6. भक्ति-सूफी परंपराएँ: धार्मिक विश्वासों में बदलाव और श्रद्धा ग्रंथ (Bhakti-Sufi Traditions: Changes in Religious Beliefs and Devotional Texts)
इस पेज पर आपको 6. भक्ति-सूफी परंपराएँ: धार्मिक विश्वासों में बदलाव और श्रद्धा ग्रंथ (Bhakti-Sufi Traditions: Changes in Religious Beliefs and Devotional Texts) के सभी महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ), परीक्षा उपयोगी नोट्स और ऑनलाइन क्विज़ मिलेंगे। अपने ज्ञान का परीक्षण करने और बोर्ड/प्रतियोगी परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए मॉक टेस्ट में अवश्य भाग लें।
👉 अध्याय का सारांश (Summary)
प्रिय विद्यार्थियों, इस अध्याय में हम लगभग आठवीं से अठारहवीं शताब्दी के बीच भारतीय उपमहाद्वीप में हुए धार्मिक और सांस्कृतिक बदलावों का विस्तार से अध्ययन करेंगे। यह वह काल था जब रूढ़िवादी कर्मकांडों के स्थान पर ईश्वर के प्रति व्यक्तिगत प्रेम और भक्ति को मोक्ष का मार्ग माना जाने लगा। इस काल में धार्मिक उपासना की दो मुख्य धाराएं उभरीं: सगुण भक्ति (जिसमें शिव, विष्णु और देवियों की मूर्ति पूजा होती थी) और निर्गुण भक्ति (जिसमें ईश्वर को निराकार और अमूर्त माना जाता था)। दक्षिण भारत में भक्ति आंदोलन की शुरुआत अलवार (विष्णु के भक्त) और नयनार (शिव के भक्त) संतों द्वारा हुई। इन संतों ने जाति व्यवस्था और ब्राह्मणवादी प्रभुत्व का कड़ा विरोध किया। तमिल भाषा में रचित अलवारों के काव्य संकलन 'नलयिरा दिव्यप्रबंधम्' को तमिल वेद के रूप में पूजा जाता है। इस आंदोलन में स्त्रियों की भागीदारी भी अभूतपूर्व थी, जिसमें अंडाल (अलवार) और करइक्काल अम्मइयार (नयनार) प्रमुख थीं। बारहवीं शताब्दी में कर्नाटक में बासवन्ना के नेतृत्व में वीरशैव (लिंगायत) आंदोलन का उदय हुआ, जिन्होंने जातिभेद और पुनर्जन्म के सिद्धांत को नकारा और विधवा विवाह का समर्थन किया।
इसी काल में इस्लाम के आगमन के साथ सूफीवाद का भी प्रादुर्भाव हुआ। इस्लाम के विद्वानों को उलेमा कहा जाता था जो शरिया (इस्लामी कानून) की व्याख्या करते थे। मुस्लिम शासकों के अधीन रहने वाले गैर-मुस्लिमों को जिम्मी कहा जाता था, जिनसे जजिया कर लिया जाता था। इस्लाम की कठोरता और रूढ़िवादिता के विरोध में सूफी संतों का उदय हुआ। सूफी संत खानकाह (आश्रम) में रहते थे और अपने शिष्यों (मुरीद) को आध्यात्मिक शिक्षा देते थे। सूफियों के विभिन्न सिलसिलों में चिश्ती सिलसिला भारत में सर्वाधिक लोकप्रिय हुआ। ख्वाजा मुइनुद्दीन चिश्ती (अजमेर) और निजामुद्दीन औलिया (दिल्ली) इसके प्रमुख संत थे। सूफी संतों की दरगाह पर की जाने वाली तीर्थयात्रा को जियारत कहा जाता है और ईश्वर प्रेम को व्यक्त करने के लिए वे कव्वाली और संगीत (समा) का उपयोग करते थे।
उत्तर भारत में चौदहवीं से सोलहवीं सदी के बीच कबीर, गुरु नानक और मीराबाई जैसे महान संतों का उदय हुआ। कबीर ने निर्गुण ईश्वर की उपासना की और हिंदू तथा मुस्लिम दोनों धर्मों की कुरीतियों पर तीखा प्रहार किया। उनकी वाणी बीजक और आदि ग्रंथ साहिब में संकलित है। बाबा गुरु नानक ने भी निर्गुण भक्ति का प्रचार किया, जाति-पांति का विरोध किया और ईश्वर के नाम का निरंतर स्मरण (शबद) करने पर जोर दिया। दूसरी ओर, राजस्थान की राजपूत राजकुमारी मीराबाई ने सगुण भक्ति का मार्ग चुना। उन्होंने भगवान कृष्ण को अपना एकमात्र पति माना और राजमहल के सुखों तथा पितृसत्तात्मक नियमों को त्याग कर एक रैदास (चर्मकार) को अपना गुरु बनाया। इन भक्ति और सूफी आंदोलनों ने भारतीय समाज में समरसता, धार्मिक सहिष्णुता और मानवतावाद की एक नई नींव रखी, जिसका प्रभाव आज भी भारतीय संस्कृति में गहराई तक समाहित है।
विशेषता: यह एक 3-Level आधारित यूनीक क्विज़ है। अगले स्तर को अनलॉक करने के लिए छात्रों को वर्तमान स्तर में कम से कम 70% अंक स्कोर करने होंगे, जो आपकी बोर्ड परीक्षा की तैयारी को 100% मजबूत बनाता है。
अध्याय के सभी प्रश्न (Revision Notes)
*नोट: यह सेक्शन रिवीजन के लिए है। अपना ज्ञान परखने के लिए ऊपर दिए गए क्विज़ में भाग लें।
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अलवार संत मुख्य रूप से किस देवता के उपासक थे?
A) शिव | B) ब्रह्मा | C) विष्णु | D) सूर्य -
नयनार संतों ने अपना जीवन किस देवता की भक्ति में समर्पित किया था?
A) इंद्र | B) शिव | C) विष्णु | D) कृष्ण -
अंडाल नामक प्रसिद्ध महिला संत का संबंध किस परंपरा से था?
A) अलवार | B) नयनार | C) सूफी | D) वीरशैव -
बारहवीं शताब्दी में कर्नाटक में वीरशैव आंदोलन का नेतृत्व किसने किया था?
A) रामानुजाचार्य | B) शंकराचार्य | C) बासवन्ना | D) कबीर -
इस्लामी कानून को किस नाम से जाना जाता है?
A) उलेमा | B) शरिया | C) जिम्मी | D) जकात -
सूफी संतों के निवास स्थान या आश्रम को क्या कहा जाता था?
A) दरगाह | B) मस्जिद | C) खानकाह | D) सिलसिला -
ख्वाजा मुइनुद्दीन चिश्ती की प्रसिद्ध दरगाह कहाँ स्थित है?
A) दिल्ली | B) लाहौर | C) अजमेर | D) फतेहपुर सीकरी -
शेख निजामुद्दीन औलिया की दरगाह किस शहर में स्थित है?
A) अजमेर | B) दिल्ली | C) आगरा | D) मुल्तान -
सूफी संतों की दरगाह पर की जाने वाली तीर्थयात्रा को क्या कहा जाता है?
A) हज | B) जियारत | C) समा | D) उर्स -
कबीर दास की रचनाएं मुख्य रूप से किस ग्रंथ में संकलित हैं?
A) बीजक | B) पदमावत | C) सूरसागर | D) रामचरितमानस -
बाबा गुरु नानक का जन्म कहाँ हुआ था?
A) अमृतसर | B) लाहौर | C) ननकाना साहिब | D) पटियाला -
मीराबाई किस देवता की अनन्य भक्त थीं?
A) राम | B) शिव | C) विष्णु | D) कृष्ण -
मुस्लिम शासकों के क्षेत्र में रहने वाले संरक्षित गैर-मुस्लिम लोगों को क्या कहा जाता था?
A) उलेमा | B) जिम्मी | C) काजी | D) मुरीद -
सिखों के दसवें गुरु कौन थे जिन्होंने खालसा पंथ की स्थापना की थी?
A) गुरु नानक देव | B) गुरु अर्जन देव | C) गुरु तेग बहादुर | D) गुरु गोबिंद सिंह -
जगन्नाथ का प्रसिद्ध मंदिर किस राज्य में स्थित है?
A) पश्चिम बंगाल | B) ओडिशा | C) आंध्र प्रदेश | D) तमिलनाडु -
अलवार संतों के काव्य संकलन नलयिरा दिव्यप्रबंधम् का महत्व किसके बराबर माना जाता है?
A) रामायण | B) महाभारत | C) तमिल वेद | D) उपनिषद -
करइक्काल अम्मइयार नामक महिला संत किस भक्ति परंपरा से जुड़ी थीं?
A) अलवार | B) नयनार | C) वीरशैव | D) निर्गुण -
लिंगायत समुदाय के लोग अपने मृतकों के साथ क्या करते थे?
A) वे दाह संस्कार करते थे | B) वे उन्हें नदियों में बहा देते थे | C) वे उन्हें विधिपूर्वक दफनाते थे | D) वे उन्हें खुले में छोड़ देते थे -
इस्लामिक परंपरा में उलेमा का मुख्य कार्य क्या था?
A) व्यापार करना | B) सेना का नेतृत्व करना | C) शरिया और इस्लामी कानून की व्याख्या करना | D) किसानों से कर वसूलना -
सूफीवाद में पीर या शेख का उत्तराधिकारी क्या कहलाता था?
A) मुरीद | B) खलीफा | C) वली | D) काजी -
पद्मावत नामक प्रसिद्ध प्रेमाख्यान की रचना किस सूफी कवि ने की थी?
A) अमीर खुसरो | B) मलिक मुहम्मद जायसी | C) कबीर | D) निजामुद्दीन औलिया -
मीराबाई ने अपना गुरु किसे स्वीकार किया था जो जाति से एक चर्मकार थे?
A) कबीर | B) रामानंद | C) रैदास | D) सूरदास -
सिख धर्म के पांचवें गुरु कौन थे जिन्होंने आदि ग्रंथ साहिब का संकलन किया था?
A) गुरु नानक देव | B) गुरु गोबिंद सिंह | C) गुरु अर्जन देव | D) गुरु रामदास -
सूफी परंपरा में सिलसिला शब्द का शाब्दिक अर्थ क्या है?
A) तलवार | B) जंजीर जो गुरु और शिष्य को जोड़ती है | C) मस्जिद का गुंबद | D) पवित्र पुस्तक -
कबीर की भाषा को विद्वानों ने किस नाम से पुकारा है?
A) विशुद्ध संस्कृत | B) सधुक्कड़ी या संत भाषा | C) फारसी | D) विशुद्ध अवधी -
सूफी परंपरा में संगीत की महफिल या रहस्यवादी गायन को क्या कहा जाता है?
A) जिक्र | B) समा | C) नमाज | D) हज -
महान और लघु परंपराएं शब्दों का प्रयोग सबसे पहले किस समाजशास्त्री ने किया था?
A) रॉबर्ट रेडफील्ड | B) मैक्स वेबर | C) कार्ल मार्क्स | D) एम एन श्रीनिवास -
चोल शासकों ने शिव की कांस्य मूर्तियों का निर्माण करवाया यह किस भक्ति परंपरा को संरक्षण देने का प्रमाण है?
A) अलवार | B) नयनार | C) वीरशैव | D) वैष्णव -
सूफियों के वचनों और उपदेशों के संकलन को किस नाम से जाना जाता है?
A) मक्तूबात | B) मलफूजात | C) तजकिरा | D) शरिया -
बंगाल में कृष्ण भक्ति के सबसे महान संत कौन माने जाते हैं?
A) तुलसीदास | B) सूरदास | C) चैतन्य महाप्रभु | D) रामानंद -
पूरी में भगवान जगन्नाथ की मूर्ति को स्थानीय लकड़ी से बनाया जाना किस ऐतिहासिक प्रक्रिया को सबसे अच्छी तरह दर्शाता है?
A) बाहरी आक्रमण को | B) स्थानीय देवकुल और महान ब्राह्मणीय परंपरा के अद्भुत एकीकरण को | C) मूर्ति पूजा के विरोध को | D) बौद्ध धर्म के पतन को -
दक्षिण भारत में अलवार और नयनार संतों ने जैन और बौद्ध धर्म का कड़ा विरोध क्यों किया?
A) क्योंकि वे एक ही ईश्वर को मानते थे | B) राजकीय संरक्षण प्राप्त करने और अपने धर्म की श्रेष्ठता स्थापित करने की प्रतिस्पर्धा के कारण | C) क्योंकि वे दोनों विदेशी धर्म थे | D) क्योंकि उन्होंने मंदिर तोड़ दिए थे -
लिंगायतों द्वारा जाति व्यवस्था और पुनर्जन्म के सिद्धांत को नकारने का तत्कालीन समाज पर क्या प्रभाव पड़ा?
A) ब्राह्मणों की शक्ति बढ़ गई | B) ब्राह्मणवादी व्यवस्था में हाशिए पर धकेले गए और शोषित समुदायों ने इस आंदोलन को भारी समर्थन दिया | C) सभी लोग नास्तिक हो गए | D) राजाओं ने उन्हें देश से निकाल दिया -
भारत में मुस्लिम शासकों के लिए शरिया कानून को पूर्ण रूप से लागू करना व्यावहारिक रूप से असंभव क्यों था?
A) क्योंकि शरिया में कर नहीं था | B) क्योंकि भारत की बहुसंख्यक आबादी गैर मुस्लिम थी और शासकों को लचीलापन अपनाना जरूरी था | C) क्योंकि उलेमा इसे नहीं मानते थे | D) क्योंकि शासक बहुत कमजोर थे -
चिश्ती सूफियों द्वारा स्थानीय भाषाओं और भारतीय परंपराओं को अपनाने का सबसे बड़ा परिणाम क्या हुआ?
A) उन्हें इस्लाम से निकाल दिया गया | B) वे आम जनता के बहुत करीब आ गए और हिंदू तथा मुस्लिम दोनों उनके मुरीद बन गए | C) उन्होंने दरगाह छोड़ दी | D) शासकों ने उन्हें कैद कर लिया -
कबीर के दर्शन में उलटबांसी कविताओं का मुख्य उद्देश्य क्या था?
A) लोगों को हंसाना | B) परम सत्य की रहस्यमय और अगोचर प्रकृति को रोजमर्रा के प्रतीकों को उलट कर समझाना | C) राजा का विरोध करना | D) बच्चों को कहानियां सुनाना -
मीराबाई ने अपने जीवन में तत्कालीन समाज की किस सबसे बड़ी रूढ़िवादी परंपरा को तोड़ा था?
A) उन्होंने युद्ध लड़ा | B) उन्होंने राजपूती शानोशौकत पत्नी के धर्म और जातिगत बंधनों को त्याग कर एक चर्मकार को अपना गुरु बनाया | C) उन्होंने अपना राज्य स्थापित किया | D) उन्होंने मुस्लिम शासकों से संधि की -
गुरु नानक की शिक्षाओं में रब या ईश्वर की अवधारणा कैसी थी?
A) मनुष्य के रूप में | B) वह पूरी तरह से निराकार निर्गुण और किसी भी जेंडर से परे था | C) वह केवल मंदिरों में रहता है | D) ईश्वर का कोई अस्तित्व नहीं है -
सूफी संतों का राजनीतिक सत्ता के प्रति सामान्य दृष्टिकोण कैसा रहता था?
A) वे स्वयं शासक बनना चाहते थे | B) वे राजकीय दरबार और शक्ति से दूरी बनाए रखते थे यद्यपि वे शासकों द्वारा दिए गए बिना मांगे अनुदान को स्वीकार कर लेते थे | C) वे शासकों के दास थे | D) वे कर वसूलते थे -
भक्ति आंदोलन के दौरान महिलाओं की भागीदारी ने तत्कालीन पितृसत्तात्मक समाज में क्या संदेश दिया?
A) महिलाएं केवल घर में रह सकती हैं | B) महिलाएं भी आध्यात्मिक ज्ञान और मोक्ष की उतनी ही अधिकारी हैं जितने कि पुरुष | C) महिलाओं को युद्ध करना चाहिए | D) महिलाएं वेद पढ़ सकती हैं -
गुरु ग्रंथ साहिब में कबीर बाबा फरीद और रैदास जैसे संतों की वाणियों का शामिल होना क्या प्रमाणित करता है?
A) सिख धर्म की कट्टरता | B) सिख धर्म की अत्यंत समावेशी और समतामूलक प्रकृति जो सभी धर्मों के सच्चे संतों का सम्मान करती है | C) उन संतों ने सिख धर्म अपना लिया था | D) ग्रंथ को बड़ा करने की इच्छा -
सूफी दरगाहों पर जियारत की प्रथा ने भारत की संस्कृति में किस नई परंपरा को जन्म दिया?
A) मूर्ति पूजा को | B) हिंदू और इस्लामी सांस्कृतिक प्रथाओं के अद्भुत समन्वय को जहां दोनों धर्मों के लोग मन्नत मांगने आते थे | C) जानवरों की बलि को | D) हथियारों की पूजा को -
कबीर ने हिंदू और मुस्लिम दोनों धर्मों की किन प्रथाओं की सबसे तीखी आलोचना की थी?
A) ईश्वर के नाम की | B) अंधविश्वासों बाहरी कर्मकांडों और मूर्ति पूजा की | C) विवाह की | D) व्यापार की -
दक्षिण भारत के चोल राजाओं ने नयनार संतों को भूमिदान और राजकीय संरक्षण क्यों प्रदान किया?
A) क्योंकि वे उनसे डरते थे | B) जनता के बीच संतों की भारी लोकप्रियता का लाभ उठाकर अपने शासन को वैधता और ईश्वरीय समर्थन दिलाने के लिए | C) क्योंकि वे संत बहुत अमीर थे | D) क्योंकि संत उन्हें सेना देते थे -
सूफी सिलसिलों में खानकाह की व्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण सामाजिक पहलू क्या था?
A) वहां सैनिक प्रशिक्षण दिया जाता था | B) यह एक ऐसा खुला केंद्र था जहां सभी जाति धर्म और वर्ग के लोग बिना किसी भेदभाव के भोजन और आध्यात्मिक चर्चा के लिए आते थे | C) वहां केवल राजा आ सकते थे | D) वहां कर वसूला जाता था -
सगुण और निर्गुण भक्ति में ईश्वर के स्वरूप को लेकर सबसे बड़ा दार्शनिक अंतर क्या है?
A) सगुण में ईश्वर गरीब है निर्गुण में अमीर | B) सगुण में ईश्वर के साकार रूप और गुणों की पूजा होती है जबकि निर्गुण में ईश्वर को निराकार और सर्वव्यापी माना जाता है | C) सगुण केवल महिलाओं के लिए है | D) निर्गुण में ईश्वर नहीं होता -
वीरशैव परंपरा में विधवा विवाह और वयस्क विवाह को मान्यता देने से समाज में क्या परिवर्तन आया?
A) समाज टूट गया | B) धर्मशास्त्रों द्वारा थोपे गए कठोर नियमों को चुनौती मिली और महिलाओं की सामाजिक स्थिति में सुधार हुआ | C) ब्राह्मणों ने इसका समर्थन किया | D) विवाह पूरी तरह बंद हो गए -
मध्यकाल में भक्ति संतों द्वारा स्थानीय और क्षेत्रीय भाषाओं का उपयोग करने का सबसे बड़ा लाभ क्या हुआ?
A) संस्कृत का ज्ञान बढ़ गया | B) धार्मिक ज्ञान और ईश्वर की भक्ति जो पहले केवल ब्राह्मणों तक सीमित थी वह आम जनता और निचले तबके तक पहुंच गई | C) भाषाएं नष्ट हो गईं | D) राजाओं को भाषा समझ नहीं आई -
इस्लाम में सूफीवाद का जन्म मुख्य रूप से किस विचारधारा की प्रतिक्रिया के रूप में हुआ था?
A) ईसाई धर्म के खिलाफ | B) उमरा और खलीफाओं के बढ़ते भौतिकवाद शक्ति प्रदर्शन और रूढ़िवादी व्याख्याओं के खिलाफ एक आध्यात्मिक विद्रोह के रूप में | C) हिंदू धर्म के प्रभाव में | D) व्यापारियों के खिलाफ -
अकबर जैसे महान मुगल शासक ने सूफी दरगाहों की तीर्थयात्रा क्यों की और उन्हें भारी अनुदान क्यों दिया?
A) क्योंकि वह डरता था | B) सूफी संतों की चमत्कारिक शक्तियों में विश्वास और उनकी भारी जनसमर्थन वाली छवि से अपने साम्राज्य को धार्मिक वैधता दिलाने के लिए | C) क्योंकि दरगाह बहुत सुंदर थीं | D) क्योंकि वह सूफी बनना चाहता था
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