6. पौधों में जनन (Reproduction in Plants)
इस पेज पर आपको 6. पौधों में जनन (Reproduction in Plants) के सभी महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ), परीक्षा उपयोगी नोट्स और ऑनलाइन क्विज़ मिलेंगे। अपने ज्ञान का परीक्षण करने और बोर्ड/प्रतियोगी परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए मॉक टेस्ट में अवश्य भाग लें।
👉 अध्याय का सारांश (Summary)
प्रिय अभ्यर्थियों, जीव विज्ञान (Biology) के इस अत्यंत महत्वपूर्ण अध्याय 'पौधों में जनन' (Reproduction in Plants) में हम पादपों की वंश वृद्धि की वैज्ञानिक प्रक्रियाओं का बहुत ही विस्तार से अध्ययन करेंगे। State PCS, SSC, CET, Railway और REET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में पौधों के लैंगिक और अलैंगिक जनन (Sexual and Asexual Reproduction), परागण (Pollination) और बीज प्रकीर्णन (Seed Dispersal) से संबंधित ढेरों वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Objective Questions) हमेशा परीक्षा में पूछे जाते हैं। यह अध्याय आपके सामान्य विज्ञान (General Science) की नींव को बहुत मजबूत करेगा।
प्रकृति में प्रत्येक सजीव अपने समान नई संतति उत्पन्न करता है, ताकि उसकी प्रजाति का अस्तित्व पृथ्वी पर बना रहे। इस प्रक्रिया को 'जनन' (Reproduction) कहते हैं। पौधों में जनन मुख्य रूप से 2 प्रकार का होता है: अलैंगिक जनन (Asexual Reproduction) और लैंगिक जनन (Sexual Reproduction)। दैनिक जीवन का उदाहरण लें, तो जब आप गुलाब या गन्ने की टहनी (Stem Cutting) काटकर मिट्टी में लगाते हैं और उससे नया पौधा उग आता है, तो यह अलैंगिक जनन है। इसमें बीज की आवश्यकता नहीं होती। इसके कई प्रकार हैं जैसे कायिक प्रवर्धन (Vegetative Propagation), मुकुलन (Budding), खंडन (Fragmentation) और बीजाणु निर्माण (Spore Formation)। आलू की आंख (Eye) से नया पौधा उगना कायिक प्रवर्धन का ही उदाहरण है। यीस्ट (Yeast) जैसे सूक्ष्मजीव मुकुलन द्वारा जनन करते हैं, जबकि फर्न (Fern) और कवक बीजाणु द्वारा अपनी संख्या बढ़ाते हैं।
प्रतियोगी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से 'लैंगिक जनन' (Sexual Reproduction) सबसे अधिक पूछा जाने वाला विषय है। पुष्प (Flower) पौधे का जनन अंग होता है। पुष्प का नर भाग पुंकेसर (Stamen) कहलाता है, जिसमें परागकण (Pollen Grains) बनते हैं। पुष्प का मादा भाग स्त्रीकेसर (Pistil) कहलाता है, जिसके 3 भाग होते हैं: वर्तिकाग्र (Stigma), वर्तिका और अंडाशय (Ovary)। जब परागकण पुंकेसर से निकलकर स्त्रीकेसर के वर्तिकाग्र तक पहुँचते हैं, तो इस प्रक्रिया को परागण (Pollination) कहते हैं। यह परागण हवा, जल या कीटों (Insects) द्वारा हो सकता है। जब एक ही फूल के परागकण उसी फूल के वर्तिकाग्र पर गिरते हैं, तो उसे स्व-परागण (Self-pollination) कहते हैं, और जब दूसरे फूल पर गिरते हैं, तो उसे पर-परागण (Cross-pollination) कहते हैं।
परागण के बाद नर और मादा युग्मकों (Gametes) का मिलन होता है, जिसे निषेचन (Fertilization) कहते हैं। निषेचन के बाद अंडाशय फल (Fruit) में बदल जाता है और बीजांड से बीज (Seed) बनते हैं। प्रकृति में बीजों का एक स्थान से दूसरे स्थान तक फैलना बहुत जरूरी है, जिसे बीज प्रकीर्णन (Seed Dispersal) कहते हैं। यदि सभी बीज एक ही जगह गिर जाएं, तो उन्हें पर्याप्त धूप, पानी और खनिज नहीं मिल पाएंगे। बीजों का प्रकीर्णन हवा, पानी और जंतुओं द्वारा होता है। उदाहरण के लिए, मदार (Aak) के बीज हवा द्वारा उड़ते हैं, और गोखरू (Xanthium) के कांटेदार बीज जानवरों के शरीर से चिपक कर दूर-दूर तक पहुँच जाते हैं। NCERT बेस और RBSE पाठ्यक्रम पर आधारित जनन की इन वैज्ञानिक प्रक्रियाओं का ज्ञान आपके परीक्षा स्कोर को तेजी से ऊपर ले जाएगा।
विशेषता: यह एक 3-Level आधारित यूनीक क्विज़ है। अगले स्तर (Level 2 और 3) को अनलॉक करने के लिए अभ्यर्थियों को वर्तमान स्तर में कम से कम 70% अंक स्कोर करने होंगे, जो आपकी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी को 100% मजबूत बनाता है。
अध्याय के सभी प्रश्न (Revision Notes)
*नोट: यह सेक्शन रिवीजन के लिए है। अपना ज्ञान परखने के लिए ऊपर दिए गए क्विज़ में भाग लें।
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जनक द्वारा अपने जैसी संतान उत्पन्न करने की प्रक्रिया क्या कहलाती है?
A) वृद्धि | B) श्वसन | C) जनन | D) पाचन -
पौधों में जनन मुख्य रूप से कितने प्रकार का होता है?
A) एक | B) दो | C) तीन | D) चार -
वह जनन जिसमें नए पौधे बीजों के बिना प्राप्त होते हैं, क्या कहलाता है?
A) लैंगिक जनन | B) अलैंगिक जनन | C) निषेचन | D) परागण -
पुष्प (फूल) पौधे का कौन-सा भाग है?
A) कायिक भाग | B) जनन भाग | C) सहयोगी भाग | D) मृत भाग -
आलू के ऊपर पाए जाने वाले छोटे दाग (Scars) क्या कहलाते हैं?
A) जड़ | B) आंख (Bud) | C) फल | D) बीज -
यीस्ट (Yeast) में जनन किस विधि द्वारा होता है?
A) खंडन | B) बीजाणु निर्माण | C) मुकुलन | D) कायिक प्रवर्धन -
स्पाइरोगाइरा (शैवाल) में जनन की सामान्य विधि क्या है?
A) मुकुलन | B) खंडन | C) निषेचन | D) परागण -
कवक (जैसे ब्रेड मोल्ड) में जनन किसके माध्यम से होता है?
A) पुष्प | B) बीजाणु निर्माण | C) जड़ | D) पत्ती -
पुष्प का नर जनन अंग कौन-सा है?
A) स्त्रीकेसर | B) पुंकेसर | C) बाह्य दल | D) अण्डाशय -
पुष्प का मादा जनन अंग कौन-सा है?
A) पुंकेसर | B) स्त्रीकेसर (Pistil) | C) परागकोश | D) तंतु -
परागकण कहाँ बनते हैं?
A) अण्डाशय में | B) परागकोश | C) वर्तिकाग्र पर | D) पत्ती में -
मादा युग्मक (अण्ड) का निर्माण कहाँ होता है?
A) परागकोश में | B) बीजाण्ड में | C) पत्तियों में | D) तने में -
परागकणों का परागकोश से पुष्प के वर्तिकाग्र तक स्थानांतरण क्या कहलाता है?
A) निषेचन | B) परागण | C) मुकुलन | D) खंडन -
नर और मादा युग्मकों के मेल (संलयन) की प्रक्रिया क्या कहलाती है?
A) परागण | B) निषेचन | C) अंकुरण | D) मुकुलन -
निषेचन के बाद बनने वाली कोशिका क्या कहलाती है?
A) युग्मक | B) युग्मनज | C) भ्रूण | D) बीज -
निषेचन के बाद अण्डाशय (Ovary) विकसित होकर क्या बनाता है?
A) बीज | B) फल | C) फूल | D) पत्ती -
निषेचन के बाद बीजाण्ड (Ovules) से क्या विकसित होता है?
A) फल | B) जड़ | C) बीज | D) तना -
पंखुड़ियों का मुख्य कार्य क्या है?
A) भोजन बनाना | B) कीटों को आकर्षित करना | C) पानी सोखना | D) जड़ को सहारा देना -
गुलाब और चमेली के पौधों को नए पौधे उगाने के लिए किस विधि का प्रयोग होता है?
A) बीजाणु | B) कलम लगाना (तने द्वारा) | C) मुकुलन | D) निषेचन -
एकलिंगी पुष्प का उदाहरण कौन-सा है?
A) सरसों | B) गुलाब | C) पपीता/मक्का | D) पेटुनिया -
कथन (A): ब्रायोफिल्म (पत्थरचट्टा) की पत्तियों के किनारों पर कलिकाएँ होती हैं।
कारण (R): यदि इसकी पत्ती गीली मिट्टी पर गिर जाए, तो प्रत्येक कलिका नया पौधा बना सकती है।
A) A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है | B) A और R दोनों सही हैं परन्तु R, A की सही व्याख्या नहीं है | C) A सही है, R गलत है | D) A गलत है, R सही है -
सूची-I का सूची-II से मिलान करें:
(a) मुकुलन - (1) स्पाइरोगाइरा
(b) खंडन - (2) यीस्ट
(c) बीजाणु निर्माण - (3) फर्न/मॉस
A) a-2, b-1, c-3 | B) a-1, b-2, c-3 | C) a-3, b-2, c-1 | D) a-2, b-3, c-1 -
स्व-परागण (Self-pollination) और पर-परागण में क्या अंतर है?
A) स्व-परागण में दो अलग पौधे चाहिए | B) स्व-परागण में परागकण उसी पुष्प या उसी पौधे के दूसरे पुष्प के वर्तिकाग्र पर गिरते हैं | C) दोनों एक ही हैं | D) पर-परागण केवल हवा से होता है -
स्त्रीकेसर के तीन मुख्य भाग कौन-से हैं?
A) परागकोश, तंतु, दल | B) वर्तिकाग्र, वर्तिका, अण्डाशय | C) बाह्यदल, पुंकेसर, बीजाण्ड | D) जड़, तना, पत्ती -
बीजों के प्रकीर्णन (Dispersal) का क्या लाभ है?
A) पौधों के बीच धूप, जल और खनिजों के लिए प्रतिस्पर्धा कम होती है | B) पौधों को नया आवास मिलता है | C) फसल की पैदावार बढ़ती है | D) A और B दोनों -
कथन (A): कीट-पतंगे परागण में सहायता करते हैं।
कारण (R): जब कीट मकरंद के लिए फूल पर बैठते हैं, तो परागकण उनके शरीर से चिपक जाते हैं।
A) A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है | B) A और R दोनों सही हैं परन्तु R, A की सही व्याख्या नहीं है | C) A सही है, R गलत है | D) A गलत है, R सही है -
सूची-I (प्रकीर्णन विधि) का सूची-II (उदाहरण) से मिलान करें:
(a) पवन (हवा) - (1) नारियल
(b) जल - (2) सेहिजन (ड्रमस्टिक)/मैपिल
(c) जंतु - (3) यूरेना/जैंथियम
A) a-2, b-1, c-3 | B) a-1, b-2, c-3 | C) a-3, b-2, c-1 | D) a-2, b-3, c-1 -
द्विलिंगी पुष्प (Bisexual flower) किसे कहते हैं?
A) जिसमें केवल पुंकेसर हो | B) जिसमें केवल स्त्रीकेसर हो | C) जिसमें पुंकेसर और स्त्रीकेसर दोनों हों | D) जिसमें फूल न हो -
बीजाणु (Spores) प्रतिकूल परिस्थितियों में भी जीवित क्यों रहते हैं?
A) वे बहुत बड़े होते हैं | B) उन पर एक कठोर सुरक्षात्मक आवरण होता है | C) वे पानी में रहते हैं | D) वे मर जाते हैं -
निषेचन के समय परागनलिका का क्या कार्य है?
A) भोजन पहुँचाना | B) परागकण को अण्डाशय तक पहुँचाना | C) पानी सोखना | D) फूल को रंग देना -
कायिक जनन (Vegetative Propagation) के बारे में क्या सही है?
A) यह बहुत धीमी प्रक्रिया है | B) नए पौधे जनक पौधे के बिल्कुल समान होते हैं | C) इसमें बीजों की आवश्यकता होती है | D) यह केवल फूलों में होता है -
शकरकंद और डहेलिया में जनन किस भाग द्वारा होता है?
A) तने द्वारा | B) जड़ों द्वारा | C) पत्तियों द्वारा | D) फूलों द्वारा -
विषम (Odd one out) चुनें:
A) गुलाब | B) चमेली | C) कपास | D) यीस्ट -
परागकणों के वर्तिकाग्र पर पहुंचने के बाद क्या होता है?
A) निषेचन की प्रक्रिया शुरू होती है | B) बीज गिर जाते हैं | C) फूल सूख जाता है | D) पत्तियां गिर जाती हैं -
फलों का निर्माण किस प्रक्रिया का अंतिम परिणाम है?
A) अलैंगिक जनन | B) लैंगिक जनन | C) मुकुलन | D) खंडन -
ऐसे पौधे जो बीज उत्पन्न नहीं करते, वे जनन कैसे करते हैं?
A) वे जनन नहीं करते | B) अलैंगिक विधियों (जैसे बीजाणु या कायिक प्रवर्धन) द्वारा | C) केवल पानी द्वारा | D) मिट्टी द्वारा -
सही कथन चुनें:
A) सभी पुष्प द्विलिंगी होते हैं | B) निषेचन के बिना फल नहीं बन सकते (सामान्यतः) | C) यीस्ट एक बहुकोशिकीय जीव है | D) आलू एक जड़ है -
हवा द्वारा उड़ने वाले बीजों की क्या विशेषता होती है?
A) वे बहुत भारी होते हैं | B) वे पंखयुक्त या रोमयुक्त होते हैं | C) वे चिपचिपे होते हैं | D) वे पानी में तैरते हैं -
मकरंद (Nectar) का निर्माण पुष्प के किस भाग में होता है?
A) बाह्य दल में | B) पुष्प के आधार के पास ग्रंथियों में | C) परागकोश में | D) जड़ में -
जब फल झटके के साथ फटते हैं, तो बीज दूर तक बिखर जाते हैं। इसका उदाहरण है:
A) नारियल | B) अरंडी और बालसम | C) आम | D) जामुन -
बीजों के प्रकीर्णन के लिए 'हुक' (Hook) जैसी संरचना किसमें पाई जाती है?
A) नारियल में | B) जैंथियम में | C) मैपिल में | D) घास में -
परागकण की बाहरी दीवार (Exine) बहुत कठोर क्यों होती है?
A) सुंदर दिखने के लिए | B) ताकि वह प्रतिकूल परिस्थितियों में सुरक्षित रहे और सूखे नहीं | C) जल्दी गिरने के लिए | D) कीटों को डराने के लिए -
कायिक प्रवर्धन द्वारा उगाए गए पौधों में बीजों से उगाए गए पौधों की तुलना में क्या लाभ है?
A) वे जल्दी फूल और फल देते हैं | B) वे जनक के समान होते हैं | C) कम देखभाल चाहिए | D) A और B दोनों -
स्त्रीकेसर के किस भाग पर परागकण चिपकते हैं?
A) अण्डाशय | B) वर्तिका | C) वर्तिकाग्र | D) बीजाण्ड -
निषेचन की क्रिया कहाँ संपन्न होती है?
A) वर्तिकाग्र पर | B) परागकोश में | C) अण्डाशय के बीजाण्ड के भीतर | D) पत्तियों में -
शैवाल (जैसे स्पाइरोगाइरा) तालाब में बहुत तेजी से क्यों फैलते हैं?
A) लैंगिक जनन के कारण | B) निरंतर खंडन प्रक्रिया के कारण | C) मछलियों के कारण | D) हवा के कारण -
यदि किसी पुष्प के पुंकेसरों को निकाल दिया जाए, तो उसमें कौन-सा परागण संभव नहीं होगा?
A) पर-परागण | B) स्व-परागण | C) निषेचन | D) दोनों संभव रहेंगे -
नारियल का फल पानी द्वारा प्रकीर्णित होता है क्योंकि:
A) वह पानी में डूब जाता है | B) उसका बाहरी आवरण रेशेदार होता है जो उसे तैरने में मदद करता है | C) वह बहुत मीठा होता है | D) उसमें पानी भरा होता है -
निषेचन के पश्चात भ्रूण (Embryo) कहाँ सुरक्षित रहता है?
A) फल की दीवार में | B) बीज के भीतर | C) परागकोश में | D) जड़ में -
पुष्प के किस भाग से 'केसर' (Saffron) प्राप्त किया जाता है?
A) पंखुड़ियों से | B) वर्तिका और वर्तिकाग्र से | C) परागकोश से | D) जड़ से -
कृत्रिम कायिक प्रवर्धन (जैसे ग्राफ्टिंग) का क्या महत्व है?
A) दो अलग-अलग पौधों के अच्छे गुणों को एक ही पौधे में लाना | B) पौधे को मारना | C) पौधे को रंगीन बनाना | D) जड़ें खत्म करना -
परागकणों का वर्तिकाग्र पर अंकुरण होने पर क्या विकसित होता है?
A) जड़ | B) परागनलिका | C) पत्ती | D) फल -
कैसा माध्यम परागण में सबसे अधिक अनिश्चितता पैदा करता है?
A) कीट | B) वायु (क्योंकि दिशा निश्चित नहीं होती) | C) हाथ | D) पानी -
पौधों में 'युग्मक' (Gametes) कैसे होते हैं?
A) द्विगुणित | B) अगुणित | C) बहुत बड़े | D) स्थिर -
कौन-सा फल 'विस्फोट' (Explosion) विधि द्वारा बीज बिखेरता है?
A) आम | B) पपीता | C) मटर/बालसम | D) केला -
कायिक प्रवर्धन के लिए गन्ने में किसका उपयोग होता है?
A) बीज | B) पर्वसंधि युक्त तना | C) जड़ | D) पत्ती -
परागकणों का अध्ययन विज्ञान की किस शाखा में किया जाता है?
A) पेलीनोलॉजी | B) साइटोलॉजी | C) हिस्टोलॉजी | D) इकोलॉजी -
बीजाण्ड के भीतर निषेचित अण्ड किसमें विभाजित होता है?
A) बीज में | B) भ्रूण में | C) पत्ती में | D) तने में -
हवा द्वारा प्रकीर्णित होने वाले बीजों में रोम (Hairs) क्या कार्य करते हैं?
A) बीज को गर्म रखते हैं | B) पैराशूट की तरह कार्य कर हवा में तैरने में मदद करते हैं | C) पानी सोखते हैं | D) जंतुओं को डराते हैं -
जनन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A) भोजन बनाना | B) अपनी प्रजाति की निरंतरता बनाए रखना | C) आकार बढ़ाना | D) चलना-फिरना
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