5. पदार्थों का पृथक्करण (Separation of Substances)
इस पेज पर आपको 5. पदार्थों का पृथक्करण (Separation of Substances) के सभी महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ), परीक्षा उपयोगी नोट्स और ऑनलाइन क्विज़ मिलेंगे। अपने ज्ञान का परीक्षण करने और बोर्ड/प्रतियोगी परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए मॉक टेस्ट में अवश्य भाग लें।
👉 अध्याय का सारांश (Summary)
प्रिय अभ्यर्थियों, 'पदार्थों का पृथक्करण' विज्ञान का एक बहुत ही व्यावहारिक और महत्वपूर्ण अध्याय है। SSC, Railway, CET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में पृथक्करण की विधियों (Methods of separation) पर आधारित NCERT बेस प्रश्न हर साल पूछे जाते हैं। हम अपने दैनिक जीवन में कई बार पदार्थों को अलग करते हैं, जैसे चाय बनाते समय चाय की पत्ती को छलनी से अलग करना या मक्खन निकालने के लिए दूध का मंथन (Churning) करना। पदार्थों को उनके आकार, भार और अवस्था के आधार पर अलग-अलग विधियों से पृथक किया जाता है। प्रमुख विधियों में हस्तचयन (Handpicking), थ्रेशिंग (Threshing), निष्पावन (Winnowing) और चालन (Sieving) शामिल हैं। उदाहरण के लिए, किसान अनाज से भारी दानों और हल्के भूसे को अलग करने के लिए हवा की मदद से निष्पावन (Winnowing) विधि का उपयोग करते हैं। जब किसी तरल में अघुलनशील ठोस पदार्थ मिला हो, तो उसे अवसादन (Sedimentation) और निस्तारण (Decantation) द्वारा अलग किया जाता है। प्रतियोगी परीक्षाओं में निस्पंदन (Filtration) और वाष्पन (Evaporation) से बहुत प्रश्न आते हैं; जैसे समुद्र के जल से नमक प्राप्त करने के लिए वाष्पन की प्रक्रिया का उपयोग किया जाता है। जब वाष्प वापस द्रव में बदलती है, तो इसे संघनन (Condensation) कहते हैं। एक संतृप्त विलयन (Saturated solution) वह है जिसमें और अधिक पदार्थ नहीं घोला जा सके। ये सभी तथ्य आपके ऑब्जेक्टिव प्रश्नों (MCQ) के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
विशेषता: यह एक 3-Level आधारित यूनीक क्विज़ है। अगले स्तर (Level 2 और 3) को अनलॉक करने के लिए अभ्यर्थियों को वर्तमान स्तर में कम से कम 70% अंक स्कोर करने होंगे, जो आपकी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी को 100% मजबूत बनाता है।
अध्याय के सभी प्रश्न (Revision Notes)
*नोट: यह सेक्शन रिवीजन के लिए है। अपना ज्ञान परखने के लिए ऊपर दिए गए क्विज़ में भाग लें।
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मिश्रण से हानिकारक या अनुपयोगी पदार्थों को अलग करने की प्रक्रिया क्या कहलाती है?
A) मिश्रण | B) पृथक्करण | C) विलयन | D) वाष्पन -
गेहूँ, चावल या दालों से थोड़े बड़े आकार के पत्थर के टुकड़ों को अलग करने की विधि कौन सी है?
A) थ्रेशिंग | B) हस्त-चयन | C) चालन | D) निस्यंदन -
अनाज की डंडियों से अन्न कणों को अलग करने के प्रक्रम को क्या कहते हैं?
A) थ्रेशिंग | B) हस्त-चयन | C) निष्पावन | D) निस्तारण -
पवन अथवा वायु के झोंकों द्वारा मिश्रण से भारी तथा हल्के अवयवों को अलग करने की विधि है?
A) चालन | B) निष्पावन | C) थ्रेशिंग | D) अवसादन -
आटे से चोकर तथा अन्य अशुद्धियों को अलग करने के लिए किसका उपयोग किया जाता है?
A) छलनी | B) पंखे | C) हाथ | D) फिल्टर पेपर -
मिश्रण में जल मिलाने पर भारी अवयवों के नीचे तली में बैठ जाने के प्रक्रम को क्या कहते हैं?
A) निस्तारण | B) अवसादन | C) निस्यंदन | D) वाष्पन -
अवसादित मिश्रण को बिना हिलाए जल को मिट्टी सहित उड़ेलने की क्रिया क्या कहलाती है?
A) वाष्पन | B) निस्तारण | C) निस्यंदन | D) थ्रेशिंग -
चाय की पत्तियों को चाय से अलग करने के लिए किस विधि का उपयोग सबसे उपयुक्त है?
A) निस्तारण | B) निस्यंदन | C) थ्रेशिंग | D) निष्पावन -
जल को उसके वाष्प में परिवर्तन करने की प्रक्रिया को क्या कहते हैं?
A) संघनन | B) वाष्पन | C) निस्तारण | D) अवसादन -
जल वाष्प से उसकी द्रव अवस्था में परिवर्तित होने की प्रक्रिया कहलाती है?
A) वाष्पन | B) संघनन | C) निस्यंदन | D) विलयन -
समुद्र के जल से नमक किस प्रक्रिया द्वारा प्राप्त किया जाता है?
A) निस्यंदन | B) वाष्पन | C) चालन | D) थ्रेशिंग -
जिस विलयन में कोई पदार्थ और अधिक न घुल सके, वह क्या कहलाता है?
A) असंतृप्त विलयन | B) संतृप्त विलयन | C) हल्का विलयन | D) गाढ़ा विलयन -
दूध और जल के मिश्रण को किसके द्वारा अलग किया जा सकता है?
A) निस्यंदन | B) वाष्पन | C) निस्तारण | D) उपर्युक्त में से कोई नहीं -
सूखे पौधों की डंडियों से अन्न कणों को अलग करने के लिए आजकल किसका प्रयोग किया जाता है?
A) हाथों का | B) बैलगाड़ी का | C) थ्रेशर मशीनों का | D) छलनी का -
पनीर बनाने के लिए दूध से ठोस कणों को अलग करने हेतु किसका उपयोग किया जाता है?
A) मलमल का कपड़ा या छलनी | B) बड़ा पत्थर | C) हाथ | D) पंखे -
रेत और जल के मिश्रण में रेत कहाँ जमा हो जाती है?
A) ऊपरी सतह पर | B) बीच में | C) बर्तन की तली में | D) गायब हो जाती है -
तेल और जल के मिश्रण को किस विधि से अलग किया जा सकता है क्योंकि वे आपस में नहीं मिलते?
A) निस्तारण | B) थ्रेशिंग | C) निष्पावन | D) चालन -
फलों और सब्जियों के रसों को पीने से पहले बीज अलग करने के लिए क्या करते हैं?
A) वाष्पन | B) निस्यंदन | C) थ्रेशिंग | D) अवसादन -
खेतों में अनाज से भूसा अलग करने के लिए किसान कौन सी विधि अपनाते हैं?
A) थ्रेशिंग | B) निष्पावन | C) निस्यंदन | D) चालन -
क्या जल में चीनी की असीमित मात्रा घोली जा सकती है?
A) हाँ | B) नहीं | C) केवल ठंडे जल में | D) केवल बर्फ में -
सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए और सही कूट का चयन कीजिए:
सूची-I (मिश्रण) — सूची-II (पृथक्करण विधि)
(a) डंडियों से अनाज — (1) निष्पावन
(b) भूसे से अनाज — (2) थ्रेशिंग
(c) रेत से बड़े पत्थर — (3) निस्तारण
(d) जल और तेल — (4) चालन
A) a-2, b-1, c-4, d-3 | B) a-1, b-2, c-3, d-4 | C) a-3, b-4, c-2, d-1 | D) a-4, b-3, c-1, d-2 -
सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए और सही कूट का चयन कीजिए:
सूची-I (प्रक्रम) — सूची-II (परिभाषा)
(a) निस्यंदन — (1) वाष्प का द्रव में बदलना
(b) संघनन — (2) तली में भारी कणों का बैठना
(c) अवसादन — (3) वाष्प में बदलना
(d) वाष्पन — (4) फिल्टर द्वारा अलग करना
A) a-4, b-1, c-2, d-3 | B) a-1, b-2, c-3, d-4 | C) a-2, b-4, c-1, d-3 | D) a-3, b-1, c-4, d-2 -
कथन (A): चावल को पकाने से पहले उन्हें जल से धोया जाता है।
कारण (R): धूल और मिट्टी जैसी अशुद्धियां जल में मिल जाती हैं और निस्तारण द्वारा अलग हो जाती हैं।
A) कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण सही व्याख्या है | B) कथन और कारण दोनों सही हैं परन्तु कारण व्याख्या नहीं है | C) कथन सही है परन्तु कारण गलत है | D) कथन गलत है परन्तु कारण सही है -
कथन (A): वाष्पन की प्रक्रिया निरंतर चलती रहती है जहाँ भी जल होता है।
कारण (R): समुद्र के जल में बहुत से लवण मिश्रित होते हैं।
A) कथन और कारण दोनों सही हैं परन्तु कारण व्याख्या नहीं है | B) कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण सही व्याख्या है | C) कथन सही है परन्तु कारण गलत है | D) कथन गलत है परन्तु कारण सही है -
कथन (A): चालन विधि का उपयोग तब किया जाता है जब अवयवों के आकारों में अंतर हो।
कारण (R): निर्माण स्थलों पर रेत से कंकड़ अलग करने के लिए बड़े चालनों (छलनियों) का उपयोग होता है।
A) कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण सही व्याख्या है | B) कथन और कारण दोनों सही हैं परन्तु कारण व्याख्या नहीं है | C) कथन सही है परन्तु कारण गलत है | D) कथन गलत है परन्तु कारण सही है -
कथन (A): गर्म जल में ठंडे जल की तुलना में अधिक चीनी घोली जा सकती है।
कारण (R): तापमान बढ़ाने पर पदार्थ की विलेयता बढ़ जाती है।
A) कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण सही व्याख्या है | B) कथन और कारण दोनों सही हैं परन्तु कारण व्याख्या नहीं है | C) कथन सही है परन्तु कारण गलत है | D) कथन गलत है परन्तु कारण सही है -
जल से रेत और मिट्टी को अलग करने के लिए फिल्टर पेपर का उपयोग किस विधि के अंतर्गत आता है?
A) अवसादन | B) निस्तारण | C) निस्यंदन | D) चालन -
मिश्रण के अवयवों को उनके भार के अंतर के आधार पर वायु द्वारा अलग करना क्या कहलाता है?
A) हस्त-चयन | B) थ्रेशिंग | C) निष्पावन | D) चालन -
नमक और रेत के मिश्रण को अलग करने के लिए विधियों का सही समूह कौन सा है?
A) निस्यंदन और निस्तारण | B) वाष्पन और संघनन | C) अवसादन, निस्तारण, निस्यंदन और वाष्पन | D) हस्त-चयन और चालन -
यदि विलयन में और अधिक पदार्थ नहीं घुल रहा है, तो उसे घोलने के लिए क्या किया जा सकता है?
A) विलयन को ठंडा करना | B) विलयन को गर्म करना | C) विलयन को हिलाना बंद करना | D) विलयन में और जल डालना (बिना आयतन बदले) -
समुद्र के किनारे गड्ढों में जल भरकर छोड़ देने पर कुछ दिनों बाद क्या बच जाता है?
A) केवल जल | B) ठोस लवण | C) मिट्टी | D) कीचड़ -
केतली की टोंटी से निकलने वाली भाप को ठंडी प्लेट से छूने पर जल की बूंदें बनना क्या है?
A) वाष्पन | B) संघनन | C) निस्यंदन | D) अवसादन -
दालों में मिली अशुद्धियों को हाथ से बीनकर अलग करना 'हस्त-चयन' कब प्रभावी होता है?
A) जब अशुद्धियां बहुत अधिक हों | B) जब अशुद्धियों की मात्रा बहुत कम हो | C) जब अशुद्धियां पाउडर के रूप में हों | D) जब अशुद्धियां पानी में घुली हों -
गंदले (मिट्टी वाले) जल को साफ करने के लिए फिटकरी का उपयोग किस प्रक्रिया को तेज करता है?
A) वाष्पन | B) अवसादन | C) निस्यंदन | D) निष्पावन -
थ्रेशिंग की प्रक्रिया में अनाज को डंडियों से कैसे अलग किया जाता है?
A) हवा में उड़ाकर | B) पत्थरों पर पटक कर या मशीनों द्वारा | C) छलनी से छानकर | D) हाथ से चुनकर -
निस्यंदन (Filtration) विधि में किस प्रकार की अशुद्धियों को अलग किया जाता है?
A) घुलनशील ठोस | B) अघुलनशील ठोस | C) घुलनशील गैस | D) केवल तरल -
एक संतृप्त विलयन में और अधिक चीनी घोलने के लिए उसे गर्म करने पर क्या परिणाम मिलता है?
A) चीनी और कम घुलती है | B) अधिक चीनी घुल जाती है | C) चीनी पत्थर बन जाती है | D) कोई प्रभाव नहीं पड़ता -
निष्पावन विधि में हल्के अवयव (भूसा) भारी अवयवों (अनाज) से कहाँ जाकर गिरते हैं?
A) अनाज के साथ ही | B) वायु द्वारा उड़कर कुछ दूरी पर | C) नीचे की ओर सीधे | D) बर्तन के अंदर -
पृथक्करण की आवश्यकता क्यों होती है?
A) दो भिन्न परन्तु उपयोगी पदार्थों को अलग करने के लिए | B) अनुपयोगी अवयवों को दूर करने के लिए | C) अशुद्धियों को हटाने के लिए | D) उपर्युक्त सभी -
रेत और चीनी के मिश्रण को अलग करने के लिए सबसे पहला कदम क्या होना चाहिए?
A) मिश्रण को छानना | B) मिश्रण को जल में घोलना | C) मिश्रण को सुखाना | D) मिश्रण को हवा में उड़ाना -
नमक, रेत और लोहे की छीलन के मिश्रण को अलग करने का सही क्रम क्या होगा?
(1) चुम्बक द्वारा लोहे को अलग करना
(2) जल में घोलना
(3) निस्यंदन द्वारा रेत अलग करना
(4) वाष्पन द्वारा नमक प्राप्त करना
A) 1, 2, 3, 4 | B) 2, 3, 4, 1 | C) 3, 2, 1, 4 | D) 4, 1, 2, 3 -
वाष्पन और संघनन के बारे में विचार कीजिए:
(1) वाष्पन में द्रव गैस में बदलता है।
(2) संघनन में गैस द्रव में बदलती है।
(3) समुद्र से शुद्ध जल प्राप्त करने के लिए इन दोनों प्रक्रियाओं का उपयोग होता है।
सत्य कथन का चयन कीजिए:
A) 1, 2 और 3 | B) केवल 1 और 2 | C) केवल 2 और 3 | D) केवल 3 -
अशुद्ध जल से शुद्ध जल प्राप्त करने की प्रक्रिया का सही क्रम क्या है?
(1) अवसादन (तली में अशुद्धियां बैठना)
(2) निस्तारण (ऊपरी जल को दूसरे बर्तन में डालना)
(3) निस्यंदन (छानना)
(4) उबालना (कीटाणु रहित करना)
A) 1, 2, 3, 4 | B) 2, 1, 3, 4 | C) 3, 2, 1, 4 | D) 1, 3, 2, 4 -
संतृप्त विलयन के बारे में कौन सा कथन गलत है?
(1) इसमें और अधिक विलेय नहीं घुल सकता।
(2) इसे गर्म करके और विलेय घोला जा सकता है।
(3) इसे ठंडा करने पर घुला हुआ पदार्थ पुनः क्रिस्टल बन सकता है।
A) कोई भी गलत नहीं है | B) केवल 1 | C) केवल 2 | D) केवल 3 -
चाय बनाने के बाद पत्तियों को अलग करने के लिए छलनी का उपयोग करना कौन सा प्रक्रम है?
A) निस्यंदन | B) अवसादन | C) निस्तारण | D) चालन -
पनीर (Cheese) बनाने की प्रक्रिया में निस्यंदन का क्या महत्व है?
A) लिक्विड और सॉलिड (पनीर) को अलग करना | B) दूध को उबालना | C) नींबू का रस मिलाना | D) स्वाद बढ़ाना -
क्या जल में घुली हुई गैसों को वाष्पन द्वारा अलग किया जा सकता है?
A) हाँ उबालने पर गैसें बाहर निकल जाती हैं | B) नहीं गैसें जल में ही रहती हैं | C) गैसें जल के साथ ही वाष्प बन जाती हैं | D) गैसें भारी होकर नीचे बैठ जाती हैं -
यदि रेत और सूखी पत्तियों का मिश्रण हो, तो उसे अलग करने की सबसे अच्छी विधि कौन सी है?
A) निष्पावन | B) निस्यंदन | C) अवसादन | D) चुम्बकीय पृथक्करण -
कंक्रीट बनाने के लिए छोटे पत्थरों को रेत से अलग करना 'चालन' क्यों है?
A) क्योंकि छलनी के छिद्र केवल रेत को गुजरने देते हैं | B) क्योंकि पत्थर भारी होते हैं | C) क्योंकि रेत पानी में घुल जाती है | D) क्योंकि हवा पत्थरों को उड़ा देती है -
नमक और कपूर के मिश्रण को अलग करने के लिए क्या किया जा सकता है (अतिरिक्त तथ्य आधारित)?
A) कपूर का ऊर्ध्वपातन | B) छानना | C) हवा में उड़ाना | D) चुम्बक लगाना -
नदी के जल को साफ करने के लिए फिटकरी का उपयोग किस आधार पर कार्य करता है?
A) मिट्टी के कणों को भारी बनाकर नीचे बैठाना | B) मिट्टी को पानी में घोलना | C) मिट्टी का रंग बदलना | D) पानी को वाष्प बनाना -
किसी संतृप्त विलयन को गर्म करने पर उसकी विलेयता पर क्या प्रभाव पड़ता है?
A) बढ़ती है | B) घटती है | C) समान रहती है | D) शून्य हो जाती है -
निस्यंदन (Filter) के लिए किस सामग्री का उपयोग नहीं किया जा सकता?
A) फिल्टर पेपर | B) महीन कपड़ा | C) महीन छलनी | D) लोहे की मोटी जाली -
समुद्र के जल से प्राप्त नमक को शुद्ध करने के लिए कौन सी विधियाँ अपनाई जाती हैं?
A) पुनः क्रिस्टलीकरण और निस्यंदन | B) थ्रेशिंग | C) निष्पावन | D) हस्त-चयन -
भारी अनाज के कणों के साथ मिले हल्के भूसे को अलग करने के लिए वायु का उपयोग क्यों किया जाता है?
A) घनत्व और भार के अंतर के कारण | B) रंग के अंतर के कारण | C) कीमत के कारण | D) स्वाद के कारण -
एक बीकर में नमक और जल का संतृप्त विलयन है। यदि उसमें थोड़ा और नमक डालें, तो क्या होगा?
A) वह नमक बिना घुले तली में बैठ जाएगा | B) वह ऊपर तैरेगा | C) वह जल में गायब हो जाएगा | D) जल का रंग बदल जाएगा -
कथन: पदार्थों को अलग करने की विधि उनके भौतिक गुणों पर निर्भर करती है।
निष्कर्ष I: यदि अवयवों का आकार अलग है, तो चालन या हस्त-चयन का उपयोग हो सकता है।
निष्कर्ष II: यदि एक अवयव जल में घुलनशील है और दूसरा नहीं, तो निस्यंदन और वाष्पन का उपयोग किया जा सकता है।
A) निष्कर्ष I और II दोनों सही हैं | B) केवल निष्कर्ष I सही है | C) केवल निष्कर्ष II सही है | D) न तो I न ही II सही है -
कथन: जल की एक निश्चित मात्रा में किसी पदार्थ की घुलने वाली मात्रा सीमित होती है।
निष्कर्ष I: संतृप्त विलयन वह है जिसमें उसी तापमान पर और अधिक पदार्थ नहीं घुल सकता।
निष्कर्ष II: तापमान बढ़ाने पर संतृप्त विलयन में और अधिक पदार्थ घोला जा सकता है।
A) निष्कर्ष I और II दोनों सही हैं | B) केवल निष्कर्ष I सही है | C) केवल निष्कर्ष II सही है | D) न तो I न ही II सही है -
कथन: निस्यंदन (Filtration) निस्तारण की तुलना में अधिक प्रभावी है।
निष्कर्ष I: निस्यंदन द्वारा बहुत छोटे अघुलनशील कणों को भी अलग किया जा सकता है।
निष्कर्ष II: निस्तारण केवल भारी कणों के तली में बैठने पर ही संभव है।
A) निष्कर्ष I और II दोनों सही हैं | B) केवल निष्कर्ष I सही है | C) केवल निष्कर्ष II सही है | D) न तो I न ही II सही है -
पृथक्करण की विधियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
(1) निष्पावन विधि में वायु का उपयोग हल्के अवयवों को उड़ाने के लिए किया जाता है।
(2) थ्रेशिंग का उपयोग डंडियों से अनाज अलग करने के लिए होता है।
(3) हस्त-चयन विधि केवल तब उपयोगी है जब अशुद्धियों की मात्रा बहुत अधिक न हो।
सत्य कथन का चयन कीजिए:
A) 1, 2 और 3 | B) केवल 1 और 2 | C) केवल 2 और 3 | D) केवल 1
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