12. पादप में जनन (Reproduction in Plants)
इस पेज पर आपको 12. पादप में जनन (Reproduction in Plants) के सभी महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ), परीक्षा उपयोगी नोट्स और ऑनलाइन क्विज़ मिलेंगे। अपने ज्ञान का परीक्षण करने और बोर्ड/प्रतियोगी परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए मॉक टेस्ट में अवश्य भाग लें।
👉 अध्याय का सारांश (Summary)
प्रिय अभ्यर्थियों, 'पादप में जनन' वनस्पति विज्ञान का एक अत्यंत महत्वपूर्ण अध्याय है। SSC, Railway, CET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं और NCERT बेस में जनन की विधियों (Methods of reproduction) और पुष्प के भागों से निश्चित रूप से प्रश्न पूछे जाते हैं। अपने ही समान नए जीव उत्पन्न करना जनन कहलाता है। पौधों में जनन मुख्य रूप से 2 प्रकार का होता है: अलैंगिक (Asexual) और लैंगिक (Sexual)। अलैंगिक जनन में पौधे बिना बीजों के ही नए पौधे उत्पन्न करते हैं। इसका एक प्रकार कायिक प्रवर्धन (Vegetative propagation) है, जिसमें जड़, तना या पत्ती से नया पौधा बनता है। उदाहरण के लिए, गुलाब की कलम (तने) से और ब्रायोफिलम (पत्थरचट्टा) की पत्ती से नया पौधा उग आता है। यीस्ट में मुकुलन (Budding) द्वारा और स्पाइरोगायरा (शैवाल) में खंडन (Fragmentation) द्वारा जनन होता है। पुष्प पौधे का जनन अंग है। इसमें पुंकेसर (नर भाग) और स्त्रीकेसर (मादा भाग) होते हैं। परागकणों का परागकोश से वर्तिकाग्र (Stigma) तक पहुंचना परागण (Pollination) कहलाता है, जो हवा, पानी या कीटों द्वारा होता है। जब नर और मादा युग्मक मिलते हैं, तो उसे निषेचन (Fertilization) कहते हैं। निषेचन के बाद अंडाशय (Ovary) फल में विकसित हो जाता है और बीजांड (Ovule) बीज बन जाते हैं। हवा द्वारा बीजों का प्रकीर्णन (Dispersal) प्रकृति में पौधों को फैलने में मदद करता है।
विशेषता: यह एक 3-Level आधारित यूनीक क्विज़ है। अगले स्तर (Level 2 और 3) को अनलॉक करने के लिए अभ्यर्थियों को वर्तमान स्तर में कम से कम 70% अंक स्कोर करने होंगे, जो आपकी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी को 100% मजबूत बनाता है।
अध्याय के सभी प्रश्न (Revision Notes)
*नोट: यह सेक्शन रिवीजन के लिए है। अपना ज्ञान परखने के लिए ऊपर दिए गए क्विज़ में भाग लें।
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नर और मादा युग्मकों के संयोग (मिलन) की प्रक्रिया क्या कहलाती है?
A) परागण | B) निषेचन | C) मुकुलन | D) बीजाणु निर्माण -
निषेचन के पश्चात विकसित होने वाला युग्मज क्या बनाता है?
A) फल | B) भ्रूण | C) पुष्प | D) पत्ती -
परिपक्व होने पर अंडाशय किसमें विकसित हो जाता है?
A) बीज में | B) फल में | C) पत्ती में | D) जड़ में -
ब्रेड पर उगने वाले कवक (फफूंद) में जनन किस विधि से होता है?
A) मुकुलन | B) खंडन | C) बीजाणु निर्माण | D) कलम -
स्पाइरोगाइरा जैसे शैवाल में जनन की मुख्य विधि क्या है?
A) बीजाणु निर्माण | B) खंडन | C) मुकुलन | D) निषेचन -
पंख वाले बीज (जैसे- ड्रेमस्टिक और मैपिल) किसके द्वारा प्रकीर्णित होते हैं?
A) जल | B) पवन | C) जंतु | D) कीट -
नारियल के फलों का प्रकीर्णन मुख्य रूप से किसके द्वारा होता है?
A) वायु | B) जल | C) जंतु | D) स्वयं फटने से -
पीपल और बरगद के बीज दूर-दूर स्थानों पर कैसे पहुँच जाते हैं?
A) वायु द्वारा | B) पक्षियों और जंतुओं द्वारा | C) जल द्वारा | D) स्वयं चलकर -
जनक पादप से नए पादप का जन्म क्या कहलाता है?
A) श्वसन | B) उत्सर्जन | C) जनन | D) परिसंचरण -
पादप के वे भाग जो जनन में भाग नहीं लेते (जैसे- जड़, तना, पत्ती), क्या कहलाते हैं?
A) कायिक अंग | B) जनन अंग | C) पुष्प | D) फल -
किसी पादप का मुख्य जनन अंग कौन सा होता है?
A) जड़ | B) तना | C) पुष्प | D) पत्ती -
जब संतान की उत्पत्ति केवल एक ही जनक द्वारा होती है, तो उसे क्या कहते हैं?
A) लैंगिक जनन | B) अलैंगिक जनन | C) बीज जनन | D) परागण -
गुलाब या चमेली के पौधे की शाखा को गांठ से काटकर लगाना क्या कहलाता है?
A) मुकुलन | B) खंडन | C) कलम लगाना | D) बीजाणु निर्माण -
ईस्ट में जनन किस विधि द्वारा होता है?
A) मुकुलन | B) खंडन | C) बीजाणु निर्माण | D) लैंगिक जनन -
आलू की 'आँख' से नया पौधा निकलना जनन की कौन सी विधि है?
A) खंडन | B) बीजाणु निर्माण | C) कायिक प्रवर्धन | D) मुकुलन -
पुष्प का नर जनन भाग क्या कहलाता है?
A) स्त्रीकेसर | B) पुंकेसर | C) पंखुड़ी | D) बाह्यदल -
पुष्प का मादा जनन भाग क्या कहलाता है?
A) पुंकेसर | B) परागकोष | C) स्त्रीकेसर | D) तंतु -
ऐसे पुष्प जिनमें या तो केवल पुंकेसर या केवल स्त्रीकेसर होता है, क्या कहलाते हैं?
A) द्विलिंगी पुष्प | B) एकलिंगी पुष्प | C) अपुष्पी पादप | D) पूर्ण पुष्प -
मक्का, पपीता और ककड़ी के पुष्प किस प्रकार के होते हैं?
A) एकलिंगी | B) द्विलिंगी | C) बहुलिंगी | D) बंध्य -
परागकणों का परागकोष से पुष्प के वर्तिकाग्र पर स्थानांतरण क्या कहलाता है?
A) निषेचन | B) परागण | C) खंडन | D) मुकुलन -
सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए और सही कूट का चयन कीजिए:
सूची-I (पादप) — सूची-II (जनन की विधि)
(a) गुलाब — (1) मुकुलन
(b) ईस्ट — (2) खंडन
(c) स्पाइरोगाइरा — (3) कायिक प्रवर्धन (कलम)
(d) फर्न — (4) बीजाणु निर्माण
A) a-3, b-1, c-2, d-4 | B) a-1, b-2, c-3, d-4 | C) a-4, b-3, c-2, d-1 | D) a-2, b-4, c-1, d-3 -
सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए और सही कूट का चयन कीजिए:
सूची-I (प्रक्रम) — सूची-II (परिणाम/विशेषता)
(a) स्व-परागण — (1) नर और मादा युग्मक का मिलन
(b) पर-परागण — (2) उसी पुष्प के वर्तिकाग्र पर परागकण
(c) निषेचन — (3) फल और बीज का बनना
(d) प्रकीर्णन — (4) दूसरे पुष्प के वर्तिकाग्र पर परागकण
A) a-2, b-4, c-1, d-3 | B) a-1, b-2, c-3, d-4 | C) a-4, b-3, c-2, d-1 | D) a-3, b-4, c-1, d-2 -
कथन (A): कायिक प्रवर्धन से उगाए गए पादप जनक पादप की सटीक प्रतिलिपि होते हैं।
कारण (R): कायिक प्रवर्धन अलैंगिक जनन की एक विधि है जिसमें केवल एक ही जनक भाग लेता है।
A) कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण सही व्याख्या है | B) कथन और कारण दोनों सही हैं परन्तु कारण व्याख्या नहीं है | C) कथन सही है परन्तु कारण गलत है | D) कथन गलत है परन्तु कारण सही है -
कथन (A): बीजाणु निर्माण प्रतिकूल परिस्थितियों में भी जीवित रह सकता है।
कारण (R): प्रत्येक बीजाणु एक कठोर सुरक्षात्मक आवरण से ढका होता है जो उसे उच्च ताप और कम नमी से बचाता है।
A) कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण सही व्याख्या है | B) कथन और कारण दोनों सही हैं परन्तु कारण व्याख्या नहीं है | C) कथन सही है परन्तु कारण गलत है | D) कथन गलत है परन्तु कारण सही है -
कथन (A): कीट पुष्पों पर बैठने पर परागण में सहायता करते हैं।
कारण (R): कीटों के शरीर पर परागकण चिपक जाते हैं और जब वे दूसरे पुष्प पर बैठते हैं, तो परागण हो जाता है।
A) कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण सही व्याख्या है | B) कथन और कारण दोनों सही हैं परन्तु कारण व्याख्या नहीं है | C) कथन सही है परन्तु कारण गलत है | D) कथन गलत है परन्तु कारण सही है -
कथन (A): द्विलिंगी पुष्पों में हमेशा स्व-परागण ही होता है।
कारण (R): द्विलिंगी पुष्पों में पुंकेसर और स्त्रीकेसर दोनों एक ही पुष्प में होते हैं।
A) कथन गलत है परन्तु कारण सही है | B) कथन और कारण दोनों सही हैं | C) कथन सही है परन्तु कारण गलत है | D) दोनों गलत हैं -
पत्थरचट्टा (ब्रायोफिलम) में जनन पादप के किस भाग द्वारा होता है?
A) जड़ | B) तना | C) पत्ती के किनारे की कलिकाएँ | D) पुष्प -
अदरक और हल्दी में जनन मुख्य रूप से किसके माध्यम से होता है?
A) बीज | B) रूपांतरित तना | C) जड़ | D) पत्ती -
पुंकेसर के 'परागकोष' में क्या पाया जाता है जो नर युग्मक बनाता है?
A) अंडाशय | B) परागकण | C) वर्तिका | D) बीजांड -
स्त्रीकेसर के किस भाग में बीजांड होते हैं?
A) वर्तिकाग्र | B) वर्तिका | C) अंडाशय | D) तंतु -
निषेचन के बाद बीजांड किसमें विकसित होता है?
A) फल में | B) बीज में | C) पत्ती में | D) जड़ में -
ईस्ट कोशिका से बाहर निकलने वाला छोटा बल्ब जैसा प्रवर्ध क्या कहलाता है?
A) बीजाणु | B) मुकुल (बड) | C) खंड | D) बीज -
कैक्टस जैसे पौधे का कौन सा भाग अलग होने पर नया पौधा बना सकता है?
A) पत्ती | B) पुष्प | C) मुख्य पौधे से अलग हुआ भाग | D) जड़ -
यूरेना और जैन्थियम के बीजों का प्रकीर्णन जंतुओं द्वारा क्यों होता है?
A) क्योंकि वे मीठे होते हैं | B) क्योंकि उनमें कांटे या हुक जैसी संरचना होती है | C) क्योंकि वे भारी होते हैं | D) क्योंकि वे रंगीन होते हैं -
फल का निर्माण पादप के किस भाग से होता है?
A) परागकोष | B) अंडाशय | C) बीजांड | D) दलपुंज -
बीजों के प्रकीर्णन का पादपों के लिए क्या लाभ है?
A) एक ही स्थान पर पौधों की अत्यधिक भीड़ को रोकना | B) सूर्य के प्रकाश और जल के लिए प्रतिस्पर्धा कम करना | C) नए आवासों में वितरण | D) उपर्युक्त सभी -
शकरकंद और डहेलिया में जनन किसके द्वारा होता है?
A) तने द्वारा | B) जड़ों द्वारा | C) पत्तियों द्वारा | D) बीजों द्वारा -
परागकणों का हल्का होना क्यों आवश्यक है?
A) ताकि वे पवन द्वारा आसानी से ले जाए जा सकें | B) ताकि वे पानी में डूब सकें | C) ताकि वे सुंदर दिखें | D) ताकि वे भारी फल बना सकें -
पुष्प के किस भाग पर परागकण लैंड (उतरते) करते हैं?
A) अंडाशय | B) वर्तिकाग्र | C) तंतु | D) बाह्यदल -
लैंगिक जनन में कितने जनकों की आवश्यकता होती है?
A) केवल एक | B) दो (नर और मादा) | C) तीन | D) शून्य -
कथन: पादपों में प्रकीर्णन की विधियां बीजों की बनावट पर निर्भर करती हैं।
निष्कर्ष I: हल्के और रोमयुक्त बीज वायु द्वारा दूर तक जा सकते हैं।
निष्कर्ष II: कांटेदार बीज जंतुओं के शरीर से चिपक कर प्रकीर्णित होते हैं।
A) निष्कर्ष I और II दोनों सही हैं | B) केवल निष्कर्ष I सही है | C) केवल निष्कर्ष II सही है | D) न तो I न ही II सही है -
कथन: लैंगिक जनन में युग्मज (Zygote) का निर्माण एक महत्वपूर्ण चरण है।
निष्कर्ष I: नर और मादा युग्मकों के निषेचन से ही युग्मज बनता है।
निष्कर्ष II: युग्मज आगे चलकर भ्रूण में विकसित होता है।
A) निष्कर्ष I और II दोनों सही हैं | B) केवल निष्कर्ष I सही है | C) केवल निष्कर्ष II सही है | D) न तो I न ही II सही है -
कथन: अलैंगिक जनन में पादप बीज के बिना ही नए पादप उत्पन्न कर सकते हैं।
निष्कर्ष I: कायिक प्रवर्धन में पादप के अंगों का उपयोग होता है।
निष्कर्ष II: मुकुलन और खंडन भी अलैंगिक जनन के ही प्रकार हैं।
A) निष्कर्ष I और II दोनों सही हैं | B) केवल निष्कर्ष I सही है | C) केवल निष्कर्ष II सही है | D) न तो I न ही II सही है -
पादप जनन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
(1) द्विलिंगी पुष्पों में नर और मादा जनन अंग एक ही पुष्प में होते हैं।
(2) सरसों और गुलाब द्विलिंगी पुष्पों के उदाहरण हैं।
(3) पपीता एक द्विलिंगी पुष्प है (असत्य, एकलिंगी है)।
सत्य कथन का चयन कीजिए:
A) केवल 1 और 2 | B) 1, 2 और 3 | C) केवल 2 और 3 | D) केवल 1 -
बीजाणु निर्माण (Spore formation) के बारे में विचार कीजिए:
(1) बीजाणु अलैंगिक जनन की इकाई हैं।
(2) ये धूल के कणों की तरह हवा में तैरते रहते हैं।
(3) अनुकूल परिस्थितियों में ये अंकुरित होकर नया जीव बनाते हैं।
सत्य कथनों का समूह है:
A) 1, 2 और 3 | B) केवल 1 और 2 | C) केवल 2 और 3 | D) केवल 1 -
निषेचन के बाद होने वाली घटनाओं का सही क्रम क्या है?
(1) युग्मज का निर्माण (2) भ्रूण का विकास (3) बीजांड का बीज में बदलना (4) अंडाशय का फल में विकसित होना
A) 1, 2, 3, 4 | B) 2, 1, 3, 4 | C) 1, 3, 2, 4 | D) 4, 1, 2, 3 -
एक पादप की कलम (Cutting) से नया पौधा तैयार करने का सही क्रम क्या है?
(1) गांठ वाले हिस्से से टहनी काटना (2) कलम को मिट्टी में दबाना (3) नियमित जल देना (4) जड़ों और नई पत्तियों का निकलना
A) 1, 2, 3, 4 | B) 2, 1, 3, 4 | C) 3, 2, 1, 4 | D) 1, 3, 2, 4 -
परागण की प्रक्रिया के बारे में क्या सत्य है?
(1) जल, वायु और कीट परागण के कारक हैं।
(2) पर-परागण में आनुवंशिक विविधता अधिक होती है।
(3) स्व-परागण में परागकण उसी पादप के पुष्प पर गिरते हैं।
A) 1, 2 और 3 | B) केवल 1 और 2 | C) केवल 2 और 3 | D) केवल 1 -
बीज प्रकीर्णन की 'विस्फोटक विधि' (झटके से फटना) किन पादपों में देखी जाती है?
A) बालसम और अरंडी | B) नारियल | C) सूरजमुखी | D) पीपल -
मुकुलन (Budding) की प्रक्रिया में नया जीव जनक से कब अलग होता है?
A) पूर्णतः विकसित होने के बाद | B) अंडे बनने के बाद | C) बीज बनने के बाद | D) कभी अलग नहीं होता -
पुष्प की संरचना में 'पराग नली' का क्या कार्य है?
A) नर युग्मक को अंडाशय तक पहुँचाना | B) जल का परिवहन | C) भोजन बनाना | D) पंखुड़ी को सहारा देना -
क्या बीज के बिना फल का निर्माण संभव है?
A) हाँ, इसे अनिषेकफलन कहते हैं | B) नहीं | C) केवल प्रयोगशाला में | D) केवल ठंड में -
सूरजमुखी के बीजों का प्रकीर्णन कैसे होता है?
A) रोमयुक्त फलों द्वारा पवन के माध्यम से | B) जल द्वारा | C) जंतुओं द्वारा | D) स्वयं फटने से -
ईस्ट में मुकुलन की दर किस पर निर्भर करती है?
A) शर्करा युक्त पोषक माध्यम की उपलब्धता पर | B) मिट्टी पर | C) पत्तियों पर | D) फूलों पर -
बीजाणु (Spores) और बीज (Seeds) में मुख्य अंतर क्या है?
A) बीजाणु अलैंगिक जनन से बनते हैं जबकि बीज लैंगिक जनन से | B) बीजाणु भारी होते हैं | C) बीज हवा में उड़ते हैं | D) कोई अंतर नहीं है -
कायिक प्रवर्धन द्वारा उगाए गए पौधों में फूल और फल कब आते हैं?
A) बीज से उगाए गए पौधों की तुलना में जल्दी | B) बहुत देर से | C) कभी नहीं आते | D) समान समय पर -
परागकणों की बाहरी भित्ति कैसी होती है जो उनकी रक्षा करती है?
A) कठोर और सुरक्षात्मक | B) कोमल | C) तरल | D) गायब -
निषेचन के लिए जल की आवश्यकता किस प्रकार के पादपों में होती है (अतिरिक्त ज्ञान)?
A) मॉस और फर्न | B) आम | C) गेहूं | D) गुलाब -
अंडाशय के अंदर बीजांडों की संख्या कितनी हो सकती है?
A) एक या अनेक | B) हमेशा एक | C) हमेशा दो | D) शून्य -
प्रकीर्णन के दौरान जंतु बीजों को कैसे फैलाते हैं?
A) फलों को खाकर बीजों को दूर स्थान पर मल के साथ त्यागकर | B) हुक वाले बीजों को शरीर पर चिपकाकर | C) दोनों तरीकों से | D) जंतु बीज नहीं फैलाते
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