2. उपभोक्ता के व्यवहार का सिद्धांत (Theory of Consumer Behaviour)
इस पेज पर आपको 2. उपभोक्ता के व्यवहार का सिद्धांत (Theory of Consumer Behaviour) के सभी महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ), परीक्षा उपयोगी नोट्स और ऑनलाइन क्विज़ मिलेंगे। अपने ज्ञान का परीक्षण करने और बोर्ड/प्रतियोगी परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए मॉक टेस्ट में अवश्य भाग लें।
👉 अध्याय का सारांश (Summary)
प्रिय विद्यार्थियों, यह अध्याय व्यष्टि अर्थशास्त्र के सबसे महत्वपूर्ण सिद्धांतों में से एक है, जो हमें यह समझाता है कि एक उपभोक्ता अपनी सीमित आय को विभिन्न वस्तुओं पर किस प्रकार खर्च करता है ताकि उसे अधिकतम संतुष्टि प्राप्त हो सके। इस सिद्धांत को समझने के लिए दो मुख्य दृष्टिकोण अपनाए जाते हैं: गणनावाचक उपयोगिता विश्लेषण और क्रमवाचक उपयोगिता विश्लेषण। उपयोगिता का अर्थ किसी वस्तु या सेवा द्वारा किसी मानवीय आवश्यकता को पूरा करने की क्षमता या शक्ति से है। गणनावाचक दृष्टिकोण (प्रोफेसर अल्फ्रेड मार्शल द्वारा प्रतिपादित) के अनुसार उपयोगिता को संख्याओं (जैसे एक, दो, तीन) में मापा जा सकता है और इसकी इकाई को 'यूटिल्स' कहा जाता है। इसके विपरीत, क्रमवाचक दृष्टिकोण (हिक्स और एलन द्वारा प्रतिपादित) के अनुसार उपयोगिता को मापा नहीं जा सकता, बल्कि केवल उसे प्राथमिकताओं के आधार पर क्रम (जैसे पहला, दूसरा) दिया जा सकता है।
अध्याय में कुल उपयोगिता और सीमांत उपयोगिता के बीच संबंध को विस्तार से समझाया गया है। एक वस्तु की निश्चित मात्रा के उपभोग से प्राप्त कुल संतुष्टि को कुल उपयोगिता कहते हैं, जबकि वस्तु की एक अतिरिक्त इकाई के उपभोग से कुल उपयोगिता में होने वाली वृद्धि को सीमांत उपयोगिता कहा जाता है। 'सीमांत उपयोगिता ह्रास नियम' अर्थशास्त्र का एक सार्वभौमिक नियम है, जिसके अनुसार जैसे-जैसे उपभोक्ता किसी वस्तु की मानक इकाइयों का लगातार अधिक उपभोग करता है, वैसे-वैसे प्रत्येक अगली इकाई से मिलने वाली सीमांत उपयोगिता घटती जाती है। जब सीमांत उपयोगिता शून्य होती है, तब कुल उपयोगिता अधिकतम (पूर्ण संतुष्टि का बिंदु) होती है।
क्रमवाचक विश्लेषण को 'अनधिमान वक्र' या 'तटस्थता वक्र' के माध्यम से समझा जाता है। अनधिमान वक्र दो वस्तुओं के उन विभिन्न संयोगों को दर्शाता है जो उपभोक्ता को समान स्तर की संतुष्टि प्रदान करते हैं, इसलिए उपभोक्ता इन संयोगों के प्रति तटस्थ रहता है। अनधिमान वक्र की ढाल को 'सीमांत प्रतिस्थापन दर' कहा जाता है, जो घटती हुई होती है। इसी कारण अनधिमान वक्र मूल बिंदु की ओर उन्नतोदर होता है। उपभोक्ता के बजट की सीमाओं को 'बजट रेखा' या 'कीमत रेखा' द्वारा दर्शाया जाता है, जो उपभोक्ता की आय और वस्तुओं की कीमतों पर निर्भर करती है। उपभोक्ता का संतुलन वहाँ होता है जहाँ अनधिमान वक्र बजट रेखा को स्पर्श करता है।
अध्याय का दूसरा भाग 'मांग के सिद्धांत' पर केंद्रित है। मांग का नियम यह बताता है कि अन्य बातें समान रहने पर, जब किसी वस्तु की कीमत गिरती है, तो उसकी मांग की मात्रा बढ़ती है, और कीमत बढ़ने पर मांग घटती है। मांग वक्र का ढाल सामान्यतः ऋणात्मक (नीचे की ओर झुका हुआ) होता है। अंत में, मांग की कीमत लोच यह मापती है कि कीमत में परिवर्तन के प्रति मांग की मात्रा कितनी संवेदनशील है। यह अध्याय उपभोक्ता के विवेकपूर्ण निर्णयों को समझने की सर्वोत्तम कुंजी है।
विशेषता: यह एक 3-Level आधारित यूनीक क्विज़ है। अगले स्तर को अनलॉक करने के लिए छात्रों को वर्तमान स्तर में कम से कम 70% अंक स्कोर करने होंगे, जो आपकी बोर्ड परीक्षा की तैयारी को 100% मजबूत बनाता है।
अध्याय के सभी प्रश्न (Revision Notes)
*नोट: यह सेक्शन रिवीजन के लिए है। अपना ज्ञान परखने के लिए ऊपर दिए गए क्विज़ में भाग लें।
-
किसी वस्तु की आवश्यकता को संतुष्ट करने की शक्ति को क्या कहा जाता है?
A) मांग | B) उपयोगिता | C) पूर्ति | D) उत्पादन -
गणनावाचक उपयोगिता विश्लेषण का प्रतिपादन किसने किया था?
A) प्रोफेसर मार्शल | B) जे आर हिक्स | C) एडम स्मिथ | D) कीन्स -
उपयोगिता को मापने की काल्पनिक इकाई को क्या कहा जाता है?
A) मीटर | B) ग्राम | C) यूटिल्स | D) लीटर -
वस्तु की एक अतिरिक्त इकाई के उपभोग से कुल उपयोगिता में होने वाली वृद्धि क्या कहलाती है?
A) कुल उपयोगिता | B) औसत उपयोगिता | C) सीमांत उपयोगिता | D) अतिरिक्त उपयोगिता -
जैसे-जैसे किसी वस्तु का उपभोग बढ़ाया जाता है, वैसे-वैसे उसकी सीमांत उपयोगिता पर क्या प्रभाव पड़ता है?
A) बढ़ती है | B) घटती है | C) स्थिर रहती है | D) शून्य हो जाती है -
जब सीमांत उपयोगिता शून्य होती है, तब कुल उपयोगिता कैसी होती है?
A) न्यूनतम | B) शून्य | C) अधिकतम | D) घटती हुई -
क्रमवाचक उपयोगिता सिद्धांत का प्रतिपादन मुख्य रूप से किसने किया था?
A) मार्शल और पिगू | B) हिक्स और एलन | C) सैम्युअल्सन | D) एडम स्मिथ -
तटस्थता वक्र या अनधिमान वक्र का ढाल सामान्यतः कैसा होता है?
A) बाएं से दाएं नीचे की ओर | B) बाएं से दाएं ऊपर की ओर | C) एक सीधी क्षैतिज रेखा | D) एक सीधी लंबवत रेखा -
अनधिमान वक्र मूल बिंदु की ओर कैसा होता है?
A) नतोदर | B) उन्नतोदर | C) सीधी रेखा | D) लंबवत -
उपभोक्ता की दी गई आय और दो वस्तुओं की कीमतों के संबंध को दर्शाने वाली रेखा क्या कहलाती है?
A) मांग रेखा | B) बजट रेखा | C) पूर्ति रेखा | D) उत्पादन रेखा -
मांग का नियम वस्तु की कीमत और मांग की मात्रा के बीच कैसा संबंध बताता है?
A) सीधा संबंध | B) धनात्मक संबंध | C) विपरीत संबंध | D) कोई संबंध नहीं -
सामान्य वस्तुओं के लिए मांग वक्र का ढाल कैसा होता है?
A) ऋणात्मक | B) धनात्मक | C) शून्य | D) असीमित -
ऐसी वस्तुएं जिनका एक-दूसरे के स्थान पर प्रयोग किया जा सकता है क्या कहलाती हैं?
A) पूरक वस्तुएं | B) स्थानापन्न वस्तुएं | C) गिफिन वस्तुएं | D) घटिया वस्तुएं -
कार और पेट्रोल किस प्रकार की वस्तुओं के उदाहरण हैं?
A) स्थानापन्न वस्तुएं | B) पूरक वस्तुएं | C) स्वतंत्र वस्तुएं | D) गिफिन वस्तुएं -
यदि किसी वस्तु की कीमत में परिवर्तन होने पर भी मांग की मात्रा में कोई परिवर्तन न हो, तो मांग की लोच कैसी होगी?
A) पूर्णतः लोचदार | B) पूर्णतः बेलोचदार | C) इकाई लोचदार | D) अधिक लोचदार -
सीमांत उपयोगिता ह्रास नियम के अनुसार, उपभोग की जाने वाली इकाइयां कैसी होनी चाहिए?
A) आकार में बहुत छोटी | B) आकार में बहुत बड़ी | C) मानक और समरूप | D) अलग-अलग स्वाद की -
जब कुल उपयोगिता घटती है, तब सीमांत उपयोगिता का मूल्य कैसा होता है?
A) धनात्मक | B) शून्य | C) ऋणात्मक | D) अधिकतम -
एक ही अनधिमान वक्र के सभी बिंदुओं पर उपभोक्ता को कैसी संतुष्टि प्राप्त होती है?
A) अलग-अलग | B) बढ़ती हुई | C) समान संतुष्टि | D) घटती हुई -
अनधिमान वक्र के मूल बिंदु की ओर उन्नतोदर होने का मुख्य कारण क्या है?
A) बढ़ती सीमांत प्रतिस्थापन दर | B) घटती सीमांत प्रतिस्थापन दर | C) स्थिर सीमांत प्रतिस्थापन दर | D) बढ़ती सीमांत उपयोगिता -
यदि उपभोक्ता की आय बढ़ जाती है, तो बजट रेखा किस ओर खिसक जाएगी?
A) बाईं ओर | B) नीचे की ओर | C) दाहिनी ओर ऊपर की तरफ | D) अपने स्थान पर रहेगी -
एक विवेकशील उपभोक्ता अनधिमान मानचित्र के किस वक्र को चुनना पसंद करेगा?
A) सबसे निचले वक्र को | B) सबसे ऊंचे अनधिमान वक्र को | C) मध्यम वक्र को | D) किसी भी वक्र को -
उपभोक्ता के संतुलन की मुख्य शर्त क्या है जहाँ वह अपनी संतुष्टि अधिकतम करता है?
A) अनधिमान वक्र का ढाल बजट रेखा के ढाल से अधिक हो | B) अनधिमान वक्र का ढाल बजट रेखा के ढाल के बराबर हो | C) बजट रेखा शून्य हो | D) सीमांत उपयोगिता बढ़ती हो -
चाय की कीमत बढ़ने पर कॉफी की मांग पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
A) कम हो जाएगी | B) बढ़ जाएगी | C) स्थिर रहेगी | D) शून्य हो जाएगी -
गीत संगीत सुनने या कलात्मक वस्तुओं के उपभोग पर सीमांत उपयोगिता ह्रास नियम लागू क्यों नहीं होता?
A) क्योंकि यह आर्थिक क्रिया नहीं है | B) क्योंकि प्रत्येक अतिरिक्त इकाई से रस या चाव बढ़ता जाता है जो अपवाद स्वरूप है | C) क्योंकि साधन असीमित हैं | D) क्योंकि कीमत शून्य होती है -
कीमत में बहुत थोड़े से परिवर्तन होने पर यदि मांग में अनंत परिवर्तन हो जाए, तो मांग की लोच कैसी होगी?
A) पूर्णतः बेलोचदार | B) पूर्णतः लोचदार | C) लोचदार | D) कम बेलोचदार -
मांग के नियम के अनुसार, मांग वक्र का ढाल नीचे की ओर क्यों होता है?
A) उत्पादन के नियम के कारण | B) सीमांत उपयोगिता ह्रास नियम और आय प्रभाव के कारण | C) पूर्ति के नियम के कारण | D) टैक्स बढ़ने के कारण -
गिफिन या घटिया वस्तुओं के संदर्भ में कीमत बढ़ने पर मांग पर क्या प्रभाव पड़ता है?
A) मांग घट जाती है | B) मांग बढ़ जाती है | C) मांग शून्य हो जाती है | D) कोई प्रभाव नहीं पड़ता -
अनधिमान वक्र एक-दूसरे को कभी क्यों नहीं काट सकते?
A) क्योंकि वे समानांतर होते हैं | B) क्योंकि दो अलग-अलग अनधिमान वक्र संतुष्टि के समान स्तर को नहीं दर्शा सकते | C) क्योंकि वे सीधी रेखाएं हैं | D) क्योंकि वे मूल बिंदु से दूर होते हैं -
बजट रेखा का ढाल किसके द्वारा निर्धारित होता है?
A) उपभोक्ता की रुचि से | B) दोनों वस्तुओं की कीमतों के अनुपात से | C) कुल उपयोगिता से | D) उत्पादन की तकनीक से -
यदि मांग वक्र एक सीधी क्षैतिज रेखा है जो अक्ष के समानांतर है, तो लोच का मूल्य क्या होगा?
A) शून्य | B) एक | C) अनंत | D) एक से कम -
उपभोक्ता का संतुलन बिंदु बजट रेखा और अनधिमान वक्र के संबंध में कहाँ स्थित होता है?
A) जहाँ बजट रेखा अनधिमान वक्र को काटती है | B) जहाँ बजट रेखा सर्वोच्च अनधिमान वक्र को स्पर्श करती है | C) जहाँ दोनों में दूरी अधिकतम हो | D) वक्र के सबसे निचले हिस्से पर -
अनधिमान मानचित्र का क्या अर्थ है?
A) एक अकेला तटस्थता वक्र | B) विभिन्न संतुष्टि स्तरों को दर्शाने वाले अनधिमान वक्रों का पूरा समूह या परिवार | C) बजट रेखाओं का चित्र | D) मांग वक्रों का ढांचा -
आय प्रभाव सामान्य वस्तुओं के संदर्भ में कैसा होता है?
A) ऋणात्मक | B) धनात्मक | C) शून्य | D) असीमित -
यदि दो वस्तुएं एक-दूसरे की पूर्ण पूरक हैं (जैसे दायां और बायां जूता), तो अनधिमान वक्र का आकार कैसा होगा?
A) मूल बिंदु की ओर उन्नतोदर | B) अंग्रेजी के अक्षर एल के आकार का | C) एक सीधी ढालू रेखा | D) एक गोलाकार वक्र -
कीमत प्रभाव वास्तव में किन दो प्रभावों का योग या मिला-जुला परिणाम होता है?
A) मांग प्रभाव और पूर्ति प्रभाव | B) आय प्रभाव और प्रतिस्थापन प्रभाव | C) उपयोगिता प्रभाव और लागत प्रभाव | D) बजट प्रभाव और रुचि प्रभाव -
एक सीधी रेखा वाले मांग वक्र के मध्य बिंदु पर मांग की लोच का मूल्य कितना होता है?
A) शून्य | B) एक के बराबर | C) अनंत | D) एक से अधिक -
यदि किसी वस्तु के उपभोग के कई वैकल्पिक प्रयोग संभव हों (जैसे दूध), तो उसकी मांग की लोच कैसी होगी?
A) बेलोचदार | B) अत्यधिक लोचदार | C) पूर्णतः बेलोचदार | D) शून्य -
उपभोक्ता की आय और वस्तु की मांग के बीच के संबंध को दर्शाने वाले वक्र को अर्थशास्त्र में क्या कहते हैं?
A) मांग वक्र | B) एंजिल वक्र | C) तटस्थता वक्र | D) आपूर्ति वक्र -
यदि सीमांत प्रतिस्थापन दर स्थिर हो जाए, तो अनधिमान वक्र का स्वरूप कैसा हो जाएगा?
A) उन्नतोदर वक्र | B) नीचे की ओर ढालू एक सीधी सरल रेखा | C) लंबवत रेखा | D) नतोदर वक्र -
नमक और सुई जैसी अत्यंत सस्ती और अनिवार्य वस्तुओं की मांग की लोच सामान्यतः कैसी होती है?
A) अत्यधिक लोचदार | B) पूर्णतः बेलोचदार या अत्यधिक बेलोचदार | C) इकाई लोचदार | D) अनंत लोचदार -
प्रतिस्थापन प्रभाव हमेशा कैसा होता है जो उपभोक्ता को महंगी वस्तु छोड़कर सस्ती वस्तु खरीदने पर मजबूर करता है?
A) धनात्मक | B) ऋणात्मक | C) शून्य | D) अनिश्चित -
बजट समूह और बजट रेखा में क्या मुख्य तकनीकी अंतर होता है?
A) कोई अंतर नहीं है | B) बजट समूह में वे सभी संयोग शामिल हैं जिनकी लागत आय के बराबर या कम है, जबकि बजट रेखा केवल बराबर लागत दर्शाती है | C) बजट रेखा बड़ी होती है | D) बजट समूह केवल एक वस्तु के लिए होता है -
वस्तु की कीमत में गिरावट के कारण उपभोक्ता की वास्तविक क्रय शक्ति का बढ़ना कौन सा प्रभाव कहलाता है?
A) प्रतिस्थापन प्रभाव | B) आय प्रभाव | C) कीमत प्रभाव | D) लोच प्रभाव -
मांग की लोच को मापने की ज्यामितीय या बिंदु विधि का सूत्र क्या है?
A) ऊपरी भाग और निचले भाग का अनुपात | B) मांग वक्र का निचला भाग बटा मांग वक्र का ऊपरी भाग | C) कीमतों का अंतर | D) मांग की मात्रा का अंतर -
अनधिमान वक्र की तीसरी मुख्य विशेषता क्या है जो उसकी दिशा को निर्धारित करती है?
A) वह अक्ष को छूता है | B) ऊंचा अनधिमान वक्र हमेशा संतुष्टि के उच्च स्तर को व्यक्त करता है | C) वह मूल बिंदु की ओर नतोदर होता है | D) वह ऊपर की ओर जाता है -
यदि किसी वस्तु की मांग की लोच पूर्णतः बेलोचदार है, तो कीमत दोगुनी होने पर मांग की मात्रा पर क्या असर पड़ेगा?
A) मांग आधी हो जाएगी | B) मांग बिल्कुल अपरिवर्तित रहेगी | C) मांग दोगुनी हो जाएगी | D) मांग शून्य हो जाएगी -
गणनावाचक उपयोगिता विश्लेषण में मार्शल की सबसे बड़ी और विवादित मान्यता कौन सी थी?
A) वस्तु की कीमत स्थिर रहती है | B) मुद्रा की सीमांत उपयोगिता हमेशा स्थिर रहती है | C) उपभोक्ता की आय बदलती है | D) उपयोगिता को मापा नहीं जा सकता -
सीमांत प्रतिस्थापन दर का सूत्र क्या है जो अनधिमान वक्र के ढाल को व्यक्त करता है?
A) त्यागी गई मात्रा और प्राप्त की गई मात्रा का अनुपात | B) कीमतों का अनुपात | C) कुल उपयोगिता का अनुपात | D) आय और व्यय का अनुपात -
यदि किसी वस्तु की मांग की कीमत लोच इकाई से अधिक है, तो कीमत बढ़ने पर कुल व्यय पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
A) कुल व्यय बढ़ जाएगा | B) कुल व्यय घट जाएगा | C) कुल व्यय स्थिर रहेगा | D) कुल व्यय शून्य हो जाएगा -
मांग के नियम का सबसे बड़ा अपवाद किसे माना जाता है जहाँ कीमत बढ़ने पर भी मांग बढ़ती है?
A) सामान्य वस्तुएं | B) गिफिन वस्तुएं अथवा प्रतिष्ठासूचक वस्तुएं | C) पूरक वस्तुएं | D) नाशवान वस्तुएं
0
0
0%
अपना सुझाव दें (Feedback)
वेबसाइट को और बेहतर बनाने के लिए अपने विचार हमें भेजें।