2. जूझ (Jujh)
इस पेज पर आपको 2. जूझ (Jujh) के सभी महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ), परीक्षा उपयोगी नोट्स और ऑनलाइन क्विज़ मिलेंगे। अपने ज्ञान का परीक्षण करने और बोर्ड/प्रतियोगी परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए मॉक टेस्ट में अवश्य भाग लें।
👉 अध्याय का सारांश (Summary)
प्रिय विद्यार्थियों, कक्षा 12 अनिवार्य हिंदी की पाठ्यपुस्तक 'वितान भाग 2' के इस अध्याय 18 में हम आनंद यादव जी की अत्यंत प्रेरणादायक आत्मकथात्मक उपन्यास 'जूझ' का अध्ययन करेंगे। यह पाठ आपकी आगामी NCERT और RBSE बोर्ड परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। 'जूझ' का अर्थ होता है— संघर्ष करना। यह कहानी एक ऐसे किशोर की है जो प्रतिकूल परिस्थितियों में भी अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए निरंतर संघर्ष करता है।
कहानी का नायक स्वयं लेखक है, जो पढ़ाई करने के लिए बहुत लालायित है, लेकिन उसका पिता उसे खेती के काम में लगाए रखना चाहता है। उसके पिता का स्वभाव बहुत ही कठोर और दकियानूसी है। वह लड़के को पढ़ाई से दूर रखकर खेती के कामों में जोते रहना चाहता है ताकि उसे आराम मिल सके। लेखक अपनी माँ के साथ मिलकर अपने पिता के खिलाफ एक मोर्चा खोलता है और गाँव के 'दत्ताराव सरकार' (मास्टर साहब) की मदद से किसी तरह स्कूल में दाखिला लेता है।
स्कूल पहुँचने पर उसे कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। वह बड़ी उम्र का छात्र है और कक्षा के अन्य बच्चे उसका मज़ाक उड़ाते हैं। लेकिन लेखक अपनी मेहनत से उन पर विजय प्राप्त करता है। स्कूल में उसे 'सौंधलगेकर' मास्टर साहब मिलते हैं, जो मराठी पढ़ाते थे। वे बहुत ही भावुक और कलात्मक व्यक्ति थे। उनकी कविता पढ़ाने की अद्भुत शैली से लेखक के मन में कविता के प्रति रुचि जाग्रत होती है। उसे समझ में आता है कि कविता केवल किताबों में नहीं, बल्कि खेतों में, फूलों में और प्रकृति में भी बिखरी पड़ी है। यही से लेखक में कवि बनने की नींव पड़ती है।
यह पाठ हमें सिखाता है कि जीवन में लक्ष्य प्राप्ति के लिए संघर्ष अनिवार्य है। यदि आप आज अपनी पढ़ाई को लेकर परेशान हैं, तो 'जूझ' के लेखक का संघर्ष देखिए। वह अपने पिता के भय, गाँव की रूढ़ियों और अपनी उम्र की बाधाओं को तोड़कर आगे बढ़ा। यह कहानी आपकी बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए एक बड़ी सीख है कि हार मान लेना ही सबसे बड़ी असफलता है। जब तक आप अपने लक्ष्य से 'जूझेंगे' नहीं, तब तक जीत आपकी नहीं होगी। आप इस पाठ को अपने जीवन के उन क्षणों से जोड़ सकते हैं जब आपको भी किसी कार्य को पूरा करने के लिए घरवालों या परिस्थितियों से लड़ना पड़ा हो। यह पाठ साहस और विद्या प्रेम की एक अमर गाथा है।
विशेषता: यह एक 3-Level आधारित यूनीक क्विज़ है। अगले स्तर (Level 2 और 3) को अनलॉक करने के लिए छात्रों को वर्तमान स्तर में कम से कम 70% अंक स्कोर करने होंगे, जो उनकी बोर्ड परीक्षा की तैयारी को 100% मजबूत बनाता है।
अध्याय के सभी प्रश्न (Revision Notes)
*नोट: यह सेक्शन रिवीजन के लिए है। अपना ज्ञान परखने के लिए ऊपर दिए गए क्विज़ में भाग लें।
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'जूझ' पाठ के लेखक कौन हैं?
A) फणीश्वरनाथ रेणु | B) आनंद यादव | C) महादेवी वर्मा | D) जैनेंद्र कुमार -
'जूझ' का अर्थ क्या है?
A) भागना | B) संघर्ष करना | C) डरना | D) सोना -
लेखक के पिता का स्वभाव कैसा था?
A) नरम | B) कठोर और दकियानूसी | C) शांत | D) पढ़ने वाला -
लेखक क्या करना चाहता था?
A) खेती | B) पढ़ाई | C) व्यापार | D) खेलना -
लेखक ने मदद के लिए किसके पास जाने की योजना बनाई?
A) पिता के | B) दत्ताजीराव सरकार के | C) दोस्तों के | D) पुलिस के -
मास्टर सौंदलगेकर क्या पढ़ाते थे?
A) हिंदी | B) मराठी | C) गणित | D) अंग्रेजी -
कक्षा के बच्चे लेखक का क्या करते थे?
A) प्यार | B) मज़ाक | C) नफरत | D) सम्मान -
लेखक कविता के लिए किसे देखता था?
A) किताबों को | B) प्रकृति को | C) पैसे को | D) शहर को -
दत्ताजीराव गाँव के क्या थे?
A) किसान | B) मुखिया (सरकार) | C) व्यापारी | D) पहलवान -
लेखक का मन किस काम में नहीं लगता था?
A) खेती | B) पढ़ाई | C) खेल | D) पढ़ना -
लेखक ने कौन सी कक्षा में दाखिला लिया?
A) 5वीं | B) 7वीं | C) 8वीं | D) 10वीं -
लेखक के पिता उसे स्कूल क्यों नहीं भेजना चाहते थे?
A) पैसे के कारण | B) खेती के काम के लिए | C) स्कूल दूर होने के कारण | D) पढ़ाई व्यर्थ थी -
मास्टर सौंदलगेकर की क्या विशेषता थी?
A) वे गाकर पढ़ाते थे | B) वे बहुत सख्त थे | C) वे अमीर थे | D) वे खेलते थे -
लेखक को पढ़ाई के लिए क्या करना पड़ा?
A) झूठ बोलना | B) संघर्ष करना | C) पैसे मांगना | D) भागना -
लेखक के मन में पढ़ने की ललक कब जगी?
A) बचपन में | B) खेती करते समय | C) स्कूल जाने पर | D) दोस्तों को देखकर -
लेखक का दाखिला किस स्कूल में हुआ?
A) गाँव के स्कूल में | B) शहर के स्कूल में | C) बोर्डिंग स्कूल में | D) दूसरे गाँव में -
लेखक की माँ का क्या नाम था?
A) रानी | B) मीरा | C) मंजुला | D) कहानी में नाम नहीं दिया है -
पिता लेखक को क्या कहकर बुलाते थे?
A) बेटा | B) पढ़ने वाला | C) खेती वाला | D) नालायक -
लेखक ने कविता कहाँ लिखी?
A) नोटबुक में | B) भैंस की पीठ पर | C) दिवार पर | D) कागज़ पर -
पाठ का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A) संघर्ष का महत्व | B) पिता की प्रशंसा | C) खेती का ज्ञान | D) स्कूल का भ्रमण -
लेखक के पिता के कठोर स्वभाव का कारण क्या था?
A) गरीबी | B) अहंकार और आराम | C) बीमारी | D) पढ़ाई का विरोध -
लेखक की माँ ने उसका साथ क्यों दिया?
A) डर के कारण | B) ताकि बेटा पढ़-लिख सके | C) पिता से झगड़े के लिए | D) स्कूल जाने के लिए -
दत्ताजीराव के पास जाने का सुझाव किसका था?
A) पिता का | B) माँ का | C) दोस्त का | D) लेखक का -
मास्टर साहब की कविता पढ़ाने की क्या खूबी थी?
A) वे लय में गाते थे | B) वे रटाते थे | C) वे चित्र बनाते थे | D) वे डांटते थे -
लेखक की कविता के प्रति रुचि कैसे जगी?
A) पढ़ने से | B) मास्टर साहब के सहयोग से | C) लिखने से | D) सुनने से -
लेखक को स्कूल में किस बात का डर था?
A) पिटाई का | B) मज़ाक का | C) पिता का | D) फेल होने का -
लेखक के अनुसार कविता के लिए क्या ज़रूरी है?
A) भाषा | B) भावना और प्रकृति का जुड़ाव | C) पैसे | D) किताबें -
दत्ताजीराव ने पिता को क्या चेतावनी दी?
A) स्कूल भेजो | B) मारने की | C) गाँव छोड़ने की | D) पैसा देने की -
लेखक की पहली कविता किस पर लिखी गई थी?
A) फूल पर | B) कोमडी (मुर्गी) पर | C) खेत पर | D) बादलों पर -
मास्टर साहब लेखक को क्या कहते थे?
A) कवि | B) नालायक | C) पहलवान | D) किसान -
क्या खेती में लेखक की पढ़ाई का कोई लाभ मिला?
A) हाँ | B) नहीं | C) पता नहीं | D) शायद -
लेखक के स्कूल मित्र कैसे थे?
A) अच्छे | B) मज़ाक उड़ाने वाले | C) पढ़ने वाले | D) उपयोगी -
लेखक का संघर्ष सामाजिक था या व्यक्तिगत?
A) व्यक्तिगत | B) सामाजिक | C) दोनों | D) कोई नहीं -
मास्टर साहब का लेखक के प्रति दृष्टिकोण कैसा था?
A) कठोर | B) प्रेरणादायक | C) उदासीन | D) अहंकारी -
क्या लेखक के पिता का दृष्टिकोण कभी बदला?
A) हाँ | B) नहीं | C) पता नहीं | D) शायद -
दत्ताजीराव का व्यक्तित्व कैसा था?
A) डरपोक | B) प्रभावी और न्यायप्रिय | C) अहंकारी | D) शांत -
लेखक की माँ का व्यक्तित्व कैसा था?
A) मजबूर | B) साहसी और सहयोगी | C) अहंकारी | D) क्रोधित -
लेखक की उम्र स्कूल जाने के समय क्या थी?
A) 10 साल | B) बड़ी (किशोर) | C) 5 साल | D) 15 साल -
स्कूल का वातावरण कैसा था?
A) कठोर | B) प्रेरणादायक | C) अराजक | D) उदासीन -
लेखक ने अपनी कविता मास्टर साहब को कब दिखाई?
A) अगले दिन | B) उसी दिन | C) एक महीने बाद | D) कभी नहीं -
'जूझ' पाठ लेखक के किस गुण को उजागर करता है?
A) जीतने का जुनून | B) संघर्ष और जिजीविषा | C) अमीर बनने का | D) भागने का -
लेखक की माँ का चरित्र क्या दर्शाता है?
A) कमजोरी | B) साहस और अपने बेटे के प्रति समर्पण | C) अहंकार | D) क्रोध -
दत्ताजीराव का हस्तक्षेप किस प्रकार का था?
A) बुरा | B) सकारात्मक और प्रगतिशील | C) गैर-जरूरी | D) राजनीतिक -
कविता लिखने का शौक लेखक के व्यक्तित्व में क्या लाया?
A) अहंकार | B) संवेदनशीलता और जागरूकता | C) आलस | D) पैसे -
स्कूल की परिस्थितियाँ लेखक के संकल्प को कैसे प्रभावित करती थीं?
A) कमजोर | B) मजबूत और दृढ़ | C) खत्म कर देती थीं | D) शून्य -
सौंदलगेकर मास्टर साहब आज के दौर के लिए क्या सीख हैं?
A) पैसे लो | B) रटाओ | C) मौलिकता को प्रोत्साहित करो | D) डांटो -
लेखक का संघर्ष क्या सीख देता है?
A) हार मानना | B) परिस्थितियों से लड़कर आगे बढ़ना | C) रोकर बैठना | D) सब छोड़ देना -
लेखक के पिता के प्रति उसका दृष्टिकोण कैसा था?
A) घृणा | B) तनावपूर्ण पर एक अजीब समझ | C) प्यार | D) उदासी -
लेखक का कवि बनने का सफर कैसा था?
A) आसान | B) संघर्षमय और प्रेरणादायक | C) बेकार | D) छोटा -
कहानी का अंत मन पर क्या प्रभाव डालता है?
A) दुख | B) प्रेरणा | C) उदासी | D) क्रोध -
लेखक की सफलता का राज़ क्या था?
A) अच्छी किस्मत | B) दृढ़ इच्छाशक्ति और मेहनत | C) पैसे | D) खेती -
क्या 'जूझ' हर विद्यार्थी के लिए प्रेरणा है?
A) हाँ | B) नहीं | C) पता नहीं | D) शायद -
सौंदलगेकर मास्टर साहब कैसे शिक्षक थे?
A) कठोर | B) प्रेरणादायक और कला प्रेमी | C) उदासीन | D) अहंकारी -
लेखक के संघर्ष के मुख्य तत्व क्या थे?
A) घर और स्कूल | B) खेती और स्कूल | C) दोस्त और स्कूल | D) शहर और गांव -
कहानी का सबसे बड़ा विजय स्तंभ क्या है?
A) लेखक की इच्छाशक्ति | B) पिता का साथ | C) खेती | D) दत्ताजीराव -
लेखक की कविता किसकी थी?
A) नकल | B) मौलिक | C) पुरानी | D) पता नहीं -
स्कूल में लेखक को क्या मिला?
A) दोस्त | B) ज्ञान और कविता | C) सजा | D) कुछ नहीं -
क्या लेखक अपनी खेती में कुशल था?
A) हाँ | B) नहीं | C) पता नहीं | D) शायद -
लेखक की माँ का अंत तक क्या योगदान रहा?
A) सहयोग | B) विरोध | C) तटस्थता | D) अहंकार -
कहानी का सार क्या है?
A) सब छोड़ दो | B) संघर्ष से ही सफलता मिलती है | C) खेती करो | D) पढ़ाई बेकार है
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