10. शीत युद्ध का दौर (The Cold War Era)
इस पेज पर आपको 10. शीत युद्ध का दौर (The Cold War Era) के सभी महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ), परीक्षा उपयोगी नोट्स और ऑनलाइन क्विज़ मिलेंगे। अपने ज्ञान का परीक्षण करने और बोर्ड/प्रतियोगी परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए मॉक टेस्ट में अवश्य भाग लें।
👉 अध्याय का सारांश (Summary)
प्रिय विद्यार्थियों, इस अध्याय में हम समकालीन विश्व राजनीति के उस दौर का अध्ययन करेंगे जिसने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पूरी दुनिया को दो हिस्सों में बांट दिया था। 1945 में द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति के साथ ही 'शीत युद्ध' की शुरुआत हुई। जब अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बम गिराकर युद्ध समाप्त किया, तो दुनिया के सामने दो नई महाशक्तियाँ उभर कर आईं: संयुक्त राज्य अमेरिका और सोवियत संघ। इन दोनों महाशक्तियों के बीच राजनीतिक, आर्थिक और विचारधारात्मक वर्चस्व की होड़ ही 'शीत युद्ध' कहलाई। यह कोई हथियारों का खुला युद्ध नहीं था, बल्कि कूटनीति, जासूसी, और विचारधारा के टकराव का युद्ध था। अमेरिका 'पूंजीवाद और उदारवादी लोकतंत्र' का नेतृत्व कर रहा था, जबकि सोवियत संघ 'समाजवाद और साम्यवाद' का झंडा उठाए हुए था।
इस वैचारिक टकराव ने विश्व को दो ध्रुवों (गुटों) में बांट दिया जिसे 'दो ध्रुवीयता' कहा जाता है। अमेरिका ने अपने प्रभाव को मजबूत करने के लिए 1949 में नाटो नामक सैन्य गठबंधन बनाया, जिसके जवाब में सोवियत संघ ने 1955 में वारसा संधि की स्थापना की। छोटे देश अपनी सुरक्षा, आर्थिक मदद और हथियारों के लिए इन महाशक्तियों के खेमे में शामिल होने लगे, जबकि महाशक्तियों को छोटे देशों से प्राकृतिक संसाधन और सैन्य अड्डे मिलते थे। शीत युद्ध का सबसे खतरनाक मोड़ 1962 का 'क्यूबा मिसाइल संकट' था। सोवियत संघ ने अमेरिका के बिल्कुल करीब स्थित क्यूबा में परमाणु मिसाइलें तैनात कर दी थीं। दोनों महाशक्तियाँ परमाणु युद्ध के कगार पर आ गई थीं, जिससे पूरी दुनिया दहशत में आ गई थी। लेकिन दोनों देशों ने जिम्मेदारी दिखाते हुए युद्ध टाल दिया, क्योंकि दोनों जानते थे कि परमाणु युद्ध में कोई नहीं बचेगा। इसे ही 'अपरोध का तर्क' कहा गया।
इसी दौर में एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के वे देश जो हाल ही में उपनिवेशवाद से आजाद हुए थे, उनके सामने अपनी स्वतंत्रता बचाने का संकट खड़ा हो गया। इन नव-स्वतंत्र देशों ने महाशक्तियों की गुटबंदी से अलग रहने का फैसला किया और 'गुटनिरपेक्ष आंदोलन' की स्थापना की। भारत के जवाहरलाल नेहरू, यूगोस्लाविया के जोसिप ब्रोज़ टीटो, मिस्र के जमाल अब्दुल नासिर, इंडोनेशिया के सुकर्णो और घाना के क्वामे न्क्रुमा इस आंदोलन के संस्थापक थे। पहला गुटनिरपेक्ष सम्मेलन 1961 में बेलग्रेड में हुआ। भारत ने इस नीति के तहत न केवल खुद को महाशक्तियों के खेमे से दूर रखा, बल्कि विश्व शांति के लिए मध्यस्थता भी की।
गुटनिरपेक्ष देशों के सामने सबसे बड़ी चुनौती आर्थिक विकास और गरीबी उन्मूलन थी। इसके लिए 1970 के दशक में 'नव अंतरराष्ट्रीय आर्थिक व्यवस्था' की मांग उठी। इसका उद्देश्य यह था कि गरीब देशों का अपने प्राकृतिक संसाधनों पर नियंत्रण हो और उन्हें विकसित देशों के बाजारों में व्यापार के उचित अवसर मिलें। यह अध्याय हमें सिखाता है कि युद्ध के चरम तनाव के बीच भी कूटनीति और शांतिपूर्ण सहअस्तित्व के जरिए दुनिया को विनाश से कैसे बचाया जा सकता है।
विशेषता: यह एक 3-Level आधारित यूनीक क्विज़ है। अगले स्तर को अनलॉक करने के लिए छात्रों को वर्तमान स्तर में कम से कम 70% अंक स्कोर करने होंगे, जो आपकी बोर्ड परीक्षा की तैयारी को 100% मजबूत बनाता है।
अध्याय के सभी प्रश्न (Revision Notes)
*नोट: यह सेक्शन रिवीजन के लिए है। अपना ज्ञान परखने के लिए ऊपर दिए गए क्विज़ में भाग लें।
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द्वितीय विश्व युद्ध किस वर्ष समाप्त हुआ था?
A) उन्नीस सौ उनतालीस | B) उन्नीस सौ पैंतालीस | C) उन्नीस सौ अड़तालीस | D) उन्नीस सौ पचास -
शीत युद्ध का चरम बिंदु किसे माना जाता है?
A) कोरिया युद्ध | B) बर्लिन की दीवार का गिरना | C) क्यूबा मिसाइल संकट | D) वियतनाम युद्ध -
अमेरिका ने 1945 में जापान के किन दो शहरों पर परमाणु बम गिराए थे?
A) टोक्यो और ओसाका | B) हिरोशिमा और नागासाकी | C) क्योटो और हिरोशिमा | D) नागासाकी और टोक्यो -
नाटो की स्थापना किस वर्ष हुई थी?
A) उन्नीस सौ पैंतालीस | B) उन्नीस सौ उनचास | C) उन्नीस सौ पचपन | D) उन्नीस सौ इकसठ -
सोवियत संघ ने नाटो के जवाब में कौन सी संधि बनाई थी?
A) सेंटो | B) सीटो | C) वारसा संधि | D) मास्को संधि -
गुटनिरपेक्ष आंदोलन का पहला सम्मेलन कहाँ आयोजित हुआ था?
A) नई दिल्ली | B) बांडुंग | C) बेलग्रेड | D) काहिरा -
प्रथम गुटनिरपेक्ष सम्मेलन किस वर्ष हुआ था?
A) उन्नीस सौ पचपन | B) उन्नीस सौ साठ | C) उन्नीस सौ इकसठ | D) उन्नीस सौ सत्तर -
शीत युद्ध किन दो महाशक्तियों के बीच का वैचारिक और राजनीतिक संघर्ष था?
A) ब्रिटेन और फ्रांस | B) अमेरिका और चीन | C) अमेरिका और सोवियत संघ | D) सोवियत संघ और चीन -
पूंजीवादी गुट का नेतृत्व कौन सा देश कर रहा था?
A) ब्रिटेन | B) फ्रांस | C) जर्मनी | D) अमेरिका -
समाजवादी और साम्यवादी गुट का नेतृत्व कौन कर रहा था?
A) चीन | B) सोवियत संघ | C) क्यूबा | D) वियतनाम -
वारसा संधि की स्थापना किस वर्ष हुई थी?
A) उन्नीस सौ उनचास | B) उन्नीस सौ पचास | C) उन्नीस सौ पचपन | D) उन्नीस सौ साठ -
क्यूबा मिसाइल संकट किस वर्ष उत्पन्न हुआ था?
A) उन्नीस सौ साठ | B) उन्नीस सौ इकसठ | C) उन्नीस सौ बासठ | D) उन्नीस सौ तिरेसठ -
नव अंतरराष्ट्रीय आर्थिक व्यवस्था की मांग मुख्य रूप से किन देशों ने की थी?
A) विकसित देशों ने | B) अल्पविकसित और गुटनिरपेक्ष देशों ने | C) यूरोपीय देशों ने | D) साम्यवादी देशों ने -
अमेरिका ने हिरोशिमा पर परमाणु बम किस महीने में गिराया था?
A) जून | B) जुलाई | C) अगस्त | D) सितंबर -
गुटनिरपेक्ष आंदोलन के संस्थापक नेताओं में भारत से कौन शामिल थे?
A) महात्मा गांधी | B) सरदार पटेल | C) जवाहरलाल नेहरू | D) लाल बहादुर शास्त्री -
क्यूबा मिसाइल संकट के समय सोवियत संघ के नेता कौन थे?
A) जोसेफ स्टालिन | B) निकिता ख्रुश्चेव | C) मिखाइल गोर्बाचेव | D) व्लादिमीर लेनिन -
क्यूबा मिसाइल संकट के समय अमेरिका के राष्ट्रपति कौन थे?
A) जिमी कार्टर | B) रिचर्ड निक्सन | C) जॉन एफ कैनेडी | D) हैरी ट्रूमैन -
क्यूबा के तत्कालीन राष्ट्रपति कौन थे जिनके देश में मिसाइलें तैनात की गई थीं?
A) चे ग्वेरा | B) फिदेल कास्त्रो | C) ह्यूगो शावेज | D) कार्लोस -
नाटो की स्थापना के समय इसमें कुल कितने देश शामिल थे?
A) दस देश | B) बारह देश | C) पंद्रह देश | D) बीस देश -
जापान पर गिराए गए दो परमाणु बमों के गुप्त नाम क्या रखे गए थे?
A) फैट बॉय और लिटिल मैन | B) लिटिल बॉय और फैट मैन | C) बिग बम और स्मॉल बम | D) रेड बॉय और ब्लैक मैन -
शीत युद्ध शब्द का प्रयोग सबसे पहले किस व्यक्ति ने किया था?
A) विंस्टन चर्चिल | B) बर्नार्ड बारुच | C) हैरी ट्रूमैन | D) जवाहरलाल नेहरू -
प्रथम गुटनिरपेक्ष सम्मेलन में कुल कितने सदस्य देशों ने भाग लिया था?
A) बीस देशों ने | B) पच्चीस देशों ने | C) तीस देशों ने | D) पचास देशों ने -
बगदाद संधि को बाद में किस नए नाम से जाना गया?
A) नाटो | B) वारसा | C) सीटो | D) सेंटो -
दक्षिण पूर्व एशियाई संधि संगठन को संक्षेप में क्या कहा जाता था?
A) नाटो | B) सेंटो | C) सीटो | D) आसियान -
सोवियत संघ ने वारसा संधि का निर्माण मुख्य रूप से किस उद्देश्य से किया था?
A) अमेरिका पर हमला करने के लिए | B) नाटो में शामिल देशों का यूरोप में मुकाबला करने के लिए | C) व्यापार बढ़ाने के लिए | D) एशिया को जीतने के लिए -
कोरियाई युद्ध के दौरान किस भारतीय नेता ने मध्यस्थता में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी?
A) जवाहरलाल नेहरू | B) लाल बहादुर शास्त्री | C) इंदिरा गांधी | D) मोरारजी देसाई -
महाशक्तियों को छोटे देशों के साथ गठबंधन बनाने की सबसे बड़ी आवश्यकता क्यों थी?
A) उन्हें छोटे देश पसंद थे | B) महत्वपूर्ण संसाधनों और अपने हथियारों को तैनात करने के लिए सैन्य ठिकानों तक पहुंच प्राप्त करने हेतु | C) छोटे देशों को पैसा देने के लिए | D) संयुक्त राष्ट्र में वोट खरीदने के लिए -
बर्लिन की दीवार जो शीत युद्ध का सबसे बड़ा प्रतीक थी किस वर्ष खड़ी की गई थी?
A) उन्नीस सौ पचास | B) उन्नीस सौ पचपन | C) उन्नीस सौ इकसठ | D) उन्नीस सौ सत्तर -
भारत ने सोवियत संघ के साथ बीस वर्ष की शांति और मित्रता की ऐतिहासिक संधि किस वर्ष की थी?
A) उन्नीस सौ बासठ | B) उन्नीस सौ पैंसठ | C) उन्नीस सौ इकहत्तर | D) उन्नीस सौ अस्सी -
नव अंतरराष्ट्रीय आर्थिक व्यवस्था का प्रस्ताव सबसे पहले किस संस्था की रिपोर्ट में प्रस्तुत किया गया था?
A) विश्व बैंक | B) संयुक्त राष्ट्र व्यापार और विकास सम्मेलन | C) अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष | D) विश्व व्यापार संगठन -
शीत युद्ध को वास्तविक हथियारों के युद्ध में बदलने से रोकने वाला सबसे मुख्य मनोवैज्ञानिक और सामरिक कारक क्या था?
A) शांति की इच्छा | B) परमाणु हथियारों के कारण दोनों पक्षों में अपार विनाश का डर जिसे अपरोध का तर्क कहा गया | C) पैसों की कमी | D) छोटे देशों का दबाव -
अमेरिका द्वारा जापान पर परमाणु बम गिराने के पीछे कई आलोचकों ने क्या मुख्य राजनीतिक तर्क दिया है?
A) अमेरिका युद्ध जीतना चाहता था | B) अमेरिका सोवियत संघ को एशिया में हावी होने से रोकना और दुनिया के सामने अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन करना चाहता था | C) अमेरिका जापान से नफरत करता था | D) अमेरिका के पास कोई अन्य हथियार नहीं था -
गुटनिरपेक्षता को तटस्थता से बिल्कुल अलग क्यों माना जाता है?
A) तटस्थ देश बहुत शक्तिशाली होते हैं | B) तटस्थ देश युद्धों में भाग नहीं लेते और शांति का प्रयास नहीं करते जबकि गुटनिरपेक्ष देशों ने विश्व शांति और युद्ध टालने के लिए सक्रिय मध्यस्थता की | C) तटस्थ देश युद्ध करते हैं | D) दोनों का अर्थ बिल्कुल समान है -
शीत युद्ध के दौरान भारत की गुटनिरपेक्ष नीति की पश्चिमी देशों द्वारा अक्सर आलोचना क्यों की जाती थी?
A) भारत बहुत गरीब था | B) उनका मानना था कि भारत का रुख सिद्धांतहीन है और उसने अपने स्वार्थ के लिए सोवियत संघ के साथ संधि करके गुटनिरपेक्षता का उल्लंघन किया है | C) भारत हथियारों का व्यापार करता था | D) भारत नाटो में शामिल होना चाहता था -
नव अंतरराष्ट्रीय आर्थिक व्यवस्था की मांग अस्सी के दशक के अंत तक आते आते क्यों कमजोर पड़ गई?
A) गरीब देश अमीर हो गए थे | B) विकसित देशों के कड़े विरोध और गुटनिरपेक्ष देशों के बीच इस मुद्दे पर एकता की भारी कमी के कारण | C) संयुक्त राष्ट्र ने इसे रोक दिया था | D) इसकी कोई आवश्यकता नहीं बची थी -
महाशक्तियों के बीच परमाणु हथियारों की भयंकर होड़ के बावजूद उन्होंने हथियार नियंत्रण संधियां क्यों कीं?
A) उनके पास हथियार रखने की जगह नहीं थी | B) क्योंकि दोनों को डर था कि किसी भी तकनीकी गलती या गलतफहमी से परमाणु युद्ध भड़क सकता है जो दोनों को नष्ट कर देगा | C) उन्होंने शांति का रास्ता अपना लिया था | D) जनता ने विद्रोह कर दिया था -
क्यूबा मिसाइल संकट के दौरान जॉन एफ कैनेडी ने क्यूबा की समुद्री नाकाबंदी का आदेश क्यों दिया था?
A) क्यूबा को भूखा मारने के लिए | B) सोवियत संघ को यह स्पष्ट और सख्त चेतावनी देने के लिए कि अमेरिका इस मामले को लेकर गंभीर है और मिसाइलें तुरंत हटाई जाएं | C) क्यूबा पर कब्जा करने के लिए | D) फिदेल कास्त्रो को गिरफ्तार करने के लिए -
गुटनिरपेक्ष आंदोलन में शामिल होने वाले देश मुख्य रूप से कौन थे और उनकी क्या विशेषताएं थीं?
A) वे सभी यूरोपीय देश थे | B) एशिया अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के वे देश जो हाल ही में औपनिवेशिक शासन से मुक्त हुए थे और अपनी स्वतंत्रता बनाए रखना चाहते थे | C) वे सभी साम्यवादी देश थे | D) वे सभी बहुत अमीर देश थे -
शीत युद्ध के दौरान महाशक्तियों के खेमे में शामिल होना छोटे देशों के लिए अपने आप में फायदेमंद क्यों था?
A) उन्हें महाशक्ति बना दिया जाता था | B) इससे उन्हें अपने स्थानीय दुश्मनों और पड़ोसियों के खिलाफ आर्थिक मदद हथियारों की आपूर्ति और सैन्य सुरक्षा की गारंटी मिलती थी | C) उन्हें संयुक्त राष्ट्र में वीटो पावर मिलती थी | D) वे कर मुक्त हो जाते थे -
कोरिया और वियतनाम जैसे देशों में अमेरिका और सोवियत संघ के बीच सीधा टकराव न होने के बावजूद भयंकर युद्ध क्यों हुए?
A) वहां के लोग युद्ध चाहते थे | B) क्योंकि ये क्षेत्र महाशक्तियों के लिए अपनी विचारधारा के प्रसार और वैश्विक प्रभाव क्षेत्र को बढ़ाने के लिए छद्म युद्ध के मैदान बन गए थे | C) वहां बहुत खजाना था | D) वहां अकाल पड़ा था -
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद दुनिया का दो ध्रुवों में बंटना सबसे पहले और सबसे स्पष्ट रूप से कहाँ देखा गया?
A) एशिया में | B) यूरोप में जहाँ पश्चिमी यूरोप अमेरिका के प्रभाव में और पूर्वी यूरोप सोवियत संघ के प्रभाव में आ गया | C) अफ्रीका में | D) लैटिन अमेरिका में -
अमेरिका की ट्रूमैन सिद्धांत और मार्शल योजना का मुख्य भू राजनीतिक उद्देश्य क्या था?
A) यूरोप को अपना गुलाम बनाना | B) यूरोप को भारी आर्थिक सहायता देकर वहां युद्ध से हुई तबाही को ठीक करना और साम्यवाद के प्रसार को पूरी तरह रोकना | C) रूस पर हमला करना | D) एशिया में व्यापार बढ़ाना -
सोवियत संघ द्वारा पूर्वी यूरोप के देशों में सीधा राजनीतिक और सैन्य हस्तक्षेप करने का मुख्य कारण क्या था?
A) वहां के संसाधन लूटना | B) भविष्य में पश्चिमी देशों के आक्रमणों से बचने के लिए पूर्वी यूरोप को अपने लिए एक मजबूत सुरक्षा घेरे के रूप में स्थापित करना | C) वहां लोकतंत्र स्थापित करना | D) वहां की संस्कृति अपनाना -
गुटनिरपेक्ष आंदोलन के संस्थापकों में यूगोस्लाविया के किस महान नेता की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण थी?
A) फिदेल कास्त्रो | B) जोसिप ब्रोज़ टीटो | C) जमाल अब्दुल नासिर | D) सुकर्णो -
भारत ने शीत युद्ध के दौरान अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा अत्यंत चतुराई से कैसे की?
A) दोनों गुटों में शामिल होकर | B) महाशक्तियों के बीच संतुलन बनाकर ताकि यदि एक महाशक्ति दबाव डाले या अनदेखी करे तो भारत दूसरी की ओर रुख कर सके | C) पूरी तरह से अलग थलग रहकर | D) युद्ध की धमकियां देकर -
गुटनिरपेक्ष आंदोलन की स्थापना में 1955 के बांडुंग सम्मेलन की क्या ऐतिहासिक भूमिका थी?
A) इसने परमाणु बम बनाया | B) इसने एशियाई और अफ्रीकी देशों के बीच एकजुटता और सहयोग की नींव रखी जो कुछ वर्षों बाद गुटनिरपेक्ष आंदोलन में परिणत हुई | C) इसने विश्व बैंक की स्थापना की | D) इसने संयुक्त राष्ट्र को चुनौती दी -
शीत युद्ध के दौरान दोनों महाशक्तियों का व्यवहार कई बार अत्यंत तनावपूर्ण होने के बावजूद तार्किक और उत्तरदायित्वपूर्ण क्यों रहा?
A) वे एक दूसरे से प्यार करते थे | B) क्योंकि दोनों देशों का नेतृत्व यह अच्छी तरह समझता था कि परमाणु युद्ध का कोई भी विजेता नहीं होगा और मानव सभ्यता पूरी तरह नष्ट हो जाएगी | C) उन्हें युद्ध करना नहीं आता था | D) छोटे देशों ने उन्हें रोक रखा था -
नव अंतरराष्ट्रीय आर्थिक व्यवस्था के प्रस्ताव में अल्पविकसित देशों ने विश्व बिरादरी से क्या मुख्य मांग की थी?
A) उन्हें मुफ्त हथियार दिए जाएं | B) अपने प्राकृतिक संसाधनों पर पूर्ण संप्रभु नियंत्रण और विकसित देशों के बाजारों में अपने उत्पादों के लिए बिना भेदभाव के न्यायसंगत पहुंच | C) उन्हें महाशक्तियों में शामिल किया जाए | D) उन्हें वीटो पावर दी जाए -
1963 में अमेरिका ब्रिटेन और सोवियत संघ द्वारा हस्ताक्षरित सीमित परमाणु परीक्षण संधि का मुख्य उद्देश्य क्या था?
A) परमाणु बम का व्यापार करना | B) वायुमंडल बाहरी अंतरिक्ष और पानी के भीतर परमाणु हथियारों के परीक्षण पर रोक लगाना ताकि पर्यावरण और हथियारों की जानलेवा होड़ को नियंत्रित किया जा सके | C) केवल अमेरिका को परीक्षण की छूट देना | D) परमाणु ऊर्जा को पूरी तरह खत्म करना -
क्यूबा मिसाइल संकट को शीत युद्ध का चरम बिंदु क्यों कहा जाता है जिसने दुनिया का इतिहास बदलने का खतरा पैदा कर दिया था?
A) क्योंकि इसमें बहुत पैसा खर्च हुआ था | B) क्योंकि यह वह भयानक क्षण था जब अमेरिका और सोवियत संघ सीधे परमाणु युद्ध के कगार पर आ गए थे जिससे पूरी दुनिया दहशत में आ गई थी | C) क्योंकि क्यूबा बहुत बड़ा देश था | D) क्योंकि इसके बाद शीत युद्ध तुरंत समाप्त हो गया था
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