13. नाभिक (Nuclei)
इस पेज पर आपको 13. नाभिक (Nuclei) के सभी महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ), परीक्षा उपयोगी नोट्स और ऑनलाइन क्विज़ मिलेंगे। अपने ज्ञान का परीक्षण करने और बोर्ड/प्रतियोगी परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए मॉक टेस्ट में अवश्य भाग लें।
👉 अध्याय का सारांश (Summary)
प्रिय विद्यार्थियों, इस अध्याय में हम भौतिक विज्ञान की 1 अत्यंत ही रहस्यमयी, शक्तिशाली और अपार ऊर्जा से भरी शाखा 'नाभिक' (Nuclei) का बहुत ही विस्तार और गहराई से अध्ययन करेंगे। पिछले अध्याय में हमने 'परमाणु' की संरचना के बारे में जाना था और यह समझा था कि परमाणु का लगभग सारा द्रव्यमान और उसका संपूर्ण धनावेश उसके केंद्र में 1 बहुत ही सूक्ष्म स्थान पर केंद्रित होता है। इस अत्यंत सूक्ष्म, लेकिन बेहद भारी केंद्रीय भाग को ही हम नाभिक कहते हैं। इस अध्याय में हम परमाणु की बाहरी कक्षाओं में घूमने वाले इलेक्ट्रॉनों को छोड़कर, सीधे इस केंद्रीय भाग (नाभिक) के अंदर प्रवेश करेंगे और यह जानेंगे कि इसके भीतर प्रोटॉन और न्यूट्रॉन किस प्रकार 1-दूसरे से बंधे रहते हैं।
विज्ञान को केवल किताबों में रटने के बजाय अगर हम अपने दैनिक जीवन और दुनिया की बड़ी घटनाओं से जोड़कर देखें, तो नाभिकीय भौतिकी का प्रभाव आपको हर जगह देखने को मिलेगा। क्या आपने कभी गहराई से विचार किया है कि हमारे सौरमंडल का केंद्र 'सूर्य' पिछले अरबों वर्षों से लगातार इतनी भयानक गर्मी और चकाचौंध करने वाला प्रकाश कैसे उत्पन्न कर रहा है? इसके पीछे कोई साधारण आग नहीं है, बल्कि सूर्य के केंद्र में लगातार चलने वाली 'नाभिकीय संलयन' (Nuclear Fusion) की महाशक्तिशाली प्रक्रिया काम कर रही है, जहाँ 2 हल्के नाभिक मिलकर 1 भारी नाभिक बनाते हैं और अपार ऊर्जा छोड़ते हैं। दूसरी ओर, जब हम पूरी दुनिया को तबाह कर देने वाले 'परमाणु बम' या शांतिपूर्ण तरीके से बिजली बनाने वाले 'नाभिकीय रिएक्टर' की बात करते हैं, तो वहां 'नाभिकीय विखंडन' (Nuclear Fission) का सिद्धांत काम करता है, जहाँ 1 भारी नाभिक टूटकर ऊर्जा देता है। चिकित्सा के क्षेत्र में कैंसर जैसी भयानक बीमारी के इलाज (रेडियोथेरेपी) में और पुरानी जीवाश्मों की उम्र का पता लगाने (कार्बन डेटिंग) में भी इसी नाभिकीय विज्ञान और रेडियोएक्टिवता का 100 प्रतिशत उपयोग होता है।
आगामी NCERT और RBSE बोर्ड परीक्षा के दृष्टिकोण से भौतिक विज्ञान का यह अध्याय अत्यधिक स्कोरिंग और आपकी सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह आधुनिक भौतिकी का 1 छोटा लेकिन बहुत अधिक अंक दिलाने वाला हिस्सा है, जिससे बोर्ड परीक्षाओं में सीधे सैद्धांतिक प्रश्न तो पूछे ही जाते हैं, साथ ही द्रव्यमान क्षति (Mass defect) और बंधन ऊर्जा (Binding energy) पर आधारित शानदार विश्लेषणात्मक तथा संख्यात्मक प्रश्न भी हर साल परीक्षा पेपर में निश्चित रूप से आते हैं। इस अध्याय के रोमांचक सफर में हम सबसे पहले नाभिक की संरचना, उसके आकार और घनत्व के बारे में जानेंगे। आप यह जानकर हैरान रह जाएंगे कि नाभिक का घनत्व इतना अधिक होता है कि अगर 1 चम्मच में नाभिकीय पदार्थ भर दिया जाए, तो उसका वजन करोड़ों टन होगा। हम समस्थानिक (Isotopes), समभारिक (Isobars) और समन्यूट्रॉनिक (Isotones) की अवधारणाओं को बहुत ही बारीकी से समझेंगे।
अध्याय में थोड़ा और आगे बढ़ते हुए, हम आइंस्टीन के प्रसिद्ध द्रव्यमान-ऊर्जा समीकरण का उपयोग करते हुए यह तार्किक विश्लेषण करेंगे कि नाभिक का वास्तविक द्रव्यमान उसके अंदर मौजूद प्रोटॉनों और न्यूट्रॉनों के कुल द्रव्यमान से हमेशा थोड़ा कम क्यों होता है। द्रव्यमान में होने वाली यह कमी ही 'बंधन ऊर्जा' में बदल जाती है जो नाभिक को टूटने से बचाती है। प्रति न्यूक्लिऑन बंधन ऊर्जा का वक्र समझना परीक्षा के लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। इसके बाद हम रेडियोएक्टिवता (Radioactivity) की प्राकृतिक घटना का गहराई से अध्ययन करेंगे, जहाँ अस्थिर नाभिक अपने आप ही अल्फा, बीटा और गामा किरणों का उत्सर्जन करते हैं। हम रदरफोर्ड-सोड्डी के रेडियोएक्टिव क्षय नियम, अर्ध आयु (Half-life) और औसत आयु के सटीक गणितीय सूत्र स्थापित करेंगे, जिन पर 100 प्रतिशत न्यूमेरिकल प्रश्न पूछे जाते हैं।
आपकी बेहतरीन और 100 प्रतिशत मजबूत तैयारी सुनिश्चित करने के लिए, हमने इन सभी जटिल और महत्वपूर्ण टॉपिक्स से चुनकर एकदम सटीक और परीक्षा-उपयोगी वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQs) तैयार किए हैं। ये प्रश्न आपको अपनी सैद्धांतिक अवधारणाओं को पूरी तरह से स्पष्ट करने में मदद करेंगे और फाइनल परीक्षा हॉल में प्रश्नों को बिना गलती किए हल करने की गति में भारी वृद्धि करेंगे।
विशेषता: यह 1 3-Level आधारित यूनीक क्विज़ है। अगले स्तर (Level 2 और 3) को अनलॉक करने के लिए छात्रों को वर्तमान स्तर में कम से कम 70% अंक स्कोर करने होंगे, जो उनकी बोर्ड परीक्षा की तैयारी को 100% मजबूत बनाता है।
अध्याय के सभी प्रश्न (Revision Notes)
*नोट: यह सेक्शन रिवीजन के लिए है। अपना ज्ञान परखने के लिए ऊपर दिए गए क्विज़ में भाग लें।
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न्यूट्रॉन (Neutron) की खोज किसने की थी?
A) रदरफोर्ड | B) चैडविक | C) थॉमसन | D) डाल्टन -
नाभिकीय बल (Nuclear force) की प्रकृति कैसी होती है?
A) केवल आकर्षक | B) अत्यंत प्रबल और लघु परासी | C) विद्युत चुंबकीय | D) गुरुत्वाकर्षण जैसी -
आइंस्टीन का द्रव्यमान-ऊर्जा संबंध सूत्र क्या है?
A) E = hν | B) E = mc² | C) F = ma | D) V = IR -
तारों और सूर्य में ऊर्जा का मुख्य स्रोत क्या है?
A) नाभिकीय विखण्डन | B) नाभिकीय संलयन | C) दहन | D) रासायनिक क्रिया -
परमाणु बम (Atom bomb) किस क्रिया पर आधारित है?
A) नियंत्रित विखण्डन | B) अनियंत्रित नाभिकीय विखण्डन | C) संलयन | D) रेडियोधर्मिता -
नाभिकीय विखण्डन में न्यूट्रॉनों की गति धीमी करने के लिए प्रयुक्त होता है?
A) नियंत्रक छड़ें | B) मंदक (Moderator) | C) शीतलक | D) ईंधन -
एक परमाणु द्रव्यमान इकाई (1 amu) के तुल्य ऊर्जा है?
A) 931 MeV | B) 931 J | C) 1.6 x 10⁻¹⁹ J | D) 1 MeV -
रेडियोएक्टिवता (Radioactivity) की खोज किसने की?
A) मैडम क्यूरी | B) हेनरी बेकेरल | C) रदरफोर्ड | D) नील्स बोर -
नाभिक की द्रव्यमान संख्या (A) बराबर होती है:
A) केवल प्रोटॉन संख्या | B) प्रोटॉन + न्यूट्रॉन | C) केवल न्यूट्रॉन | D) प्रोटॉन + इलेक्ट्रॉन -
भारी जल (D₂O) का उपयोग नाभिकीय रिएक्टर में किस रूप में होता है?
A) ईंधन | B) मंदक | C) शीतलक | D) नियंत्रक -
सबसे अधिक भेदन क्षमता (Penetrating power) वाली किरणें हैं:
A) अल्फा (α) | B) बीटा (β) | C) गामा (γ) | D) X-किरणें -
नाभिकीय घनत्व (Nuclear Density) का मान लगभग कितना है?
A) 2.3 x 10¹⁷ kg/m³ | B) 1000 kg/m³ | C) 10¹⁰ kg/m³ | D) शून्य -
हाइड्रोजन बम किस सिद्धांत पर कार्य करता है?
A) विखण्डन | B) नाभिकीय संलयन | C) रेडियोधर्मिता | D) कोई नहीं -
एक रेडियोएक्टिव तत्व की अर्द्ध-आयु (Half-life) निर्भर करती है:
A) ताप पर | B) दाब पर | C) तत्व की प्रकृति पर | D) मात्रा पर -
अल्फा (α) कण वास्तव में क्या है?
A) इलेक्ट्रॉन | B) हीलियम का नाभिक | C) हाइड्रोजन नाभिक | D) विद्युत चुंबकीय तरंग -
बंधन ऊर्जा (Binding Energy) प्रति न्यूक्लिऑन प्रदर्शित करती है:
A) नाभिक का आकार | B) नाभिक का स्थायित्व | C) कुल द्रव्यमान | D) आवेश -
द्रव्यमान क्षति (Mass defect) का कारण है:
A) नाभिकीय ऊर्जा का निकलना | B) इलेक्ट्रॉन का खोना | C) नाभिक का टूटना | D) कोई नहीं -
रेडियोएक्टिव क्षय नियम (N = N₀ e⁻λt) में λ क्या है?
A) तरंगदैर्ध्य | B) क्षय नियतांक | C) वेग | D) ऊर्जा -
नाभिकीय रिएक्टर में नियंत्रक छड़ें (Control rods) बनी होती हैं:
A) ग्रेफाइट | B) कैडमियम या बोरॉन | C) लोहा | D) यूरेनियम -
गामा (γ) किरणों पर कौन सा आवेश होता है?
A) धनात्मक | B) ऋणात्मक | C) उदासीन | D) परिवर्तनीय -
नाभिकीय त्रिज्या (R) और द्रव्यमान संख्या (A) में संबंध है:
A) R ∝ A | B) R ∝ A^(1/3) | C) R ∝ A² | D) R ∝ 1/A -
समस्थानिक (Isotopes) वे परमाणु हैं जिनमें:
A) Z समान, A अलग | B) A समान, Z अलग | C) N समान | D) सब अलग -
बीटा (β⁻) क्षय में नाभिक से क्या निकलता है?
A) प्रोटॉन | B) इलेक्ट्रॉन और एंटी-न्यूट्रिनो | C) हीलियम नाभिक | D) केवल ऊर्जा -
बंधन ऊर्जा वक्र (B.E. Curve) में सर्वाधिक स्थाई नाभिक किसका है?
A) हाइड्रोजन | B) हीलियम | C) लोहा | D) यूरेनियम -
एक रेडियोएक्टिव नमूने की सक्रियता (Activity) का मात्रक है:
A) क्यूरी (Curie) | B) बेकेरल (Becquerel) | C) दोनों (A & B) | D) हेनरी -
विखण्डन में निकलने वाली औसत ऊर्जा प्रति विखण्डन (U-235 के लिए) लगभग है:
A) 200 MeV | B) 20 MeV | C) 2 MeV | D) 2000 MeV -
नाभिकीय बल कैसे होते हैं?
A) आवेश पर निर्भर | B) आवेश से स्वतंत्र | C) लम्बी दूरी वाले | D) दुर्बल -
संलयन के लिए अत्यंत उच्च ताप की आवश्यकता क्यों होती है?
A) नाभिकों को तोड़ने के लिए | B) आवेशों के प्रतिकर्षण को पार करने के लिए | C) ऊर्जा सोखने के लिए | D) कोई नहीं -
रेडियोएक्टिव क्षय में परमाणु क्रमांक (Z) 2 कम और द्रव्यमान संख्या (A) 4 कम होती है, वह है:
A) α-क्षय | B) β-क्षय | C) γ-क्षय | D) कोई नहीं -
माध्य आयु (Mean life) और अर्द्ध-आयु (Half-life) में संबंध है:
A) T = 1.44 T₁/₂ | B) T = 0.693 T₁/₂ | C) T = T₁/₂ | D) कोई नहीं -
यदि किसी रेडियोएक्टिव पदार्थ की अर्द्ध-आयु 5 दिन है, तो 20 दिन बाद कितना भाग शेष रहेगा?
A) 1/4 | B) 1/8 | C) 1/16 | D) 1/2 -
दो नाभिकों की द्रव्यमान संख्या का अनुपात 1:8 है। उनकी त्रिज्याओं का अनुपात होगा?
A) 1:2 | B) 1:4 | C) 1:8 | D) 1:1 -
एक ग्राम पदार्थ के पूर्णतः ऊर्जा में बदलने पर कितनी ऊर्जा प्राप्त होगी? (E=mc²)
A) 9 x 10¹³ J | B) 3 x 10⁸ J | C) 1.6 x 10⁻¹⁹ J | D) 9 x 10¹⁶ J -
नाभिकीय विखण्डन में श्रृंखला अभिक्रिया (Chain reaction) संभव है क्योंकि:
A) ऊर्जा निकलती है | B) प्रत्येक विखण्डन में अधिक न्यूट्रॉन निकलते हैं | C) नाभिक भारी है | D) कोई नहीं -
एक रेडियोएक्टिव नमूने की माध्य आयु 100s है। इसका क्षय नियतांक (λ) होगा?
A) 100 s⁻¹ | B) 0.01 s⁻¹ | C) 69.3 s⁻¹ | D) 1 s⁻¹ -
U-238 नाभिक में न्यूट्रॉनों की संख्या कितनी है? (Z=92)
A) 92 | B) 238 | C) 146 | D) 330 -
नाभिकीय बल की परास (Range) लगभग कितनी होती है?
A) 10⁻¹⁵ m (1 fermi) | B) 10⁻¹⁰ m | C) 1 m | D) अनंत -
सूरज में 4 हाइड्रोजन नाभिक मिलकर 1 हीलियम नाभिक बनाते हैं, इस क्रिया में ऊर्जा का कारण:
A) द्रव्यमान वृद्धि | B) द्रव्यमान क्षति | C) इलेक्ट्रॉन लाभ | D) कोई नहीं -
यदि प्रोटॉन का द्रव्यमान mp और न्यूट्रॉन का mn है, तो नाभिक (M) के लिए सत्य है:
A) M = Zmp + Nmn | B) M < Zmp + Nmn | C) M > Zmp + Nmn | D) कोई नहीं -
अल्फा क्षय में नाभिक की N/Z अनुपात पर क्या प्रभाव पड़ता है?
A) बढ़ता है | B) घटता है | C) स्थिर रहता है | D) शून्य होता है -
कार्बन डेटिंग (C-14) का उपयोग किसमें किया जाता है?
A) कैंसर इलाज | B) जीवाश्मों की आयु ज्ञात करने में | C) ईंधन के रूप में | D) कोई नहीं -
संलयन क्रिया सामान्यतः किन नाभिकों में होती है?
A) भारी नाभिकों में | B) हल्के नाभिकों में | C) मध्यम नाभिकों में | D) केवल यूरेनियम में -
सूर्य में प्रति सेकंड लगभग कितनी ऊर्जा उत्सर्जित होती है (कोटि)?
A) 10²⁶ J | B) 10¹⁰ J | C) 10³⁶ J | D) शून्य -
पॉजिट्रॉन (Positron) किसका प्रति-कण (Anti-particle) है?
A) प्रोटॉन | B) इलेक्ट्रॉन | C) न्यूट्रॉन | D) फोटॉन -
1 curie सक्रियता का मान बेकेरल में है:
A) 3.7 x 10¹⁰ Bq | B) 1 Bq | C) 10⁶ Bq | D) 3.7 x 10⁷ Bq
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