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4. पूर्ण प्रतिस्पर्धा में फर्म का सिद्धांत (The Theory of the Firm Under Perfect Competition)

इस पेज पर आपको 4. पूर्ण प्रतिस्पर्धा में फर्म का सिद्धांत (The Theory of the Firm Under Perfect Competition) के सभी महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ), परीक्षा उपयोगी नोट्स और ऑनलाइन क्विज़ मिलेंगे। अपने ज्ञान का परीक्षण करने और बोर्ड/प्रतियोगी परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए मॉक टेस्ट में अवश्य भाग लें।

Class 12 Economics Chapter 4 MCQ in Hindi. पूर्ण प्रतिस्पर्धा में फर्म का सिद्धांत के VVI Objective Questions. बिना किसी हिंट के 3-Level चैलेंज के साथ अपनी बोर्ड परीक्षा 2027 की बेहतरीन तैयारी करें!

👉 अध्याय का सारांश (Summary)

प्रिय विद्यार्थियों, इस अध्याय में हम पूर्ण प्रतिस्पर्धा वाले बाजार में एक फर्म के व्यवहार और उसके लाभ अधिकतमीकरण के सिद्धांतों का विस्तार से अध्ययन करेंगे। पूर्ण प्रतिस्पर्धा एक ऐसा बाजार ढांचा है जिसकी मुख्य विशेषताएं हैं—क्रेताओं और विक्रेताओं की अत्यधिक संख्या, समरूप वस्तुओं का उत्पादन, बाजार में फर्मों के प्रवेश और बहिर्गमन की पूर्ण स्वतंत्रता, तथा बाजार की स्थितियों का पूर्ण ज्ञान। इन विशेषताओं के कारण कोई भी अकेली फर्म बाजार की कीमत को प्रभावित नहीं कर सकती है, इसलिए पूर्ण प्रतिस्पर्धा में फर्म कीमत स्वीकारक होती है न कि कीमत निर्धारक। बाजार की कीमत उद्योग की कुल मांग और कुल पूर्ति की शक्तियों द्वारा निर्धारित होती है। एक फर्म के राजस्व या आगम के अंतर्गत तीन मुख्य अवधारणाएँ हैं: कुल आगम (वस्तु की बेची गई मात्रा और कीमत का गुणनफल), औसत आगम (प्रति इकाई बिक्री से प्राप्त आगम, जो वस्तु की कीमत के बराबर होता है), और सीमांत आगम (वस्तु की एक अतिरिक्त इकाई की बिक्री से कुल आगम में होने वाला परिवर्तन)। पूर्ण प्रतिस्पर्धा में चूंकि कीमत स्थिर रहती है, इसलिए औसत आगम और सीमांत आगम एक-दूसरे के बराबर होते हैं, और इनका वक्र एक क्षैतिज सीधी रेखा के रूप में अक्ष के समानांतर होता है। एक फर्म का मुख्य उद्देश्य अपने लाभ को अधिकतम करना होता है। लाभ अधिकतमीकरण के लिए तीन आवश्यक शर्तें हैं: पहली, सीमांत आगम सीमांत लागत के बराबर होना चाहिए; दूसरी, संतुलन के बिंदु पर सीमांत लागत वक्र घटता हुआ नहीं बल्कि बढ़ता हुआ होना चाहिए; और तीसरी, अल्पकाल में कीमत औसत परिवर्तनशील लागत से अधिक या बराबर होनी चाहिए, जबकि दीर्घकाल में कीमत औसत लागत से अधिक या बराबर होनी चाहिए। अध्याय का दूसरा भाग फर्म के 'पूर्ति वक्र' से संबंधित है। एक फर्म का पूर्ति वक्र यह दर्शाता है कि विभिन्न कीमतों पर फर्म वस्तु की कितनी मात्रा बाजार में बेचने के लिए तैयार है। अल्पकाल में एक फर्म का पूर्ति वक्र उसकी न्यूनतम औसत परिवर्तनशील लागत से ऊपर का सीमांत लागत वक्र का भाग होता है, जबकि दीर्घकाल में यह न्यूनतम औसत लागत से ऊपर का सीमांत लागत वक्र का भाग होता है। यदि कीमत न्यूनतम औसत परिवर्तनशील लागत से नीचे गिर जाती है, तो फर्म उत्पादन बंद कर देती है, जिसे उत्पादन बंद करने का बिंदु कहते हैं। इसके अलावा, बाजार पूर्ति वक्र बाजार की सभी व्यक्तिगत फर्मों के पूर्ति वक्रों का क्षैतिज योग होता है। पूर्ति को प्रभावित करने वाले मुख्य कारकों में तकनीकी प्रगति, आगतों (साधनों) की कीमतें, और कर नीति शामिल हैं। यह अध्याय बाजार में उत्पादकों के तार्किक निर्णयों को समझने का एक मजबूत आधार प्रदान करता है। विशेषता: यह एक 3-Level आधारित यूनीक क्विज़ है। अगले स्तर को अनलॉक करने के लिए छात्रों को वर्तमान स्तर में कम से कम 70% अंक स्कोर करने होंगे, जो आपकी बोर्ड परीक्षा की तैयारी को 100% मजबूत बनाता है।

महत्वपूर्ण प्रश्न (Important Questions)

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विद्यार्थी पंजीकरण

क्विज़ के महत्वपूर्ण निर्देश:

  • सारे concept clear करने के बाद ही टेस्ट दें।
  • इस ऑनलाइन टेस्ट में सभी प्रश्न बहुविकल्पीय (MCQ) हैं।
  • प्रत्येक प्रश्न को ध्यानपूर्वक पढ़ें और सही विकल्प का चयन करें।
  • क्विज़ लिंक दोस्तों तक शेयर करें।
  • विशेष नियम: यह क्विज़ 3 स्तरों में है। अगला स्तर (Level) खोलने के लिए आपको वर्तमान स्तर में कम से कम 70% अंक लाने होंगे।
  • पूरा चैप्टर अच्छी तरह से याद करने के बाद ही क्विज में भाग ले
  • अपनी डिटेल सही भरें, क्विज़ सब्मिट करने के बाद feedback जरूर दे। अच्छे फीडबैक साइट के होम पेज पर प्रकाशित होंगे
  • सवालो को आराम से हल करें, जल्दीबाजी नहीं करें
  • टेस्ट सबमिट करने के बाद आपका स्कोर आपके शिक्षक के डैशबोर्ड पर प्रदर्शित होगा।
  • प्रतियोगी परीक्षाओं और बोर्ड परीक्षा की बेहतरीन तैयारी के लिए आप इस टेस्ट का बार-बार अभ्यास कर सकते हैं।
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अध्याय के सभी प्रश्न (Revision Notes)

*नोट: यह सेक्शन रिवीजन के लिए है। अपना ज्ञान परखने के लिए ऊपर दिए गए क्विज़ में भाग लें।

  1. पूर्ण प्रतिस्पर्धा में एक फर्म की स्थिति कैसी होती है?
    A) कीमत निर्धारक  |  B) कीमत स्वीकारक  |  C) बाजार नियंत्रक  |  D) उद्योग नियामक
  2. पूर्ण प्रतिस्पर्धात्मक बाजार में बेची जाने वाली वस्तुएं कैसी होती हैं?
    A) विभिन्न प्रकार की  |  B) समरूप  |  C) अपूर्ण विकल्प  |  D) जटिल
  3. पूर्ण प्रतिस्पर्धा में फर्म का औसत आगम किसके बराबर होता है?
    A) कुल लागत के  |  B) वस्तु की कीमत के  |  C) शून्य के  |  D) कुल लाभ के
  4. पूर्ण प्रतिस्पर्धा में औसत आगम वक्र और सीमांत आगम वक्र के बीच क्या संबंध होता है?
    A) औसत आगम अधिक होता है  |  B) सीमांत आगम अधिक होता है  |  C) दोनों एक-दूसरे के बराबर होते हैं  |  D) दोनों ऋणात्मक होते हैं
  5. वस्तु की एक अतिरिक्त इकाई बेचने से कुल आगम में होने वाली वृद्धि क्या कहलाती है?
    A) औसत आगम  |  B) कुल लाभ  |  C) सीमांत आगम  |  D) अतिरिक्त लागत
  6. पूर्ण प्रतिस्पर्धा में फर्म का मांग वक्र कैसा होता है?
    A) नीचे की ओर ढालू  |  B) ऊपर की ओर ढालू  |  C) अक्ष के समानांतर क्षैतिज रेखा  |  D) लंबवत रेखा
  7. लाभ अधिकतमीकरण की पहली आवश्यक शर्त क्या है?
    A) सीमांत आगम बड़ा हो सीमांत लागत से  |  B) सीमांत आगम छोटा हो सीमांत लागत से  |  C) सीमांत आगम बराबर हो सीमांत लागत के  |  D) कुल लागत शून्य हो
  8. अल्पकाल में एक फर्म तब तक उत्पादन जारी रखती है जब तक कीमत किसके बराबर या अधिक हो?
    A) औसत स्थिर लागत के  |  B) औसत परिवर्तनशील लागत के  |  C) कुल लागत के  |  D) सीमांत लागत के
  9. यदि बाजार कीमत न्यूनतम औसत परिवर्तनशील लागत से कम हो जाए तो फर्म क्या करती है?
    A) उत्पादन बढ़ाती है  |  B) उत्पादन बंद कर देती है  |  C) कीमत बढ़ाती है  |  D) नया निवेश करती है
  10. पूर्ण प्रतिस्पर्धा में बाजार में नई फर्मों के प्रवेश पर क्या प्रतिबंध होता है?
    A) कठोर कानूनी प्रतिबंध  |  B) प्रवेश और बहिर्गमन की पूर्ण स्वतंत्रता  |  C) केवल सरकारी फर्मों को अनुमति  |  D) अत्यधिक कर
  11. फर्म की कुल संपत्ति या कुल बिक्री मूल्य को क्या कहा जाता है?
    A) कुल लागत  |  B) कुल आगम  |  C) शुद्ध लाभ  |  D) सीमांत आगम
  12. पूर्ण प्रतिस्पर्धा में बाजार कीमत का निर्धारण किसके द्वारा होता है?
    A) अकेली फर्म द्वारा  |  B) सरकार द्वारा  |  C) उद्योग की कुल मांग और कुल पूर्ति शक्तियों द्वारा  |  D) उपभोक्ताओं द्वारा
  13. एक फर्म का पूर्ति वक्र वस्तु की कीमत और पूर्ति की मात्रा के बीच कैसा संबंध दर्शाता है?
    A) विपरीत संबंध  |  B) धनात्मक संबंध  |  C) शून्य संबंध  |  D) कोई संबंध नहीं
  14. तकनीकी प्रगति होने पर फर्म के पूर्ति वक्र पर क्या प्रभाव पड़ता है?
    A) बाईं ओर खिसक जाता है  |  B) दाहिनी ओर खिसक जाता है  |  C) नीचे की ओर गिर जाता है  |  D) स्थिर रहता है
  15. बाजार पूर्ति वक्र को प्राप्त करने के लिए सभी व्यक्तिगत फर्मों के पूर्ति वक्रों का क्या किया जाता है?
    A) लंबवत योग  |  B) क्षैतिज योग  |  C) गुणा  |  D) औसत
  16. फर्म को होने वाला कुल लाभ किसके बीच का अंतर होता है?
    A) कुल आगम और सीमांत आगम  |  B) कुल आगम और कुल लागत  |  C) औसत आगम और औसत लागत  |  D) कुल लागत और सीमांत लागत
  17. दीर्घकाल में एक फर्म केवल तभी उत्पादन करती है जब बाजार कीमत किससे अधिक या बराबर हो?
    A) न्यूनतम औसत लागत के  |  B) न्यूनतम औसत स्थिर लागत के  |  C) सीमांत लागत के  |  D) शून्य के
  18. उत्पादन की प्रति इकाई से प्राप्त होने वाले आगम को क्या कहते हैं?
    A) कुल आगम  |  B) औसत आगम  |  C) सीमांत आगम  |  D) कुल लाभ
  19. पूर्ण प्रतिस्पर्धा में क्रेताओं और विक्रेताओं की संख्या कितनी होती है?
    A) केवल एक विक्रेता  |  B) कुछ बड़े विक्रेता  |  C) अत्यधिक संख्या  |  D) दो विक्रेता
  20. फर्म के उत्पादन बंद करने के बिंदु पर कीमत किसके बराबर होती है?
    A) न्यूनतम औसत लागत के  |  B) न्यूनतम औसत परिवर्तनशील लागत के  |  C) कुल स्थिर लागत के  |  D) शून्य के
  21. पूर्ण प्रतिस्पर्धा में कोई भी फर्म कीमत निर्धारक क्यों नहीं हो सकती है?
    A) क्योंकि फर्म के पास धन नहीं होता  |  B) क्योंकि बाजार में उसका हिस्सा अत्यंत छोटा होता है और वस्तुएं समरूप होती हैं  |  C) क्योंकि सरकार मना करती है  |  D) क्योंकि उपभोक्ता बहुत शक्तिशाली होते हैं
  22. पूर्ण प्रतिस्पर्धा में कुल आगम वक्र का आकार कैसा होता है?
    A) उल्टा यू आकार का  |  B) मूल बिंदु से शुरू होने वाली एक सीधी धनात्मक ढालू रेखा  |  C) एक क्षैतिज रेखा  |  D) एक लंबवत रेखा
  23. लाभ अधिकतमीकरण की दूसरी शर्त के अनुसार संतुलन बिंदु पर सीमांत लागत वक्र का ढाल कैसा होना चाहिए?
    A) ऋणात्मक होना चाहिए  |  B) धनात्मक अथवा बढ़ता हुआ होना चाहिए  |  C) शून्य होना चाहिए  |  D) क्षैतिज होना चाहिए
  24. अल्पकाल में एक फर्म का पूर्ति वक्र उसकी सीमांत लागत वक्र का कौन सा भाग होता है?
    A) न्यूनतम औसत लागत से ऊपर का भाग  |  B) न्यूनतम औसत परिवर्तनशील लागत से ऊपर का भाग  |  C) शून्य से ऊपर का भाग  |  D) औसत स्थिर लागत से नीचे का भाग
  25. यदि आगतों या साधनों की कीमतें बढ़ जाती हैं तो फर्म के पूर्ति वक्र पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
    A) पूर्ति वक्र दाहिनी ओर खिसक जाएगा  |  B) पूर्ति वक्र बाईं ओर ऊपर की ओर खिसक जाएगा  |  C) पूर्ति वक्र में कोई बदलाव नहीं होगा  |  D) पूर्ति वक्र क्षैतिज हो जाएगा
  26. पूर्ण प्रतिस्पर्धा में सामान्य लाभ की स्थिति में फर्म की क्या स्थिति होती है?
    A) कीमत औसत लागत से अधिक होती है  |  B) कीमत औसत लागत के बिल्कुल बराबर होती है  |  C) कीमत औसत परिवर्तनशील लागत से कम होती है  |  D) फर्म को भयंकर घाटा होता है
  27. फर्म का लाभ अधिकतम करने वाला बिंदु कहाँ स्थित होता है?
    A) जहाँ कुल आगम और कुल लागत के बीच की दूरी अधिकतम हो  |  B) जहाँ कुल आगम और कुल लागत एक-दूसरे को काटते हैं  |  C) जहाँ सीमांत लागत न्यूनतम हो  |  D) जहाँ औसत लागत न्यूनतम हो
  28. बाजार की दशाओं का पूर्ण ज्ञान होने का क्रेताओं पर क्या प्रभाव पड़ता है?
    A) वे अधिक कीमत देने को तैयार रहते हैं  |  B) कोई भी विक्रेता किसी भी क्रेता से अधिक कीमत नहीं वसूल सकता है  |  C) वे वस्तुएं नहीं खरीदते हैं  |  D) बाजार बंद हो जाता है
  29. इकाई कर लगाने पर फर्म की उत्पादन लागत पर क्या प्रभाव पड़ता है और पूर्ति वक्र कहाँ खिसकता है?
    A) लागत घटती है और पूर्ति वक्र दाहिनी ओर खिसकता है  |  B) लागत बढ़ती है और पूर्ति वक्र बाईं ओर खिसकता है  |  C) कोई प्रभाव नहीं पड़ता  |  D) पूर्ति वक्र स्थिर रहता है
  30. दीर्घकाल में पूर्ण प्रतिस्पर्धात्मक बाजार में फर्मों को केवल कौन सा लाभ प्राप्त होता है?
    A) अत्यधिक असामान्य लाभ  |  B) केवल सामान्य लाभ  |  C) भयंकर घाटा  |  D) शून्य आगम
  31. जब सीमांत लागत सीमांत आगम से अधिक होती है तो उत्पादक को क्या करना चाहिए?
    A) उत्पादन बढ़ाना चाहिए  |  B) उत्पादन कम करना चाहिए  |  C) उत्पादन स्थिर रखना चाहिए  |  D) फर्म बंद कर देनी चाहिए
  32. पूर्ण प्रतिस्पर्धा में कीमत रेखा का ढाल कैसा होता है?
    A) धनात्मक ढाल  |  B) ऋणात्मक ढाल  |  C) शून्य ढाल क्योंकि यह पूरी तरह क्षैतिज होती है  |  D) अनंत ढाल
  33. फर्म का दीर्घकालीन पूर्ति वक्र उसके सीमांत लागत वक्र का वह भाग है जो किसके ऊपर स्थित होता है?
    A) न्यूनतम औसत परिवर्तनशील लागत के  |  B) न्यूनतम औसत लागत के  |  C) औसत स्थिर लागत के  |  D) कुल लागत के
  34. बाजार में फर्मों के स्वतंत्र प्रवेश और बहिर्गमन के कारण दीर्घकाल में कीमत किसके बराबर हो जाती है?
    A) अधिकतम औसत लागत के  |  B) न्यूनतम औसत लागत के  |  C) कुल स्थिर लागत के  |  D) शून्य के
  35. औसत आगम वक्र को किस अन्य नाम से भी जाना जाता है जो उपभोक्ता के व्यवहार को दर्शाता है?
    A) पूर्ति वक्र  |  B) बाजार मांग वक्र  |  C) लागत वक्र  |  D) उत्पादन फलन
  36. यदि पूर्ण प्रतिस्पर्धा में संतुलन बिंदु पर सीमांत लागत वक्र नीचे की ओर गिर रहा हो तो वह लाभ अधिकतमीकरण का बिंदु क्यों नहीं हो सकता?
    A) क्योंकि लागत बहुत कम है  |  B) क्योंकि उत्पादन बढ़ाने पर अगली इकाइयों से मिलने वाला अतिरिक्त लाभ लागत से अधिक होगा  |  C) क्योंकि वहाँ फर्म बंद हो जाती है  |  D) क्योंकि सीमांत आगम शून्य होता है
  37. दीर्घकाल में स्वतंत्र प्रवेश की मान्यता यह कैसे सुनिश्चित करती है कि फर्में असामान्य लाभ नहीं कमा सकतीं?
    A) सरकार लाभ पर रोक लगाती है  |  B) असामान्य लाभ देखकर नई फर्में बाजार में प्रवेश करेंगी जिससे बाजार पूर्ति बढ़ेगी और कीमत घटकर न्यूनतम औसत लागत पर आ जाएगी  |  C) फर्में खुद लाभ छोड़ देती हैं  |  D) उपभोक्ता वस्तुएं खरीदना बंद कर देते हैं
  38. अल्पकाल में एक फर्म घाटा उठाकर भी उत्पादन क्यों जारी रखती है यदि कीमत न्यूनतम औसत परिवर्तनशील लागत से अधिक हो?
    A) क्योंकि उसे काम करना पसंद है  |  B) क्योंकि उत्पादन जारी रखने से वह अपनी स्थिर लागत का कुछ हिस्सा निकाल पाती है जो उत्पादन बंद करने पर पूरा घाटा बनती  |  C) क्योंकि स्थिर लागत शून्य होती है  |  D) क्योंकि उसे सरकारी सहायता मिलती है
  39. बाजार पूर्ति वक्र का ढाल व्यक्तिगत फर्मों के पूर्ति वक्रों की तुलना में अधिक चपटा या लोचदार क्यों होता है?
    A) क्योंकि बाजार में कोई नियम नहीं होता  |  B) क्योंकि यह सभी व्यक्तिगत फर्मों की पूर्ति की मात्राओं का क्षैतिज जोड़ होता है  |  C) क्योंकि बाजार में कीमतें बदलती रहती हैं  |  D) क्योंकि बाजार पूर्ति स्थिर होती हैं
  40. पूर्ण प्रतिस्पर्धा में फर्म के लाभ अधिकतमीकरण की तीसरी शर्त दीर्घकाल में अल्पकाल से कैसे भिन्न है?
    A) दीर्घकाल में कोई शर्त नहीं होती  |  B) अल्पकाल में कीमत न्यूनतम औसत परिवर्तनशील लागत के बराबर या अधिक होनी चाहिए जबकि दीर्घकाल में यह न्यूनतम औसत लागत के बराबर या अधिक होनी चाहिए  |  C) दोनों काल में शर्तें बिल्कुल समान हैं  |  D) दीर्घकाल में स्थिर लागत महत्वपूर्ण होती है
  41. यदि पूर्ण प्रतिस्पर्धात्मक बाजार में वस्तुएं समरूप न होकर थोड़ी भिन्न हो जाएं तो इस बाजार ढांचे पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
    A) यह पूर्ण प्रतिस्पर्धा ही बना रहेगा  |  B) यह पूर्ण प्रतिस्पर्धा नहीं रहेगा बल्कि एकाधिकारात्मक प्रतिस्पर्धा में बदल जाएगा  |  C) बाजार पूरी तरह नष्ट हो जाएगा  |  D) विक्रेताओं की संख्या बढ़ जाएगी
  42. एक कीमत स्वीकारक फर्म के लिए सीमांत आगम का मूल्य हमेशा बाजार कीमत के बराबर क्यों रहता है चाहे वह कितनी भी मात्रा बेचे?
    A) क्योंकि फर्म बहुत बड़ी होती है  |  B) क्योंकि फर्म बाजार कीमत पर वस्तु की जितनी चाहे उतनी मात्रा बेच सकती है कीमत में बिना किसी कटौती के  |  C) क्योंकि कीमत बदलती रहती है  |  D) क्योंकि मांग वक्र ऋणात्मक होता है
  43. तकनीकी सुधार होने पर फर्म का सीमांत लागत वक्र कहाँ खिसकता है और इसका पूर्ति पर क्या प्रभाव पड़ता है?
    A) ऊपर खिसकता है और पूर्ति घटती है  |  B) नीचे की ओर दाहिनी तरफ खिसकता है जिससे फर्म समान कीमत पर अधिक पूर्ति करती है  |  C) स्थिर रहता है  |  D) बाईं ओर खिसकता है
  44. दीर्घकाल में बहिर्गमन की स्वतंत्रता यह कैसे सुनिश्चित करती है कि फर्मों को दीर्घकालीन घाटा नहीं उठाना पड़ेगा?
    A) फर्में सरकार से धन लेती हैं  |  B) घाटा होने पर फर्में बाजार छोड़कर बाहर चली जाएंगी जिससे बाजार पूर्ति घटेगी और कीमत बढ़कर न्यूनतम औसत लागत के बराबर हो जाएगी  |  C) फर्में कीमतें बढ़ा देती हैं  |  D) उपभोक्ता कर देते हैं
  45. पूर्ण प्रतिस्पर्धा में फर्म का कुल लाभ वक्र शुरुआत में ऋणात्मक क्षेत्र में क्यों होता है जब उत्पादन का स्तर बहुत कम या शून्य होता है?
    A) क्योंकि फर्म के पास उत्पादक नहीं होते  |  B) क्योंकि उत्पादन शून्य होने पर भी फर्म को कुल स्थिर लागत का वहन करना पड़ता है जिससे उसे घाटा होता है  |  C) क्योंकि आगम अधिकतम होता है  |  D) क्योंकि परिवर्तनशील लागत बहुत अधिक होती है
  46. यदि किसी वस्तु पर सरकार द्वारा लगाया गया कर हटा लिया जाए तो उद्योग के बाजार पूर्ति वक्र पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
    A) पूर्ति वक्र बाईं ओर खिसक जाएगा  |  B) उत्पादन लागत घटने के कारण बाजार पूर्ति वक्र दाहिनी ओर नीचे की तरफ खिसक जाएगा  |  C) पूर्ति पूरी तरह शून्य हो जाएगी  |  D) कोई परिवर्तन नहीं होगा
  47. पूर्ण प्रतिस्पर्धा में विज्ञापन और विक्रय लागतों का अभाव क्यों पाया जाता है जो अन्य बाजारों की मुख्य विशेषता है?
    A) क्योंकि फर्मों के पास पैसा नहीं होता  |  B) चूंकि वस्तुएं पूरी तरह समरूप होती हैं और क्रेताओं को बाजार का पूर्ण ज्ञान होता है इसलिए विज्ञापन की कोई आवश्यकता नहीं होती  |  C) क्योंकि सरकार विज्ञापन पर रोक लगाती है  |  D) क्योंकि विज्ञापन से कीमतें घटती हैं
  48. लाभ अधिकतमीकरण के संदर्भ में जब सीमांत लागत सीमांत आगम के बराबर होती है तो इस बिंदु को अर्थशास्त्र में क्या नाम दिया गया है?
    A) बाजार का संतुलन बिंदु  |  B) फर्म का संतुलन बिंदु अथवा उत्पादक का साम्य बिंदु  |  C) उत्पादन बंद करने का बिंदु  |  D) ब्रेक इवन बिंदु
  49. शून्य उत्पादन के स्तर पर फर्म का कुल आगम कितना होता है और कुल लागत कितनी होती है?
    A) दोनों शून्य होते हैं  |  B) कुल आगम शून्य होता है लेकिन कुल लागत कुल स्थिर लागत के बराबर होती है  |  C) कुल आगम अधिकतम होता है  |  D) कुल लागत शून्य होती है
  50. यदि बाजार में फर्मों की संख्या निश्चित हो तो बाजार पूर्ति वक्र व्यक्तिगत फर्मों के पूर्ति वक्रों से कैसे प्रभावित होता है?
    A) बाजार पूर्ति वक्र का कोई अस्तित्व नहीं होता  |  B) यह व्यक्तिगत फर्मों के पूर्ति वक्रों का सीधे क्षैतिज योग के रूप में व्यवहार करता है  |  C) यह व्यक्तिगत वक्रों से उल्टा होता है  |  D) यह स्थिर रहता है
  51. पूर्ण प्रतिस्पर्धा में कीमत और सीमांत लागत की समानता फर्म के बारे में क्या महत्वपूर्ण आर्थिक निष्कर्ष प्रस्तुत करती है?
    A) कि फर्म कुशल नहीं है  |  B) यह दर्शाती है कि फर्म साधनों का आवंटन तकनीकी और आर्थिक रूप से पूर्ण कुशलता के साथ कर रही है  |  C) कि फर्म घाटे में चल रही है  |  D) कि फर्म एकाधिकारी है
  52. फर्म के संतुलन की स्थिति में यदि कीमत औसत लागत के बिल्कुल बराबर है तो उस बिंदु को क्या कहा जाता है?
    A) शट डाउन बिंदु  |  B) ब्रेक इवन बिंदु अथवा लाभ-हानि रहित बिंदु  |  C) अधिकतम लाभ बिंदु  |  D) असामान्य लाभ बिंदु
  53. अल्पकाल में नई फर्मों का बाजार में प्रवेश क्यों संभव नहीं हो पाता है जिससे फर्में असामान्य लाभ कमा लेती हैं?
    A) क्योंकि प्रवेश वर्जित होता है  |  B) क्योंकि अल्पकाल में समय इतना कम होता है कि नई फर्में अपना प्लांट और स्थिर साधन स्थापित नहीं कर सकतीं  |  C) क्योंकि सरकार रोक लगाती है  |  D) क्योंकि बाजार छोटा होता है
  54. यदि पूर्ण प्रतिस्पर्धा में कोई फर्म बाजार कीमत से थोड़ी भी अधिक कीमत वसूलने का प्रयास करे तो उसका क्या परिणाम होगा?
    A) उसका लाभ दोगुना हो जाएगा  |  B) उसकी मांग की मात्रा तुरंत शून्य हो जाएगी क्योंकि क्रेता अन्य फर्मों से समरूप वस्तुएं खरीद लेंगे  |  C) उसके ग्राहक बढ़ जाएंगे  |  D) सरकार उस पर जुर्माना लगाएगी
  55. फर्म की आपूर्ति की लोच किस बात पर निर्भर करती है कि वह कीमत बदलने पर कितनी तेजी से पूर्ति बदल सकती है?
    A) केवल उपभोक्ता की पसंद पर  |  B) उत्पादन की प्रकृति और सीमांत लागत वक्र के चढ़ने की गति पर  |  C) फर्म के नाम पर  |  D) कर की दर पर
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