10. उपनिवेशवाद और देहात: सरकारी अभिलेखों का अध्ययन (Colonialism and the Countryside: Exploring Official Archives)
इस पेज पर आपको 10. उपनिवेशवाद और देहात: सरकारी अभिलेखों का अध्ययन (Colonialism and the Countryside: Exploring Official Archives) के सभी महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ), परीक्षा उपयोगी नोट्स और ऑनलाइन क्विज़ मिलेंगे। अपने ज्ञान का परीक्षण करने और बोर्ड/प्रतियोगी परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए मॉक टेस्ट में अवश्य भाग लें।
👉 अध्याय का सारांश (Summary)
प्रिय विद्यार्थियों, इस अध्याय में हम अध्ययन करेंगे कि ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन (ईस्ट इंडिया कंपनी) ने भारत के देहात (ग्रामीण क्षेत्रों) में किस प्रकार अपने पैर जमाए और उनकी राजस्व नीतियों ने ज़मींदारों, किसानों और जनजातियों के जीवन को कैसे बदल दिया। ब्रिटिश शासन सबसे पहले बंगाल में स्थापित हुआ। 1793 ईसवी में लॉर्ड कॉर्नवालिस ने बंगाल में 'इस्तमरारी बंदोबस्त' (स्थायी बंदोबस्त) लागू किया। इस व्यवस्था के तहत ज़मींदारों को भूमि का स्वामी मान लिया गया और उन्हें कंपनी को एक निश्चित राजस्व चुकाना होता था। राजस्व की राशि बहुत अधिक तय की गई थी और इसे चुकाने के लिए 'सूर्यास्त विधि' का कड़ाई से पालन किया जाता था। यदि कोई ज़मींदार निश्चित तिथि के सूर्यास्त तक राजस्व नहीं चुका पाता था, तो उसकी ज़मींदारी नीलाम कर दी जाती थी।
गाँवों में ज़मींदारों की शक्ति कम हो रही थी, वहीं धनी किसानों का एक नया वर्ग तेजी से ताकतवर हो रहा था जिसे 'जोतदार' कहा जाता था। जोतदार गाँवों में ही रहते थे, किसानों को कर्ज देते थे और उनका ज़मीन व व्यापार पर भारी नियंत्रण होता था। ज़मींदारी व्यवस्था की कमियों और प्रशासन की स्थिति को उजागर करने के लिए 1813 में ब्रिटिश संसद में एक विस्तृत 'पाँचवीं रिपोर्ट' पेश की गई, जो 1002 पृष्ठों की थी और भारत में कंपनी के शासन पर तीखी बहस का कारण बनी।
अध्याय के दूसरे भाग में हम राजमहल की पहाड़ियों का रुख करते हैं। यहाँ 'पहाड़िया' लोग रहते थे, जो झूम खेती (स्थानांतरी कृषि) करते थे और पूरी तरह से जंगलों पर निर्भर थे। जब अंग्रेजों ने कृषि भूमि का विस्तार करने के लिए जंगलों को काटना शुरू किया, तो पहाड़िया लोगों ने कड़ा विरोध किया। पहाड़िया लोगों को नियंत्रित करने में असफल रहने पर अंग्रेजों ने 'संथाल' लोगों का सहारा लिया। संथाल बेहतरीन कृषक थे। अंग्रेजों ने संथालों को राजमहल की पहाड़ियों की तलहटी में बसाया और उनके लिए एक बड़ा भूभाग सीमांकित कर दिया जिसे 'दामिन-इ-कोह' कहा गया। लेकिन जल्द ही संथालों को एहसास हुआ कि अंग्रेज उन पर भारी कर लगा रहे हैं और साहूकार उनका शोषण कर रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप 1855-56 में सिधु और कान्हू के नेतृत्व में भयंकर 'संथाल विद्रोह' हुआ।
तीसरे भाग में बंबई दक्कन के देहात का वर्णन है। यहाँ अंग्रेजों ने 'रैयतवाड़ी बंदोबस्त' लागू किया, जिसमें कर सीधे किसानों (रैयत) से लिया जाता था। 1861 में अमेरिका में गृह युद्ध छिड़ने के कारण ब्रिटेन को भारत से कपास की भारी आपूर्ति की आवश्यकता हुई। इससे दक्कन के किसानों को साहूकारों से आसानी से कर्ज मिलने लगा, लेकिन युद्ध समाप्त होते ही कपास की मांग गिर गई और किसान भारी कर्ज के जाल में फंस गए। साहूकारों के क्रूर शोषण और ऋण पत्रों में धोखाधड़ी के खिलाफ 1875 में किसानों ने 'दक्कन विद्रोह' कर दिया, जिसमें उन्होंने साहूकारों के बही-खाते और ऋण-पत्र जला दिए। इस विद्रोह की जांच के लिए दक्कन दंगा आयोग का गठन किया गया, जिसने 1878 में अपनी रिपोर्ट ब्रिटिश संसद में पेश की।
विशेषता: यह एक 3-Level आधारित यूनीक क्विज़ है। अगले स्तर को अनलॉक करने के लिए छात्रों को वर्तमान स्तर में कम से कम 70% अंक स्कोर करने होंगे, जो आपकी बोर्ड परीक्षा की तैयारी को 100% मजबूत बनाता है।
अध्याय के सभी प्रश्न (Revision Notes)
*नोट: यह सेक्शन रिवीजन के लिए है। अपना ज्ञान परखने के लिए ऊपर दिए गए क्विज़ में भाग लें।
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बंगाल में इस्तमरारी बंदोबस्त किस वर्ष लागू किया गया था?
A) सत्रह सौ सत्तावन | B) सत्रह सौ तिरानवे | C) अठारह सौ तेरह | D) अठारह सौ पचपन -
इस्तमरारी बंदोबस्त लागू करते समय भारत का गवर्नर जनरल कौन था?
A) लॉर्ड वेलेजली | B) लॉर्ड डलहौजी | C) लॉर्ड कॉर्नवालिस | D) लॉर्ड विलियम बेंटिक -
बंगाल के देहात में धनी और शक्तिशाली किसानों के वर्ग को क्या कहा जाता था?
A) ज़मींदार | B) अमला | C) जोतदार | D) साहूकार -
राजमहल की पहाड़ियों में निवास करने वाले मूल लोगों को क्या कहा जाता था?
A) मुंडा | B) भील | C) पहाड़िया | D) गोंड -
दामिन-इ-कोह का संबंध किस जनजाति को बसाने से था?
A) पहाड़िया | B) संथाल | C) कोल | D) उरांव -
संथाल विद्रोह का नेतृत्व मुख्य रूप से किन दो भाइयों ने किया था?
A) सिधु और कान्हू | B) बिरसा और मुंडा | C) भैरव और चांद | D) अल्लूरी और सीताराम -
संथाल विद्रोह किस वर्ष शुरू हुआ था?
A) अठारह सौ सत्तावन | B) अठारह सौ पचपन | C) अठारह सौ पिचानवे | D) अठारह सौ अठहत्तर -
ईस्ट इंडिया कंपनी के प्रशासन से संबंधित पाँचवीं रिपोर्ट ब्रिटिश संसद में कब पेश की गई थी?
A) अठारह सौ दस | B) अठारह सौ ग्यारह | C) अठारह सौ तेरह | D) अठारह सौ इक्यावन -
बंबई दक्कन में अंग्रेजों ने राजस्व की कौन सी प्रणाली लागू की थी?
A) इस्तमरारी बंदोबस्त | B) रैयतवाड़ी बंदोबस्त | C) महालवाड़ी बंदोबस्त | D) ज़मींदारी बंदोबस्त -
ज़मींदार का वह अधिकारी जो गाँव में लगान इकट्ठा करने आता था क्या कहलाता था?
A) पटवारी | B) अमला | C) दीवान | D) मुकद्दम -
अमेरिका में भयंकर गृह युद्ध किस वर्ष शुरू हुआ था जिसने भारत के कपास व्यापार को प्रभावित किया?
A) अठारह सौ तिरपन | B) अठारह सौ इकसठ | C) अठारह सौ पैंसठ | D) अठारह सौ पचहत्तर -
दक्कन के गाँवों में किसानों को ऋण देने वाले महाजनों को स्थानीय भाषा में क्या कहा जाता था?
A) रैयत | B) अमला | C) साहूकार | D) जोतदार -
दक्कन के किसानों का विद्रोह साहूकारों के खिलाफ मुख्य रूप से किस वर्ष भड़का था?
A) अठारह सौ सत्तावन | B) अठारह सौ इकसठ | C) अठारह सौ पचहत्तर | D) अठारह सौ अठहत्तर -
पहाड़िया लोग मुख्य रूप से किस प्रकार की खेती करते थे?
A) स्थायी कृषि | B) सीढ़ीदार कृषि | C) झूम खेती | D) वाणिज्यिक कृषि -
ब्रिटिश शासन भारत में सबसे पहले किस प्रांत में स्थापित हुआ था?
A) मद्रास | B) बंबई | C) पंजाब | D) बंगाल -
इस्तमरारी बंदोबस्त में सूर्यास्त विधि का मुख्य नियम क्या था?
A) सूर्यास्त के बाद खेती न करना | B) निश्चित तिथि के सूर्यास्त तक राजस्व न चुकाने पर ज़मींदारी नीलाम कर दी जाएगी | C) सूर्यास्त के समय कर की राशि आधी हो जाएगी | D) सूर्यास्त के बाद व्यापारी गाँव में नहीं आ सकते -
ज़मींदारी की नीलामी में अक्सर ज़मींदार अपनी ज़मीन कैसे बचा लेते थे?
A) हथियारों के बल पर | B) अपने ही नौकरों या एजेंटों के नाम पर फर्जी खरीदारी करवाकर | C) अंग्रेजों को घूस देकर | D) ज़मीन को बंजर बताकर -
ज़मींदारों की तुलना में जोतदार अधिक प्रभावशाली और शक्तिशाली क्यों होते जा रहे थे?
A) वे अंग्रेजों के मित्र थे | B) वे गाँव में ही रहते थे और गरीब किसानों पर उनका सीधा सामाजिक और आर्थिक नियंत्रण था | C) वे बहुत अच्छी अंग्रेजी बोलते थे | D) उन्हें कर नहीं देना पड़ता था -
ब्रिटिश संसद में पेश की गई पाँचवीं रिपोर्ट का मुख्य उद्देश्य क्या था?
A) भारत के मौसम की जानकारी देना | B) ईस्ट इंडिया कंपनी के प्रशासन और उसके भ्रष्टाचार की आलोचना करना और उसे नियंत्रित करना | C) भारतीय राजाओं की प्रशंसा करना | D) कपास के व्यापार को बढ़ाना -
पहाड़िया लोगों ने अपनी झूम खेती के लिए किस उपकरण का सबसे अधिक उपयोग किया जिसे उनकी पहचान माना गया?
A) हल | B) ट्रैक्टर | C) कुदाल | D) हँसिया -
अंग्रेज पहाड़िया लोगों को असभ्य और बर्बर क्यों मानते थे?
A) वे विदेशी भाषा बोलते थे | B) वे जंगल में रहते थे और स्थायी रूप से हल की खेती करने से इनकार करते थे | C) वे अंग्रेजों का व्यापार करते थे | D) वे शहरों में आक्रमण करते थे -
संथालों को पहाड़ियों की तलहटी में बसाने के पीछे अंग्रेजों का मुख्य आर्थिक उद्देश्य क्या था?
A) संथालों को शिक्षित करना | B) जंगलों को साफ करवाकर स्थायी कृषि का विस्तार करना और राज्य का भू राजस्व बढ़ाना | C) संथालों से सेना बनाना | D) पहाड़िया लोगों को भगाना -
संथालों ने किस उपकरण के उपयोग से जंगलों को साफ किया जिसे उनकी पहचान के रूप में देखा गया?
A) कुदाल | B) हल | C) कुल्हाड़ी | D) बंदूक -
रैयतवाड़ी बंदोबस्त इस्तमरारी बंदोबस्त से किस प्रकार भिन्न था?
A) रैयतवाड़ी में राजस्व ज़मींदारों से लिया जाता था | B) रैयतवाड़ी में राजस्व का निर्धारण सीधे किसानों के साथ किया गया था और यह कर स्थायी नहीं था | C) रैयतवाड़ी में कोई कर नहीं होता था | D) रैयतवाड़ी केवल शहरों में लागू था -
ब्रिटेन के सूती वस्त्र उद्योग के लिए कच्ची कपास की आपूर्ति का सबसे बड़ा स्रोत अमेरिका था लेकिन 1861 के बाद भारत क्यों बन गया?
A) भारत में कपास सस्ती थी | B) अमेरिकी गृह युद्ध के कारण वहाँ से कपास का आयात पूरी तरह ठप हो गया था | C) भारतीय कपास का रंग अच्छा था | D) अमेरिका में कपास की खेती बंद हो गई थी -
दक्कन के गाँवों में साहूकारों द्वारा किसानों के शोषण का सबसे बड़ा तरीका क्या था?
A) किसानों की फसल जला देना | B) कर्ज के बदले किसानों से खाली ऋण पत्रों पर हस्ताक्षर करवाना और अदालत में झूठे खाते पेश करना | C) किसानों को गाँव से निकाल देना | D) किसानों को जेल में डाल देना -
दक्कन दंगा आयोग की स्थापना किस सरकार के दबाव में की गई थी?
A) फ्रांसीसी सरकार | B) भारत सरकार | C) ब्रिटिश संसद और भारत सचिव के दबाव में | D) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस -
अमला कौन होता था और उसका ग्रामीण समाज में क्या कार्य था?
A) गाँव का चौकीदार | B) ज़मींदार का अधिकारी जो फसल कटने के समय लगान वसूलने के लिए गाँव में आता था | C) अंग्रेज न्यायाधीश | D) सूती कपड़े का व्यापारी -
संथालों ने अपना भयंकर विद्रोह जिसे संथाल हूल कहा जाता है मुख्य रूप से किनके खिलाफ किया था?
A) पहाड़िया लोगों के खिलाफ | B) ईस्ट इंडिया कंपनी के अधिकारियों साहूकारों और ज़मींदारों के खिलाफ | C) मुगलों के खिलाफ | D) विदेशी व्यापारियों के खिलाफ -
फ्रांसिस बुकानन कौन था जिसने राजमहल की पहाड़ियों का विस्तार से सर्वेक्षण किया था?
A) एक अंग्रेज सैनिक | B) एक ब्रिटिश चिकित्सक और सर्वेक्षक जो ईस्ट इंडिया कंपनी का कर्मचारी था | C) एक भारतीय राजा | D) एक फ्रांसीसी व्यापारी -
इस्तमरारी बंदोबस्त लागू करते समय लॉर्ड कॉर्नवालिस का यह मानना था कि इससे एक वफादार वर्ग पैदा होगा यह वर्ग कौन सा था?
A) किसान वर्ग | B) पूंजीपति ज़मींदार वर्ग जो अपनी ज़मीन में निवेश करेगा और कंपनी का समर्थक बनेगा | C) सैनिक वर्ग | D) व्यापारी वर्ग -
शुरुआती दशकों में इस्तमरारी बंदोबस्त में ज़मींदारों के लगातार विफल होने और उनकी ज़मींदारियों के नीलाम होने का सबसे बड़ा आर्थिक कारण क्या था?
A) किसानों का विद्रोह | B) राजस्व की दर इतनी अधिक तय की गई थी कि कृषि उत्पादों की कम कीमतों के कारण उसे चुकाना असंभव था | C) ज़मींदारों का जुआ खेलना | D) जंगलों का खत्म होना -
जोतदार ज़मींदारों के लिए सबसे बड़ा खतरा क्यों बन गए थे?
A) वे ज़मींदारों से ज्यादा पढ़े लिखे थे | B) वे किसानों को लगान न चुकाने के लिए भड़काते थे और नीलामी के समय जानबूझकर ज़मींदारी खरीद लेते थे | C) वे अंग्रेजों के रिश्तेदार थे | D) वे विदेशी हथियार रखते थे -
पाँचवीं रिपोर्ट को भारतीय इतिहास के अध्ययन के लिए एक महत्वपूर्ण स्रोत माना जाता है लेकिन इसकी सबसे बड़ी सीमा क्या थी?
A) यह फारसी में लिखी थी | B) यह कंपनी की निंदा करने के उद्देश्य से लिखी गई थी इसलिए इसमें ज़मींदारों के पतन को बहुत बढ़ा चढ़ाकर पेश किया गया था | C) इसमें कोई तारीख नहीं थी | D) यह कभी प्रकाशित नहीं हुई -
अंग्रेजों की नजर में हल और कुदाल के बीच का संघर्ष वास्तव में किस चीज का प्रतीक था?
A) लोहे और लकड़ी का संघर्ष | B) स्थायी कृषि और वन आधारित झूम खेती के बीच जीवनशैली का संघर्ष | C) शांति और युद्ध का संघर्ष | D) अमीरी और गरीबी का संघर्ष -
दामिन-इ-कोह के निर्माण ने संथालों को शुरुआत में तो खुश किया लेकिन बाद में इसने उनके विद्रोह की जमीन कैसे तैयार की?
A) वहाँ फसल नहीं उगती थी | B) राज्य ने उन पर भारी कर लगा दिया और जब वे कर चुकाने के लिए कर्ज लेते थे तो साहूकार उनकी ज़मीन छीन लेते थे | C) अंग्रेजों ने उन्हें वापस भगा दिया | D) वहाँ पानी की कमी थी -
संथाल विद्रोह के हिंसक रूप लेने के बाद अंग्रेजों को अपनी प्रशासनिक नीति में क्या बड़ा बदलाव करना पड़ा?
A) उन्होंने संथालों को पूरी तरह खत्म कर दिया | B) उन्होंने संथालों को शांत करने के लिए उनके लिए एक विशेष और अलग संथाल परगना का निर्माण किया | C) उन्होंने झूम खेती को कानूनी मान्यता दी | D) उन्होंने साहूकारों को फाँसी दे दी -
रैयतवाड़ी बंदोबस्त लागू करने के पीछे अंग्रेजों का मुख्य तर्क यह था कि इस्तमरारी बंदोबस्त में क्या कमी रह गई थी?
A) किसानों को नुकसान होता था | B) कृषि उत्पादन बढ़ने पर भी राज्य को बढ़ी हुई आय का कोई हिस्सा नहीं मिलता था सारा लाभ ज़मींदारों को जाता था | C) ज़मींदार काम नहीं करते थे | D) इस्तमरारी बंदोबस्त गैर कानूनी था -
अमेरिकी गृह युद्ध के दौरान भारत में कपास बूम (तेजी) का छोटे और गरीब किसानों पर क्या प्रभाव पड़ा?
A) सभी किसान बहुत अमीर हो गए | B) कपास बूम का लाभ केवल अमीर किसानों और साहूकारों को मिला जबकि गरीब किसान केवल कर्ज के दलदल में धंसते गए | C) किसानों ने कपास उगाना छोड़ दिया | D) किसानों ने कारखाने लगा लिए -
दक्कन विद्रोह में किसानों का मुख्य निशाना साहूकारों के बही-खाते और ऋण-पत्र ही क्यों होते थे?
A) वे कागजों से नफरत करते थे | B) क्योंकि उन दस्तावेजों में उनकी ऋणग्रस्तता और ज़मीन छिनने का झूठा और कानूनी आधार मौजूद था | C) वे आग लगाना चाहते थे | D) उन्हें पढ़ने का शौक नहीं था -
दक्कन दंगा आयोग की रिपोर्ट ब्रिटिश सरकार के लिए क्यों एक बचावकारी दस्तावेज़ साबित हुई?
A) इसने विद्रोह को झूठा बताया | B) इसने विद्रोह का सारा दोष साहूकारों के लालच पर मढ़ दिया और सरकारी राजस्व नीति को पूरी तरह से निर्दोष बताया | C) इसने किसानों को सजा दी | D) इसने अमेरिका को दोषी माना -
फ्रांसिस बुकानन का यात्रा वृत्तांत ऐतिहासिक जानकारी तो देता है लेकिन इसे पूरी तरह निष्पक्ष क्यों नहीं माना जा सकता?
A) वह कभी राजमहल नहीं गया | B) वह कंपनी का एक वेतनभोगी कर्मचारी था और वह परिदृश्य को कंपनी के वाणिज्यिक लाभ के दृष्टिकोण से ही देखता था | C) उसे लिखना नहीं आता था | D) उसने केवल राजाओं से बात की थी -
पहाड़िया लोगों ने मैदानी क्षेत्रों पर आक्रमण करना क्यों शुरू कर दिया था?
A) शौक के लिए | B) जंगलों के कटने से उनके शिकार और झूम खेती के क्षेत्र कम हो गए थे जिससे जीवित रहने के लिए मैदानी गाँवों को लूटना उनकी मजबूरी बन गई थी | C) मैदानी लोग बहुत अमीर थे | D) अंग्रेजों के कहने पर -
सूर्यास्त विधि ने बंगाल के पारंपरिक ज़मींदारों के सामाजिक रुतबे को कैसे प्रभावित किया?
A) उनका रुतबा और बढ़ गया | B) यह उनके लिए घोर अपमानजनक था क्योंकि वे अपनी ज़मीन नीलाम होते हुए देखने को विवश थे जिससे उनकी पीढ़ियों की सत्ता कमजोर हुई | C) वे शहर चले गए | D) उन्हें सेना में शामिल कर लिया गया -
दक्कन में साहूकारों द्वारा ऋण देने की प्रथा में लिमिटेशन कानून (परिसिमन कानून) का क्या परिणाम हुआ जिसे अंग्रेजों ने 1859 में पारित किया था?
A) किसानों का कर्ज माफ हो गया | B) साहूकारों ने हर तीन साल में एक नया बंधक पत्र लिखवाकर इस कानून का दुरुपयोग किया और किसानों का शोषण और बढ़ गया | C) साहूकारों को जेल हो गई | D) कर्ज देना पूरी तरह बंद हो गया -
लॉर्ड कॉर्नवालिस का यह सपना कि भारत में इस्तमरारी बंदोबस्त से इंग्लैंड के 'भद्र किसान' (Yeoman farmers) जैसा वर्ग पैदा होगा विफल क्यों रहा?
A) भारत में कोई भद्र नहीं था | B) ज़मींदार केवल कर वसूलने वाले किराएदार बनकर रह गए उन्होंने कृषि में निवेश करने या उसे सुधारने में कोई रुचि नहीं दिखाई | C) इंग्लैंड ने ऐसा करने से मना कर दिया | D) भारत की जलवायु अलग थी -
दीवानी अदालतों में ज़मींदारों की उपस्थिति अक्सर निरर्थक क्यों साबित होती थी जब वे राजस्व वसूलने के लिए मुक़दमा करते थे?
A) न्यायाधीश मौजूद नहीं होते थे | B) न्यायिक प्रक्रिया इतनी लंबी और थकाऊ थी कि वर्षों तक फैसले नहीं आते थे और ज़मींदारों का पैसा भी डूब जाता था | C) अदालतें रिश्वत लेती थीं | D) ज़मींदारों को अदालत जाना पसंद नहीं था -
दक्कन में कपास की कीमतों में भारी गिरावट (1865 के बाद) ने साहूकारों के रवैये को कैसे बदल दिया?
A) साहूकारों ने ब्याज माफ कर दिया | B) साहूकारों ने नया कर्ज देना बंद कर दिया और पुराने कर्ज की वसूली के लिए किसानों की ज़मीनों पर कब्जा करना शुरू कर दिया | C) साहूकार गाँव छोड़कर भाग गए | D) साहूकारों ने कपास खरीदना शुरू कर दिया -
संथालों को पहाड़िया लोगों के खिलाफ खड़ा करने में अंग्रेजों की कूटनीति का क्या उद्देश्य था?
A) दोनों में मित्रता कराना | B) पहाड़िया लोगों के प्रतिरोध को बिना अपनी सेना का इस्तेमाल किए कुचलना और जंगलों पर कंपनी का नियंत्रण स्थापित करना | C) संथालों को कमजोर करना | D) एक नया खेल देखना -
अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी के अधिकारी जोतदारों के बढ़ते प्रभाव को चुपचाप क्यों देखते रहे और उन्होंने ज़मींदारों की मदद क्यों नहीं की?
A) जोतदार उनके रिश्तेदार थे | B) कंपनी का मुख्य उद्देश्य केवल समय पर राजस्व प्राप्त करना था चाहे वह ज़मींदार दे या उसकी ज़मीन नीलाम होने पर जोतदार | C) कंपनी के पास सेना नहीं थी | D) ज़मींदार विदेशी थे
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