15. स्वतंत्र भारत में राजनीति: नए बदलाव और चुनौतियाँ (Politics in India since Independence: New Trends and Challenges)
इस पेज पर आपको 15. स्वतंत्र भारत में राजनीति: नए बदलाव और चुनौतियाँ (Politics in India since Independence: New Trends and Challenges) के सभी महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ), परीक्षा उपयोगी नोट्स और ऑनलाइन क्विज़ मिलेंगे। अपने ज्ञान का परीक्षण करने और बोर्ड/प्रतियोगी परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए मॉक टेस्ट में अवश्य भाग लें।
👉 अध्याय का सारांश (Summary)
प्रिय विद्यार्थियों, इस अध्याय में हम आजादी के बाद के दशकों में भारत की लोकतांत्रिक राजनीति में आए महत्वपूर्ण बदलावों, चुनौतियों और नई प्रवृत्तियों का समग्र विश्लेषण करेंगे। 1947 में जब भारत स्वतंत्र हुआ, तो देश के सामने राष्ट्र निर्माण की एक कठिन यात्रा थी। लोकतंत्र की स्थापना करना और उसे बनाए रखना सबसे बड़ी उपलब्धि रही है, जबकि पड़ोसी देशों में अक्सर तानाशाही का उदय हुआ। आजादी के शुरुआती दौर में कांग्रेस पार्टी का वर्चस्व था, लेकिन समय के साथ लोकतांत्रिक चेतना बढ़ी और विपक्षी दलों का दायरा विस्तृत हुआ।
1970 और 80 के दशक ने भारतीय राजनीति में सामाजिक न्याय की नई लहर देखी। मंडल आयोग की सिफारिशों के बाद अन्य पिछड़ा वर्ग की राजनीति मुख्यधारा में आ गई। इसी दौरान राजनीति में धर्म और पहचान आधारित मुद्दों का भी उभार हुआ। 1990 का दशक भारतीय राजनीति के लिए एक और बड़ा मोड़ था, जिसमें 'गठबंधन की राजनीति' का उदय हुआ। अब केंद्र में किसी एक दल का पूर्ण बहुमत प्राप्त करना कठिन हो गया और क्षेत्रीय दलों की भूमिका निर्णायक हो गई। इस दौर में उदारीकरण की नई आर्थिक नीतियों ने भारत के सामाजिक और आर्थिक ताने-बाने को पूरी तरह से बदल दिया।
राजनीति का यह दौर न केवल नए नेतृत्व के उभार का गवाह बना, बल्कि इसने लोकतंत्र के लोकतंत्रीकरण (Democratisation) को भी गति दी। आज भारतीय राजनीति में महिलाओं, युवाओं और उपेक्षित वर्गों की भागीदारी पहले से कहीं अधिक है। हालाँकि, भ्रष्टाचार, आपराधिक राजनीति और सांप्रदायिक तनाव जैसी चुनौतियाँ आज भी विद्यमान हैं। भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह जटिलताओं के बावजूद अपनी जनता की आकांक्षाओं को समाहित करने में सक्षम रहा है। यह अध्याय हमें यह समझने में मदद करता है कि 'स्वतंत्रता' के बाद से भारत ने एक लंबी यात्रा तय की है, जहाँ संघर्ष, आंदोलन और चुनावी राजनीति के माध्यम से लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक समावेशी बनाया गया है। अब भारतीय राजनीति का केंद्र 'विकास' और 'सुशासन' की ओर स्थानांतरित हो रहा है।
विशेषता: यह एक 3-Level आधारित यूनीक क्विज़ है। अगले स्तर को अनलॉक करने के लिए छात्रों को वर्तमान स्तर में कम से कम 70% अंक स्कोर करने होंगे, जो आपकी बोर्ड परीक्षा की तैयारी को 100% मजबूत बनाता है।
अध्याय के सभी प्रश्न (Revision Notes)
*नोट: यह सेक्शन रिवीजन के लिए है। अपना ज्ञान परखने के लिए ऊपर दिए गए क्विज़ में भाग लें।
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भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी उपलब्धि क्या मानी जाती है?
A) सैन्य शासन का अभाव | B) आर्थिक समानता | C) साक्षरता में वृद्धि | D) अमीर-गरीब की खाई का खात्मा -
मंडल आयोग की सिफारिशें किस दशक में राजनीति का मुख्य केंद्र बनीं?
A) सत्तर के दशक में | B) अस्सी के दशक में | C) नब्बे के दशक में | D) साठ के दशक में -
गठबंधन की राजनीति का दौर मुख्य रूप से किस वर्ष के बाद से शुरू हुआ?
A) उन्नीस सौ अस्सी | B) उन्नीस सौ नवासी | C) दो हजार | D) दो हजार पांच -
स्वतंत्रता के बाद भारत ने किस तरह की अर्थव्यवस्था अपनाई?
A) पूंजीवादी | B) समाजवादी | C) मिश्रित अर्थव्यवस्था | D) पूर्ण सरकारी नियंत्रण -
भारतीय राजनीति में पहचान आधारित राजनीति का उभार किस मुद्दे से संबंधित है?
A) विकास | B) जाति और धर्म | C) विदेश नीति | D) सैन्य शक्ति -
लोकतंत्र के लोकतंत्रीकरण का क्या अर्थ है?
A) चुनाव रद्द करना | B) राजनीति में आम जनता और उपेक्षित वर्गों की भागीदारी का बढ़ना | C) अमीरों का राज | D) तानाशाही -
1991 के बाद भारत में कौन सी नई आर्थिक नीति अपनाई गई?
A) स्वदेशी नीति | B) उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण | C) पूर्ण सरकारीकरण | D) सैन्यीकरण -
गठबंधन सरकार में निर्णायक भूमिका कौन निभाते हैं?
A) राष्ट्रपति | B) क्षेत्रीय दल | C) न्यायाधीश | D) सेनापति -
भारतीय राजनीति में भ्रष्टाचार की चुनौती का सामना करने के लिए कौन सा आंदोलन चर्चा में रहा है?
A) भारत छोड़ो आंदोलन | B) असहयोग आंदोलन | C) जन लोकपाल आंदोलन | D) नर्मदा बचाओ आंदोलन -
भारतीय राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए क्या प्रयास किया गया?
A) शिक्षा का प्रसार | B) पंचायती राज संस्थाओं में आरक्षण | C) सेना में भर्ती | D) व्यापार में छूट -
कौन सी पार्टी मंडल राजनीति का सबसे बड़ा चेहरा बनकर उभरी?
A) भारतीय जनता पार्टी | B) कांग्रेस | C) जनता दल | D) स्वतंत्र पार्टी -
राजनीति में युवाओं की बढ़ती भागीदारी का मुख्य कारण क्या है?
A) शिक्षण संस्थानों का विस्तार | B) सोशल मीडिया और तकनीकी जागरूकता | C) राजनीतिक दलों का दबाव | D) सेना में नौकरी -
स्वतंत्र भारत में सत्ता का हस्तांतरण सबसे ज्यादा किस तरीके से हुआ है?
A) क्रांति | B) सैन्य तख्तापलट | C) लोकतांत्रिक चुनाव | D) विदेशी हस्तक्षेप -
विकास की राजनीति में आजकल किन मुद्दों को प्राथमिकता दी जा रही है?
A) धर्म | B) सुशासन और विकास | C) युद्ध | D) जाति -
भारतीय लोकतंत्र की विफलता के डर को किसने गलत साबित किया?
A) भारतीय राजनेताओं ने | B) भारतीय जनता ने | C) विदेशी ताकतों ने | D) न्यायपालिका ने -
गठबंधन राजनीति के युग में राष्ट्रीय दलों की स्थिति पर क्या प्रभाव पड़ा?
A) वे और शक्तिशाली हो गए | B) उनकी निर्भरता क्षेत्रीय दलों पर बढ़ गई | C) वे समाप्त हो गए | D) वे बहुत अमीर हो गए -
मंडल राजनीति ने भारतीय समाज में किस नई पहचान को जन्म दिया?
A) उच्च जाति पहचान | B) पिछड़ा वर्ग चेतना | C) विदेशी पहचान | D) सैन्य पहचान -
आर्थिक उदारीकरण का भारतीय राजनीति पर सबसे बड़ा प्रभाव क्या पड़ा?
A) गरीबी खत्म हो गई | B) राजनीति में व्यापारिक और कॉरपोरेट जगत का दखल बढ़ा | C) चुनाव बंद हो गए | D) पार्टियां समाप्त हो गईं -
भारतीय राजनीति में 'लोकतंत्र के लोकतंत्रीकरण' की प्रक्रिया को कैसे मापा जा सकता है?
A) चुनावों की संख्या से | B) अति पिछड़ों और दलितों की बढ़ती राजनीतिक भागीदारी से | C) पार्टियों के धन से | D) नेताओं की संख्या से -
क्षेत्रीय दलों का राष्ट्रीय राजनीति में महत्व बढ़ने से संघवाद पर क्या असर पड़ा?
A) संघवाद कमजोर हुआ | B) संघवाद और अधिक मजबूत और लचीला बना | C) राज्यों की शक्ति खत्म हुई | D) युद्ध बढ़ गए -
1990 के दशक में पहचान आधारित राजनीति का भारतीय राजनीति पर क्या असर पड़ा?
A) लोकतंत्र कमजोर हुआ | B) राजनीति में मुद्दों की बजाय जातियों और समुदायों के समीकरणों का महत्व बढ़ा | C) चुनावों का महत्व खत्म हुआ | D) पार्टियों की संख्या घटी -
भारतीय लोकतंत्र में आपराधिक राजनीति के प्रवेश की मुख्य समस्या क्या है?
A) पार्टियों में अनुशासनहीनता | B) पार्टियों का चुनावी जीत के लिए अपराधियों को टिकट देना | C) गरीबी | D) चुनावों का न होना -
पंचायत राज में आरक्षण ने ग्रामीण सत्ता के ढांचे को कैसे बदला?
A) सत्ता केवल सवर्णों तक सीमित रही | B) पिछड़े वर्गों, दलितों और महिलाओं का सत्ता में नेतृत्व विकसित हुआ | C) सत्ता समाप्त हो गई | D) चुनाव बंद हो गए -
विकास की राजनीति में सुशासन (गुड गवर्नेंस) की मांग क्यों बढ़ी है?
A) क्योंकि जनता ज्यादा जागरूक हुई है | B) क्योंकि सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता और जवाबदेही में सुधार की आवश्यकता है | C) क्योंकि चुनाव महंगे हो गए | D) क्योंकि नेता ऐसा चाहते थे -
नई आर्थिक नीति के बाद कल्याणकारी योजनाओं की राजनीति में क्या बदलाव आया?
A) योजनाएं बंद कर दी गईं | B) उनका स्थान लक्षित सब्सिडी और चुनावी लोक-लुभावन वादों ने ले लिया | C) गरीब और अमीर हो गए | D) योजनाएं बहुत बढ़ गईं -
मंडल आयोग के कार्यान्वयन का सबसे बड़ा राजनीतिक प्रभाव क्या था?
A) कांग्रेस का पतन | B) पिछड़े वर्गों की अलग राजनीतिक लामबंदी और मंडल समर्थक राजनीति का उदय | C) चुनाव बंद हो गए | D) सेना का प्रभाव बढ़ा -
गठबंधन सरकारों के दौरान 'न्यूनतम साझा कार्यक्रम' (कॉमन मिनिमम प्रोग्राम) का क्या अर्थ है?
A) विपक्ष का कार्यक्रम | B) गठबंधन में शामिल दलों द्वारा स्वीकृत साझा नीतिगत एजेंडा | C) राष्ट्रपति का आदेश | D) चुनाव का नियम -
भारतीय राजनीति में सोशल मीडिया की भूमिका का क्या अर्थ है?
A) राजनीति का अंत | B) जनता की सीधी और त्वरित भागीदारी तथा राजनीतिक संवाद का नया माध्यम | C) चुनाव में धांधली | D) विदेशी हस्तक्षेप -
भारतीय राजनीति में राजनीति के अपराधीकरण का एक मुख्य कारण क्या है?
A) पार्टियों का केवल जीत को प्राथमिकता देना | B) अपराधियों का चुनाव लड़ना | C) अदालतों का न होना | D) गरीबी -
सत्ता के विकेंद्रीकरण (पंचायती राज) का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A) शक्ति का केंद्र में होना | B) शक्ति का निचले स्तर पर स्थानीय लोगों के हाथ में जाना | C) सेना को शक्ति देना | D) व्यापार बढ़ाना -
गठबंधन राजनीति के युग में क्षेत्रीय दलों का 'किंगमेकर' होना भारतीय लोकतंत्र की किस खूबी को दर्शाता है?
A) लोकतंत्र के फेल होने को | B) देश के हर कोने और हर छोटे समुदाय की आकांक्षाओं का राष्ट्रीय निर्णय प्रक्रिया में शामिल होना | C) चुनाव के गलत होने को | D) सत्ता की लालच को -
1990 के दशक में मंडल राजनीति के उभार को अक्सर 'लोकतंत्र का लोकतंत्रीकरण' क्यों कहा जाता है?
A) क्योंकि इसमें बहुत दंगे हुए | B) क्योंकि इससे उन समुदायों की आवाज़ राजनीति में गूंजी जो सदियों से हाशियों पर पड़े थे | C) क्योंकि आरक्षण का विरोध हुआ | D) क्योंकि पार्टियां बहुत बढ़ गईं -
1991 की नई आर्थिक नीति ने भारतीय राजनीति की वैचारिक धुरी (Ideological Axis) को कैसे बदल दिया?
A) पार्टियां खत्म हो गईं | B) समाजवादी या दक्षिणपंथी विचारधारा के स्थान पर अब आर्थिक विकास और उपभोक्तावादी राजनीति मुख्य एजेंडा बन गई | C) धर्म ही राजनीति बन गया | D) चुनावों का महत्व खत्म हुआ -
भारतीय राजनीति में 'पहचान आधारित राजनीति' (Identity Politics) के उदय के पीछे सबसे गहरा सामाजिक कारण क्या है?
A) आलस | B) अपने समुदायों के ऐतिहासिक सामाजिक पिछड़ेपन को दूर करने और सम्मान पाने की तड़प | C) साजिश | D) चुनाव का दबाव -
भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी चुनौती 'समावेशी विकास' (Inclusive Development) को हासिल करना क्यों है?
A) क्योंकि भारत बहुत बड़ा देश है | B) क्योंकि विकास के लाभ अब तक केवल कुछ गिने-चुने वर्गों तक ही सीमित रहे हैं | C) क्योंकि भारत के पास पैसा नहीं है | D) क्योंकि लोग मेहनत नहीं करते -
राजनीति के अपराधीकरण की प्रवृत्ति को रोकने के लिए चुनाव आयोग के हालिया प्रयासों का भारतीय लोकतंत्र पर क्या असर पड़ेगा?
A) लोकतंत्र खत्म हो जाएगा | B) चुनावों की निष्पक्षता और पवित्रता बढ़ेगी जिससे जनता का भरोसा लोकतंत्र पर और गहरा होगा | C) पार्टियां चुनाव नहीं लड़ेंगी | D) चुनाव और महंगे हो जाएंगे -
पंचायती राज व्यवस्था ने ग्रामीण भारत में किस तरह की 'सत्ता की नई संरचना' का निर्माण किया है?
A) तानाशाही का | B) ऐसी संरचना जहां स्थानीय स्तर पर निर्णय लिए जाते हैं और नेतृत्व का उदय होता है | C) जातिवाद का | D) गांव छोड़ने का -
भारतीय राजनीति में सोशल मीडिया के आगमन से 'राजनीतिक संवाद' की प्रकृति कैसे बदली है?
A) संवाद पूरी तरह बंद हो गया | B) यह पहले की तरह केवल बड़े नेताओं तक सीमित न रहकर आम जनता तक पहुंच गया है | C) चुनाव केवल इंटरनेट पर होते हैं | D) संवाद केवल अंग्रेजी में होता है -
गठबंधन सरकारों का दौर भारतीय संघवाद के लिए 'परीक्षा' क्यों साबित हुआ?
A) क्योंकि राज्य अलग हो गए | B) क्योंकि केंद्र को बार-बार राज्यों की जरूरतों के आगे झुकना और उनके साथ समझौता करना पड़ा | C) क्योंकि केंद्र बहुत ताकतवर हो गया | D) क्योंकि चुनाव बंद हो गए -
भारतीय राजनीति में सुशासन (Good Governance) के प्रति बढ़ती मांग का समाज पर क्या प्रभाव पड़ा है?
A) लोग सरकार के खिलाफ हो गए | B) आम नागरिक अब जाति या धर्म की बजाय शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सेवाओं की मांग करने लगे हैं | C) नेता और अधिक अमीर हो गए | D) चुनावों में मतदान कम हो गया -
मंडल और कमंडल की राजनीति ने भारतीय राजनीति को किस तरह विभाजित कर दिया था?
A) देश को दो टुकड़ों में बांट दिया | B) राजनीति जातिगत आरक्षण और धार्मिक पहचान के इर्द-गिर्द घूमने लगी जो आज भी बनी हुई है | C) चुनाव रद्द कर दिए | D) पार्टियां समाप्त हो गईं -
भारतीय लोकतंत्र में 'जनादेश' (Mandate) की अवधारणा गठबंधन के दौर में कितनी महत्वपूर्ण हो गई थी?
A) यह कोई महत्व नहीं रखती | B) जनादेश अब स्पष्ट होने के बजाय जटिल समीकरणों का खेल बन गया, जहाँ बाद में गठबंधन से सरकार बनी | C) जनादेश से केवल चुनाव जीता जाता है | D) जनादेश से राष्ट्रपति चुना जाता है -
आर्थिक उदारीकरण ने भारतीय मतदाताओं की राजनीतिक प्राथमिकताओं को किस तरह बदला है?
A) वे केवल धर्म को वोट देते हैं | B) मतदाता अब वैचारिक नारों की बजाय आर्थिक प्रदर्शन और विकास के वादों को प्राथमिकता देने लगे हैं | C) वे वोट देना छोड़ चुके हैं | D) वे केवल जाति को वोट देते हैं -
भारतीय राजनीति में वंशवाद (Dynasty Politics) की बढ़ती प्रवृत्ति को लोकतंत्र की चुनौती क्यों माना जाता है?
A) क्योंकि यह केवल एक जाति में होता है | B) यह आम कार्यकर्ताओं के राजनीतिक उत्थान के रास्ते बंद कर देता है और नेतृत्व को केवल कुछ परिवारों तक सीमित कर देता है | C) यह बहुत सस्ता है | D) इससे चुनाव जल्दी होते हैं -
पंचायत राज में आरक्षण ने भारतीय महिलाओं की राजनीतिक छवि को कैसे बदला है?
A) उन्हें राजनीति से बाहर कर दिया | B) वे केवल प्रतिनिधि नहीं बल्कि एक निर्णय लेने वाली शक्ति के रूप में उभरी हैं | C) वे केवल खाना बनाती हैं | D) वे चुनाव नहीं लड़ सकतीं -
भारतीय राजनीति में सांप्रदायिक तनाव का लोकतंत्र पर क्या सबसे बड़ा घातक प्रभाव होता है?
A) यह देश को अमीर बनाता है | B) यह नागरिक समाज की एकता को तोड़कर विकास के एजेंडे को पीछे धकेल देता है | C) यह देश की भाषा बदल देता है | D) यह चुनाव की तारीख बदल देता है -
सत्ता के विकेंद्रीकरण (Decentralisation) का भारतीय लोकतंत्र को कैसे मजबूत किया है?
A) इससे सरकारें बहुत अस्थिर हो गई हैं | B) आम नागरिक को अपने आसपास के शासन में सीधी भागीदारी का मौका देकर | C) इससे नेता गरीब हो गए हैं | D) इससे सेना मजबूत हुई है -
भारतीय राजनीति में क्षेत्रीय दलों के बढ़ते प्रभाव ने राष्ट्रीय एजेंडे को कैसे प्रभावित किया है?
A) राष्ट्रीय एजेंडा खत्म हो गया | B) राष्ट्रीय नीतियों में क्षेत्रीय प्राथमिकताओं और स्थानीय मुद्दों का समावेश अनिवार्य हो गया है | C) केवल दिल्ली का विकास हुआ | D) भारत अब विकास नहीं करता -
लोकतंत्र के लोकतंत्रीकरण (Democratisation) के बाद भारतीय जनता की अपेक्षाएं सरकार से कैसी हो गई हैं?
A) बहुत कम हो गई हैं | B) सरकार के प्रति उनकी मांगें और अपेक्षाएं अब अत्यधिक बढ़ गई हैं और वे जवाबदेही चाहते हैं | C) लोग सरकार के खिलाफ हो गए | D) लोग वोट नहीं देते -
भारतीय लोकतंत्र की भविष्य की राह किन दो मुख्य स्तंभों पर टिकी है?
A) धर्म और जाति | B) विकास की निरंतरता और सामाजिक न्याय का समावेश | C) हथियार और सेना | D) विदेशी निवेश और सहायता
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