13. पहलवान की ढोलक (Pahalwan Ki Dholak)
इस पेज पर आपको 13. पहलवान की ढोलक (Pahalwan Ki Dholak) के सभी महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ), परीक्षा उपयोगी नोट्स और ऑनलाइन क्विज़ मिलेंगे। अपने ज्ञान का परीक्षण करने और बोर्ड/प्रतियोगी परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए मॉक टेस्ट में अवश्य भाग लें।
👉 अध्याय का सारांश (Summary)
प्रिय विद्यार्थियों, कक्षा 12 अनिवार्य हिंदी की पाठ्यपुस्तक 'आरोह भाग 2' के इस अध्याय 13 में हम हिंदी कथा साहित्य के आंचलिक उपन्यासकार फणीश्वरनाथ रेणु जी की अत्यंत मर्मस्पर्शी कहानी 'पहलवान की ढोलक' का अध्ययन करेंगे। यह कहानी आपकी आगामी NCERT और RBSE बोर्ड परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह कहानी केवल एक पहलवान के संघर्ष की नहीं, बल्कि व्यवस्था और समय के क्रूर प्रहार के विरुद्ध एक मनुष्य की अदम्य जिजीविषा और कला के प्रति उसके समर्पण की गाथा है।
कहानी का नायक लट्टन पहलवान है, जो अनाथ है और जवानी के कठिन दौर में कुश्ती को ही अपना धर्म मान लेता है। वह बिना किसी गुरु के केवल ढोलक की थाप को अपना गुरु मानकर कुश्ती सीखता है। लट्टन का मानना है कि ढोलक की आवाज ही उसे लड़ने की असीम शक्ति देती है। जब वह राजा के दरबार में चाँद सिंह जैसे नामी पहलवान को चुनौती देता है, तो उसकी जीत केवल शारीरिक शक्ति की नहीं, बल्कि ढोलक के प्रति उसके अटूट विश्वास की होती है। इसे आप आज के दौर में अपने किसी कठिन लक्ष्य को प्राप्त करने के जुनून से जोड़कर देख सकते हैं। जैसे ढोलक लट्टन के लिए ऊर्जा का स्रोत थी, वैसे ही आपका लक्ष्य आपके लिए प्रेरणा का स्रोत होना चाहिए।
कहानी का दूसरा और अधिक मार्मिक पक्ष वह है, जहाँ समय का पहिया उल्टा घूमता है। जब राजा की मृत्यु हो जाती है और नया राजकुमार विलायत (विदेश) से लौटता है, तो पहलवान और उसकी ढोलक की उपयोगिता खत्म हो जाती है। राजदरबार में उसे पदच्युत कर दिया जाता है। इसके बाद गाँव में महामारी (हैजा और मलेरिया) फैलती है, जहाँ मौत का सन्नाटा पसरा होता है। ऐसे में लट्टन पहलवान रात भर ढोलक बजाकर गाँव के मृतप्राय लोगों में जीने की एक नई आशा जगाता है। वह ढोलक की थाप से उन मरते हुए लोगों को मृत्यु से लड़ने की हिम्मत देता है। यह स्थिति हमें यह सिखाती है कि कला का असली अर्थ मनोरंजन करना नहीं, बल्कि कठिन समय में समाज को सहारा देना और साहस प्रदान करना है।
अध्याय का अंत बहुत ही करुण है। लट्टन पहलवान की मृत्यु भी उसी ढोलक की थाप के साथ होती है, जिसे उसने जीवन भर अपना सहारा माना था। लेखक ने यहाँ दिखाया है कि कैसे व्यवस्था और बदलता समय किसी कलाकार को हाशिए पर धकेल देता है, लेकिन वह कलाकार अपनी कला को मरने नहीं देता। यह कहानी आपको संवेदनशीलता, संघर्ष और कला के प्रति निष्ठा की सीख देती है।
विशेषता: यह एक 3-Level आधारित यूनीक क्विज़ है। अगले स्तर (Level 2 और 3) को अनलॉक करने के लिए छात्रों को वर्तमान स्तर में कम से कम 70% अंक स्कोर करने होंगे, जो उनकी बोर्ड परीक्षा की तैयारी को 100% मजबूत बनाता है।
अध्याय के सभी प्रश्न (Revision Notes)
*नोट: यह सेक्शन रिवीजन के लिए है। अपना ज्ञान परखने के लिए ऊपर दिए गए क्विज़ में भाग लें।
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'पहलवान की ढोलक' कहानी के लेखक कौन हैं?
A) प्रेमचंद | B) फणीश्वरनाथ रेणु | C) जैनेंद्र कुमार | D) अज्ञेय -
लट्टन पहलवान ने कुश्ती किससे सीखी थी?
A) किसी गुरु से | B) ढोलक की थाप को गुरु मानकर | C) पड़ोसी से | D) पुस्तक से -
पहलवान ने किस पहलवान को चुनौती दी थी?
A) सूरज सिंह | B) चाँद सिंह | C) भीम सिंह | D) शेर सिंह -
ढोलक की आवाज कैसी थी?
A) चटाक-चटाक | B) धाक-धिन | C) चटाक-धटा | D) धिन-धाक -
गाँव में कौन सी महामारी फैली थी?
A) कोरोना | B) हैजा और मलेरिया | C) प्लेग | D) कैंसर -
पहलवान के कितने बेटे थे?
A) 1 | B) 2 | C) 3 | D) 4 -
लट्टन की पत्नी का देहांत कब हुआ था?
A) शादी के बाद | B) बेटों के जन्म से पहले | C) बेटों के जन्म के बाद | D) कुश्ती जीतने के बाद -
गाँव में रात को ढोलक कौन बजाता था?
A) राजा | B) पहलवान | C) गाँव का मुखिया | D) कोई नहीं -
राजकुमार कहाँ से पढ़कर लौटा था?
A) भारत | B) विलायत | C) चीन | D) जापान -
पहलवान की ढोलक की आवाज कैसी थी?
A) डरावनी | B) संजीवनी शक्ति वाली | C) धीमी | D) बेसुरी -
पहलवान का गाँव कैसा था?
A) शहर | B) कस्बा | C) अंधेरा और सन्नाटा | D) खुशहाल -
पहलवान की ढोलक उसे क्या प्रदान करती थी?
A) शक्ति | B) भोजन | C) नींद | D) बीमारी -
पहलवान को राजदरबार से क्यों निकाला गया?
A) बुढ़ापे के कारण | B) नई व्यवस्था के कारण | C) लड़ाई के कारण | D) चोरी के कारण -
पहलवान ने अपने बेटों को कैसे पाला था?
A) पैसे देकर | B) कुश्ती सिखाकर | C) भीख मांगकर | D) सरकारी सहायता से -
कहानी का मुख्य रस क्या है?
A) वीर रस | B) करुण रस | C) हास्य रस | D) शांत रस -
'चटाक-धटा' का क्या तात्पर्य था?
A) अहंकार तोड़ना | B) प्रतिद्वंद्वी को हराना | C) जीतना | D) भागना -
लट्टन को क्या कहा जाता था?
A) राजा | B) शेर का बच्चा | C) हाथी | D) गधा -
ढोलक की आवाज का गाँव पर क्या असर पड़ता था?
A) नींद आ जाती थी | B) लोगों में लड़ने की हिम्मत आती थी | C) डर बढ़ जाता था | D) खाना खाने की इच्छा होती थी -
महामारी के समय ढोलक किसका प्रतीक थी?
A) खेल का | B) जीवनी शक्ति का | C) शादी का | D) पार्टी का -
राजा की मृत्यु के बाद कौन गद्दी पर बैठा?
A) सेनापति | B) राजकुमार | C) मंत्री | D) पहलवान -
पहलवान की ढोलक की आखिरी थाप कैसी थी?
A) जोरदार | B) धीमी और शांत | C) बेसुरी | D) डरावनी -
लट्टन पहलवान को कुश्ती की शिक्षा किसने दी?
A) किसी ने नहीं | B) राजा ने | C) गाँव के मुखिया ने | D) उसके पिता ने -
बेटों की मृत्यु पर पहलवान की प्रतिक्रिया क्या थी?
A) वह जोर से हँसा | B) वह रोया | C) वह चुपचाप सो गया | D) उसने ढोलक बजाना जारी रखा -
पहलवान की ढोलक ने गाँव वालों को क्या सिखाया?
A) भागना | B) मरना | C) संघर्ष करना | D) सोना -
कहानी का अंत कैसा है?
A) सुखद | B) दुखद | C) रोचक | D) साधारण -
राज दरबार में पहलवान का क्या काम था?
A) खाना पकाना | B) कुश्ती लड़ना | C) ढोलक बजाना | D) सफाई करना -
महामारी के दौरान लोग कहाँ रहते थे?
A) घरों में | B) बाजार में | C) खेतों में | D) जंगल में -
ढोलक की थाप किसका संगीत था?
A) शांति का | B) युद्ध का | C) विनाश का | D) खुशी का -
पहलवान का बेटा क्या करता था?
A) कुश्ती | B) पढ़ाई | C) ढोलक | D) खेती -
कहानी का उद्देश्य क्या है?
A) मनोरंजन करना | B) कला का महत्व और व्यवस्था की क्रूरता दिखाना | C) पहलवान की प्रशंसा करना | D) गांव का विकास दिखाना -
लट्टन पहलवान की ढोलक किसका प्रतीक है?
A) शक्ति और हिम्मत का | B) मनोरंजन का | C) भोजन का | D) अहंकार का -
कहानी में 'व्यवस्था की क्रूरता' कहाँ दिखाई देती है?
A) पहलवान को दरबार से निकालना | B) महामारी में ढोलक बजाना | C) कुश्ती जीतना | D) बेटों की मृत्यु -
पहलवान का संघर्ष किस स्तर पर था?
A) शारीरिक | B) मानसिक | C) भावनात्मक और सामाजिक | D) चारों विकल्प सही हैं -
क्या ढोलक की थाप सचमुच महामारी को भगा सकती थी?
A) हाँ | B) नहीं, लेकिन वह लड़ने का हौसला देती थी | C) विज्ञान का प्रभाव | D) अंधविश्वास -
पहलवान के चरित्र की सबसे बड़ी विशेषता क्या थी?
A) लालच | B) आत्म-सम्मान और दृढ़ता | C) डर | D) कायरता -
लेखक ने 'पहलवान की ढोलक' को क्यों लिखा?
A) समाज की विडंबना और मानवीय साहस दिखाने के लिए | B) केवल कहानी सुनाने के लिए | C) पहलवान को महान बनाने के लिए | D) ढोलक बेचने के लिए -
कहानी में मौत का सन्नाटा किस बात को दर्शाता है?
A) महामारी की भयावहता को | B) लोगों की शांति को | C) विकास को | D) शादी के माहौल को -
पहलवान ने अपने बेटों की मौत पर क्या कहा था?
A) भगवान की मर्जी | B) वे बहादुर थे, बहादुरों की मौत हुई | C) मैं हार गया | D) सब खत्म हो गया -
नई व्यवस्था ने कला का क्या किया?
A) विकास | B) अपमान और हाशिए पर धकेला | C) मदद की | D) संरक्षण दिया -
कहानी के अंत में ढोलक की थाप रुकना किसका प्रतीक है?
A) पहलवान की मृत्यु का | B) सफाई का | C) ढोलक खराब होने का | D) रात खत्म होने का -
क्या लट्टन एक सच्चा कलाकार था?
A) हाँ | B) नहीं | C) वह सिर्फ एक खिलाड़ी था | D) वह केवल एक ढोलकिया था -
समाज के लिए पहलवान का क्या योगदान था?
A) कोई नहीं | B) मुश्किल समय में जीने का साहस देना | C) पैसे दान करना | D) अनाज देना -
पहलवान की जीत और हार किसकी जीत और हार थी?
A) ढोलक की | B) गाँव की | C) पहलवान की | D) सबकी -
महामारी के समय ढोलक किसका संगीत था?
A) मौत का | B) जीवन का | C) शादी का | D) खेल का -
कहानी का संदेश क्या है?
A) कला हमेशा जीवित रहती है | B) व्यवस्था बदलती है लेकिन संघर्ष जारी रहता है | C) पहलवान अमर हैं | D) चारों विकल्प सही हैं
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