4. वन्य समाज और उपनिवेशवाद ([Forest Society and Colonialism])
इस पेज पर आपको 4. वन्य समाज और उपनिवेशवाद ([Forest Society and Colonialism]) के सभी महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ), परीक्षा उपयोगी नोट्स और ऑनलाइन क्विज़ मिलेंगे। अपने ज्ञान का परीक्षण करने और बोर्ड/प्रतियोगी परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए मॉक टेस्ट में अवश्य भाग लें।
👉 अध्याय का सारांश (Summary)
प्रिय अभ्यर्थियों, पर्यावरण के इतिहास और औपनिवेशिक शोषण (Colonial Exploitation) की दर्दनाक कहानी को दर्शाने वाले इस अध्याय 'वन्य समाज और उपनिवेशवाद' में आपका हार्दिक स्वागत है। NEP 2020 के अंतर्गत प्राकृतिक संसाधनों के दोहन, 'वैज्ञानिक वानिकी' (Scientific Forestry) के प्रभाव, और आदिवासी समुदायों के प्रतिरोध (Tribal Resistance) का ऐतिहासिक विश्लेषण करना एक महत्वपूर्ण लक्ष्य है। SSC (CGL, CHSL), Railway (NTPC), CTET, State PCS और UPSC तथा विशेष रूप से वन विभाग की परीक्षाओं में डायट्रिच ब्रैंडिस (Dietrich Brandis), 'भारतीय वन अधिनियम' (Indian Forest Act), बस्तर के विद्रोह (Bastar Rebellion), और जावा (Java) के जंगलों में डचों की नीतियों पर 2-3 वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Objective Questions) हमेशा पूछे जाते हैं।
1700 से 1995 के बीच औद्योगीकरण के कारण दुनिया भर में लगभग 13.9 मिलियन वर्ग किमी जंगल (कुल क्षेत्रफल का 9.3%) साफ कर दिए गए। भारत में अंग्रेजों ने कई कारणों से वनों का बड़े पैमाने पर विनाश (Deforestation) किया। सबसे पहले, ब्रिटिश मानते थे कि जंगल (उजाड़ भूमि) अनुत्पादक हैं और खेती का विस्तार करके ही राजस्व (Revenue) बढ़ाया जा सकता है। दूसरा, 19वीं सदी की शुरुआत में इंग्लैंड में ओक (Oak) के जंगल खत्म हो गए थे, इसलिए रॉयल नेवी (British Royal Navy) के जहाजों के लिए मजबूत लकड़ी की आपूर्ति के लिए भारतीय जंगलों की कटाई शुरू हुई। तीसरा, 1850 के दशक में भारत में 'रेलवे' का विस्तार तेजी से हुआ। रेलवे पटरियों को बांधे रखने के लिए लकड़ी के 'स्लीपरों' (Sleepers - एक मील पटरी के लिए 1760-2000 स्लीपर) की आवश्यकता थी। इसके अलावा, चाय, कॉफी और रबर के 'बागानों' (Plantations) के लिए बड़े वन क्षेत्रों को साफ किया गया।
जंगलों के नष्ट होने से चिंतित होकर अंग्रेजों ने 1864 में एक जर्मन विशेषज्ञ 'डायट्रिच ब्रैंडिस' (Dietrich Brandis) को भारत का पहला वन महानिरीक्षक (Inspector General of Forests) नियुक्त किया। ब्रैंडिस ने 'वैज्ञानिक वानिकी' (Scientific Forestry) की शुरुआत की, जिसमें प्राकृतिक और विविध पेड़ों वाले जंगलों को काटकर उनकी जगह सीधी कतारों में एक ही प्रकार के पेड़ (जैसे सागौन और साल) लगाए गए (जिसे बागान कहा गया)। ब्रैंडिस ने 1865 में 'भारतीय वन अधिनियम' (Indian Forest Act) पारित करवाया। 1878 में इस अधिनियम में संशोधन कर जंगलों को तीन श्रेणियों में बांटा गया: आरक्षित (Reserved), सुरक्षित (Protected) और ग्रामीण (Village)। सबसे अच्छे जंगलों को 'आरक्षित वन' कहा गया, जहाँ से गांव वाले अपने उपयोग के लिए लकड़ी नहीं ले सकते थे।
वन अधिनियमों ने वनवासियों के जीवन को तबाह कर दिया। उन्हें लकड़ी काटने, पशु चराने और फल इकट्ठा करने जैसे उनके दैनिक कार्यों से वंचित कर दिया गया। ब्रिटिश सरकार ने 'घुमंतू या स्थानांतरण कृषि' (Shifting Cultivation - जैसे पोंडू, झूम, बेवर) पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया, क्योंकि उनका मानना था कि इससे इमारती लकड़ी जलने का खतरा रहता है और राजस्व वसूलना मुश्किल होता है। अंग्रेजों ने वन्यजीवों के 'शिकार' (Hunting) को खेल बना दिया (एक ब्रिटिश अधिकारी जॉर्ज यूल ने अकेले 400 बाघ मारे), लेकिन वनवासियों को शिकार करने पर 'अवैध शिकार' (Poaching) का आरोप लगाकर दंडित किया। वनवासियों को वन विभाग के लिए मुफ्त में पेड़ काटने और आग बुझाने (बेगार) पर मजबूर किया गया।
इन अन्यायपूर्ण नीतियों के खिलाफ भारत और दुनिया भर में कई विद्रोह हुए। छत्तीसगढ़ के दक्षिणी भाग में 'बस्तर' (Bastar) में मारिया और मूरिया गोंड, धुर्वा, भतरा जैसी जनजातियाँ रहती थीं। 1910 में जब अंग्रेजों ने दो-तिहाई जंगलों को आरक्षित करने और घुमंतू खेती पर रोक लगाने का प्रस्ताव रखा, तो कांगेर वन के 'गुंडा धुर' (Gunda Dhur) के नेतृत्व में एक विशाल विद्रोह भड़क उठा। उन्होंने आम की टहनियां, मिट्टी के ढेले और बाणों को संदेश के रूप में गांवों में घुमाया और बाजारों व पुलिस थानों को लूट लिया। अंग्रेजों ने भारी सेना बुलाकर विद्रोह को क्रूरता से कुचल दिया। इसी प्रकार, इंडोनेशिया के 'जावा' (Java) द्वीप पर डचों (Dutch) का नियंत्रण था। उन्होंने भी वहां ऐसे ही कठोर वन कानून लागू किए। जावा में 'कलांग' (Kalangs) नामक कुशल लकड़हारे समुदाय ने डचों का विरोध किया। 1890 के दशक में 'सुरोंतिको सामिन' (Surontiko Samin) ने डच नीतियों के खिलाफ एक बड़ा आंदोलन खड़ा किया और कर चुकाने से इंकार कर दिया। NCERT बेस पर तैयार यह विस्तृत सामग्री आपको औपनिवेशिक वन इतिहास को समझने में मदद करेगी। 3-Level ऑनलाइन क्विज़ से अपनी तैयारी परखें।
अध्याय के सभी प्रश्न (Revision Notes)
*नोट: यह सेक्शन रिवीजन के लिए है। अपना ज्ञान परखने के लिए ऊपर दिए गए क्विज़ में भाग लें।
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उन्नीसवीं सदी में भारत के कुल भूभाग का लगभग कितना हिस्सा खेती के अधीन था?
A) छठा हिस्सा | B) आधा हिस्सा | C) तिहाई हिस्सा | D) चौथाई हिस्सा -
औपनिवेशिक काल में रेलवे के स्लीपर बनाने के लिए किस पेड़ की लकड़ी का सबसे अधिक उपयोग किया गया?
A) नीम और आम | B) शाल और सागौन | C) बबूल | D) पीपल -
एक मील लंबी रेल की पटरी के लिए लगभग कितने स्लीपरों की आवश्यकता होती थी?
A) 500 से 1000 | B) 1760 से 2000 | C) 3000 से अधिक | D) 100 से 200 -
भारतीय वन सेवा (IFS) की स्थापना किस वर्ष की गई थी?
A) 1864 | B) 1850 | C) 1905 | D) 1947 -
इंपीरियल फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट की स्थापना 1906 में कहाँ की गई थी?
A) देहरादून | B) शिमला | C) मसूरी | D) दिल्ली -
1865 के वन अधिनियम के बाद वनों को कितने भागों में बाँटा गया था?
A) दो | B) तीन | C) चार | D) पाँच -
बस्तर विद्रोह किस वर्ष हुआ था?
A) 1900 | B) 1910 | C) 1920 | D) 1947 -
झूम खेती को अन्य किस नाम से जाना जाता है?
A) स्थायी कृषि | B) घुमंतू या स्वीडन कृषि | C) मिश्रित कृषि | D) बागानी कृषि -
डच औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध जावा में विद्रोह का नेतृत्व किसने किया था?
A) सुरोंतिको सामिन | B) गुंडा धूर | C) बिरसा मुंडा | D) अल्लूरी सीताराम राजू -
वन अधिनियम के अनुसार सबसे अच्छे वनों को क्या कहा गया?
A) आरक्षित वन | B) सुरक्षित वन | C) ग्रामीण वन | D) निजी वन -
भारत में किस क्षेत्र के लोग वनों को 'देवकुडू' या 'धुड़' के नाम से पवित्र मानकर पूजते थे?
A) बस्तर | B) मेघालय | C) झारखंड | D) उत्तराखंड -
1910 के बस्तर विद्रोह का मुख्य नेता कौन था?
A) गुंडा धूर | B) बिरसा मुंडा | C) सिद्धू | D) कान्हू -
जावा में डचों ने वनों के प्रबंधन के लिए कौन सी पद्धति अपनाई थी?
A) ब्लैंडोंगडिएनस्टेन | B) इस्टेट | C) सामिन | D) स्लीपर -
स्लीपर क्या होते हैं?
A) रेल की पटरी के नीचे बिछाए गए लकड़ी के तख्ते | B) वन रक्षक | C) एक प्रकार का पेड़ | D) जहाज का हिस्सा -
वैज्ञानिक वानिकी (Scientific Forestry) का क्या अर्थ था?
A) प्राकृतिक वनों को काटकर एक ही प्रजाति के पेड़ कतार में लगाना | B) पेड़ों की पूजा | C) जड़ी-बूटी उगाना | D) वनों को खुला छोड़ना -
1878 के वन अधिनियम ने वनों को किन श्रेणियों में बाँटा था?
A) आरक्षित, सुरक्षित और ग्रामीण | B) केवल निजी | C) केवल सरकारी | D) उपर्युक्त सभी -
चाय और कॉफी के बागान बनाने के लिए अंग्रेजों ने क्या किया?
A) वनों के विशाल क्षेत्रों को साफ किया और कंपनियों को सस्ती दर पर दिया | B) केवल खेती की | C) पेड़ लगाए | D) पशु पाले -
बस्तर कहाँ स्थित है?
A) छत्तीसगढ़ के सबसे दक्षिणी भाग में | B) उत्तर प्रदेश | C) बिहार | D) पंजाब -
जावा किस देश का एक हिस्सा है जिसे अब 'इंडोनेशिया' कहा जाता है?
A) इंडोनेशिया | B) मलेशिया | C) श्रीलंका | D) जापान -
वनों के विनाश (Deforestation) का मुख्य कारण क्या था?
A) रेलवे का विस्तार | B) जहाजों का निर्माण | C) खेती का विस्तार | D) उपर्युक्त सभी -
सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए और सही कूट का चयन कीजिए:
सूची-I (देश/क्षेत्र) — सूची-II (घुमंतू खेती का नाम)
(a) दक्षिण-पूर्व एशिया — (1) लमिंग
(b) मध्य अमेरिका — (2) मिल्पा
(c) अफ्रीका — (3) चितमेन या तावी
(d) भारत — (4) ध्या, पेंडा या बेवर
A) a-1, b-2, c-3, d-4 | B) a-2, b-1, c-4, d-3 | C) a-3, b-4, c-1, d-2 | D) a-4, b-3, c-2, d-1 -
सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए और सही कूट का चयन कीजिए:
सूची-I (विद्रोह/आंदोलन) — सूची-II (स्थान)
(a) सिद्धू और कान्हू — (1) संथाल परगना
(b) बिरसा मुंडा — (2) छोटा नागपुर
(c) अल्लूरी सीताराम राजू — (3) आंध्र प्रदेश
(d) सामिन आंदोलन — (4) जावा
A) a-1, b-2, c-3, d-4 | B) a-2, b-1, c-4, d-3 | C) a-4, b-3, c-2, d-1 | D) a-3, b-4, c-1, d-2 -
कथन (A): अंग्रेजों ने घुमंतू खेती (Shifting Cultivation) पर प्रतिबंध लगा दिया था।
कारण (R): उन्हें डर था कि इससे रेलवे के लिए कीमती लकड़ी वाले जंगल जल जाएँगे और कर वसूलना कठिन होगा।
A) कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण सही व्याख्या है | B) कथन और कारण दोनों सही हैं परन्तु कारण व्याख्या नहीं है | C) कथन सही है परन्तु कारण गलत है | D) कथन गलत है परन्तु कारण सही है -
कथन (A): बस्तर के लोगों ने 1910 में अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह किया।
कारण (R): सरकार ने वनों के दो-तिहाई हिस्से को आरक्षित करने और शिकार व वनोत्पाद पर रोक लगाने का प्रस्ताव दिया था।
A) कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण सही व्याख्या है | B) कथन और कारण दोनों सही हैं परन्तु कारण व्याख्या नहीं है | C) कथन सही है परन्तु कारण गलत है | D) कथन गलत है परन्तु कारण सही है -
कथन (A): डच औपनिवेशिक शासकों ने 'ब्लैंडोंगडिएनस्टेन' प्रणाली लागू की।
कारण (R): इसके तहत ग्रामीणों को मुफ्त श्रम के बदले वन भूमि पर खेती की अनुमति दी गई, जिसे बाद में हटा लिया गया।
A) कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण सही व्याख्या है | B) कथन और कारण दोनों सही हैं परन्तु कारण व्याख्या नहीं है | C) कथन सही है परन्तु कारण गलत है | D) कथन गलत है परन्तु कारण सही है -
कथन (A): रेलवे के विस्तार ने वनों के विनाश की गति को तीव्र किया।
कारण (R): रेल की पटरियों को बिछाने और इंजनों को चलाने के लिए भारी मात्रा में लकड़ी की आवश्यकता थी।
A) कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण सही व्याख्या है | B) कथन और कारण दोनों सही हैं परन्तु कारण व्याख्या नहीं है | C) कथन सही है परन्तु कारण गलत है | D) कथन गलत है परन्तु कारण सही है -
प्रथम विश्व युद्ध के दौरान जावा में डचों ने कौन सी नीति अपनाई ताकि लकड़ी जापानियों के हाथ न लगे?
A) जलाओ और भागो (Scorched Earth Policy) | B) शांति नीति | C) सुरक्षा नीति | D) व्यापार नीति -
बस्तर की प्रमुख जनजातियाँ कौन सी हैं?
A) मुरिया, माड़िया, गोंड, धुरुवा और भतरा | B) भील और मीणा | C) संथाल और मुंडा | D) नागा और कुकी -
वनों के आरक्षित होने के बाद बस्तर के लोग गाँवों में रहने के बदले क्या शर्तें मानते थे?
A) वे वन विभाग के लिए मुफ्त में लकड़ी काटते और ढोते थे (वन ग्राम) | B) वे टैक्स देते थे | C) वे शिकार नहीं करते थे | D) वे शहर चले गए -
1905 में औपनिवेशिक सरकार ने बस्तर के कितने हिस्से को आरक्षित करने का प्रस्ताव रखा था?
A) दो-तिहाई हिस्सा | B) आधा हिस्सा | C) तिहाई हिस्सा | D) चौथाई हिस्सा -
जावा में लकड़ी काटने में माहिर समुदाय कौन सा था?
A) कलांग (Kalangs) | B) मिर | C) कुलक | D) सामिन -
वन अधिनियम ने ग्रामीणों के जीवन को कैसे प्रभावित किया?
A) वे लकड़ी, फल और शिकार के अधिकार से वंचित हो गए | B) उन्हें बहुत पैसा मिला | C) उन्हें शिक्षा मिली | D) कोई प्रभाव नहीं पड़ा -
भारत के पहले वन महानिरीक्षक (Dietrich Brandis) किस देश के विशेषज्ञ थे?
A) जर्मनी | B) ब्रिटेन | C) फ्रांस | D) रूस -
बस्तर विद्रोह की शुरुआत किस गाँव से हुई थी?
A) नेथानार | B) कंकरी | C) धुड़वा | D) बस्तर -
वनों के विनाश के बाद इंग्लैंड में जहाजों के निर्माण के लिए कौन सी समस्या पैदा हुई?
A) बलूत (Oak) के जंगलों की कमी | B) पानी की कमी | C) लोहे की कमी | D) श्रमिकों की कमी -
जावा में डचों ने अपनी तकनीक से वनों को प्रबंधित करना कब शुरू किया था?
A) उन्नीसवीं सदी में | B) अठारहवीं सदी | C) बीसवीं सदी | D) सत्रहवीं सदी -
बस्तर के लोग अपनी धरती और वनों के प्रति आभार प्रकट करने के लिए क्या करते थे?
A) सालाना कर चढ़ाते थे और जंगल की रक्षा के लिए 'देवसारी' देते थे | B) पेड़ काटते थे | C) शिकार करते थे | D) विदेशी कपड़े पहनते थे -
वन अधिनियम के तहत अवैध रूप से लकड़ी काटते पकड़े जाने पर क्या होता था?
A) वन रक्षकों द्वारा घूस मांगना और प्रताड़ित करना | B) पुरस्कार मिलना | C) प्रमोशन मिलना | D) कुछ नहीं -
भारत के किन राज्यों में वनों की कटाई आज भी एक बड़ी समस्या है?
A) ओडिशा और मध्य प्रदेश | B) हरियाणा | C) पंजाब | D) राजस्थान -
बस्तर विद्रोह को दबाने के लिए अंग्रेजों ने क्या किया?
A) गाँवों को जलाया और लोगों को मारा | B) शांति वार्ता की | C) टैक्स कम किया | D) जमीन लौटाई -
कथन: औपनिवेशिक वन प्रबंधन का मुख्य उद्देश्य आर्थिक लाभ और संसाधनों पर नियंत्रण था।
निष्कर्ष I: 'वैज्ञानिक वानिकी' वास्तव में विविधता को खत्म कर व्यावसायिक वृक्षारोपण था।
निष्कर्ष II: इसने वन समुदायों के पारंपरिक अधिकारों को पूरी तरह नकार दिया।
A) निष्कर्ष I और II दोनों सही हैं | B) केवल I सही है | C) केवल II सही है | D) दोनों गलत हैं -
कथन: जावा और बस्तर के वन विद्रोहों में काफी समानताएँ थीं।
निष्कर्ष I: दोनों ही जगहों पर विद्रोह औपनिवेशिक वन कानूनों और विस्थापन के खिलाफ थे।
निष्कर्ष II: दोनों ही जगहों पर सामुदायिक पहचान और संसाधनों पर हक मुख्य मुद्दा था।
A) निष्कर्ष I और II दोनों सही हैं | B) केवल I सही है | C) केवल II सही है | D) दोनों गलत हैं -
कथन: रेलवे ने भारत के वनों को बचाने के बजाय उन्हें उजाड़ा।
निष्कर्ष I: पटरियों के लिए लकड़ी और इंजनों के लिए ईंधन के कारण जंगलों की अंधाधुंध कटाई हुई।
निष्कर्ष II: रेलवे के विस्तार ने दुर्गम वनों तक पहुँच को आसान बना दिया जिससे दोहन बढ़ गया।
A) निष्कर्ष I और II दोनों सही हैं | B) केवल I सही है | C) केवल II सही है | D) दोनों गलत हैं -
बस्तर विद्रोह 1910 की प्रमुख घटनाओं का सही क्रम क्या है?
(1) वनों के दो-तिहाई हिस्से को आरक्षित करने का प्रस्ताव
(2) हाट-बाजारों में विद्रोह का संदेश फैलना
(3) जगदलपुर पर घेरा और लूट
(4) अंग्रेजी सेना द्वारा दमन
A) 1, 2, 3, 4 | B) 2, 1, 3, 4 | C) 4, 3, 2, 1 | D) 3, 1, 4, 2 -
डाइट्रीच ब्रैंडिस द्वारा किए गए सुधारों पर विचार कीजिए:
(1) वन सेवा की स्थापना और वन अधिनियम बनाना
(2) वनों के संरक्षण के लिए कानूनी प्रशिक्षण प्रणाली विकसित करना
(3) लकड़ी की कटाई को सीमित और नियमित करना
A) 1, 2 और 3 | B) केवल 1 और 2 | C) केवल 2 और 3 | D) केवल 1 -
जावा में कलांग समुदाय के बारे में क्या सत्य है?
(1) वे कुशल लकड़हारे और घुमंतू किसान थे।
(2) 1755 में जब माताराम साम्राज्य बँटा, तो कलांगों को भी आधा-आधा बाँट लिया गया।
(3) उन्होंने डचों के खिलाफ विद्रोह किया लेकिन हार गए।
A) 1, 2 और 3 | B) केवल 1 और 2 | C) केवल 3 | D) केवल 2 -
वन समुदायों के प्रतिरोध के विभिन्न रूपों पर विचार कीजिए:
(1) खुले विद्रोह और हमले (बस्तर, जावा)
(2) औपनिवेशिक सर्वेक्षण का शांतिपूर्ण विरोध (सामिन आंदोलन)
(3) जंगलों के भीतर छिपकर पारंपरिक अधिकार जारी रखना
A) 1, 2 और 3 | B) केवल 1 और 2 | C) केवल 2 और 3 | D) केवल 1 -
घुमंतू खेती को प्रतिबंधित करने के पीछे अंग्रेजों के तर्कों का सही समूह क्या है?
(1) इसमें बहुमूल्य लकड़ियाँ जल जाती थीं।
(2) इससे सरकार को कर वसूलने में परेशानी होती थी।
(3) जलाए गए क्षेत्रों में रेलवे के स्लीपरों के लिए पेड़ उगाना असंभव था।
A) 1, 2 और 3 | B) केवल 1 और 2 | C) केवल 2 और 3 | D) केवल 1 -
बस्तर में विद्रोह का संदेश फैलाने के लिए किन वस्तुओं का उपयोग किया गया था?
A) आम की टहनियाँ, मिट्टी के ढेले, मिर्च और तीर-धनुष | B) पत्र और अखबार | C) सिक्के | D) नगाड़े -
वन ग्राम (Forest Villages) की अवधारणा क्या थी?
A) वनों के भीतर वे गाँव जहाँ लोग मुफ्त श्रम के बदले रह सकते थे | B) स्वतंत्र गाँव | C) शहर | D) बागान -
जावा के 'सामिनवाद' का मुख्य तर्क क्या था?
A) हवा, पानी और जमीन ईश्वर की है, इसलिए राजा उस पर कर नहीं ले सकता | B) राजा ईश्वर का रूप है | C) युद्ध अनिवार्य है | D) शिक्षा बेकार है -
वन अधिनियम 1878 ने किस वन श्रेणी से ग्रामीणों को पूरी तरह बाहर कर दिया था?
A) आरक्षित वन | B) सुरक्षित वन | C) ग्रामीण वन | D) निजी वन -
बीसवीं सदी के अंत में वन संरक्षण की नीति में क्या बदलाव आया है?
A) अब स्थानीय समुदायों की भागीदारी पर जोर दिया जाता है | B) केवल सरकार का नियंत्रण | C) वनों को खत्म करना | D) केवल विदेशी कंपनियों को देना -
बस्तर विद्रोह के दौरान 'गुंडा धूर' को अंग्रेज कभी क्यों नहीं पकड़ पाए?
A) लोगों ने उसे सुरक्षित रखा और वह जंगल में गायब हो गया | B) वह विदेश भाग गया | C) उसने आत्मसमर्पण किया | D) वह मर गया -
जावा में डचों द्वारा अपनाई गई 'ब्लैंडोंगडिएनस्टेन' व्यवस्था का क्या परिणाम हुआ?
A) ग्रामीणों पर बेगार और शोषण बढ़ा | B) वे अमीर हो गए | C) वे स्वतंत्र हो गए | D) वे शिक्षित हो गए -
स्लीपरों की आपूर्ति के लिए मद्रास प्रेसीडेंसी में 1850 के दशक में सालाना कितने पेड़ काटे जाते थे?
A) 35,000 पेड़ | B) 10,000 | C) 5,000 | D) 1,00,000 -
वनों के आरक्षित होने से वन समुदायों के किस पारंपरिक कार्य पर सबसे अधिक चोट पहुँची?
A) कंदमूल फल इकट्ठा करना और पशु चराना | B) घर बनाना | C) कपड़े बुनना | D) व्यापार -
इंडोनेशिया के वनों पर अधिकार करने वाले पहले औपनिवेशिक शासक कौन थे?
A) डच | B) अंग्रेज | C) फ्रांसीसी | D) पुर्तगाली -
बस्तर विद्रोह के बाद अंग्रेजों ने वन आरक्षण की नीति में क्या ढील दी?
A) आरक्षित क्षेत्र को आधा कर दिया | B) आरक्षण खत्म कर दिया | C) जमीन वापस कर दी | D) कोई ढील नहीं दी -
वैज्ञानिक वानिकी के तहत लगाए गए पेड़ों का मुख्य उद्देश्य क्या था?
A) इमारती लकड़ी और व्यावसायिक लाभ | B) पर्यावरण संरक्षण | C) फल प्राप्त करना | D) पशु चारा
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