8. भौगोलिक क्षेत्र कैसे पावन होते हैं? (How Geographical Areas Become Sacred?)
इस पेज पर आपको 8. भौगोलिक क्षेत्र कैसे पावन होते हैं? (How Geographical Areas Become Sacred?) के सभी महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ), परीक्षा उपयोगी नोट्स और ऑनलाइन क्विज़ मिलेंगे। अपने ज्ञान का परीक्षण करने और बोर्ड/प्रतियोगी परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए मॉक टेस्ट में अवश्य भाग लें।
👉 अध्याय का सारांश (Summary)
प्रिय अभ्यर्थियों, भारतीय संस्कृति में भूगोल और अध्यात्म के अनूठे संगम को समझने के लिए नई शिक्षा नीति (NEP) पर आधारित 'भौगोलिक क्षेत्र कैसे पावन होते हैं?' अध्याय का अध्ययन अत्यंत आवश्यक है। इतिहास, कला-संस्कृति और भूगोल के इस संयुक्त अध्याय से State PCS, SSC, CET और REET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में भारत के प्रमुख तीर्थस्थलों (Pilgrimage Sites), पवित्र नदियों, पर्वतों, चार धाम (Char Dham) और कुंभ मेले से जुड़े ढेरों वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Objective Questions) हमेशा परीक्षा का हिस्सा होते हैं। यह अध्याय हमें बताता है कि प्रकृति और आस्था एक-दूसरे से कैसे जुड़े हुए हैं।
प्राचीन काल से ही भारत में प्रकृति की पूजा करने की महान परंपरा रही है। दैनिक जीवन का उदाहरण लें तो हम नदियों को 'माता' (जैसे गंगा माता) और पर्वतों को 'देवताओं का निवास स्थान' मानते हैं। कोई भी सामान्य भौगोलिक क्षेत्र (नदी, पहाड़, झील या वन) जब किसी महान ऋषि की तपस्या, किसी देवी-देवता के अवतार, या किसी बड़े ऐतिहासिक और धार्मिक कृत्य से जुड़ जाता है, तो वह 'पावन' या पवित्र (Sacred) हो जाता है। इन्हीं पावन क्षेत्रों को 'तीर्थ' (Tirtha) कहा जाता है। सदियों से लोग पैदल या मुश्किल रास्तों से इन तीर्थ स्थानों की यात्रा (तीर्थयात्रा) करते आ रहे हैं, जिससे पूरे देश में सांस्कृतिक एकता (Cultural Unity) और सद्भाव बढ़ता है।
प्रतियोगी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से भारत की पवित्र नदियों और पहाड़ों का ज्ञान होना बहुत महत्वपूर्ण है। हिमालय पर्वत को भगवान शिव का निवास स्थान माना जाता है, जहाँ बद्रीनाथ, केदारनाथ और कैलाश मानसरोवर जैसे महान तीर्थ स्थित हैं। 'गंगा' नदी को भारत की सबसे पवित्र नदी माना जाता है, जो गंगोत्री से निकलती है। इसी प्रकार नर्मदा, गोदावरी, कावेरी और कृष्णा नदियां भी अत्यंत पावन मानी जाती हैं। जहाँ नदियां मिलती हैं (संगम), वह स्थान बहुत पवित्र माना जाता है। प्रयागराज (इलाहाबाद) में गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती का 'त्रिवेणी संगम' है, जहाँ विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक मेला 'कुंभ मेला' (Kumbh Mela) लगता है। कुंभ मेला 12 वर्षों के अंतराल पर 4 स्थानों—प्रयागराज, हरिद्वार (गंगा), उज्जैन (क्षिप्रा) और नासिक (क्षिप्रा नहीं, गोदावरी नदी के तट पर)—आयोजित होता है; यह परीक्षा का बहुत ही फेवरेट प्रश्न है।
आठवीं सदी में आदि शंकराचार्य (Adi Shankaracharya) ने भारत की चारों दिशाओं में 'चार धाम' (बद्रीनाथ, द्वारका, पुरी और रामेश्वरम) की स्थापना की, जिसने पूरे भारत को एक आध्यात्मिक और भौगोलिक सूत्र में पिरो दिया। भगवान शिव के '12 ज्योतिर्लिंग' (12 Jyotirlingas) और देवी के '51 शक्तिपीठ' भी इसी पावन भूगोल का हिस्सा हैं। राजस्थान में पुष्कर (ब्रह्मा जी का एकमात्र मंदिर) और नाथद्वारा जैसे स्थान अत्यधिक पवित्र माने जाते हैं। बोधगया (बिहार) जहाँ महात्मा बुद्ध को ज्ञान मिला, और अमृतसर का स्वर्ण मंदिर (Golden Temple) सिख धर्म का सबसे पवित्र स्थान है। NCERT बेस पर आधारित भारत के इन पावन तीर्थों और भौगोलिक स्थानों के तथ्य आपकी परीक्षा के स्कोर को बहुत तेजी से ऊपर ले जाएंगे।
विशेषता: यह एक 3-Level आधारित यूनीक क्विज़ है। अगले स्तर (Level 2 और 3) को अनलॉक करने के लिए अभ्यर्थियों को वर्तमान स्तर में कम से कम 70% अंक स्कोर करने होंगे, जो आपकी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी को 100% मजबूत बनाता है。
अध्याय के सभी प्रश्न (Revision Notes)
*नोट: यह सेक्शन रिवीजन के लिए है। अपना ज्ञान परखने के लिए ऊपर दिए गए क्विज़ में भाग लें।
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अध्याय के अनुसार 'पावनता' का मुख्य आधार क्या है?
A) केवल पैसा | B) आदर एवं श्रद्धा के योग्य धार्मिक एवं आध्यात्मिक भाव | C) केवल मनोरंजन | D) सिर्फ पत्थर -
भागवत पुराण के अनुसार आकाश, वायु, अग्नि और पृथ्वी किसके शरीर के अंग हैं?
A) मनुष्य के | B) परमेश्वर के | C) राजा के | D) सैनिकों के -
अध्याय में किस पर्वत को अत्यंत पावन और दिव्य माना गया है जो उत्तर दिशा में स्थित है?
A) विंध्याचल | B) हिमालय | C) अरावली | D) सतपुड़ा -
भारत में नदियों को किस रूप में पूजा जाता है?
A) केवल जल के स्रोत के रूप में | B) पावन माता के रूप में | C) केवल नहरों के रूप में | D) मशीनों के रूप में -
पावन स्थलों की यात्रा को सामान्यतः क्या कहा जाता है?
A) पिकनिक | B) तीर्थयात्रा | C) भ्रमण | D) सैर -
आदि शंकराचार्य ने भारत के चारों कोनों में कितने मुख्य मठों की स्थापना की थी?
A) दो | B) चार | C) छह | D) आठ -
अध्याय के अनुसार भूमि का कोई विशेष टुकड़ा पावन कैसे हो जाता है?
A) वहाँ सोना मिलने से | B) उच्च विचारों, संवेदनाओं और आध्यात्मिक स्मृतियों के जुड़ने से | C) फैक्ट्री लगाने से | D) पक्की सड़क बनने से -
इनमें से कौन-सा प्राकृतिक तत्व पावन माना जाता है?
A) नदी | B) पर्वत | C) वृक्ष | D) उपरोक्त सभी -
तीर्थयात्री पावन स्थलों पर मुख्य रूप से क्या करने जाते हैं?
A) व्यापार करने | B) श्रद्धा अर्पित करने और आध्यात्मिक शांति प्राप्त करने | C) केवल सोने | D) खेल खेलने -
वाराणसी (काशी) किस नदी के तट पर स्थित एक अत्यंत पावन स्थल है?
A) यमुना | B) गंगा | C) नर्मदा | D) कावेरी -
पावन भूगोल ने भारत के किस पक्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है?
A) केवल युद्ध में | B) सांस्कृतिक एकीकरण में | C) केवल राजनीति में | D) केवल मनोरंजन में -
इनमें से किस वृक्ष को भारतीय संस्कृति में पावन माना जाता है?
A) पीपल | B) कैक्टस | C) यूकेलिप्टस | D) पाइन -
रामेश्वरम तीर्थ स्थल भारत के किस भाग में स्थित है?
A) उत्तर | B) दक्षिण | C) पूर्व | D) पश्चिम -
बद्रीनाथ धाम किस राज्य में स्थित पावन तीर्थ स्थल है?
A) राजस्थान | B) उत्तराखंड | C) बिहार | D) मध्य प्रदेश -
समुद्र को 'पावन' क्यों माना जाता है?
A) वह नीला है | B) वह रत्नों का भंडार और जीवन का आधार है | C) वह बहुत गहरा है | D) वह शांत है -
प्राचीन काल में तीर्थयात्रियों के साथ और कौन चलते थे?
A) केवल डाकू | B) विद्वान, कलाकार और व्यापारी | C) केवल राजा | D) केवल बच्चे -
पावन स्थल किस प्रकार की एकता को बढ़ावा देते हैं?
A) धार्मिक और सांस्कृतिक एकता | B) केवल आर्थिक एकता | C) भाषाई दीवारें | D) विभाजन -
तीर्थयात्रा का 'दोहरा महत्व' क्या है?
A) खाना और पीना | B) आध्यात्मिक लाभ और सांस्कृतिक समझ | C) केवल चलना और बैठना | D) केवल फोटो खींचना -
पावन स्थलों पर जो कहानियाँ और मिथक जुड़े होते हैं, वे क्या कहलाते हैं?
A) अफवाह | B) स्थानीय परंपराएँ और पावन कथाएँ | C) झूठ | D) विज्ञापन -
पावन भूगोल हमें प्रकृति के प्रति कैसा व्यवहार करना सिखाता है?
A) कठोर | B) आदर और संरक्षण का | C) लापरवाही का | D) शोषण का -
सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए और सही कूट का चयन कीजिए:
सूची-I (तीर्थ स्थल) — सूची-II (दिशा/स्थान)
(a) बद्रीनाथ — (1) पूर्व
(b) द्वारका — (2) उत्तर
(c) जगन्नाथ पुरी — (3) पश्चिम
A) a-2, b-3, c-1 | B) a-1, b-2, c-3 | C) a-3, b-1, c-2 | D) a-2, b-1, c-3 -
सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए और सही कूट का चयन कीजिए:
सूची-I (पावन तत्व) — सूची-II (धार्मिक महत्व)
(a) पर्वत — (1) जीवनदायिनी शक्ति
(b) नदी — (2) स्थिरता और दिव्यता
(c) वृक्ष — (3) संरक्षण और सात्विकता
A) a-2, b-1, c-3 | B) a-1, b-2, c-3 | C) a-3, b-2, c-1 | D) a-2, b-3, c-1 -
कथन (A): भारतीय परंपरा में प्रकृति को केवल एक संसाधन नहीं बल्कि माता माना जाता है।
कारण (R): भागवत पुराण के अनुसार वृक्ष, नदियाँ और पर्वत परमेश्वर के शरीर के अंग हैं।
A) A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है | B) A और R दोनों सही हैं परन्तु R, A की सही व्याख्या नहीं है | C) A सही है, R गलत है | D) A गलत है, R सही है -
कथन (A): तीर्थयात्राओं ने प्राचीन काल में व्यापार को प्रोत्साहित किया।
कारण (R): तीर्थ मार्गों पर विश्राम गृह, बाजार और परिवहन की व्यवस्था विकसित हुई जिससे वस्तुओं का आदान-प्रदान आसान हुआ।
A) A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है | B) A और R दोनों सही हैं परन्तु R, A की सही व्याख्या नहीं है | C) A सही है, R गलत है | D) A गलत है, R सही है -
कथन (A): पावन भूगोल भारत की भौगोलिक एकता का आधार है।
कारण (R): एक ही देवता के मंदिर भारत के उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक फैले हुए हैं जो लोगों को जोड़ते हैं।
A) A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है | B) A और R दोनों सही हैं परन्तु R, A की सही व्याख्या नहीं है | C) A सही है, R गलत है | D) A गलत है, R सही है -
कथन (A): सभी भौगोलिक क्षेत्र पावन नहीं होते।
कारण (R): पावनता मानवीय संवेदनाओं और धार्मिक अनुभवों के विशेष स्थलों से जुड़ने की प्रक्रिया है।
A) A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है | B) A और R दोनों सही हैं परन्तु R, A की सही व्याख्या नहीं है | C) A सही है, R गलत है | D) A गलत है, R सही है -
अध्याय के अनुसार 'तीर्थ' शब्द का शाब्दिक अर्थ क्या हो सकता है?
A) एक स्थान जो तैरने में मदद करे | B) एक स्थान जो संसार रूपी सागर को पार करने में सहायक हो (घाट) | C) केवल एक पानी का गड्ढा | D) एक ऊँची इमारत -
पावन स्थलों की यात्रा स्थानीय अर्थव्यवस्था को कैसे प्रभावित करती है?
A) अर्थव्यवस्था ठप हो जाती है | B) हस्तशिल्प, आवास और सेवाओं की मांग बढ़ने से विकास होता है | C) केवल नुकसान होता है | D) कोई प्रभाव नहीं पड़ता -
हिमालय को 'पावन' मानने का प्रमुख भौगोलिक और आध्यात्मिक कारण क्या है?
A) वह बहुत ऊँचा है | B) यह तपस्वियों की भूमि और नदियों का उद्गम स्थल है | C) वहाँ केवल बर्फ है | D) वहाँ सड़कें नहीं हैं -
आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित चार मठों का मुख्य उद्देश्य क्या था?
A) केवल धन जमा करना | B) सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना का प्रसार व एकता | C) युद्ध जीतना | D) भ्रमण करना -
नदियों के संगम (जैसे प्रयागराज) को विशेष पावन क्यों माना जाता है?
A) वहाँ पानी ज्यादा होता है | B) यह विभिन्न ऊर्जाओं और धाराओं के मिलन का आध्यात्मिक प्रतीक है | C) वहाँ मछलियाँ ज्यादा होती हैं | D) वहाँ पुल बनाना आसान है -
तीर्थयात्रा के दौरान लोग अपने साथ क्या लेकर जाते थे?
A) केवल सोना | B) स्थानीय विचार, गीत, कला और परंपराएँ | C) केवल पत्थर | D) केवल हथियार -
अध्याय के अनुसार, पर्यावरण संरक्षण का सबसे प्रभावी तरीका क्या बताया गया है?
A) कानून बनाना | B) प्रकृति के प्रति श्रद्धा और उसे पावन मानने का भाव जागृत करना | C) मशीनें लगाना | D) जंगलों को काटना -
जगन्नाथ पुरी तीर्थ स्थल मुख्य रूप से किस देवता को समर्पित है?
A) भगवान शिव | B) भगवान विष्णु (जगन्नाथ) | C) भगवान गणेश | D) हनुमान जी -
पावन स्थलों की 'सांस्कृतिक निरंतरता' से क्या अभिप्राय है?
A) सब कुछ बदल जाना | B) पीढ़ियों से चली आ रही परंपराओं और मान्यताओं का बने रहना | C) केवल नई इमारतों का बनना | D) पुरानी कहानियों को भूल जाना -
इनमें से कौन-सा स्थल 'पावन भूगोल' का हिस्सा नहीं माना जाएगा?
A) पवित्र नदी | B) प्राचीन मंदिर | C) शराब की दुकान | D) पावन पर्वत -
तीर्थयात्री अपने घर लौटते समय अपने साथ क्या लेकर आते हैं?
A) केवल सामान | B) दूसरे क्षेत्रों की स्मृतियाँ, ज्ञान और सांस्कृतिक अनुभव | C) केवल थकान | D) केवल मिट्टी -
भारत के पावन भूगोल ने 'विविधता में एकता' को कैसे सिद्ध किया?
A) अलग-अलग राज्यों को लड़ाकर | B) पूरे देश को पावन सूत्रों और तीर्थों के जाल से एक सूत्र में पिरोकर | C) केवल एक भाषा बोलकर | D) केवल युद्ध करके -
अध्याय के अनुसार, पावन स्थलों की यात्रा के लिए सबसे महत्वपूर्ण गुण क्या है?
A) बहुत धन | B) श्रद्धा और भक्ति | C) तेज दौड़ना | D) महँगी कार -
पावन भूगोल का अध्ययन हमें विश्व को किस परिप्रेक्ष्य में देखने की चुनौती देता है?
A) केवल उपभोग की वस्तु के रूप में | B) आदर और दिव्यता के भाव के साथ देखने के रूप में | C) केवल डर के रूप में | D) एक निर्जीव वस्तु के रूप में -
पावन स्थलों की विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पावन स्थल केवल एक भौतिक स्थान नहीं बल्कि एक आध्यात्मिक अनुभव है।
2. ये स्थल स्थानीय मिथकों, लोक कथाओं और ऐतिहासिक घटनाओं के केंद्र होते हैं।
3. पावन स्थलों का महत्व केवल हिंदुओं तक सीमित है।
दिए गए कथनों में से सही चुनें:
A) 1 और 2 | B) 2 और 3 | C) केवल 1 | D) 1, 2 और 3 -
तीर्थयात्रा के सांस्कृतिक प्रभाव के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. तीर्थयात्री विभिन्न क्षेत्रों के बीच विचारों के वाहक के रूप में कार्य करते थे।
2. तीर्थयात्राओं ने भारत के विभिन्न हिस्सों की कला और संगीत को साझा करने में मदद की।
3. प्राचीन काल में तीर्थयात्राएँ व्यापारिक गतिविधियों से पूरी तरह मुक्त थीं।
सही कथनों का चयन करें:
A) 1 और 2 | B) 2 और 3 | C) केवल 3 | D) 1, 2 और 3 -
अध्याय में वर्णित प्रकृति और पावनता के संबंध पर विचार कीजिए:
1. जल को पावन मानने से उसके संरक्षण की भावना प्रबल होती है।
2. पर्वतों की ऊँचाई को आध्यात्मिक उत्थान का प्रतीक माना गया है।
3. प्रकृति को पावन मानना वैज्ञानिक सोच के विरुद्ध है।
सही कूट चुनें:
A) 1 और 2 | B) 2 और 3 | C) केवल 1 | D) 1, 2 और 3 -
कथन (A): भारत का पावन भूगोल एक अदृश्य सूत्र है जो पूरे उपमहाद्वीप को जोड़ता है।
निष्कर्ष (I): लोग एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र की यात्रा करके भारत की विविधता को गहराई से समझते हैं।
निष्कर्ष (II): पावन स्थलों ने क्षेत्रीय सीमाओं को पार कर एक साझा भारतीय पहचान विकसित की है।
A) केवल निष्कर्ष I सही है | B) केवल निष्कर्ष II सही है | C) दोनों निष्कर्ष सही हैं | D) दोनों निष्कर्ष गलत हैं -
कथन (A): तीर्थयात्री प्राचीन काल के 'सांस्कृतिक दूत' थे।
निष्कर्ष (I): वे अपने साथ उत्तर के विचार दक्षिण और दक्षिण के विचार उत्तर तक ले गए।
निष्कर्ष (II): तीर्थयात्रियों के कारण ही भारत में क्षेत्रीय भाषाओं का विकास पूरी तरह रुक गया।
A) केवल निष्कर्ष I सही है | B) केवल निष्कर्ष II सही है | C) दोनों निष्कर्ष सही हैं | D) दोनों निष्कर्ष गलत हैं -
कथन (A): पावनता का भाव व्यक्ति के व्यवहार को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाता है।
निष्कर्ष (I): जो व्यक्ति नदी को माता मानता है, वह उसे प्रदूषित करने से बचेगा।
निष्कर्ष (II): पावनता केवल पुराने लोगों की सोच है, इसका आधुनिक जीवन में कोई स्थान नहीं है।
A) केवल निष्कर्ष I सही है | B) केवल निष्कर्ष II सही है | C) दोनों निष्कर्ष सही हैं | D) दोनों निष्कर्ष गलत हैं -
भारत के प्रसिद्ध चार धामों का उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम के जोड़ों का सही क्रम पहचानिए:
A) बद्रीनाथ-रामेश्वरम और पुरी-द्वारका | B) रामेश्वरम-बद्रीनाथ और द्वारका-पुरी | C) पुरी-बद्रीनाथ और द्वारका-रामेश्वरम | D) बद्रीनाथ-पुरी और रामेश्वरम-द्वारका -
एक तीर्थयात्री की यात्रा के मानसिक और आध्यात्मिक चरणों का सही अनुक्रम क्या हो सकता है?
A) श्रद्धा के साथ संकल्प -> यात्रा के कष्ट सहना -> पावन स्थल के दर्शन -> शांति और नई समझ लेकर लौटना | B) केवल दर्शन -> लौट आना -> संकल्प -> यात्रा | C) संकल्प -> लौट आना -> दर्शन | D) यात्रा -> बिना दर्शन के लौटना -
प्रकृति के तत्वों के पावन होने की प्रक्रिया का तार्किक क्रम चुनें:
1. प्राकृतिक तत्व की दिव्यता का अनुभव।
2. उससे आध्यात्मिक कहानियों और श्रद्धा का जुड़ना।
3. उसे समाज द्वारा पावन स्थल के रूप में मान्यता मिलना।
A) 1 -> 2 -> 3 | B) 3 -> 2 -> 1 | C) 2 -> 1 -> 3 | D) 1 -> 3 -> 2 -
अध्याय के अनुसार 'तीर्थ' का वास्तविक अर्थ क्या है जो मानव को भौतिक संसार से मुक्त करता है?
A) केवल एक मंदिर | B) एक ऐसा बिंदु जहाँ भौतिक और आध्यात्मिक जगत का मिलन होता है | C) केवल एक पहाड़ | D) केवल एक फोटो -
पावन भूगोल ने भारत के 'आर्थिक विकास' में कैसे योगदान दिया?
A) केवल दान लेकर | B) व्यापारिक मार्गों को सुदृढ़ करके और स्थानीय व्यवसायों को तीर्थयात्रियों से जोड़कर | C) केवल युद्ध करके | D) संसाधनों को नष्ट करके -
शक्तिपीठ और ज्योतिर्लिंग भारत की भौगोलिक स्थिति को किस प्रकार दर्शाते हैं?
A) वे केवल एक ही राज्य में हैं | B) वे पूरे उपमहाद्वीप में समान रूप से फैले हुए हैं जो एकता को दर्शाते हैं | C) वे केवल विदेशों में हैं | D) वे केवल समुद्र में हैं -
प्राचीन भारत में तीर्थयात्रा मार्गों ने समाज के किन वर्गों को एक साथ आने का अवसर दिया?
A) केवल राजाओं को | B) विभिन्न जातियों, भाषाओं और क्षेत्रों के सामान्य लोगों को | C) केवल सैनिकों को | D) केवल बच्चों को -
अध्याय के अंत में उद्धृत 'विश्व को एक अलग परिप्रेक्ष्य में देखने की चुनौती' का क्या अर्थ है?
A) विश्व को केवल उपभोग की वस्तु न मानकर श्रद्धा और आदर के साथ देखना | B) विश्व को नजरअंदाज करना | C) केवल पैसा कमाना | D) प्रकृति को नष्ट करना -
पावन स्थलों की रक्षा के लिए प्राचीन काल में क्या व्यवस्था की जाती थी?
A) केवल ताले लगाना | B) धर्म और स्थानीय समुदायों द्वारा स्वैच्छिक रक्षा व आदर की परंपरा | C) मशीनें लगाना | D) कोई व्यवस्था नहीं थी -
तीर्थयात्रा के 'आर्थिक पक्ष' के संदर्भ में 'श्रेणियों' (Guilds) की क्या भूमिका थी?
A) वे केवल पूजा करती थीं | B) वे तीर्थ क्षेत्रों में दान और व्यापारिक सुविधाओं का प्रबंधन करती थीं | C) वे केवल युद्ध करती थीं | D) वे केवल गीत गाती थीं -
गंगा नदी को 'पावन' मानने का सबसे बड़ा सांस्कृतिक प्रमाण क्या है?
A) उसमें मछलियाँ हैं | B) इसका उल्लेख वेदों, पुराणों और असंख्य लोक गीतों में श्रद्धा के साथ किया गया है | C) वह बहुत लंबी है | D) वह नीली है -
पावन भूगोल का अध्ययन समाज को 'टिकाऊ जीवन' (Sustainable Life) की ओर कैसे ले जाता है?
A) संसाधनों को जल्दी खत्म करके | B) प्रकृति को देवतुल्य मानकर उसके साथ सह-अस्तित्व की भावना विकसित करके | C) केवल मशीनों का उपयोग करके | D) प्रकृति को डराकर -
भारत के महान ऋषियों ने 'पावन स्थलों' का चयन प्रायः किन स्थानों पर किया था?
A) शहर के बीचों-बीच शोर में | B) शांत, सुंदर और प्राकृतिक संपदा से भरपूर स्थानों पर जहाँ ध्यान संभव हो | C) जहाँ कोई पेड़ न हो | D) जहाँ केवल मरुस्थल हो -
अध्याय का मुख्य संदेश क्या है?
A) केवल तीर्थ यात्रा करना | B) भूगोल, संस्कृति और आध्यात्मिकता के अंतर्संबंध को समझकर प्रकृति और देश के प्रति सम्मान विकसित करना | C) केवल नक्शा बनाना | D) केवल कहानियाँ सुनना
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