2. स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता (Electrostatic Potential and Capacitance)
इस पेज पर आपको 2. स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता (Electrostatic Potential and Capacitance) के सभी महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ), परीक्षा उपयोगी नोट्स और ऑनलाइन क्विज़ मिलेंगे। अपने ज्ञान का परीक्षण करने और बोर्ड/प्रतियोगी परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए मॉक टेस्ट में अवश्य भाग लें।
👉 अध्याय का सारांश (Summary)
प्रिय विद्यार्थियों, इस अध्याय में हम भौतिक विज्ञान की 1 अत्यंत महत्वपूर्ण और हमारे दैनिक जीवन की तकनीकों से गहराई से जुड़ी शाखा के दूसरे पड़ाव 'स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता' (Electrostatic Potential and Capacitance) का बहुत ही विस्तार से अध्ययन करेंगे। पिछले अध्याय में हमने स्थिर वैद्युत आवेश और उसके कारण उत्पन्न होने वाले अदृश्य वैद्युत क्षेत्र के बारे में बहुत कुछ जाना था। अब हम उसी बुनियादी ज्ञान को 1 कदम आगे ले जाएंगे और यह समझेंगे कि इन आवेशों को 1 स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने में वास्तव में कितना कार्य करना पड़ता है, जिसे हम विज्ञान की भाषा में 'वैद्युत विभव' कहते हैं। वैद्युत विभव को समझना इसलिए भी आवश्यक है क्योंकि यही वह कारक है जो तय करता है कि वैद्युत आवेश किस दिशा में प्रवाहित होगा।
विज्ञान को केवल रटने के बजाय अगर हम अपने चारों ओर देखें, तो इसके अनगिनत व्यावहारिक उदाहरण हमें आसानी से मिल जाएंगे। क्या आपने कभी गहराई से सोचा है कि जब आप अपने स्मार्टफोन का कैमरा चालू करके रात के घुप अंधेरे में फोटो खींचते हैं, तो उसकी फ्लैशलाइट अचानक से इतनी तीव्र और चमकदार रोशनी कैसे पैदा कर देती है? मोबाइल की छोटी सी बैटरी 1 ही झटके में इतनी भारी मात्रा में ऊर्जा कैसे दे सकती है? वास्तव में, बैटरी के पास सर्किट में 1 विशेष और शक्तिशाली उपकरण लगा होता है जिसे संधारित्र (Capacitor) कहते हैं। यह संधारित्र अपने अंदर बहुत सारी वैद्युत ऊर्जा को इकट्ठा करके रख लेता है और जरूरत पड़ने पर 1 सेकंड के छोटे से हिस्से में पूरी ऊर्जा कैमरे के फ्लैश को 1 साथ दे देता है। इसी तरह, भयंकर गर्मियों में जब आपके घर के छत के पंखे की गति बहुत धीमी हो जाती है, तो मैकेनिक आकर उसका 'कंडेंसर' बदल देता है और पंखा फिर से अपनी पूरी गति से तेज चलने लगता है। यह कंडेंसर असल में 1 संधारित्र ही है, जो पंखे की भारी मोटर को शुरू करने के लिए शुरुआत में 1 बहुत बड़ा वैद्युत धक्का प्रदान करता है।
आगामी NCERT और RBSE बोर्ड परीक्षा के दृष्टिकोण से भौतिक विज्ञान का यह अध्याय अत्यधिक स्कोरिंग और अत्यंत महत्वपूर्ण है। बोर्ड परीक्षाओं में इस अध्याय से न केवल सीधे सैद्धांतिक प्रश्न पूछे जाते हैं, बल्कि संधारित्रों के विभिन्न संयोजनों पर आधारित विश्लेषणात्मक और उच्च स्तरीय संख्यात्मक प्रश्न भी निश्चित रूप से हर साल पेपर में आते हैं। इस अध्याय के रोमांचक सफर में हम सबसे पहले 'वैद्युत विभव' और 'विभवांतर' की सटीक गणितीय अवधारणा को बारीकी से समझेंगे। हम यह जानेंगे कि जिस प्रकार पानी हमेशा ऊंचे स्तर से नीचे की ओर बहता है, ठीक उसी प्रकार धनावेश हमेशा उच्च विभव से निम्न विभव की ओर प्रवाहित होता है।
अध्याय में थोड़ा और आगे बढ़ते हुए, हम 1 बिंदु आवेश और वैद्युत द्विध्रुव के कारण उत्पन्न होने वाले विभव की गणितीय गणना करेंगे। इसके बाद 'समविभव पृष्ठ' का अध्ययन करना बोर्ड परीक्षा के लिए 1 बहुत ही पसंदीदा और ट्रेंडिंग विषय है। यह 1 ऐसा काल्पनिक पृष्ठ होता है जिसके हर 1 बिंदु पर विभव का मान बिल्कुल 1 समान होता है। हम यह भी तार्किक रूप से सिद्ध करेंगे कि वैद्युत बल रेखाएं समविभव पृष्ठ के हमेशा लंबवत ही होती हैं। इसके साथ ही, बाहरी वैद्युत क्षेत्र में 1 द्विध्रुव की स्थितिज ऊर्जा की गणना करना भी हम सीखेंगे।
अध्याय के दूसरे और सबसे मजबूत हिस्से में हम 'धारिता' की विशाल दुनिया में प्रवेश करेंगे। हम समझेंगे कि किसी चालक की अधिक से अधिक आवेश ग्रहण करने की क्षमता को ही उसकी धारिता कहते हैं। 'समांतर प्लेट संधारित्र' की धारिता का सूत्र स्थापित करना और यह गहराई से देखना कि प्लेटों के बीच कोई विशेष परावैद्युत माध्यम रख देने पर उसकी धारिता कई गुना कैसे बढ़ जाती है, यह फाइनल परीक्षा में सबसे ज्यादा पूछा जाने वाला डेरिवेशन है। अंत में, हम कई संधारित्रों को आपस में 1 साथ जोड़कर (श्रेणीक्रम और समांतर क्रम संयोजन) उनकी तुल्य धारिता निकालना सीखेंगे और उनमें संचित ऊर्जा की सटीक गणना करेंगे।
आपकी बेहतरीन और 100 प्रतिशत मजबूत तैयारी सुनिश्चित करने के लिए, हमने इन सभी महत्वपूर्ण और जटिल टॉपिक्स से चुनकर एकदम सटीक और परीक्षा-उपयोगी वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQs) तैयार किए हैं। ये प्रश्न आपको अपनी सैद्धांतिक अवधारणाओं को पूरी तरह से स्पष्ट करने में मदद करेंगे और परीक्षा हॉल में प्रश्नों को हल करने की गति में भारी वृद्धि करेंगे।
विशेषता: यह 1 3-Level आधारित यूनीक क्विज़ है। अगले स्तर (Level 2 और 3) को अनलॉक करने के लिए छात्रों को वर्तमान स्तर में कम से कम 70% अंक स्कोर करने होंगे, जो उनकी बोर्ड परीक्षा की तैयारी को 100% मजबूत बनाता है।
अध्याय के सभी प्रश्न (Revision Notes)
*नोट: यह सेक्शन रिवीजन के लिए है। अपना ज्ञान परखने के लिए ऊपर दिए गए क्विज़ में भाग लें।
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विद्युत विभव का मात्रक क्या है?
A) एम्पियर | B) वोल्ट | C) ओम | D) फैराड -
विद्युत विभव कैसी राशि है?
A) सदिश | B) अदिश | C) दोनों | D) कोई नहीं -
धारिता (Capacitance) का मात्रक है?
A) कूलॉम | B) वोल्ट | C) फैराड | D) न्यूटन -
पृथ्वी का विभव माना जाता है?
A) अनंत | B) शून्य | C) 100V | D) ऋणात्मक -
समविभव पृष्ठ के हर बिंदु पर विभव होता है?
A) अलग | B) समान | C) शून्य | D) अनंत -
धारिता का सही सूत्र है?
A) C = Q/V | B) C = QV | C) C = V/Q | D) C = Q^2V -
क्षेत्र (E) और विभव (V) में संबंध है?
A) E = V.d | B) E = -dV/dr | C) V = E/r | D) E = V^2 -
बिंदु आवेश से 'r' दूरी पर विभव है?
A) kQ/r | B) kQ/r^2 | C) kQ^2/r | D) शून्य -
संधारित्र का उपयोग होता है?
A) धारा बढ़ाना | B) आवेश संचय | C) प्रतिरोध घटाना | D) कोई नहीं -
समविभव पृष्ठ पर कार्य होता है?
A) अधिकतम | B) न्यूनतम | C) शून्य | D) अनंत -
विभव की विमा है?
A) [ML^2T^-3A^-1] | B) [MLT^-2A^-1] | C) [ML^2T^2] | D) [L^2A^1] -
श्रेणीक्रम संयोजन में समान रहता है?
A) विभव | B) आवेश | C) धारिता | D) ऊर्जा -
समांतर क्रम संयोजन में समान रहता है?
A) आवेश | B) ऊर्जा | C) विभव | D) धारिता -
द्विध्रुव के निरक्ष पर विभव होता है?
A) अधिकतम | B) शून्य | C) kP/r^2 | D) अनंत -
परावैद्युत पदार्थ होते हैं?
A) चालक | B) विद्युत-रोधी | C) अर्ध-चालक | D) कोई नहीं -
समांतर पट्टिका संधारित्र की धारिता क्षेत्रफल (A) के?
A) व्युत्क्रमानुपाती | B) समानुपाती | C) निर्भर नहीं | D) वर्ग के समानुपाती -
परावैद्युत भरने पर धारिता?
A) घटती है | B) बढ़ती है | C) स्थिर | D) शून्य -
चालक के भीतर विभव का मान होता है?
A) शून्य | B) सतह के समान | C) अनंत | D) कम -
विद्युत क्षेत्र समविभव पृष्ठ के होता है?
A) समांतर | B) लंबवत | C) 45° पर | D) कोई नहीं -
एक फैराड (F) बराबर है?
A) 1 C/V | B) 1 V/C | C) 1 J/C | D) 1 N/C -
संधारित्र में ऊर्जा संचित होती है?
A) प्लेट पर | B) क्षेत्र में | C) तार में | D) कोई नहीं -
द्विध्रुव को घुमाने में कार्य है?
A) pE(1-cosθ) | B) pE sinθ | C) pE cosθ | D) शून्य -
विद्युत परिरक्षण के लिए सुरक्षित स्थान है?
A) खुला मैदान | B) खोखला चालक | C) पेड़ के नीचे | D) छत पर -
बिंदु आवेश के लिए विभव बदलता है?
A) 1/r | B) 1/r^2 | C) 1/r^3 | D) r -
धारिता निर्भर नहीं करती?
A) आवेश पर | B) आकार पर | C) माध्यम पर | D) दूरी पर -
वन डी ग्राफ जनित्र उत्पन्न करता है?
A) धारा | B) उच्च विभव | C) धारिता | D) कोई नहीं -
गोलीय चालक की धारिता त्रिज्या (R) के?
A) समानुपाती | B) व्युत्क्रमानुपाती | C) वर्ग के समानुपाती | D) नहीं -
विद्युत विभवांतर है?
A) कार्य/आवेश | B) आवेश/कार्य | C) बल/आवेश | D) कार्य x आवेश -
इलेक्ट्रॉन-वोल्ट (eV) मात्रक है?
A) विभव | B) आवेश | C) ऊर्जा | D) शक्ति -
वायु की परावैद्युत सामर्थ्य है?
A) 3x10^6 V/m | B) 1x10^6 V/m | C) शून्य | D) अनंत -
5µF और 10µF समांतर क्रम में हों तो कुल धारिता?
A) 15µF | B) 3.33µF | C) 50µF | D) 5µF -
6µF के तीन श्रेणीक्रम में हों तो तुल्य धारिता?
A) 18µF | B) 2µF | C) 9µF | D) 0.5µF -
9m त्रिज्या के गोले की धारिता (k=9x10^9)?
A) 10^-9 F | B) 10^9 F | C) 1 F | D) 9 F -
2C आवेश को 10V विभवांतर से ले जाने में कार्य?
A) 5 J | B) 20 J | C) 12 J | D) 0.2 J -
दूरी आधी करने पर संधारित्र की धारिता?
A) आधी | B) दोगुनी | C) चार गुनी | D) समान -
100V पर 0.5C आवेश है, धारिता होगी?
A) 50F | B) 0.005F | C) 200F | D) 0.05F -
1eV ऊर्जा का मान जूल में है?
A) 1 J | B) 1.6 x 10^-19 J | C) 1.6 x 10^-19 Erg | D) 1 Cal -
12pF संधारित्र 50V से जुड़ा है, ऊर्जा होगी?
A) 1.5x10^-8 J | B) 3x10^-8 J | C) 1.5x10^-10 J | D) 6x10^-8 J -
द्विध्रुव के कारण विभव बदलता है?
A) 1/r | B) 1/r^2 | C) 1/r^3 | D) r -
क्षेत्रफल दोगुना और दूरी आधी करने पर धारिता?
A) 2 गुनी | B) 4 गुनी | C) समान | D) 8 गुनी -
गोले के भीतर विभव सतह के विभव का?
A) शून्य | B) समान | C) आधा | D) दोगुना -
दो आवेशों की स्थितिज ऊर्जा (U) का सूत्र है?
A) kQ1Q2/r | B) kQ1Q2/r^2 | C) 1/2 CV^2 | D) QV -
प्लेटों के बीच बल होता है?
A) आकर्षण | B) प्रतिकर्षण | C) शून्य | D) अनिश्चित -
C=2µF और V=100V है, तो आवेश (Q) होगा?
A) 200µC | B) 0.02C | C) 50µC | D) 2C -
ऊर्जा घनत्व का मात्रक है?
A) J/m^3 | B) J/m^2 | C) J/m | D) J-m
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