3. इतिहास जानने के स्रोत (Sources of Knowing History)
इस पेज पर आपको 3. इतिहास जानने के स्रोत (Sources of Knowing History) के सभी महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ), परीक्षा उपयोगी नोट्स और ऑनलाइन क्विज़ मिलेंगे। अपने ज्ञान का परीक्षण करने और बोर्ड/प्रतियोगी परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए मॉक टेस्ट में अवश्य भाग लें।
👉 अध्याय का सारांश (Summary)
प्रिय अभ्यर्थियों, इस अध्याय में हम 'इतिहास जानने के स्रोत' (Sources of Knowing History) विषय पर विस्तार से चर्चा करेंगे। इतिहास का निर्माण केवल कहानियों या किंवदंतियों के आधार पर नहीं होता, बल्कि इसके लिए प्रामाणिक साक्ष्यों की आवश्यकता होती है। जब आप SSC, CET, REET या State PCS जैसी महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, तो पुरातात्विक साक्ष्यों, शिलालेखों (Inscriptions) और प्राचीन साहित्य से संबंधित कई वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Objective Questions) सीधे तौर पर पूछे जाते हैं। यह अध्याय आपको यह समझने में मदद करेगा कि इतिहासकार किन आधारों पर हमारे अतीत की सटीक व्याख्या करते हैं।
इतिहास जानने के मुख्य रूप से 2 प्रमुख स्रोत होते हैं: पुरातात्विक स्रोत (Archaeological Sources) और साहित्यिक स्रोत (Literary Sources)। दैनिक जीवन में जब आप किसी पुराने किले, मंदिर या खंडहर को देखने जाते हैं, तो वे भवन और वहां मिलने वाले पुराने सिक्के, बर्तन और मूर्तियां पुरातात्विक स्रोत कहलाते हैं। पुरातात्विक स्रोतों में सबसे अधिक प्रामाणिक 'अभिलेख' या 'शिलालेख' (Inscriptions) को माना जाता है। ये पत्थरों, खंभों, गुफाओं या ताम्रपत्रों (Copper Plates) पर उकेरे गए लेख होते हैं, जिनमें उस समय के राजाओं की उपलब्धियों, उनके द्वारा दिए गए दान और सामाजिक जीवन का विस्तृत वर्णन मिलता है। उदाहरण के लिए, बिजोलिया शिलालेख (Bijolia Inscription) से हमें चौहान राजवंश के प्रारंभिक इतिहास के बारे में अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रामाणिक जानकारी मिलती है।
प्रतियोगी परीक्षाओं में प्राचीन सिक्कों (Coins) से भी बहुत प्रश्न बनते हैं। प्राचीन काल के सिक्कों को आहत सिक्के (Punch-marked Coins) कहा जाता था, जिन पर विशेष चिह्न ठप्पे से बनाए जाते थे। सिक्कों के अध्ययन को 'मुद्राशास्त्र' (Numismatics) कहा जाता है। ये सिक्के हमें उस समय की अर्थव्यवस्था, व्यापार और राजाओं के धार्मिक विश्वास के बारे में सटीक जानकारी देते हैं। इसके अलावा, साहित्यिक स्रोत भी इतिहास निर्माण में बहुत बड़ी भूमिका निभाते हैं। साहित्यिक स्रोतों में संस्कृत, राजस्थानी, हिंदी और फारसी भाषा के अनेक महत्वपूर्ण ग्रंथ शामिल हैं।
परीक्षा की दृष्टि से कुछ प्रसिद्ध ऐतिहासिक ग्रंथ और उनके लेखकों के नाम याद रखना अति आवश्यक है। जैसे, महाकवि चंदरबरदाई (Chandarbardai) द्वारा रचित 'पृथ्वीराज रासो' (Prithviraj Raso), जयानक द्वारा रचित 'पृथ्वीराज विजय' (Prithviraj Vijay), और पद्मनाभ द्वारा रचित 'कान्हड़दे प्रबंध' (Kanhadade Prabandh)। इन ग्रंथों से हमें राजपूत राजाओं के शौर्य, उनके युद्ध कौशल और तत्कालीन समाज की स्पष्ट झलक मिलती है। इसके साथ ही विदेशी यात्रियों (Foreign Travellers) के वृत्तांत भी हमारे इतिहास के पन्नों को रोशन करते हैं। NCERT बेस और RBSE पाठ्यक्रम पर आधारित ये तथ्य आपकी सफलता का मार्ग प्रशस्त करेंगे। हमारे इस विशेष क्विज़ के माध्यम से आप इन सभी स्रोतों के बारे में अपनी तैयारी को परख सकते हैं।
विशेषता: यह एक 3-Level आधारित यूनीक क्विज़ है। अगले स्तर (Level 2 और 3) को अनलॉक करने के लिए अभ्यर्थियों को वर्तमान स्तर में कम से कम 70% अंक स्कोर करने होंगे, जो आपकी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी को 100% मजबूत बनाता है。
अध्याय के सभी प्रश्न (Revision Notes)
*नोट: यह सेक्शन रिवीजन के लिए है। अपना ज्ञान परखने के लिए ऊपर दिए गए क्विज़ में भाग लें।
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इतिहास जानने के स्रोतों को मुख्य रूप से कितने भागों में बाँटा गया है?
A) 2 | B) 3 | C) 4 | D) 5 -
प्रशंसा में लिखे गए अभिलेखों को क्या कहा जाता है?
A) ताम्रपत्र | B) प्रशस्ति | C) मृद्भाण्ड | D) उत्खनन -
प्रतिहारों के इतिहास की जानकारी किस अभिलेख से मिलती है?
A) बिजोलिया अभिलेख | B) चीरवा अभिलेख | C) घटियाला अभिलेख | D) आहड़ अभिलेख -
चौहानों के इतिहास की जानकारी किस शिलालेख से प्राप्त होती है?
A) घटियाला शिलालेख | B) चीरवा शिलालेख | C) बिजोलिया शिलालेख | D) रेड शिलालेख -
'पृथ्वीराज विजय' महाकाव्य के लेखक कौन हैं?
A) जयानक | B) चंदबरदाई | C) नयनचन्द्र सूरी | D) पद्मनाभ -
'हम्मीर महाकाव्य' की रचना किसने की थी?
A) जयानक | B) नयनचन्द्र सूरी | C) चंदबरदाई | D) श्यामलदास -
'कान्हड़दे प्रबन्ध' के रचयिता कौन हैं?
A) मुहणौत नैणसी | B) सूर्यमल्ल मिसण | C) पद्मनाभ | D) बांकीदास -
'पृथ्वीराज रासो' ग्रंथ किसने लिखा है?
A) जयानक | B) चंदबरदाई | C) नयनचन्द्र सूरी | D) पद्मनाभ -
'वंश भास्कर' के रचयिता कौन हैं?
A) श्यामलदास | B) कर्नल जेम्स टॉड | C) सूर्यमल्ल मिसण | D) गौरीशंकर हीराचंद ओझा -
'वीर विनोद' नामक ग्रंथ की रचना किसने की?
A) श्यामलदास | B) सूर्यमल्ल मिसण | C) विश्वेश्वर नाथ रेऊ | D) बांकीदास -
'एनाल्स एण्ड एंटीक्विीटीज ऑफ राजस्थान' पुस्तक के लेखक कौन हैं?
A) कर्नल जेम्स टॉड | B) श्यामलदास | C) गौरीशंकर हीराचंद ओझा | D) विश्वेश्वर नाथ रेऊ -
'मारवाड़ रा परगना री विगत' के लेखक कौन हैं?
A) बांकीदास | B) दयालदास | C) मुहणौत नैणसी | D) पद्मनाभ -
दान-पुण्य से संबंधित जानकारी मुख्य रूप से किस पर लिखी जाती थी?
A) शिलालेखों पर | B) ताम्रपत्रों पर | C) कागज पर | D) मुद्राओं पर -
रावल समरसिंह के युग की जानकारी किस शिलालेख से मिलती है?
A) बिजोलिया शिलालेख | B) घटियाला शिलालेख | C) चीरवा का शिलालेख | D) बैराठ शिलालेख -
खुदाई में प्राप्त मिट्टी के बर्तनों को क्या कहा जाता है?
A) उत्खनन | B) मुद्रा | C) मृद्भाण्ड | D) ताम्रपत्र -
आहड़, रेड और बैराठ से खुदाई में मुख्य रूप से क्या सामग्री प्राप्त हुई है?
A) मुद्राएं (सिक्के) | B) ताम्रपत्र | C) शिलालेख | D) कागज के ग्रंथ -
दुर्ग, महल और हवेलियां इतिहास जानने के किस स्रोत के अंतर्गत आते हैं?
A) साहित्यिक स्रोत | B) स्मारक | C) मुद्राएं | D) अभिलेख -
पत्थर की पट्टिकाओं या शिलाओं पर लिखे गए लेखों को क्या कहा जाता है?
A) ताम्रपत्र | B) शिलालेख | C) पाण्डुलिपि | D) मृद्भाण्ड -
गौरीशंकर हीराचंद ओझा ने मुख्य रूप से किस क्षेत्र का इतिहास लिखा है?
A) भारत का | B) राजस्थान की विभिन्न रियासतों का | C) केवल मारवाड़ का | D) केवल मुगलों का -
उत्खनन का सामान्य अर्थ क्या होता है?
A) किताब लिखना | B) चित्र बनाना | C) खुदाई | D) मुद्रा छापना -
सही मिलान करें:
1. जयानक
2. पद्मनाभ
3. चंदबरदाई
(क) कान्हड़दे प्रबन्ध
(ख) पृथ्वीराज रासो
(ग) पृथ्वीराज विजय
A) 1-क, 2-ख, 3-ग | B) 1-ग, 2-क, 3-ख | C) 1-ख, 2-ग, 3-क | D) 1-ग, 2-ख, 3-क -
सही मिलान करें:
1. सूर्यमल्ल मिसण
2. श्यामलदास
3. कर्नल जेम्स टॉड
(क) वीर विनोद
(ख) एनाल्स एण्ड एंटीक्विीटीज...
(ग) वंश भास्कर
A) 1-ग, 2-क, 3-ख | B) 1-क, 2-ख, 3-ग | C) 1-ख, 2-ग, 3-क | D) 1-ग, 2-ख, 3-क -
कथन: पुरातात्विक स्रोतों में अभिलेख, मुद्राएं और स्मारक शामिल हैं।
कारण: इनसे हमें तत्कालीन जनजीवन और राजनीतिक स्थिति को समझने में सहयोग मिलता है।
A) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या है | B) कथन और कारण दोनों सही हैं लेकिन कारण कथन की सही व्याख्या नहीं है | C) कथन सही है लेकिन कारण गलत है | D) कथन गलत है लेकिन कारण सही है -
कथन: प्रशस्ति 1 प्रकार का अभिलेख है।
कारण: यह शासकों की प्रशंसा में लिखा जाता था।
A) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या है | B) कथन और कारण दोनों सही हैं लेकिन कारण कथन की सही व्याख्या नहीं है | C) कथन सही है लेकिन कारण गलत है | D) कथन गलत है लेकिन कारण सही है -
ताम्रपत्रों का मुख्य उपयोग प्राचीन काल में किस कार्य के लिए होता था?
A) कानून बनाने के लिए | B) दान-पुण्य और भूमि दान का रिकॉर्ड रखने के लिए | C) व्यापार करने के लिए | D) युद्ध की घोषणा के लिए -
आहड़, रेड और रंगमहल स्थानों का संबंध किस पुरातात्विक स्रोत से है?
A) खुदाई में मिली मुद्राओं से | B) विशाल महलों से | C) ताम्रपत्रों से | D) शिलालेखों से -
कर्नल जेम्स टॉड ने किस क्षेत्र के इतिहास पर अपनी प्रसिद्ध पुस्तक लिखी?
A) मराठा इतिहास | B) मुगल इतिहास | C) राजस्थान का इतिहास | D) दक्षिण भारत का इतिहास -
'मारवाड़ राज्य का इतिहास' नामक पुस्तक किसने लिखी है?
A) गौरीशंकर हीराचंद ओझा | B) विश्वेश्वर नाथ रेऊ | C) बांकीदास | D) दयालदास -
फारसी और उर्दू तवारिखों (इतिहास ग्रंथों) से हमें विशेषतया राजस्थान के किस 1 काल का इतिहास समझने में मदद मिलती है?
A) प्राचीनकालीन | B) मध्यकालीन | C) आधुनिककालीन | D) पाषाणकालीन -
राजस्थानी भाषा में लिखे गए 2 प्रमुख ग्रंथों के नाम क्या हैं?
A) पृथ्वीराज विजय और हम्मीर महाकाव्य | B) कान्हड़दे प्रबन्ध और अचलदास खींची री वचनिका | C) वंश भास्कर और वीर विनोद | D) पृथ्वीराज रासो और एनाल्स एण्ड एंटीक्विीटीज -
अचलदास खींची री वचनिका और ख्यात साहित्य किस भाषा के इतिहास स्रोत हैं?
A) संस्कृत | B) फारसी | C) उर्दू | D) राजस्थानी -
चीरवा का शिलालेख किस शासक के युग की जानकारी देता है?
A) राणा सांगा | B) रावल समरसिंह | C) पृथ्वीराज चौहान | D) राणा कुम्भा -
मृद्भाण्ड (मिट्टी के बर्तन) और पुराने औजार किस प्रकार के स्रोत हैं?
A) साहित्यिक स्रोत | B) उत्खनन से प्राप्त पुरातात्विक स्रोत | C) ताम्रपत्र | D) प्रशस्ति -
राजस्थान के इतिहासकार गौरीशंकर हीराचंद ओझा ने किन 3 प्रमुख रियासतों का इतिहास लिखा है?
A) जयपुर, जोधपुर, बीकानेर | B) उदयपुर, जोधपुर, सिरोही | C) कोटा, बूंदी, झालावाड़ | D) अलवर, भरतपुर, धौलपुर -
अभिलेख विविध भाषाओं में मिलते हैं, इनमें मुख्य रूप से किन 2 शैलियों का प्रयोग होता है?
A) हिंदी और अंग्रेजी | B) गद्य और पद्य | C) फारसी और उर्दू | D) प्राकृत और पाली -
घटियाला अभिलेख किस राजवंश के इतिहास को समझने में अत्यंत महत्त्वपूर्ण है?
A) चौहान राजवंश | B) प्रतिहार राजवंश | C) गुहिल राजवंश | D) राठौड़ राजवंश -
स्मारकों (जैसे चित्तौड़गढ़, जालोर के दुर्ग) से हमें मुख्य रूप से किस विषय की जानकारी मिलती है?
A) तत्कालीन कृषि व्यवस्था की | B) तत्कालीन स्थापत्य कला और धार्मिक विश्वास की | C) केवल व्यापार की | D) मुद्राओं के निर्माण की -
मुद्राओं (सिक्कों) पर अंकित नाम और तिथि से हमें मुख्य रूप से क्या पता चलता है?
A) शासक का काल और उसका राज्य विस्तार | B) केवल धातु की कीमत | C) कवियों के नाम | D) केवल धर्म का नाम -
बांकीदास की ख्यात और मुहणौत नैणसी री ख्यात से किस क्षेत्र का इतिहास जानने में सहायता मिलती है?
A) गुजरात का | B) राजस्थान की विभिन्न रियासतों का | C) पंजाब का | D) महाराष्ट्र का -
प्राचीन काल में शासकों के नाम, उनकी विजय और आज्ञाओं को स्थायी रूप देने के लिए मुख्य रूप से क्या 1 काम किया जाता था?
A) कागज पर लिखा जाता था | B) पत्थरों और ताम्रपत्रों पर उत्कीर्ण करवाया जाता था | C) केवल मौखिक रूप से याद रखा जाता था | D) कपड़े पर चित्र बनाए जाते थे -
3 कथनों पर विचार करें:
1. बिजोलिया शिलालेख से चौहानों का इतिहास पता चलता है।
2. घटियाला अभिलेख से प्रतिहारों की जानकारी मिलती है।
3. चीरवा शिलालेख रावल समरसिंह के युग का है।
इनमें से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
A) केवल 1 | B) 1 और 2 | C) 2 और 3 | D) 1, 2 और 3 -
3 साहित्यिक ग्रंथों और उनके लेखकों पर विचार करें:
1. वंश भास्कर - सूर्यमल्ल मिसण
2. वीर विनोद - श्यामलदास
3. हम्मीर महाकाव्य - जयानक
इनमें से कौन-सा/से मिलान सही है/हैं?
A) केवल 1 | B) 1 और 2 | C) 2 और 3 | D) 1, 2 और 3 -
पुरातात्विक स्रोतों के बारे में 2 कथनों पर विचार करें:
1. ये तत्कालीन जनजीवन और संस्कृति को समझने में मदद करते हैं।
2. इनमें केवल लिखित साहित्य शामिल होता है।
क्या ये दोनों कथन सही हैं?
A) केवल 1 सही है | B) केवल 2 सही है | C) दोनों सही हैं | D) दोनों गलत हैं -
कथन: मुद्राओं से शासकों के राज्य विस्तार की जानकारी मिलती है।
निष्कर्ष 1: सिक्के जिस क्षेत्र में मिलते हैं, वह क्षेत्र संभवतः उस शासक के अधीन रहा होगा।
निष्कर्ष 2: मुद्राओं पर शासकों का नाम और काल अंकित होता है।
A) केवल निष्कर्ष 1 सही है | B) केवल निष्कर्ष 2 सही है | C) निष्कर्ष 1 और 2 दोनों सही हैं | D) न तो 1 और न ही 2 सही है -
स्मारकों के अध्ययन से हमें इतिहास की कौन सी 3 प्रमुख जानकारियां प्राप्त होती हैं?
A) केवल युद्धों के नाम | B) तत्कालीन स्थापत्य कला, धार्मिक विश्वास और शासकों की संपन्नता | C) कवियों की जीवन शैली | D) खेती के प्रकार -
राजस्थानी साहित्य के 3 प्रमुख ग्रंथों का समूह कौन सा है?
A) पृथ्वीराज विजय, हम्मीर महाकाव्य, वीर विनोद | B) कान्हड़दे प्रबन्ध, अचलदास खींची री वचनिका, बांकीदास की ख्यात | C) एनाल्स एण्ड एंटीक्विीटीज, वंश भास्कर, पृथ्वीराज रासो | D) मारवाड़ राज्य का इतिहास, वीर विनोद, घटियाला अभिलेख -
महामहोपाध्याय गौरीशंकर हीराचंद ओझा द्वारा रचित ऐतिहासिक ग्रंथों में किन 4 रियासतों का इतिहास शामिल है?
A) जयपुर, अलवर, भरतपुर, धौलपुर | B) उदयपुर, जोधपुर, सिरोही, डूंगरपुर | C) कोटा, बूंदी, झालावाड़, बारां | D) बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर, नागौर -
'प्रशस्ति' और 'ताम्रपत्र' में मुख्य अंतर क्या है?
A) प्रशस्ति कागज पर होती है, ताम्रपत्र पत्थर पर | B) प्रशस्ति पत्थर पर शासक की प्रशंसा में लिखी जाती है, जबकि ताम्रपत्र तांबे की प्लेट पर दान-पुण्य के रिकॉर्ड के लिए होते हैं | C) दोनों 1 ही हैं | D) प्रशस्ति मुद्रा है, ताम्रपत्र स्मारक है -
मध्यकालीन राजस्थान का इतिहास समझने में कौन से 2 स्रोत सबसे अधिक उपयोगी सिद्ध होते हैं?
A) पाषाणकालीन औजार | B) फारसी और उर्दू तवारिखें (इतिहास ग्रंथ) | C) प्राचीन यूनानी साहित्य | D) मौर्यकालीन शिलालेख -
3 कथनों पर विचार करें:
1. कर्नल जेम्स टॉड ने 'एनाल्स एण्ड एंटीक्विीटीज ऑफ राजस्थान' लिखी।
2. विश्वेश्वर नाथ रेऊ ने 'मारवाड़ राज्य का इतिहास' लिखा।
3. 'वीर विनोद' की रचना महाकवि सूर्यमल्ल मिसण ने की।
इनमें से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
A) केवल 1 | B) 1 और 2 | C) 2 और 3 | D) 1, 2 और 3 -
प्राचीन काल की लिपियों और भाषाओं के अध्ययन के लिए सबसे प्रामाणिक पुरातात्विक स्रोत किसे माना जाता है?
A) मिट्टी के बर्तनों को | B) अभिलेखों को | C) स्मारकों को | D) हथियारों को -
3 स्थानों (आहड़, रेड, बैराठ) से प्राप्त पुरातात्विक सामग्री मुख्य रूप से किस रूप में इतिहास की जानकारी देती है?
A) बड़े महलों के रूप में | B) मुद्राओं और बर्तनों के रूप में | C) लिखित किताबों के रूप में | D) विदेशी यात्रियों के लेखों के रूप में -
ताम्रपत्रों से हमें इतिहास की किन 2 मुख्य बातों की जानकारी मिलती है?
A) युद्ध के हथियार और सैनिकों की संख्या | B) शासक द्वारा दिए गए दान-पुण्य और तत्कालीन धार्मिक स्थिति की | C) विदेशी व्यापार और समुद्री मार्ग | D) मुद्रा छापने की तकनीक -
'हम्मीर महाकाव्य' और 'पृथ्वीराज विजय' दोनों किस 1 प्रकार के स्रोत हैं?
A) फारसी साहित्य के स्रोत | B) संस्कृत साहित्य के स्रोत | C) राजस्थानी साहित्य के स्रोत | D) उर्दू साहित्य के स्रोत -
उत्खनन (खुदाई) से प्राप्त 4 प्रमुख सामग्रियां कौन सी हैं जो इतिहास जानने में मदद करती हैं?
A) कागज, कलम, स्याही, किताबें | B) बर्तन, औजार, आभूषण और मुद्राएं | C) कंप्यूटर, मोबाइल, तार, मशीनें | D) कपड़े, जूते, टोपी, चश्मे -
शिलालेखों पर 3 प्रमुख चीजें क्या उत्कीर्ण होती थीं?
A) कहानियां, चुटकुले और कविताएं | B) शासक का नाम, तिथि और उसकी विजय या आज्ञाएं | C) नदियों के नाम, पेड़ों के नाम और जानवरों के नाम | D) केवल चित्र -
3 आधुनिक इतिहासकारों/लेखकों का समूह कौन सा है जिन्होंने राजस्थान के इतिहास पर प्रकाश डाला?
A) जयानक, चंदबरदाई, पद्मनाभ | B) कर्नल जेम्स टॉड, गौरीशंकर हीराचंद ओझा, विश्वेश्वर नाथ रेऊ | C) बांकीदास, दयालदास, मुहणौत नैणसी | D) नयनचन्द्र सूरी, सूर्यमल्ल मिसण, श्यामलदास -
'मारवाड़ रा परगना री विगत' ग्रंथ का राजस्थानी इतिहास में क्या महत्त्व है?
A) यह 1 विदेशी लेखक द्वारा लिखा गया है | B) यह मुहणौत नैणसी द्वारा लिखित 1 महत्त्वपूर्ण ऐतिहासिक ख्यात स्रोत है | C) यह केवल कविताओं का संग्रह है | D) यह 1 ताम्रपत्र है -
इतिहासकार को प्राचीन काल के लोगों के रहन-सहन और पहनावे की जानकारी प्राप्त करनी है, इसके लिए वह किस स्रोत का सबसे अधिक उपयोग करेगा?
A) प्रशस्तियों का | B) उत्खनन से प्राप्त सामग्री और स्मारकों की कलाकृतियों का | C) ताम्रपत्रों का | D) फारसी तवारिखों का -
साहित्यकारों द्वारा लिखे गए ग्रंथों को 2 मुख्य भागों में बाँटा जा सकता है, वे कौन से हैं?
A) हिंदी और अंग्रेजी ग्रंथ | B) राज दरबारी कवियों द्वारा लिखे गए ग्रंथ और आधुनिक इतिहासकारों द्वारा लिखे गए ग्रंथ | C) महान ग्रंथ और छोटे ग्रंथ | D) कविताएं और कहानियां
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