6. पुनर्गठन का काल (Period of Reorganization)
इस पेज पर आपको 6. पुनर्गठन का काल (Period of Reorganization) के सभी महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ), परीक्षा उपयोगी नोट्स और ऑनलाइन क्विज़ मिलेंगे। अपने ज्ञान का परीक्षण करने और बोर्ड/प्रतियोगी परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए मॉक टेस्ट में अवश्य भाग लें।
👉 अध्याय का सारांश (Summary)
प्रिय अभ्यर्थियों, मौर्य साम्राज्य के विशाल पतन के बाद भारत में हुए भारी राजनीतिक और सामाजिक बदलावों को समझने के लिए 'पुनर्गठन का काल' (Period of Reorganization) अध्याय का अध्ययन बहुत ही आवश्यक है। प्राचीन इतिहास (Ancient History) के इस संक्रमणकालीन दौर से State PCS, SSC, CET, Railway और REET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में शुंग वंश, सातवाहन वंश (Satavahanas), कुषाण शासकों (Kushanas), और ऐतिहासिक 'रेशम मार्ग' (Silk Route) से जुड़े ढेरों वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Objective Questions) हमेशा परीक्षा में पूछे जाते हैं। यह अध्याय बताता है कि भारत में नई विदेशी और स्थानीय शक्तियों का उदय कैसे हुआ।
लगभग 185 ईसा पूर्व में मौर्य वंश के अंतिम शासक बृहद्रथ की हत्या करके उसके सेनापति पुष्यमित्र शुंग ने 'शुंग वंश' (Sunga Dynasty) की स्थापना की। दैनिक जीवन का उदाहरण लें तो जब कोई विशाल कंपनी टूटती है, तो कई छोटी-छोटी नई कंपनियां उसका स्थान लेने का प्रयास करती हैं। ठीक ऐसा ही भारत में हुआ। जब मगध का केंद्रीय शासन कमजोर पड़ गया, तो उत्तर-पश्चिम भारत (आज का पाकिस्तान और अफगानिस्तान) के रास्ते कई विदेशी शक्तियों—जैसे हिन्द-यवन (Indo-Greeks), शक (Sakas), और कुषाण—ने भारत पर आक्रमण किया और यहाँ बस गए। इनमें 'कुषाण वंश' सबसे प्रसिद्ध हुआ, जिसका सबसे प्रतापी शासक 'कनिष्क' (Kanishka) था। कनिष्क ने 78 ईस्वी में 'शक संवत' (Saka Era) की शुरुआत की थी, जिसे आज भारत सरकार अपने राष्ट्रीय कैलेंडर के रूप में इस्तेमाल करती है; यह परीक्षा का बहुत ही फेवरेट प्रश्न है।
प्रतियोगी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से 'रेशम मार्ग' (Silk Route) का व्यापारिक महत्व सबसे ज्यादा पूछा जाता है। यह एक अत्यंत लंबा और खतरनाक व्यापारिक मार्ग था जो चीन से शुरू होकर मध्य एशिया होते हुए रोम (यूरोप) तक जाता था। इस मार्ग से मुख्य रूप से बेशकीमती चीनी रेशम (Silk) का व्यापार होता था। कुषाण शासक कनिष्क ने इस रेशम मार्ग के एक बड़े हिस्से पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया था, जिससे भारत को व्यापारिक चुंगी (Tax) के रूप में भारी मात्रा में विदेशी सोना (Gold) प्राप्त होता था और भारत आर्थिक रूप से बहुत समृद्ध हुआ।
उत्तर भारत में जहाँ विदेशी शक्तियों का शासन था, वहीं दक्षिण भारत (दक्कन) में 'सातवाहन वंश' (Satavahana Dynasty) एक बहुत बड़ी शक्ति बनकर उभरा। सातवाहनों के सबसे प्रतापी राजा गौतमीपुत्र शातकर्णी (Gautamiputra Shri Satakarni) थे। सुदूर दक्षिण (तमिलनाडु और केरल) में इसी दौरान चोल, चेर और पाण्ड्य (Chola, Chera, Pandya) राजवंशों का शासन था। इस काल में दक्षिण भारत में तमिल साहित्य का अद्भुत विकास हुआ, जिसे 'संगम साहित्य' (Sangam Literature) कहा जाता है। इसमें व्यापार, राजाओं के युद्ध और समाज का बहुत ही स्पष्ट वर्णन मिलता है। NCERT बेस और नई शिक्षा नीति पर आधारित प्राचीन भारत के ये तथ्य आपकी सफलता की सबसे बड़ी गारंटी हैं।
विशेषता: यह एक 3-Level आधारित यूनीक क्विज़ है। अगले स्तर (Level 2 और 3) को अनलॉक करने के लिए अभ्यर्थियों को वर्तमान स्तर में कम से कम 70% अंक स्कोर करने होंगे, जो आपकी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी को 100% मजबूत बनाता है。
अध्याय के सभी प्रश्न (Revision Notes)
*नोट: यह सेक्शन रिवीजन के लिए है। अपना ज्ञान परखने के लिए ऊपर दिए गए क्विज़ में भाग लें।
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मौर्य साम्राज्य के पतन के बाद मगध पर किस वंश ने सबसे पहले शासन किया?
A) गुप्त वंश | B) शुंग वंश | C) कुषाण वंश | D) चोल वंश -
शुंग वंश की स्थापना किसने की थी?
A) अशोक | B) पुष्यमित्र | C) कनिष्क | D) चंद्रगुप्त -
दक्षिण भारत में सातवाहन वंश का सबसे शक्तिशाली शासक कौन था?
A) सिमुक | B) गौतमीपुत्र श्री सातकर्णी | C) पुलुमावी | D) यज्ञश्री -
कुषाण वंश का सबसे प्रसिद्ध राजा कौन था जिसने शक संवत की शुरुआत की?
A) कनिष्क | B) हुविष्क | C) वासुदेव | D) कुजुल कडफिसेस -
प्राचीन दक्षिण भारत के तमिल साहित्य को किस नाम से जाना जाता है?
A) वेद | B) पुराण | C) संगम साहित्य | D) उपनिषद -
गुप्त वंश का वह प्रथम शासक कौन था जिसने 'महाराजाधिराज' की उपाधि धारण की?
A) श्रीगुप्त | B) चंद्रगुप्त प्रथम | C) समुद्रगुप्त | D) स्कंदगुप्त -
किस गुप्त शासक को उसकी वीरता और विजयों के कारण 'भारत का नेपोलियन' कहा जाता है?
A) चंद्रगुप्त द्वितीय | B) कुमारगुप्त | C) समुद्रगुप्त | D) विष्णुगुप्त -
चीनी यात्री फाहियान किस गुप्त राजा के शासनकाल में भारत आया था?
A) समुद्रगुप्त | B) चंद्रगुप्त द्वितीय | C) रामगुप्त | D) भानुगुप्त -
संगम साहित्य की सभाएँ (संगम) मुख्य रूप से कहाँ आयोजित की जाती थीं?
A) काँची | B) मदुरै | C) तंजौर | D) पुहार -
सातवाहन राजाओं ने अपनी उपाधियों में किनका नाम सम्मिलित किया था?
A) पिताओं का | B) माताओं का | C) देवताओं का | D) मंत्रियों का -
कुषाणों ने किस प्रसिद्ध व्यापारिक मार्ग पर अपना नियंत्रण स्थापित किया था?
A) उत्तरपथ | B) दक्षिणपथ | C) रेशम मार्ग | D) मसाला मार्ग -
गांधार और मथुरा कला की शैलियों का विकास मुख्य रूप से किसके शासनकाल में हुआ?
A) शुंग | B) कुषाण | C) गुप्त | D) चोल -
प्रसिद्ध चिकित्सक चरक और विद्वान अश्वघोष किसके दरबार की शोभा थे?
A) चंद्रगुप्त | B) कनिष्क | C) अशोक | D) हर्ष -
समुद्रगुप्त की उपलब्धियों का वर्णन किस प्रसिद्ध शिलालेख (प्रशस्ति) में मिलता है?
A) मेहरौली स्तंभ | B) इलाहाबाद स्तंभ | C) जूनागढ़ शिलालेख | D) हाथीगुम्फा -
किस गुप्त शासक ने 'विक्रमादित्य' की उपाधि धारण की थी?
A) चंद्रगुप्त प्रथम | B) समुद्रगुप्त | C) चंद्रगुप्त द्वितीय | D) स्कंदगुप्त -
मौर्योत्तर काल में व्यापारिक श्रेणियों (Guilds) का मुख्य कार्य क्या था?
A) केवल युद्ध लड़ना | B) शिल्पकारों का संगठन और बैंकिंग कार्य | C) केवल कर वसूलना | D) केवल खेती करना -
संगम साहित्य की प्रमुख महाकाव्य 'शिल्प्पादिकारम' किस भाषा में लिखा गया है?
A) संस्कृत | B) तमिल | C) पालि | D) प्राकृत -
गुप्त काल के दौरान सोने के सिक्कों को किस नाम से जाना जाता था?
A) दीनार | B) रुपया | C) पण | D) टका -
अध्याय के अनुसार, किस काल को भारतीय इतिहास का 'स्वर्ण युग' भी कहा जाता है?
A) मौर्य काल | B) गुप्त काल | C) कुषाण काल | D) शुंग काल -
सातवाहन काल में गाँवों के प्रशासन की जिम्मेदारी किसके पास होती थी?
A) राजा | B) गोलमिक | C) अमात्य | D) पुरोहित -
सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए और सही कूट का चयन कीजिए:
सूची-I (वंश) — सूची-II (प्रसिद्ध शासक)
(a) शुंग वंश — (1) कनिष्क
(b) सातवाहन वंश — (2) पुष्यमित्र
(c) कुषाण वंश — (3) गौतमीपुत्र श्री सातकर्णी
A) a-2, b-3, c-1 | B) a-1, b-2, c-3 | C) a-3, b-1, c-2 | D) a-2, b-1, c-3 -
सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए और सही कूट का चयन कीजिए:
सूची-I (साहित्य/कला) — सूची-II (विवरण)
(a) संगम साहित्य — (1) समुद्रगुप्त की विजयें
(b) प्रयाग प्रशस्ति — (2) प्राचीन तमिल रचनाएँ
(c) गांधार कला — (3) यूनानी और भारतीय शैली का मिश्रण
A) a-2, b-1, c-3 | B) a-1, b-2, c-3 | C) a-3, b-2, c-1 | D) a-2, b-3, c-1 -
कथन (A): सातवाहन शासकों को 'दक्षिणापथ के स्वामी' कहा जाता था।
कारण (R): उनका साम्राज्य उत्तर और दक्षिण भारत के बीच एक सेतु (पुल) का कार्य करता था।
A) A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है | B) A और R दोनों सही हैं परन्तु R, A की सही व्याख्या नहीं है | C) A सही है, R गलत है | D) A गलत है, R सही है -
कथन (A): कुषाण काल में विदेशी संस्कृतियों का भारतीय समाज में गहरा समावेश हुआ।
कारण (R): कुषाण शासकों ने बौद्ध धर्म को संरक्षण दिया और मध्य एशिया के साथ व्यापारिक संबंध सुदृढ़ किए।
A) A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है | B) A और R दोनों सही हैं परन्तु R, A की सही व्याख्या नहीं है | C) A सही है, R गलत है | D) A गलत है, R सही है -
कथन (A): गुप्त काल में भारतीय विज्ञान और गणित ने चरमोत्कर्ष प्राप्त किया।
कारण (R): आर्यभट्ट और वराहमिहिर जैसे महान विद्वान इसी काल से संबंधित थे।
A) A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है | B) A और R दोनों सही हैं परन्तु R, A की सही व्याख्या नहीं है | C) A सही है, R गलत है | D) A गलत है, R सही है -
कथन (A): संगम साहित्य केवल राजाओं की स्तुति के बारे में है।
कारण (R): इसमें तत्कालीन समाज, प्रेम, युद्ध और आम लोगों के जीवन का सजीव चित्रण मिलता है।
A) A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है | B) A और R दोनों सही हैं परन्तु R, A की सही व्याख्या नहीं है | C) A गलत है, R सही है | D) A सही है, R गलत है -
समुद्रगुप्त की दक्षिणापथ विजय की क्या विशेषता थी?
A) उसने राजाओं को मारकर उनके राज्यों को हड़प लिया | B) उसने राजाओं को पराजित किया और फिर उन्हें कर देने की शर्त पर पुनः शासन करने की अनुमति दी | C) उसने वहां केवल युद्ध किया और वापस आ गया | D) उसने वहां कोई युद्ध नहीं किया -
रेशम मार्ग (Silk Route) पर नियंत्रण रखने वाले शासकों को सबसे बड़ा लाभ क्या था?
A) उन्हें रास्ते में यात्रियों से कर और उपहार प्राप्त होते थे | B) वे वहां खेती करते थे | C) वे वहां केवल घर बनाते थे | D) वहां कोई लाभ नहीं था -
मौर्योत्तर काल के दौरान व्यापार में वृद्धि का मुख्य कारण क्या था?
A) केवल वनों का कटना | B) सिक्कों का बड़े पैमाने पर प्रचलन और नए समुद्री मार्गों की खोज | C) केवल खेती में कमी | D) युद्धों का बंद होना -
सातवाहन काल में 'गोलमिक' नामक अधिकारी का क्या महत्व था?
A) वह केवल पुजारी था | B) वह सैन्य टुकड़ी का प्रधान था जो ग्रामीण क्षेत्रों में शांति बनाए रखता था | C) वह केवल रसोइया था | D) वह केवल संगीतकार था -
मेहरौली के लौह स्तंभ की सबसे बड़ी वैज्ञानिक विशेषता क्या है?
A) इस पर बहुत अधिक जंग लगा है | B) सदियों बाद भी इसमें जंग नहीं लगा है | C) यह सोने का बना है | D) यह बहुत छोटा है -
चीनी यात्री फाहियान के अनुसार, गुप्त काल में समाज के अछूत समझे जाने वाले लोगों (चांडालों) की स्थिति कैसी थी?
A) वे राजा के साथ रहते थे | B) उन्हें नगर से बाहर रहना पड़ता था और नगर में प्रवेश करते समय लकड़ी से चोट कर संकेत देना पड़ता था | C) वे बहुत अमीर थे | D) उनकी कोई चर्चा नहीं है -
संगम काल में 'पुहार' नामक नगर किसलिए प्रसिद्ध था?
A) केवल शिक्षा के लिए | B) एक समृद्ध तटीय व्यापारिक केंद्र और बंदरगाह के रूप में | C) केवल पहाड़ों के लिए | D) केवल शिकार के लिए -
कुषाण राजाओं द्वारा धारण की गई 'देवपुत्र' उपाधि का क्या अर्थ था?
A) वे सामान्य मनुष्य थे | B) वे स्वयं को देवताओं के समान मानते थे | C) वे केवल पुत्र थे | D) वे राजा नहीं थे -
इलाहाबाद स्तंभ लेख (प्रयाग प्रशस्ति) की रचना किसने की थी?
A) कालिदास | B) हरिषेण | C) बाणभट्ट | D) चाणक्य -
गुप्त कालीन प्रशासन में 'भुक्ति' और 'विषय' क्या थे?
A) नदियों के नाम | B) प्रशासनिक इकाइयाँ (प्रांत और जिले) | C) सिक्कों के प्रकार | D) कर के प्रकार -
दक्षिण भारत के संगम साहित्य में 'मूवेनदार' शब्द किसके लिए प्रयोग किया गया है?
A) केवल चोलों के लिए | B) तीन शासक परिवारों (चोल, चेर और पांड्य) के लिए | C) केवल पुजारियों के लिए | D) व्यापारियों के लिए -
मौर्योत्तर काल में मूर्तिकला की 'मथुरा शैली' में मुख्य रूप से किस पत्थर का प्रयोग होता था?
A) काला पत्थर | B) लाल बलुआ पत्थर | C) सफेद संगमरमर | D) केवल मिट्टी -
समुद्रगुप्त को उसके सिक्कों पर किस वाद्य यंत्र को बजाते हुए दिखाया गया है?
A) ढोलक | B) वीणा | C) बाँसुरी | D) तबला -
सातवाहन काल के दौरान 'चैत्य' और 'विहार' मुख्य रूप से किसके लिए बनाए गए थे?
A) राजा के रहने के लिए | B) बौद्ध भिक्षुओं की उपासना और निवास के लिए | C) व्यापारियों के सामान रखने के लिए | D) सैनिकों के प्रशिक्षण के लिए -
गुप्त कालीन प्रशासन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्रशासन का स्वरूप विकेंद्रीकृत था जहाँ स्थानीय सामंतों का प्रभाव बढ़ रहा था।
2. राजा की सहायता के लिए कुमारामात्य जैसे उच्चाधिकारी होते थे।
3. गाँवों के प्रशासन में पंचमंडली जैसी संस्थाओं का महत्व था।
सही कूट चुनें:
A) 1 और 2 | B) 2 और 3 | C) केवल 1 | D) 1, 2 और 3 -
संगम साहित्य की विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. यह उत्तर भारत के कवियों द्वारा संस्कृत में लिखा गया था।
2. इसमें चोल, चेर और पांड्य शासकों की वीरता का वर्णन है।
3. यह दक्षिण भारत के प्राचीन इतिहास को जानने का सबसे महत्वपूर्ण स्रोत है।
सत्य कथन चुनें:
A) 1 और 2 | B) 2 और 3 | C) केवल 3 | D) 1, 2 और 3 -
कुषाण साम्राज्य के योगदानों पर विचार कीजिए:
1. उन्होंने शुद्ध सोने के सिक्के बड़ी मात्रा में जारी किए।
2. कनिष्क के काल में चौथी बौद्ध संगीति का आयोजन हुआ।
3. उन्होंने रेशम मार्ग पर सुरक्षा और व्यापार को बढ़ावा दिया।
सही कूट चुनें:
A) 1 और 2 | B) 1, 2 और 3 | C) केवल 3 | D) 2 और 3 -
कथन (A): गुप्त काल को कभी-कभी पुनर्गठन और सांस्कृतिक चरमोत्कर्ष का काल माना जाता है।
निष्कर्ष (I): इस काल में कालिदास जैसे महान कवियों और आर्यभट्ट जैसे वैज्ञानिकों का उदय हुआ।
निष्कर्ष (II): इस काल में मौर्यों की तरह एक केंद्रीकृत और कठोर शासन व्यवस्था पुनः स्थापित हुई।
A) केवल निष्कर्ष I सही है | B) केवल निष्कर्ष II सही है | C) दोनों निष्कर्ष सही हैं | D) दोनों निष्कर्ष गलत हैं -
कथन (A): सातवाहन समाज में महिलाओं को सम्मानजनक स्थान प्राप्त था।
निष्कर्ष (I): राजाओं के नामों के साथ माताओं के नामों का जुड़ा होना इसका एक प्रमाण है।
निष्कर्ष (II): सातवाहन समाज में उत्तराधिकार पूरी तरह से महिलाओं के हाथों में था।
A) केवल निष्कर्ष I सही है | B) केवल निष्कर्ष II सही है | C) दोनों निष्कर्ष सही हैं | D) दोनों निष्कर्ष गलत हैं -
कथन (A): मौर्योत्तर काल में आंतरिक और बाह्य व्यापार में भारी वृद्धि हुई।
निष्कर्ष (I): रोमन साम्राज्य के साथ भारत के व्यापारिक संबंध बहुत मजबूत थे।
निष्कर्ष (II): व्यापारिक श्रेणियों (Guilds) ने बैंकिंग और ऋण देने का कार्य सरल कर दिया था।
A) केवल निष्कर्ष I सही है | B) केवल निष्कर्ष II सही है | C) दोनों निष्कर्ष सही हैं | D) दोनों निष्कर्ष गलत हैं -
गुप्त वंश के शासकों का सही ऐतिहासिक क्रम पहचानिए:
A) श्रीगुप्त -> चंद्रगुप्त प्रथम -> समुद्रगुप्त -> चंद्रगुप्त द्वितीय | B) चंद्रगुप्त प्रथम -> श्रीगुप्त -> समुद्रगुप्त -> स्कंदगुप्त | C) समुद्रगुप्त -> चंद्रगुप्त प्रथम -> श्रीगुप्त -> कुमारगुप्त | D) श्रीगुप्त -> समुद्रगुप्त -> चंद्रगुप्त प्रथम -> विष्णुगुप्त -
भारतीय उपमहाद्वीप में शासन करने वाले विदेशी राजवंशों का सही आगमन क्रम क्या है?
A) हिंद-यूनानी -> शक -> कुषाण | B) कुषाण -> शक -> हिंद-यूनानी | C) शक -> कुषाण -> हिंद-यूनानी | D) हिंद-यूनानी -> कुषाण -> शक -
गुप्त प्रशासन की इकाइयों का सही घटता क्रम (बड़े से छोटा) क्या है?
A) देश -> भुक्ति -> विषय -> ग्राम | B) ग्राम -> विषय -> भुक्ति -> देश | C) विषय -> भुक्ति -> ग्राम -> देश | D) भुक्ति -> देश -> विषय -> ग्राम -
अध्याय के अनुसार, सातवाहन काल में 'पोटिन' और 'सीसे' के सिक्कों का प्रचलन क्या दर्शाता है?
A) सोने की कमी | B) एक विकसित और व्यापक स्थानीय व्यापार प्रणाली | C) केवल राजा की गरीबी | D) कोई व्यापार नहीं होना -
गुप्त काल के दौरान नगरों के प्रशासन में 'नगर-श्रेष्ठी' और 'सार्थवाह' की क्या भूमिका थी?
A) वे केवल सैनिक थे | B) वे नगर के प्रतिष्ठित व्यापारी और व्यापारियों के नेता थे जो प्रशासन में भाग लेते थे | C) वे केवल कर वसूलने वाले थे | D) वे केवल कवि थे -
कनिष्क द्वारा आयोजित चौथी बौद्ध संगीति का सबसे बड़ा परिणाम क्या था?
A) बौद्ध धर्म का अंत | B) बौद्ध धर्म का हीनयान और महायान संप्रदायों में विभाजन | C) केवल मंदिरों का निर्माण | D) विदेशी आक्रमणों का रुकना -
चंद्रगुप्त द्वितीय (विक्रमादित्य) के दरबार के 'नवरत्नों' में से कौन-सा विद्वान खगोल विज्ञान से संबंधित था?
A) कालिदास | B) अमरसिंह | C) वराहमिहिर | D) धन्वंतरि -
समुद्रगुप्त द्वारा आर्यावर्त के राजाओं के प्रति अपनाई गई नीति 'प्रसभोद्धरण' का क्या अर्थ था?
A) शांति समझौता | B) पूर्ण विनाश और राज्यों को गुप्त साम्राज्य में मिला लेना | C) मैत्रीपूर्ण संबंध | D) केवल उपहार लेना -
संगम काल में किसानों के विभिन्न वर्गों के लिए प्रयुक्त शब्दों का सही मेल चुनें:
A) वेल्लार - बड़े भूस्वामी | B) उझावर - साधारण हलवाहे | C) अदिमई - दास | D) उपरोक्त सभी सही हैं -
गुप्त काल में 'विष्टि' शब्द का क्या अर्थ था?
A) सोने का सिक्का | B) बेगार या जबरन बिना मजदूरी के कराया गया कार्य | C) एक प्रकार का कर | D) धार्मिक दान -
मौर्योत्तर काल में व्यापारिक मार्गों पर स्थित नगरों के विकास का मुख्य कारण क्या था?
A) केवल अत्यधिक वर्षा | B) सार्थवाहों (व्यापारिक कारवां) की आवाजाही और शिल्प उत्पादन का बढ़ना | C) केवल वनों का होना | D) राजाओं का वहां रहना -
सातवाहन साम्राज्य के पतन के बाद दक्षिण भारत और दक्कन में किस नई शक्ति का उदय हुआ?
A) चोल | B) वाकाटक | C) गुप्त | D) कुषाण -
अतीत के चित्रपट (अध्याय के अंत) के अनुसार, मौर्योत्तर काल को 'पुनर्गठन का काल' क्यों कहा जाता है?
A) क्योंकि सब कुछ नष्ट हो गया था | B) क्योंकि इस काल में विभिन्न संस्कृतियों के मिलन से नई कला, स्थापत्य और सामाजिक शैलियों का विकास हुआ | C) क्योंकि केवल एक राजा था | D) क्योंकि व्यापार बंद हो गया था -
गुप्त कालीन मूर्तिकला की 'सारनाथ शैली' की मुख्य विशेषता क्या थी?
A) यूनानी प्रभाव | B) शांति, सादगी और आध्यात्मिक भाव की प्रधानता | C) अत्यधिक आभूषण | D) लाल रंग का प्रयोग
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