3. रासायनिक बलगतिकी (Chemical Kinetics)
इस पेज पर आपको 3. रासायनिक बलगतिकी (Chemical Kinetics) के सभी महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ), परीक्षा उपयोगी नोट्स और ऑनलाइन क्विज़ मिलेंगे। अपने ज्ञान का परीक्षण करने और बोर्ड/प्रतियोगी परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए मॉक टेस्ट में अवश्य भाग लें।
👉 अध्याय का सारांश (Summary)
प्रिय विद्यार्थियों, इस अध्याय में हम रसायन विज्ञान की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और गतिशील शाखा 'रासायनिक बलगतिकी' (Chemical Kinetics) का विस्तार से अध्ययन करेंगे। बलगतिकी या 'Kinetics' शब्द ग्रीक भाषा के 'Kinesis' से बना है जिसका अर्थ है गति या हलचल। रसायन विज्ञान में हम न केवल यह जानना चाहते हैं कि कोई रासायनिक अभिक्रिया होगी या नहीं, बल्कि यह जानना भी उतना ही आवश्यक है कि वह अभिक्रिया कितनी तेजी से या कितनी धीमी गति से पूरी होगी।
क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि गर्मियों के दिनों में बाहर रखा हुआ दूध कितनी जल्दी फट जाता है या खराब हो जाता है, जबकि सर्दियों में या फ्रिज में रखने पर वह लंबे समय तक सुरक्षित रहता है? इसी तरह, जब हम किसी लोहे की कील को खुली हवा में छोड़ देते हैं तो उस पर जंग लगने में कई महीने लग जाते हैं, लेकिन एक माचिस की तीली को जलाते ही वह 1 सेकंड के एक छोटे से हिस्से में धू-धू कर जल उठती है। ये सभी हमारे दैनिक जीवन के व्यावहारिक उदाहरण हैं जो हमें रासायनिक अभिक्रियाओं की गति या दर (Rate of Reaction) के बारे में सोचने पर मजबूर करते हैं। रासायनिक बलगतिकी हमें इन्हीं सवालों के सटीक वैज्ञानिक उत्तर देती है।
आगामी NCERT और RBSE बोर्ड परीक्षा की तैयारी के दृष्टिकोण से यह अध्याय अत्यधिक महत्वपूर्ण है। बोर्ड परीक्षाओं में इस अध्याय से न केवल थ्योरी पूछी जाती है, बल्कि वेग नियम (Rate Law) और अभिक्रिया की कोटि (Order of Reaction) पर आधारित शानदार संख्यात्मक (Numerical) प्रश्न भी निश्चित रूप से आते हैं। इस अध्याय में हम सबसे पहले अभिक्रिया की औसत दर और तात्कालिक दर के बारे में गहराई से जानेंगे। इसके बाद हम उन विभिन्न कारकों का व्यवस्थित अध्ययन करेंगे जो किसी भी रासायनिक अभिक्रिया की गति को काफी हद तक प्रभावित करते हैं, जैसे तापमान, अभिकारकों की सांद्रता, दबाव और उत्प्रेरक (Catalyst) की उपस्थिति।
अध्याय में आगे बढ़ते हुए, हम अभिक्रिया की आण्विकता (Molecularity) और अभिक्रिया की कोटि के बीच के मुख्य अंतर को बहुत ही स्पष्ट रूप से समझेंगे। शून्य कोटि (Zero Order) और प्रथम कोटि (First Order) की अभिक्रियाओं के लिए समाकलित वेग समीकरणों (Integrated Rate Equations) की व्युत्पत्ति (Derivation) बोर्ड परीक्षा का एक बहुत ही पसंदीदा और स्कोरिंग विषय है। इसके साथ ही 'अर्द्ध आयु काल' (Half-Life Period) की अवधारणा भी बहुत अधिक महत्वपूर्ण है, जिसका उपयोग विज्ञान में रेडियोधर्मी तत्वों की आयु ज्ञात करने से लेकर मेडिकल क्षेत्र में दवाइयों की एक्सपायरी डेट तय करने तक में होता है।
जब हम आरहीनियस समीकरण (Arrhenius Equation) की बात करते हैं, तो यह हमें तापमान और अभिक्रिया के वेग नियतांक के बीच एकदम सटीक गणितीय संबंध प्रदान करता है। इसी के अंतर्गत सक्रियण ऊर्जा (Activation Energy) की अवधारणा को समझना बहुत ही रोमांचक है। यह वह न्यूनतम अतिरिक्त ऊर्जा है जो अभिकारकों के अणुओं को उत्पाद में बदलने के लिए हर हाल में चाहिए होती है। जैसे किसी पहाड़ी को पार करने के लिए 1 निश्चित ऊंचाई तक चढ़ना पड़ता है, वैसे ही अणुओं को भी इस ऊर्जा अवरोध को पार करना होता है। यहीं पर उत्प्रेरक (Catalyst) का जादुई प्रभाव देखने को मिलता है; उत्प्रेरक अभिक्रिया के लिए 1 ऐसा नया और आसान रास्ता बना देता है जिसकी सक्रियण ऊर्जा बहुत कम होती है, जिससे अभिक्रिया अत्यंत तेजी से संपन्न हो जाती है। हमारे शरीर के अंदर भोजन को पचाने वाले एंजाइम भी 1 प्रकार के जैविक उत्प्रेरक ही हैं जो हमारे जीवन की गति को सुचारू रूप से बनाए रखते हैं। अंत में संघट्ट सिद्धांत (Collision Theory) हमें यह दृश्यमान कराता है कि केवल अणुओं के टकराने से ही उत्पाद नहीं बनता, बल्कि उनका सही दिशा में और पर्याप्त ऊर्जा के साथ टकराना भी उतना ही आवश्यक है।
आपकी बेहतरीन और मजबूत तैयारी सुनिश्चित करने के लिए, हमने इन सभी महत्वपूर्ण टॉपिक्स से चुनकर एकदम सटीक और परीक्षा-उपयोगी वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQs) तैयार किए हैं। ये प्रश्न आपको न केवल अपनी सैद्धांतिक अवधारणाओं को पूरी तरह से स्पष्ट करने में मदद करेंगे, बल्कि परीक्षा हॉल में आपके आत्मविश्वास और सटीकता में भी अभूतपूर्व वृद्धि करेंगे।
विशेषता: यह एक 3-Level आधारित यूनीक क्विज़ है। अगले स्तर (Level 2 और 3) को अनलॉक करने के लिए छात्रों को वर्तमान स्तर में कम से कम 70% अंक स्कोर करने होंगे, जो उनकी बोर्ड परीक्षा की तैयारी को 100% मजबूत बनाता है।
अध्याय के सभी प्रश्न (Revision Notes)
*नोट: यह सेक्शन रिवीजन के लिए है। अपना ज्ञान परखने के लिए ऊपर दिए गए क्विज़ में भाग लें।
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एक निश्चित समय अंतराल में अभिकारक या उत्पाद की सांद्रता में परिवर्तन कहलाता है?
A) वेग | B) औसत वेग | C) तात्क्षणिक वेग | D) वेग स्थिरांक -
प्रथम कोटि अभिक्रिया के लिए वेग स्थिरांक (K) का मात्रक है?
A) मोल लीटर⁻¹ सेकंड⁻¹ | B) सेकंड⁻¹ | C) मोल लीटर⁻¹ | D) लीटर मोल⁻¹ सेकंड⁻¹ -
शून्य कोटि अभिक्रिया के लिए वेग स्थिरांक (K) की इकाई क्या है?
A) मोल लीटर⁻¹ सेकंड⁻¹ | B) सेकंड⁻¹ | C) लीटर मोल⁻¹ सेकंड⁻¹ | D) मोल सेकंड⁻¹ -
रेडियोएक्टिव क्षय (Radioactive Decay) किस कोटि की अभिक्रिया है?
A) शून्य | B) प्रथम | C) द्वितीय | D) तृतीय -
अभिक्रिया के वेग को क्या कहते हैं जब अभिकारकों की सांद्रता इकाई (1) हो?
A) औसत वेग | B) वेग स्थिरांक | C) ताप गुणांक | D) सक्रियण ऊर्जा -
वेग नियम r = K[A]⁰ [B]⁰वाली अभिक्रिया की कोटि क्या होगी?
A) प्रथम | B) द्वितीय | C) शून्य | D) तृतीय -
वह ऊर्जा जो अभिकारक अणुओं को देहली ऊर्जा तक पहुँचाने के लिए आवश्यक है?
A) अनुनाद ऊर्जा | B) सक्रियण ऊर्जा | C) आवृत्ति ऊर्जा | D) औसत ऊर्जा -
ताप बढ़ाने पर अभिक्रिया के वेग पर क्या प्रभाव पड़ता है?
A) घटता है | B) बढ़ता है | C) स्थिर रहता है | D) शून्य हो जाता है -
एकाणुक अभिक्रियाओं की अणुसंख्यता कितनी होती है?
A) 0 | B) 1 | C) 2 | D) 3 -
वेग स्थिरांक (K) का मान किस पर निर्भर करता है?
A) सांद्रता पर | B) समय पर | C) तापमान पर | D) आयतन पर -
शून्य कोटि अभिक्रिया के लिए t½ और प्रारंभिक सांद्रता [A] में संबंध है?
A) t½ ∝ [A] | B) t½ ∝ 1/[A] | C) t½ ∝ [A]² | D) निर्भर नहीं करता -
अभिक्रिया की अणुसंख्यता (Molecularity) नहीं हो सकती?
A) 1 | B) 2 | C) 3 | D) शून्य -
देहली ऊर्जा (Threshold Energy) बराबर होती है?
A) सक्रियण ऊर्जा + औसत ऊर्जा | B) सक्रियण ऊर्जा - औसत ऊर्जा | C) वेग स्थिरांक + ताप | D) केवल सक्रियण ऊर्जा -
संघट्ट आवृत्ति का अर्थ है प्रति सेकंड होने वाली?
A) टक्करों की संख्या | B) उत्पाद की मात्रा | C) सांद्रता में कमी | D) ताप में वृद्धि -
प्रकाशिक अभिक्रियाओं की कोटि सामान्यतः होती है?
A) शून्य | B) एक | C) दो | D) तीन -
समय के किसी निश्चित क्षण पर सांद्रता में होने वाला परिवर्तन कहलाता है?
A) वेग | B) औसत वेग | C) तात्क्षणिक वेग | D) वेग स्थिरांक -
अभिक्रिया के वेग की इकाई क्या है?
A) मोल लीटर⁻¹ | B) मोल सेकंड⁻¹ | C) मोल लीटर⁻¹ सेकंड⁻¹ | D) सेकंड⁻¹ -
छद्म प्रथम कोटि (Pseudo first order) अभिक्रिया का उदाहरण है?
A) इक्षु शर्करा का प्रतिपन | B) H2+Cl2 का बनना | C) HI का वियोजन | D) NH3 का अपघटन -
एथीन का हाइड्रोजनीकरण किस कोटि की अभिक्रिया है?
A) शून्य | B) प्रथम | C) द्वितीय | D) तृतीय -
अभिक्रिया की कोटि का मान हो सकता है?
A) शून्य | B) भिन्नात्मक | C) पूर्णांक | D) सभी सही है -
अभिकारकों की सांद्रता 3 गुना करने पर वेग 9 गुना बढ़ जाता है, कोटि होगी?
A) शून्य | B) 2 | C) 1 | D) 3 -
सांद्रता दुगुनी करने पर वेग पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता, कोटि होगी?
A) शून्य | B) एक | C) दो | D) तीन -
वेग नियम r = K[A]¹[B]² में यदि A दोगुना करें, तो वेग होगा?
A) 2 गुना | B) 4 गुना | C) आधा | D) कोई नहीं -
जटिल अभिक्रिया का वेग किस पद द्वारा निर्धारित किया जाता है?
A) तीव्रतम पद | B) औसत पद | C) मंदतम पद | D) अंतिम पद -
ऐसी अभिक्रिया जिनकी अणुसंख्यता 2 हो पर कोटि 1 हो, कहलाती है?
A) सरल | B) छद्म एकाणुक | C) शून्य कोटि | D) त्रिएणुक -
अभिक्रिया का ताप 10°C बढ़ाने पर वेग लगभग कितना हो जाता है?
A) 4 गुना | B) आधा | C) स्थिर | D) 2 गुना -
10 K ताप के अंतर पर दर स्थिरांकों के अनुपात को कहते हैं?
A) आरेनियस गुणांक | B) वांट हॉफ गुणांक | C) ताप गुणांक | D) वेग गुणांक -
एथिल एसिटेट का क्षारीय जल अपघटन किस कोटि की अभिक्रिया है?
A) शून्य | B) द्वितीय | C) प्रथम | D) तृतीय -
सांद्रता 4 गुना करने पर वेग 2 गुना हो जाता है, कोटि है?
A) शून्य | B) 1/2 | C) 1 | D) 2 -
निम्न में से कौन सी शून्य कोटि अभिक्रिया नहीं है?
A) H2+Cl2 से sunlight में HCl का निर्माण | B) Pt पर NH3 अपघटन | C) Au पर HI वियोजन | D) N2O5 का वियोजन -
उत्प्रेरक अभिक्रिया के वेग को कैसे बढ़ाता है?
A) ऊर्जा बढ़ाकर | B) सक्रियण ऊर्जा कम करके | C) टक्करें कम करके | D) सांद्रता बढ़ाकर -
एक अभिक्रिया का वेग नियम r = K[A]½[B]^3/2है। कुल कोटि होगी?
A) 0 | B) 1 | C) 2 | D) 3 -
द्वितीय कोटि अभिक्रिया के लिए K का मात्रक है?
A) सेकंड⁻¹ | B) मोल लीटर⁻¹ सेकंड⁻¹ | C) लीटर मोल⁻¹ सेकंड⁻¹ | D) मोल⁻² सेकंड⁻¹ -
किसी अभिक्रिया की अणुसंख्यता हमेशा होती है?
A) पूर्णांक | B) भिन्नात्मक | C) शून्य | D) ऋणात्मक -
दर नियम समीकरण में सांद्रता पदों की घातों का योग कहलाता है?
A) अणुसंख्यता | B) कोटि | C) दर स्थिरांक | D) देहली ऊर्जा -
मंदतम पद का वेग नियम r = K[NO2]² है, तो पूरी अभिक्रिया की कोटि है?
A) 1 | B) 2 | C) 3 | D) 0 -
अम्लीय माध्यम में एस्टर का जल अपघटन दर्शाता है?
A) द्वितीय कोटि | B) शून्य कोटि | C) छद्म प्रथम कोटि | D) तृतीय कोटि -
यदि वेग नियम r = K[A]^x [B]^y में x+y = 2.5 है, तो कोटि है?
A) पूर्णांक | B) शून्य | C) भिन्नात्मक | D) ऋणात्मक -
ताप गुणांक का मान सामान्यतः किनके बीच होता है?
A) 1-2 | B) 2-3 | C) 3-4 | D) 4-5 -
वेग स्थिरांक ताप बढ़ाने पर?
A) चरघातांकी रूप से बढ़ता है | B) रैखिक रूप से बढ़ता है | C) घटता है | D) स्थिर रहता है -
प्रथम कोटि अभिक्रिया का t½ = 0.0693 मिनट है, K का मान होगा?
A) 10 सेकंड⁻¹ | B) 10 मिनट⁻¹ | C) 0.1 मिनट⁻¹ | D) 100 मिनट⁻¹ -
वेग नियम r = K[A]² [B]-¹है, तो इसकी कोटि क्या है?
A) 1 | B) 2 | C) -1 | D) 0 -
प्रथम कोटि अभिक्रिया को 99.9% पूर्ण होने में लगा समय t½ का?
A) 2 गुना | B) 10 गुना | C) आधा | D) 3 गुना -
सांद्रता दुगुनी करने पर t½ पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता, कोटि है?
A) शून्य | B) प्रथम | C) द्वितीय | D) तृतीय -
सांद्रता आधी करने पर t½ भी आधा हो जाता है, कोटि है?
A) 0 | B) 1 | C) 2 | D) 3 -
सांद्रता दुगुनी करने पर t½ आधा हो जाता है, कोटि है?
A) 0 | B) 1 | C) 2 | D) 3 -
वेग नियम r = K[H2] [Br2]½के लिए कोटि का मान होगा?
A) 1 | B) 1.5 | C) 2 | D) 0.5 -
अभिकारकों की सांद्रता 2 गुना करने पर प्रथम कोटि का वेग होगा?
A) 4 गुना | B) 2 गुना | C) आधा | D) 1/4 गुना -
यदि K की इकाई L² mol-²s-¹है, तो अभिक्रिया की कोटि क्या होगी?
A) 1 | B) 2 | C) 3 | D) 0 -
वेग नियम r = K[A]3/2 [B]-½के लिए कुल कोटि क्या है?
A) 1 | B) 2 | C) 0.5 | D) 1.5 -
90% पूर्ण होने में लगा समय t½ का लगभग कितना गुना होता है?
A) 2 | B) 3.3 | C) 10 | D) 4.4 -
यदि K = 2.303 x 10⁻³ सेकंड⁻¹ है, तो t½ का मान होगा?
A) 300 सेकंड | B) 1000 सेकंड | C) 693 सेकंड | D) 460 सेकंड -
शून्य कोटि अभिक्रिया के पूर्ण होने में लगा समय (T_completion) है?
A) t½ | B) 2 x t½ | C) 3 x t½ | D) अनंत -
ln K और 1/T के बीच ग्राफ की ढाल (Slope) होती है?
A) -Ea/R | B) Ea/R | C) R/Ea | D) -R/Ea -
n-वीं कोटि की अभिक्रिया के लिए K का सामान्य मात्रक है?
A) (Mol/L)^(1-n) S⁻¹ | B) (Mol/L)^(n-1) S⁻¹ | C) Mol L⁻¹ S⁻¹ | D) S⁻¹ -
एक प्रथम कोटि अभिक्रिया का वेग 0.1 M पर 2 x 10⁻⁵ है, K होगा?
A) 2 x 10⁻⁴ | B) 2 x 10⁻³ | C) 2 x 10⁻⁵ | D) 5 x 10⁻⁴ -
अभिक्रिया A + 2B → C के लिए वेग = K[A][B] है, कुल कोटि होगी?
A) 1 | B) 2 | C) 3 | D) 0 -
सांद्रता 3 गुना करने पर वेग 27 गुना बढ़ जाता है, कोटि है?
A) 1 | B) 2 | C) 3 | D) 0 -
सक्रियण ऊर्जा (Ea) शून्य होने पर वेग स्थिरांक (K) बराबर होगा?
A) शून्य के | B) अनंत के | C) आरेनियस कारक (A) के | D) 1 के -
प्रथम कोटि अभिक्रिया के लिए 75% पूर्ण होने का समय (t75%) है?
A) 2 x t½ | B) 3 x t½ | C) 1.5 x t½ | D) 10 x t½
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