3. सिंचाई (Irrigation)
इस पेज पर आपको 3. सिंचाई (Irrigation) के सभी महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ), परीक्षा उपयोगी नोट्स और ऑनलाइन क्विज़ मिलेंगे। अपने ज्ञान का परीक्षण करने और बोर्ड/प्रतियोगी परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए मॉक टेस्ट में अवश्य भाग लें।
👉 अध्याय का सारांश (Summary)
प्रिय विद्यार्थियों, कक्षा 12 कृषि विज्ञान (Agriculture) के इस 3रे और फसल उत्पादन के लिए 100 प्रतिशत अत्यंत महत्वपूर्ण अध्याय 'सिंचाई' (Irrigation) में हम जल प्रबंधन का 1 बहुत ही शानदार और वैज्ञानिक अध्ययन करेंगे। पानी के बिना धरती पर जीवन की कल्पना 100 प्रतिशत असंभव है, और यही नियम हमारी फसलों पर भी सटीक रूप से लागू होता है। सिंचाई केवल खेत में अंधाधुंध पानी भरने की 1 साधारण प्रक्रिया बिल्कुल नहीं है, बल्कि यह 1 अत्यंत तार्किक और व्यवस्थित विज्ञान है, जिसमें पौधे की आवश्यकता के अनुसार 100 प्रतिशत सही समय पर और उचित मात्रा में कृत्रिम रूप से पानी दिया जाता है। आगामी बोर्ड परीक्षा और विशेष रूप से राजस्थान संयुक्त प्रवेश परीक्षा (JET Exam), ICAR तथा CUET के सख्त दृष्टिकोण से यह अध्याय आपके लिए 100 प्रतिशत अत्यधिक स्कोरिंग और 1 मील का पत्थर साबित होगा।
इस रोमांचक सफर में हम सबसे पहले सिंचाई की वैज्ञानिक परिभाषा और उसके मुख्य उद्देश्यों का 100 प्रतिशत तार्किक विश्लेषण करेंगे। हम समझेंगे कि कैसे जल प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis), पोषक तत्वों के परिवहन और पौधे के तापमान को 100 प्रतिशत नियंत्रित करने के लिए नितांत आवश्यक है। वर्षा आधारित कृषि में अनिश्चितता होती है, इसलिए 100 प्रतिशत सुनिश्चित उत्पादन के लिए सिंचाई का वैज्ञानिक प्रबंधन 1 सबसे बड़ी आवश्यकता है। अध्याय में 1 थोड़ा और आगे बढ़ने पर, हम सिंचाई के सही समय (Scheduling of Irrigation) और मात्रा का गहराई से अध्ययन करेंगे। हम फसलों की 'क्रांतिक अवस्थाओं' (Critical Growth Stages) का 100 प्रतिशत तार्किक मूल्यांकन करेंगे। उदाहरण के लिए, गेहूं में ताज मूल (CRI - Crown Root Initiation) अवस्था 1 अत्यंत संवेदनशील समय है; यदि इस समय 100 प्रतिशत उचित सिंचाई नहीं की गई, तो उपज में भारी गिरावट निश्चित है।
इसके बाद हम सिंचाई की विभिन्न वैज्ञानिक विधियों (Methods of Irrigation) का 1 विस्तृत और तुलनात्मक अध्ययन करेंगे। हम पारंपरिक सतही सिंचाई (Surface irrigation) की विधियों जैसे जलप्लावन (Flooding), क्यारी विधि (Border method) और नाली विधि (Furrow method) का 100 प्रतिशत वैज्ञानिक विश्लेषण करेंगे। परंतु, आज के समय में पानी 1 बहुमूल्य संसाधन है, इसलिए हमारा मुख्य ध्यान सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों (Micro-irrigation systems) पर होगा। हम इजरायल में विकसित 'ड्रिप सिंचाई' (Drip Irrigation) का गहराई से अध्ययन करेंगे, जो पानी की बूंद-बूंद को 100 प्रतिशत सीधे पौधे की जड़ों तक पहुँचाती है और पानी की भारी बचत करती है। ऊबड़-खाबड़ जमीन के लिए 'स्प्रिंकलर या फव्वारा सिंचाई' (Sprinkler Irrigation) 100 प्रतिशत सर्वोत्तम है।
JET Exam में इन आधुनिक सिंचाई विधियों की जल उपयोग दक्षता (Water use efficiency) और दबाव (Pressure) से 100 प्रतिशत सीधे प्रश्न पूछे जाते हैं। आपकी 1 दम मजबूत बोर्ड और JET परीक्षा तैयारी के लिए, हमने इन सभी जटिल विषयों से बिल्कुल सटीक वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQs) बड़ी ही सावधानी से तैयार किए हैं। इन बेहतरीन प्रश्नों का बार-बार अभ्यास करने से आप निश्चित रूप से 1 बेहतरीन समय प्रबंधन सीखेंगे।
विशेषता: यह 1 3-Level आधारित यूनीक क्विज़ है। अगले स्तर (Level 2 और 3) को अनलॉक करने के लिए छात्रों को वर्तमान स्तर में कम से कम 70% अंक स्कोर करने होंगे, जो उनकी बोर्ड और JET परीक्षा की तैयारी को 100% मजबूत बनाता है।
अध्याय के सभी प्रश्न (Revision Notes)
*नोट: यह सेक्शन रिवीजन के लिए है। अपना ज्ञान परखने के लिए ऊपर दिए गए क्विज़ में भाग लें।
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पौधों की आवश्यकतानुसार कृत्रिम रूप से जल देना क्या कहलाता है?
A) वर्षा | B) सिंचाई (Irrigation) | C) जल निकास | D) निक्षालन -
सिंचाई की सबसे पुरानी और प्रचलित विधि कौन सी है?
A) ड्रिप | B) पृष्ठीय सिंचाई (Surface Irrigation) | C) बौछारी | D) अधो-पृष्ठीय -
गेहूँ में सिंचाई की सबसे महत्वपूर्ण क्रान्तिक अवस्था (Critical Stage) है:
A) फूल आना | B) शीर्ष जड़ फूटना (C.R.I.) | C) दूधिया अवस्था | D) पकना -
बूंद-बूंद सिंचाई विधि (Drip Irrigation) का आविष्कार किस देश में हुआ?
A) भारत | B) इजराइल (Israel) | C) अमेरिका | D) चीन -
हल्की और रेतीली भूमि के लिए सबसे उपयुक्त सिंचाई विधि कौन सी है?
A) क्यारी विधि | B) बौछारी सिंचाई (Sprinkler) | C) प्लावन | D) कुंड विधि -
ड्रिप सिंचाई में जल किस दबाव पर दिया जाता है?
A) 1-2 किग्रा/सेमी² | B) 10-15 किग्रा | C) 50 किग्रा | D) शून्य -
फल वृक्षों के लिए सिंचाई की सबसे उत्तम विधि कौन सी है?
A) ड्रिप (Drip) या थाला विधि | B) क्यारी | C) प्लावन | D) बौछारी -
सिंचाई जल की माप की इकाई क्या है?
A) लीटर | B) क्यूसेक या क्यूमेक (Cusec/Cumec) | C) मीटर | D) पास्कल -
पौधों में जल की मात्रा कितनी होती है?
A) 10-20% | B) 80-90% | C) 50% | D) 5% -
मिट्टी में नमी मापने के लिए किस यंत्र का प्रयोग करते हैं?
A) लैक्टोमीटर | B) टेन्सियोमीटर (Tensiometer) | C) बैरोमीटर | D) थर्मामीटर -
पृष्ठीय सिंचाई की 'कुंड विधि' (Furrow Method) किस फसल हेतु उपयुक्त है?
A) गेहूँ | B) गन्ना और आलू (Line crops) | C) धान | D) बाजरा -
बौछारी सिंचाई में पानी किस रूप में गिरता है?
A) धारा के रूप में | B) कृत्रिम वर्षा (Rainfall) के रूप में | C) बूंद-बूंद | D) कोई नहीं -
पौधों को जल की आवश्यकता क्यों होती है?
A) प्रकाश संश्लेषण हेतु | B) तापमान नियंत्रण हेतु | C) पोषक तत्वों के परिवहन हेतु | D) उपरोक्त सभी -
नहरों द्वारा सिंचाई राजस्थान के किस भाग में सर्वाधिक होती है?
A) दक्षिणी | B) उत्तरी (श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़) | C) पूर्वी | D) पश्चिमी -
सिंचाई जल के साथ उर्वरक देना क्या कहलाता है?
A) हर्बीगेशन | B) फर्टीगेशन (Fertigation) | C) केमीगेशन | D) कोई नहीं -
गेहूँ की जल माँग (Water Requirement) कितनी होती है?
A) 200-300 मिमी | B) 450-650 मिमी | C) 1000-1500 मिमी | D) 50 मिमी -
ड्रिप सिंचाई विधि से जल की कितनी बचत होती है?
A) 10-20% | B) 50-70% | C) 90% से अधिक | D) 0% -
क्षेत्र क्षमता (Field Capacity) पर जल की उपलब्धता कितनी होती है?
A) 0% | B) 50% | C) 100% | D) 25% -
सिंचाई की 'अधो-पृष्ठीय' (Sub-surface) विधि का लाभ क्या है?
A) वाष्पीकरण कम होना | B) खरपतवार कम होना | C) A और B दोनों | D) कोई लाभ नहीं -
मूंगफली में सिंचाई की क्रान्तिक अवस्था क्या है?
A) फूल आना | B) सुइयां बनना (Pegging stage) | C) पकना | D) अंकुरण -
सिंचाई जल के साथ खरपतवारनाशी देना क्या कहलाता है?
A) फर्टीगेशन | B) हर्बीगेशन (Herbigation) | C) इंसेक्टिगेशन | D) कोई नहीं -
चौकेबार द्रोणी (Check Basin) विधि की सीमा क्या है?
A) कृषि कार्यों में बाधा | B) अधिक श्रम | C) A और B दोनों | D) जल की बचत -
मक्का में सिंचाई की क्रान्तिक अवस्था कौन सी है?
A) CRI | B) नर मंजरी (Tasseling) व सिल्क निकलना | C) पकना | D) कोई नहीं -
पौधों द्वारा उपयोग किए जाने वाले जल को क्या कहते हैं?
A) गुरुत्वीय जल | B) केशिका जल (Capillary water) | C) आर्द्रताग्राही जल | D) शून्य जल -
सिंचाई निर्धारण की 'पौध सूचकांक' विधि में क्या देखते हैं?
A) मिट्टी की नमी | B) पौधे की पत्तियों का मुरझाना या रंग | C) आसमान | D) हवा -
राजस्थान में कुओं एवं नलकूपों द्वारा सर्वाधिक सिंचाई कहाँ होती है?
A) बीकानेर | B) जयपुर एवं भरतपुर संभाग | C) कोटा | D) उदयपुर -
सिंचाई की किस विधि में सबसे कम जल ह्रास होता है?
A) क्यारी | B) ड्रिप (Drip Irrigation) | C) कुंड | D) प्लावन -
जल माँग (WR) का सूत्र क्या है?
A) WR = ET + WP + IW | B) WR = ET + जल की वह मात्रा जो विशेष क्रियाओं हेतु चाहिए | C) WR = सिंचाई + वर्षा | D) कोई नहीं -
लवणीय जल से सिंचाई करने पर मृदा पर क्या प्रभाव पड़ता है?
A) मृदा उपजाऊ होती है | B) मृदा लवणीय एवं खराब हो जाती है | C) कोई प्रभाव नहीं | D) मिट्टी नरम होती है -
सिंचाई का समय निर्धारित करने के लिए 'IW/CPE' अनुपात विधि किसने दी थी?
A) स्वामीनाथन | B) परिहार एवं अन्य | C) मेंडल | D) हावर्ड -
पौधों के लिए जल की उपलब्धता किस दाब (Tension) पर होती है?
A) 0 से -31 atm | B) -1/3 से -15 बार (At Field Capacity to PWP) | C) 100 बार | D) शून्य -
स्थाई ग्लानि बिंदु (PWP) पर मिट्टी का तनाव कितना होता है?
A) -1/3 बार | B) -15 बार | C) -31 बार | D) -100 बार -
ड्रिप सिंचाई में 'एमिटर' (Emitter) का क्या कार्य है?
A) पानी रोकना | B) निश्चित मात्रा में बूंद-बूंद जल छोड़ना | C) दबाव बढ़ाना | D) कोई नहीं -
सिंचाई दक्षता (Irrigation Efficiency) बढ़ने का मुख्य उपाय है:
A) खुली सिंचाई | B) पक्की नालियां एवं उन्नत विधियां (ड्रिप/बौछारी) | C) अधिक पानी देना | D) कोई नहीं -
धान की जल माँग (Water Requirement) कितनी होती है?
A) 500 मिमी | B) 900-2500 मिमी | C) 200 मिमी | D) 5000 मिमी -
बौछारी सिंचाई (Sprinkler) का उपयोग किस स्थिति में नहीं करना चाहिए?
A) रेतीली भूमि में | B) तेज हवा चलने पर | C) ऊबड़-खाबड़ भूमि में | D) हल्की मृदा में -
WR = E + T + GW + WM में 'E' क्या प्रदर्शित करता है?
A) सिंचाई | B) वाष्पीकरण (Evaporation) | C) तापमान | D) ऊर्जा -
गन्ने की जल माँग कितनी मानी गई है?
A) 500 मिमी | B) 1500-2500 मिमी | C) 100 मिमी | D) 3000 मिमी -
क्यारी विधि (Check Basin) में जल का वितरण कैसा होता है?
A) असमान | B) समान (Uniform) | C) केवल बीच में | D) कोई नहीं -
सिंचाई जल के साथ 'कीटनाशी' देना कहलाता है:
A) फर्टीगेशन | B) इंसेक्टिगेशन (Insectigation) | C) हर्बीगेशन | D) कोई नहीं -
ड्रिप सिंचाई विधि में जल उपयोग दक्षता (WUE) लगभग कितनी होती है?
A) 10% | B) 30% | C) 90-95% | D) 50% -
एक क्यूसेक (1 Cusec) जल कितने लीटर प्रति सेकंड के बराबर है?
A) 10 लीटर | B) 28.3 लीटर/सेकंड | C) 100 लीटर | D) 1000 लीटर -
पौधों में 'जल विभव' (Water Potential) मापने हेतु प्रयुक्त होता है:
A) टेन्सियोमीटर | B) प्रेसर चैम्बर (Pressure Chamber) | C) लैक्टोमीटर | D) कोई नहीं -
सिंचाई निर्धारण की 'IW/CPE' विधि में IW का अर्थ है:
A) Irritation water | B) Irrigation water (सिंचाई जल की गहराई) | C) Inverse water | D) कोई नहीं -
ऊबड़-खाबड़ भूमि (Undulating land) के लिए सिंचाई की सर्वोत्तम विधि:
A) क्यारी | B) बौछारी (Sprinkler) | C) प्लावन | D) कुंड
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