21. अव्यय (Avyay)
इस पेज पर आपको 21. अव्यय (Avyay) के सभी महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ), परीक्षा उपयोगी नोट्स और ऑनलाइन क्विज़ मिलेंगे। अपने ज्ञान का परीक्षण करने और बोर्ड/प्रतियोगी परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए मॉक टेस्ट में अवश्य भाग लें।
👉 अध्याय का सारांश (Summary)
प्रिय विद्यार्थियों, हिंदी व्याकरण की श्रृंखला में आज हम 'अव्यय' विषय का अध्ययन करेंगे। अव्यय का अर्थ होता है—'अ + व्यय' अर्थात् जिसका व्यय (परिवर्तन) न हो। वे शब्द जिनमें लिंग, वचन, कारक या काल के कारण कोई परिवर्तन नहीं होता, अव्यय कहलाते हैं। इन्हें 'अविकारी शब्द' भी कहा जाता है क्योंकि इनका रूप हमेशा स्थिर रहता है। चाहे कर्ता स्त्रीलिंग हो या पुल्लिंग, एकवचन हो या बहुवचन, अव्यय शब्द सदा एक समान रहते हैं। जैसे—'आज', 'धीरे-धीरे', 'और', 'परंतु', 'अरे' आदि।
अव्यय के मुख्य रूप से चार भेद होते हैं—क्रिया-विशेषण, संबंधबोधक, समुच्चयबोधक और विस्मयादिबोधक। क्रिया-विशेषण शब्द क्रिया की विशेषता बताते हैं (जैसे: वह धीरे चलता है)। संबंधबोधक शब्द संज्ञा या सर्वनाम का वाक्य के अन्य शब्दों से संबंध जोड़ते हैं (जैसे: के पास, के ऊपर)। समुच्चयबोधक शब्द दो वाक्यों या शब्दों को जोड़ते हैं (जैसे: और, लेकिन)। विस्मयादिबोधक शब्द मन के भावों को व्यक्त करते हैं (जैसे: आह, अरे)।
बोर्ड परीक्षाओं की दृष्टि से अव्यय को पहचानना और वाक्य में उनका सही प्रयोग करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। पद-परिचय में अव्यय का परिचय देना बहुत सरल होता है क्योंकि इसमें लिंग-वचन के झंझट नहीं होते, बस आपको उनका भेद बताना होता है। व्यावहारिक जीवन में भाषा को शुद्ध और प्रभावशाली बनाने के लिए अव्यय का सही ज्ञान अनिवार्य है। अपनी पढ़ाई को hr chem study के साथ व्यवस्थित करें और हर दिन नया सीखने का संकल्प लें। निरंतर अभ्यास ही आपको व्याकरण में निपुण बना सकता है।
विशेषता: यह एक 3-Level आधारित यूनीक क्विज़ है। अगले स्तर (Level 2 और 3) को अनलॉक करने के लिए छात्रों को वर्तमान स्तर में कम से कम 70% अंक स्कोर करने होंगे, जो उनकी बोर्ड परीक्षा की तैयारी को 100% मजबूत बनाता है।
अध्याय के सभी प्रश्न (Revision Notes)
*नोट: यह सेक्शन रिवीजन के लिए है। अपना ज्ञान परखने के लिए ऊपर दिए गए क्विज़ में भाग लें।
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जिन शब्दों में कोई परिवर्तन नहीं होता, उन्हें क्या कहते हैं?
A) अव्यय | B) संज्ञा | C) सर्वनाम | D) विशेषण -
अव्यय का दूसरा नाम क्या है?
A) अविकारी | B) विकारी | C) संज्ञा | D) क्रिया -
अव्यय के मुख्य कितने भेद होते हैं?
A) 4 | B) 3 | C) 2 | D) 5 -
इनमें से कौन सा अव्यय का भेद नहीं है?
A) विशेषण | B) क्रिया-विशेषण | C) संबंधबोधक | D) समुच्चयबोधक -
धीरे-धीरे किस प्रकार का अव्यय है?
A) क्रिया-विशेषण | B) संबंधबोधक | C) समुच्चयबोधक | D) विस्मयादिबोधक -
दो शब्दों या वाक्यों को जोड़ने वाले अव्यय कहलाते हैं?
A) समुच्चयबोधक | B) क्रिया-विशेषण | C) संबंधबोधक | D) विस्मयादिबोधक -
अरे! तुम आ गए, इसमें 'अरे' क्या है?
A) विस्मयादिबोधक | B) क्रिया-विशेषण | C) समुच्चयबोधक | D) संबंधबोधक -
घर के सामने मंदिर है, 'के सामने' क्या है?
A) संबंधबोधक | B) क्रिया-विशेषण | C) समुच्चयबोधक | D) विस्मयादिबोधक -
राम और श्याम पढ़ रहे हैं, इसमें 'और' क्या है?
A) समुच्चयबोधक | B) संबंधबोधक | C) विस्मयादिबोधक | D) क्रिया-विशेषण -
अव्यय किन शब्दों के प्रभाव से नहीं बदलते?
A) लिंग, वचन, कारक | B) केवल लिंग | C) केवल काल | D) चारों विकल्प सही हैं -
आज, कल, यहाँ, वहाँ किस प्रकार के अव्यय हैं?
A) क्रिया-विशेषण | B) संबंधबोधक | C) समुच्चयबोधक | D) विस्मयादिबोधक -
इनमें से कौन सा अव्यय शब्द है?
A) परंतु | B) राम | C) वह | D) सुंदर -
अव्यय को क्या कहा जाता है?
A) अपरिवर्तनीय शब्द | B) परिवर्तनीय शब्द | C) संज्ञा | D) विशेषण -
विस्मयादिबोधक अव्यय का प्रयोग किस लिए होता है?
A) भाव व्यक्त करने | B) जोड़ने | C) संबंध बताने | D) विशेषता बताने -
सदा, सर्वदा किस प्रकार के अव्यय हैं?
A) क्रिया-विशेषण | B) संबंधबोधक | C) समुच्चयबोधक | D) विस्मयादिबोधक -
वह धीरे चलता है, 'धीरे' क्या है?
A) क्रिया-विशेषण | B) संबंधबोधक | C) समुच्चयबोधक | D) विस्मयादिबोधक -
अव्यय के कितने रूप होते हैं?
A) 4 | B) 3 | C) 2 | D) 6 -
क्या अव्यय का बहुवचन संभव है?
A) नहीं | B) हाँ | C) संभव है | D) कभी-कभी -
अव्यय का प्रयोग भाषा को क्या बनाता है?
A) सटीक | B) कठिन | C) व्यर्थ | D) चारों विकल्प सही हैं -
समुच्चयबोधक अव्यय के उदाहरण हैं?
A) तथा, या, लेकिन | B) यहाँ, वहाँ | C) के पास | D) आह -
क्रिया-विशेषण अव्यय किसके बारे में बताता है?
A) क्रिया की विशेषता | B) संज्ञा की विशेषता | C) सर्वनाम की विशेषता | D) चारों विकल्प सही हैं -
संबंधबोधक अव्यय का मुख्य कार्य क्या है?
A) संबंध जोड़ना | B) प्रश्न पूछना | C) विशेषता बताना | D) भाव व्यक्त करना -
समुच्चयबोधक अव्यय का दूसरा नाम क्या है?
A) योजक | B) अव्यय | C) क्रिया | D) विशेषण -
विस्मयादिबोधक अव्यय किस स्थान पर आते हैं?
A) वाक्य के आरंभ में | B) अंत में | C) मध्य में | D) कहीं भी -
क्या क्रिया-विशेषण अव्यय के भेद होते हैं?
A) हाँ | B) नहीं | C) पता नहीं | D) कभी नहीं -
पद-परिचय में अव्यय का परिचय कैसे दिया जाता है?
A) अव्यय भेद बताकर | B) लिंग बताकर | C) वचन बताकर | D) चारों विकल्प सही हैं -
वाक्य में 'के बिना' कौन सा अव्यय है?
A) संबंधबोधक | B) समुच्चयबोधक | C) विस्मयादिबोधक | D) क्रिया-विशेषण -
कौन सा शब्द समुच्चयबोधक नहीं है?
A) तेज | B) और | C) किंतु | D) या -
अव्यय की मुख्य विशेषता क्या है?
A) अपरिवर्तनीयता | B) परिवर्तनीयता | C) लिंग-वचन | D) चारों विकल्प सही हैं -
अव्यय का प्रयोग किसके अनुसार बदलता है?
A) किसी के अनुसार नहीं | B) लिंग | C) वचन | D) कारक -
क्रिया-विशेषण अव्यय के मुख्य भेद कितने हैं?
A) 4 | B) 3 | C) 2 | D) 5 -
अव्यय का पद-परिचय विशेषण से कैसे अलग है?
A) लिंग-वचन की स्वतंत्रता | B) अर्थ का अंतर | C) नाम का अंतर | D) चारों विकल्प सही हैं -
वाक्य में अव्यय का स्थान क्या है?
A) संदर्भ के अनुसार | B) निश्चित | C) अस्पष्ट | D) व्यर्थ -
क्या अव्यय शब्द क्रिया बन सकते हैं?
A) नहीं | B) हाँ | C) संभव है | D) चारों विकल्प सही हैं -
विस्मयादिबोधक अव्यय का उदाहरण क्या है?
A) हाय! | B) और | C) के साथ | D) तेज -
संबंधबोधक का एक उदाहरण है?
A) के भीतर | B) धीरे | C) और | D) अरे -
समुच्चयबोधक का क्या कार्य है?
A) जोड़ना | B) अलग करना | C) विशेषता बताना | D) भाव बताना -
अव्यय के बिना वाक्य कैसा होता है?
A) अस्पष्ट | B) पूर्ण | C) व्यर्थ | D) चारों विकल्प सही हैं -
क्या अव्यय वाक्य को सरल बनाते हैं?
A) हाँ | B) नहीं | C) कठिन | D) अस्पष्ट -
अव्यय का महत्व व्याकरण में कैसा है?
A) अत्यावश्यक | B) नगण्य | C) अस्पष्ट | D) चारों विकल्प सही हैं -
अव्यय का व्याकरणिक महत्व किसमें निहित है?
A) वाक्य संरचना में | B) अर्थ में | C) दिखावे में | D) चारों विकल्प सही हैं -
समुच्चयबोधक अव्यय का भाषा में क्या कार्य है?
A) वाक्य गठन को सुगम बनाना | B) कठिन बनाना | C) व्यर्थ | D) चारों विकल्प सही हैं -
संबंधबोधक अव्यय का भाषाई स्वरूप कैसा है?
A) संज्ञा को जोड़ना | B) तोड़ना | C) व्यर्थ | D) चारों विकल्प सही हैं -
विस्मयादिबोधक अव्यय का मनोवैज्ञानिक आधार क्या है?
A) भाव की तीव्रता | B) तर्क | C) व्यर्थ | D) चारों विकल्प सही हैं -
क्या अव्यय का रूप काल के अनुसार बदलता है?
A) नहीं | B) हाँ | C) संभव | D) चारों विकल्प सही हैं -
अव्यय को अविकारी क्यों कहा जाता है?
A) कोई रूप परिवर्तन नहीं | B) बहुत परिवर्तन | C) व्यर्थ | D) चारों विकल्प सही हैं -
पद-परिचय में अव्यय का परिचय सरल क्यों है?
A) लिंग-वचन से मुक्त | B) जटिलता | C) व्यर्थ | D) चारों विकल्प सही हैं -
क्या अव्यय का व्याकरण में कोई लिंग-वचन होता है?
A) नहीं | B) हाँ | C) संभव | D) चारों विकल्प सही हैं -
अव्यय का वाक्य में महत्व किस प्रकार का है?
A) अनिवार्य | B) वैकल्पिक | C) व्यर्थ | D) चारों विकल्प सही हैं -
क्रिया-विशेषण अव्यय और विशेषण में क्या अंतर है?
A) क्रिया बनाम संज्ञा | B) केवल नाम | C) व्यर्थ | D) चारों विकल्प सही हैं -
अव्यय का प्रयोग भाषा को क्या बनाता है?
A) सटीक | B) अस्पष्ट | C) व्यर्थ | D) चारों विकल्प सही हैं -
क्या अव्यय को हटाया जा सकता है?
A) वाक्य अपूर्ण हो जाएगा | B) हाँ | C) संभव | D) चारों विकल्प सही हैं -
अव्यय सीखने का सबसे अच्छा तरीका क्या है?
A) अभ्यास | B) रटना | C) छोड़ना | D) चारों विकल्प सही हैं -
क्या अव्यय पद-परिचय में कारक बताना होता है?
A) नहीं | B) हाँ | C) संभव | D) चारों विकल्प सही हैं -
अव्यय का वाक्य में स्थान निश्चित क्यों नहीं है?
A) संदर्भ पर निर्भरता | B) अव्यवस्था | C) व्यर्थ | D) चारों विकल्प सही हैं -
क्या अव्यय का बहुवचन रूप संभव है?
A) नहीं | B) हाँ | C) संभव | D) चारों विकल्प सही हैं -
हिंदी व्याकरण में अव्यय का स्थान क्या है?
A) आधारभूत | B) नगण्य | C) अस्पष्ट | D) चारों विकल्प सही हैं -
अव्यय और उपसर्ग में क्या अंतर है?
A) स्वतंत्रता बनाम परतंत्रता | B) नाम का | C) व्यर्थ | D) चारों विकल्प सही हैं -
क्या अव्यय का अपना कोई अर्थ होता है?
A) संदर्भगत अर्थ | B) कोई नहीं | C) व्यर्थ | D) चारों विकल्प सही हैं -
अव्यय के भेदों का व्याकरण में क्यों उपयोग है?
A) स्पष्टता हेतु | B) कठिनता हेतु | C) व्यर्थ | D) चारों विकल्प सही हैं
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