10. नए साम्राज्य और राज्य ([New Empires and Kingdoms])
इस पेज पर आपको 10. नए साम्राज्य और राज्य ([New Empires and Kingdoms]) के सभी महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ), परीक्षा उपयोगी नोट्स और ऑनलाइन क्विज़ मिलेंगे। अपने ज्ञान का परीक्षण करने और बोर्ड/प्रतियोगी परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए मॉक टेस्ट में अवश्य भाग लें।
👉 अध्याय का सारांश (Summary)
प्रिय अभ्यर्थियों, प्राचीन भारत के राजनीतिक इतिहास के अंतिम और अत्यंत गौरवशाली चरण को दर्शाने वाले इस अध्याय 'नए साम्राज्य और राज्य' में आपका हार्दिक स्वागत है। NEP 2020 के तहत राजदरबारी साहित्य (Court Literature), प्रशस्तियों (Prashastis) और प्रशासन के विकेंद्रीकरण (Decentralization of Administration) को ऐतिहासिक साक्ष्यों के आधार पर समझना एक प्रमुख उद्देश्य है। SSC (CGL, CHSL), Railway (NTPC), CTET, State PCS और UPSC परीक्षाओं में गुप्त साम्राज्य (Gupta Empire), समुद्रगुप्त (Samudragupta), हर्षवर्धन (Harshavardhana), पल्लव और चालुक्य (Pallavas and Chalukyas) राजवंशों, तथा कालिदास और बाणभट्ट जैसे कवियों पर निश्चित रूप से 2-3 वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Objective Questions) पूछे जाते हैं।
हमें गुप्त वंश के शासकों के बारे में अभिलेखों (Inscriptions) और सिक्कों से जानकारी मिलती है। गुप्त वंश के सबसे प्रसिद्ध शासक 'समुद्रगुप्त' (Samudragupta) थे। उनके बारे में हमें इलाहाबाद (प्रयागराज) के अशोक स्तंभ पर खुदे हुए एक लंबे अभिलेख से पता चलता है। इसकी रचना उनके दरबारी कवि 'हरिषेण' (Harishena) ने संस्कृत में एक काव्य के रूप में की थी। इस प्रकार के अभिलेख को 'प्रशस्ति' (Prashasti - अर्थ 'प्रशंसा') कहा जाता है। हरिषेण ने समुद्रगुप्त को एक महान योद्धा और 'कवि' के रूप में (सिक्कों पर वीणा बजाते हुए) वर्णित किया है। हरिषेण ने चार अलग-अलग प्रकार के शासकों और उनके प्रति समुद्रगुप्त की नीतियों का वर्णन किया है: आर्यावर्त (उत्तर भारत) के 9 शासकों को हराकर साम्राज्य में मिला लिया गया; दक्षिणापथ (दक्षिण भारत) के 12 शासकों ने हार के बाद समर्पण किया और उन्हें फिर से शासन करने की अनुमति दी गई; पड़ोसी राज्यों ने कर (Tribute) दिया; और बाहरी इलाकों (जैसे कुषाण और शक) ने समुद्रगुप्त की अधीनता स्वीकार की। समुद्रगुप्त के पुत्र 'चंद्रगुप्त द्वितीय' (Chandragupta II / विक्रमादित्य) के दरबार में 'कालिदास' (कवि) और 'आर्यभट्ट' (खगोलशास्त्री) थे।
गुप्तों के बाद, लगभग 1400 वर्ष पूर्व 'हर्षवर्धन' (Harshavardhana) ने थानेसर और बाद में कन्नौज (Kannauj) पर शासन किया। उनके दरबारी कवि 'बाणभट्ट' (Banabhatta) ने संस्कृत में उनकी जीवनी 'हर्षचरित' (Harshacharita) लिखी। चीनी तीर्थयात्री श्वैन त्सांग (Xuan Zang) ने भी हर्ष के दरबार में काफी समय बिताया। हर्ष ने पूर्व में मगध और बंगाल को जीता, लेकिन जब उन्होंने नर्मदा नदी पार करके दक्कन (दक्षिण) की ओर बढ़ने की कोशिश की, तो चालुक्य राजा 'पुलकेशिन द्वितीय' (Pulakeshin II) ने उन्हें रोक दिया (यह तथ्य अक्सर परीक्षाओं में पूछा जाता है)।
इस काल में दक्षिण भारत में दो सबसे महत्वपूर्ण राजवंश 'पल्लव' और 'चालुक्य' (Pallavas and Chalukyas) थे। पल्लवों की राजधानी 'कांचीपुरम' (Kanchipuram) थी, और उनका राज्य कावेरी डेल्टा तक फैला था। चालुक्यों का राज्य कृष्णा और तुंगभद्रा नदियों के बीच स्थित था, और उनकी राजधानी 'ऐहोल' (Aihole) थी, जो एक महत्वपूर्ण व्यापारिक और धार्मिक केंद्र था। चालुक्यों के सबसे प्रसिद्ध शासक 'पुलकेशिन द्वितीय' थे, जिनके बारे में उनके दरबारी कवि 'रविकीर्ति' (Ravikirti) द्वारा रचित 'ऐहोल प्रशस्ति' से जानकारी मिलती है। अंततः पल्लवों और चालुक्यों को राष्ट्रकूट और चोल राजवंशों ने समाप्त कर दिया।
इस काल में प्रशासन की व्यवस्था में कुछ बदलाव आए। राजाओं ने आर्थिक और सैन्य रूप से शक्तिशाली लोगों का समर्थन पाने के लिए कई पद 'वंशानुगत' (Hereditary) कर दिए (जैसे हरिषेण अपने पिता की तरह महादंडनायक बना)। कभी-कभी एक ही व्यक्ति कई पदों पर होता था। स्थानीय प्रशासन में 'नगर-श्रेष्ठी' (मुख्य बैंकर) और 'सार्थवाह' (व्यापारियों के काफिले का नेता) जैसे लोगों का दबदबा था। सेनापतियों को वेतन की जगह भूमि दान (Land grants) दिया जाने लगा, जिन्हें 'सामंत' (Samantas) कहा जाता था। कालिदास के नाटकों (जैसे 'अभिज्ञानशाकुंतलम्') में राजदरबार का सुंदर चित्रण है, जिसमें राजा और ब्राह्मण 'संस्कृत' बोलते हैं, जबकि आम लोग और महिलाएं 'प्राकृत' भाषा बोलती हैं। NCERT बेस पर तैयार यह विस्तृत सामग्री आपको इन महान साम्राज्यों के इतिहास को गहराई से समझने में मदद करेगी। इस 3-Level ऑनलाइन क्विज़ के माध्यम से अपनी तैयारी का सघन परीक्षण करें।
अध्याय के सभी प्रश्न (Revision Notes)
*नोट: यह सेक्शन रिवीजन के लिए है। अपना ज्ञान परखने के लिए ऊपर दिए गए क्विज़ में भाग लें।
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समुद्रगुप्त की प्रशंसा में लिखी गई प्रसिद्ध प्रशस्ति कहाँ उत्कीर्ण है?
A) सारनाथ के स्तूप पर | B) इलाहाबाद के अशोक स्तंभ पर | C) सांची के स्तूप पर | D) महरौली के लौह स्तंभ पर -
समुद्रगुप्त की प्रशस्ति की रचना किसने की थी?
A) कालिदास | B) बाणभट्ट | C) हरिषेण | D) रविकीर्ति -
'प्रशस्ति' किस भाषा का शब्द है जिसका अर्थ प्रशंसा करना होता है?
A) पाली | B) संस्कृत | C) प्राकृत | D) तमिल -
हरिषेण समुद्रगुप्त के दरबार में किस प्रमुख पद पर थे?
A) मुख्य सेनापति | B) कवि और मंत्री | C) राजवैद्य | D) मुख्य खजांची -
गुप्त वंश के किस शासक ने सबसे पहले 'महाराजाधिराज' की उपाधि धारण की थी?
A) श्रीगुप्त | B) समुद्रगुप्त | C) चंद्रगुप्त प्रथम | D) कुमारगुप्त -
समुद्रगुप्त की माता कुमारदेवी किस गण से संबंधित थीं?
A) शाक्य गण | B) वज्जि गण | C) लिच्छवि गण | D) मल्ल गण -
राजा हर्षवर्धन ने लगभग कितने साल पहले शासन किया था?
A) 1000 साल पहले | B) 1400 साल पहले | C) 2000 साल पहले | D) 2500 साल पहले -
हर्षवर्धन के दरबारी कवि का क्या नाम था?
A) हरिषेण | B) रविकीर्ति | C) बाणभट्ट | D) भवभूति -
बाणभट्ट ने हर्षवर्धन की जीवनी 'हर्षचरित' किस भाषा में लिखी है?
A) प्राकृत | B) हिंदी | C) संस्कृत | D) पाली -
कौन सा प्रसिद्ध चीनी तीर्थयात्री काफी समय तक हर्षवर्धन के दरबार में रहा था?
A) फा शियान | B) ह्वेन सांग | C) इत्सिंग | D) मेगस्थनीज -
दक्षिण भारत में पल्लव राजवंश की राजधानी कहाँ थी?
A) मदुरै | B) कांचीपुरम | C) तंजौर | D) बादामी -
चालुक्यों की पहली राजधानी कौन सी थी जो एक प्रमुख व्यापारिक और धार्मिक केंद्र भी थी?
A) ऐहोल | B) उज्जैन | C) पाटलिपुत्र | D) कन्नौज -
चालुक्य वंश के सबसे प्रसिद्ध शासक कौन थे?
A) पुलकेशिन प्रथम | B) विक्रमादित्य | C) पुलकेशिन द्वितीय | D) तैलप द्वितीय -
पुलकेशिन द्वितीय के दरबारी कवि कौन थे जिन्होंने उनकी प्रशस्ति की रचना की थी?
A) हरिषेण | B) रविकीर्ति | C) बाणभट्ट | D) अमरसिंह -
हर्षवर्धन को नर्मदा नदी पार करके दक्कन की ओर बढ़ने से किस शासक ने रोका था?
A) पुलकेशिन द्वितीय | B) नरसिंहवर्मन | C) राजेंद्र चोल | D) चंद्रगुप्त द्वितीय -
पल्लव राज्य में ब्राह्मण भूस्वामियों के संगठन या स्थानीय सभा को क्या कहा जाता था?
A) उर | B) नगरम् | C) सभा | D) श्रेणी -
पल्लव राज्य के जिन इलाकों में भूस्वामी ब्राह्मण नहीं होते थे वहाँ की स्थानीय सभा को क्या कहते थे?
A) सभा | B) उर | C) नगरम् | D) समिति -
प्राचीन काल में व्यापारियों के संगठन को क्या कहा जाता था?
A) श्रेणी | B) ग्राम | C) नगरम् | D) सार्थवाह -
प्रसिद्ध नाटक 'अभिज्ञान शाकुंतलम्' की रचना किसने की थी?
A) भवभूति | B) विशाखदत्त | C) कालिदास | D) शूद्रक -
कालिदास के नाटकों में राजा और ब्राह्मण कौन सी भाषा बोलते हुए दिखाए गए हैं?
A) प्राकृत | B) पाली | C) संस्कृत | D) शौरसेनी -
सही मिलान करें:
1. आर्यावर्त
2. दक्षिणापथ
3. बाहरी इलाके
(क) 12 शासक
(ख) कुषाण और शक शासक
(ग) 9 शासक
A) 1-ग, 2-क, 3-ख | B) 1-क, 2-ख, 3-ग | C) 1-ख, 2-ग, 3-क | D) 1-ग, 2-ख, 3-क -
सही मिलान करें:
1. नगर श्रेष्ठी
2. सार्थवाह
3. प्रथम कुलिक
(क) व्यापारियों के काफिले का नेता
(ख) मुख्य शिल्पकार
(ग) मुख्य बैंकर या शहर का व्यापारी
A) 1-ग, 2-क, 3-ख | B) 1-क, 2-ख, 3-ग | C) 1-ख, 2-ग, 3-क | D) 1-ग, 2-ख, 3-क -
सही मिलान करें:
1. महादंडनायक
2. संधिविग्रहिक
3. कुमारआमात्य
(क) एक महत्वपूर्ण मंत्री
(ख) मुख्य न्यायाधिकारी
(ग) युद्ध और शांति का मंत्री
A) 1-ख, 2-ग, 3-क | B) 1-ग, 2-क, 3-ख | C) 1-क, 2-ख, 3-ग | D) 1-ग, 2-ख, 3-क -
कथन: समुद्रगुप्त ने आर्यावर्त के शासकों को हराकर उनके राज्यों को अपने साम्राज्य में मिला लिया।
कारण: आर्यावर्त के नौ शासकों ने समुद्रगुप्त का कड़ा विरोध किया था और वे युद्ध में पराजित हुए थे।
A) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या है | B) कथन और कारण दोनों सही हैं लेकिन कारण कथन की सही व्याख्या नहीं है | C) कथन सही है लेकिन कारण गलत है | D) कथन गलत है लेकिन कारण सही है -
कथन: कालिदास के नाटकों में आम लोग और महिलाएं प्राकृत भाषा बोलते हैं।
कारण: प्राचीन काल में राजा और ब्राह्मण आम लोगों से बात नहीं करते थे।
A) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या है | B) कथन और कारण दोनों सही हैं लेकिन कारण कथन की सही व्याख्या नहीं है | C) कथन सही है लेकिन कारण गलत है | D) कथन गलत है लेकिन कारण सही है -
कथन: गुप्त काल और उसके बाद प्रशासन में कई पद वंशानुगत बन गए।
कारण: राजा प्रशासन को मजबूत और स्थायी बनाने के लिए शक्तिशाली परिवारों को अपने साथ जोड़ना चाहते थे।
A) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या है | B) कथन और कारण दोनों सही हैं लेकिन कारण कथन की सही व्याख्या नहीं है | C) कथन सही है लेकिन कारण गलत है | D) कथन गलत है लेकिन कारण सही है -
समुद्रगुप्त की प्रशस्ति में उन्हें किसके समान बताया गया है?
A) विशाल पर्वत के समान | B) ईश्वर के समान | C) सूर्य के समान | D) समुद्र के समान -
पल्लवों और चालुक्यों के बीच अक्सर युद्ध क्यों होते थे?
A) क्योंकि वे अलग अलग धर्म मानते थे | B) क्योंकि वे एक दूसरे की समृद्ध राजधानियों और उपजाऊ क्षेत्रों पर कब्जा करना चाहते थे | C) क्योंकि दोनों विदेशियों को भगाना चाहते थे | D) क्योंकि दोनों समुद्री व्यापार पर नियंत्रण चाहते थे -
चालुक्यों का समृद्ध राज्य मुख्य रूप से किन दो नदियों के बीच स्थित था?
A) गंगा और यमुना | B) नर्मदा और ताप्ती | C) कृष्णा और तुंगभद्रा | D) कावेरी और गोदावरी -
प्राचीन काल के प्रशासन में सामंत कौन होते थे?
A) कर वसूलने वाले अधिकारी | B) ऐसे सेनानायक जो आवश्यकता पड़ने पर राजा को सैनिक सहायता देते थे | C) व्यापारियों के नेता | D) न्यायाधीश -
राजा सामंतों को उनके सैनिकों के रखरखाव और खर्च के लिए नियमित वेतन के बदले क्या देते थे?
A) सोने के सिक्के | B) भूमि दान जिससे वे कर वसूलते थे | C) विदेशी बहुमूल्य पत्थर | D) बड़े महल -
हर्षवर्धन थानेसर के राजा कैसे बने?
A) उन्होंने युद्ध में राजा को हराया था | B) अपने पिता और बड़े भाई की मृत्यु के बाद | C) जनता ने उन्हें चुना था | D) वे जन्म से ही राजा थे -
हर्षवर्धन ने जब बंगाल पर आक्रमण किया और उसे जीत लिया तब उन्होंने अपनी राजधानी कहाँ स्थानांतरित की थी?
A) पाटलिपुत्र | B) कन्नौज | C) उज्जैन | D) मथुरा -
कालिदास के प्रसिद्ध नाटक अभिज्ञान शाकुंतलम् में किस राजा की प्रेम कहानी का वर्णन है?
A) भरत | B) दुष्यंत | C) राम | D) समुद्रगुप्त -
चीनी यात्री फा शियान ने अपनी पुस्तक में किन लोगों के साथ किए जाने वाले बुरे बर्ताव का विशेष रूप से वर्णन किया है?
A) व्यापारियों के साथ | B) अछूत माने जाने वाले लोगों के साथ | C) सैनिकों के साथ | D) किसानों के साथ -
पल्लव और चालुक्य दोनों राजवंशों को अंततः किन नए राजवंशों के शासकों ने समाप्त कर दिया?
A) मौर्य और गुप्त शासकों ने | B) राष्ट्रकूट और चोल शासकों ने | C) कुषाण और शक शासकों ने | D) नंद और शुंग शासकों ने -
समुद्रगुप्त के कुछ सिक्कों पर उन्हें कौन सा वाद्य यंत्र बजाते हुए दिखाया गया है जो उनके कला प्रेम को दर्शाता है?
A) बांसुरी | B) ढोलक | C) वीणा | D) शहनाई -
दक्षिणापथ के 12 शासकों ने जब समुद्रगुप्त के सामने हार मान ली तो समुद्रगुप्त ने उनके साथ क्या किया?
A) उन्हें मौत की सजा दी | B) उन्हें अपना दास बना लिया | C) समुद्रगुप्त ने उन्हें फिर से शासन करने की अनुमति दे दी | D) उन्हें राज्य से बाहर निकाल दिया -
असम तटीय बंगाल और नेपाल के शासक समुद्रगुप्त के प्रति अपनी अधीनता कैसे प्रदर्शित करते थे?
A) वे युद्ध करते थे | B) वे कर लाते थे आदेश मानते थे और दरबार में उपस्थित होते थे | C) वे केवल पत्र भेजते थे | D) वे अपनी राजधानी बदल लेते थे -
कालिदास के नाटक में एक गरीब मछुआरे को जो कीमती अंगूठी मछली के पेट से मिलती है वह अंगूठी राजा ने किसे दी थी?
A) अपनी रानी को | B) शकुंतला को | C) अपने मंत्री को | D) किसी व्यापारी को -
समुद्रगुप्त की नीतियों के बारे में 3 कथनों पर विचार करें:
1. आर्यावर्त के शासकों को जड़ से उखाड़ कर उनका राज्य मिला लिया गया।
2. दक्षिणापथ के शासकों को हराकर फिर से राज करने दिया गया।
3. बाहरी इलाकों के शक और कुषाण शासकों ने अधीनता स्वीकार की और अपनी बेटियों का विवाह किया।
इनमें से कौन सा कथन सत्य है?
A) केवल 1 | B) 1 और 2 | C) 2 और 3 | D) 1 2 और 3 -
पल्लव और चालुक्य राज्यों के बारे में 3 कथनों पर विचार करें:
1. पल्लवों का राज्य कांचीपुरम से कावेरी नदी के डेल्टा तक फैला था।
2. चालुक्यों का राज्य कृष्णा और तुंगभद्रा नदियों के बीच था।
3. चालुक्यों की राजधानी ऐहोल एक महत्वपूर्ण व्यापारिक और धार्मिक केंद्र थी।
इनमें से कौन सा कथन सत्य है?
A) केवल 1 | B) 1 और 2 | C) 1 और 3 | D) 1 2 और 3 -
सेना और प्रशासन के बारे में 3 कथनों पर विचार करें:
1. कुछ राजा अभी भी पुराने राजाओं की तरह स्थायी सेना रखते थे।
2. सामंतों को राजा द्वारा नकद वेतन दिया जाता था।
3. स्थानीय प्रशासन में नगर श्रेष्ठी और सार्थवाह जैसे लोगों का बहुत प्रभाव था।
इनमें से कौन सा कथन सत्य है?
A) केवल 1 | B) 1 और 3 | C) 2 और 3 | D) 1 2 और 3 -
कथन: हरिषेण एक ही समय में महादंडनायक कुमारआमात्य और संधिविग्रहिक जैसे कई पदों पर कार्य करते थे।
निष्कर्ष 1: इससे पता चलता है कि उस समय एक ही व्यक्ति को कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जाती थीं।
निष्कर्ष 2: इससे यह सिद्ध होता है कि राज्य में अन्य कोई योग्य व्यक्ति नहीं था।
A) केवल निष्कर्ष 1 सही है | B) केवल निष्कर्ष 2 सही है | C) निष्कर्ष 1 और 2 दोनों सही हैं | D) न तो 1 और न ही 2 सही है -
कथन: हर्षवर्धन को पूर्व में बंगाल में सफलता मिली लेकिन जब उन्होंने नर्मदा पार करने की कोशिश की तो उन्हें रोक दिया गया।
निष्कर्ष 1: पुलकेशिन द्वितीय की सेना हर्षवर्धन की सेना से बहुत विशाल और आधुनिक थी।
निष्कर्ष 2: दक्षिण भारत के चालुक्य शासक पुलकेशिन द्वितीय ने उनके राज्य विस्तार को सफलतापूर्वक रोका।
A) केवल निष्कर्ष 1 सही है | B) केवल निष्कर्ष 2 सही है | C) निष्कर्ष 1 और 2 दोनों सही हैं | D) न तो 1 और न ही 2 सही है -
कथन: पल्लव राज्य की स्थानीय सभाओं में फैसले बहुमत से लिए जाते थे और यह सभाएं सदियों तक काम करती रहीं।
निष्कर्ष 1: इन सभाओं पर धनी और शक्तिशाली भूस्वामियों तथा व्यापारियों का नियंत्रण होता था।
निष्कर्ष 2: इन सभाओं में गरीब किसानों और दासों को भी समान अधिकार प्राप्त थे।
A) केवल निष्कर्ष 1 सही है | B) केवल निष्कर्ष 2 सही है | C) निष्कर्ष 1 और 2 दोनों सही हैं | D) न तो 1 और न ही 2 सही है -
निम्नलिखित ऐतिहासिक शासकों और घटनाओं को उनके कालानुक्रम में व्यवस्थित करें:
1. चंद्रगुप्त प्रथम का शासन
2. समुद्रगुप्त का शासन
3. हर्षवर्धन का शासन
4. पल्लवों और चालुक्यों का पतन
A) 2 1 3 4 | B) 1 2 3 4 | C) 3 1 2 4 | D) 1 3 2 4 -
58 ईसा पूर्व में शुरू हुए विक्रम संवत की स्थापना किस गुप्त शासक ने की थी और किस उपलक्ष्य में की थी?
A) समुद्रगुप्त ने आर्यावर्त विजय पर | B) चंद्रगुप्त विक्रमादित्य ने शकों पर विजय के प्रतीक के रूप में | C) कुमारगुप्त ने दक्षिण विजय पर | D) स्कंदगुप्त ने हूणों को हराने पर -
हरिषेण द्वारा रचित प्रशस्ति का मुख्य और प्राथमिक विषय क्या है?
A) धार्मिक अनुष्ठानों का वर्णन | B) समुद्रगुप्त के युद्ध अभियान और विजय | C) व्यापार के नियम | D) कृषि के तरीके -
रविकीर्ति की प्रशस्ति के अनुसार पुलकेशिन द्वितीय ने अपने सैन्य अभियान किन समुद्री तटों की ओर चलाए थे?
A) केवल पूर्वी तट पर | B) पूर्वी और पश्चिमी दोनों तटों पर | C) केवल पश्चिमी तट पर | D) उत्तरी तट पर -
कवि रविकीर्ति ने अपने काव्य में यह वाक्य क्यों लिखा कि 'अब हर्ष हर्ष नहीं रहा'?
A) क्योंकि हर्षवर्धन सन्यासी बन गए थे | B) हर्षवर्धन के पुलकेशिन द्वितीय से युद्ध हारने के कारण | C) क्योंकि हर्षवर्धन ने युद्ध छोड़ दिया था | D) क्योंकि राज्य में अकाल पड़ गया था -
पल्लवों की राजसभा या 'सभा' किन विशेष उपसमितियों के माध्यम से अपना कार्य संचालित करती थी?
A) केवल युद्ध समितियों के माध्यम से | B) सिंचाई खेतीबाड़ी सड़क निर्माण और मंदिर देखरेख करने वाली उपसमितियों के माध्यम से | C) केवल व्यापार समितियों के माध्यम से | D) विदेशी मामलों की समितियों के माध्यम से -
अछूत माने जाने वाले लोगों के शहर में प्रवेश के संबंध में फा शियान ने क्या मार्मिक विवरण दिया है?
A) उन्हें शहर में आने की अनुमति नहीं थी | B) उन्हें शहर में आते समय लकड़ी के टुकड़े पर चोट करनी पड़ती थी ताकि लोग आवाज सुनकर उनसे दूर रहें | C) उन्हें केवल रात में आने की अनुमति थी | D) उन्हें भारी कर देना पड़ता था -
हर्षवर्धन के समय जब विशाल सेना किसी गाँव से गुजरती थी तो गाँव वालों को क्या नुकसान उठाना पड़ता था?
A) गाँव वालों को कोई नुकसान नहीं होता था | B) सेना के साथ चलने वाले भारी सामान जानवरों और परिवारों के कारण गाँवों में तबाही मचती थी और फसलें नष्ट हो जाती थीं | C) गाँव वालों को सेना में भर्ती होना पड़ता था | D) गाँव वालों को अपना घर छोड़ना पड़ता था -
समुद्रगुप्त की वंशावली में उनके परदादा और दादा को केवल क्या कहा गया है जबकि समुद्रगुप्त ने बड़ी उपाधि धारण की थी?
A) उन्हें महाराजाधिराज कहा गया है | B) उन्हें केवल महाराज कहा गया है | C) उन्हें सामंत कहा गया है | D) उन्हें सेनापति कहा गया है -
प्रसिद्ध खगोलशास्त्री आर्यभट्ट गुप्त वंश के किस महान शासक के दरबार के नवरत्नों में से एक थे?
A) समुद्रगुप्त | B) चंद्रगुप्त विक्रमादित्य | C) कुमारगुप्त | D) श्रीगुप्त -
प्राचीन काल के प्रशासन में 'कायस्थों' का मुख्य कार्य क्या होता था?
A) वे युद्ध करते थे | B) वे मुख्य लिपिक या क्लर्क होते थे जो राज्य के सभी रिकॉर्ड रखते थे | C) वे व्यापार करते थे | D) वे कर वसूलते थे -
कुषाण और शक राजवंशों के जो शासक समुद्रगुप्त के बाहरी इलाके में थे वे मूल रूप से किन भौगोलिक क्षेत्रों से संबंधित थे?
A) दक्षिण भारत से | B) उत्तर पश्चिम और मध्य एशिया से | C) पूर्वी भारत से | D) श्रीलंका से -
गुप्तकालीन प्रशस्तियों का मुख्य राजनीतिक और सामाजिक उद्देश्य क्या होता था?
A) कानून बनाना | B) राजाओं की प्रशंसा करना उनकी शक्ति का प्रदर्शन करना और उनकी उपलब्धियों को इतिहास में अमर बनाना | C) कर वसूलने के नियम तय करना | D) व्यापार को बढ़ावा देना -
पल्लव राजाओं के अभिलेखों में जिन स्थानीय सभाओं का जिक्र है वे सामान्यतः कितने लंबे समय तक प्रभावी रूप से कार्य करती रहीं?
A) केवल 10 साल तक | B) वे सदियों तक सुचारू रूप से कार्य करती रहीं | C) वे कभी कार्य नहीं कर पाईं | D) वे केवल युद्ध के समय कार्य करती थीं
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