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10. सरकारी बजट और अर्थव्यवस्था (Government Budget and the Economy)

इस पेज पर आपको 10. सरकारी बजट और अर्थव्यवस्था (Government Budget and the Economy) के सभी महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ), परीक्षा उपयोगी नोट्स और ऑनलाइन क्विज़ मिलेंगे। अपने ज्ञान का परीक्षण करने और बोर्ड/प्रतियोगी परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए मॉक टेस्ट में अवश्य भाग लें।

Class 12 Economics Chapter 10 MCQ in Hindi. सरकारी बजट और अर्थव्यवस्था के VVI Objective Questions. बिना किसी हिंट के 3-Level चैलेंज के साथ अपनी बोर्ड परीक्षा 2027 की बेहतरीन तैयारी करें!

👉 अध्याय का सारांश (Summary)

प्रिय विद्यार्थियों, समष्टि अर्थशास्त्र का यह अध्याय देश के आर्थिक संचालन में सरकार की भूमिका और वित्तीय नीतियों पर आधारित है। सरकारी बजट एक वित्तीय वर्ष की अवधि के दौरान सरकार की अनुमानित प्राप्तियों और अनुमानित व्यय का एक वार्षिक विवरण होता है। बजट के माध्यम से सरकार देश की अर्थव्यवस्था में स्थिरता, विकास और समानता लाने का प्रयास करती है। बजट के मुख्य उद्देश्य हैं—संसाधनों का पुनरावंटन (हानिकारक वस्तुओं पर भारी कर लगाना और जनहित की वस्तुओं को सब्सिडी देना), आय और संपत्ति का पुनर्वितरण (अमीरों पर प्रगतिशील कर लगाना और गरीबों के लिए कल्याणकारी योजनाएं चलाना), आर्थिक स्थिरता बनाए रखना (मुद्रास्फीति और मंदी को नियंत्रित करना), और सार्वजनिक उद्यमों का प्रबंधन करना। बजट को दो मुख्य भागों में बांटा जाता है: राजस्व बजट और पूंजीगत बजट। राजस्व प्राप्तियाँ वे प्राप्तियाँ हैं जिनसे न तो सरकार की कोई देयता पैदा होती है और न ही उसकी संपत्तियों में कोई कमी आती है, जैसे कर राजस्व (आयकर, माल और सेवा कर) और गैर-कर राजस्व (फीस, जुर्माना, लाभांश)। इसके विपरीत, पूंजीगत प्राप्तियाँ वे प्राप्तियाँ हैं जिनसे या तो सरकार की देयता बढ़ती है या उसकी संपत्तियों में कमी आती है, जैसे ऋण लेना और विनिवेश। इसी प्रकार, राजस्व व्यय वह खर्च है जिससे न तो किसी परिसंपत्ति का निर्माण होता है और न ही देयता में कमी आती है, जैसे वेतन, पेंशन और ब्याज भुगतान। पूंजीगत व्यय वह खर्च है जिससे संपत्तियों का निर्माण होता है या देयता घटती है, जैसे पुलों, सड़कों का निर्माण और ऋणों का भुगतान। अध्याय का सबसे तकनीकी भाग बजट घाटों के विश्लेषण से संबंधित है। जब सरकार का कुल खर्च उसकी कुल प्राप्तियों से अधिक हो जाता है, तो उसे बजट घाटा कहते हैं। इसके तीन मुख्य रूप हैं: पहला, राजस्व घाटा, जो राजस्व व्यय और राजस्व प्राप्तियों का अंतर होता है; दूसरा, राजकोषीय घाटा, जो कुल व्यय और उधार को छोड़कर कुल प्राप्तियों का अंतर होता है, यह सरकार की कुल ऋण आवश्यकताओं को दर्शाता है; तीसरा, प्राथमिक घाटा, जो राजकोषीय घाटे में से ब्याज भुगतान को घटाने पर प्राप्त होता है। घाटे को पूरा करने के लिए सरकार नए नोट छाप सकती है या उधार ले सकती है। यह अध्याय देश की राजकोषीय रीढ़ को समझने की सबसे सटीक कुंजी है। विशेषता: यह एक 3-Level आधारित यूनीक क्विज़ है। अगले स्तर को अनलॉक करने के लिए छात्रों को वर्तमान स्तर में कम से कम 70% अंक स्कोर करने होंगे, जो आपकी बोर्ड परीक्षा की तैयारी को 100% मजबूत बनाता है।

महत्वपूर्ण प्रश्न (Important Questions)

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विद्यार्थी पंजीकरण

क्विज़ के महत्वपूर्ण निर्देश:

  • सारे concept clear करने के बाद ही टेस्ट दें।
  • इस ऑनलाइन टेस्ट में सभी प्रश्न बहुविकल्पीय (MCQ) हैं।
  • प्रत्येक प्रश्न को ध्यानपूर्वक पढ़ें और सही विकल्प का चयन करें।
  • क्विज़ लिंक दोस्तों तक शेयर करें।
  • विशेष नियम: यह क्विज़ 3 स्तरों में है। अगला स्तर (Level) खोलने के लिए आपको वर्तमान स्तर में कम से कम 70% अंक लाने होंगे।
  • पूरा चैप्टर अच्छी तरह से याद करने के बाद ही क्विज में भाग ले
  • अपनी डिटेल सही भरें, क्विज़ सब्मिट करने के बाद feedback जरूर दे। अच्छे फीडबैक साइट के होम पेज पर प्रकाशित होंगे
  • सवालो को आराम से हल करें, जल्दीबाजी नहीं करें
  • टेस्ट सबमिट करने के बाद आपका स्कोर आपके शिक्षक के डैशबोर्ड पर प्रदर्शित होगा।
  • प्रतियोगी परीक्षाओं और बोर्ड परीक्षा की बेहतरीन तैयारी के लिए आप इस टेस्ट का बार-बार अभ्यास कर सकते हैं।
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अध्याय के सभी प्रश्न (Revision Notes)

*नोट: यह सेक्शन रिवीजन के लिए है। अपना ज्ञान परखने के लिए ऊपर दिए गए क्विज़ में भाग लें।

  1. एक वित्तीय वर्ष में सरकार की अनुमानित प्राप्तियों और व्यय के वार्षिक विवरण को क्या कहा जाता है?
    A) आर्थिक सर्वेक्षण  |  B) सरकारी बजट  |  C) कर ढांचा  |  D) पूंजी खाता
  2. भारत में एक वित्तीय वर्ष की अवधि कब से कब तक होती है?
    A) एक जनवरी से इकतीस दिसंबर  |  B) एक अप्रैल से इकतीस मार्च  |  C) एक जुलाई से तीस जून  |  D) एक अक्टूबर से तीस सितंबर
  3. निम्नलिखित में से कौन सा बजट का एक मुख्य उद्देश्य है?
    A) केवल कर वसूलना  |  B) संसाधनों का पुनरावंटन  |  C) नोटों की छपाई रोकना  |  D) विदेशी ऋण समाप्त करना
  4. ऐसी प्राप्तियां जिनसे सरकार की कोई देयता पैदा नहीं होती और न ही संपत्ति कम होती है क्या कहलाती हैं?
    A) पूंजीगत प्राप्तियां  |  B) राजस्व प्राप्तियां  |  C) उधार प्राप्तियां  |  D) ऋण वसूली
  5. सरकार को मिलने वाला कर राजस्व किस प्रकार की प्राप्ति का प्रमुख उदाहरण है?
    A) पूंजीगत प्राप्ति  |  B) राजस्व प्राप्ति  |  C) अस्थायी ऋण  |  D) विदेशी सहायता
  6. वह कर जिसका अंतिम भार उसी व्यक्ति पर पड़ता है जिस पर वह कानूनी रूप से लगाया जाता है क्या कहलाता है?
    A) अप्रत्यक्ष कर  |  B) प्रत्यक्ष कर  |  C) मूल्य वर्धित कर  |  D) सीमा शुल्क
  7. माल और सेवा कर किस प्रकार के कर का एक प्रमुख उदाहरण है?
    A) प्रत्यक्ष कर  |  B) अप्रत्यक्ष कर  |  C) संपत्ति कर  |  D) उपहार कर
  8. ऐसी प्राप्तियां जिनसे सरकार की देयता बढ़ती है या संपत्ति कम होती है क्या कहलाती हैं?
    A) राजस्व प्राप्तियां  |  B) पूंजीगत प्राप्तियां  |  C) गैर कर राजस्व  |  D) जुर्माना प्राप्तियां
  9. सरकार द्वारा सार्वजनिक उपक्रमों के शेयरों को निजी क्षेत्र को बेचना क्या कहलाता है?
    A) विनिवेश  |  B) निवेश  |  C) राष्ट्रीयकरण  |  D) उदारीकरण
  10. वह खर्च जिससे सरकार की किसी संपत्ति का निर्माण नहीं होता क्या कहलाता है?
    A) पूंजीगत व्यय  |  B) राजस्व व्यय  |  C) विकासात्मक व्यय  |  D) निवेश व्यय
  11. सरकारी कर्मचारियों को दिया जाने वाला वेतन और पेंशन किस प्रकार का व्यय है?
    A) पूंजीगत व्यय  |  B) राजस्व व्यय  |  C) ऋण भुगतान  |  D) अस्थायी निवेश
  12. अस्पताल और स्कूलों के भवनों के निर्माण पर किया जाने वाला सरकारी खर्च क्या कहलाता है?
    A) राजस्व व्यय  |  B) पूंजीगत व्यय  |  C) प्रशासनिक खर्च  |  D) अनिवार्य व्यय
  13. जब सरकारी राजस्व व्यय सरकारी राजस्व प्राप्तियों से अधिक हो जाता है तो उसे क्या कहते हैं?
    A) राजकोषीय घाटा  |  B) राजस्व घाटा  |  C) प्राथमिक घाटा  |  D) बजट आधिक्य
  14. उधार को छोड़कर कुल व्यय और कुल प्राप्तियों का अंतर क्या कहलाता है?
    A) राजस्व घाटा  |  B) राजकोषीय घाटा  |  C) प्राथमिक घाटा  |  D) मौद्रिक घाटा
  15. राजकोषीय घाटा सरकार की किस आवश्यकता का कुल माप प्रस्तुत करता है?
    A) कुल कर की आवश्यकता  |  B) कुल उधार या ऋण की आवश्यकता  |  C) कुल व्यय की आवश्यकता  |  D) कुल नोट छपाई की आवश्यकता
  16. राजकोषीय घाटे में से ब्याज भुगतान को घटाने पर क्या प्राप्त होता है?
    A) राजस्व घाटा  |  B) प्राथमिक घाटा  |  C) मौद्रिक घाटा  |  D) बजट घाटा
  17. जब सरकार का अनुमानित व्यय उसकी अनुमानित प्राप्तियों के बिल्कुल बराबर होता है तो उसे क्या कहते हैं?
    A) घाटे का बजट  |  B) संतुलित बजट  |  C) आधिक्य का बजट  |  D) असंतुलित बजट
  18. लाइसेंस, फीस और अदालती जुर्माना सरकार की किस प्रकार की प्राप्ति के अंतर्गत आते हैं?
    A) कर राजस्व  |  B) गैर कर राजस्व  |  C) पूंजीगत प्राप्ति  |  D) उधार
  19. आय बढ़ने के साथ कर की दर का बढ़ना किस प्रकार की कर प्रणाली का लक्षण है?
    A) प्रतिगामी कर  |  B) प्रगतिशील कर  |  C) समानुपाती कर  |  D) स्थिर कर
  20. आयकर किस प्रकार के कर का एक प्रमुख उदाहरण है जो व्यक्तियों की आय पर लगता है?
    A) अप्रत्यक्ष कर  |  B) प्रत्यक्ष कर  |  C) मनोरंजन कर  |  D) बिक्री कर
  21. राजस्व प्राप्तियों और पूंजीगत प्राप्तियों में मूल अंतर क्या होता है?
    A) राजस्व प्राप्तियां बड़ी होती हैं  |  B) राजस्व प्राप्तियों से कोई देयता पैदा नहीं होती जबकि पूंजीगत प्राप्तियों से देयता बढ़ती है  |  C) पूंजीगत प्राप्तियां कर से मिलती हैं  |  D) दोनों बिल्कुल समान होती हैं
  22. सरकार द्वारा पुराने लिए गए ऋणों का भुगतान करना किस प्रकार के व्यय के अंतर्गत आता है?
    A) राजस्व व्यय  |  B) पूंजीगत व्यय  |  C) गैर विकासात्मक व्यय  |  D) अस्थायी व्यय
  23. विनिवेश को पूंजीगत प्राप्ति क्यों माना जाता है इसका तकनीकी कारण क्या है?
    A) इससे कर राजस्व बढ़ता है  |  B) इससे सरकार की सार्वजनिक क्षेत्र की वित्तीय संपत्तियां कम होती हैं  |  C) यह उधार का हिस्सा है  |  D) इससे देयता बढ़ती है
  24. प्रत्यक्ष करों को अप्रत्यक्ष करों की तुलना में अधिक न्यायपूर्ण क्यों माना जाता है समाज में?
    A) ये बहुत सस्ते होते हैं  |  B) ये प्रगतिशील होते हैं और अमीर वर्ग पर उनकी भुगतान क्षमता के अनुसार अधिक लगते हैं  |  C) ये केवल शहरों में लगते हैं  |  D) इनसे महंगाई बढ़ती है
  25. राजस्व घाटा सरकार के आर्थिक व्यवहार के बारे में क्या नकारात्मक संकेत देता है?
    A) कि सरकार बहुत निवेश कर रही है  |  B) कि सरकार अपने दैनिक सामान्य प्रशासनिक खर्चों को भी अपनी नियमित आय से पूरा नहीं कर पा रही है  |  C) कि देश में मंदी है  |  D) कि कर की दरें बहुत कम हैं
  26. यदि किसी वर्ष राजकोषीय घाटा बढ़ता है तो देश के भविष्य पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा?
    A) भविष्य का कर्ज का बोझ बढ़ेगा  |  B) भविष्य का कर्ज का बोझ और ब्याज का भुगतान बढ़ेगा  |  C) मुद्रा का मूल्य बढ़ेगा  |  D) कर पूरी तरह खत्म हो जाएंगे
  27. प्राथमिक घाटे का शून्य होना सरकार की वित्तीय स्थिति के बारे में क्या दर्शाता है?
    A) सरकार पर कोई कर्ज नहीं है  |  B) सरकार की वर्तमान ऋण आवश्यकताएं केवल पुराने कर्ज के ब्याज भुगतान को पूरा करने के लिए हैं  |  C) सरकार बहुत लाभ में है  |  D) कर संकलन शून्य है
  28. मंदी या बेरोजगारी के समय सरकार को किस प्रकार की बजट नीति का अनुसरण करना चाहिए?
    A) आधिक्य के बजट की नीति  |  B) घाटे के बजट की नीति अपनाकर व्यय बढ़ाना चाहिए  |  C) संतुलित बजट की नीति  |  D) पूंजीगत प्राप्तियां बंद करनी चाहिए
  29. निम्नलिखित में से कौन सी प्राप्ति पूंजीगत प्राप्ति का उदाहरण नहीं है?
    A) विदेशी सरकारों से लिया गया ऋण  |  B) सार्वजनिक उपक्रमों से प्राप्त लाभांश और लाभ  |  C) जनता से लिया गया बाजार उधार  |  D) ऋणों की वसूली
  30. ब्याज का भुगतान करना किस प्रकार के व्यय का उदाहरण है और क्यों?
    A) पूंजीगत व्यय क्योंकि ऋण कम होता है  |  B) राजस्व व्यय क्योंकि इससे कोई नई भौतिक संपत्ति नहीं बनती और न ही मूल ऋण कम होता है  |  C) विकासात्मक व्यय  |  D) अस्थायी निवेश
  31. अप्रत्यक्ष करों को प्रतिगामी क्यों कहा जाता है जो समाज के कमजोर वर्ग को प्रभावित करते हैं?
    A) क्योंकि ये अमीरों पर अधिक लगते हैं  |  B) क्योंकि ये अमीर और गरीब दोनों पर समान दर से लगते हैं जिससे गरीब पर सापेक्ष बोझ अधिक होता है  |  C) क्योंकि ये केवल गांवों में लगते हैं  |  D) क्योंकि इनकी वसूली कठिन है
  32. सरकार द्वारा दी जाने वाली आर्थिक सहायता या सब्सिडी किस प्रकार के व्यय के अंतर्गत आती है?
    A) पूंजीगत व्यय  |  B) राजस्व व्यय  |  C) विनिवेश व्यय  |  D) गैर कानूनी व्यय
  33. बजट में पूंजीगत व्यय को बढाने का अर्थव्यवस्था के दीर्घकालीन विकास पर क्या प्रभाव पड़ता है?
    A) विकास रुक जाता है  |  B) उत्पादन क्षमता और आधारभूत ढांचे का विकास होता है जिससे आर्थिक वृद्धि तेज होती है  |  C) महंगाई भयंकर रूप से बढ़ती है  |  D) ऋण जाल बढ़ता है
  34. यदि सरकार रक्षा उपकरणों को विदेशों से नकद खरीदती है तो यह खर्च कहाँ दर्ज होगा?
    A) राजस्व प्राप्तियों में  |  B) राजस्व व्यय के अंतर्गत  |  C) पूंजीगत प्राप्तियों में  |  D) पूंजी खातों के जमा पक्ष में
  35. घाटे के बजट का निर्माण करने के लिए सरकार जो धन उधार लेती है वह राशि किसके बराबर होती है?
    A) राजस्व घाटे के बराबर  |  B) राजकोषीय घाटे के बिल्कुल बराबर  |  C) प्राथमिक घाटे के बराबर  |  D) कुल राजस्व के बराबर
  36. यदि किसी देश का राजकोषीय घाटा बहुत अधिक है लेकिन उसका प्राथमिक घाटा बहुत कम या शून्य है, तो इसका क्या अर्थ है?
    A) सरकार वर्तमान में बहुत अधिक फिजूलखर्ची कर रही है  |  B) सरकार की वर्तमान ऋण आवश्यकताएं पूरी तरह से पिछले वर्षों के पुराने कर्जों के ब्याज भुगतान के कारण हैं  |  C) देश की अर्थव्यवस्था बहुत मजबूत है  |  D) सरकार को नए नोट छापने की आवश्यकता नहीं है
  37. राजस्व घाटे को पूरा करने के लिए यदि सरकार पूंजीगत प्राप्तियों (जैसे विनिवेश या उधार) का उपयोग करती है, तो इसका आर्थिक ढाँचे पर क्या प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा?
    A) देश अमीर हो जाएगा  |  B) देश की उत्पादक संपत्तियां कम होंगी या भविष्य का ऋण बोझ बढ़ेगा जो एक गैर-टिकाऊ वित्तीय स्थिति है  |  C) मुद्रास्फीति पूरी तरह समाप्त हो जाएगी  |  D) कर राजस्व में भारी वृद्धि होगी
  38. सरकार द्वारा सिगरेट और शराब जैसी हानिकारक वस्तुओं पर भारी कर लगाना बजट के किस मुख्य उद्देश्य को प्रमाणित करता है?
    A) केवल सरकारी खजाना भरना  |  B) सामाजिक प्राथमिकताओं के अनुसार देश के संसाधनों का पुनरावंटन करना  |  C) विदेशी व्यापार को बढ़ावा देना  |  D) मुद्रा की पूर्ति को असीमित करना
  39. राजकोषीय घाटे को पूरा करने के लिए जब केंद्रीय बैंक से नए नोट छपवाए जाते हैं (घाटे का मौद्रिकीकरण), तो अर्थव्यवस्था में कौन सा गंभीर संकट खड़ा हो सकता है?
    A) भयंकर मंदी और बेरोजगारी  |  B) मुद्रा की पूर्ति अत्यधिक बढ़ने से बेकाबू हाइपर-इन्फ्लेशन या मुद्रास्फीति का संकट  |  C) विदेशी विनिमय दर का बढ़ना  |  D) ब्याज दरों का न्यूनतम स्तर पर गिरना
  40. एक विकासशील अर्थव्यवस्था के लिए बुनियादी ढांचे (जैसे रेलवे, राष्ट्रीय राजमार्ग) पर किया जाने वाला पूंजीगत व्यय राजस्व व्यय से अधिक मूल्यवान क्यों माना जाता है?
    A) क्योंकि इसमें कम पैसा खर्च होता है  |  B) यह अर्थव्यवस्था में दीर्घकालीन परिसंपत्तियों का निर्माण करता है जिससे देश की कुल उत्पादन क्षमता और जीडीपी बढ़ती है  |  C) इससे सरकारी कर्मचारियों को वेतन मिलता है  |  D) यह केवल अल्पकाल के लिए फायदेमंद होता है
  41. प्रत्यक्ष करों (जैसे कॉर्पोरेट टैक्स) की दरें बहुत अधिक बढाने पर देश के निवेश वातावरण पर क्या नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है?
    A) निवेश बहुत बढ़ जाएगा  |  B) निजी निवेशकों का लाभ घटेगा जिससे वे हतोत्साहित होंगे और पूंजी का पलायन हो सकता है  |  C) रोजगार के अवसर असीमित हो जाएंगे  |  D) विदेशी मुद्रा का भंडार बढ़ेगा
  42. राजकोषीय नीति के अंतर्गत स्वचालित स्थिरता (ऑटोमैटिक स्टेबलाइजर) के रूप में प्रगतिशील आयकर कैसे काम करता है?
    A) यह सरकार को भंग कर देता है  |  B) तेजी के समय आय बढ़ने पर यह कर के रूप में लोगों की अतिरिक्त क्रय शक्ति सोख लेता है और मंदी में मांग बनाए रखता है  |  C) यह केवल मंदी में काम करता है  |  D) यह कर की दरों को हर महीने बदलता है
  43. यदि सरकार ऋणों की वसूली करती है (जो उसने राज्य सरकारों को दिए थे), तो इसे पूंजीगत प्राप्ति क्यों माना जाता है समष्टिगत लेखांकन में?
    A) क्योंकि यह नकद पैसा है  |  B) क्योंकि इससे सरकार की वित्तीय परिसंपत्तियों (लेनदारी या दावों) में कमी आती है  |  C) क्योंकि यह कर राजस्व का हिस्सा है  |  D) क्योंकि इससे देयता बढ़ती है
  44. बजट आधिक्य (सरप्लस बजट) की नीति को मुद्रास्फीति या अत्यधिक मांग के समय लागू करना क्यों बुद्धिमानी माना जाता है?
    A) इससे देश गरीब होता है  |  B) यह सरकारी व्यय को घटाकर और कर बढ़ाकर समाज में उपलब्ध अतिरिक्त क्रय शक्ति या कुल मांग को सोख लेती है  |  C) इससे बैंकों का लाभ बढ़ता है  |  D) यह नए रोजगार पैदा करती है
  45. राजकोषीय घाटे और ऋण जाल (डेट ट्रैप) के बीच क्या सीधा संबंध होता है जो देश की आर्थिक संप्रभुता को खतरे में डालता है?
    A) दोनों में कोई संबंध नहीं है  |  B) अत्यधिक राजकोषीय घाटे को पूरा करने के लिए और ऋण लेना पड़ता है जिससे पुराने ऋण का ब्याज चुकाने के लिए भी उधार लेना पड़ता है  |  C) घाटा बढ़ने से ऋण जाल घटता है  |  D) यह केवल विकसित देशों में होता है
  46. सरकार द्वारा सार्वजनिक उपक्रमों (जैसे भिलाई इस्पात संयंत्र) से प्राप्त लाभांश को राजस्व प्राप्ति क्यों माना जाता है?
    A) क्योंकि यह बहुत बड़ी राशि है  |  B) चूंकि इस प्राप्ति से सरकार की न तो कोई हिस्सेदारी कम होती है और न ही कोई नई कानूनी देयता खड़ी होती है  |  C) क्योंकि यह कर से प्राप्त होता है  |  D) क्योंकि यह पूंजी खाते का हिस्सा है
  47. पूंजीगत बजट और राजस्व बजट के बीच का असंतुलन देश की आर्थिक नीतियों के किस अंतर्विरोध को उजागर करता है समष्टि स्तर पर?
    A) कि देश में कोई विकास नहीं हो रहा है  |  B) यह दर्शाता है कि क्या सरकार केवल अपने दैनिक उपभोग (प्रशासन) पर खर्च कर रही है या देश की उत्पादन क्षमता के निर्माण पर निवेश कर रही है  |  C) यह कर चोरी को प्रकट करता है  |  D) यह विदेशी व्यापार के घाटे को दर्शाता है
  48. राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन अधिनियम (FRBM) को लागू करने का मुख्य कूटनीतिक और राजकोषीय उद्देश्य क्या था?
    A) कर की दरों को पूरी तरह समाप्त करना  |  B) 정부 के राजकोषीय घाटे और राजस्व घाटे को चरणबद्ध तरीके से कम करके देश में राजकोषीय अनुशासन स्थापित करना  |  C) विदेशी बैंकों को भारत में आमंत्रित करना  |  D) नोटों की छपाई पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना
  49. कर लगाने के अलावा सरकार गैर-कर राजस्व के स्रोतों (जैसे स्पेक्ट्रम की नीलामी) पर अपना ध्यान क्यों केंद्रित कर रही है समकालीन दौर में?
    A) क्योंकि कर लगाना गैर-कानूनी है  |  B) जनता पर सीधे करों का अतिरिक्त बोझ बढ़ाए बिना अपने राजस्व के आधार को विस्तृत करने और राजकोषीय घाटे को कम करने के लिए  |  C) क्योंकि गैर-कर राजस्व मुफ्त होता है  |  D) क्योंकि विदेशी शक्तियां ऐसा चाहती हैं
  50. यदि बजट में प्राथमिक घाटे का मूल्य ऋणात्मक हो जाए तो इसका क्या विशिष्ट गणितीय और आर्थिक अर्थ निकाला जाएगा?
    A) सरकार पूरी तरह दिवालिया हो चुकी है  |  B) सरकार का चालू वर्ष का राजकोषीय घाटा उसके द्वारा चुकाए जाने वाले कुल ब्याज भुगतान से भी कम है  |  C) देश में कोई कर संकलन नहीं हुआ है  |  D) सरकार बहुत अधिक ऋण ले रही है
  51. राजकोषीय नीति के अंतर्गत क्राउडिंग आउट प्रभाव (Crowding Out Effect) का क्या अर्थ है जो निजी निवेश को प्रभावित करता है?
    A) बाजार में भीड़ का बढ़ जाना  |  B) सरकार द्वारा बाजार से अत्यधिक उधार लेने के कारण ब्याज दरें बढ़ती हैं जिससे निजी क्षेत्र के लिए ऋण महंगा और सीमित हो जाता है  |  C) निजी कंपनियों का बंद होना  |  D) विदेशी निवेश का अचानक आना
  52. शून्य आधारित बजटिंग (Zero Based Budgeting) की तकनीक पारंपरिक बजट प्रणाली से संरचनात्मक रूप से कैसे भिन्न है?
    A) इसमें कोई पैसा खर्च नहीं होता  |  B) इसमें प्रत्येक नए वित्तीय वर्ष के लिए पुराने खर्चों को आधार न मानकर हर योजना के लिए नए सिरे से औचित्य सिद्ध करना पड़ता है  |  C) यह केवल शून्य घाटा दर्शाती है  |  D) यह केवल साम्यवादी देशों में होती है
  53. राजस्व व्यय में होने वाली अनियंत्रित वृद्धि अर्थव्यवस्था के लिए 'दीर्घकालीन रिसाव' क्यों मानी जाती है समष्टिगत प्रवाह चक्र में?
    A) क्योंकि यह पैसा विदेशों में जाता है  |  B) यह धन उपभोग में समाप्त हो जाता है और भविष्य के लिए किसी भी आय-सृजक या उत्पादक परिसंपत्ति का निर्माण नहीं करता  |  C) इससे बैंक दरें गिरती हैं  |  D) यह कर चोरी को बढ़ावा देता है
  54. यदि सरकार देश के पिछड़े क्षेत्रों में नए उद्योगों की स्थापना के लिए करों में भारी छूट (टैक्स हॉलिडे) देती है, तो यह बजट के किस उद्देश्य को पुष्ट करता है?
    A) क्षेत्रीय असमानताओं को दूर करना और संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देना  |  B) केवल अमीर उद्योगपतियों की आय बढ़ाना  |  C) देश के क्षेत्रफल को बढ़ाना  |  D) विदेशी कंपनियों पर प्रतिबंध लगाना
  55. सरकारी बजट का समष्टिगत आर्थिक विश्लेषण देश के आम नागरिकों के दैनिक जीवन की सुरक्षा के लिए क्यों अनिवार्य माना जाता है?
    A) केवल शेयर बाजार की जानकारी के लिए  |  B) यह निर्धारित करता है कि आवश्यक वस्तुएं कितनी महंगी होंगी, टैक्स का कितना बोझ पड़ेगा और लोक-कल्याण की योजनाएं कितनी सुरक्षित रहेंगी  |  C) क्षेत्रीय भाषाओं के संरक्षण के लिए  |  D) उद्योगों के निजीकरण को रोकने के लिए
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