1. पादप प्रजनन- परिभाषा, उद्देश्य एवं विधियाँ (Plant Breeding : Definition, Objectives & Methods)
इस पेज पर आपको 1. पादप प्रजनन- परिभाषा, उद्देश्य एवं विधियाँ (Plant Breeding : Definition, Objectives & Methods) के सभी महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ), परीक्षा उपयोगी नोट्स और ऑनलाइन क्विज़ मिलेंगे। अपने ज्ञान का परीक्षण करने और बोर्ड/प्रतियोगी परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए मॉक टेस्ट में अवश्य भाग लें।
👉 अध्याय का सारांश (Summary)
प्रिय विद्यार्थियों, 'पादप प्रजनन' (Plant Breeding) कृषि जीव विज्ञान का एक बेहद महत्वपूर्ण और रोचक अध्याय है। इस अध्याय में हम सीखेंगे कि कैसे वैज्ञानिक और किसान मिलकर फसलों की नई और उन्नत किस्में तैयार करते हैं। सोचिए, अगर आज हमारे पास अधिक उपज देने वाले गेहूं या धान के उन्नत बीज न होते, तो क्या हमारी तेजी से बढ़ती हुई जनसंख्या का पेट भर पाना संभव था? बिल्कुल नहीं। यही पादप प्रजनन का मुख्य उद्देश्य है - पौधों की आनुवंशिकी में सुधार करके उन्हें इंसानों के लिए और अधिक उपयोगी और पौष्टिक बनाना।
जब आप बाजार जाते हैं, तो आपको कई तरह के आम या सेब देखने को मिलते हैं। कुछ फल बहुत मीठे होते हैं, तो कुछ लंबे समय तक खराब नहीं होते। कुछ फसलें ऐसी होती हैं जो बहुत कम पानी में भी अच्छी पैदावार दे देती हैं। यह सब पादप प्रजनन के विज्ञान का ही कमाल है। इस पूरी प्रक्रिया में हम मुख्य रूप से आनुवंशिक विविधता का उत्पादन करते हैं। इसमें पुरःस्थापन (बाहर के देशों या राज्यों से नए पौधे लाना), संकरण (दो अलग-अलग गुणों वाले पौधों का आपस में क्रॉस करवाना), उत्परिवर्तन और बहुगुणिता जैसी उन्नत तकनीकें शामिल हैं। उदाहरण के लिए, मान लीजिए कि हमारे पास एक गेहूं की किस्म है जिसमें दाने तो बहुत अच्छे आते हैं लेकिन वह बीमारियों का जल्दी शिकार हो जाती है। वहीं दूसरी किस्म है जो बीमारियों से तो लड़ सकती है लेकिन उसमें दाने बहुत कम आते हैं। संकरण विधि द्वारा हम इन दोनों पौधों के अच्छे गुणों को मिलाकर एक ऐसी नई किस्म बना सकते हैं जो बीमारियों से भी बचे और बंपर पैदावार भी दे। भारत में 'हरित क्रांति' इसका सबसे बड़ा और सफल उदाहरण है, जहाँ उन्नत बीजों की मदद से देश में अनाज का उत्पादन कई गुना बढ़ गया था।
NCERT और RBSE बोर्ड परीक्षा 2027 की दृष्टि से यह अध्याय अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसमें चयन की विभिन्न विधियों जैसे 'समूह चयन' और 'शुद्ध वंशक्रम चयन' से अक्सर सीधे प्रश्न पूछे जाते हैं। आपको भारत के महत्वपूर्ण कृषि शोध संस्थानों के नाम और उनके स्थान भी बहुत अच्छे से याद करने चाहिए, क्योंकि इनमें से objective questions in hindi निश्चित रूप से बनते हैं।
परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए आपको इन सभी तकनीकी शब्दों और विधियों के बीच का अंतर एकदम स्पष्ट होना चाहिए। हमने इस एजुकेशनल वेबसाइट पर इस अध्याय के सभी महत्वपूर्ण विषयों को कवर करते हुए बहुत ही स्तरीय बहुविकल्पीय प्रश्न तैयार किए हैं। ये प्रश्न आपको यह समझने में मदद करेंगे कि बोर्ड परीक्षाओं में किस तरह के सवाल आते हैं और आपको उनका सटीक उत्तर कैसे देना है। आप जितनी बार इन ऑनलाइन क्विज़ का नियमित अभ्यास करेंगे, आपका आत्मविश्वास उतना ही ज्यादा बढ़ेगा। लगातार अभ्यास से आप न केवल कृषि विज्ञान में बल्कि अपने दैनिक जीवन में भी एक बेहतर और तार्किक दृष्टिकोण विकसित कर पाएंगे। हमारा मुख्य उद्देश्य आपको रटाने की बजाय विषयों को गहराई से समझने पर जोर देना है। तो चलिए, बिना किसी देरी के अपनी बोर्ड परीक्षा की तैयारी शुरू करते हैं और इस क्विज़ के माध्यम से अपने ज्ञान को परखते हैं।
विशेषता: यह एक 3-Level आधारित यूनीक क्विज़ है। अगले स्तर (Level 2 और 3) को अनलॉक करने के लिए छात्रों को वर्तमान स्तर में कम से कम 70% अंक स्कोर करने होंगे, जो उनकी बोर्ड परीक्षा की तैयारी को 100% मजबूत बनाता है。
अध्याय के सभी प्रश्न (Revision Notes)
*नोट: यह सेक्शन रिवीजन के लिए है। अपना ज्ञान परखने के लिए ऊपर दिए गए क्विज़ में भाग लें।
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पादप प्रजनन (Plant Breeding) का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A) पौधों को मारना | B) उन्नत आनुवंशिक गुणों वाली किस्में विकसित करना | C) केवल सिंचाई करना | D) मिट्टी का रंग बदलना -
शुद्ध वंशक्रम (Pure line) सिद्धांत का प्रतिपादन 1903 में किसने किया था?
A) मेंडल | B) जोहैन्सन (Johannsen) | C) निल्सन एहिल | D) डार्विन -
जंगली प्रजातियों को मनुष्य द्वारा खेती करने के लिए प्रबंधन में लाना क्या कहलाता है?
A) प्रजनन | B) ग्राम्यन (Domestication) | C) वरण | D) संकरण -
पादप प्रजनन की सबसे पुरानी और सरल विधि कौन सी है?
A) संकरण | B) वरण (Selection) | C) उत्परिवर्तन | D) बहुगुणिता -
किसी पादप किस्म को उसके उत्पत्ति स्थान से नए वातावरण में ले जाकर उगाना कहलाता है:
A) ग्राम्यन | B) पादप पुरःस्थापन (Plant Introduction) | C) अनुकूलन | D) संगरोध -
IARI का पूर्ण रूप क्या है?
A) International Agricultural Research Institute | B) Indian Agricultural Research Institute | C) Indian Animal Research Institute | D) कोई नहीं -
NBPGR (राष्ट्रीय पादप आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो) का मुख्यालय कहाँ स्थित है?
A) नई दिल्ली (New Delhi) | B) जोधपुर | C) मुंबई | D) चेन्नई -
एक ही किस्म के विभिन्न पौधों के बीच कराया गया संकरण क्या कहलाता है?
A) अंतराकिस्मीय संकरण (Intravarietal) | B) अंतराजातीय | C) अंतरावंशीय | D) कोई नहीं -
भारत में कपास की पहली संकर किस्म कौन सी विकसित की गई थी?
A) H-4 | B) Varalakshmi | C) Maru-1 | D) Ganga-1 -
वह प्रजनन विधि जिसमें एक ही पौधे से स्व-परागण द्वारा संतति प्राप्त की जाती है:
A) सामूहिक वरण | B) शुद्ध वंशक्रम वरण (Pure line selection) | C) संकरण | D) बहुसंकरण -
पादप प्रजनन का वह उद्देश्य जिसमें फसल कम समय में पककर तैयार हो जाए:
A) अधिक उपज | B) शीघ्र परिपक्वता (Early maturity) | C) गुणवत्ता सुधार | D) रोग रोधिता -
मेंडल ने वंशागति (Inheritance) के नियमों का प्रतिपादन किस वर्ष में किया था?
A) 1856 | B) 1900 | C) 1903 | D) 1950 -
पादप पुरःस्थापन के दौरान पौधों को बीमारियों से बचाने हेतु कानूनी रोक क्या कहलाती है?
A) अनुकूलन | B) पादप संगरोध (Plant Quarantine) | C) ग्राम्यन | D) संकरण -
स्व-परागित फसलों का उदाहरण कौन सा है?
A) बाजरा | B) गेहूँ और धान (Wheat & Rice) | C) मक्का | D) गन्ना -
पादप प्रजनन की वह विधि जिसमें कृत्रिम रूप से आनुवंशिक परिवर्तन किए जाते हैं:
A) उत्परिवर्तन प्रजनन (Mutation Breeding) | B) शुद्ध वंशक्रम | C) ग्राम्यन | D) कोई नहीं -
वैविलोप (Vavilov) के अनुसार 'प्राथमिक उद्गम केन्द्र' (Primary Centre of Origin) वह है जहाँ:
A) फसल पहली बार बेची गई | B) प्रजाति में अधिकतम आनुवंशिक विविधता पाई जाती है | C) कम वर्षा होती है | D) केवल संकर किस्में मिलती हैं -
किसी पादप समूह का वह संपूर्ण आनुवंशिक द्रव्य (जीन) जो उस जाति में उपलब्ध है, कहलाता है:
A) जीनोटाइप | B) जीन कोष (Gene Pool) | C) जीनोम | D) जीन बैंक -
प्रतीप संकरण (Back Cross) का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A) नई किस्म बनाना | B) किसी एक विशेष लक्षण को स्थानांतरित करना | C) उपज बढ़ाना | D) कोई नहीं -
स्व-अमिश्र्यता (Self-incompatibility) किस प्रकार की फसलों में पाई जाती है?
A) स्व-परागित | B) पर-परागित (Cross-pollinated) | C) सभी में | D) केवल कवक में -
बहुसंकरण (Multiple Cross) का प्रयोग मुख्य रूप से किन फसलों में किया जाता है?
A) स्व-परागित | B) पर-परागित (Cross-pollinated) | C) सब्जियों में | D) मसालों में -
सामूहिक वरण (Mass Selection) विधि से विकसित किस्मों में कैसी विविधता होती है?
A) पूर्णतः समान | B) आनुवंशिक रूप से भिन्न (Heterogeneous) | C) शून्य | D) कोई नहीं -
अनुकूलन (Acclimatization) का अर्थ क्या है?
A) पौधे को मारना | B) नए वातावरण में खुद को ढालना | C) बीज सुखाना | D) जड़ों को काटना -
किस प्रजनन विधि में 'F1' पीढ़ी का संकरण किसी भी एक जनक (Parent) से कराया जाता है?
A) शीर्ष संकरण | B) प्रतीप संकरण (Back Cross) | C) परीक्षण संकरण | D) बहुसंकरण -
पादप प्रजनन द्वारा विकसित 'रोग रोधी' (Disease Resistant) किस्मों का लाभ क्या है?
A) दवाइयों का खर्चा कम होना | B) उपज में स्थिरता | C) A और B दोनों | D) कोई लाभ नहीं -
अन्तःप्रजनन ह्रास (Inbreeding Depression) मुख्य रूप से किन फसलों में देखा जाता है?
A) स्व-परागित | B) पर-परागित (Cross-pollinated) | C) दोनों में | D) किसी में नहीं -
वरण (Selection) का आधार क्या होना चाहिए ताकि वह सफल रहे?
A) केवल बाहरी रूप | B) आनुवंशिक विभिन्नता (Genetic Variation) | C) मिट्टी की उर्वरता | D) सिंचाई -
एक पादप किस्म को नया नाम देकर सीधे खेती हेतु प्रसारित करना क्या कहलाता है?
A) प्राथमिक पुरःस्थापन (Primary Introduction) | B) द्वितीयक पुरःस्थापन | C) वरण | D) संकरण -
भारत में 'गेहूँ का नोबलीकरण' (Nobilization of Wheat) किससे संबंधित है?
A) बौनी किस्मों से | B) चीनी गन्ने से संकरण | C) जंगली गेहूँ से | D) कोई नहीं -
किसी क्षेत्र के 'देशज जीन कोष' (Indigenous gene pool) का अर्थ है:
A) विदेश से आए बीज | B) उसी क्षेत्र की स्थानीय और पुरानी किस्में | C) म्यूटेंट बीज | D) कोई नहीं -
बीज प्रमाणीकरण (Seed Certification) का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A) बीज का रंग बदलना | B) बीज की आनुवंशिक एवं भौतिक शुद्धता सुनिश्चित करना | C) बीज का वजन बढ़ाना | D) कोई नहीं -
स्व-अनिषेच्यता (Self-sterility) का उपयोग पादप प्रजनन में किस हेतु किया जाता है?
A) स्व-परागण रोकने | B) संकर बीज उत्पादन (Hybrid seed production) को आसान बनाने हेतु | C) उपज घटाने | D) पौधे को सुखाने -
सुगुणिता (Euploidy) के अंतर्गत $2n+2$ की अवस्था क्या कहलाती है?
A) मोनोसोमी | B) टेट्रासोमी (Tetrasomy) | C) नलीसोमी | D) ट्राइसोमी -
एक गुणित (Haploid) और अगुणित (Monoploid) में क्या अंतर है?
A) दोनों समान हैं | B) एक गुणित में जीनोम की संख्या 'n' होती है | C) दोनों अलग-अलग गुणसूत्र सेट हैं | D) B और C सही हैं -
अग्रगामी और पश्चगामी उद्गम केन्द्र (Centres of Origin) की अवधारणा किसने दी थी?
A) मेंडल | B) एन.आई. वैविलोप (N.I. Vavilov) | C) बोरलॉग | D) जोहैन्सन -
कृत्रिम उत्परिवर्तन (Induced Mutation) की दर प्राकृतिक उत्परिवर्तन की तुलना में कैसी होती है?
A) कम | B) बहुत अधिक | C) बराबर | D) शून्य -
संकर ओज (Hybrid Vigour) का सबसे अधिक लाभ किस पीढ़ी में मिलता है?
A) F1 | B) F2 | C) F5 | D) P1 -
यदि किसी पादप में गुणसूत्रों का पूरा सेट (Set) बढ़ जाए, तो उसे कहते हैं:
A) उत्परिवर्तन | B) बहुगुणिता (Polyploidy) | C) संकरण | D) वरण -
द्वि-संकरण (Double Cross) में कितने जनकों (Parents) का उपयोग किया जाता है?
A) 2 | B) 4 (A, B, C, D) | C) 1 | D) 6 -
प्रसुप्ति (Dormancy) का पादप प्रजनन में क्या महत्व है?
A) बीज को तुरंत उगाना | B) प्रतिकूल समय में बीज को जीवित रखना | C) बीज को मारना | D) कोई नहीं -
किस संकरण विधि में एक जनक को बार-बार (Repeatedly) उपयोग किया जाता है?
A) प्रतीप संकरण (Back Cross) | B) शीर्ष संकरण | C) सरल संकरण | D) कोई नहीं -
पादप प्रजनन की वह तकनीक जिसमें कोशिका संवर्धन (Cell Culture) का उपयोग होता है:
A) ऊतक संवर्धन (Tissue Culture) | B) सामूहिक वरण | C) शुद्ध वंशक्रम | D) ग्राम्यन -
आलू (Potato) का उद्गम केन्द्र कहाँ माना जाता है?
A) भारत | B) चीन | C) दक्षिण अमेरिका (पेरू/चली) | D) अफ्रीका -
नलीसोमी (Nullisomy) अवस्था को किस सूत्र द्वारा दर्शाया जाता है?
A) 2n+1 | B) 2n-1 | C) 2n-2 | D) 2n+2 -
पादप प्रजनन का वह उद्देश्य जो 'अजैविक तनाव' (Abiotic stress) से संबंधित है:
A) कीट रोधिता | B) सूखा एवं लवण रोधिता (Drought & Salt resistance) | C) रोग रोधिता | D) अधिक उपज -
पुनरावृत्त वरण (Recurrent Selection) का मुख्य उपयोग क्या है?
A) एक ही पौधे का चयन | B) समष्टि में अनुकूल एलील्स की आवृत्ति बढ़ाना | C) किस्म को खत्म करना | D) कोई नहीं
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