16. हर्षकालीन व बाद का भारत (Harsha's Period and Later India)
इस पेज पर आपको 16. हर्षकालीन व बाद का भारत (Harsha's Period and Later India) के सभी महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ), परीक्षा उपयोगी नोट्स और ऑनलाइन क्विज़ मिलेंगे। अपने ज्ञान का परीक्षण करने और बोर्ड/प्रतियोगी परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए मॉक टेस्ट में अवश्य भाग लें।
👉 अध्याय का सारांश (Summary)
प्रिय अभ्यर्थियों, प्राचीन भारत के अंतिम महान हिंदू सम्राट और उसके बाद के राजनीतिक उथल-पुथल को समझने के लिए 'हर्षकालीन व बाद का भारत' (Harsha's Period and Later India) अध्याय अत्यंत महत्वपूर्ण है। इतिहास के इस खंड से State PCS, SSC, CET, Railway और REET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में सम्राट हर्षवर्धन (Emperor Harshavardhana), ह्वेनसांग की यात्रा (Hiuen Tsang's Visit), त्रिपक्षीय संघर्ष (Tripartite Struggle), और राजपूत काल से जुड़े ढेरों वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Objective Questions) हमेशा परीक्षा में पूछे जाते हैं। यह अध्याय प्राचीन काल से मध्यकाल की ओर भारत के संक्रमण को दर्शाता है।
गुप्त साम्राज्य के पतन के बाद उत्तर भारत कई छोटे-छोटे राज्यों में बंट गया था। सातवीं शताब्दी की शुरुआत में 'पुष्यभूति वंश' (वर्द्धन वंश) के 'हर्षवर्धन' (Harshavardhana) ने 606 ईस्वी में थानेश्वर (हरियाणा) की गद्दी संभाली। दैनिक जीवन का उदाहरण लें तो जिस प्रकार एक शक्तिशाली नेता बिखरी हुई पार्टी को फिर से खड़ा कर देता है, उसी प्रकार हर्ष ने उत्तर भारत को फिर से एक राजनीतिक सूत्र में बांधा और अपनी राजधानी 'कन्नौज' (Kannauj) को बनाया। हर्ष केवल एक महान योद्धा ही नहीं, बल्कि एक उच्च कोटि का विद्वान और नाटककार भी था। उसने 'रत्नावली', 'नागानंद' और 'प्रियदर्शिका' नामक तीन प्रसिद्ध संस्कृत नाटकों की रचना की, जो प्रतियोगी परीक्षाओं का बहुत ही फेवरेट प्रश्न है। उसके दरबारी कवि बाणभट्ट (Banabhatta) ने 'हर्षचरित' और 'कादंबरी' लिखी।
प्रतियोगी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से चीनी यात्री 'ह्वेनसांग' (Hiuen Tsang) का भारत आना सबसे महत्वपूर्ण घटना है। वह बौद्ध धर्म का अध्ययन करने और नालंदा विश्वविद्यालय (Nalanda University) में पढ़ने के लिए हर्ष के शासनकाल में भारत आया था। उसने अपनी पुस्तक 'सी-यू-की' (Si-Yu-Ki) में भारत की सामाजिक, धार्मिक और आर्थिक स्थिति का बहुत ही शानदार वर्णन किया है। हर्ष हर पांचवें वर्ष प्रयाग (प्रयागराज) में एक विशाल धार्मिक सम्मेलन आयोजित करता था जहाँ वह अपना सारा धन दान कर देता था। हर्ष ने दक्षिण भारत पर आक्रमण किया, लेकिन चालुक्य वंश के राजा पुलकेशिन द्वितीय (Pulakeshin II) ने उसे नर्मदा नदी के तट पर हरा दिया।
हर्ष की मृत्यु (647 ईस्वी) के बाद उत्तर भारत में फिर से अराजकता फैल गई और शक्तिशाली 'राजपूत काल' (Rajput Era) का उदय हुआ। इस समय कन्नौज पर अधिकार करने के लिए 3 बड़ी शक्तियों—गुर्जर-प्रतिहार (पश्चिम भारत), पाल वंश (बंगाल) और राष्ट्रकूट (दक्षिण भारत)—के बीच 200 वर्षों तक एक लंबा युद्ध चला, जिसे इतिहास में 'त्रिपक्षीय संघर्ष' (Tripartite Struggle) कहा जाता है। यह संघर्ष अंततः गुर्जर-प्रतिहारों ने जीता। इसी दौरान दक्षिण भारत में चोल, चेर और पाण्ड्य जैसे महान राजवंशों का भी शासन रहा, जिन्होंने विशाल मंदिर (जैसे तंजावुर का मंदिर) बनवाए और समुद्री व्यापार को शिखर पर पहुँचाया। NCERT बेस पर आधारित ये ऐतिहासिक तथ्य आपकी सफलता की सबसे बड़ी गारंटी हैं।
विशेषता: यह एक 3-Level आधारित यूनीक क्विज़ है। अगले स्तर (Level 2 और 3) को अनलॉक करने के लिए अभ्यर्थियों को वर्तमान स्तर में कम से कम 70% अंक स्कोर करने होंगे, जो आपकी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी को 100% मजबूत बनाता है。
अध्याय के सभी प्रश्न (Revision Notes)
*नोट: यह सेक्शन रिवीजन के लिए है। अपना ज्ञान परखने के लिए ऊपर दिए गए क्विज़ में भाग लें।
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सम्राट हर्षवर्धन किस वंश से संबंधित थे?
A) गुप्त वंश | B) पुष्यभूति वंश | C) मौर्य वंश | D) कुषाण वंश -
हर्षवर्धन ने अपनी राजधानी थानेश्वर से कहाँ स्थानांतरित की थी?
A) प्रयाग | B) कन्नौज | C) पाटलिपुत्र | D) उज्जैन -
हर्ष के शासनकाल में कौन-सा प्रसिद्ध चीनी यात्री भारत आया था?
A) फाह्यान | B) इत्सिंग | C) ह्वेनसांग | D) मैगस्थनीज -
हर्षवर्धन द्वारा रचित प्रसिद्ध नाटक कौन-सा है?
A) अभिज्ञान शाकुंतलम | B) रत्नावली | C) मुद्राराक्षस | D) मृच्छकटिकम -
हर्षवर्धन को नर्मदा नदी के तट पर किस चालुक्य शासक ने पराजित किया था?
A) पुलकेशिन प्रथम | B) पुलकेशिन द्वितीय | C) विक्रमादित्य | D) कीर्तिवर्मन -
हर्षवर्धन प्रति पांचवें वर्ष कहाँ पर एक विशाल 'दान सभा' का आयोजन करता था?
A) कन्नौज | B) थानेश्वर | C) प्रयाग | D) काशी -
हर्ष के समय शिक्षा का सबसे प्रसिद्ध केंद्र कौन-सा था?
A) तक्षशिला | B) विक्रमशिला | C) नालंदा | D) वल्लभी -
बाणभट्ट किसके दरबारी कवि थे?
A) चंद्रगुप्त | B) अशोक | C) हर्षवर्धन | D) समुद्रगुप्त -
हर्षचरित की रचना किसने की थी?
A) ह्वेनसांग | B) कालिदास | C) बाणभट्ट | D) विशाखदत्त -
हर्षवर्धन के शासनकाल में 'भुक्त' किसे कहा जाता था?
A) जिले को | B) गाँव को | C) प्रांत को | D) तहसील को -
कन्नौज पर अधिकार के लिए किन तीन राजवंशों के बीच त्रिकोणीय संघर्ष हुआ?
A) पाल, प्रतिहार और चोल | B) पाल, प्रतिहार और राष्ट्रकूट | C) चोल, चेर और पांड्य | D) मौर्य, गुप्त और वर्धन -
दक्षिण भारत के चोल साम्राज्य का संस्थापक कौन था?
A) राजराज प्रथम | B) विजयालय | C) राजेंद्र प्रथम | D) आदित्य प्रथम -
स्थानीय स्वशासन किस साम्राज्य की प्रमुख विशेषता थी?
A) गुप्त साम्राज्य | B) चोल साम्राज्य | C) पल्लव साम्राज्य | D) प्रतिहार साम्राज्य -
तंजावुर का प्रसिद्ध 'राजराजेश्वर' (बृहदेश्वर) मंदिर किसने बनवाया था?
A) विजयालय | B) राजराज प्रथम | C) राजेंद्र प्रथम | D) कुलोत्तुंग -
बंगाल में पाल वंश की स्थापना किसने की थी?
A) धर्मपाल | B) देवपाल | C) गोपाल | D) महिपाल -
प्रतिहार वंश का सबसे प्रतापी शासक कौन था?
A) नागभट्ट | B) मिहिर भोज | C) वत्सराज | D) महेन्द्रपाल -
राष्ट्रकूट वंश का संस्थापक कौन था?
A) दन्तिदुर्ग | B) कृष्ण प्रथम | C) अमोघवर्ष | D) गोविंद तृतीय -
महाबलिपुरम के रथ मंदिर किन शासकों ने बनवाए थे?
A) चोल शासकों ने | B) पल्लव शासकों ने | C) चालुक्य शासकों ने | D) गुप्त शासकों ने -
हर्षवर्धन के समय कृषि उपज का कितना भाग कर के रूप में लिया जाता था?
A) आधा भाग | B) चौथाई भाग | C) छठा भाग | D) दसवां भाग -
ह्वेनसांग ने किस विश्वविद्यालय में शिक्षा ग्रहण की थी?
A) नालंदा | B) तक्षशिला | C) विक्रमशिला | D) उदंतपुरी -
सूची-I का सूची-II से मिलान करें (वंश और उनके क्षेत्र):
(अ) पाल वंश - (1) कन्नौज और राजस्थान
(ब) प्रतिहार वंश - (2) बंगाल
(स) राष्ट्रकूट वंश - (3) दक्षिण भारत (दक्कन)
A) अ-2, ब-1, स-3 | B) अ-1, ब-2, स-3 | C) अ-3, ब-2, स-1 | D) अ-2, ब-3, स-1 -
कथन (A): हर्षवर्धन एक महान दानी शासक था।
कारण (R): वह प्रयाग की सभा में अपना सर्वस्व दान कर देता था, यहाँ तक कि अपने पहनने के वस्त्र भी।
A) कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है | B) कथन और कारण दोनों सही हैं परन्तु कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है | C) कथन सही है, कारण गलत है | D) कथन गलत है, कारण सही है -
सुमेलित करें (ग्रंथ और रचयिता):
(अ) रत्नावली - (1) बाणभट्ट
(ब) हर्षचरित - (2) ह्वेनसांग
(स) सी-यू-की - (3) हर्षवर्धन
A) अ-3, ब-1, स-2 | B) अ-1, ब-2, स-3 | C) अ-3, ब-2, स-1 | D) अ-2, ब-3, स-1 -
कथन (A): त्रिकोणीय संघर्ष कन्नौज पर वर्चस्व के लिए था।
कारण (R): हर्षवर्धन के बाद कन्नौज उत्तर भारत की सत्ता और प्रतिष्ठा का प्रतीक बन गया था।
A) कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है | B) कथन और कारण दोनों सही हैं परन्तु कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है | C) कथन सही है, कारण गलत है | D) कथन गलत है, कारण सही है -
चोल प्रशासन की 'ऊर' और 'सभा' का संबंध किससे था?
A) सैन्य टुकड़ियाँ | B) ग्रामीण संस्थाएं | C) धार्मिक ग्रंथ | D) राजसी महल -
हर्ष के प्रशासन में 'विषयपति' किसका प्रमुख होता था?
A) गाँव का | B) जिले का | C) प्रांत का | D) सेना का -
पल्लव शासकों की राजधानी कौन-सी थी?
A) मदुरै | B) कांचीपुरम | C) बादामी | D) वेन्गी -
कथन (A): हर्षवर्धन के काल में नालंदा विश्वविद्यालय अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त था।
कारण (R): यहाँ दस हजार से अधिक विद्यार्थी और पंद्रह सौ शिक्षक थे और शिक्षा निशुल्क थी।
A) कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है | B) कथन और कारण दोनों सही हैं परन्तु कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है | C) कथन सही है, कारण गलत है | D) कथन गलत है, कारण सही है -
सुमेलित करें (मंदिर और निर्माणकर्ता):
(अ) बृहदेश्वर मंदिर - (1) नरसिंहवर्मन (पल्लव)
(ब) रथ मंदिर - (2) राजराज प्रथम (चोल)
(स) एलोरा का कैलाश मंदिर - (3) कृष्ण प्रथम (राष्ट्रकूट)
A) अ-2, ब-1, स-3 | B) अ-1, ब-2, स-3 | C) अ-3, ब-2, स-1 | D) अ-2, ब-3, स-1 -
हर्षवर्धन ने बौद्ध धर्म की किस शाखा को संरक्षण दिया था?
A) हीनयान | B) महायान | C) वज्रयान | D) जैन -
विषम विकल्प चुनें (हर्षवर्धन द्वारा रचित नाटकों के आधार पर):
A) प्रियदर्शिका | B) रत्नावली | C) नागानन्द | D) कादम्बरी -
सुमेलित करें (प्रशासनिक पद):
(अ) भुक्ति - (1) विषयपति
(ब) विषय - (2) ग्रामिक
(स) ग्राम - (3) उपरिक
A) अ-3, ब-1, स-2 | B) अ-1, ब-2, स-3 | C) अ-2, ब-3, स-1 | D) अ-3, ब-2, स-1 -
चोल कालीन मूर्तिकला का सबसे सुंदर उदाहरण कौन-सी प्रतिमा है?
A) बुद्ध की प्रतिमा | B) नटराज की कांस्य प्रतिमा | C) विष्णु की प्रतिमा | D) महालक्ष्मी की प्रतिमा -
कथन (A): दक्षिण भारत में मंदिरों का निर्माण केवल धार्मिक कार्य नहीं था।
कारण (R): मंदिर आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन के केंद्र भी थे।
A) कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है | B) कथन और कारण दोनों सही हैं परन्तु कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है | C) कथन सही है, कारण गलत है | D) कथन गलत है, कारण सही है -
हर्ष के समय नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति कौन थे?
A) शमशान गुप्त | B) शीलभद्र | C) धर्मपाल | D) वसुबंधु -
सूची-I का सूची-II से मिलान करें (राजवंश और राजधानी):
(अ) चोल - (1) मान्यखेत
(ब) पल्लव - (2) तंजावुर
(स) राष्ट्रकूट - (3) कांची
A) अ-2, ब-3, स-1 | B) अ-1, b-2, स-3 | C) अ-3, ब-2, स-1 | D) अ-2, ब-1, स-3 -
त्रिकोणीय संघर्ष लगभग कितने वर्षों तक चला?
A) पचास वर्ष | B) सौ वर्ष | C) दो सौ वर्ष | D) पांच सौ वर्ष -
कथन (A): पल्लव कला में मंदिरों का विकास रथ शैली से हुआ।
कारण (R): महाबलिपुरम के एकाश्मक रथ इसका सर्वश्रेष्ठ उदाहरण हैं।
A) कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है | B) कथन और कारण दोनों सही हैं परन्तु कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है | C) कथन सही है, कारण गलत है | D) कथन गलत है, कारण सही है -
हर्ष के समय चीनी यात्री ह्वेनसांग को क्या कहा जाता था?
A) यात्रियों का राजकुमार | B) नीति का पंडित | C) शाक्यमुनि | D) उपरोक्त सभी -
चोल साम्राज्य में शक्तिशाली नौसेना का विकास किसने किया था?
A) विजयालय | B) राजेंद्र प्रथम | C) आदित्य | D) परांतक -
हर्षवर्धन के सैन्य अभियानों के संदर्भ में सही ऐतिहासिक क्रम क्या है?
A) थानेश्वर की सत्ता - कन्नौज का विलय - गौड़ शासक शशांक से युद्ध - नर्मदा तट पर युद्ध | B) नर्मदा तट पर युद्ध - कन्नौज का विलय - थानेश्वर की सत्ता | C) कन्नौज का विलय - थानेश्वर की सत्ता - नर्मदा युद्ध | D) थानेश्वर की सत्ता - नर्मदा युद्ध - कन्नौज विलय -
कथन (A): प्रतिहारों ने अरबों के आक्रमण को रोकने में 'द्वारपाल' की भूमिका निभाई।
कारण (R): नागभट्ट प्रथम और मिहिर भोज जैसे शासकों ने अरबों को सिंध से आगे नहीं बढ़ने दिया।
A) कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है | B) कथन और कारण दोनों सही हैं परन्तु कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है | C) कथन सही है, कारण गलत है | D) कथन गलत है, कारण सही है -
नालंदा विश्वविद्यालय के खर्च के लिए हर्षवर्धन ने कितने गाँवों का राजस्व दान में दिया था?
A) पचास गाँव | B) सौ गाँव | C) दो सौ गाँव | D) पांच सौ गाँव -
सुमेलित करें (शासक और उपलब्धि):
(अ) राजराज प्रथम - (1) जल सेना का विस्तार और श्रीलंका विजय
(ब) राजेंद्र प्रथम - (2) बृहदेश्वर मंदिर का निर्माण
(स) धर्मपाल - (3) विक्रमशिला विश्वविद्यालय की स्थापना
A) अ-2, ब-1, स-3 | B) अ-1, ब-2, स-3 | C) अ-3, ब-2, स-1 | D) अ-2, ब-3, स-1 -
कथन (A): ह्वेनसांग के अनुसार हर्ष के समय दंड विधान कठोर नहीं था।
कारण (R): अपराध कम होते थे और सामाजिक नैतिकता का स्तर ऊँचा था।
A) कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है | B) कथन और कारण दोनों सही हैं परन्तु कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है | C) कथन सही है, कारण गलत है | D) कथन गलत है, कारण सही है -
चोल प्रशासन में 'पेरुन्दनम' और 'सिरुन्दनम' शब्द किसके लिए प्रयुक्त होते थे?
A) राजस्व की श्रेणियाँ | B) उच्च और निम्न श्रेणी के अधिकारी | C) सैनिक टुकड़ियाँ | D) ग्रामीण सभाएं -
हर्षवर्धन के शासनकाल में प्रयाग की दान सभा के दौरान किस देवता की पूजा की जाती थी?
A) बुद्ध, सूर्य और शिव | B) केवल बुद्ध | C) केवल विष्णु | D) इन्द्र और वरुण -
कथन (A): राष्ट्रकूटों ने उत्तर और दक्षिण भारत के बीच सांस्कृतिक सेतु का कार्य किया।
कारण (R): उन्होंने त्रिकोणीय संघर्ष में भाग लिया और एलोरा जैसे महान कला केंद्रों का विकास किया।
A) कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है | B) कथन और कारण दोनों सही हैं परन्तु कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है | C) कथन सही है, कारण गलत है | D) कथन गलत है, कारण सही है -
निम्नलिखित में से कौन-सा लक्षण हर्षकालीन अर्थव्यवस्था को दर्शाता है?
A) स्वर्ण मुद्राओं की प्रचुरता | B) सिक्कों की कमी और वस्तु विनिमय का बढ़ना | C) विदेशी व्यापार का चरम | D) केवल समुद्री व्यापार -
चोलों की राजधानी तंजावुर किस नदी के डेल्टा पर स्थित थी?
A) कृष्णा | B) कावेरी | C) गोदावरी | D) तुंगभद्रा -
सुमेलित करें (विशेष शब्दावली):
(अ) अग्रहार - (1) ब्राह्मणों को दान में दी गई भूमि
(ब) वेल्लनवगाई - (2) गैर-ब्राह्मण किसान स्वामी की भूमि
(स) शालभोग - (3) स्कूल के रखरखाव के लिए भूमि
A) अ-1, ब-2, स-3 | B) अ-2, ब-1, स-3 | C) अ-3, ब-1, स-2 | D) अ-1, b-3, स-2 -
कथन (A): उत्तर भारत में गुर्जर-प्रतिहारों के पतन के बाद राजपूत राजवंशों का उदय हुआ।
कारण (R): केंद्रीय शक्ति के कमजोर होने से स्थानीय सामंत स्वतंत्र हो गए।
A) कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है | B) कथन और कारण दोनों सही हैं परन्तु कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है | C) कथन सही है, कारण गलत है | D) कथन गलत है, कारण सही है -
नालंदा विश्वविद्यालय में प्रवेश की प्रक्रिया कैसी थी?
A) सभी को प्रवेश मिलता था | B) कठोर प्रवेश परीक्षा (द्वारपाल द्वारा प्रश्न पूछना) उत्तीर्ण करनी होती थी | C) केवल धन देकर | D) राजा की सिफारिश पर -
चोल कालीन ग्राम सभा 'उत्तरमेरुर' अभिलेख के अनुसार सभा की सदस्यता के लिए अनिवार्य शर्त क्या थी?
A) केवल साक्षर होना | B) अपनी भूमि का होना, वेदों का ज्ञान और आयु 35 से 70 वर्ष के बीच होना | C) बहुत धनी होना | D) सैनिक अनुभव होना -
निम्नलिखित में से कौन-सा शासक हर्षवर्धन का समकालीन और शत्रु था?
A) ध्रुवसेन | B) भास्करवर्मा | C) शशांक (गौड़) | D) पुलकेशिन प्रथम -
कथन (A): हर्ष के शासनकाल में सामाजिक व्यवस्था में जाति प्रथा जटिल हो गई थी।
कारण (R): ह्वेनसांग के अनुसार अछूतों और चांडालों को नगर से बाहर रहना पड़ता था।
A) कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है | B) कथन और कारण दोनों सही हैं परन्तु कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है | C) कथन सही है, कारण गलत है | D) कथन गलत है, कारण सही है -
चोल प्रशासन के बारे में जानकारी देने वाला प्रसिद्ध 'उत्तरमेरुर' अभिलेख किस जिले में स्थित है?
A) तंजावुर | B) कांचीपुरम (चिंगलपुट) | C) मदुरै | D) त्रिची -
हर्ष के समय कन्नौज की धर्म सभा में किस देश के राजा भी सम्मिलित हुए थे?
A) केवल भारत के | B) कामरूप (असम) और वल्लभी के शासक भी | C) तिब्बत के शासक | D) चीन के दूत -
कथन (A): ग्यारहवीं शताब्दी के अंत तक चोल साम्राज्य का पतन हो गया।
कारण (R): आंतरिक कलह और पांड्य जैसे पड़ोसी राज्यों के उदय ने उन्हें कमजोर कर दिया।
A) कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है | B) कथन और कारण दोनों सही हैं परन्तु कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है | C) कथन सही है, कारण गलत है | D) कथन गलत है, कारण सही है -
त्रिकोणीय संघर्ष में अंतिम विजय किस राजवंश को प्राप्त हुई मानी जाती है?
A) पाल | B) गुर्जर-प्रतिहार | C) राष्ट्रकूट | D) चोल
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