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4. आयन विनिमय (Ion Exchange)

इस पेज पर आपको 4. आयन विनिमय (Ion Exchange) के सभी महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ), परीक्षा उपयोगी नोट्स और ऑनलाइन क्विज़ मिलेंगे। अपने ज्ञान का परीक्षण करने और बोर्ड/प्रतियोगी परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए मॉक टेस्ट में अवश्य भाग लें।

अध्याय 4 आयन विनिमय के MCQ और online test हिंदी में दें। JET exam व ICAR के लिए महत्वपूर्ण objective questions in hindi हल करें। 3-Level चैलेंज: अगले स्तर को अनलॉक करने के लिए 70% स्कोर करें!

👉 अध्याय का सारांश (Summary)

प्रिय विद्यार्थियों, कृषि रसायन विज्ञान के इस महत्वपूर्ण और वैज्ञानिक अध्याय 'आयन विनिमय' (Ion Exchange) में आपका हार्दिक स्वागत है। पिछले अध्यायों में हमने मृदा कोलॉइड्स और जीवांश पदार्थ के बारे में बहुत विस्तार से पढ़ा था। अब हम यह समझेंगे कि पौधे मिट्टी से अपना भोजन यानी पोषक तत्व कैसे ग्रहण करते हैं। आयन विनिमय मृदा विज्ञान की सबसे महत्वपूर्ण रासायनिक प्रक्रियाओं में से एक है। इसे समझने के लिए आइए अपने दैनिक जीवन का एक बहुत ही व्यावहारिक उदाहरण लेते हैं। पुराने समय में जब पैसे का प्रचलन नहीं था, तो लोग वस्तु विनिमय (Barter system) करते थे, यानी एक सामान देकर दूसरा सामान लेना। ठीक इसी प्रकार, मिट्टी के अंदर पौधों की जड़ें और मृदा कोलॉइड्स आपस में पोषक तत्वों का लेन-देन करते हैं। मृदा में मुख्य रूप से दो प्रकार के आयन होते हैं - धनायन (Positive ions) और ऋणायन (Negative ions)। पौधे की जड़ें कुछ आयन छोड़ती हैं (जैसे हाइड्रोजन आयन) और उसके बदले में मिट्टी के कोलॉइड्स की सतह से अपने लिए जरूरी आयन (जैसे कैल्शियम, मैग्नीशियम या पोटेशियम) ग्रहण कर लेती हैं। इस पूरी प्रक्रिया को ही वैज्ञानिक भाषा में आयन विनिमय कहा जाता है। एक और उदाहरण लेते हैं, क्या आपने अपने घर में लगा हुआ पानी साफ करने वाला आरओ (RO) या वाटर प्यूरीफायर देखा है? उसमें मौजूद रेजिन (Resins) भी पानी को नरम करने के लिए आयन विनिमय के सिद्धांत पर ही काम करते हैं, जहां वे कठोर पानी वाले आयनों को अपने अंदर फंसाकर नरम और शुद्ध आयन पानी में छोड़ देते हैं। कृषि में इस प्रक्रिया का ज्ञान होना बहुत आवश्यक है, क्योंकि इसी से यह तय होता है कि हमारी मिट्टी कितनी उपजाऊ है और वह उर्वरकों को कितनी अच्छी तरह से पकड़ कर रख सकती है। इस विस्तृत अध्याय में हम धनायन विनिमय (Cation exchange) की क्रियाविधि और धनायन विनिमय क्षमता (CEC) के बारे में बहुत गहराई से पढ़ेंगे। CEC किसी भी मिट्टी की वह अद्भुत क्षमता है जिससे वह धनायनों को अपनी सतह पर रोक कर रख सकती है। जिस मिट्टी में क्ले (Clay) और ह्यूमस (Humus) की मात्रा अधिक होती है, उसकी धनायन विनिमय क्षमता भी बहुत अधिक होती है और वह मिट्टी खेती के लिए उतनी ही अच्छी मानी जाती है। NCERT और RBSE बोर्ड परीक्षा 2027 की दृष्टि से यह अध्याय थोड़ा तकनीकी है लेकिन बहुत ही ज्यादा स्कोरिंग है। आपकी मुख्य बोर्ड परीक्षाओं में अक्सर धनायन विनिमय क्षमता की सटीक परिभाषा, इसे प्रभावित करने वाले प्रमुख कारकों और पौधों के पोषण में इसके महत्व से संबंधित बहुत सारे महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Objective questions in hindi) अनिवार्य रूप से पूछे जाते हैं। आपको प्रतिशतता बेस संतृप्ति (Percentage base saturation) का सूत्र भी बहुत अच्छे से याद होना चाहिए। इसके अलावा, यदि आप कृषि के क्षेत्र में अपना एक शानदार करियर बनाना चाहते हैं और JET exam या ICAR जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, तो आयन विनिमय के इन सिद्धांतों को गहराई से समझना आपके लिए 100% अनिवार्य है। इन परीक्षाओं में इस टॉपिक से सीधे संख्यात्मक और अवधारणा-आधारित प्रश्न आते हैं। आपकी इसी तैयारी को बिल्कुल पुख्ता बनाने के लिए, हमने 'HR CHEM STUDY' पोर्टल पर एक बहुत ही शानदार और इंटरेक्टिव ऑनलाइन टेस्ट तैयार किया है। इन VVI प्रश्नों (MCQ) का नियमित रूप से अभ्यास करने से आपके मन की सारी शंकाएं दूर हो जाएंगी। विशेषता: यह एक 3-Level आधारित यूनीक क्विज़ है। अगले स्तर (Level 2 और 3) को अनलॉक करने के लिए छात्रों को वर्तमान स्तर में कम से कम 70% अंक स्कोर करने होंगे, जो उनकी बोर्ड परीक्षा की तैयारी को 100% मजबूत बनाता है।

महत्वपूर्ण प्रश्न (Important Questions)

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विद्यार्थी पंजीकरण

क्विज़ के महत्वपूर्ण निर्देश:

  • सारे concept clear करने के बाद ही टेस्ट दें।
  • इस ऑनलाइन टेस्ट में सभी प्रश्न बहुविकल्पीय (MCQ) हैं।
  • प्रत्येक प्रश्न को ध्यानपूर्वक पढ़ें और सही विकल्प का चयन करें।
  • क्विज़ लिंक दोस्तों तक शेयर करें।
  • विशेष नियम: यह क्विज़ 3 स्तरों में है। अगला स्तर (Level) खोलने के लिए आपको वर्तमान स्तर में कम से कम 70% अंक लाने होंगे।
  • पूरा चैप्टर अच्छी तरह से याद करने के बाद ही क्विज में भाग ले
  • अपनी डिटेल सही भरें, क्विज़ सब्मिट करने के बाद feedback जरूर दे। अच्छे फीडबैक साइट के होम पेज पर प्रकाशित होंगे
  • सवालो को आराम से हल करें, जल्दीबाजी नहीं करें
  • टेस्ट सबमिट करने के बाद आपका स्कोर आपके शिक्षक के डैशबोर्ड पर प्रदर्शित होगा।
  • प्रतियोगी परीक्षाओं और बोर्ड परीक्षा की बेहतरीन तैयारी के लिए आप इस टेस्ट का बार-बार अभ्यास कर सकते हैं।
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अध्याय के सभी प्रश्न (Revision Notes)

*नोट: यह सेक्शन रिवीजन के लिए है। अपना ज्ञान परखने के लिए ऊपर दिए गए क्विज़ में भाग लें।

  1. आयन विनिमय (Ion Exchange) किस प्रकार का प्रक्रम है?
    A) उत्क्रमणीय (Reversible)  |  B) अनुत्क्रमणीय  |  C) धीमा  |  D) केवल जैविक
  2. जिस तत्व पर विद्युत आवेश (Electric Charge) होता है, उसे क्या कहते हैं?
    A) परमाणु  |  B) अणु  |  C) आयन (Ion)  |  D) खनिज
  3. धनायन विनिमय (Cation Exchange) मुख्य रूप से मृदा की किस क्रिया का हिस्सा है?
    A) आंतरिक  |  B) पृष्ठीय क्रिया (Surface reaction)  |  C) गैसीय  |  D) विनाशात्मक
  4. मृदा में आयन विनिमय मुख्य रूप से कितने प्रकार का होता है?
    A) एक  |  B) दो (धनायन एवं ऋणायन विनिमय)  |  C) तीन  |  D) पाँच
  5. धनायन विनिमय क्षमता (CEC) को मापने की अंतर्राष्ट्रीय मानक इकाई क्या है?
    A) meq/100g  |  B) cmol (+)/kg  |  C) Pascal  |  D) Meter/second
  6. ऋण आवेशित आयनों को क्या कहा जाता है?
    A) धनायन  |  B) ऋणायन (Anion)  |  C) इलेक्ट्रॉन  |  D) प्रोटॉन
  7. मृदा में धनायन विनिमय किन पृष्ठों पर संपन्न होता है?
    A) केवल बालू पर  |  B) क्ले एवं ह्यूमस कणों पर  |  C) केवल कंकड़ पर  |  D) केवल हवा में
  8. क्षारीय मृदाओं (Alkaline Soils) में किस आयन की प्रधानता होती है?
    A) H+  |  B) Ca++  |  C) Na+ (सोडियम)  |  D) Al+++
  9. अधिशोषित धनायन (Adsorbed Cations) पौधों और सूक्ष्मजीवों को कैसे प्राप्त होते हैं?
    A) आसानी से  |  B) बहुत कठिनाई से  |  C) कभी नहीं  |  D) केवल वर्षा से
  10. मृदा संकीर्ण पर कुल धनायन अधिशोषित करने की क्षमता कहलाती है:
    A) बेस संतृप्ति  |  B) धनायन विनिमय क्षमता (CEC)  |  C) उभय प्रतिरोधन  |  D) जल क्षमता
  11. ऋणायन विनिमय (Anion Exchange) को अन्य किस नाम से जाना जाता है?
    A) भस्म विनिमय  |  B) अम्ल विनिमय (Acid exchange)  |  C) क्षार विनिमय  |  D) कोई नहीं
  12. कार्बनिक पदार्थ (ह्यूमस) की औसत धनायन विनिमय क्षमता (CEC) कितनी होती है?
    A) 10-20  |  B) 50-80  |  C) 200 (100-300) cmol/kg  |  D) 4
  13. धनायन विनिमय की क्रियाविधि किस सिद्धांत पर आधारित है?
    A) विद्युत गतिकी सिद्धांत (Electrokinetic theory)  |  B) डार्विन सिद्धांत  |  C) अवसादन सिद्धांत  |  D) निक्षालन सिद्धांत
  14. मृदा का पी-एच (pH) बढ़ने पर धनायन विनिमय क्षमता (CEC) पर क्या प्रभाव पड़ता है?
    A) घटती है  |  B) क्रमिक रूप से बढ़ती है  |  C) अपरिवर्तित रहती है  |  D) शून्य हो जाती है
  15. ऋणायनों को धारण करने की क्षमता मृदा की ________ के साथ बढ़ती है।
    A) क्षारीयता  |  B) अम्लता (Acidity)  |  C) उदासीनता  |  D) नमी
  16. कुल CEC का जितना भाग मुख्य विनिमय भस्मों (Ca, Mg, K, Na) द्वारा घिरा होता है, उसे क्या कहते हैं?
    A) असंतृप्ति  |  B) प्रतिशत बेस संतृप्ति (Base Saturation %)  |  C) आयनिक सांद्रता  |  D) विस्थापन
  17. मृदा में कार्बनिक पदार्थ की मात्रा बढ़ने पर CEC पर क्या प्रभाव पड़ता है?
    A) घटती है  |  B) बढ़ती है (Increases)  |  C) कोई प्रभाव नहीं  |  D) शून्य होती है
  18. यदि किसी मृदा की प्रतिशत बेस संतृप्ति 80% है, तो शेष 20% भाग किन आयनों से संतृप्त है?
    A) Na और K  |  B) Ca और Mg  |  C) H और Al आयनों से  |  D) केवल Fe से
  19. उष्ण प्रदेशों (Tropical regions) की मृदा का पी-एच कम (अम्लीय) क्यों होता है?
    A) वर्षा से भस्मों का निक्षालन (Leaching) होने के कारण  |  B) धूप अधिक होने से  |  C) पौधे न होने से  |  D) कोई नहीं
  20. मृदा उर्वरता (Soil Fertility) का एकमात्र सर्वोत्तम सूचक किसे माना जाता है?
    A) मृदा का रंग  |  B) मृदा की गहराई  |  C) धनायन विनिमय क्षमता (CEC)  |  D) कंकड़ की मात्रा
  21. अम्लीय मृदाओं के सुधार के लिए मुख्य रूप से किसका प्रयोग किया जाता है?
    A) जिप्सम  |  B) चूना (Lime)  |  C) नमक  |  D) यूरिया
  22. मृदा विलयन में धनायनों का सांद्रण अधिक होने पर विनिमय की दर कैसी होगी?
    A) कम  |  B) अधिक (More)  |  C) समान  |  D) शून्य
  23. सामान्य उपजाऊ मृदाओं में 'कैल्शियम' कुल विनिमय धनायनों का लगभग कितना प्रतिशत होता है?
    A) 10-20%  |  B) 40%  |  C) 60 से 80 प्रतिशत  |  D) 95%
  24. मटियार दोमट (Clay loam) मृदा की CEC बलुई दोमट की तुलना में कैसी होती है?
    A) कम  |  B) अधिक (High)  |  C) बराबर  |  D) नगण्य
  25. मृदा संकीर्ण पर विनिमय सोडियम (Na) की मात्रा 10-15% से अधिक होने पर मृदा कैसी हो जाती है?
    A) अम्लीय  |  B) उदासीन  |  C) क्षारीय (Alkaline)  |  D) लवणीय
  26. केओलिनाइट (Kaolinite) खनिज की औसत CEC कितनी होती है?
    A) 3-15 (औसत 8) cmol/kg  |  B) 60-100  |  C) 150  |  D) 200
  27. मॉन्टमोरिलोनाइट (Montmorillonite) खनिज की औसत CEC कितनी होती है?
    A) 8  |  B) 30  |  C) 80 (60-100) cmol/kg  |  D) 200
  28. मृदा में विनिमयशील भस्मों (Exchangeable bases) में कौन सा आयन शामिल नहीं है?
    A) Ca++  |  B) Mg++  |  C) H+ (हाइड्रोजन)  |  D) Na+
  29. प्रतिशत बेस संतृप्ति (V) की गणना का सही सूत्र क्या है?
    A) V = S/T x 100  |  B) V = T/S x 100  |  C) V = S+T  |  D) V = 100/S
  30. किस खनिज में 'पोटेशियम' (K) संरचना के बीच होने के कारण इसकी CEC इलाइट से अधिक और मॉन्टमोरिलोनाइट से कम होती है?
    A) केओलिनाइट  |  B) वर्मीकुलाइट  |  C) ऑक्साइड  |  D) जिप्सम
  31. अत्यधिक अम्लीय मृदा में किस आयन की प्रधानता होती है?
    A) Ca++  |  B) Al(OH)2+ (एल्युमिनियम आयन)  |  C) Na+  |  D) K+
  32. सामान्य उपजाऊ मृदा में कुल विनिमय भस्मों की मात्रा CEC का लगभग कितना प्रतिशत होती है?
    A) 20-30%  |  B) 50%  |  C) 80 से 90 प्रतिशत  |  D) 100%
  33. वह मृदा जिसके कोलॉइडी संकीर्ण विनिमय Ca++ आयनों से परिपूर्ण होते हैं, कहलाती है:
    A) भस्म संतृप्त मृदा  |  B) भस्म असंतृप्त मृदा  |  C) अम्लीय मृदा  |  D) कोई नहीं
  34. इलाइट (Illite) खनिज की CEC का परिसर (Range) क्या है?
    A) 3-15  |  B) 20-40 cmol/kg  |  C) 100-200  |  D) 300-400
  35. वर्मीकुलाइट (Vermiculite) की औसत CEC कितनी मानी गई है?
    A) 8  |  B) 80  |  C) 150 cmol/kg  |  D) 4
  36. मृदा में ऋणायन विनिमय (Anion Exchange) किस पर निर्भर करता है?
    A) केवल ताप पर  |  B) पी-एच (pH) परतंत्र कार्य  |  C) केवल हवा पर  |  D) कोई नहीं
  37. अधिशोषित हाइड्रोजन मृदा विलयन में H+ आयन सांद्रण को ________ बढ़ाते हैं।
    A) अप्रत्यक्ष रूप से  |  B) प्रत्यक्ष रूप से (Directly)  |  C) बिल्कुल नहीं  |  D) मन्द गति से
  38. मृदा की CEC 10 cmol/kg होने का अर्थ है कि 1 किग्रा मृदा कितने H+ अधिशोषित कर सकती है?
    A) 1 cmol  |  B) 10 cmol H+ आयन  |  C) 100 cmol  |  D) 0.1 cmol
  39. ऑक्साइड एवं हाइड्रोक्साइड (Oxides & Hydroxides) की औसत CEC कितनी होती है?
    A) 4 cmol/kg  |  B) 40  |  C) 100  |  D) 200
  40. आयन विनिमय प्रक्रम द्वारा मृदा में उर्वरकों के प्रभाव पर क्या असर पड़ता है?
    A) उर्वरक नष्ट हो जाते हैं  |  B) पोषक तत्वों की प्राप्यता नियंत्रित होती है  |  C) कोई प्रभाव नहीं  |  D) मिट्टी जहरीली होती है
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