठा की पारंपरिक सोच कमजोर हुई है | C) राष्ट्रवाद बहुत मजबूत हो गया है | D) राष्ट्रवाद समाप्त हो गया है -
अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं की नीतियों के कारण देशों की संप्रभुता कैसे प्रभावित होती है?
A) देश पूरी तरह स्वतंत्र रहते हैं | B) ये संस्थाएं ऋण देने के बदले देशों को अपनी घरेलू आर्थिक नीतियों में बदलाव करने पर मजबूर करती हैं जो आर्थिक संप्रभुता में सीधा हस्तक्षेप है | C) देशों को बहुत सम्मान मिलता है | D) ये संस्थाएं देशों को सेना देती हैं
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