12. विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव (Magnetic Effects of Electric Current)
इस पेज पर आपको 12. विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव (Magnetic Effects of Electric Current) के सभी महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ), परीक्षा उपयोगी नोट्स और ऑनलाइन क्विज़ मिलेंगे। अपने ज्ञान का परीक्षण करने और बोर्ड/प्रतियोगी परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए मॉक टेस्ट में अवश्य भाग लें।
👉 अध्याय का सारांश (Summary)
प्रिय अभ्यर्थियों, इस अध्याय 'विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव (Magnetic Effects of Electric Current)' में हम विद्युत और चुंबकत्व के बीच के गहरे और अद्भुत संबंध का विस्तार से अध्ययन करेंगे। 1820 में हैंस क्रिश्चियन ऑर्सटेड ने सबसे पहले यह खोज की थी कि जब किसी चालक तार से विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है, तो उसके चारों ओर 1 चुंबकीय क्षेत्र (Magnetic Field) उत्पन्न हो जाता है। SSC, Railway, CET और State PCS जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं और NCERT बेस पर विभिन्न नियमों और चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं की दिशा से लगातार विश्लेषणात्मक प्रश्न पूछे जाते हैं।
विज्ञान के इस अध्याय की शुरुआत में हम छड़ चुंबक (Bar Magnet) और उसकी चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं (Magnetic Field Lines) के गुणों को समझते हैं। ये रेखाएं चुंबक के बाहर हमेशा उत्तरी ध्रुव (North Pole) से निकलकर दक्षिणी ध्रुव (South Pole) में प्रवेश करती हैं, जबकि चुंबक के अंदर इनकी दिशा दक्षिण से उत्तर की ओर होती है। प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए यह बिंदु अत्यंत महत्वपूर्ण है कि 2 चुंबकीय क्षेत्र रेखाएं कभी भी 1-दूसरे को नहीं काटती हैं। धारावाही चालक के कारण उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्र की दिशा ज्ञात करने के लिए दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम (Right-Hand Thumb Rule) का उपयोग किया जाता है। इसके बाद हम परिनालिका (Solenoid) के बारे में पढ़ते हैं। पास-पास लिपटे हुए विद्युतरोधी तांबे के तार की बेलन जैसी आकृति को परिनालिका कहते हैं। परिनालिका के भीतर चुंबकीय क्षेत्र 1 समान (Uniform) होता है, जो कि रेलवे परीक्षा का 1 बहुत ही पसंदीदा प्रश्न रहा है। परिनालिका के भीतर नर्म लोहे (Soft Iron) की छड़ रखकर 1 बहुत शक्तिशाली विद्युत चुंबक (Electromagnet) बनाया जाता है।
विद्युत चुंबकत्व का हमारे दैनिक जीवन में व्यापक उपयोग होता है। चिकित्सा क्षेत्र में एमआरआई (MRI) स्कैन इसका 1 शानदार व्यावहारिक उदाहरण है, जहाँ शरीर के अंदर के अंगों की सटीक तस्वीर प्राप्त करने के लिए शरीर के भीतर उत्पन्न होने वाले सूक्ष्म चुंबकीय क्षेत्रों का उपयोग किया जाता है। इसके अलावा, जब किसी धारावाही चालक को चुंबकीय क्षेत्र में रखा जाता है, तो उस पर 1 बल लगता है। इस बल की दिशा ज्ञात करने के लिए फ्लेमिंग का वामहस्त नियम (Fleming's Left-Hand Rule) लागू किया जाता है। इस नियम के अनुसार, यदि हम अपने बाएं हाथ की तर्जनी, मध्यमा और अंगूठे को परस्पर लंबवत फैलाएं, तो तर्जनी चुंबकीय क्षेत्र की दिशा और मध्यमा धारा की दिशा बताती है, जबकि अंगूठा चालक पर लगने वाले बल की दिशा को प्रदर्शित करता है। हमारी विद्युत मोटर (Electric Motor) इसी सिद्धांत पर कार्य करती है।
अध्याय के अंत में हम घरेलू विद्युत परिपथ (Domestic Electric Circuits) की महत्वपूर्ण कार्यप्रणाली को समझते हैं। हमारे घरों में जो विद्युत आपूर्ति की जाती है, उसका विभवांतर 220 वोल्ट और आवृत्ति 50 हर्ट्ज़ (Hz) होती है। घरों में मुख्य रूप से 3 प्रकार के तार आते हैं: लाल रंग का विद्युन्मय तार (Live Wire), काले रंग का उदासीन तार (Neutral Wire), और हरे रंग का भूसंपर्क तार (Earth Wire)। भूसंपर्क तार सुरक्षा की दृष्टि से 1 अत्यंत महत्वपूर्ण युक्ति है, जिसे घर के पास जमीन में काफी गहराई पर दबाई गई धातु की प्लेट से जोड़ा जाता है। जब परिपथ में शॉर्ट सर्किट (Short Circuit) या ओवरलोडिंग (Overloading) होती है, तो विद्युत फ्यूज (Fuse) पिघलकर टूट जाता है और हमारे महंगे घरेलू उपकरणों को जलने से बचा लेता है। इन सभी वैज्ञानिक तथ्यों को अच्छे से तैयार करके आप परीक्षा में अपना स्कोर 100% सुनिश्चित कर सकते हैं।
विशेषता: यह एक 3-Level आधारित यूनीक क्विज़ है। अगले स्तर (Level 2 और 3) को अनलॉक करने के लिए अभ्यर्थियों को वर्तमान स्तर में कम से कम 70% अंक स्कोर करने होंगे, जो आपकी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी को 100% मजबूत बनाता है।
अध्याय के सभी प्रश्न (Revision Notes)
*नोट: यह सेक्शन रिवीजन के लिए है। अपना ज्ञान परखने के लिए ऊपर दिए गए क्विज़ में भाग लें।
-
किसी चुंबक के चारों ओर का वह क्षेत्र जिसमें उसके बल का संसूचन किया जा सकता है, क्या कहलाता है?
A) विद्युत क्षेत्र | B) चुंबकीय क्षेत्र | C) गुरुत्वीय क्षेत्र | D) आकर्षण क्षेत्र -
चुंबक के बाहर चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं की दिशा क्या होती है?
A) उत्तरी ध्रुव से दक्षिणी ध्रुव | B) दक्षिणी ध्रुव से उत्तरी ध्रुव | C) पूर्व से पश्चिम | D) पश्चिम से पूर्व -
चुंबक के भीतर चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं की दिशा क्या होती है?
A) उत्तरी ध्रुव से दक्षिणी ध्रुव | B) दक्षिणी ध्रुव से उत्तरी ध्रुव | C) दोनों दिशाओं में | D) कोई दिशा नहीं होती -
क्या दो चुंबकीय क्षेत्र रेखाएं कभी एक-दूसरे को काट सकती हैं?
A) हाँ | B) नहीं | C) केवल ध्रुवों पर | D) केवल निर्वात में -
चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं की सघनता क्या दर्शाती है?
A) चुंबक का आकार | B) चुंबकीय क्षेत्र की प्रबलता | C) चुंबक का रंग | D) चुंबक का भार -
विद्युत धारावाही सीधे चालक तार के चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र रेखाएं किस आकार की होती हैं?
A) सीधी रेखाएं | B) संकेन्द्री वृत्त | C) परवलयाकार | D) दीर्घवृत्ताकार -
किसी विद्युत धारावाही चालक के कारण उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्र की दिशा ज्ञात करने के लिए किस नियम का उपयोग किया जाता है?
A) ओम का नियम | B) दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम | C) स्नेल का नियम | D) न्यूटन का नियम -
पास-पास लिपटे तांबे के तार की बेलन की आकृति की अनेक फेरों वाली कुंडली को क्या कहते हैं?
A) परिनालिका | B) प्रतिरोधक | C) संधारित्र | D) विद्युत चुंबक -
विद्युत चुंबक बनाने के लिए परिनालिका के भीतर सामान्यतः किस पदार्थ की छड़ रखी जाती है?
A) इस्पात | B) नरम लोहा | C) तांबा | D) एल्युमीनियम -
किसी चुंबकीय क्षेत्र में रखे विद्युत धारावाही चालक पर लगने वाले बल की दिशा किस नियम से ज्ञात की जाती है?
A) दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम | B) फ्लेमिंग का वामहस्त नियम | C) फ्लेमिंग का दक्षिण-हस्त नियम | D) फैराडे का नियम -
वह युक्ति जो विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में रूपांतरित करती है, क्या कहलाती है?
A) विद्युत जनित्र | B) विद्युत मोटर | C) गैल्वेनोमीटर | D) अमीटर -
वह युक्ति जो परिपथ में विद्युत धारा की उपस्थिति का संसूचन करती है, क्या कहलाती है?
A) वोल्टमीटर | B) गैल्वेनोमीटर | C) परिनालिका | D) धारा नियंत्रक -
विद्युत जनित्र किस सिद्धांत पर कार्य करता है?
A) विद्युत धारा का ऊष्मीय प्रभाव | B) विद्युत चुंबकीय प्रेरण | C) विद्युत धारा का रासायनिक प्रभाव | D) विद्युत प्रतिरोध -
विद्युत चुंबकीय प्रेरण की खोज किसने की थी?
A) हंस क्रिश्चियन ओर्स्टेड | B) माइकल फैराडे | C) आइजैक न्यूटन | D) मैक्सवेल -
भारत में उत्पादित प्रत्यावर्ती धारा की आवृत्ति कितनी होती है?
A) पचास हर्ट्ज़ | B) साठ हर्ट्ज़ | C) सौ हर्ट्ज़ | D) शून्य हर्ट्ज़ -
घरेलू विद्युत परिपथ में विद्युन्मय तार (धनात्मक तार) पर सामान्यतः किस रंग का विद्युतरोधी आवरण होता है?
A) काला | B) हरा | C) लाल | D) नीला -
घरेलू परिपथ में उदासीन तार (ऋणात्मक तार) पर किस रंग का आवरण होता है?
A) लाल | B) हरा | C) काला | D) पीला -
घरेलू परिपथ में भू-संपर्क तार पर किस रंग का आवरण होता है?
A) हरा | B) लाल | C) काला | D) सफेद -
विद्युन्मय तार तथा उदासीन तार के सीधे संपर्क में आने से परिपथ में विद्युत धारा का मान अचानक बहुत अधिक हो जाना क्या कहलाता है?
A) अतिभारण | B) लघुपथन | C) विद्युत प्रेरण | D) भू-संपर्कण -
परिपथ को अतिभारण और लघुपथन से बचाने के लिए किस सुरक्षा युक्ति का उपयोग किया जाता है?
A) स्विच | B) विद्युत फ्यूज | C) प्लग | D) मीटर -
सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए और सही कूट का चयन कीजिए:
सूची-I (नियम) — सूची-II (अनुप्रयोग)
(a) दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम — (1) धारावाही चालक पर बल की दिशा
(b) फ्लेमिंग का वामहस्त नियम — (2) प्रेरित विद्युत धारा की दिशा
(c) फ्लेमिंग का दक्षिण-हस्त नियम — (3) चुंबकीय क्षेत्र की दिशा
A) a-3, b-1, c-2 | B) a-1, b-2, c-3 | C) a-2, b-3, c-1 | D) a-3, b-2, c-1 -
सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए और सही कूट का चयन कीजिए:
सूची-I (युक्ति) — सूची-II (कार्य)
(a) दिक्परिवर्तक विभक्त वलय — (1) विद्युत धारा उत्पन्न करना
(b) विद्युत मोटर — (2) धारा की दिशा उत्क्रमित करना
(c) विद्युत जनित्र — (3) विद्युत को यांत्रिक ऊर्जा में बदलना
A) a-2, b-3, c-1 | B) a-1, b-2, c-3 | C) a-3, b-1, c-2 | D) a-2, b-1, c-3 -
कथन: दो चुंबकीय क्षेत्र रेखाएं एक-दूसरे को कभी प्रतिच्छेद नहीं करती हैं।
कारण: यदि वे प्रतिच्छेद करें, तो प्रतिच्छेदन बिंदु पर दिक्सूची सुई दो दिशाओं की ओर संकेत करेगी, जो संभव नहीं है।
A) कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है | B) कथन और कारण दोनों सही हैं परन्तु कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है | C) कथन सही है परन्तु कारण गलत है | D) कथन गलत है परन्तु कारण सही है -
कथन: धातु के आवरण वाले विद्युत उपकरणों को भू-संपर्कित किया जाता है।
कारण: भू-संपर्क तार उपकरण के धात्विक आवरण से विद्युत धारा के क्षरण होने पर उसे सीधे पृथ्वी में पहुंचा देता है जिससे तीव्र झटका नहीं लगता।
A) कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है | B) कथन और कारण दोनों सही हैं परन्तु कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है | C) कथन सही है परन्तु कारण गलत है | D) कथन गलत है परन्तु कारण सही है -
कथन: परिनालिका के भीतर उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्र असमान होता है।
कारण: परिनालिका के भीतर चुंबकीय क्षेत्र रेखाएं समांतर सीधी रेखाओं की भांति होती हैं।
A) कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है | B) कथन और कारण दोनों सही हैं परन्तु कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है | C) कथन सही है परन्तु कारण गलत है | D) कथन गलत है परन्तु कारण सही है -
कथन: विद्युत फ्यूज को हमेशा विद्युन्मय तार के साथ श्रेणीक्रम में जोड़ा जाता है।
कारण: श्रेणीक्रम में जुड़ने से उच्च धारा प्रवाहित होने पर फ्यूज का तार पिघलकर परिपथ को तोड़ देता है।
A) कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है | B) कथन और कारण दोनों सही हैं परन्तु कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है | C) कथन सही है परन्तु कारण गलत है | D) कथन गलत है परन्तु कारण सही है -
किसी सीधे चालक में प्रवाहित विद्युत धारा की दिशा विपरीत कर देने पर उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्र की दिशा पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
A) कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा | B) चुंबकीय क्षेत्र की दिशा भी विपरीत हो जाएगी | C) चुंबकीय क्षेत्र समाप्त हो जाएगा | D) चुंबकीय क्षेत्र दोगुना हो जाएगा -
वृत्ताकार पाश के कारण उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्र का मान पाश के फेरों की संख्या पर किस प्रकार निर्भर करता है?
A) फेरों की संख्या बढ़ने पर घटता है | B) फेरों की संख्या पर निर्भर नहीं करता | C) फेरों की संख्या 'एन' गुना बढ़ने पर चुंबकीय क्षेत्र भी 'एन' गुना बढ़ जाता है | D) फेरों की संख्या बढ़ने पर शून्य हो जाता है -
फ्लेमिंग के वामहस्त नियम में तर्जनी अंगुली किस दिशा को संकेत करती है?
A) विद्युत धारा की दिशा | B) चुंबकीय क्षेत्र की दिशा | C) चालक पर लगने वाले बल की दिशा | D) इलेक्ट्रॉन की गति की दिशा -
किसी चुंबकीय क्षेत्र में धारावाही चालक पर लगने वाला बल अधिकतम कब होता है?
A) जब चालक चुंबकीय क्षेत्र के समांतर हो | B) जब चालक चुंबकीय क्षेत्र के लंबवत हो | C) जब चालक और चुंबकीय क्षेत्र के बीच पैंतालीस डिग्री का कोण हो | D) बल हमेशा समान रहता है -
प्रत्यावर्ती धारा और दिष्ट धारा में मुख्य अंतर क्या है?
A) प्रत्यावर्ती धारा हमेशा एक ही दिशा में बहती है | B) दिष्ट धारा का मान समय के साथ बदलता है | C) प्रत्यावर्ती धारा अपनी दिशा एक निश्चित समय अंतराल के पश्चात उत्क्रमित करती है | D) दिष्ट धारा का उत्पादन अधिक सस्ता है -
विद्युत चुंबकीय प्रेरण की घटना किस पर निर्भर करती है?
A) कुंडली और चुंबक के बीच आपेक्षिक गति पर | B) केवल चुंबक के आकार पर | C) केवल तार की मोटाई पर | D) तापमान पर -
दिक्सूची की सुई वास्तव में क्या होती है?
A) एक छोटा छड़ चुंबक | B) एक सीधा तार | C) एक तांबे का टुकड़ा | D) एक लोहे की कील -
परिनालिका का एक सिरा उत्तरी ध्रुव तथा दूसरा सिरा दक्षिणी ध्रुव की तरह व्यवहार करता है। यह किस पर निर्भर करता है?
A) परिनालिका की लंबाई पर | B) विद्युत धारा के प्रवाह की दिशा पर | C) तार की मोटाई पर | D) परिनालिका के रंग पर -
घरेलू विद्युत परिपथ में सभी उपकरण किस क्रम में संयोजित किए जाते हैं?
A) श्रेणीक्रम में | B) पार्श्वक्रम में | C) मिश्रित क्रम में | D) किसी भी क्रम में -
भारत में विद्युन्मय तार तथा उदासीन तार के बीच विभवांतर सामान्यतः कितना होता है?
A) एक सौ दस वोल्ट | B) दो सौ बीस वोल्ट | C) चार सौ चालीस वोल्ट | D) ग्यारह हजार वोल्ट -
अतिभारण का मुख्य कारण क्या हो सकता है?
A) एक ही सॉकेट से कई विद्युत उपकरणों को जोड़ना | B) आपूर्ति वोल्टता में अचानक वृद्धि | C) दोनों सही हैं | D) परिपथ में केवल एक बल्ब का जलना -
किसी प्रोटॉन को चुंबकीय क्षेत्र में गति कराते समय उसका कौन सा गुण परिवर्तित हो सकता है?
A) द्रव्यमान | B) चाल | C) संवेग | D) आकार -
पश्चिम की ओर प्रक्षेपित कोई धनावेशित कण किसी चुंबकीय क्षेत्र द्वारा उत्तर की ओर विक्षेपित हो जाता है। चुंबकीय क्षेत्र की दिशा क्या होगी?
A) दक्षिण की ओर | B) पूर्व की ओर | C) अधोमुखी | D) उपरिमुखी -
विद्युत मोटर में कुण्डली के घूर्णन की दिशा प्रत्येक आधे घूर्णन के पश्चात कौन बदलता है?
A) ब्रश | B) चुंबक | C) विभक्त वलय | D) धुरा -
कथन: एक समान चुंबकीय क्षेत्र में रखे एक सीधे धारावाही चालक पर लगने वाला बल उसके द्रव्यमान पर निर्भर नहीं करता।
निष्कर्ष: चालक पर लगने वाला बल चुंबकीय क्षेत्र की प्रबलता, धारा के मान, और चालक की लंबाई पर निर्भर करता है।
A) कथन और निष्कर्ष दोनों सत्य हैं | B) केवल कथन सत्य है | C) केवल निष्कर्ष सत्य है | D) दोनों असत्य हैं -
कथन: लंबी परिनालिका के भीतर उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्र पूर्णतः एकसमान होता है।
निष्कर्ष: परिनालिका के भीतर सभी बिंदुओं पर चुंबकीय क्षेत्र रेखाएं समांतर सीधी रेखाओं के रूप में होती हैं, जो समान प्रबलता को दर्शाती हैं।
A) कथन और निष्कर्ष दोनों सत्य हैं | B) केवल कथन सत्य है | C) केवल निष्कर्ष सत्य है | D) दोनों असत्य हैं -
कथन: दूर के स्थानों पर विद्युत ऊर्जा का संचरण दिष्ट धारा के रूप में किया जाता है।
निष्कर्ष: प्रत्यावर्ती धारा की तुलना में दिष्ट धारा में ऊर्जा का क्षय बहुत कम होता है।
A) कथन और निष्कर्ष दोनों सत्य हैं | B) केवल कथन सत्य है | C) केवल निष्कर्ष सत्य है | D) दोनों असत्य हैं -
विद्युत चुंबकीय प्रेरण के बारे में सत्य कथन चुनें:
1. परिपथ में प्रेरित धारा तब उत्पन्न होती है जब कुंडली से बद्ध चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं की संख्या में परिवर्तन होता है।
2. प्रेरित धारा की दिशा फ्लेमिंग के वामहस्त नियम द्वारा ज्ञात की जाती है।
3. यह सिद्धांत विद्युत जनित्र में प्रयोग होता है।
A) केवल 1 और 2 | B) केवल 2 और 3 | C) केवल 1 और 3 | D) 1, 2 और 3 -
घरेलू विद्युत परिपथ में सुरक्षा उपायों के संबंध में सत्य कथन पहचानें:
1. फ्यूज तार का गलनांक बहुत उच्च होना चाहिए।
2. भू-संपर्क तार का प्रतिरोध बहुत कम होता है।
3. अतिभारण रोकने के लिए सभी उच्च शक्ति वाले उपकरण एक ही सॉकेट में नहीं लगाने चाहिए।
A) केवल 1 और 2 | B) केवल 2 और 3 | C) केवल 1 और 3 | D) 1, 2 और 3 -
चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं के गुणों के बारे में सत्य कथन चुनें:
1. ये बंद वक्र होती हैं।
2. जहाँ रेखाएं सघन होती हैं वहाँ चुंबकीय क्षेत्र दुर्बल होता है।
3. ये चुंबक के उत्तरी ध्रुव से प्रकट होती हैं।
A) केवल 1 और 2 | B) केवल 2 और 3 | C) केवल 1 और 3 | D) 1, 2 और 3 -
घरेलू विद्युत आपूर्ति में बिजली के खंभे से घर के अंदर तक विद्युत पहुंचने का सही क्रम क्या है?
A) खंभा -> मुख्य स्विच -> विद्युत मीटर -> वितरण बोर्ड | B) खंभा -> विद्युत मीटर -> मुख्य स्विच -> वितरण बोर्ड | C) खंभा -> वितरण बोर्ड -> विद्युत मीटर -> मुख्य स्विच | D) विद्युत मीटर -> खंभा -> मुख्य स्विच -> वितरण बोर्ड -
किसी सीधे धारावाही चालक तार से दूरी बढ़ने पर उसके द्वारा उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्र की प्रबलता पर क्या प्रभाव पड़ता है?
A) प्रबलता बढ़ती है | B) प्रबलता घटती है | C) प्रबलता समान रहती है | D) पहले घटती है फिर बढ़ती है -
यदि किसी इलेक्ट्रॉन पुंज को एक चुंबकीय क्षेत्र में क्षेत्र की दिशा के समांतर प्रक्षेपित किया जाए, तो इलेक्ट्रॉन पर कितना बल लगेगा?
A) अधिकतम बल | B) शून्य बल | C) निरंतर बदलता हुआ बल | D) विपरीत दिशा में बल -
फ्लेमिंग के दक्षिण-हस्त नियम में मध्यमा अंगुली क्या दर्शाती है?
A) चालक की गति की दिशा | B) चुंबकीय क्षेत्र की दिशा | C) प्रेरित विद्युत धारा की दिशा | D) लगाए गए बल की दिशा -
किसी वृत्ताकार पाश के केंद्र पर चुंबकीय क्षेत्र रेखाएं कैसी प्रतीत होती हैं?
A) वृत्ताकार | B) सीधी सरल रेखाएं | C) वक्र रेखाएं | D) प्रतिच्छेदी रेखाएं -
यदि एक धारावाही परिनालिका को स्वतंत्रतापूर्वक लटका दिया जाए, तो वह किस दिशा में ठहरेगी?
A) पूर्व-पश्चिम दिशा में | B) उत्तर-दक्षिण दिशा में | C) किसी भी दिशा में | D) निरंतर घूमती रहेगी -
मैक्सवेल का कॉर्कस्क्रू नियम किस अन्य नियम के समतुल्य है?
A) फ्लेमिंग का वामहस्त नियम | B) दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम | C) फैराडे का नियम | D) ओम का नियम -
व्यावसायिक विद्युत मोटरों में चुंबक के लिए किसका उपयोग किया जाता है?
A) स्थायी चुंबक का | B) विद्युत चुंबक का | C) केवल नरम लोहे का | D) लकड़ी के क्रोड का -
गैल्वेनोमीटर में यदि विद्युत धारा की दिशा बदल दी जाए, तो सुई के विक्षेप पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
A) विक्षेप शून्य हो जाएगा | B) विक्षेप विपरीत दिशा में होगा | C) विक्षेप पहले जैसा ही रहेगा | D) सुई टूट जाएगी -
किसी कुंडली में प्रेरित विद्युत धारा का मान अधिकतम कब होता है?
A) जब कुंडली की गति चुंबकीय क्षेत्र की दिशा के समांतर हो | B) जब कुंडली की गति चुंबकीय क्षेत्र की दिशा के लंबवत हो | C) जब कुंडली स्थिर हो | D) जब चुंबकीय क्षेत्र शून्य हो -
भारत में प्रत्यावर्ती धारा की दिशा एक सेकंड में कितनी बार परिवर्तित होती है?
A) पचास बार | B) सौ बार | C) एक सौ बीस बार | D) कभी नहीं -
घरेलू परिपथों में उपयोग होने वाले पंद्रह ऐम्पियर अनुमतांक वाले परिपथ का उपयोग मुख्य रूप से किन उपकरणों के लिए किया जाता है?
A) बल्ब और पंखे के लिए | B) गीजर, कूलर और एसी जैसे उच्च शक्ति वाले उपकरणों के लिए | C) रेडियो के लिए | D) घड़ी के लिए -
एक इलेक्ट्रॉन और एक प्रोटॉन समान वेग से एक समान चुंबकीय क्षेत्र के लंबवत प्रवेश करते हैं। किस कण पर अधिक बल लगेगा?
A) इलेक्ट्रॉन पर | B) प्रोटॉन पर | C) दोनों पर समान बल लगेगा | D) बल शून्य होगा -
दिष्ट धारा जनित्र प्राप्त करने के लिए किस प्रकार के दिकपरिवर्तक का उपयोग किया जाता है?
A) सर्पी वलय | B) विभक्त वलय | C) पूर्ण वलय | D) चौकोर वलय
0
0
0%
अपना सुझाव दें (Feedback)
वेबसाइट को और बेहतर बनाने के लिए अपने विचार हमें भेजें।