9. सूत्रकृमि, घोंघा एवं स्लग (Nematode, Snail & Slug)
इस पेज पर आपको 9. सूत्रकृमि, घोंघा एवं स्लग (Nematode, Snail & Slug) के सभी महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ), परीक्षा उपयोगी नोट्स और ऑनलाइन क्विज़ मिलेंगे। अपने ज्ञान का परीक्षण करने और बोर्ड/प्रतियोगी परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए मॉक टेस्ट में अवश्य भाग लें।
👉 अध्याय का सारांश (Summary)
प्रिय विद्यार्थियों, कृषि जीव विज्ञान के इस नए और अत्यधिक महत्वपूर्ण अध्याय 'सूत्रकृमि, घोंघा एवं स्लग' (Nematode, Snail & Slug) में आपका हार्दिक स्वागत है। अब तक हमने कवक, जीवाणु और कीटों द्वारा फसलों को होने वाले नुकसान के बारे में पढ़ा है। लेकिन कृषि विज्ञान में कुछ ऐसे भी छिपे हुए शत्रु होते हैं जिन्हें हम अपनी नंगी आंखों से आसानी से नहीं देख सकते, या जो अपना काम बहुत ही खामोशी से करते हैं। इस अध्याय में हम मिट्टी के अंदर रहने वाले ऐसे ही एक अदृश्य शत्रु 'सूत्रकृमि' (Nematodes) और नमी वाले स्थानों पर फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले 'घोंघा' (Snail) और 'स्लग' (Slug) के बारे में विस्तार से अध्ययन करेंगे।
आइए इसे समझने के लिए कुछ व्यावहारिक उदाहरणों की मदद लेते हैं। कई बार किसान अपने गेहूँ के खेत में अच्छी खाद और पानी देता है, फिर भी खेत के किसी विशेष हिस्से में पौधे बौने रह जाते हैं, उनमें पीलापन आ जाता है और जड़ें गुच्छेदार हो जाती हैं। किसान समझ नहीं पाता कि ऐसा क्यों हो रहा है। दरअसल, यह गेहूँ का 'मौल्या रोग' (Molya disease) है, जो मिट्टी के अंदर मौजूद सूक्ष्म धागे जैसी संरचना वाले 'सूत्रकृमियों' (Nematodes) के कारण होता है। ये सूत्रकृमि जड़ों के अंदर घुसकर पौधे का सारा पोषण चूस लेते हैं। इसी तरह, आपने बरसात के दिनों में सब्जियों के खेतों या अपने घर के बगीचे में पत्तियों पर रेंगते हुए शंख जैसे आवरण वाले जीवों (घोंघा) या बिना आवरण वाले चिपचिपे जीवों (स्लग) को जरूर देखा होगा। ये जीव रात के समय बाहर निकलते हैं और सब्जियों की कोमल पत्तियों और छोटे पौधों को खाकर भारी नुकसान पहुंचाते हैं।
इस विस्तृत अध्याय में हम सूत्रकृमि की शारीरिक संरचना, उनके जीवन चक्र और उनके द्वारा फसलों में फैलाई जाने वाली प्रमुख बीमारियों जैसे 'गेहूँ का मौल्या रोग' और 'सब्जियों का जड़ ग्रंथि रोग' (Root knot disease) का वैज्ञानिक विश्लेषण करेंगे। जड़ ग्रंथि रोग में पौधे की जड़ों में बड़ी-बड़ी गांठें बन जाती हैं जिससे पौधा मिट्टी से पानी और पोषक तत्व नहीं ले पाता। इसके साथ ही, हम घोंघा और स्लग की पहचान, उनके वर्गीकरण और कृषि पारिस्थितिकी तंत्र (Agricultural Ecosystem) में उनके महत्व व नियंत्रण के बारे में भी बहुत गहराई से पढ़ेंगे। मिट्टी का उपचार, गर्मियों में गहरी जुताई और नेमाटीसाइड्स (सूत्रकृमिनाशक) का प्रयोग इन समस्याओं से निपटने के प्रमुख तरीके हैं।
NCERT और RBSE बोर्ड परीक्षा 2027 की दृष्टि से यह अध्याय थोड़ा तकनीकी लेकिन बहुत ही स्कोरिंग है। आपकी मुख्य परीक्षाओं में अक्सर सूत्रकृमि जनित रोगों के लक्षण, मौल्या रोग के नियंत्रण के उपाय, और घोंघा व स्लग के वैज्ञानिक वर्गीकरण से संबंधित Objective questions in hindi सीधे तौर पर पूछे जाते हैं। आपको इन जीवों के जीवन चक्र की विभिन्न अवस्थाओं को अच्छी तरह से समझना होगा। आपकी इसी तैयारी को 100% मजबूत बनाने के लिए, हमने इस एजुकेशनल पोर्टल पर एक बहुत ही शानदार ऑनलाइन टेस्ट तैयार किया है। इन चुनिंदा बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) का नियमित रूप से अभ्यास करने से आपके मन की सारी शंकाएं दूर हो जाएंगी। यह ऑनलाइन क्विज़ आपको बोर्ड परीक्षा के कठिन स्तर (VVI questions) के लिए पूरी तरह से तैयार करेगा और आपके समय प्रबंधन की क्षमता को भी निखारेगा। तो आइए, बिना समय गंवाए मिट्टी के इन छिपे हुए शत्रुओं के बारे में अपनी जानकारी बढ़ाएं।
विशेषता: यह एक 3-Level आधारित यूनीक क्विज़ है। अगले स्तर (Level 2 और 3) को अनलॉक करने के लिए छात्रों को वर्तमान स्तर में कम से कम 70% अंक स्कोर करने होंगे, जो उनकी बोर्ड परीक्षा की तैयारी को 100% मजबूत बनाता है。
अध्याय के सभी प्रश्न (Revision Notes)
*नोट: यह सेक्शन रिवीजन के लिए है। अपना ज्ञान परखने के लिए ऊपर दिए गए क्विज़ में भाग लें।
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सूत्रकृमि (Nematodes) का शरीर सामान्यतः कैसा होता है?
A) खंडित | B) अखंडित और बेलनाकार (Thread-like) | C) चपटा | D) कवच युक्त -
सब्जियों में 'मूलगाँठ' (Root-knot) रोग किस सूत्रकृमि द्वारा होता है?
A) मेलॉइडोगाइनी प्रजाति (Meloidogyne) | B) हेटेरोडेरा | C) एंगुइना | D) कोई नहीं -
गेंहूँ का 'मौल्या' (Molya) रोग किस सूत्रकृमि के कारण होता है?
A) हेटेरोडेरा एवेनी (Heterodera avenae) | B) एंगुइना | C) मेलॉइडोगाइनी | D) कोई नहीं -
घोंघा (Snails) किस संघ (Phylum) के जीव हैं?
A) आर्थोपोडा | B) मोलस्का (Mollusca) | C) एनीलिडा | D) सूत्रकृमि -
सूत्रकृमि के मुख में पाया जाने वाला सुई जैसा अंग क्या कहलाता है?
A) दाँत | B) स्टाइलट (Stylet) | C) पैर | D) जीभ -
घोंघों का शरीर किस कठोर आवरण से ढका होता है?
A) काइटिन | B) कैल्शियम कार्बोनेट का कवच (Shell) | C) बाल | D) मिट्टी -
स्लग (Slugs) और घोंघे में मुख्य अंतर क्या है?
A) स्लग पर कवच नहीं होता | B) घोंघा छोटा होता है | C) स्लग पानी में रहता है | D) कोई नहीं -
सूत्रकृमि पौधों के किस भाग को मुख्य रूप से नुकसान पहुँचाते हैं?
A) पत्ती | B) जड़ (Roots) | C) फूल | D) बीज -
घोंघा और स्लग किस समय अधिक सक्रिय होते हैं?
A) तेज धूप में | B) रात्रि और नम ठंडे समय में | C) दोपहर में | D) कभी नहीं -
सूत्रकृमि नियंत्रण हेतु मृदा सौरीकरण (Soil Solarization) किस मौसम में करना चाहिए?
A) सर्दी | B) मई-जून की तेज गर्मी में | C) मानसून | D) बसंत -
घोंघों के नियंत्रण हेतु प्रयुक्त होने वाला जहरीला चारा (Baits) है:
A) यूरिया | B) मेटल्डिहाइड (Metaldehyde) | C) नमक | D) शक्कर -
सूत्रकृमि की मादा 'सिस्ट' (Cyst) के रूप में कहाँ जीवित रहती है?
A) हवा में | B) मिट्टी में (अण्डों की सुरक्षा हेतु) | C) पत्ती पर | D) पानी में -
घोंघा और स्लग पौधों के किन भागों को खाते हैं?
A) केवल जड़ | B) कोमल पत्तियां और प्ररोह | C) सूखी लकड़ियां | D) कोई नहीं -
सूत्रकृमि नाशी (Nematicides) का उदाहरण है:
A) कार्बोफ्यूरान या फोरेट | B) यूरिया | C) नमक | D) जिप्सम -
घोंघे के चलने के निशान खेत में कैसे पहचाने जाते हैं?
A) पैरों के निशान | B) चमकदार लसदार रास्ता (Slime trail) | C) मिट्टी के ढेर | D) कोई नहीं -
मूलगाँठ सूत्रकृमि की मादा का आकार कैसा हो जाता है?
A) लंबा | B) नाशपाती जैसा फूला हुआ (Pear shaped) | C) धागे जैसा | D) गोल -
मौल्या रोग से प्रभावित गेंहूँ के पौधे कैसे दिखाई देते हैं?
A) बहुत लंबे | B) बौने और पीले (Stunted & Yellow) | C) हरे-भरे | D) सूखे -
घोंघों के नियंत्रण हेतु मेड़ों के किनारे किसका अवरोध (Barrier) बनाया जाता है?
A) पानी का | B) राख या चूने का चूर्ण | C) मिट्टी का | D) घास का -
सूत्रकृमि के शरीर में कौन सा तंत्र अनुपस्थित होता है?
A) पाचन तंत्र | B) श्वसन एवं परिसंचरण तंत्र | C) प्रजनन तंत्र | D) उत्सर्जन तंत्र -
नर्सरी में मूलगाँठ रोग के नियंत्रण हेतु 'उष्ण जल उपचार' (Hot water treatment) का तापमान:
A) 30°C | B) 50°C (10 मिनट हेतु) | C) 100°C | D) 80°C -
घोंघे (Snails) मुख्य रूप से किन फसलों को अधिक नुकसान पहुँचाते हैं?
A) अनाज | B) सब्जियां और नर्सरी के पौधे | C) केवल पेड़ों को | D) कोई नहीं -
सूत्रकृमि अपनी स्टाइलट की मदद से पौधे की कोशिका में क्या डालते हैं?
A) पानी | B) पाचक एंजाइम एवं विष | C) हवा | D) प्रोटीन -
मौल्या रोग के नियंत्रण हेतु गेंहूँ के साथ किस फसल का 'फसल चक्र' अपनाना चाहिए?
A) जौ | B) सरसों या चना (गैर-परपोषी) | C) मक्का | D) कोई नहीं -
घोंघे और स्लग के अंडों के समूह कहाँ पाए जाते हैं?
A) पेड़ की चोटी पर | B) मिट्टी की दरारों और नम स्थानों पर | C) हवा में | D) पानी के अंदर -
सूत्रकृमि के 'अण्डा' से वयस्क बनने के बीच कितनी बार निर्मोचन (Moulting) होता है?
A) 1 बार | B) 4 बार | C) 10 बार | D) शून्य -
सूत्रकृमि नियंत्रण हेतु 'नीम की खली' का प्रयोग प्रति हेक्टेयर कितनी मात्रा में करते हैं?
A) 10 किग्रा | B) 1-2 टन | C) 100 किग्रा | D) 50 किग्रा -
घोंघों को इकट्ठा कर मारने के लिए खेत में क्या बिछाना चाहिए?
A) प्लास्टिक | B) गीली बोरियां या पत्तों के ढेर | C) काँच | D) कोई नहीं -
मूलगाँठ सूत्रकृमि जड़ में प्रवेश कर कोशिकाओं में क्या पैदा करता है?
A) मृत्यु | B) हाइपरट्रोफी और हाइपरप्लेसिया (अत्यधिक वृद्धि) | C) कमी | D) कोई नहीं -
सूत्रकृमि द्वारा बनाए गए 'घाव' से और किन रोगों के प्रवेश की संभावना बढ़ जाती है?
A) केवल कीट | B) कवक एवं जीवाणु (Secondary infection) | C) कोई नहीं | D) नमक -
घोंघों के नियंत्रण हेतु 5% नमक के घोल का छिड़काव कहाँ करना चाहिए?
A) पौधे पर | B) मेड़ों और उनके छिपने के स्थानों पर | C) जड़ में | D) कोई नहीं -
सूत्रकृमि का तंत्रिका तंत्र मुख्य रूप से कहाँ स्थित होता है?
A) पूंछ में | B) ग्रसनी (Pharynx) के चारों ओर एक तंत्रिका वलय के रूप में | C) पैर में | D) कोई नहीं -
मौल्या रोग के सूत्रकृमि (Cyst Nematode) की मादा का मृत शरीर क्या कहलाता है?
A) कवच | B) सिस्ट (Cyst - जिसमें अण्डे सुरक्षित रहते हैं) | C) गाँठ | D) मिट्टी -
घोंघों में 'रेडुला' (Radula) का क्या कार्य है?
A) चलना | B) भोजन को रगड़ना या रेतना (File-like organ) | C) देखना | D) साँस लेना -
किस सूत्रकृमि को 'रुद्ध वृद्धि' (Stunt Nematode) भी कहा जाता है?
A) हेलिओटाईलेंकस | B) टाईलेंकोरिनकस (Tylenchorhynchus) | C) मेलॉइडोगाइनी | D) कोई नहीं -
सूत्रकृमि के 'उपचर्म' (Cuticle) का क्या कार्य है?
A) भोजन करना | B) शरीर की सुरक्षा और बाह्य कंकाल | C) दौड़ना | D) कोई नहीं -
घोंघे (Snails) एक बार में लगभग कितने अण्डे देते हैं?
A) 10 | B) 100-400 (गुच्छों में) | C) 1000 | D) शून्य -
सूत्रकृमि के नर और मादा में अंतर (Sexual Dimorphism) किसमें स्पष्ट दिखता है?
A) मौल्या और मूलगाँठ सूत्रकृमि | B) सभी में | C) किसी में नहीं | D) कोई नहीं -
घोंघों के नियंत्रण हेतु प्रयुक्त 'तांबा सल्फेट' (Copper Sulphate) का घोल कितना प्रतिशत होना चाहिए?
A) 10% | B) 0.5 से 1 प्रतिशत | C) 50% | D) 20% -
सूत्रकृमि में भोजन का अवशोषण कहाँ होता है?
A) स्टाइलट में | B) आंत (Intestine) में | C) मुँह में | D) पूंछ में -
किस सूत्रकृमि को 'जड़-सड़न' सूत्रकृमि कहा जाता है?
A) प्राटाईलेंकस (Pratylenchus) | B) हेटेरोडेरा | C) एंगुइना | D) कोई नहीं -
घोंघों का रक्त (Blood) किस वर्णक के कारण नीला होता है?
A) हीमोग्लोबिन | B) हीमोसायनिन (Hemocyanin) | C) कैरोटीन | D) क्लोरोफिल -
सूत्रकृमि में 'सिंकटिया' (Syncytia) का निर्माण कहाँ होता है?
A) मिट्टी में | B) जड़ की कोशिकाओं के बीच पोषण हेतु | C) हवा में | D) कोई नहीं -
घोंघे (Snail) किस मौसम में 'सुप्तावस्था' (Aestivation) में चले जाते हैं?
A) वर्षा ऋतु | B) ग्रीष्म एवं शुष्क ऋतु (नमी बचाने हेतु) | C) बसंत | D) हमेशा सक्रिय -
सूत्रकृमि के उत्सर्जन तंत्र का मुख्य अंग क्या है?
A) वृक्क | B) रेनेट कोशिकाएं (Renette cells) | C) फेफड़े | D) कोई नहीं -
सूत्रकृमि की पहचान हेतु प्रयुक्त 'बेयरमैन फनल' तकनीक किसके लिए है?
A) मिट्टी से सूत्रकृमि निकालने हेतु | B) बीज साफ करने हेतु | C) दवा छिड़कने हेतु | D) कोई नहीं
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