1. आत्मपरिचय और एक गीत
इस पेज पर आपको 1. आत्मपरिचय और एक गीत के सभी महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ), परीक्षा उपयोगी नोट्स और ऑनलाइन क्विज़ मिलेंगे। अपने ज्ञान का परीक्षण करने और बोर्ड/प्रतियोगी परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए मॉक टेस्ट में अवश्य भाग लें।
👉 अध्याय का सारांश (Summary)
प्रिय विद्यार्थियों, कक्षा 12 अनिवार्य हिंदी की पाठ्यपुस्तक 'आरोह भाग 2' के इस प्रथम अध्याय में हम हिंदी साहित्य के उत्तर छायावाद काल के प्रमुख हस्ताक्षर और 'हालावाद' के प्रवर्तक, प्रसिद्ध कवि हरिवंश राय बच्चन जी की दो अत्यंत मार्मिक और विश्वप्रसिद्ध रचनाओं— 'आत्मपरिचय' और 'एक गीत' (दिन जल्दी-जल्दी ढलता है) का विस्तृत और गहराई से अध्ययन करेंगे। यह अध्याय आपकी आगामी बोर्ड परीक्षा (NCERT, RBSE, UP Board) की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसलिए इसे केवल परीक्षा पास करने के उद्देश्य से रटने के बजाय, इसके साहित्यिक सौंदर्य और जीवन दर्शन के मूल भाव को समझना नितांत आवश्यक है।
कवि बच्चन जी ने अपनी उत्कृष्ट कविता 'आत्मपरिचय' में अपने और इस भौतिक संसार के बीच के द्वंद्वात्मक, जटिल परंतु प्रेमपूर्ण संबंधों को बहुत ही बारीकी से उजागर किया है। एक व्यक्ति का अपने समाज से नाता खट्टा-मीठा होता है। हम दुनिया से पूरी तरह कटकर एकांत में नहीं रह सकते, लेकिन यह सत्य भी है कि यह दुनिया हमें पूरी तरह से अपनी शर्तों और नियमों के अनुसार निर्बाध रूप से जीने भी नहीं देती। कवि स्पष्ट रूप से कहते हैं कि वे इस जग-जीवन का भार लिए फिरते हैं, फिर भी उनके जीवन में असीम प्यार भरा हुआ है। यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे हमारे दैनिक जीवन में हमें परिवार और समाज की कई भारी जिम्मेदारियाँ निभानी पड़ती हैं, जो कभी-कभी मानसिक रूप से बोझिल लग सकती हैं, लेकिन अपनों का निस्वार्थ प्रेम हमें निरंतर आगे बढ़ने की असीम ऊर्जा देता है। कवि दुनिया की परवाह न करते हुए 'स्नेह-सुरा' (प्रेम रूपी मदिरा) का पान करता है। यह दुनिया केवल उन्हीं की जय-जयकार करती है जो इसके बनाए नियमों पर चलते हैं या इसकी चापलूसी करते हैं, लेकिन कवि अपने सपनों का एक अलग, प्रेममयी और स्वतंत्र संसार रचता है और उसी में पूर्णतया मगन रहता है।
इस अध्याय की दूसरी मार्मिक कविता 'एक गीत' (दिन जल्दी-जल्दी ढलता है) उनके प्रसिद्ध 'निशा निमंत्रण' काव्य संग्रह से उद्धृत है। यह एक प्रेम गीत है जो समय की परिवर्तनशीलता, गतिशीलता और जीवन की क्षणभंगुरता को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से दर्शाता है। इसमें यह गहन संदेश छिपा है कि जीवन रूपी लक्ष्य की ओर बढ़ते किसी भी यात्री को जब अपनी मंजिल समीप दिखाई देती है, तो उसके कदमों में अप्रत्याशित तेजी आ जाती है। कवि ने इसे चिड़ियों के एक बहुत ही सुंदर और व्यावहारिक प्राकृतिक उदाहरण से समझाया है। शाम ढलते ही आसमान में उड़ते पक्षियों को अपने घोंसलों (नीड़ों) में इंतज़ार कर रहे भूखे बच्चों की याद आती है, जिससे उनके थके हुए पंखों में अचानक एक नई चंचलता और स्फूर्ति आ जाती है। आप इसे अपनी बोर्ड परीक्षा की तैयारी के उत्कृष्ट उदाहरण से जोड़कर देख सकते हैं; जैसे-जैसे आपकी अंतिम परीक्षा की तिथि नजदीक आती जाती है, आपकी पढ़ाई, मेहनत और प्रयास की गति भी स्वतः तेज हो जाती है, क्योंकि आप जानते हैं कि समय (दिन) बहुत जल्दी-जल्दी ढल रहा है।
किंतु, इसी कविता के अंतिम और अत्यंत भावुक पद में कवि अपनी व्यक्तिगत पीड़ा, पत्नी वियोग और गहरे एकाकीपन को भी व्यक्त करते हैं। वे निराशा के साथ कहते हैं कि इस विशाल दुनिया में उनका इंतज़ार करने वाला कोई अपना नहीं है, इसलिए उनके कदमों में कोई तेजी या उत्साह नहीं आता, बल्कि उनके हृदय में एक अजीब सी व्याकुलता और उदासी भर जाती है। कुल मिलाकर, यह कविता प्रेम की उस अदृश्य शक्ति को रेखांकित करती है, जो जीवन को निरंतर गतिमान बनाए रखती है। इस अध्याय के गहन अध्ययन के माध्यम से आप जीवन के यथार्थ, प्रेम की असीम आवश्यकता और समय के बहुमूल्य महत्व को गहराई से समझ सकेंगे।
विशेषता: यह एक 3-Level आधारित यूनीक क्विज़ है। अगले स्तर (Level 2 और 3) को अनलॉक करने के लिए छात्रों को वर्तमान स्तर में कम से कम 70% अंक स्कोर करने होंगे, जो उनकी बोर्ड परीक्षा की तैयारी को 100% मजबूत बनाता है।
अध्याय के सभी प्रश्न (Revision Notes)
*नोट: यह सेक्शन रिवीजन के लिए है। अपना ज्ञान परखने के लिए ऊपर दिए गए क्विज़ में भाग लें।
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'आत्मपरिचय' कविता के रचयिता कौन हैं?
A) जयशंकर प्रसाद | B) सूर्यकांत त्रिपाठी निराला | C) हरिवंश राय बच्चन | D) महादेवी वर्मा -
कवि जीवन में किसका भार लिए फिरता है?
A) अपने परिवार का | B) जग-जीवन का | C) अतीत की यादों का | D) अपनी असफलताओं का -
'दिन जल्दी-जल्दी ढलता है' कविता किस काव्य संग्रह से ली गई है?
A) मधुशाला | B) निशा निमंत्रण | C) मधुबाला | D) सतरंगिनी -
कवि किस सुरा (मदिरा) का पान करता है?
A) अंगूर की सुरा | B) ज्ञान की सुरा | C) स्नेह-सुरा | D) घमंड की सुरा -
कवि कैसा संसार लिए फिरता है?
A) स्वप्नों का संसार | B) यथार्थ का संसार | C) दुखों का संसार | D) अमीरी का संसार -
कवि दुनिया की परवाह क्यों नहीं करता?
A) क्योंकि वह स्वार्थी है | B) क्योंकि वह अपनी ही धुन और प्रेम में मस्त है | C) क्योंकि वह सबसे नाराज है | D) क्योंकि उसे दुनिया से डर लगता है -
शाम होने पर पथिक को किस बात का डर सताता है?
A) रास्ते में रात हो जाने का | B) लुट जाने का | C) भटक जाने का | D) थक जाने का -
बच्चे कहाँ से झाँक रहे होंगे?
A) खिड़की से | B) दरवाजे से | C) नीड़ों (घोंसलों) से | D) छत से -
कवि के हृदय में कैसे भाव उत्पन्न होते हैं?
A) क्रोध के भाव | B) उद्गार और उपहार के भाव | C) बदले के भाव | D) उदासी के भाव -
चिड़ियों के परों (पंखों) में चंचलता कौन भरता है?
A) हवा का झोंका | B) शिकारी का डर | C) बच्चों का ध्यान | D) भोजन की तलाश -
'मैं और, और जग और, कहाँ का नाता' पंक्ति में कौन सा अलंकार प्रयुक्त हुआ है?
A) अनुप्रास अलंकार | B) श्लेष अलंकार | C) यमक अलंकार | D) रूपक अलंकार -
कवि के रोने को संसार क्या समझता है?
A) कायरता | B) छंद बनाना (गाना) | C) पागलपन | D) सहानुभूति -
'दिन जल्दी-जल्दी ढलता है' इस पंक्ति में कौन सा अलंकार है?
A) पुनरुक्ति प्रकाश अलंकार | B) उपमा अलंकार | C) उत्प्रेक्षा अलंकार | D) अतिशयोक्ति अलंकार -
'स्नेह-सुरा' शब्द का सटीक अर्थ क्या है?
A) शराब की बोतल | B) प्रेम रूपी मदिरा | C) मीठा जल | D) मित्रता का भाव -
कवि को कैसा संसार बिल्कुल नहीं भाता है?
A) गरीब संसार | B) अपूर्ण संसार | C) झूठा संसार | D) आधुनिक संसार -
पथ पर चलने वाले मुसाफिर को अपनी मंजिल कैसी लगने लगती है?
A) बहुत दूर | B) समीप | C) असंभव | D) अनजान -
'मुझसे मिलने को कौन विकल' इस पंक्ति में कवि का कौन सा भाव प्रकट हुआ है?
A) उत्साह का भाव | B) क्रोध का भाव | C) एकाकीपन और निराशा का भाव | D) अहंकार का भाव -
संसार के लोग किसकी जय-जयकार करते हैं?
A) ईमानदार लोगों की | B) जो संसार के अनुसार चलते हैं | C) जो सबसे अलग चलते हैं | D) जो शांत रहते हैं -
कवि के पैरों में शिथिलता (सुस्ती) क्यों आ जाती है?
A) क्योंकि वह थक गया है | B) क्योंकि उसका कोई इंतजार नहीं कर रहा है | C) क्योंकि रास्ता खराब है | D) क्योंकि रात हो गई है -
'भव-सागर' शब्द में कौन सा अलंकार है?
A) यमक अलंकार | B) उपमा अलंकार | C) रूपक अलंकार | D) श्लेष अलंकार -
'मैं जलाव हृदय में अग्नि, दहा करता हूँ' - इस पंक्ति में 'अग्नि' किसका प्रतीक है?
A) क्रोध की आग | B) विरह वेदना और प्रेम की आग | C) ईर्ष्या की आग | D) ज्ञान की आग -
हरिवंश राय बच्चन की कविता 'आत्मपरिचय' मुख्य रूप से किस साहित्यिक दर्शन से प्रभावित है?
A) रहस्यवाद | B) छायावाद | C) हालावाद | D) प्रगतिवाद -
कवि 'शीतल वाणी में आग' लिए फिरने की बात क्यों कहता है?
A) क्योंकि उसकी आवाज खराब है | B) क्योंकि उसके शब्द शांत हैं पर विचारों में क्रांति और प्रेम की तड़प है | C) क्योंकि वह लोगों को डराना चाहता है | D) क्योंकि उसे गुस्सा जल्दी आता है -
'दिन जल्दी-जल्दी ढलता है' कविता में समय की प्रकृति को कैसा माना गया है?
A) स्थिर | B) परिवर्तनशील और गतिमान | C) रुका हुआ | D) अनिश्चित -
कवि 'दीवानों का वेश' क्यों लिए फिरता है?
A) पागल हो जाने के कारण | B) गरीबी के कारण | C) प्रेम में सर्वस्व अर्पण कर मस्त रहने के कारण | D) संसार को धोखा देने के लिए -
'यौवन का उन्माद' से कवि का क्या आशय है?
A) युवावस्था का पागलपन | B) युवावस्था का जोश और प्रेम की दीवानगी | C) बुढ़ापे का डर | D) बचपन की यादें -
'मैं निज रोदन में राग लिए फिरता हूँ' - इस काव्य पंक्ति में कौन सा अलंकार निहित है?
A) विरोधाभास अलंकार | B) अनुप्रास अलंकार | C) दृष्टांत अलंकार | D) व्यतिरेक अलंकार -
कवि ने स्वयं को दुनिया का क्या माना है?
A) एक महान उपदेशक | B) एक नया दीवाना | C) एक दुखी इंसान | D) एक कठोर व्यक्ति -
'मंजिल भी तो है दूर नहीं' - यह विचार किसके मन में चल रहा है?
A) कवि के मन में | B) चिड़िया के मन में | C) पंथी या राही के मन में | D) बच्चों के मन में -
बच्चे नीड़ों से क्यों झाँक रहे होंगे, इसका सबसे गहरा मनोवैज्ञानिक कारण क्या है?
A) खेलने के लिए | B) माता-पिता के लौटने और भोजन की सुरक्षित प्रत्याशा में | C) आसमान देखने के लिए | D) उड़ने की चाह में
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