5. राजस्थानी चित्रकला एवं लोककलाएं (Rajasthani Painting and Folk Arts)
इस पेज पर आपको 5. राजस्थानी चित्रकला एवं लोककलाएं (Rajasthani Painting and Folk Arts) के सभी महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ), परीक्षा उपयोगी नोट्स और ऑनलाइन क्विज़ मिलेंगे। अपने ज्ञान का परीक्षण करने और बोर्ड/प्रतियोगी परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए मॉक टेस्ट में अवश्य भाग लें।
👉 अध्याय का सारांश (Summary)
प्रिय अभ्यर्थियों, रंगों की विविधताओं और बारीकियों से सजी राजस्थानी चित्रकला पूरी दुनिया के कला प्रेमियों को अपनी ओर आकर्षित करती है। इस अध्याय 'राजस्थानी चित्रकला एवं लोककलाएं' (Rajasthani Painting and Folk Arts) में हम कला की उन ऐतिहासिक विधाओं का अध्ययन करेंगे जिन्होंने राजपूताना की संस्कृति को कैनवास पर उकेरा। State PCS, SSC, CET और REET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में चित्रकला की विभिन्न शैलियों (Schools of Painting), उनके प्रमुख चित्रकारों (Painters) और चित्रों के विषयों से जुड़े वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Objective Questions) हमेशा परीक्षा का हिस्सा होते हैं।
राजस्थानी चित्रकला को मुख्य रूप से 4 बड़े स्कूलों (Schools) में बांटा गया है: मेवाड़ स्कूल, मारवाड़ स्कूल, ढूंढाड़ स्कूल और हाड़ौती स्कूल। मेवाड़ शैली (Mewar School) राजस्थान की चित्रकला की मूल या सबसे प्राचीन शैली मानी जाती है, जिसका मुख्य विषय धार्मिक ग्रंथ और रामायण-महाभारत रहे हैं। महाराणा जगत सिंह प्रथम का काल मेवाड़ चित्रकला का स्वर्ण काल (Golden Age) माना जाता है, जिन्होंने 'चितेरों री ओवरी' नामक कला विद्यालय की स्थापना की थी। इसी तरह नाथद्वारा शैली (Nathdwara Style) अपने भगवान कृष्ण की 'पिछवाइयों' (Pichwais) के लिए विश्व विख्यात है। पिछवाईयां कपड़े पर बनाए गए वे चित्र हैं जो भगवान श्रीनाथजी की मूर्ति के पीछे पर्दे के रूप में लगाए जाते हैं।
प्रतियोगी परीक्षाओं का सबसे पसंदीदा टॉपिक किशनगढ़ शैली (Kishangarh School) है। राजा सांवत सिंह (नागरीदास) के समय इस शैली का विकास हुआ। इस शैली की सबसे प्रसिद्ध पेंटिंग 'बणी-ठणी' (Bani Thani) है, जिसे चित्रकार निहालचंद ने बनाया था। दैनिक जीवन में जब हम कला की बात करते हैं तो बणी-ठणी को अक्सर एरिक डिक्सन द्वारा दी गई उपाधि 'भारत की मोनालिसा' (Monalisa of India) के रूप में याद किया जाता है। मारवाड़ शैली में प्रेम आख्यानों (जैसे ढोला-मारू) का चित्रण अधिक हुआ है, जबकि कोटा शैली (Kota Style) शिकार के दृश्यों (Hunting scenes) के लिए सबसे अधिक प्रसिद्ध है।
चित्रकला के अलावा राजस्थान की लोककलाएं (Folk Arts) भी बहुत समृद्ध हैं। कपड़े पर लोक देवताओं की कथाओं का चित्रण 'फड़ चित्रकला' (Phad Painting) कहलाता है, जिसके लिए भीलवाड़ा का जोशी परिवार (विशेषकर श्रीलाल जोशी) बहुत प्रसिद्ध है। दीवारों पर मिट्टी और गोबर से बनाए जाने वाले पारंपरिक 'मांडणे' (Mandana), काष्ठ कला (Wood Art) और कठपुतली (Puppet) कला भी यहाँ की पहचान हैं। NCERT बेस और RBSE पाठ्यक्रम पर आधारित चित्रकला की इन शैलियों और लोककलाओं के बारीक़ तथ्य आपकी परीक्षा की रणनीति को बेहद धारदार बनाएंगे। हमारे इस विशेष 3-Level क्विज़ से अपनी तैयारी को परखें।
विशेषता: यह एक 3-Level आधारित यूनीक क्विज़ है। अगले स्तर (Level 2 और 3) को अनलॉक करने के लिए अभ्यर्थियों को वर्तमान स्तर में कम से कम 70% अंक स्कोर करने होंगे, जो आपकी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी को 100% मजबूत बनाता है。
अध्याय के सभी प्रश्न (Revision Notes)
*नोट: यह सेक्शन रिवीजन के लिए है। अपना ज्ञान परखने के लिए ऊपर दिए गए क्विज़ में भाग लें।
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राजस्थानी चित्रकला का सबसे पहला वैज्ञानिक विभाजन किसने किया था?
A) आनंद कुमार स्वामी | B) कार्ल खंडालावाला | C) एरिक डिक्सन | D) कर्नल जेम्स टॉड -
उन्नीस सौ सोलह में प्रकाशित 'राजपूत पेंटिंग्स' नामक प्रसिद्ध पुस्तक के लेखक कौन हैं?
A) रायकृष्ण दास | B) आनंद कुमार स्वामी | C) डब्लू एच ब्राउन | D) रामकृष्ण दास -
बनी-ठणी का चित्र किस चित्रकला शैली का उत्कृष्ट उदाहरण है?
A) मेवाड़ शैली | B) बूंदी शैली | C) किशनगढ़ शैली | D) मारवाड़ शैली -
पिछवाइयां किस चित्रकला शैली की मुख्य विशेषता हैं?
A) नाथद्वारा शैली | B) देवगढ़ शैली | C) जयपुर शैली | D) अलवर शैली -
शिकार के दृश्यों का सर्वाधिक और सजीव चित्रण किस चित्रकला शैली में हुआ है?
A) जोधपुर शैली | B) कोटा शैली | C) बीकानेर शैली | D) मेवाड़ शैली -
पशु-पक्षियों के चित्रण को किस चित्रकला शैली में विशेष स्थान मिला है?
A) कोटा शैली | B) बूंदी शैली | C) अलवर शैली | D) किशनगढ़ शैली -
भित्ति चित्रों के लिए प्रसिद्ध 'शेखावाटी' की हवेलियां मुख्य रूप से कहाँ स्थित हैं?
A) सीकर और झुंझुनूं | B) चूरू और बीकानेर | C) जयपुर और दौसा | D) जोधपुर और नागौर -
फड़ चित्रण के लिए राजस्थान का कौन सा स्थान देश भर में प्रसिद्ध है?
A) बस्सी | B) शाहपुरा | C) नाथद्वारा | D) मोलेला -
लकड़ी के कपाटों वाली मंदिरनुमा आकृति जिसमें पौराणिक कथाओं का चित्रण होता है, क्या कहलाती है?
A) कावड़ | B) बेवाण | C) पाने | D) सांझी -
श्राद्ध पक्ष में कुंवारी कन्याओं द्वारा दीवार पर गोबर से बनाई जाने वाली आकृतियां क्या कहलाती हैं?
A) मांडणा | B) सांझी | C) गोदना | D) मेहंदी -
मांगलिक अवसरों पर घर के आंगन या देहरी पर बनाए जाने वाले ज्यामितीय अलंकरण क्या कहलाते हैं?
A) पाने | B) सांझी | C) मांडणा | D) वील -
कागज़ पर बने देवी-देवताओं के चित्र राजस्थान में क्या कहलाते हैं?
A) फड़ | B) पाने | C) कावड़ | D) मांडणा -
मथैरण और उस्ता कला का संबंध किस चित्र शैली से है?
A) बीकानेर शैली | B) जोधपुर शैली | C) अलवर शैली | D) मेवाड़ शैली -
ढोला-मारू का चित्रण मुख्य रूप से किस चित्रकला शैली में हुआ है?
A) किशनगढ़ शैली | B) जोधपुर शैली | C) जयपुर शैली | D) देवगढ़ शैली -
किस चित्रकला शैली पर मुगलों का सर्वाधिक और सबसे पहला प्रभाव पड़ा?
A) मेवाड़ शैली | B) जोधपुर शैली | C) आमेर-जयपुर शैली | D) बीकानेर शैली -
बारह सौ साठ ईस्वी का 'श्रावक प्रतिक्रमण सूत्र चूर्णि' नामक चित्रित ग्रंथ किस शैली का है?
A) मेवाड़ शैली | B) मारवाड़ शैली | C) हाड़ौती शैली | D) ढूंढाड़ शैली -
कठपुतली कला के लिए राजस्थान का कौन सा स्थान विशेष रूप से प्रसिद्ध है?
A) जयपुर | B) जोधपुर | C) उदयपुर | D) बाड़मेर -
ग्रामीण क्षेत्रों में मिट्टी की महलनुमा आकृतियां जिनमें महिलाएं दैनिक उपयोग की वस्तुएं रखती हैं, क्या कहलाती हैं?
A) कोठियां | B) वील | C) कावड़ | D) बेवाण -
कमला और इलायची नामक महिला चित्रकारों का संबंध किस चित्रकला शैली से है?
A) किशनगढ़ शैली | B) नाथद्वारा शैली | C) देवगढ़ शैली | D) अलवर शैली -
मुमल किस शैली का प्रमुख और लोकप्रिय चित्र है?
A) जोधपुर शैली | B) बीकानेर शैली | C) जैसलमेर शैली | D) किशनगढ़ शैली -
सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए और सही कूट का चयन कीजिए:
सूची-I (चित्रकला शैली) — सूची-II (प्रमुख चित्रकार)
(a) मेवाड़ शैली — (1) निहालचंद
(b) किशनगढ़ शैली — (2) साहिबराम
(c) जयपुर शैली — (3) शिवदास
(d) जोधपुर शैली — (4) साहिबदीन
A) a-4, b-1, c-2, d-3 | B) a-1, b-2, c-3, d-4 | C) a-2, b-4, c-1, d-3 | D) a-3, b-1, c-4, d-2 -
सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए और सही कूट का चयन कीजिए:
सूची-I (लोककला) — सूची-II (प्रसिद्ध स्थान/कलाकार)
(a) फड़ चित्रण — (1) उदयपुर
(b) कावड़ कला — (2) श्रीलाल जोशी
(c) कठपुतली — (3) मत्स्येन्द्रनाथ का मंदिर
(d) सांझी — (4) बस्सी (चित्तौड़गढ़)
A) a-2, b-4, c-1, d-3 | B) a-1, b-2, c-3, d-4 | C) a-4, b-3, c-2, d-1 | D) a-3, b-1, c-4, d-2 -
कथन (A): नाथद्वारा शैली में कृष्ण की बाल लीलाओं और गायों का सर्वाधिक चित्रण हुआ है।
कारण (R): नाथद्वारा में वल्लभ सम्प्रदाय की प्रधानता है जो कृष्ण भक्ति और श्रीनाथजी की पूजा पर आधारित है।
A) कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण सही व्याख्या है | B) कथन और कारण दोनों सही हैं परन्तु कारण व्याख्या नहीं है | C) कथन सही है परन्तु कारण गलत है | D) कथन गलत है परन्तु कारण सही है -
कथन (A): बीकानेर शैली के चित्रकार अपने चित्रों पर स्वयं का नाम और तिथि अंकित करते थे।
कारण (R): उस्ता और मथैरण कलाकारों ने मुग़ल दरबार के प्रभाव से इस परम्परा को बीकानेर में विकसित किया था।
A) कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण सही व्याख्या है | B) कथन और कारण दोनों सही हैं परन्तु कारण व्याख्या नहीं है | C) कथन सही है परन्तु कारण गलत है | D) कथन गलत है परन्तु कारण सही है -
कथन (A): जयपुर चित्रकला शैली में शासकों के आदमकद पोर्ट्रेट बनने की शुरुआत हुई।
कारण (R): चित्रकार साहिबराम ने सवाई ईश्वरी सिंह का राजस्थान का पहला आदमकद चित्र बनाया था।
A) कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण सही व्याख्या है | B) कथन और कारण दोनों सही हैं परन्तु कारण व्याख्या नहीं है | C) कथन सही है परन्तु कारण गलत है | D) कथन गलत है परन्तु कारण सही है -
कथन (A): किशनगढ़ शैली के 'बनी-ठणी' चित्र को भारत की मोनालिसा कहा जाता है।
कारण (R): कला समीक्षक एरिक डिक्सन ने इस चित्र के अद्वितीय नारी सौंदर्य को देखकर इसे यह संज्ञा दी थी।
A) कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण सही व्याख्या है | B) कथन सही है परन्तु कारण गलत है | C) कथन गलत है परन्तु कारण सही है | D) दोनों गलत हैं -
मेवाड़ के किस महाराणा के काल को मेवाड़ चित्रकला शैली का स्वर्ण काल माना जाता है?
A) महाराणा कुंभा | B) महाराणा प्रताप | C) महाराणा जगतसिंह प्रथम | D) महाराणा अमरसिंह प्रथम -
महाराणा जगतसिंह प्रथम ने राजमहल में 'चितेरों री ओवरी' नाम से एक कला विद्यालय स्थापित किया था, इसे अन्य किस नाम से जाना जाता है?
A) तस्वीराँ रो कारखानो | B) पोथीखाना | C) सरस्वती भंडार | D) जवाहर कला केंद्र -
चावंड शैली का प्रसिद्ध चित्र 'रागमाला' (सोलह सौ पांच ईस्वी) किस चित्रकार द्वारा बनाया गया था?
A) साहिबदीन | B) निसारदीन | C) मनोहर | D) कृपाराम -
मारवाड़ शैली का वह कौन सा प्रसिद्ध स्थान है जहाँ के भित्ति चित्र 'राम-रावण युद्ध' और 'सप्तशती' पर आधारित हैं?
A) चोखेलाव महल | B) मोती महल | C) फूल महल | D) उम्मेद भवन -
देवगढ़ चित्रकला शैली को प्रकाश में लाने का श्रेय किस विद्वान को दिया जाता है?
A) आनंद कुमार स्वामी | B) श्रीधर अंधारे | C) एरिक डिक्सन | D) रामकिशन -
वेश्याओं (गणिकाओं) के सर्वाधिक चित्र राजस्थान की किस चित्रकला शैली में बने हैं?
A) जयपुर शैली | B) अलवर शैली | C) बूंदी शैली | D) जोधपुर शैली -
बूंदी शैली में किस शासक के काल में 'चित्रशाला' का निर्माण हुआ जो भित्ति चित्रों का स्वर्ग कहलाती है?
A) राव सुर्जन सिंह | B) राव उम्मेद सिंह | C) राव रतन सिंह | D) राव बुद्ध सिंह -
भित्ति चित्रण की 'आरायश' या 'आलागीला' पद्धति राजस्थान में सर्वप्रथम कहाँ से प्रारंभ हुई थी?
A) आमेर (जयपुर) | B) बीकानेर | C) उदयपुर | D) जोधपुर -
हाथीदांत की पटरियों पर सूक्ष्म चित्रण किस शैली की एक प्रमुख विशेषता रही है?
A) कोटा शैली | B) अलवर शैली | C) नाथद्वारा शैली | D) किशनगढ़ शैली -
फड़ वाचन के समय मुख्य रूप से किस वाद्य यंत्र का प्रयोग किया जाता है?
A) रावणहत्था और जंतर | B) अलगोजा | C) कमायचा | D) सारंगी -
गोदना क्या है?
A) एक प्रकार की चित्रकला शैली | B) शरीर पर सुई से आकृतियां उकेर कर पक्का रंग भरने की कला | C) कपड़े पर छपाई की कला | D) दीवार पर मिट्टी के उभार बनाने की कला -
कावड़ को चलते-फिरते देवघर भी कहा जाता है, इसे बनाने वाले कलाकारों को क्या कहते हैं?
A) कुम्हार | B) खैरादी | C) लुहार | D) छिंपा -
पंचतंत्र की फारसी अनुवादित कथा 'कलीला-दमना' का चित्रण किस चित्रकला शैली में हुआ है?
A) जोधपुर शैली | B) बीकानेर शैली | C) मेवाड़ शैली | D) कोटा शैली -
महाराजा रामसिंह द्वितीय के काल में राजस्थान स्कूल ऑफ आर्ट्स एण्ड क्राफ्ट्स (मदरसा-ए-हुनरी) की स्थापना किस शहर में हुई थी?
A) जयपुर | B) उदयपुर | C) बीकानेर | D) अलवर -
कथन: राजस्थानी चित्रकला का उद्भव अपभ्रंश शैली से माना जाता है।
निष्कर्ष I: पश्चिमी भारतीय और गुजराती शैली का इस पर गहरा प्रभाव था।
निष्कर्ष II: महाराणा कुंभा के काल में इसका स्वतंत्र और व्यवस्थित विकास शुरू हुआ।
A) निष्कर्ष I और II दोनों सही हैं | B) केवल निष्कर्ष I सही है | C) केवल निष्कर्ष II सही है | D) न तो I न ही II सही है -
कथन: देवगढ़ शैली मेवाड़ चित्रकला की एक महत्वपूर्ण उपशैली है।
निष्कर्ष I: इस शैली में मारवाड़, मेवाड़ और ढूंढाड़ तीनों शैलियों का उत्कृष्ट मिश्रण दिखाई देता है।
निष्कर्ष II: अजारा की ओवरी और मोती महल इस शैली के भित्ति चित्रों के प्रमुख उदाहरण हैं।
A) निष्कर्ष I और II दोनों सही हैं | B) केवल निष्कर्ष I सही है | C) केवल निष्कर्ष II सही है | D) न तो I न ही II सही है -
कथन: भित्ति चित्रण की 'आरायश' पद्धति इटली से राजस्थान आई थी।
निष्कर्ष I: इसे सर्वप्रथम जयपुर के कच्छवाहा शासकों ने मुगलों के संपर्क से अपनाया था।
निष्कर्ष II: इस पद्धति में ताजे पलस्तर पर नम रहते हुए ही रंग किए जाते हैं जिससे वे स्थायी हो जाते हैं।
A) निष्कर्ष I और II दोनों सही हैं | B) केवल निष्कर्ष I सही है | C) केवल निष्कर्ष II सही है | D) न तो I न ही II सही है -
मेवाड़ शैली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
(1) इसमें लाल और पीले रंगों का अधिक प्रयोग हुआ है।
(2) साहिबदीन और मनोहर इस शैली के प्रमुख चित्रकार थे।
(3) रसिक प्रिया और गीत गोविंद के सर्वाधिक चित्र इसी शैली में बने हैं।
सत्य कथन का चयन कीजिए:
A) 1, 2 और 3 | B) केवल 1 और 2 | C) केवल 2 और 3 | D) केवल 1 और 3 -
किशनगढ़ शैली के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
(1) महाराजा सावंत सिंह (नागरीदास) का काल इस शैली का स्वर्ण काल माना जाता है।
(2) इसमें नारी सौंदर्य का चरम विकास 'बनी-ठणी' के रूप में हुआ।
(3) इस शैली के चित्रों में पृष्ठभूमि में झीलों, हंसों और नौका-विहार का चित्रण प्रचुर मात्रा में मिलता है।
सत्य कथन का चयन कीजिए:
A) 1, 2 और 3 | B) केवल 1 और 2 | C) केवल 2 और 3 | D) केवल 1 और 3 -
राजस्थान की लोककलाओं के संबंध में विचार कीजिए:
(1) वील बांस की खपच्चियों और मिट्टी से बनी कलात्मक कोठियां होती हैं।
(2) गोड़वाड़ क्षेत्र में विवाह के अवसर पर कुम्हार द्वारा बनाए गए मिट्टी के घोड़े 'मामाजी के घोड़े' कहलाते हैं।
(3) सांझी माता पार्वती का प्रतीक मानी जाती है।
सत्य कथन का चयन कीजिए:
A) 1, 2 और 3 | B) केवल 1 और 2 | C) केवल 2 और 3 | D) केवल 1 और 3 -
चित्रित ग्रंथों के निर्माण काल का सही क्रम पहले से बाद कौन सा है?
(1) श्रावक प्रतिक्रमण सूत्र चूर्णि
(2) सुपासनाहचरियम्
(3) रागमाला (निसारदीन कृत)
A) 1, 2, 3 | B) 2, 1, 3 | C) 1, 3, 2 | D) 3, 2, 1 -
फड़ वाचन की प्रक्रिया का सही क्रम क्या है?
(1) भोपा द्वारा फड़ को बांस पर तान कर खोलना
(2) वाद्य यंत्र (रावणहत्था आदि) बजाना शुरू करना
(3) भोपी द्वारा दीपक की रोशनी में चित्र को इंगित करना
(4) लोक देवता की गाथा का वाचन करना
A) 1, 2, 3, 4 | B) 2, 1, 3, 4 | C) 1, 3, 2, 4 | D) 3, 1, 4, 2 -
विभिन्न शैलियों के स्वर्ण काल के शासकों का सही मिलान आधारित क्रम कौन सा है?
(1) मेवाड़ - जगतसिंह प्रथम
(2) किशनगढ़ - सावंत सिंह
(3) बूंदी - उम्मेद सिंह
(4) बीकानेर - अनूप सिंह
A) 1, 2, 3 और 4 सभी सही हैं | B) केवल 1, 2 और 3 सही हैं | C) केवल 1 और 4 सही हैं | D) केवल 2, 3 और 4 सही हैं -
राजपूत पेंटिंग्स नामक पुस्तक में आनंद कुमार स्वामी ने राजस्थानी चित्रकला को किन दो प्रमुख भागों में बांटा था?
A) राजपूत शैली और मुग़ल शैली | B) राजपूत शैली और कांगड़ा शैली | C) पहाड़ी शैली और राजपूताना शैली | D) मेवाड़ शैली और मारवाड़ शैली -
बीकानेर शैली का 'मथैरण' परिवार मुख्य रूप से किस धर्म से संबंधित था जिन्होंने हिंदू देवी-देवताओं के चित्र बनाए?
A) जैन धर्म | B) मुस्लिम धर्म | C) वैष्णव धर्म | D) बौद्ध धर्म -
जयपुर शैली का वह कौन सा चित्रकार था जिसने 'रसिकप्रिया' और 'कृष्ण-रुक्मिणी वेलि' पर आधारित भित्ति चित्र बनाए?
A) रामजीदास | B) घासीराम | C) गोविंद | D) साहिबराम -
कोटा शैली के चित्रों की वह कौनसी अद्वितीय विशेषता है जो इसे राजस्थान की अन्य सभी शैलियों से अलग करती है?
A) रानियों और स्त्रियों को भी शिकार करते हुए दिखाना | B) केवल प्रकृति का चित्रण | C) सोने-चांदी के रंगों का प्रयोग | D) यूरोपीय प्रभाव -
नाथद्वारा शैली में श्रीनाथजी की प्रतिमा के पीछे दीवार पर जो कपड़े का पर्दा लगाया जाता है जिस पर कृष्ण लीलाओं का अंकन होता है, वह किस नाम से विश्वविख्यात है?
A) पिछवाई | B) फड़ | C) रजाई | D) बागर -
किस शैली के चित्रों में आकाश को प्रायः सुनहरे छल्लेदार बादलों से युक्त दिखाया गया है जो मुग़ल और दक्कनी शैली का प्रभाव है?
A) बीकानेर शैली | B) मेवाड़ शैली | C) हाड़ौती शैली | D) नाथद्वारा शैली -
मारवाड़ शैली में महाराजा मानसिंह के काल में किस सम्प्रदाय का चित्रकला पर भारी प्रभाव पड़ा जिससे असंख्य चित्र बने?
A) नाथ सम्प्रदाय | B) वल्लभ सम्प्रदाय | C) रामस्नेही सम्प्रदाय | D) विश्नोई सम्प्रदाय -
अलवर शैली का कौन सा चित्रकार योगासनों पर आधारित चित्र बनाने में निपुण था?
A) मूलचंद | B) डालूराम | C) बक्साराम | D) जमुनादास -
राजस्थानी चित्रकला में किस वृक्ष का सर्वाधिक अंकन मेवाड़ और बूंदी शैली में मिलता है?
A) कदम्ब का वृक्ष | B) पीपल का वृक्ष | C) खजूर का वृक्ष | D) आम का वृक्ष -
फड़ चित्रण के दौरान जब फड़ पुरानी या जीर्ण-शीर्ण हो जाती है तो उसे पवित्र पुष्कर झील में विसर्जित कर दिया जाता है, इस धार्मिक प्रक्रिया को क्या कहा जाता है?
A) फड़ ठंडी करना | B) फड़ बढ़ाना | C) फड़ विसर्जन | D) फड़ मुक्ति -
मांडणा कला में 'पगल्या' किसके प्रतीक माने जाते हैं जिन्हें मांगलिक कार्यों पर बनाया जाता है?
A) लक्ष्मी जी के | B) गणेश जी के | C) सरस्वती जी के | D) कुलदेवी के
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