15. श्रम विभाजन और जाति प्रथा (Shram Vibhajan Aur Jati Pratha)
इस पेज पर आपको 15. श्रम विभाजन और जाति प्रथा (Shram Vibhajan Aur Jati Pratha) के सभी महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ), परीक्षा उपयोगी नोट्स और ऑनलाइन क्विज़ मिलेंगे। अपने ज्ञान का परीक्षण करने और बोर्ड/प्रतियोगी परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए मॉक टेस्ट में अवश्य भाग लें।
👉 अध्याय का सारांश (Summary)
प्रिय विद्यार्थियों, कक्षा 12 अनिवार्य हिंदी की पाठ्यपुस्तक 'आरोह भाग 2' के इस अध्याय में हम आधुनिक भारत के निर्माता, संविधान के मुख्य शिल्पकार और महान समाज सुधारक डॉ. भीमराव अंबेडकर जी के प्रसिद्ध निबंध 'श्रम विभाजन और जाति प्रथा' का अध्ययन करेंगे। यह पाठ आपकी बोर्ड परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस निबंध में अंबेडकर जी ने जाति आधारित श्रम विभाजन पर कड़ा प्रहार किया है और सामाजिक न्याय की वकालत की है।
लेखक का कहना है कि जाति प्रथा श्रम विभाजन का ही नहीं, बल्कि श्रमिक विभाजन का भी रूप है। हमारे समाज में जाति के आधार पर काम का बँटवारा कर दिया गया है, जो न केवल अस्वाभाविक है बल्कि व्यक्ति की कार्यक्षमता और रुचि को भी खत्म कर देता है। जिस समाज में व्यक्ति को उसकी रुचि के अनुसार काम करने का अवसर नहीं मिलता, वह समाज कभी उन्नति नहीं कर सकता। इसे आप आज के आधुनिक करियर विकल्पों से जोड़कर देखें; आज एक डॉक्टर का बेटा डॉक्टर ही बने यह ज़रूरी नहीं, वह अपनी प्रतिभा के अनुसार इंजीनियर या कलाकार भी बन सकता है।
अंबेडकर जी का तर्क है कि 'आदर्श समाज' वह है जो स्वतंत्रता, समानता और भ्रातृत्व (भाईचारे) पर आधारित हो। उन्होंने स्पष्ट किया है कि लोकतंत्र का अर्थ केवल शासन प्रणाली नहीं, बल्कि समाज में सम्मिलित अनुभवों के आदान-प्रदान का नाम है। यदि हम समाज में लोगों को उनके जन्म के आधार पर नहीं, बल्कि उनकी योग्यता और रुचि के आधार पर काम करने दें, तो ही वास्तविक लोकतंत्र की स्थापना होगी। यह पाठ आपको जातिगत रूढ़ियों से ऊपर उठकर एक मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा देता है। बोर्ड परीक्षा में इस पाठ से वैचारिक और तथ्यात्मक दोनों प्रकार के प्रश्न पूछे जाते हैं।
विशेषता: यह एक 3-Level आधारित यूनीक क्विज़ है। अगले स्तर (Level 2 और 3) को अनलॉक करने के लिए छात्रों को वर्तमान स्तर में कम से कम 70% अंक स्कोर करने होंगे, जो उनकी बोर्ड परीक्षा की तैयारी को 100% मजबूत बनाता है।
अध्याय के सभी प्रश्न (Revision Notes)
*नोट: यह सेक्शन रिवीजन के लिए है। अपना ज्ञान परखने के लिए ऊपर दिए गए क्विज़ में भाग लें।
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'श्रम विभाजन और जाति प्रथा' निबंध के लेखक कौन हैं?
A) महात्मा गांधी | B) डॉ. भीमराव अंबेडकर | C) हजारी प्रसाद द्विवेदी | D) प्रेमचंद -
लेखक ने जाति प्रथा को किसका रूप माना है?
A) श्रम विभाजन का | B) श्रमिक विभाजन का | C) अ और ब दोनों | D) इनमें से कोई नहीं -
लेखक के अनुसार आदर्श समाज किस पर आधारित होना चाहिए?
A) स्वतंत्रता, समानता और भ्रातृत्व | B) केवल धन पर | C) केवल जाति पर | D) इनमें से कोई नहीं -
जाति प्रथा किस पर आधारित है?
A) योग्यता पर | B) रुचि पर | C) जन्म पर | D) मेहनत पर -
अंबेडकर जी ने लोकतंत्र का मूल तत्व किसे माना है?
A) शासन को | B) बहुमत को | C) साझे अनुभव और भाईचारे को | D) पैसों को -
जाति प्रथा मनुष्य को क्या कर देती है?
A) प्रतिभाशाली | B) रुचिहीन और मजबूर | C) अमीर | D) आज़ाद -
लेखक का दृष्टिकोण कैसा है?
A) रूढ़िवादी | B) आधुनिक और मानवतावादी | C) धार्मिक | D) स्वार्थी -
समाज में श्रम विभाजन का आधार क्या होना चाहिए?
A) जन्म | B) व्यक्ति की रुचि और योग्यता | C) जाति | D) वंश -
लोकतंत्र का मतलब केवल क्या नहीं है?
A) भाईचारा | B) शासन व्यवस्था | C) सेवा | D) सम्मान -
डॉ. अंबेडकर किस विचारधारा के समर्थक थे?
A) जातिवाद | B) समानता और लोकतंत्र | C) सामंतवाद | D) इनमें से कोई नहीं -
जाति प्रथा का श्रम विभाजन अस्वाभाविक क्यों है?
A) क्योंकि यह मनुष्य की रुचि पर आधारित नहीं है | B) क्योंकि यह बहुत महंगा है | C) क्योंकि यह सरल है | D) क्योंकि यह नया है -
अंबेडकर जी का मुख्य संघर्ष किस लिए था?
A) धन के लिए | B) सामाजिक न्याय और समानता के लिए | C) पद के लिए | D) राजनीति के लिए -
समाज में भ्रातृत्व का क्या अर्थ है?
A) समानता | B) भाईचारा और मिलजुल कर रहना | C) दुश्मनी | D) अलग रहना -
लेखक के अनुसार आधुनिक समाज क्या नहीं करता?
A) अध्ययन | B) विकास | C) कुशलता में वृद्धि | D) अन्याय को बढ़ावा -
जाति प्रथा का दूसरा नाम क्या है?
A) वर्ग विभाजन | B) श्रम विभाजन | C) कुप्रथा | D) इनमें से कोई नहीं -
क्या जाति प्रथा का आर्थिक आधार है?
A) नहीं | B) हाँ | C) शायद | D) पता नहीं -
लेखक का जन्म कब हुआ था?
A) 1891 | B) 1900 | C) 1910 | D) 1850 -
कौन सा समाज उन्नति करता है?
A) जो जाति मानता है | B) जो योग्यता को महत्व देता है | C) जो अमीर है | D) जो लड़ता है -
लेखक ने किसे 'दूषित' प्रथा माना है?
A) शिक्षा को | B) जाति प्रथा को | C) व्यापार को | D) खेती को -
अंबेडकर जी को किस नाम से जाना जाता है?
A) लोकनायक | B) संविधान निर्माता | C) शास्त्री जी | D) गांधी जी -
लेखक ने श्रम विभाजन और जाति प्रथा में क्या अंतर बताया है?
A) कोई अंतर नहीं है | B) श्रम विभाजन मनुष्य की रुचि पर आधारित है जबकि जाति प्रथा जन्म पर | C) दोनों जन्म पर आधारित हैं | D) दोनों गलत हैं -
जाति प्रथा को अस्वाभाविक क्यों कहा गया है?
A) क्योंकि यह जन्म के समय से ही काम का बँटवारा कर देती है | B) क्योंकि यह बहुत प्राचीन है | C) क्योंकि इसमें पैसा कम है | D) क्योंकि यह आसान है -
लोकतंत्र को साझा अनुभवों का आदान-प्रदान क्यों कहा गया है?
A) क्योंकि यह केवल चुनाव है | B) क्योंकि इसमें समाज के हर वर्ग के विचारों का सम्मान होता है | C) क्योंकि यह सस्ता है | D) क्योंकि यह पुराना है -
जाति प्रथा का सबसे बुरा परिणाम क्या है?
A) गरीबी | B) अछूतपन और प्रतिभा का हनन | C) महंगाई | D) अनपढ़ता -
लेखक के अनुसार 'स्वतंत्रता' का सही अर्थ क्या है?
A) अपनी मर्ज़ी से कुछ भी करना | B) बिना किसी भेदभाव के अपनी क्षमतानुसार विकास करना | C) पैसा कमाना | D) आराम करना -
लेखक ने आदर्श समाज को क्या नाम दिया है?
A) स्वतंत्र समाज | B) समतामूलक और लोकतांत्रिक समाज | C) अमीर समाज | D) जाति मुक्त समाज -
जाति प्रथा का आधुनिक समाज पर क्या प्रभाव पड़ा है?
A) विकास में बाधा | B) समानता आई है | C) कोई प्रभाव नहीं | D) खुशी आई है -
अंबेडकर जी के अनुसार श्रम विभाजन किसका परिणाम है?
A) ईश्वर का | B) इंसानी अज्ञानता और पूर्वाग्रहों का | C) प्रकृति का | D) विज्ञान का -
लेखक ने 'भ्रातृत्व' की तुलना किससे की है?
A) दुध और पानी के मिश्रण से | B) सोने से | C) पानी से | D) हवा से -
जाति प्रथा का आधार कैसा है?
A) वैज्ञानिक | B) अवैज्ञानिक और जन्मजात | C) तार्किक | D) समान -
लेखक के अनुसार श्रम विभाजन क्या नहीं होना चाहिए?
A) कुशलता के आधार पर | B) जाति पर आधारित | C) स्वैच्छिक | D) समान -
लोकतंत्र का क्या अर्थ है?
A) भीड़ तंत्र | B) समानता पर आधारित समाज | C) राजा का शासन | D) अमीर का शासन -
लेखक का दृष्टिकोण कैसा है?
A) दार्शनिक | B) समाज सुधारक | C) कवि | D) वैज्ञानिक -
जाति प्रथा का उन्मूलन क्यों आवश्यक है?
A) ताकि सब अमीर बन सकें | B) मानवीय गरिमा और विकास के लिए | C) पैसे के लिए | D) राजनीति के लिए -
क्या जन्म पर आधारित काम से मनुष्य खुश रह सकता है?
A) हाँ | B) नहीं | C) पता नहीं | D) शायद -
लेखक का 'आदर्श समाज' कैसा है?
A) स्वतंत्र, समतामूलक और बंधुत्वपूर्ण | B) केवल अमीर | C) केवल शिक्षित | D) केवल गाँव वाला -
जाति प्रथा क्या है?
A) पेशा | B) जन्मगत व्यवस्था | C) शिक्षा | D) खेल -
लेखक ने किसका खंडन किया है?
A) लोकतंत्र का | B) जातिवाद का | C) शिक्षा का | D) विज्ञान का -
क्या समाज का विकास संभव है?
A) हाँ, बिना भेदभाव के | B) नहीं | C) पता नहीं | D) शायद -
आंबेडकर जी की भाषा कैसी है?
A) कठिन | B) तार्किक और प्रखर | C) भावुक | D) साधारण -
लेखक ने जाति प्रथा को 'श्रमिक विभाजन' क्यों कहा है?
A) क्योंकि यह श्रम का नहीं, श्रमिकों का बँटवारा करती है | B) क्योंकि इसमें बहुत लोग लगते हैं | C) क्योंकि यह आसान है | D) क्योंकि यह नई है -
अंबेडकर जी का सामाजिक न्याय का सिद्धांत आज के संदर्भ में क्यों अनिवार्य है?
A) क्योंकि भेदभाव अभी भी मौजूद है | B) क्योंकि विकास रुक गया है | C) क्योंकि गरीबी है | D) इनमें से कोई नहीं -
आदर्श समाज में 'स्वतंत्रता' और 'समानता' का संबंध क्या है?
A) दोनों एक दूसरे के विरोधी हैं | B) स्वतंत्रता समानता के बिना नहीं हो सकती | C) समानता से स्वतंत्रता खत्म होती है | D) दोनों व्यर्थ हैं -
'श्रम विभाजन और जाति प्रथा' का मुख्य दर्शन क्या है?
A) जातिवाद का बचाव | B) मानवीय गरिमा और श्रम की महत्ता का समर्थन | C) पूंजीवाद का समर्थन | D) इनमें से कोई नहीं -
लेखक ने 'लोकतंत्र' को केवल एक चुनाव पद्धति मानने से इनकार क्यों किया है?
A) क्योंकि लोकतंत्र जीवन जीने का एक तरीका है | B) क्योंकि यह बहुत जटिल है | C) क्योंकि यह महंगा है | D) इनमें से कोई नहीं -
जाति प्रथा का व्यक्ति की मानसिक स्थिति पर क्या प्रभाव पड़ता है?
A) वह आत्मविश्वासी बनता है | B) वह हीन भावना से ग्रसित हो जाता है | C) वह धनी बनता है | D) कोई प्रभाव नहीं -
अंबेडकर जी के 'आदर्श समाज' में भ्रातृत्व (बंधुत्व) का क्या अर्थ है?
A) सबका साथ | B) समाज के सभी वर्गों के प्रति सम्मान और एकता | C) समान गोत्र | D) समान धर्म -
क्या जाति प्रथा आधुनिक युग के लिए अभिशाप है?
A) हाँ, विकास में बाधक है | B) नहीं | C) पता नहीं | D) शायद -
लेखक की प्रखरता किस बात में झलकती है?
A) तथ्यों के सही विश्लेषण में | B) तेज़ बोलने में | C) अमीर बनने में | D) लड़ाई में -
जाति प्रथा का उन्मूलन करने के लिए क्या आवश्यक है?
A) शिक्षा और सामाजिक चेतना | B) पैसे | C) राजनीति | D) दूरी बनाना -
अंबेडकर जी की दृष्टि में सच्चा लोकतंत्र क्या है?
A) चुनाव | B) समानता और न्याय का समाज | C) पूंजीवाद | D) तानाशाही -
क्या जाति आधारित श्रम विभाजन कुशलता बढ़ा सकता है?
A) हाँ | B) नहीं, क्योंकि यह अरुचि पैदा करता है | C) पता नहीं | D) शायद -
लेखक का मुख्य तर्क किस पर केंद्रित है?
A) विकास और समानता पर | B) अमीर बनने पर | C) धर्म पर | D) इनमें से कोई नहीं -
जाति प्रथा मनुष्य की स्वतंत्रता को कैसे नष्ट करती है?
A) पेशा चुनने की आज़ादी छीनकर | B) पढ़ने से रोककर | C) धन छीनकर | D) सब सही है -
क्या हम एक ऐसे समाज का निर्माण कर सकते हैं जहाँ जाति न हो?
A) हाँ, शिक्षा के माध्यम से | B) नहीं | C) पता नहीं | D) शायद
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