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11. खुली अर्थव्यवस्था - समष्टि अर्थशास्त्र (Open Economy - Macroeconomics)

इस पेज पर आपको 11. खुली अर्थव्यवस्था - समष्टि अर्थशास्त्र (Open Economy - Macroeconomics) के सभी महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ), परीक्षा उपयोगी नोट्स और ऑनलाइन क्विज़ मिलेंगे। अपने ज्ञान का परीक्षण करने और बोर्ड/प्रतियोगी परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए मॉक टेस्ट में अवश्य भाग लें।

Class 12 Economics Chapter 11 MCQ in Hindi. खुली अर्थव्यवस्था - समष्टि अर्थशास्त्र के VVI Objective Questions. बिना किसी हिंट के 3-Level किसे चैलेंज के साथ अपनी बोर्ड परीक्षा 2027 की बेहतरीन तैयारी करें!

👉 अध्याय का सारांश (Summary)

प्रिय विद्यार्थियों, समष्टि अर्थशास्त्र का यह अंतिम अध्याय वैश्विक आर्थिक संबंधों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के सिद्धांतों पर आधारित है। एक खुली अर्थव्यवस्था वह होती है जो अन्य देशों के साथ वस्तुओं, सेवाओं और वित्तीय परिसंपत्तियों का व्यापार करती है। इसके विपरीत, एक बंद अर्थव्यवस्था का बाहरी विश्व से कोई संबंध नहीं होता है। खुली अर्थव्यवस्था के तीन मुख्य लिंक होते हैं—वस्तु बाजार (आयात और निर्यात), श्रम बाजार (प्रवासन), और वित्तीय बाजार (विदेशी निवेश)। अध्याय का सबसे पहला और तकनीकी भाग 'भुगतान संतुलन' (BOP) से संबंधित है। भुगतान संतुलन एक देश के निवासियों और शेष विश्व के बीच एक निश्चित समयावधि (सामान्यतः एक वर्ष) में होने वाले सभी आर्थिक लेन-देन का एक व्यवस्थित सांख्यिकीय विवरण होता है। भुगतान संतुलन खाते को दो मुख्य भागों में विभाजित किया जाता है: चालू खाता और पूंजी खाता। चालू खाता वस्तुओं और सेवाओं के आयात-निर्यात तथा एकपक्षीय हस्तांतरण (जैसे उपहार, प्रेषित धन) को दर्ज करता है। वस्तुओं के आयात और निर्यात के अंतर को 'व्यापार संतुलन' या व्यापारिक संतुलन कहा जाता है। सेवाओं के अंतर्गत अदृश्य मदें जैसे बैंकिंग, बीमा, और पर्यटन शामिल होते हैं। पूंजी खाता उन सभी लेन-देन को दर्ज करता है जो किसी देश की सरकार या नागरिकों की विदेशी परिसंपत्तियों या देनदारियों को प्रभावित करते हैं, जैसे विदेशी प्रत्यक्ष निवेश, पोर्टफोलियो निवेश, और विदेशी ऋण। भुगतान संतुलन हमेशा संतुलित होता है, लेकिन व्यावहारिक रूप से इसमें घाटा या आधिक्य हो सकता है, जिसे स्वायत्त और समायोजित मदों के माध्यम से संतुलित किया जाता है। अध्याय का दूसरा सबसे व्यावहारिक भाग 'विदेशी विनिमय दर' से संबंधित है। घरेलू मुद्रा की एक इकाई के बदले विदेशी मुद्रा की मिलने वाली मात्रा को विदेशी विनिमय दर कहते हैं। विनिमय दर निर्धारण के तीन मुख्य मॉडल हैं: स्थिर विनिमय दर प्रणाली (जो सरकार या केंद्रीय बैंक द्वारा तय होती है, जैसे स्वर्ण मान प्रणाली), लचीली या तैरती हुई विनिमय दर प्रणाली (जो बाजार की मांग और पूर्ति की शक्तियों से तय होती है), और प्रबंधित तैरती हुई विनिमय दर प्रणाली (जहाँ बाजार शक्तियों के साथ-साथ केंद्रीय बैंक हस्तक्षेप करता है)। विदेशी विनिमय की मांग विदेशों से सामान खरीदने, पर्यटन और निवेश के लिए होती है, जबकि इसकी पूर्ति हमारे निर्यात और विदेशी निवेश से होती है। घरेलू मुद्रा के मूल्य में बाजार शक्तियों के कारण होने वाली कमी को मूल्यह्रास और वृद्धि को मूल्यवृद्धि कहते हैं, जबकि सरकार द्वारा आधिकारिक रूप से मूल्य कम करने को अवमूल्यन कहा जाता है। यह अध्याय अंतरराष्ट्रीय आर्थिक परिदृश्य को समझने की सर्वोत्तम कुंजी है। विशेषता: यह एक 3-Level आधारित यूनीक क्विज़ है। अगले स्तर को अनलॉक करने के लिए छात्रों को वर्तमान स्तर में कम से कम 70% अंक स्कोर करने होंगे, जो आपकी बोर्ड परीक्षा की तैयारी को 100% मजबूत बनाता है।

महत्वपूर्ण प्रश्न (Important Questions)

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विद्यार्थी पंजीकरण

क्विज़ के महत्वपूर्ण निर्देश:

  • सारे concept clear करने के बाद ही टेस्ट दें।
  • इस ऑनलाइन टेस्ट में सभी प्रश्न बहुविकल्पीय (MCQ) हैं।
  • प्रत्येक प्रश्न को ध्यानपूर्वक पढ़ें और सही विकल्प का चयन करें।
  • क्विज़ लिंक दोस्तों तक शेयर करें।
  • विशेष नियम: यह क्विज़ 3 स्तरों में है। अगला स्तर (Level) खोलने के लिए आपको वर्तमान स्तर में कम से कम 70% अंक लाने होंगे।
  • पूरा चैप्टर अच्छी तरह से याद करने के बाद ही क्विज में भाग ले
  • अपनी डिटेल सही भरें, क्विज़ सब्मिट करने के बाद feedback जरूर दे। अच्छे फीडबैक साइट के होम पेज पर प्रकाशित होंगे
  • सवालो को आराम से हल करें, जल्दीबाजी नहीं करें
  • टेस्ट सबमिट करने के बाद आपका स्कोर आपके शिक्षक के डैशबोर्ड पर प्रदर्शित होगा।
  • प्रतियोगी परीक्षाओं और बोर्ड परीक्षा की बेहतरीन तैयारी के लिए आप इस टेस्ट का बार-बार अभ्यास कर सकते हैं।
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अध्याय के सभी प्रश्न (Revision Notes)

*नोट: यह सेक्शन रिवीजन के लिए है। अपना ज्ञान परखने के लिए ऊपर दिए गए क्विज़ में भाग लें।

  1. वह अर्थव्यवस्था जो शेष विश्व के साथ वस्तुओं और सेवाओं का व्यापार करती है क्या कहलाती है?
    A) बंद अर्थव्यवस्था  |  B) खुली अर्थव्यवस्था  |  C) नियंत्रित अर्थव्यवस्था  |  D) समाजवादी अर्थव्यवस्था
  2. एक देश और शेष विश्व के बीच एक वर्ष में होने वाले सभी आर्थिक लेन-देन के विवरण को क्या कहते हैं?
    A) व्यापार संतुलन  |  B) भुगतान संतुलन  |  C) राजकोषीय बजट  |  D) पूंजी खाता
  3. दृश्य मदों अर्थात् केवल वस्तुओं के आयात और निर्यात के अंतर को क्या कहा जाता है?
    A) भुगतान संतुलन  |  B) व्यापार संतुलन  |  C) पूंजीगत लाभ  |  D) चालू खाता घाटा
  4. भुगतान संतुलन के चालू खाते में निम्नलिखित में से किसे शामिल किया जाता है?
    A) विदेशी ऋण  |  B) वस्तुओं और सेवाओं का आयात निर्यात  |  C) विदेशी प्रत्यक्ष निवेश  |  D) पोर्टफोलियो निवेश
  5. विदेशों से प्राप्त होने वाले उपहार और प्रेषित धन को किस प्रकार का हस्तांतरण माना जाता है?
    A) द्विपक्षीय हस्तांतरण  |  B) एकपक्षीय हस्तांतरण  |  C) पूंजीगत हस्तांतरण  |  D) ऋण हस्तांतरण
  6. घरेलू मुद्रा के रूप में विदेशी मुद्रा की प्रति इकाई की कीमत को क्या कहा जाता है?
    A) ब्याज दर  |  B) विदेशी विनिमय दर  |  C) टैरिफ दर  |  D) कर की दर
  7. वह विनिमय दर प्रणाली जो पूरी तरह बाजार में मांग और पूर्ति की शक्तियों द्वारा निर्धारित होती है क्या कहलाती है?
    A) स्थिर विनिमय दर  |  B) लचीली विनिमय दर  |  C) प्रबंधित तैरती दर  |  D) स्वर्ण मान प्रणाली
  8. जब सरकार या केंद्रीय बैंक आधिकारिक रूप से अपनी मुद्रा का मूल्य विदेशी मुद्रा की तुलना में कम करता है तो उसे क्या कहते हैं?
    A) मूल्यह्रास  |  B) अवमूल्यन  |  C) मूल्यवृद्धि  |  D) मुद्रास्फीति
  9. विदेशी प्रत्यक्ष निवेश को भुगतान संतुलन के किस खाते के अंतर्गत दर्ज किया जाता है?
    A) चालू खाता  |  B) पूंजी खाता  |  C) राजस्व खाता  |  D) घाटा खाता
  10. बैंकिंग, बीमा और पर्यटन को भुगतान संतुलन में किस प्रकार की मदें माना जाता है?
    A) दृश्य मदें  |  B) अदृश्य मदें  |  C) पूंजीगत मदें  |  D) आधिकारिक मदें
  11. बाजार शक्तियों के कारण यदि विदेशी मुद्रा की तुलना में घरेलू मुद्रा का मूल्य गिर जाता है तो इसे क्या कहते हैं?
    A) अवमूल्यन  |  B) मूल्यह्रास  |  C) मूल्यवृद्धि  |  D) अधिमूल्यन
  12. स्थिर विनिमय दर प्रणाली का निर्धारण मुख्य रूप से किसके द्वारा किया जाता है?
    A) बाजार की शक्तियों द्वारा  |  B) सरकार या केंद्रीय बैंक द्वारा  |  C) विदेशी कंपनियों द्वारा  |  D) विश्व बैंक द्वारा
  13. यदि भारत का कोई नागरिक विदेशों में पर्यटन के लिए जाता है तो इससे विदेशी मुद्रा की क्या उत्पन्न होगी?
    A) पूर्ति  |  B) मांग  |  C) बचत  |  D) अवमूल्यन
  14. विदेशी विनिमय बाजार में जब केंद्रीय बैंक विनिमय दर को एक सीमा में रखने के लिए हस्तक्षेप करता है तो उसे क्या कहते हैं?
    A) स्वच्छ तैरती दर  |  B) प्रबंधित तैरती विनिमय दर  |  C) स्थिर विनिमय दर  |  D) स्वर्ण मान प्रणाली
  15. भुगतान संतुलन के उन लेन-देन को क्या कहते हैं जो लाभ कमाने के उद्देश्य से स्वतंत्र रूप से किए जाते हैं?
    A) समायोजित मदें  |  B) स्वायत्त मदें  |  C) आधिकारिक मदें  |  D) पूंजीगत मदें
  16. स्वायत्त लेन-देन के असंतुलन को पूरा करने के लिए किए जाने वाले सरकारी सौदों को क्या कहते हैं?
    A) स्वतंत्र मदें  |  B) समायोजित मदें  |  C) चालू मदें  |  D) दृश्य मदें
  17. जब विदेशों से भारत में वस्तुओं का आयात किया जाता है तो भुगतान संतुलन में इसे किस पक्ष में लिखेंगे?
    A) जमा पक्ष में  |  B) नाम या डेबिट पक्ष में  |  C) पूंजी खाते में  |  D) भूल चूक पक्ष में
  18. व्यापार संतुलन का मूल्य ऋणात्मक होने का क्या अर्थ होता है?
    A) निर्यात अधिक है  |  B) आयात निर्यात से अधिक है  |  C) दोनों बराबर हैं  |  D) व्यापार बंद है
  19. विदेशी शेयर बाजार में निवेश करना भुगतान संतुलन के किस घटक का हिस्सा है?
    A) चालू खाता हस्तांतरण  |  B) पूंजी खाता लेनदेन  |  C) दृश्य मदों का व्यापार  |  D) अदृश्य सेवा
  20. ब्रिटेन के पाउंड के बदले मिलने वाले भारतीय रुपयों की मात्रा को क्या कहेंगे?
    A) घरेलू ब्याज दर  |  B) विदेशी विनिमय दर  |  C) मुद्रा का मूल्य  |  D) क्रय शक्ति
  21. चालू खाते और व्यापार संतुलन में क्या मुख्य और तकनीकी अंतर होता है?
    A) व्यापार संतुलन बड़ा होता है  |  B) व्यापार संतुलन में केवल वस्तुएं शामिल हैं जबकि चालू खाते में सेवाएं और हस्तांतरण भी होते हैं  |  C) चालू खाते में ऋण शामिल है  |  D) दोनों बिल्कुल एक समान हैं
  22. विदेशी विनिमय दर के बढ़ने पर घरेलू देश के निर्यातों पर क्या प्रभाव पड़ता है?
    A) निर्यात घट जाते हैं  |  B) निर्यात बढ़ जाते हैं क्योंकि घरेलू वस्तुएं विदेशियों के लिए सस्ती हो जाती हैं  |  C) निर्यात स्थिर रहते हैं  |  D) निर्यात पूरी तरह बंद हो जाते हैं
  23. लचीली विनिमय दर प्रणाली में विदेशी विनिमय की मांग और विनिमय दर के बीच कैसा संबंध होता है?
    A) सीधा संबंध  |  B) विपरीत या ऋणात्मक संबंध  |  C) कोई संबंध नहीं  |  D) शून्य संबंध
  24. विदेशी विनिमय की पूर्ति का मुख्य स्रोत निम्नलिखित में से कौन सा माना जाता है समष्टिगत स्तर पर?
    A) विदेशों से वस्तुओं का आयात करना  |  B) घरेलू देश द्वारा विदेशों को किया जाने वाला वस्तुओं का निर्यात  |  C) देश के भीतर नोट छापना  |  D) ब्याज दरों को बढ़ाना
  25. अवमूल्यन और मूल्यह्रास में मूल तकनीकी अंतर क्या होता है जो मुद्रा के मूल्य को कम करता है?
    A) अवमूल्यन बाजार से होता है  |  B) अवमूल्यन सरकार द्वारा किया जाता है जबकि मूल्यह्रास बाजार की शक्तियों से होता है  |  C) मूल्यह्रास में कर बढ़ता है  |  D) दोनों का कारण एक ही है
  26. भुगतान संतुलन खाता बही के नियम के अनुसार अंतिम रूप से हमेशा कैसा होता है?
    A) घाटे में  |  B) पूरी तरह संतुलित अर्थात शून्य  |  C) हमेशा आधिक्य में  |  D) ऋणात्मक क्षेत्र में
  27. यदि भारत सरकार विदेशों से भारी मात्रा में आर्थिक ऋण लेती है तो इसे कहाँ दर्ज किया जाएगा?
    A) चालू खाते के डेबिट पक्ष में  |  B) पूंजी खाते के क्रेडिट या जमा पक्ष में  |  C) व्यापार संतुलन के नाम पक्ष में  |  D) राजस्व व्यय के अंतर्गत
  28. प्रबंधित तैरती विनिमय दर प्रणाली को किस अन्य नाम से भी पुकारा जाता है जो इसकी प्रकृति दर्शाता है?
    A) स्वच्छ तैरती दर  |  B) अपवित्र तैरती दर  |  C) पूर्ण स्थिर प्रणाली  |  D) स्वर्ण टंकण मान
  29. एक देश का भुगतान संतुलन में स्वायत्त प्राप्तियों और स्वायत्त व्यय का अंतर क्या कहलाता है?
    A) पूंजी खाता घाटा  |  B) भुगतान संतुलन का वास्तविक घाटा या आधिक्य  |  C) राजस्व घाटा  |  D) व्यापार का पूर्ण आधिक्य
  30. विदेशी विनिमय बाजार में सट्टेबाजी का मुख्य उद्देश्य क्या होता है जो विनिमय दर को प्रभावित करता है?
    A) पर्यटन का आनंद लेना  |  B) विनिमय दर के उतार-चढ़ाव से भारी वित्तीय लाभ कमाना  |  C) विदेशी कंपनियों को भगाना  |  D) कर की चोरी करना
  31. यदि विनिमय दर एक डॉलर बराबर अस्सी रुपए से बदलकर पचासी रुपए हो जाए तो रुपयों की क्या स्थिति होगी?
    A) रुपए का मूल्यवर्धन  |  B) रुपए का मूल्यह्रास  |  C) रुपए का अवमूल्यन  |  D) रुपए की स्थिरता
  32. खुली अर्थव्यवस्था का गुणक बंद अर्थव्यवस्था के गुणक की तुलना में कैसा होता है?
    A) बड़ा होता है  |  B) छोटा होता है क्योंकि आयातों के कारण आय का रिसाव होता है  |  C) बिल्कुल बराबर होता है  |  D) अनंत होता है
  33. विदेशी पर्यटकों द्वारा भारत में किया जाने वाला खर्च भारत के लिए किस प्रकार की मद है?
    A) अदृश्य मदों का आयात  |  B) अदृश्य मदों का निर्यात और विदेशी मुद्रा की पूर्ति  |  C) पूंजीगत ऋण  |  D) एकपक्षीय भुगतान
  34. टेंट और मिंट सिस्टम का संबंध ऐतिहासिक रूप से किस विनिमय दर प्रणाली से रहा है?
    A) लचीली विनिमय दर से  |  B) स्थिर विनिमय दर प्रणाली से  |  C) प्रबंधित तैरती दर से  |  D) कागजी मुद्रा प्रणाली से
  35. विदेशी विनिमय बाजार का वह कौन सा रूप है जहाँ भविष्य में होने वाले लेनदेन की दरें आज ही तय होती हैं?
    A) हाजिर बाजार  |  B) वायदा बाजार  |  C) चालू बाजार  |  D) घरेलू बाजार
  36. खुली अर्थव्यवस्था में आयातों की सीमांत प्रवृत्ति (MPM) का मूल्य बढ़ने पर गुणक की शक्ति क्यों कम हो जाती है?
    A) क्योंकि लोग काम नहीं करते  |  B) क्योंकि आय का एक बड़ा हिस्सा घरेलू बाजार में खर्च न होकर विदेशों में माल खरीदने में रिसाव बन जाता है  |  C) क्योंकि कर की दरें बढ़ जाती हैं  |  D) क्योंकि बचत शून्य हो जाती है
  37. ब्रेटन वुड्स प्रणाली जिसने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद स्थिर विनिमय दर का संचालन किया था वह अंततः क्यों विफल हो गई?
    A) कागज की कमी के कारण  |  B) अमेरिकी डॉलर पर अत्यधिक निर्भरता और विभिन्न देशों की आर्थिक प्राथमिकताओं में गहरे टकराव के कारण  |  C) क्योंकि विश्व बैंक बंद हो गया था  |  D) क्योंकि सोने का मूल्य शून्य हो गया था
  38. यदि देश में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) की बाढ़ आ जाए तो विदेशी विनिमय के बाजार संतुलन वक्र पर क्या प्रभाव दिखेगा?
    A) मांग वक्र बाईं ओर खिसकेगा  |  B) पूर्ति वक्र तेजी से दाहिनी ओर खिसकेगा जिससे विदेशी मुद्रा सस्ती होगी और घरेलू मुद्रा का मूल्यवर्धन होगा  |  C) कोई परिवर्तन नहीं होगा  |  D) पूर्ति पूरी तरह शून्य हो जाएगी
  39. खुली अर्थव्यवस्था के समष्टिगत सिद्धांतों की गहरी समझ देश के केंद्रीय बैंक के लिए मौद्रिक नीति बनाते समय क्यों अनिवार्य है?
    A) केवल घरेलू बैंकों की संख्या बढाने के लिए  |  B) घरेलू ब्याज दरों में बदलाव का विदेशी पूंजी के प्रवाह और विनिमय दर पर होने वाले वैश्विक प्रभावों को संतुलित करने के लिए  |  C) क्षेत्रीय भाषाओं के संरक्षण के लिए  |  D) उद्योगों के निजीकरण को रोकने के लिए
  40. यदि किसी देश का चालू खाता लगातार भारी घाटे में चल रहा हो तो देश की दीर्घकालीन आर्थिक संप्रभुता पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
    A) देश बहुत अमीर बन जाएगा  |  B) देश को इस घाटे को पूरा करने के लिए विदेशी संपत्तियां बेचनी होंगी या विदेशी कर्ज बढ़ाना होगा  |  C) विदेशी विनिमय दर पूरी तरह स्थिर हो जाएगी  |  D) कर राजस्व में भारी वृद्धि होगी
  41. लचीली विनिमय दर प्रणाली में जब घरेलू देश में विदेशी मुद्रा की मांग अचानक बहुत बढ़ जाती है तो विनिमय दर स्वतः ही ऊपर क्यों चढ़ती है?
    A) सरकार का आदेश होता है  |  B) बाजार में विदेशी मुद्रा की कमी होने से उसकी कीमत अर्थात विनिमय दर बढ़ जाती है  |  C) घरेलू मुद्रा बहुत मजबूत हो जाती है  |  D) आयात पूरी तरह बंद हो जाते हैं
  42. एक खुली अर्थव्यवस्था में शुद्ध निर्यात का मूल्य ऋणात्मक होने पर देश की सकल घरेलू उत्पाद पर क्या समष्टिगत प्रभाव पड़ेगा?
    A) जीडीपी बढ़ जाएगी  |  B) कुल घरेलू मांग का एक हिस्सा विदेशों में चला जाएगा जिससे जीडीपी का स्तर कम होगा  |  C) कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा  |  D) ब्याज दरें गिर जाएंगी
  43. भुगतान संतुलन में 'भूल-चूक' (Errors and Omissions) नामक घटक को शामिल करना क्यों अनिवार्य माना जाता है लेखांकन की दृष्टि से?
    A) अधिकारियों की सजा के लिए  |  B) अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सभी आंकड़ों का शत-प्रतिशत सटीक संकलन असंभव होने के कारण दोनों पक्षों को संतुलित करने के लिए  |  C) कर चोरी छुपाने के लिए  |  D) विदेशी ऋण का हिसाब मिटाने के लिए
  44. प्रबंधित तैरती विनिमय दर प्रणाली के अंतर्गत केंद्रीय बैंक विदेशी विनिमय बाजार में डॉलर की 'बिक्री' कब और क्यों करता है?
    A) जब डॉलर बहुत सस्ता हो  |  B) जब घरेलू मुद्रा का मूल्यह्रास बहुत तेजी से हो रहा हो और उसे स्थिर करना अनिवार्य हो  |  C) अपने लाभ को अधिकतम करने के लिए  |  D) विदेशी बैंकों को ऋण देने के लिए
  45. यदि कोई देश अपनी मुद्रा का जानबूझकर 'अवमूल्यन' करता है तो अंतरराष्ट्रीय व्यापार में उसे क्या रणनीतिक लाभ या हानि होगी?
    A) उसके आयात सस्ते हो जाएंगे  |  B) उसके निर्यात विदेशों में बहुत प्रतिस्पर्धी व सस्ते हो जाएंगे लेकिन आयात महंगे हो जाएंगे  |  C) उसका विदेशी कर्ज पूरी तरह समाप्त हो जाएगा  |  D) बाजार पूरी तरह बंद हो जाएगा
  46. पूंजी खाते की पूर्ण परिवर्तनीयता (Capital Account Convertibility) का क्या अर्थ है जो नीति निर्माताओं के लिए एक गंभीर बहस का विषय है?
    A) केवल नोट बदलना  |  B) वित्तीय परिसंपत्तियों और पूंजी के अंतरराष्ट्रीय प्रवाह पर लगे सभी सरकारी नियंत्रणों को पूरी तरह हटा देना  |  C) कर की दरों को शून्य करना  |  D) विदेशी बैंकों का विलय करना
  47. स्वायत्त मदों को 'रेखा के ऊपर की मदें' और समायोजित मदों को 'रेखा के नीचे की मदें' क्यों कहा जाता है भुगतान संतुलन में?
    A) क्योंकि वे ऊपर लिखी जाती हैं  |  B) स्वायत्त मदें स्वतंत्र आर्थिक कारणों से होती हैं जबकि समायोजित मदें असंतुलन को ठीक करने के लिए की जाती हैं  |  C) समायोजित मदें केवल सरकार करती है  |  D) दोनों में कोई अंतर नहीं है
  48. विदेशी विनिमय की मांग वक्र का ढाल ऋणात्मक क्यों होता है इसके पीछे क्या तार्किक आर्थिक व्यवहार काम करता है?
    A) क्योंकि विनिमय दर स्थिर है  |  B) विनिमय दर गिरने पर विदेशी वस्तुएं सस्ती हो जाती हैं जिससे लोग उनका आयात बढ़ाते हैं और डॉलर की मांग बढ़ती है  |  C) क्योंकि लोग बचत करना चाहते हैं  |  D) यह केवल अल्पकाल की विशेषता है
  49. यदि किसी देश का व्यापार संतुलन अनुकूल (धनात्मक) है लेकिन उसका भुगतान संतुलन संकट में है तो इसका क्या संरचनात्मक कारण हो सकता है?
    A) देश में अनाज की कमी है  |  B) पूंजी खाते से भारी मात्रा में विदेशी पूंजी का बाह्य प्रवाह हो रहा है जो व्यापार के लाभ को सोख रहा है  |  C) कर संकलन बहुत अधिक है  |  D) विदेशी सहायता बंद हो गई है
  50. स्थिर विनिमय दर प्रणाली के अंतर्गत 'स्वर्ण मान प्रणाली' अर्थव्यवस्थाओं की घरेलू मौद्रिक नीति को कैसे पंगु बना देती थी?
    A) सोना चोरी होने के डर से  |  B) देश में मुद्रा की पूर्ति पूरी तरह सोने के भंडार पर निर्भर होती थी जिससे स्वतंत्र आर्थिक नीतियां बनाना असंभव था  |  C) क्योंकि कागजी नोट नहीं थे  |  D) क्योंकि बैंक दरें बहुत ऊँची थीं
  51. भुगतान संतुलन का पूंजी खाता देश के 'भविष्य के दावों' (Future Claims) को किस प्रकार प्रभावित करता है समष्टि स्तर पर?
    A) यह वर्तमान उपभोग बदलता है  |  B) यह दर्शाता है कि देश भविष्य के लिए विदेशी देनदारियां बढ़ा रहा है या विदेशी परिसंपत्तियों का निर्माण कर रहा है  |  C) यह पूरी तरह से कर चोरी को छुपाता है  |  D) यह देश के क्षेत्रफल को सीमित करता है
  52. क्रय शक्ति समता (Purchasing Power Parity) का सिद्धांत विदेशी विनिमय दर के निर्धारण का क्या आधार प्रस्तुत करता है?
    A) दोनों देशों के सोने के मूल्यों की तुलना  |  B) दो देशों की मुद्राओं की क्रय शक्ति और उनके घरेलू मूल्य स्तरों का आनुपातिक संबंध  |  C) केवल कर की दरों की तुलना  |  D) विदेशी बैंकों के लाभ का आकलन
  53. एक खुली अर्थव्यवस्था में जब विदेशी आय (Foreign Income) बढ़ती है तो घरेलू देश के संतुलन पर क्या प्रभाव पड़ता है?
    A) घरेलू मांग गिर जाती है  |  B) विदेशों में हमारे माल की मांग बढ़ने से हमारे निर्यात बढ़ते हैं जिससे हमारी राष्ट्रीय आय का स्तर ऊँचा होता है  |  C) हमारा आयात बहुत बढ़ जाता है  |  D) विनिमय दर पूरी तरह ठप हो जाती है
  54. भुगतान संतुलन में 'आधिकारिक आरक्षित खातों में परिवर्तन' (Official Reserve Transactions) का क्या सामरिक महत्व होता है?
    A) यह केवल मंत्रियों का खर्च है  |  B) यह केंद्रीय बैंक द्वारा भुगतान संतुलन के अंतिम घाटे या आधिक्य को अपने विदेशी भंडार से समायोजित करने की विवशता है  |  C) यह देश के कुल बजट को दर्शाता है  |  D) यह करों की वसूली का हिसाब रखता है
  55. यदि विदेशी विनिमय बाजार में 'हाजिर दर' (Spot Rate) और 'वायदा दर' (Forward Rate) में बहुत अधिक अंतर आ जाए तो यह किस आर्थिक संकट का संकेत है?
    A) बाजार में पूर्ण स्थिरता का  |  B) भविष्य की विनिमय दर को लेकर बाजार में भारी अनिश्चितता, अविश्वास और सट्टेबाजी की तीव्र प्रवृत्तियों का  |  C) विदेशी निवेश के बढ़ने का  |  D) घरेलू मुद्रा के अवमूल्यन का
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