7. प्रत्यावर्ती धारा (Alternating Current)
इस पेज पर आपको 7. प्रत्यावर्ती धारा (Alternating Current) के सभी महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ), परीक्षा उपयोगी नोट्स और ऑनलाइन क्विज़ मिलेंगे। अपने ज्ञान का परीक्षण करने और बोर्ड/प्रतियोगी परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए मॉक टेस्ट में अवश्य भाग लें।
👉 अध्याय का सारांश (Summary)
प्रिय विद्यार्थियों, इस अध्याय में हम भौतिक विज्ञान की 1 अत्यंत ही महत्वपूर्ण और हमारे घरों को रोशन करने वाली शाखा 'प्रत्यावर्ती धारा' (Alternating Current) का बहुत ही विस्तार और गहराई से अध्ययन करेंगे। पिछले अध्यायों में हमने दिष्ट धारा (Direct Current) के बारे में पढ़ा था, जो बैटरी या सेल से प्राप्त होती है और हमेशा केवल 1 ही दिशा में प्रवाहित होती है। लेकिन प्रत्यावर्ती धारा इससे बिल्कुल अलग और अनोखी है; इसका परिमाण और दिशा समय के साथ लगातार 1 निश्चित आवृत्ति से बदलते रहते हैं। भारत में हमारे घरों में आने वाली इस धारा की आवृत्ति 50 हर्ट्ज होती है, जिसका सीधा मतलब है कि यह 1 सेकंड में 100 बार अपनी दिशा बदलती है।
विज्ञान को केवल अपनी किताबों में रटने के बजाय अगर हम अपने दैनिक जीवन से जोड़कर देखें, तो इसके जादुई उदाहरण हर जगह मौजूद हैं। हमारे घरों, स्कूलों और कारखानों में आने वाली बिजली की मेन सप्लाई प्रत्यावर्ती धारा ही होती है। क्या आपने कभी गहराई से सोचा है कि आपको अपना मोबाइल फोन चार्ज करने के लिए 1 चार्जर या एडेप्टर की सख्त जरूरत क्यों पड़ती है? ऐसा इसलिए है क्योंकि हमारे घरों के सॉकेट में 220 वोल्ट की खतरनाक प्रत्यावर्ती धारा आती है, जिसे आपका चार्जर 1 बहुत ही सुरक्षित और कम वोल्टेज वाली दिष्ट धारा में बदल देता है। इसके अलावा, नदियों के पास स्थित बड़े पावर प्लांट से पैदा होने वाली बिजली, हजारों किलोमीटर दूर हमारे गांवों या शहरों तक बड़े-बड़े टावरों और मोटे तारों के जरिए बिना अधिक ऊर्जा हानि के जो पहुंच पाती है, वह केवल प्रत्यावर्ती धारा के उच्च वोल्टेज संचरण के कारण ही 100 प्रतिशत संभव हो पाती है।
आगामी NCERT और RBSE बोर्ड परीक्षा के दृष्टिकोण से भौतिक विज्ञान का यह अध्याय अत्यधिक स्कोरिंग और आपकी सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। बोर्ड परीक्षाओं में इस अध्याय से न केवल सीधे सैद्धांतिक प्रश्न पूछे जाते हैं, बल्कि LCR परिपथ, शक्ति गुणांक और ट्रांसफार्मर पर आधारित शानदार विश्लेषणात्मक और उच्च स्तरीय संख्यात्मक (Numerical) प्रश्न भी निश्चित रूप से हर साल पेपर में आते हैं। इस अध्याय के रोमांचक सफर में हम सबसे पहले प्रत्यावर्ती धारा और वोल्टेज के औसत मान, शिखर मान (Peak Value) और वर्ग माध्य मूल मान (RMS Value) की गणितीय अवधारणा को बहुत ही बारीकी से समझेंगे।
इसके बाद हम विभिन्न प्रकार के सरल परिपथों, जैसे केवल शुद्ध प्रतिरोध युक्त (R), केवल प्रेरकत्व युक्त (L) और केवल धारिता युक्त (C) परिपथों में प्रत्यावर्ती वोल्टेज और धारा के बीच के कलांतर (Phase Difference) का अध्ययन करेंगे। फेजर आरेख (Phasor Diagram) इन जटिल संबंधों को समझने का 1 बहुत ही आसान और शानदार चित्रमय तरीका प्रदान करता है। अध्याय में थोड़ा और आगे बढ़ते हुए, हम श्रेणीबद्ध LCR परिपथ का विस्तार से तार्किक विश्लेषण करेंगे, जो इस पूरे अध्याय का सबसे महत्वपूर्ण और अंक दिलाने वाला हिस्सा है। हम इसी परिपथ में अनुनाद (Resonance) की स्थिति और अनुनादी आवृत्ति को समझेंगे। यह बिल्कुल वही वैज्ञानिक सिद्धांत है जिसका उपयोग आप अपने टीवी या पुराने रेडियो में अपने पसंदीदा चैनल या स्टेशन को स्पष्ट रूप से ट्यून करने के लिए हर रोज करते हैं।
इसके अलावा, हम प्रत्यावर्ती धारा परिपथ में औसत शक्ति (Average Power), शक्ति गुणांक (Power Factor) और वाटहीन धारा (Wattless Current) की तार्किक अवधारणा को भी बहुत ही बारीकी से समझेंगे। चौक कुंडली (Choke Coil) का उपयोग करके बिना ऊर्जा नष्ट किए धारा को नियंत्रित करना 1 बहुत ही शानदार तकनीक है। अंत में, हम ट्रांसफार्मर (Transformer) की कार्यप्रणाली और उसके अन्योन्य प्रेरण के सिद्धांत का अध्ययन करेंगे। ट्रांसफार्मर ही वह जादुई उपकरण है जो प्रत्यावर्ती वोल्टेज को अपनी आवश्यकता के अनुसार आसानी से कम (Step-down) या ज्यादा (Step-up) कर सकता है। हम ट्रांसफार्मर में होने वाली विभिन्न ऊर्जा हानियों—जैसे भंवर धारा हानि, ताम्र हानि, फ्लक्स हानि और शैथिल्य हानि—और उन्हें कम करने के व्यावहारिक उपायों पर भी गहराई से चर्चा करेंगे।
आपकी बेहतरीन और 100 प्रतिशत मजबूत तैयारी सुनिश्चित करने के लिए, हमने इन सभी जटिल टॉपिक्स से चुनकर एकदम सटीक और परीक्षा-उपयोगी वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQs) तैयार किए हैं। ये प्रश्न आपको अपनी सैद्धांतिक अवधारणाओं को पूरी तरह से स्पष्ट करने में मदद करेंगे और फाइनल परीक्षा हॉल में आपके आत्मविश्वास में भारी वृद्धि करेंगे।
विशेषता: यह 1 3-Level आधारित यूनीक क्विज़ है। अगले स्तर (Level 2 और 3) को अनलॉक करने के लिए छात्रों को वर्तमान स्तर में कम से कम 70% अंक स्कोर करने होंगे, जो उनकी बोर्ड परीक्षा की तैयारी को 100% मजबूत बनाता है।
अध्याय के सभी प्रश्न (Revision Notes)
*नोट: यह सेक्शन रिवीजन के लिए है। अपना ज्ञान परखने के लिए ऊपर दिए गए क्विज़ में भाग लें।
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प्रत्यावर्ती धारा (AC) का शिखर मान (Peak value) और RMS मान में संबंध है?
A) Irms = I₀/√2 | B) Irms = I₀/2 | C) Irms = √2I₀ | D) Irms = 2I₀ -
भारत में घरों में प्रयुक्त होने वाली AC की आवृत्ति (Frequency) कितनी है?
A) 100 Hz | B) 60 Hz | C) 50 Hz | D) 0 Hz -
ट्रांसफॉर्मर (Transformer) किस धारा पर कार्य करता है?
A) केवल DC | B) केवल AC | C) दोनों AC व DC | D) कोई नहीं -
शुद्ध प्रतिरोध वाले AC परिपथ में शक्ति गुणांक (Power Factor) होता है?
A) 0 | B) 1 | C) 0.5 | D) अनंत -
दिष्ट धारा (DC) के लिए आवृत्ति का मान होता है?
A) 50 Hz | B) 60 Hz | C) शून्य | D) अनंत -
प्रेरणिक प्रतिघात (Inductive Reactance - X_L) का सूत्र है?
A) ωL | B) 1/ωL | C) L/ω | D) ω²L -
धारितीय प्रतिघात (Capacitive Reactance - X_C) का मात्रक क्या है?
A) हेनरी | B) फैराड | C) ओम | D) वोल्ट -
LCR परिपथ में प्रतिबाधा (Impedance) को किस अक्षर से दर्शाते हैं?
A) R | B) X | C) Z | D) Y -
अनुनाद (Resonance) की स्थिति में X_L और X_C में संबंध है?
A) X_L > X_C | B) X_L < X_C | C) X_L = X_C | D) X_L = 0 -
ऊँचाई ट्रांसफॉर्मर (Step-up Transformer) क्या बढ़ाता है?
A) धारा | B) वोल्टेज | C) शक्ति | D) आवृत्ति -
अपचायी ट्रांसफॉर्मर (Step-down Transformer) में द्वितीयक फेरों की संख्या (Ns):
A) Ns > Np | B) Ns < Np | C) Ns = Np | D) शून्य -
AC एम्पियर-मीटर धारा का कौन सा मान मापता है?
A) शिखर मान | B) औसत मान | C) वर्ग माध्य मूल मान | D) शून्य -
शक्ति गुणांक का अधिकतम मान कितना हो सकता है?
A) 0 | B) 1 | C) 100 | D) 0.5 -
ट्रांसफॉर्मर की क्रोड (Core) बनी होती है:
A) स्टील | B) नर्म लोहा (Soft Iron) | C) ताँबा | D) एल्युमिनियम -
दिष्टकारी (Rectifier) का उपयोग होता है:
A) AC को DC में बदलना | B) DC को AC में बदलना | C) वोल्टेज बढ़ाना | D) कोई नहीं -
एक पूर्ण चक्र के लिए प्रत्यावर्ती धारा का औसत मान होता है:
A) I₀/√2 | B) 2I₀/π | C) शून्य | D) शिखर मान -
शुद्ध प्रेरकत्व (Inductor) वाले परिपथ में धारा, वोल्टेज से:
A) 90° आगे है | B) 90° पीछे है | C) समान कला में है | D) 180° पीछे है -
शुद्ध संधारित्र (Capacitor) वाले परिपथ में धारा, वोल्टेज से:
A) 90° आगे है | B) 90° पीछे है | C) समान कला में है | D) 45° आगे है -
वाटहीन धारा (Wattless Current) कहाँ पाई जाती है?
A) शुद्ध प्रतिरोध में | B) शुद्ध प्रेरक या संधारित्र में | C) LCR परिपथ में | D) DC परिपथ में -
अनुनाद की स्थिति में परिपथ की प्रतिबाधा (Z) होती है:
A) अधिकतम | B) न्यूनतम | C) अनंत | D) शून्य -
चोक कुंडली (Choke Coil) का उपयोग धारा कम करने के लिए होता है:
A) शक्ति हानि के बिना | B) अधिक शक्ति हानि के साथ | C) केवल DC में | D) कोई नहीं -
ट्रांसफॉर्मर में ऊर्जा हानि का कारण है:
A) भँवर धाराएं | B) ताम्र हानि | C) शैथिल्य हानि | D) उपरोक्त सभी -
Q-कारक (Quality Factor) किसकी तीक्ष्णता को मापता है?
A) धारा की | B) अनुनाद की | C) वोल्टेज की | D) शक्ति की -
धारितीय प्रतिघात (X_C) आवृत्ति (f) के साथ कैसे बदलता है?
A) X_C ∝ f | B) X_C ∝ 1/f | C) X_C ∝ f² | D) स्वतंत्र -
प्रेरणिक प्रतिघात (X_L) आवृत्ति (f) के साथ कैसे बदलता है?
A) X_L ∝ f | B) X_L ∝ 1/f | C) नियत | D) शून्य -
शक्ति गुणांक (cosφ) का सूत्र है:
A) R/Z | B) Z/R | C) X/R | D) R/X -
DC परिपथ के लिए संधारित्र का प्रतिघात (X_C) होता है:
A) शून्य | B) अनंत | C) नियत | D) 1 ओम -
LC दोलन (LC Oscillations) में ऊर्जा का स्थानांतरण होता है:
A) विद्युत व चुंबकीय क्षेत्र के बीच | B) केवल विद्युत क्षेत्र में | C) केवल ऊष्मा में | D) कोई नहीं -
एक ट्रांसफॉर्मर की दक्षता (Efficiency) सामान्यतः होती है:
A) 10% | B) 50% | C) 90-99% | D) 100% -
श्रेणी LCR परिपथ में वोल्टेज और धारा के बीच कलांतर (Phase) निर्भर करता है:
A) केवल R पर | B) केवल L पर | C) R, L और C के मानों पर | D) आवृत्ति पर नहीं -
यदि AC वोल्टेज का शिखर मान 311V है, तो RMS मान क्या होगा?
A) 311V | B) 220V | C) 110V | D) 440V -
एक प्रतिरोध (10Ω) और प्रेरक (X_L=10Ω) श्रेणीक्रम में हैं, प्रतिबाधा (Z) होगी?
A) 20Ω | B) 14.14Ω | C) 10Ω | D) शून्य -
अनुनादी आवृत्ति (fr) का सही सूत्र है?
A) 1 / (2π√LC) | B) 2π√LC | C) √LC / 2π | D) 1 / (LC) -
60 Hz की AC के लिए धारा को शून्य से शिखर तक पहुँचने में समय लगेगा?
A) 1/60 s | B) 1/120 s | C) 1/240 s | D) 1/480 s -
एक कुंडली का स्व-प्रेरकत्व 0.1H है, 50Hz पर इसका प्रतिघात (X_L) होगा?
A) 31.4Ω | B) 314Ω | C) 10Ω | D) 50Ω -
एक आदर्श ट्रांसफॉर्मर के प्राथमिक में 100 और द्वितीयक में 200 फेरे हैं। Vp=10V है, तो Vs होगा?
A) 5V | B) 20V | C) 10V | D) 40V -
परिपथ में Irms = 5A और Vrms = 200V है। यदि cosφ = 0.8 है, तो औसत शक्ति होगी?
A) 1000W | B) 800W | C) 400W | D) 1250W -
यदि 100µF का संधारित्र 50Hz की लाइन से जुड़ा है, तो X_C होगा?
A) 31.8Ω | B) 318Ω | C) 10Ω | D) 63.6Ω -
एक परिपथ में धारा का समीकरण I = 10 sin(100πt) है। आवृत्ति क्या है?
A) 100 Hz | B) 50 Hz | C) 25 Hz | D) 10 Hz -
शुद्ध प्रेरकत्व परिपथ में औसत शक्ति क्षय (Average Power Loss) होता है:
A) VI | B) V²I | C) शून्य | D) 1/2 VI -
श्रेणी LCR परिपथ में 'अनुनाद' पर धारा का मान होता है:
A) न्यूनतम | B) अधिकतम | C) शून्य | D) नियत -
ट्रांसफॉर्मर का 'फेरा अनुपात' (Turns Ratio) k = 2 है, यदि Ip = 4A है, तो Is होगा?
A) 8A | B) 2A | C) 4A | D) 1A -
एक गरम तार (Hot wire) एम्पियर-मीटर किस पर आधारित है?
A) चुंबकीय प्रभाव | B) ऊष्मीय प्रभाव | C) रासायनिक प्रभाव | D) कोई नहीं -
शक्ति गुणांक शून्य होने पर परिपथ कहलाता है:
A) शुद्ध प्रतिरोधी | B) वाटहीन | C) उच्च शक्ति | D) DC -
L=2H, C=32µF वाले परिपथ की कोणीय अनुनादी आवृत्ति (ωr) है:
A) 125 rad/s | B) 250 rad/s | C) 100 rad/s | D) 500 rad/s
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