14. भू-संसाधन तथा कृषि (Land Resources and Agriculture)
इस पेज पर आपको 14. भू-संसाधन तथा कृषि (Land Resources and Agriculture) के सभी महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ), परीक्षा उपयोगी नोट्स और ऑनलाइन क्विज़ मिलेंगे। अपने ज्ञान का परीक्षण करने और बोर्ड/प्रतियोगी परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए मॉक टेस्ट में अवश्य भाग लें।
👉 अध्याय का सारांश (Summary)
प्रिय विद्यार्थियों, इस अध्याय में हम भारत के 'भू-संसाधन तथा कृषि' का विस्तार से अध्ययन करेंगे। किसी भी देश के लिए भूमि एक अत्यंत महत्वपूर्ण संसाधन है, विशेषकर भारत जैसे कृषि प्रधान देश के लिए जहाँ आज भी आधी से अधिक जनसंख्या आजीविका के लिए सीधे तौर पर भूमि पर निर्भर है। भारत में भू-उपयोग संबंधी रिकॉर्ड राजस्व विभाग द्वारा रखे जाते हैं। भू-उपयोग को मुख्य रूप से वनों के अधीन क्षेत्र, बंजर तथा कृषि अयोग्य भूमि, गैर-कृषि कार्यों में प्रयुक्त भूमि, स्थायी चरागाह, विविध तरु फसलों, कृषि योग्य व्यर्थ भूमि, वर्तमान परती, पुरातन परती और निवल बोए गए क्षेत्र में वर्गीकृत किया गया है। समय के साथ अर्थव्यवस्था के आकार और संरचना में बदलाव के कारण गैर-कृषि कार्यों (जैसे बस्तियों और उद्योगों) के लिए भूमि का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है, जिससे कृषि भूमि पर भारी दबाव पड़ रहा है। साझा संपत्ति संसाधन वे भूमियां हैं जिन पर किसी एक व्यक्ति का नहीं बल्कि पूरी ग्राम पंचायत या सरकार का अधिकार होता है, ये ग्रामीण गरीबों के लिए चारे और ईंधन का मुख्य स्रोत हैं।
भारत में मुख्य रूप से तीन फसल रितुएं होती हैं: खरीफ, रबी और जायद। खरीफ की फसलें दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन (जून-जुलाई) के साथ बोई जाती हैं, जिनमें चावल, कपास, जूट, ज्वार और बाजरा प्रमुख हैं। रबी की फसलें सर्दियों (अक्टूबर-नवंबर) में बोई जाती हैं, जिनमें गेहूं, चना और सरसों प्रमुख हैं। इन दोनों के बीच गर्मियों के छोटे मौसम में जायद की फसलें उगाई जाती हैं, जिनमें तरबूज, खीरा और सब्जियां शामिल हैं। सिंचाई के आधार पर कृषि को सिंचित कृषि और बारानी (वर्षा निर्भर) कृषि में बांटा गया है। भारत विश्व में चावल, गेहूं, कपास और जूट का प्रमुख उत्पादक देश है।
भारतीय कृषि के इतिहास में 1960 का दशक एक बड़ा मील का पत्थर साबित हुआ जब देश में 'हरित क्रांति' की शुरुआत हुई। अधिक उपज देने वाले बीजों, रासायनिक उर्वरकों और सिंचाई के साधनों के प्रयोग से गेहूं और चावल के उत्पादन में भारी वृद्धि हुई। पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश इसके प्रमुख लाभार्थी रहे। हालांकि, हरित क्रांति ने देश को खाद्यान्न में आत्मनिर्भर तो बनाया, लेकिन इसके कारण क्षेत्रीय असमानताएं बढ़ीं और मिट्टी में लवणता एवं भूजल स्तर के गिरने जैसी गंभीर पर्यावरणीय समस्याएं भी उत्पन्न हुईं।
आज भी भारतीय कृषि कई गंभीर समस्याओं से जूझ रही है। अनियमित मानसून पर अत्यधिक निर्भरता के कारण इसे 'मानसून का जुआ' कहा जाता है। इसके अलावा, जोतों का छोटा और विखंडित आकार, कृषि का वाणिज्यीकरण न होना, किसानों की भारी ऋणग्रस्तता, अल्प-रोजगार, और भूमि सुधारों की विफलता जैसी समस्याएं कृषि के विकास में बड़ी बाधाएं हैं। लगातार रासायनिक उर्वरकों के उपयोग से कृषि योग्य भूमि का निम्नीकरण हो रहा है। इन चुनौतियों से निपटने के लिए सतत पोषणीय कृषि और आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों का उपयोग समय की सबसे बड़ी मांग है।
विशेषता: यह एक 3-Level आधारित यूनीक क्विज़ है। अगले स्तर को अनलॉक करने के लिए छात्रों को वर्तमान स्तर में कम से कम 70% अंक स्कोर करने होंगे, जो उनकी बोर्ड परीक्षा की तैयारी को 100% मजबूत बनाता है।
अध्याय के सभी प्रश्न (Revision Notes)
*नोट: यह सेक्शन रिवीजन के लिए है। अपना ज्ञान परखने के लिए ऊपर दिए गए क्विज़ में भाग लें।
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भारत में भू-उपयोग संबंधी रिकॉर्ड किस विभाग द्वारा रखे जाते हैं?
A) कृषि विभाग | B) राजस्व विभाग | C) सिंचाई विभाग | D) वन विभाग -
भारत में मुख्य रूप से कितनी फसल रितुएं पाई जाती हैं?
A) दो | B) तीन | C) चार | D) पांच -
दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन के साथ बोई जाने वाली फसलों को क्या कहा जाता है?
A) रबी की फसलें | B) जायद की फसलें | C) खरीफ की फसलें | D) बागानी फसलें -
निम्नलिखित में से कौन सी एक खरीफ की प्रमुख फसल है?
A) गेहूं | B) चना | C) सरसों | D) चावल -
सर्दियों के मौसम में बोई जाने वाली रबी की प्रमुख फसल कौन सी है?
A) कपास | B) गेहूं | C) जूट | D) बाजरा -
तरबूज, खीरा और सब्जियों की खेती मुख्य रूप से किस रितु में की जाती है?
A) खरीफ | B) रबी | C) जायद | D) मानसून -
जो कृषि पूरी तरह से वर्षा पर निर्भर होती है, उसे क्या कहा जाता है?
A) सिंचित कृषि | B) बारानी कृषि | C) रोपण कृषि | D) व्यापारिक कृषि -
भारत में चावल उत्पादन में कौन सा राज्य प्रथम स्थान पर है?
A) पंजाब | B) पश्चिम बंगाल | C) उत्तर प्रदेश | D) आंध्र प्रदेश -
भारत में गेहूं उत्पादन में सबसे अग्रणी राज्य कौन सा है?
A) पंजाब | B) हरियाणा | C) उत्तर प्रदेश | D) मध्य प्रदेश -
किस फसल को सुनहरा रेशा भी कहा जाता है?
A) कपास | B) रेशम | C) जूट | D) ऊन -
चाय और कॉफी मुख्य रूप से किस प्रकार की फसलें हैं?
A) खाद्यान्न फसलें | B) रोपण फसलें | C) तिलहन फसलें | D) रेशेदार फसलें -
भारत में कपास उत्पादन के लिए सबसे उपयुक्त मिट्टी कौन सी मानी जाती है?
A) जलोढ़ मिट्टी | B) लाल मिट्टी | C) काली मिट्टी | D) लेटराइट मिट्टी -
भारत में गन्ना उत्पादन में कौन सा राज्य सबसे आगे है?
A) महाराष्ट्र | B) कर्नाटक | C) उत्तर प्रदेश | D) तमिलनाडु -
साझा संपत्ति संसाधनों पर किसका अधिकार होता है?
A) किसी एक जमींदार का | B) ग्राम पंचायत या राज्य सरकार का | C) केवल अमीर किसानों का | D) विदेशी कंपनियों का -
निम्नलिखित में से कौन सा एक मोटा अनाज है?
A) चावल | B) गेहूं | C) ज्वार | D) चना -
भारत में हरित क्रांति की शुरुआत मुख्य रूप से किस दशक में हुई थी?
A) 1940 के दशक में | B) 1950 के दशक में | C) 1960 के दशक में | D) 1980 के दशक में -
हरित क्रांति का सबसे अधिक लाभ किन राज्यों को मिला?
A) बिहार और ओडिशा | B) पंजाब हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश | C) केरल और तमिलनाडु | D) असम और मेघालय -
वर्तमान परती भूमि वह भूमि है जिसे कितने समय तक बिना खेती के खाली छोड़ दिया जाता है?
A) पांच वर्ष से अधिक | B) एक वर्ष या उससे कम समय के लिए | C) एक से पांच वर्ष के लिए | D) दस वर्ष के लिए -
कृषि योग्य व्यर्थ भूमि को कितने समय तक कृषि रहित छोड़ा जाता है?
A) पांच वर्ष से अधिक | B) एक वर्ष से कम | C) छह महीने | D) कभी नहीं -
निवल बोए गए क्षेत्र में भारत का लगभग कितना प्रतिशत भाग आता है?
A) लगभग 20 प्रतिशत | B) लगभग 35 प्रतिशत | C) लगभग 46 प्रतिशत | D) लगभग 60 प्रतिशत -
अरेबिका, रोबस्टा और लाइबेरिका निम्नलिखित में से किस फसल की प्रमुख किस्में हैं?
A) चाय | B) कॉफी | C) कपास | D) तंबाकू -
रक्षक सिंचाई का मुख्य उद्देश्य क्या होता है?
A) फसलों को बहुत अधिक पानी देना | B) मिट्टी की नमी को नष्ट करना | C) फसलों को सूखे से बचाना और उन्हें नष्ट होने से रोकना | D) केवल चावल की खेती करना -
उत्पादक सिंचाई का मुख्य उद्देश्य क्या माना जाता है?
A) नदियों का पानी रोकना | B) फसल को पर्याप्त पानी देकर प्रति हेक्टेयर अधिकतम उत्पादकता प्राप्त करना | C) खेतों में बाढ़ लाना | D) सूखे से बचाव करना -
शुष्क भूमि कृषि भारत के उन क्षेत्रों में की जाती है जहाँ वार्षिक वर्षा कितनी होती है?
A) 75 सेंटीमीटर से कम | B) 100 सेंटीमीटर से अधिक | C) 200 सेंटीमीटर से अधिक | D) 400 सेंटीमीटर से अधिक -
आर्द्र भूमि कृषि के क्षेत्रों में मुख्य रूप से कौन सी फसलें उगाई जाती हैं?
A) ज्वार और बाजरा | B) चावल और जूट | C) चना और सरसों | D) कपास और मूंगफली -
दलहनी फसलें मिट्टी की प्राकृतिक उर्वरता को कैसे बढ़ाती हैं?
A) मिट्टी में नमक मिलाकर | B) हवा से नाइट्रोजन ग्रहण करके मिट्टी में उसका स्थिरीकरण करके | C) मिट्टी का रंग बदलकर | D) मिट्टी में पानी रोककर -
शस्य गहनता या फसल सघनता ज्ञात करने का सही सूत्र क्या है?
A) सकल बोए गए क्षेत्र को निवल बोए गए क्षेत्र से भाग देकर सौ से गुणा करना | B) निवल क्षेत्र को सकल क्षेत्र से घटाना | C) कुल जनसंख्या को कृषि भूमि से भाग देना | D) कुल उत्पादन को कुल किसानों से भाग देना -
भारत में भूमि उपयोग के किस वर्ग में हाल के वर्षों में सबसे तेज वृद्धि दर्ज की गई है?
A) वनों के अधीन क्षेत्र | B) बंजर भूमि | C) गैर-कृषि कार्यों में प्रयुक्त भूमि | D) स्थायी चरागाह -
भारत विश्व में चाय का एक बहुत बड़ा निर्यातक क्यों रहा है?
A) यहां चाय कोई नहीं पीता | B) यहां चाय के बागानों का विशाल क्षेत्रफल और सस्ता श्रम उपलब्ध है | C) यहां चाय बहुत महंगी है | D) यहां केवल चाय उगाई जाती है -
भारत में सोयाबीन का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य कौन सा है?
A) पंजाब | B) मध्य प्रदेश | C) गुजरात | D) आंध्र प्रदेश -
भारतीय कृषि को अक्सर मानसून का जुआ क्यों कहा जाता है?
A) क्योंकि किसान खेतों में जुआ खेलते हैं | B) सिंचाई सुविधाओं के पूर्ण अभाव में देश का एक बड़ा कृषि क्षेत्र आज भी अनिश्चित वर्षा पर निर्भर है | C) क्योंकि सरकार फसल का पैसा नहीं देती | D) क्योंकि यहां चक्रवात बहुत आते हैं -
हरित क्रांति ने भारत में क्षेत्रीय असमानताओं को क्यों बढ़ा दिया?
A) क्योंकि सभी राज्यों ने हरित क्रांति का विरोध किया | B) क्योंकि उन्नत बीजों और उर्वरकों की महंगी तकनीक का लाभ केवल सिंचित और पूंजी वाले चुनिंदा क्षेत्रों को ही मिल पाया | C) क्योंकि कुछ राज्यों में जमीन नहीं थी | D) क्योंकि विदेशी कंपनियों ने रोक लगा दी -
पंजाब और हरियाणा में अत्यधिक सिंचाई के कारण कौन सी गंभीर पर्यावरणीय समस्या उत्पन्न हो गई है?
A) नदियां सूख गई हैं | B) मृदा में लवणता और क्षारीयता का भयंकर रूप से बढ़ना जिससे भूमि बंजर हो रही है | C) वहां भूकंप आने लगे हैं | D) वहां जंगल बढ़ गए हैं -
ग्रामीण गरीबों और भूमिहीन किसानों के जीवन में साझा संपत्ति संसाधनों का क्या महत्व है?
A) वे वहां कारखाने लगाते हैं | B) ये संसाधन उनके पशुओं के लिए चारा ईंधन की लकड़ी और वनोत्पाद का एकमात्र मुफ्त स्रोत होते हैं | C) वे वहां खेती करते हैं | D) ये संसाधन उन्हें धन देते हैं -
भारत में जोतों के आकार का लगातार छोटा और विखंडित होना कृषि के लिए नुकसानदायक क्यों है?
A) छोटे खेतों में फसल अच्छी नहीं होती | B) खेतों के छोटे आकार के कारण आधुनिक मशीनों का उपयोग कठिन हो जाता है और उत्पादन लागत बढ़ जाती है | C) छोटे खेतों में पानी नहीं रुकता | D) सरकार छोटे खेतों पर कर अधिक लगाती है -
अर्थव्यवस्था के विकास के साथ कृषि भूमि का अनुपात लगातार कम क्यों होता जा रहा है?
A) लोग खेती करना भूल गए हैं | B) शहरीकरण औद्योगीकरण और बस्तियों के विस्तार के कारण कृषि भूमि का गैर-कृषि कार्यों में अधिग्रहण हो रहा है | C) जमीन समुद्र में डूब रही है | D) जमीन की उर्वरता खत्म हो गई है -
शस्य गहनता या फसल सघनता का अधिक होना क्या प्रमाणित करता है?
A) जमीन का खराब होना | B) भूमि के एक ही टुकड़े पर एक वर्ष में एक से अधिक बार फसलें उगाने की उच्च क्षमता और उत्तम सिंचाई व्यवस्था | C) केवल एक फसल का उत्पादन | D) किसानों का गरीब होना -
भारत में कृषि के अल्प-रोजगार या प्रच्छन्न बेरोजगारी का क्या अर्थ है?
A) किसानों का शहर चले जाना | B) किसी खेत में आवश्यकता से अधिक परिवार के सदस्यों का काम में लगे रहना जिनका वास्तविक उत्पादन में योगदान शून्य है | C) खेतों में काम न होना | D) मशीनों का खराब हो जाना -
जायद रितु की फसलें मुख्य रूप से केवल सिंचित क्षेत्रों तक ही सीमित क्यों रहती हैं?
A) सरकार के आदेश के कारण | B) क्योंकि यह गर्मियों का शुष्क मौसम होता है जब बिना कृत्रिम सिंचाई के फसल उगाना लगभग असंभव होता है | C) क्योंकि बीज बहुत महंगे होते हैं | D) क्योंकि किसान काम नहीं करना चाहते -
स्वतंत्रता के बाद भारत में भूमि सुधार नीतियों के पूरी तरह सफल न होने का मूल कारण क्या था?
A) किसानों ने जमीन लेने से मना कर दिया | B) राजनीतिक इच्छाशक्ति की भारी कमी और कानूनों में मौजूद खामियों का बड़े जमींदारों द्वारा फायदा उठाना | C) विदेशी दबाव | D) देश में जमीन की कमी -
भारतीय कृषि में रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अंधाधुंध उपयोग का सबसे घातक दीर्घकालिक परिणाम क्या हो रहा है?
A) फसलें बहुत मीठी हो गई हैं | B) मिट्टी के सूक्ष्म मित्र जीवों का नष्ट होना और प्राकृतिक उर्वरता में भारी गिरावट आना | C) पानी का स्तर बढ़ जाना | D) हवा में ऑक्सीजन का बढ़ना -
शुष्क भूमि कृषि में मिट्टी की नमी को बचाए रखने के लिए क्या विशेष प्रयास किए जाते हैं?
A) खेतों को पानी से भर दिया जाता है | B) गहरी जुताई नमी संरक्षण की विशेष वैज्ञानिक तकनीकें और सूखारोधी फसलों का उपयोग किया जाता है | C) खेतों को ढक दिया जाता है | D) खेती केवल रात में की जाती है -
विश्व व्यापार संगठन के नियमों के कारण भारतीय किसानों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किस बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है?
A) उन्हें खेती छोड़नी पड़ रही है | B) विकसित देशों की भारी सब्सिडी वाली सस्ती कृषि उपजों के साथ खुले बाजार में भारी और असमान प्रतिस्पर्धा | C) उनके उत्पाद विदेश नहीं जा सकते | D) उन्हें विदेशी बीज खरीदने पड़ रहे हैं -
भारत में अधिकांश कृषि का स्वरूप व्यापारिक न होकर निर्वाह प्रकार का क्यों है?
A) किसानों को व्यापार करना नहीं आता | B) किसानों के पास जोत का आकार बहुत छोटा है जिससे उत्पादन केवल परिवार के भरण-पोषण तक ही सीमित रह जाता है | C) व्यापारी उपज नहीं खरीदते | D) सरकार व्यापार पर रोक लगाती है -
सीमांत और छोटे किसानों के बीच ऋणग्रस्तता का बढ़ता जाल अंततः किस सामाजिक त्रासदी को जन्म देता है?
A) वे शहर जाकर अमीर बन जाते हैं | B) फसल बर्बाद होने और कर्ज न चुका पाने की हताशा में किसानों द्वारा की जाने वाली आत्महत्याएं | C) वे बड़े व्यापारी बन जाते हैं | D) वे खेती करना छोड़ देते हैं -
देश में तिलहन फसलों के उत्पादन में अचानक आई वृद्धि को किस क्रांति के नाम से जाना जाता है?
A) हरित क्रांति | B) पीली क्रांति | C) श्वेत क्रांति | D) नीली क्रांति -
दलहनी फसलों की खेती को फसल चक्र में शामिल करना अत्यंत महत्वपूर्ण क्यों माना जाता है?
A) क्योंकि दालें बहुत महंगी बिकती हैं | B) क्योंकि ये फसलें जमीन की उर्वरता को वापस लाती हैं और मिट्टी को दूसरी फसलों के लिए तैयार करती हैं | C) क्योंकि इन्हें पानी नहीं चाहिए | D) क्योंकि ये बहुत सुंदर दिखती हैं -
यदि अर्थव्यवस्था में द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्रों का विकास होता है तो भी भारत में कृषि भूमि पर जनसंख्या का दबाव कम क्यों नहीं होता?
A) क्योंकि उद्योग बहुत कम हैं | B) क्योंकि गैर-कृषि क्षेत्रों में रोजगार का सृजन उतनी तेजी से नहीं हुआ है जितनी तेजी से जनसंख्या बढ़ी है | C) क्योंकि लोग केवल खेती करना पसंद करते हैं | D) क्योंकि सरकार उद्योगों को रोक रही है -
कपास के उत्पादन में उत्तर-पश्चिमी भारत के बजाय दक्कन के पठार को भौगोलिक बढ़त क्यों प्राप्त है?
A) वहां वर्षा बहुत अधिक होती है | B) दक्कन के पठार की लावा निर्मित काली मिट्टी कपास की कृषि के लिए प्राकृतिक रूप से सर्वोत्तम है | C) वहां के किसान अधिक कुशल हैं | D) वहां कारखाने पास हैं -
कृषि भूमि के निम्नीकरण का सबसे स्पष्ट संकेत क्या होता है?
A) फसल का रंग बदल जाना | B) उर्वरकों का उपयोग बढ़ाने के बावजूद प्रति हेक्टेयर उत्पादकता का लगातार घटते जाना | C) खेतों का आकार छोटा होना | D) किसानों का गांव छोड़ना
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