2. शब्द शक्ति एवं अलंकार (Shabd Shakti Evam Alankar)
इस पेज पर आपको 2. शब्द शक्ति एवं अलंकार (Shabd Shakti Evam Alankar) के सभी महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ), परीक्षा उपयोगी नोट्स और ऑनलाइन क्विज़ मिलेंगे। अपने ज्ञान का परीक्षण करने और बोर्ड/प्रतियोगी परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए मॉक टेस्ट में अवश्य भाग लें।
👉 अध्याय का सारांश (Summary)
प्रिय विद्यार्थियों, कक्षा 12 अनिवार्य हिंदी व्याकरण के इस अत्यंत महत्वपूर्ण अध्याय में हम 'अलंकार' का सविस्तार और गहराई से अध्ययन करेंगे। यह अध्याय आपकी आगामी RBSE, UP Board और NCERT बोर्ड परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत स्कोरिंग है। 'अलंकार' शब्द दो शब्दों 'अलम्' (शोभा या आभूषण) और 'कार' (करने वाला) से मिलकर बना है। जिस प्रकार आभूषण (Jewelry) पहनने से एक स्त्री के शरीर की सुंदरता कई गुना बढ़ जाती है, ठीक उसी प्रकार काव्य या कविता में अलंकारों का प्रयोग करने से उसकी शब्दगत और अर्थगत सुंदरता में चमत्कारिक वृद्धि होती है। अलंकार कविता को प्रभावशाली, संगीतमय और आकर्षक बनाते हैं।
अलंकार मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं— शब्दालंकार और अर्थालंकार। जब कविता में शब्दों के प्रयोग के कारण कोई चमत्कार या सौंदर्य उत्पन्न होता है, तो उसे 'शब्दालंकार' कहते हैं। यदि आप उस शब्द को हटाकर उसका पर्यायवाची रख दें, तो चमत्कार खत्म हो जाएगा। इसके अंतर्गत अनुप्रास, यमक और श्लेष आते हैं। उदाहरण के लिए, 'कनक-कनक ते सौ गुनी' में 'कनक' शब्द दो बार आया है और दोनों बार अर्थ अलग है (धतूरा और सोना)। यदि हम एक कनक की जगह 'सोना' रख दें तो कविता की लय टूट जाएगी। इसके विपरीत, जब कविता में चमत्कार शब्दों के अर्थ पर निर्भर करता है, तो उसे 'अर्थालंकार' कहते हैं। इसमें उपमा, रूपक, उत्प्रेक्षा, अतिशयोक्ति और मानवीकरण प्रमुख हैं। दैनिक जीवन में जब आप किसी की तारीफ करते हुए कहते हैं 'तुम्हारा मुख चाँद सा सुंदर है', तो आप अनजाने में ही 'उपमा अलंकार' का प्रयोग कर रहे होते हैं।
विद्यार्थियों, परीक्षा में अलंकारों को पहचानने के लिए आपको उनकी सूक्ष्म बारीकियों को समझना होगा। जैसे उपमा में तुलना की जाती है (सा, सी, से), जबकि रूपक में उपमेय और उपमान को एक ही मान लिया जाता है (मैया मैं तो चंद्र-खिलौना लैहों)। इसी प्रकार उत्प्रेक्षा में संभावना व्यक्त की जाती है (मानो, जानो)। मानवीकरण अलंकार का प्रयोग आधुनिक और छायावादी कविताओं में बहुत होता है, जहाँ प्रकृति को इंसानों की तरह व्यवहार करते दिखाया जाता है (जैसे- मेघ आए बड़े बन-ठन के संवर के)।
हमने इस क्विज़ में पिछले वर्षों की बोर्ड परीक्षाओं में बार-बार पूछे गए सबसे महत्वपूर्ण काव्य पंक्तियों (उदाहरणों) का संकलन किया है। पहले स्तर में अलंकारों की परिभाषा और सरल उदाहरण हैं, दूसरे स्तर में थोड़े जटिल काव्य अंश हैं, और तीसरे स्तर में विभावना, विरोधाभास, भ्रांतिमान और व्यतिरेक जैसे उच्च स्तरीय अलंकारों का समावेश किया गया है जो आपको 100% अंक दिलाने में मदद करेंगे। इन प्रश्नों का अभ्यास करें और अपनी व्याकरणिक समझ को मजबूत बनाएं।
विशेषता: यह एक 3-Level आधारित यूनीक क्विज़ है। अगले स्तर (Level 2 और 3) को अनलॉक करने के लिए छात्रों को वर्तमान स्तर में कम से कम 70% अंक स्कोर करने होंगे, जो उनकी बोर्ड परीक्षा की तैयारी को 100% मजबूत बनाता है।
अध्याय के सभी प्रश्न (Revision Notes)
*नोट: यह सेक्शन रिवीजन के लिए है। अपना ज्ञान परखने के लिए ऊपर दिए गए क्विज़ में भाग लें।
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'अलंकार' शब्द का शाब्दिक अर्थ क्या होता है?
A) कविता | B) आभूषण (गहना) | C) रस | D) व्याकरण -
मुख्य रूप से अलंकार के कितने भेद माने गए हैं?
A) 2 (शब्दालंकार और अर्थालंकार) | B) 3 | C) 4 | D) 5 -
जहाँ एक ही वर्ण (Letter) की बार-बार आवृत्ति होती है, वहाँ कौन सा अलंकार होता है?
A) यमक अलंकार | B) अनुप्रास अलंकार | C) श्लेष अलंकार | D) रूपक अलंकार -
'चारु चंद्र की चंचल किरणें, खेल रही थीं जल-थल में' - प्रस्तुत पंक्ति में कौन सा अलंकार है?
A) अनुप्रास अलंकार | B) उपमा अलंकार | C) यमक अलंकार | D) अतिशयोक्ति अलंकार -
जहाँ एक शब्द एक से अधिक बार आए और हर बार उसका अर्थ अलग हो, वहाँ कौन सा अलंकार होता है?
A) श्लेष अलंकार | B) रूपक अलंकार | C) यमक अलंकार | D) उत्प्रेक्षा अलंकार -
'कनक-कनक ते सौ गुनी, मादकता अधिकाय' - इस पंक्ति में प्रयुक्त अलंकार कौन सा है?
A) अनुप्रास अलंकार | B) श्लेष अलंकार | C) यमक अलंकार | D) उपमा अलंकार -
'श्लेष' का शाब्दिक अर्थ क्या होता है?
A) चिपका हुआ (एक शब्द में कई अर्थ) | B) अलग-अलग होना | C) तुलना करना | D) बढ़ा-चढ़ा कर कहना -
जहाँ दो वस्तुओं में रूप, रंग या गुण के कारण समानता दिखाई जाए, वहाँ कौन सा अलंकार होता है?
A) यमक अलंकार | B) उपमा अलंकार | C) श्लेष अलंकार | D) रूपक अलंकार -
'पीपर पात सरिस मन डोला' - इस पंक्ति में कौन सा अलंकार है?
A) रूपक अलंकार | B) उपमा अलंकार | C) उत्प्रेक्षा अलंकार | D) मानवीकरण अलंकार -
उपमा अलंकार के मुख्य रूप से कितने अंग होते हैं?
A) 2 | B) 3 | C) 4 (उपमेय, उपमान, साधारण धर्म, वाचक शब्द) | D) 5 -
जिस व्यक्ति या वस्तु की तुलना की जाती है, उसे व्याकरण में क्या कहते हैं?
A) उपमान | B) उपमेय | C) वाचक शब्द | D) साधारण धर्म -
जिस प्रसिद्ध वस्तु से तुलना की जाती है, उसे क्या कहते हैं?
A) उपमेय | B) उपमान | C) वाचक शब्द | D) विशेषण -
'मैया मैं तो चंद्र-खिलौना लैहों' - इस पंक्ति में 'चंद्र' और 'खिलौना' को एक कर दिया गया है, यह कौन सा अलंकार है?
A) उपमा अलंकार | B) रूपक अलंकार | C) श्लेष अलंकार | D) यमक अलंकार -
जब निर्जीव वस्तुओं या प्रकृति पर मानवीय भावनाओं का आरोप किया जाता है, तो कौन सा अलंकार होता है?
A) मानवीकरण अलंकार | B) अतिशयोक्ति अलंकार | C) उत्प्रेक्षा अलंकार | D) अनुप्रास अलंकार -
'मेघ आए बड़े बन-ठन के संवर के' - प्रस्तुत पंक्ति में किस अलंकार का प्रयोग हुआ है?
A) रूपक अलंकार | B) उपमा अलंकार | C) मानवीकरण अलंकार | D) श्लेष अलंकार -
जहाँ किसी बात का इतना बढ़ा-चढ़ा कर वर्णन किया जाए कि लोक-सीमा टूट जाए, वहाँ कौन सा अलंकार होता है?
A) अतिशयोक्ति अलंकार | B) यमक अलंकार | C) विभावना अलंकार | D) विरोधाभास अलंकार -
'हनुमान की पूंछ में लगन न पाई आग, लंका सिगरी जल गई गए निशाचर भाग' - इसमें कौन सा अलंकार है?
A) मानवीकरण अलंकार | B) अतिशयोक्ति अलंकार | C) रूपक अलंकार | D) उत्प्रेक्षा अलंकार -
जहाँ उपमेय में उपमान की संभावना या कल्पना की जाए (मानो, जानो का प्रयोग हो), वहाँ कौन सा अलंकार होता है?
A) उत्प्रेक्षा अलंकार | B) उपमा अलंकार | C) रूपक अलंकार | D) श्लेष अलंकार -
इनमें से कौन सा शब्दालंकार (Shabdalankar) की श्रेणी में आता है?
A) उपमा | B) रूपक | C) अनुप्रास | D) उत्प्रेक्षा -
'सा, सी, से, सम, सरिस' आदि वाचक शब्दों का प्रयोग किस अलंकार की पहचान है?
A) यमक अलंकार | B) रूपक अलंकार | C) उत्प्रेक्षा अलंकार | D) उपमा अलंकार -
'मंगन को देखि पट देत बार-बार है' - इस पंक्ति में 'पट' शब्द के दो अर्थ (वस्त्र और दरवाजा) हैं। यहाँ कौन सा अलंकार है?
A) यमक अलंकार | B) श्लेष अलंकार | C) रूपक अलंकार | D) अनुप्रास अलंकार -
'काली घटा का घमंड घटा' - इस पंक्ति में 'घटा' शब्द दो बार आया है। यहाँ प्रयुक्त अलंकार की पहचान करें?
A) श्लेष अलंकार | B) यमक अलंकार | C) उपमा अलंकार | D) उत्प्रेक्षा अलंकार -
'हरिपद कोमल कमल से' - इसमें 'उपमान' कौन सा शब्द है?
A) हरिपद | B) कोमल | C) कमल | D) से -
'चरन-कमल बंदौ हरिराई' - इस काव्य पंक्ति में कौन सा अलंकार निहित है?
A) उपमा अलंकार | B) उत्प्रेक्षा अलंकार | C) रूपक अलंकार | D) श्लेष अलंकार -
'पायो जी मैंने राम-रतन धन पायो' - प्रस्तुत पंक्ति किस अलंकार का श्रेष्ठ उदाहरण है?
A) अनुप्रास अलंकार | B) यमक अलंकार | C) रूपक अलंकार | D) उपमा अलंकार -
'सोहत ओढ़े पीत पट, स्याम सलोने गात। मनहुँ नीलमनि सैल पर, आतप परयो प्रभात।' - इसमें कौन सा अलंकार है?
A) उत्प्रेक्षा अलंकार | B) उपमा अलंकार | C) रूपक अलंकार | D) अतिशयोक्ति अलंकार -
'फूल हँसे कलियाँ मुसकाईं' - इसमें प्रकृति का सजीव चित्रण है, अतः कौन सा अलंकार है?
A) मानवीकरण अलंकार | B) अतिशयोक्ति अलंकार | C) यमक अलंकार | D) श्लेष अलंकार -
'सुबरन को ढूँढत फिरत कवि, व्यभिचारी, चोर' - यहाँ 'सुबरन' के तीन अर्थ हैं। यह किस अलंकार का उदाहरण है?
A) यमक अलंकार | B) श्लेष अलंकार | C) अनुप्रास अलंकार | D) रूपक अलंकार -
जहाँ विरोध न होते हुए भी विरोध का आभास प्रतीत हो, वहाँ कौन सा अलंकार होता है?
A) विभावना अलंकार | B) विरोधाभास अलंकार | C) भ्रांतिमान अलंकार | D) संदेह अलंकार -
'या अनुरागी चित्त की गति समुझै नहिं कोय। ज्यों-ज्यों बूड़ै स्याम रंग, त्यों-त्यों उज्जवल होय।' - यहाँ कौन सा अलंकार है?
A) श्लेष अलंकार | B) विरोधाभास अलंकार | C) उपमा अलंकार | D) यमक अलंकार -
'देख लो साकेत नगरी है यही, स्वर्ग से मिलने गगन में जा रही' - यह किस अलंकार का उदाहरण है?
A) अतिशयोक्ति अलंकार | B) मानवीकरण अलंकार | C) उत्प्रेक्षा अलंकार | D) रूपक अलंकार -
'रघुपति राघव राजाराम' - इसमें किस वर्ण की आवृत्ति से अनुप्रास अलंकार बना है?
A) प | B) म | C) र | D) त -
'तीन बेर खाती थीं, वे तीन बेर खाती हैं' - इस पंक्ति में कौन सा अलंकार प्रयुक्त हुआ है?
A) श्लेष अलंकार | B) यमक अलंकार | C) अनुप्रास अलंकार | D) उपमा अलंकार -
जहाँ लगातार दो शब्द एक ही अर्थ में आएँ (जैसे: धीरे-धीरे, पल-पल), वहाँ कौन सा अलंकार होता है?
A) यमक अलंकार | B) पुनरुक्ति प्रकाश अलंकार | C) श्लेष अलंकार | D) रूपक अलंकार -
'मधुबन की छाती को देखो, सूखीं इसकी कितनी कलियाँ' - यहाँ 'कलियाँ' शब्द में कौन सा अलंकार छिपा है?
A) यमक अलंकार | B) श्लेष अलंकार | C) उपमा अलंकार | D) अतिशयोक्ति अलंकार -
'तरनि तनूजा तट तमाल तरुवर बहु छाए' - यह किस अलंकार का प्रसिद्ध उदाहरण है?
A) यमक अलंकार | B) अनुप्रास (वृत्यानुप्रास) अलंकार | C) श्लेष अलंकार | D) रूपक अलंकार -
रूपक अलंकार की सबसे बड़ी विशेषता क्या होती है?
A) उपमेय और उपमान में तुलना | B) उपमेय में उपमान का अभेद आरोप (दोनों को 1 मान लेना) | C) वाचक शब्दों का प्रयोग | D) शब्द की आवृत्ति -
'मानो, जानो, मनु, जनु' आदि शब्दों का प्रयोग मुख्य रूप से किस अलंकार में किया जाता है?
A) उत्प्रेक्षा अलंकार | B) उपमा अलंकार | C) रूपक अलंकार | D) यमक अलंकार -
'नदी उमड़ कर आई जैसे कोई नववधू हो' - इसमें कौन सा अलंकार स्पष्ट है?
A) मानवीकरण अलंकार | B) उत्प्रेक्षा अलंकार | C) यमक अलंकार | D) श्लेष अलंकार -
शब्दालंकार और अर्थालंकार के बीच मूल अंतर क्या है?
A) अक्षरों का | B) शब्दों का | C) चमत्कार शब्द में है या उसके अर्थ में | D) कोई अंतर नहीं है -
घबराहट, आश्चर्य, घृणा या आदर प्रकट करने के लिए शब्दों की आवृत्ति (जैसे: हा हा! इन्हें रोकन को टोक न लगावो तुम) किस अलंकार में होती है?
A) पुनरुक्ति प्रकाश | B) वीप्सा अलंकार | C) यमक अलंकार | D) लाटानुप्रास -
श्लेष अलंकार के मुख्य रूप से कौन से दो भेद होते हैं?
A) अभंग और सभंग श्लेष | B) प्रथम और द्वितीय श्लेष | C) उपमेय और उपमान | D) चारों विकल्प सही हैं -
'तुलसी मन-मंदिर में बिहरै' - इसमें 'मन' रूपी 'मंदिर' में कौन सा अलंकार प्रयुक्त हुआ है?
A) उपमा अलंकार | B) रूपक अलंकार | C) यमक अलंकार | D) उत्प्रेक्षा अलंकार -
'मानवीकरण' अलंकार का प्रयोग हिंदी साहित्य के किस युग की कविताओं में सबसे अधिक देखने को मिलता है?
A) भक्तिकाल | B) रीतिकाल | C) छायावाद और नई कविता | D) आदिकाल -
जहाँ कारण के न होने पर भी कार्य का होना पाया जाए (जैसे: बिनु पद चलै सुनै बिनु काना), वहाँ कौन सा अलंकार होता है?
A) विभावना अलंकार | B) विशेषोक्ति अलंकार | C) असंगति अलंकार | D) विरोधाभास अलंकार -
जहाँ उपमेय को उपमान से भी श्रेष्ठ (बड़ा) बता दिया जाए, वहाँ कौन सा अलंकार होता है?
A) प्रतीप अलंकार | B) व्यतिरेक अलंकार | C) रूपक अलंकार | D) उत्प्रेक्षा अलंकार -
'सिय मुख समता किमि करै चंद बापुरो रंक' - सीता जी के मुख को चाँद से भी श्रेष्ठ बताया गया है, अतः यहाँ कौन सा अलंकार है?
A) उपमा अलंकार | B) व्यतिरेक अलंकार | C) प्रतीप अलंकार | D) विभावना अलंकार -
जहाँ उपमा अलंकार को उल्टा कर दिया जाए (अर्थात उपमान को उपमेय और उपमेय को उपमान बना दिया जाए), उसे क्या कहते हैं?
A) रूपक अलंकार | B) व्यतिरेक अलंकार | C) प्रतीप अलंकार | D) श्लेष अलंकार -
'उसी तपस्वी से लंबे थे देवदार दो-चार खड़े' - इसमें देवदार (उपमान) की तुलना तपस्वी (उपमेय) से की गई है। यह कौन सा अलंकार है?
A) प्रतीप अलंकार | B) उपमा अलंकार | C) रूपक अलंकार | D) विभावना अलंकार -
जहाँ कारण के उपस्थित होने पर भी कार्य न हो (जैसे: नीर भरे नितप्रति रहें तऊ न प्यास बुझाय), वहाँ कौन सा अलंकार होता है?
A) विभावना अलंकार | B) विशेषोक्ति अलंकार | C) असंगति अलंकार | D) विरोधाभास अलंकार -
जहाँ एक वाक्य (बिंब) का समर्थन दूसरे वाक्य (प्रतिबिंब) द्वारा किया जाए (जैसे: एक म्यान में दो तलवारें कभी नहीं रह सकतीं), वहाँ कौन सा अलंकार है?
A) दृष्टांत अलंकार | B) श्लेष अलंकार | C) यमक अलंकार | D) उत्प्रेक्षा अलंकार -
जब किसी अप्रस्तुत (अन्य) के माध्यम से प्रस्तुत (मुख्य) बात कही जाए (जैसे: नहिं पराग नहिं मधुर मधु..), तो वह कौन सा अलंकार कहलाता है?
A) अन्योक्ति अलंकार | B) समासोक्ति अलंकार | C) अतिशयोक्ति अलंकार | D) विभावना अलंकार -
जहाँ सादृश्य के कारण एक वस्तु को दूसरी वस्तु समझ लिया जाए और वैसा ही व्यवहार किया जाए (पक्का भ्रम हो जाए), वह कौन सा अलंकार है?
A) संदेह अलंकार | B) भ्रांतिमान अलंकार | C) यमक अलंकार | D) उत्प्रेक्षा अलंकार -
'सारी बीच नारी है कि नारी बीच सारी है, सारी ही कि नारी है कि नारी ही कि सारी है' - यहाँ अंत तक दुविधा बनी है, यह कौन सा अलंकार है?
A) भ्रांतिमान अलंकार | B) संदेह अलंकार | C) विभावना अलंकार | D) विरोधाभास अलंकार -
'नाक का मोती अधर की कांति से, बीज दाड़िम का समझकर भ्रांति से' - यह किस अलंकार का अत्यंत प्रसिद्ध उदाहरण है?
A) संदेह अलंकार | B) भ्रांतिमान अलंकार | C) यमक अलंकार | D) श्लेष अलंकार -
जहाँ उपमेय का निषेध करके (मना करके) उस पर उपमान का आरोप किया जाए (जैसे: यह मुख नहीं, चंद्र है), वहाँ कौन सा अलंकार होता है?
A) अपह्नुति अलंकार | B) रूपक अलंकार | C) उत्प्रेक्षा अलंकार | D) व्यतिरेक अलंकार -
'दृग उरझत टूटत कुटुम, जुरत चतुर चित प्रीति' - यहाँ कारण कहीं और है (आँखें उलझना) और कार्य कहीं और (परिवार टूटना), यह कौन सा अलंकार है?
A) विभावना अलंकार | B) विशेषोक्ति अलंकार | C) असंगति अलंकार | D) विरोधाभास अलंकार -
अनुप्रास अलंकार के मुख्य रूप से कितने भेद माने गए हैं (जैसे छेकनुप्रास, वृत्यानुप्रास आदि)?
A) 2 | B) 3 | C) 4 | D) 5 -
'पूत कपूत तो क्यों धन संचय, पूत सपूत तो क्यों धन संचय' - जहाँ पूरा का पूरा वाक्य दोहराया जाए पर अर्थ में तात्पर्य भेद हो, वहाँ कौन सा अनुप्रास होता है?
A) वृत्यानुप्रास | B) लाटानुप्रास | C) छेकानुप्रास | D) श्रुत्यानुप्रास -
जब वक्ता द्वारा कहे गए शब्द का श्रोता जानबूझकर कोई दूसरा (व्यंग्यात्मक) अर्थ निकाल ले (जैसे: को तुम? हरि हैं। तो बानर को का काम?), वहाँ कौन सा अलंकार है?
A) वक्रोक्ति अलंकार | B) श्लेष अलंकार | C) यमक अलंकार | D) अनुप्रास अलंकार
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