4. गतिमान आवेश और चुंबकत्व (Moving Charges and Magnetism)
इस पेज पर आपको 4. गतिमान आवेश और चुंबकत्व (Moving Charges and Magnetism) के सभी महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ), परीक्षा उपयोगी नोट्स और ऑनलाइन क्विज़ मिलेंगे। अपने ज्ञान का परीक्षण करने और बोर्ड/प्रतियोगी परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए मॉक टेस्ट में अवश्य भाग लें।
👉 अध्याय का सारांश (Summary)
प्रिय विद्यार्थियों, इस अध्याय में हम भौतिक विज्ञान की 1 अत्यंत ही रोमांचक और हमारे आधुनिक जीवन के अनगिनत उपकरणों को चलाने वाली शाखा 'गतिमान आवेश और चुंबकत्व' (Moving Charges and Magnetism) का बहुत ही विस्तार और गहराई से अध्ययन करेंगे। पिछले अध्यायों में हमने स्थिर आवेशों और उनकी वजह से उत्पन्न होने वाले वैद्युत क्षेत्र के बारे में पढ़ा था। लेकिन विज्ञान का असली जादू तब शुरू होता है जब ये वैद्युत आवेश गति करने लगते हैं। सन् 1820 में महान वैज्ञानिक हैंस क्रिश्चियन ओर्स्टेड ने 1 बहुत ही आश्चर्यजनक खोज की थी। उन्होंने देखा कि जब किसी तार में विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है, तो उसके पास रखी चुंबकीय सुई अचानक विक्षेपित हो जाती है। इस 1 छोटी सी घटना ने विज्ञान की दुनिया में 1 बहुत बड़ी क्रांति ला दी और यह सिद्ध कर दिया कि विद्युत और चुंबकत्व 2 अलग-अलग विषय नहीं हैं, बल्कि वे 1-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं।
विज्ञान को केवल किताबों में रटने के बजाय अगर हम अपने चारों ओर देखें, तो इसके व्यावहारिक उदाहरण हर जगह मौजूद हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि आपके घर की छत का पंखा, पानी खींचने वाली भारी मोटर या मिक्सर ग्राइंडर बिजली का स्विच ऑन करते ही इतनी तेज गति से कैसे घूमने लगते हैं? इसके पीछे यही 'गतिमान आवेश और चुंबकत्व' का विज्ञान काम कर रहा है। जब किसी चुंबकीय क्षेत्र में कोई धारावाही चालक (Current carrying conductor) रखा जाता है, तो उस पर 1 चुंबकीय बल लगता है जो उसे घुमाने का प्रयास करता है। इसी सिद्धांत पर हमारी सभी इलेक्ट्रिक मोटर काम करती हैं। इतना ही नहीं, चिकित्सा के आधुनिक क्षेत्र में उपयोग होने वाली विशालकाय एमआरआई (MRI) मशीनें भी इसी शक्तिशाली चुंबकीय क्षेत्र के सिद्धांत पर काम करती हैं और हमारे शरीर के अंदर की सटीक तस्वीरें खींचती हैं।
आगामी NCERT और RBSE बोर्ड परीक्षा के दृष्टिकोण से भौतिक विज्ञान का यह अध्याय अत्यधिक स्कोरिंग और अत्यंत महत्वपूर्ण है। बोर्ड परीक्षाओं में इस अध्याय से न केवल सीधे सैद्धांतिक प्रश्न पूछे जाते हैं, बल्कि बायो-सावर्ट के नियम और ऐम्पियर के नियम पर आधारित विश्लेषणात्मक और उच्च स्तरीय संख्यात्मक (Numerical) प्रश्न भी निश्चित रूप से हर साल पेपर में आते हैं। इस अध्याय के सफर में हम सबसे पहले 'बायो-सावर्ट का नियम' (Biot-Savart Law) को समझेंगे, जो हमें किसी भी धारावाही तार के कारण उत्पन्न होने वाले चुंबकीय क्षेत्र की सटीक गणितीय गणना करना सिखाता है। हम 1 वृत्ताकार धारावाही कुंडली के केंद्र और उसके अक्ष पर चुंबकीय क्षेत्र का सूत्र स्थापित करेंगे, जो परीक्षा के लिए बहुत अधिक महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही हम हेल्महोल्त्ज़ कुंडलियों के बारे में भी जानेंगे जो 1 समान चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करने के काम आती हैं।
अध्याय में थोड़ा और आगे बढ़ते हुए, हम 'ऐम्पियर का परिपथीय नियम' (Ampere's Circuital Law) का अध्ययन करेंगे। यह नियम बिल्कुल स्थिरवैद्युतिकी के गॉस के नियम जैसा है, जो जटिल आकृतियों जैसे अनंत लंबाई के सीधे तार, परिनालिका (Solenoid) और टोरॉइड (Toroid) के कारण चुंबकीय क्षेत्र निकालने का 1 बहुत ही आसान तरीका प्रदान करता है। इसके बाद हम 1 समान चुंबकीय क्षेत्र में गतिमान आवेश पर लगने वाले 'लॉरेंज बल' (Lorentz Force) की गणना करेंगे। हम यह भी जानेंगे कि साइक्लोट्रॉन (Cyclotron) जैसी भारी मशीनें कैसे काम करती हैं, जो प्रोटॉन या अल्फा कणों जैसे आवेशित कणों को अत्यंत उच्च ऊर्जा तक त्वरित करने के लिए उपयोग की जाती हैं। 2 समांतर धारावाही तारों के बीच लगने वाले चुंबकीय बल का अध्ययन करना भी बहुत रोचक है; इसी बल के आधार पर 'ऐम्पियर' की मानक अंतर्राष्ट्रीय परिभाषा तय की गई है। अंत में, हम 'चल कुंडली धारामापी' (Moving Coil Galvanometer) की सूक्ष्म कार्यप्रणाली को बारीकी से समझेंगे और सीखेंगे कि कैसे 1 छोटे से शंट प्रतिरोध का उपयोग करके इसे अमीटर (Ammeter) में और उच्च प्रतिरोध जोड़कर वोल्टमीटर (Voltmeter) में बदला जा सकता है।
आपकी बेहतरीन और 100 प्रतिशत मजबूत तैयारी सुनिश्चित करने के लिए, हमने इन सभी महत्वपूर्ण और जटिल टॉपिक्स से चुनकर एकदम सटीक और परीक्षा-उपयोगी वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQs) तैयार किए हैं। ये प्रश्न आपको न केवल अपनी सैद्धांतिक अवधारणाओं को पूरी तरह से स्पष्ट करने में मदद करेंगे, बल्कि फाइनल परीक्षा हॉल में आपके आत्मविश्वास, सटीकता और प्रश्नों को हल करने की गति में भी भारी वृद्धि करेंगे।
विशेषता: यह 1 3-Level आधारित यूनीक क्विज़ है। अगले स्तर (Level 2 और 3) को अनलॉक करने के लिए छात्रों को वर्तमान स्तर में कम से कम 70% अंक स्कोर करने होंगे, जो उनकी बोर्ड परीक्षा की तैयारी को 100% मजबूत बनाता है।
अध्याय के सभी प्रश्न (Revision Notes)
*नोट: यह सेक्शन रिवीजन के लिए है। अपना ज्ञान परखने के लिए ऊपर दिए गए क्विज़ में भाग लें।
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चुंबकीय क्षेत्र का मात्रक है?
A) टेस्ला | B) वेबर | C) एम्पियर | D) वोल्ट -
लॉरेंज बल का सूत्र है?
A) q(vB) | B) q(E + vxB) | C) ma | D) qv -
धारावाही चालक पर चुंबकीय बल है?
A) BIL sinθ | B) qvB | C) ma | D) IR -
बायो-सावर्ट नियम संबंधित है?
A) विद्युत क्षेत्र | B) चुंबकीय क्षेत्र | C) गुरुत्वाकर्षण | D) कोई नहीं -
एम्पियर का परिपथीय नियम है?
A) ∮B.dl = µ0I | B) V = IR | C) F = ma | D) Q = ne -
चुंबकीय क्षेत्र में गतिमान आवेश पर बल अधिकतम होता है जब कोण हो?
A) 0° | B) 45° | C) 90° | D) 180° -
चल कुंडली गैल्वेनोमीटर मापता है?
A) अल्प धारा | B) उच्च विभव | C) आवेश | D) प्रतिरोध -
परिनालिका (Solenoid) के भीतर चुंबकीय क्षेत्र होता है?
A) शून्य | B) एकरूप | C) अनंत | D) न्यूनतम -
दो समांतर तारों में समान दिशा में धारा होने पर बल होता है?
A) आकर्षण | B) प्रतिकर्षण | C) शून्य | D) अनिश्चित -
गैल्वेनोमीटर को एम्पियर-मीटर में बदलने हेतु जोड़ते हैं?
A) उच्च प्रतिरोध श्रेणी में | B) निम्न प्रतिरोध समांतर में | C) निम्न प्रतिरोध श्रेणी में | D) कोई नहीं -
गैल्वेनोमीटर को वोल्ट-मीटर में बदलने हेतु जोड़ते हैं?
A) उच्च प्रतिरोध श्रेणी में | B) निम्न प्रतिरोध समांतर में | C) शून्य प्रतिरोध | D) कोई नहीं -
चुंबकीय द्विध्रुव आघूर्ण (M) का मात्रक है?
A) A-m^2 | B) A/m | C) T-m | D) Wb -
साइक्लोट्रॉन का उपयोग त्वरित करने में होता है?
A) इलेक्ट्रॉन | B) भारी धन आयन | C) न्यूट्रॉन | D) अणु -
पृथ्वी के चुंबकीय ध्रुवों पर नमन कोण होता है?
A) 0° | B) 45° | C) 90° | D) 180° -
चुंबकीय फ्लक्स का मात्रक है?
A) वेबर | B) टेस्ला | C) एम्पियर | D) वाट -
निर्वात की चुंबकशीलता (µ0) का मान है?
A) 4π x 10^-7 | B) 9 x 10^9 | C) 1 | D) शून्य -
वृत्ताकार पाश के केंद्र पर चुंबकीय क्षेत्र (B) त्रिज्या (R) के?
A) समानुपाती | B) व्युत्क्रमानुपाती | C) वर्ग के समानुपाती | D) निर्भर नहीं -
चुंबकीय क्षेत्र में आवेश का पथ वृत्ताकार होता है यदि वेग क्षेत्र के?
A) समांतर हो | B) लंबवत हो | C) 45° पर हो | D) विपरीत हो -
शंट (Shunt) का प्रतिरोध होता है?
A) अत्यधिक | B) अल्प | C) शून्य | D) अनंत -
एक आदर्श वोल्टमीटर का प्रतिरोध होता है?
A) शून्य | B) अल्प | C) अनंत | D) 1000 ओम -
एकसमान चुंबकीय क्षेत्र में धारावाही पाश पर नेट बल होता है?
A) MB | B) शून्य | C) IAB | D) कोई नहीं -
चुंबकीय क्षेत्र रेखाएं बनाती हैं?
A) बंद लूप | B) खुला लूप | C) सीधी रेखा | D) कोई नहीं -
बायो-सावर्ट नियम में 'r' दूरी के साथ क्षेत्र बदलता है?
A) 1/r | B) 1/r^2 | C) 1/r^3 | D) r -
दो समांतर धाराओं में विपरीत दिशा में धारा होने पर बल है?
A) आकर्षण | B) प्रतिकर्षण | C) शून्य | D) अनंत -
गैल्वेनोमीटर की सुग्राहिता बढ़ाई जा सकती है?
A) फेरों की संख्या बढ़ाकर | B) क्षेत्र बढ़ाकर | C) A और B दोनों | D) क्षेत्र घटाकर -
चुंबकीय क्षेत्र एक राशि है?
A) अदिश | B) सदिश | C) टेन्सर | D) कोई नहीं -
चल कुंडली गैल्वेनोमीटर में प्रयुक्त चुंबक होते हैं?
A) नर्म लोहे के | B) अवतल बेलनाकार | C) सीधे | D) कोई नहीं -
टोराइड (Toroid) के भीतर चुंबकीय क्षेत्र होता है?
A) µ0nI | B) शून्य | C) अनंत | D) न्यूनतम -
धारा घनत्व (J) और क्षेत्र (B) में संबंध है?
A) B = µ0J | B) B ∝ J | C) नहीं है | D) B = J/µ0 -
चुंबकीय आघूर्ण की दिशा होती है?
A) S से N ध्रुव | B) N से S ध्रुव | C) ऊपर | D) नीचे -
2T क्षेत्र में 1m तार जिसमें 1A धारा है, पर बल (लंबवत)?
A) 1 N | B) 2 N | C) 0.5 N | D) शून्य -
10cm त्रिज्या के फेरे में 1A धारा है, केंद्र पर B होगा (µ0/2R)?
A) 2π x 10^-6 T | B) 4π x 10^-7 T | C) शून्य | D) 1 T -
दो तार 1m दूर हैं, प्रत्येक में 1A धारा है। 1m लंबाई पर बल?
A) 2 x 10^-7 N | B) 4 x 10^-7 N | C) 1 N | D) शून्य -
0.5T क्षेत्र में 10^6 m/s से लंबवत इलेक्ट्रॉन पर बल?
A) 8 x 10^-14 N | B) 1.6 x 10^-19 N | C) शून्य | D) 8 N -
100 फेरों वाली परिनालिका (1m) में 1A धारा है, भीतर B होगा?
A) 4π x 10^-5 T | B) 4π x 10^-7 T | C) शून्य | D) 100 T -
100 ओम गैल्वेनोमीटर को 1A मापने हेतु शंट (G=100, Ig=0.01)?
A) 1 ओम | B) 1.01 ओम | C) 0.1 ओम | D) 10 ओम -
एक आवेशित कण का वेग दोगुना करने पर वृत्ताकार पथ की त्रिज्या?
A) आधी | B) दोगुनी | C) समान | D) चार गुनी -
एक प्रोटॉन और α-कण समान वेग से क्षेत्र में प्रवेश करें तो त्रिज्या अनुपात ($r_p/r_alpha$)?
A) 1:1 | B) 1:2 | C) 2:1 | D) 1:4 -
धारावाही पाश (A=0.1m^2, I=10A) का चुंबकीय आघूर्ण?
A) 1 A-m^2 | B) 10 A-m^2 | C) 0.1 A-m^2 | D) शून्य -
यदि क्षेत्र B=0.5T और वेग v=10^4 m/s समांतर हों, तो बल होगा?
A) 5000 N | B) शून्य | C) 10^-15 N | D) अनंत -
वोल्टमीटर का परास बढ़ाने हेतु श्रेणी प्रतिरोध (R) का सूत्र है?
A) V/Ig - G | B) V/Ig + G | C) Ig/V | D) V.Ig -
साइक्लोट्रॉन आवृत्ति ($f$) निर्भर नहीं करती?
A) वेग पर | B) आवेश पर | C) द्रव्यमान पर | D) क्षेत्र पर -
अतिचालक पदार्थ चुंबकीय क्षेत्र को करते हैं?
A) आकर्षित | B) पूर्णतः प्रतिकर्षित (Meissner effect) | C) स्थिर | D) नष्ट -
चुंबकीय क्षेत्र में धारावाही कुंडली पर बलाघूर्ण है?
A) NIAB sinθ | B) IAB | C) शून्य | D) B/I -
न्यूनतम संभव चुंबकीय आघूर्ण (Bohr Magneton) का मान है?
A) 9.27 x 10^-24 | B) 1.6 x 10^-19 | C) 9.1 x 10^-31 | D) शून्य
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